ईस श्रेणी में हम अप्सरा साधना Apsara sadhna के बारे में रहस्य और रोमांचक जानकारी प्रदान करेंगे ! कैसे आप अप्सरा को प्रीमिका रूप में सिद्ध कर अपने अकेलेपन दूर कर सकते है
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अप्सरा साधना के नुकसान Disadvantages of Apsara Sadhana
अप्सरा साधना के नुकसान Disadvantages of Apsara Sadhana अगर किसी साधना के फायदे होते हैं, तो उसके कुछ नुकसान भी होते हैं। जिन्हें हम आपको बताने जा रहे हैं।
साधकजनों किसी भी अप्सरा साधना को करने से पहले, एक गुरु के मार्गदर्शन का बहुत महत्व होता है।
किसी भी अप्सरा साधना को गुरु के मार्गदर्शन के बिना न करें, अन्यथा आपको क्षति हो सकती है।
जब आप अप्सरा साधना करना शुरू करते हैं, तो एक बात का ध्यान रखें कि आपकी साधना बीच में नहीं रुकनी चाहिए और आपकी साधना टूटनी नहीं चाहिए।
सबसे पहले, किसी भी गुरु के मार्गदर्शन में, आप साधना शुरू कर रहे हैं, तो उस साधना के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करें, क्योंकि आपको अधूरी जानकारी के साथ साधना करनी नहीं चाहिए।
अगर आपकी साधना बीच में रुक जाती है या आप किसी कारणवश साधना बंद कर देते हैं, तो आपका मानसिक संतुलन खराब हो सकता है और आप पागल भी हो सकते हैं।
शादीशुदा को इस अप्सरा साधना को बिल्कुल नहीं करना चाहिए। जो लोग अविवाहित हैं, वे इसे एक बार आजमा सकते हैं।
जब आप अप्सरा साधना करते हैं, तो आपको उसे देवी या माँ के रूप में पूजन करना चाहिए, उसे पत्नी या गर्लफ्रेंड के रूप में पूजन नहीं करना चाहिए।
जब आपके सामने कोई अप्सरा आती है, तो आप उसे देखकर बहुत मोहित हो जाते हैं, लेकिन उस समय आपको खुद को नियंत्रित करना होता है।
जब आप अप्सरा की सफलता प्राप्त कर लेते हैं, तो वह आपको संभोग के लिए काम उत्तेजित करेगी, लेकिन आपको इसे करना नहीं है।
अगर आपने अप्सरा को पत्नी या गर्लफ्रेंड के रूप में प्राप्त किया है, तो आप अपने जीवन के बाकी समय के लिए शादी नहीं कर सकते। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपका जीवन भी खतरे में पड़ सकता है।
अपसरा को प्रमाणित करने के बाद, जो भी वादा आपने उससे किया है, आप उसे किसी से नहीं साझा करेंगे।
जैसे आप लोग पूरी शुद्ध मानसिकता के साथ तपस्या या देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, उसी तरह आपको अप्सरा की पूजा भी करनी चाहिए।
जब आप अपसरा साधना करते हैं, तो उस समय आपको पैरों के चलने की आवाज़ या किसी के शरीर को स्पर्श करने की आवाज़ महसूस हो सकती है।
आपको साधना को बीच में नहीं बंद करना चाहिए, अन्यथा इसके भयानक परिणाम हो सकते हैं।
जिन लोगों का हृदय कमजोर हो, उन्हें इस साधना को बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसे लोग साधना के दौरान की अनुभव से डर सकते हैं, आपको हृदयघात भी हो सकता है, जिसके कारण आपका जीवन भी जा सकता है।
अगर आप अप्सरा को दिए गए वादे को तोड़ते हैं, तो उसी समय वह आपको छोड़कर अपने लोक में वापस जा सकती है।
आज बात करेंगे menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा साधना के बारे में मुझसे बहुत सारे लोगों ने सवाल पूछा है, कि क्या menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा साधना क्या कलयुग में menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा सिद्ध नहीं होती तो ।
आज इस विषय पर बात करेंगे जैसे अन्य अप्सरा साधना सिद्ध होती है । वैसे ही कलयुग में मेनका अप्सरा menka apsara अप्सरा भी सिद्ध होती है । ऐसा कुछ नहीं है कि यह साधना की रीत है या श्रापित है यह सब बेकार की बातें हैं जिनको इस प्रकार के साधना में कोई अनुभव नहीं हुए ।
menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा साधना से कोई लाभ नहीं हुआ वही इस प्रकार का भ्रम फैला rhe जैसे साधना में मेहनत करते हैं । प्रयास करते हैं वैसे ही प्रयास अगर हम menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा साधना में करेंगे तो इसमें भी अनुभव हो सकते हैं । मैंने खुद कई साधकों को menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा साधना करते हुए दिखाएं साधक है ।
इन विषय पर चर्चा करेंगे
मेनका अप्सरा किसकी पुत्री थी
मेनका अप्सरा कौन थी
मेनका अप्सरा साधना मंत्र
अप्सरा कितने प्रकार के होते हैं?
अप्सरा साधना का मंत्र क्या है?
अप्सरा कितने प्रकार के होते हैं?
अप्सरा साधना से क्या होता है?
सबसे सुंदर अप्सरा कौन सी है?
सबसे सुंदर अप्सरा कौन सी है?
अप्सरा कैसे सिद्ध होती है?
मेनका अप्सरा का जन्म
मेनका अप्सरा का जनम नहीं हुआ यह समुंदर मंथन से उत्पन्न हुई ! यह १४ रत्नो में से एक रतन था जिस को इंदर ने मांग लिया था स्वर्ग के लिए !यह स्वर्ग में देवताओ का मनोरंजन करती है ! इस का इस्तमाल देवता ऋषि मुनिओ की तपस्या भंग करने के लिए होता था समुंदर से निकलने ने के कारन यह माँ लक्ष्मी की बहन है !
मेनका अप्सरा किसकी पुत्री थी
मेनका वृषणश्र (ऋग्वेद १-५१-१३) अथवा कश्यप और प्राधा (महाभारत आदिपर्व, ६८-६७) की पुत्री तथा ऊर्णयु नामक गंधर्व की पत्नी थी।
मेनका अप्सरा कौन थी
मेनका एक अप्सरा थी जो इंद्रा की सुन्दर अप्सरो में से एक थी मेनका अप्सरा का जनम नहीं हुआ यह समुंदर मंथन से उत्पन्न हुई ! यह १४ रत्नो में से एक रतन थी मेनका वृषणश्र (ऋग्वेद १-५१-१३) अथवा कश्यप और प्राधा (महाभारत आदिपर्व, ६८-६७) की पुत्री तथा ऊर्णयु नामक गंधर्व की पत्नी थी। अर्जुन के जन्म समारोह तथा स्वागत में इसने नृत्य किया था।
मेनका अप्सरा साधना मंत्र यंत्र
मेनका अप्सरा साधना मंत्र गुपत रखा गया है आप को साधना दीक्षा के बाद उपलब्द करवाया जाएगा दीक्षा के लिए आप फ़ोन कर सकते है गुरु जी फ़ोन नंबर ph .8528057364
menka apsara मेनका अप्सरा साधना अनुभव
जिन्होंने साधना को करा है और उसमें अनुभव हुए हैं सफल हुए हैं । नाम तो मैं पब्लिक में नहीं बता सकता नाम बताने से वह शक्तियां नाराज हो जाती हैं । साधना खराब हो जाती है रखा जाता है मैंने menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा की साधना एक साधक को दी थी नही ।
जब वह साधना के बाद जब सो रहे थे सपने में एक सुंदर सी देवी आई और उस साधक को अपने गले लगा लिया साधक ने फिर मुझसे अपना अनुभव शेयर किया । और मुझसे यह जानना चाहा कि वह जो देवी सपने में आई थी वह कौन थी । मैंने उनसे कहा कि वह menka apsara मेनका अप्सरा ही हो सकती है ।
आप अपनी साधना को जारी रखी है आपको थोड़े समय में बिल्कुल स्पष्ट हो जाएगा समय जब वह अपनी साधना को कुछ दिन तक और करें तो वह menka apsara मेनका अप्सरा उनके सपने में आई मैंने सपने में स्पष्ट रूप से कहा कि मैं menka apsara मेनका अप्सरा हूं ।वैसे उसको भी यकीन हो गया कि यहां आज भी कलयुग में menka apsara मेनका अप्सरा को बुलाया जा सकता है ।
menka apsara मेनका अप्सरा साधना और जन्म कुंडली ग्रह स्थिती
इस के बाद उन्हने इस साधना को आगे भी करा और उनको और अच्छे अनुभव होते रहे तू ऐसा होता है । किसी किसी को बहुत जल्दी अनुभव हो जाते हैं । किसी किसी को एक महीना लग जाता है । अनुभव होने में किसी को 2 महीने भी लग जाते हैं ।
यह सब इस बात पर निर्भर करता है । कि आपकी जन्मकुंडली में आप की ग्रह स्थिति कैसी है । अपने पहले कौन कौन सी साधना या अनुष्ठान कर रखा है । की जन्म कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कैसी है । बृहस्पति कैसे हैं, शुभ होगा तो मन उत्साहित रहेगा एकाग्र रहेगा ,बृहस्पति शुभ होंगे बलवान होंगे, तो देवकृपा शीघ्र होती है ।
अन्य ग्रहों का भी अपना अपना असर साधक की साधना पर होता है । राहु और केतु अदृश्य ग्रह हैं शुभ हो जाए । तो सब छुपी हुई चीजों को प्रकट कर देते हैं और अगर अशुभ हो तो सारी जिंदगी ढूंढते रहे पास में पड़ी हुई चीज भी दिखाई नहीं देती ।
ग्रह खराब हो तो सिद्धि भी आसानी से नजर नहीं आती अनुभव नहीं हो पाते ज्यादा खराब हो तो व्यक्ति को नास्तिक बना देते हैं । व्यक्ति को सब कुछ मिलने लगता है फिर चाहे साधना हो सिद्धि हो ज्ञान हो अनुभव हो सब कुछ शीघ्र मिले लगता है ।
menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा की साधना कैसे करनी है
उसके बारे में मैं बता देता हूं इस आदमी को किसी भी शुक्रवार से प्रारंभ किया जाता है और यह 8 दिन की साधना है किसी शुक्रवार से प्रारंभ करके अगले शुक्रवार को साधना समाप्त कर दी जाती है । रात को 9:30 बजे के बाद आप कभी भी प्रारंभ कर सकते हैं ।
रात को 10:00 बजे एक 11:00 या 12:00 बजे कभी भी आप रात को इस साधना को प्रारंभ कर सकते हैं । शादी का जो भी साधना हो कर रहे हैं ।
वह पीले रंग के वस्त्र पहने बैठने का आसन हो वह भी पीले रंग का होना चाहिए सामने चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर उस पर की प्लेट या चांदी की प्लेट में अप्सरा यंत्र रखेंगे । प्राण प्रतिष्ठित और मंत्र से धोना चाहिए को शीघ्र लाभ मिल पाता है ।
तांबे का रहेगा तो ज्यादा अच्छा रहेगा थोड़ा सा केसर लेंगे और को पानी में घोलकर के उसके सर से प्लेटके बीच में श्री लिखना है जो प्लेट उस प्लेट के बिल्कुल बीचो-बीच श्री अक्षर लिखेंगे । अप्सरा यंत्र स्थापित करेंगे श्री यंत्र का सामान्य पूजन करें उस पर केसर की बिंदी लगाएं दिए जलाने आपके पास गुलाब के पुष्प हो तो गुलाब के पुष्प उस यंत्र पर रखे और अगर गुलाब के कुछ भी नहीं है तो ।
आप कोई भी कोई भी कुछ प्ले करते हो उस यंत्र पर चढ़ाएं थोड़ा सा गूगल चलाएं खाना है । गूगल कैसे जलाते हैं उस पर वीडियो मैंने पहले से बना दिया है । गूगल का दुआ दिखाने के बाद फिर आप दाहिने हाथ में जल लेंगे संकल्प करेंगे और संकल्प में अपना नाम अपना गोत्र बोलेंगे और कहेंगे कि मैं menka apsara मेनका अप्सरा साधना सिद्ध करना चाहता हूं ।
जिससे कि वह प्रेमिका रूप में जीवन भर मेरे पास रहे और जो भी आज्ञा दूं उसे पूरा करें के बाद सामने दूध से बनी हुई मिठाई का भोग लगाएंगे । एक इलायची रखेंगे और उसके बाद हकीक की माला से उत्तरा के मंत्र का 11 माला जाप करेंगे एक माला संस्कारित होनी चाहिए अभियंत्रण माला कहीं से भी ले सकते हैं प्राण प्रतिष्ठा करवाने के बाद ही उसको अपनी साधना में इस्तेमाल करें ।
अगर आपको ऐसे यंत्र माला मिलने में परेशानी हो तो और फ़ोन कर सकते है ८५२८०५७३६४ है आप यंत्र माला मंगवा सकते हैं अगर इस बीच में कुछ अनुभव होते हैं तो उन अनुभव को किसी को बताना नहीं है । कुछ दृश्य दिखाई देते हैं या कुछ घुंघरू की आवाज सुनाई देती है ।
या खुशबू आती है कपड़ा के सपने में दर्शन होते हैं । तो भी इस विषय में किसी से भी जिक्र नहीं करना है । 8 दिन तक लगातार यह साधना होती है अभी रात्रि को साधना करने से पहले एक गुलाब के पुष्पों का हार रखा जाता है अपने साधना स्थल पर और जब साधना पूर्ण होने पर menka apsara मेनका अप्सरा अगर प्रत्यक्ष होती है तो वह माला उसे पहना दिया जाता है सिद्धि तभी मानी जाती है ।
जब menka apsara मेनका अप्सरा आपके हाथ में अपना हाथ रख कर के वचन दे कि वह जीवन भर आपके साथ रहेगी और आपकी जो भी मनोकामना है उसको पूरा करें । आपके हर आज्ञा का पालन करेगी उनको 8 दिन में सफलता नहीं मिलेगी बालक है वह 8 दिन बाद भी साधना को नित्य करते रहे कम 11 माला नित्य संपन्न करें नित्य 11 माला संबंध करेंगे
तो थोड़े समय बाद ही menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा की उपस्थिति का आभास होने लगेगा कुछ विशेष अनुभव हो सकते हैं में दर्शन हो सकते हैं जाप करने से धीरे धीरे आपका तपोबल बढ़ने लगेगा तो कुछ समय के बाद फिर प्रत्यक्ष अनुभव भी हो सकते हैं । और प्रत्यक्ष दर्शन भी हो सकते हैं ।
साधना में सफलता के लिए किस मंत्र का अनुष्ठान करने का प्रयास करें मेनका अप्सरा menka apsara अप्सरा के मंत्र का जाप करते रहे तो इससे भी धीरे-धीरे मंत्र जागृत होने लगेगा और अप्सरा के अनुभव प्रारंभ हो जाएंगे menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा की पूर्ण कृपा होने लगती है ।
तो सादा को धन ऐश्वर्या मान सम्मान सब कुछ प्राप्त होने लगता है राधा की सभी इच्छाओं को पूरा करती है । एक प्रेमिका या मित्र की तरह साथ रहती है । और साधक उससे जो भी चाहता है
आज बात करेंगे menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा साधना के बारे में मुझसे बहुत सारे लोगों ने सवाल पूछा है, कि क्या menka apsara मेनका अप्सरा अप्सरा साधना
रंभा अप्सरा साधना और अनुभव rambha apsara sadhna अप्सरा का साथ ऐसा साथ है जिस के बाद समय को तो जैसे पर लग जाते है समय का तो पता ही नहीं चलता है । ना तो दिन का पता चलता है नहीं ही रात का पता चलता । इस अवस्था ज्ञानी जनों ने आनंद अवस्था कहा है । जिसे समय का पता ही नहीं चलता इस पृथ्वी पर कोई ना कोई तपस्वी तपस्या करने बैठता था । तो स्वर्ग लोक में देवराज इंद्र को लगने लगता था । जब उनका सिहासन खतरे में है और वे बिना बात को पूरी तरह से समझे तपस्वी की तपस्या को भंग करने के लिए किसी ना किसी खूबसूरत अप्सरा को भेज देते थे । और फिर वो ऋषि अप्सरो के मोह पाश फसकर कामदेव के बाणों से आहत होकर तपस्वी अप्सराओ के के पीछे लग जाते थे । जिस के बाद अपनी तपस्या छोड़ कर उस अप्सरा के पीछे लग जाते थे।
जब महान ऋषि कांडू गोमती नदी के किनारे बैठकर घोर तपस्या में लीन थे। तब उनकी तपस्या से भयभीत होकर देवराज इंद्र ने स्वर्ग से सुंदर अप्सरा को चुना ऋषि की तपस्या को भंग करने के लिए भेजा । महा ऋषि उस अप्सरा को देखते सार मोहित हो गए और तपस्या छोड़ कर उस अप्सरा के आनंद में लीं हो गए । और समय का तो जैसे पता ही नहीं चला कई महीने कई साल व्यतीत हो गए एक दिन ऋषि की आँख खुली तो वो बोले मैं संध्या पूजन करके आता हु । अप्सरा बोली इतने साल बाद आप को आज आप को संध्या पूजन की याद आई सुबह ही तो आई हो वो बोली मुझे आये 907 साल हो गए है । अप्सरा का साथ इतना आनंददाई था महाऋषि को पता ही नहीं चला कब 907 निकल गए ।
एक और वीडियो भी बनाया है । अप्सरा साधना के क्या लाभ है और हमारे ज़िंदगी में इस का क्या महत्व है ! सभी अप्सराओ का सुभावो अलग अलग है कोइ अप्सरा अपने साधक को प्रिमका की तरह मुधरवाणी और मुधर नोक झोक से साधक रीझाती है । कोई अप्सरा का सुभाव कामुकता पूर्ण होता है भाव के तमोगुण परवर्ती होती है । और भाव के तमोगुण परवर्ती होने के कारन इस का सुभाव थोड़ा से गुस्से वाला भी होता है ।
अगर कोई वियक्ति या साधक उसकी इच्छा की उलग्ना करता है तो वो अप्सरा उस साधक को श्राप दे देती है । तो ऐसी ही परवर्ती वाली अप्सरा उर्वशी है इतहास में ऐसा जिक्र है । एक बार स्वर्ग में अर्जन गए वहाँ पर उर्वशी अप्सरा ने की सुंदरता को देखा। तो और उस की सुंदरता को देख कर वो आकर्षित हो गई ।
और उसके मन में काम वासना जाग गई । उर्वशी ने अर्जन के समक्ष विलास करने की इच्छा ज़हर की पर अर्जन ने मना कर दिया तो उर्वशी ने बहुत हाथ किया फिर भी अर्जन न माने तो उर्वशी ने अर्जनको श्राप दे दिया किन्नर होने का।
मेरा एक दोस्त है रणवीर सिंह दिल्ली से है उसने यह साधना की थी । तो साधना के दिनों में वो अपनी प्रेमका से मिलने गया तो उर्वशी अप्सरा को अच्छा नहीं लगा तो उर्वशी अप्सरा ने उसको माना कर दिया । और उसकी यह धमकी भी दी के अगर तुम उससे दुबारा मिले तो मैं उसको मार डालू गी ! तो रणवीर ने इस बात को हल्के में लिया और उसको दुबारा मिलने के लिए चला गया ।
रास्ते में उस लड़की का एक्सीडेंट हो गया और वो लड़की मरने से बची कहने का मतलब यह अप्सरा बहुत हठले सुभाव की है जो यह कहती है वो कर भी देती है । अगर आपकी कोई गर्ल फ्रेंड है तो आप यह साधना न करे । इस साधना के दौरान रणवीर सिंह के साथ किया हुआ उस साधना का अनुभव हुए उसके लेया एक अलग से वीडियो बनाऊगा ।
उर्वशी अप्सरा की उत्पति नर नारायण की जंगो से हुई है एक समय नर नारयण नाम के ऋषि तपस्या कर रही थे। देवराज इंदर को लगा के कोइ साधक मेरे इंद्रा आसान को हथिआने के लेया कठोर साधना कर रहा है। तो उसने तपस्या भंग करने के मेनका रंभा नामकी अप्सरा भेजी। उन अप्सरो पर देवराज इंद्रा को गर्व था ।
और इन अप्सरो को अपनी सुंदरता पर कहकर भी था हम से सुन्दर कोइ अप्सरा नहीं। पर वो अप्सराएँ नर नारयण की तपस्या भंग नहीं कर पाई । नर नारयण ने इन अप्सराओ का सुंदरता का अहंकार तोड़ने के लिए अपनी जांघो से उर्वशी अप्सरा को उत्पान किया । उर्वशी अप्सरा मेनका रंभा अप्सरा से कही जायदा खूबसूरत थी।
नर नारयण की जंगो से उत्पान कारन यह अप्सरा में तमोगुण सुभाव मोजूद है इस लेया यह थोड़ी सी हठी क्रोधी और कामुक सुभाव की है । ऐसा भी नहीं है यह कोइ बुरी साधना है। विश्वामित्र जी ने इस साधना को इस अप्सरा को सिद्ध किया जिंदगी में सभी भोगो को भोगा विश्वामित्र के बाद उनके शिष्य भूरिश्रवा, चिन्मय, देवसुत,गन्धर, और यहां तक कि देवी विश्रा और रत्नप्रभा ने भी उर्वशी सिद्ध कर जीवन के सम्पूर्ण भोगों का भोग किया।
गोरखनाथ ने भी इस साधना के माध्यम से चिरयौवन प्राप्त किया । और भी बड़े महापुरषो ने इस साधना को करा। मैं इस साधना को बुरा नहीं कह रहा हु मैं इस अप्सरा के सुभाव से आप लोगो को अवगत कर रहा हु के इस साधना में आप को यह चनौतीओ का सामना करना पड़ सकता है यह साधना के चनौती पूर्ण साधना जो इस के हठ को पूरा कर सकता है वो ही इस साधना को करें। जय महाकाल
अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra गुरु मंत्र साधना। कॉम में स्वागत है । अप्सरा साधना के विषय में आज कुछ जानकारी देना चाहता हूं कुछ लोग ऐसा मानते हैं मेरा तंत्र वगैरह झूठ है । लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है साधना सभी होती है ।
बस फर्क माननीय ना मानने का है वह इससे कोई फर्क नहीं पड़ता आपके माने ना माने से । जहां तक अप्सरा साधना के विषय में साधना की जानकारियां यूट्यूब पर दी जा रही है वह गलत है। अप्सरा साधना मैंने की है और मैंने लाभ पाया है और होती है । सभी की साधना होती है यह बातें करेगा कि आपकी माने ना माने से नहीं होती। लेकिन मेरा जहां तक अनुभव है की साधना है सब में साधना है
कोई विशेष क्रियाकलाप की आवश्यकता नहीं है मेरा मानना है कि अप्सरा साधना में जो गुरु होते हैं मेरा जो अनुभव है । मैंने यह देखा है कि वैसे तो अप्सरा साधना सभी श्रेष्ठ है। सभी साधना अपनी-अपनी जगह पर स्थान रखती यात्रा साधना अपने आप में एक महत्त्व रखती है ।क्योंकि दैविक शक्ति है ।
लेकिन हर अप्सरा का अपना गुण होता है जैसे मैं आप को उदहारण देकर समझता हु। जैसे एक इंसान है एक इंसान इंजीनयर होता है एक इंसान डॉक्टर है पर सब में अपने अपने गन होते है । उसमें लेकिन कुछ क्रियाकलाप का भेद है तो इसी तरह हर अप्सरा का अपना एक गुण है ।
पूजा पाठ नित्य करनी चाहिए लेकिन पूजा पाठ का अपना एक अर्थ होता है क्योंकि यह देखा गया है कि अध्यात्म में दो चीजों को दो चीज बांटी गई हैं । एक आध्यात्मिक को भक्ति के ऊपर बाटा गया है । और एक कामना पूर्ति के ऊपर भक्ति के की जहां तक बात है कि भगवान को छोड़कर केवल तंत्र के पीछे भी नहीं लगना चाहिए। भगवान को चाहने वाला तंत्र को प्राप्त नहीं कर सकता है । अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
यह भी बात गलत है क्योंकि भक्ति में जहां तक मेरा मानना है अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
क्योंकि मैं भी हम भी भक्ति करते हैं तो भक्ति ने एक बार जाना है कि भक्ति रिनित्य करनी चाहिए उसमें कामना नहीं होनी चाहिए और जीवन काम ना हो और जीवन में लेकिन कुछ कामनाएं होती है । हम तंत्र से कर सकते हैं और निष्काम भक्ति की पूर्ति हम उससे कर सकते हैं।
दोनों को एक ही जीवन में हम चला सकते हैं ऐसी कोई बात नहीं है क्योंकि तंत्र की जो क्रियाएं हैं वह केवल घंटे 2 घंटे सभा 2 घंटे 3 घंटे इतनी बड़ी क्रिया है । क्योंकि इससे ज्यादा तंत्र का कोई महत्व नहीं है और वैसे तो दोनों चीजों को आज दोनों चीजों को करना चाहिए ।
मनुष्य को लेकिन मेरा जहां तक मानना है । तंत्र में भी क्योंकि मैं तंत्र का कर रहा हूं मैं तंत्र को मैं जानता हूं । मैंने तंत्र को समझा है समझने का प्रयास कर रहा हूं । क्योंकि मैं क्षेत्र में अभी कोई ज्यादा समय न हुआ है मुझे करीब नहीं तो 1 5 साल से ही लगा हुआ हूं ।मेरा मानना है अप्सरा साधना की साधना करनी चाहिए जरूर करनी चाहिए और अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
अप्सरा साधना एक अच्छी साधना है और बेहतरीन साधना है जरुर कीजिए । औ जहां तक मेरा मानना साधना कोई भी हो मित्रों तंत्र को जानो और सौम्या क्रियाओं को पकड़ो ना कि उनके यहां को उग्र क्रिया को पकड़ो । पूजा पाठ में यह नियम लागू नहीं होता अप्सरा साधना के साथ मां दुर्गा की पूजा कर सकते हैं
तो सबसे पहले एक बात विशेष याद रखना चाहिए यदि उन्नति करना चाहते हो हम जीवन में तरक्की नहीं पा सकते हैं विजय मैंने देखा है अपने जीवन में मैंने प्रेम महसूस किया ।आपने जीवन में यम यम नियम करते हैं तो सारी चीजें व्यवस्थित होती हैं । और नियम को तोड़ते हैं हम तो सारी चीज अव्यवस्थित हो जाती है ।वही चीज अवस्थित हो जाती है चाहे वह कुछ भी ले लो । मेरी ज़िंदगी का तुजुर्बा है । अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
apsara sadhna aur tantra नियम पकड़ो जिसके जीवन में वह नियम नहीं टूटे । यह बात और है कि हमें कहीं जरूर अर्जेंट काम जाना है वह बात अलग है । उसके नियम तोड़ने किस दिन का नियम पूरा कर लिया उस नियम को तोड़ नहीं यहां पर हम यह सोचे कि किस दिन में हमको बहुत कुछ उपलब्ध हो जाए ऐसा भी नहीं सोचना चाहिए ।
नियम को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बना लो इसका नतीज़ा आप को कुछ समय बाद प्राप्त होगा तब आप अपने आप पर गर्व करोगे । अगर कोई वियक्ति किसी चीज़ को पाने की मेहनत और नियम के साथ करता है तो वो चीज़ को वो वियक्ति हासिल कर लेता है इस में कोई संदेह नहीं है । अध्यात्म से जुड़े रहिए भक्ति से जुड़े रहिए और क्रिया से जुड़े रहिए अप्सरा साधना अवश्य कीजिए कोई दिक्कत नहीं साधना करने में आप इस साधना को जरूर करो
जय महाकाल अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
नाभि दर्शना अप्सरा साधना nabhi darshana apsara sadhna गुरु मंत्र साधना डॉट कॉम में आप सबका स्वागत है । दर्शना अप्सरा के संबंध में बात करेंगे नाभि दर्शना अप्सरा पर मुख्य अप्सराओं के अंतर्गत आती हैं ।
तंत्र ग्रंथों के अनुसार इसका रूप नाभिदर्शना, षोडश वर्षीय अत्यन्त सुकुमार और सौन्दर्य की सम्राज्ञी है। उसका सारा शरीर कमल से भी ज्यादा नाजुक और गुलाब से भी ज्यादा सुंदर है। उसके सारे शरीर से धीमी धीमी खुशबू प्रवाहित होती रहती है। जो कि उसकी उपस्थिति का भान कराती रहती है ।
इस अप्सरा की काली और लम्बी आंखें, लहराते हुए झरने की तरह केश और इसे इन्द्र का वरदान प्राप्त है, कि जो भी इसके सम्पर्क में आता है । वह पुरुष, पूर्ण रूप से रोगों से मुक्त होकर चिर यौवनमय बन जाता है ।
जो पुरुष इसके सम्पर्क में आता है, उसे यह हीरे, मोती, स्वर्ण मुद्राओं से एवं विविध उपहारों से प्रदान कर देती है। जीवन भर उस पुरुष के अनुकूल रहती हुई।
.वह उसका प्रत्येक मामले में मार्गदर्शन करती रहती है, मां की तरह साधक को भोजन भी कराती है , प्रेमिका की तरह सुख एवं आनन्द की वर्षा करती रहती है। इस साधना को सिद्ध करने वाला साधक मनवांछित कला और ज्ञान को प्राप्त करता है महाकवि कालिदास जी ने इस साधना महाकवि बनकर संसार में व्याख्या प्राप्त करा महाकवि कालिदास ईश्वर अभिलाष उमंग और आदि में एक राजपुर से कम नहीं थे नाभि दर्शना अप्सरा साधना nabhi darshana apsara sadhna
महाराज भोज भी उनकी इन उपलब्धियों से अनभिज्ञ नहीं थे (नाभि दर्शना अप्सरा साधना nabhi darshana apsara sadhna )
और परस्पर मित्र-भाव होने के कारण अन्ततोगत्वा एक दिन कालीदास ने महाराज भोज के समक्ष इस रहस्य का उद्घाटन भी कर दिया कि ऐसा सब कुछ उनके जीवन में कैसे संभव हो पा रहा है।
राजा भोज के अत्यधिक हठ करने पर एक दिन कालीदास ने राजा भोज के समक्ष नाभिदर्शना को प्रत्यक्ष प्रगट कर दिखा दिया, रूप में, सौन्दर्य में, और यौवन में वह छलकते हुए जाम की तरह थी, उसका सारा शरीर गौर वर्ण और चन्द्रमा की चांदनी में नहाया हुआ सा लग रहा था, पुष्प से भी कोमल और नाजुक नाभिदर्शना को कालीदास के कक्ष में थिरकते देख कर राजा भोज अत्यधिक संयमित होते हुए भी बेसुध से हो गए,
उनकी आंखों के सामने हर क्षण नाभिदर्शना ही दिखाई देती रही। राजा भोज ने ऐसी सुंदरता कभी नहीं देखी थी उस सुंदरता को देख कर दंग रह गए । महाकवि कालिदास जी को यह हीरे, मोती, स्वर्ण मुद्राओं से एवं विविध उपहारों से प्रदान कर देती इस लेया वो राज्य पुरष से कम नहीं थे । अगर आप भी महाकवि कालिदास जी की तरह राजा की तरह ज़िंदगी जीना चाहते हो तो आप यह साधना जरूर करें नाभि दर्शना अप्सरा साधना nabhi darshana apsara sadhna
अधिक जानकारी के लिए तंत्र गुरु जी को संपर्क करें 85280 57364
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रत्नमाला अप्सरा साधना – एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana रत्नमाला अप्सरा साधना – एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana आपका गुरु मंत्र साधना डॉट कॉम में स्वागत है आज हम रत्नमाला अप्सरा के संबंध में चर्चा करेंगे यह साधना बहुत ही जल्दी सिद्ध होने वाली अप्सरा है…
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रत्नमाला अप्सरा साधना – एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana आपका गुरु मंत्र साधना डॉट कॉम में स्वागत है आज हम रत्नमाला अप्सरा के संबंध में चर्चा करेंगे यह साधना बहुत ही जल्दी सिद्ध होने वाली अप्सरा है ।
यह मात्र 1 दिन में ही अपने साधक के समक्ष प्रकट हो जाती है । अगर आपकी सकारात्मक ऊर्जा कम है तो आपको 2 या 3 दिन करनी पड़ सकती है ।। यह अप्सरा का रूप दूध की तरह सफेद है सम्मोहित चेहरा है एक राजकुमारी की तरह अनमोल वस्त्र गहने पहने हैं और पूरा शरीर रत्नों और हीरे जवाहरात से भरा है इसीलिए इस अप्सरा का नाम रत्नमाला है यौवन, सौन्दर्य से आह्लादित करती है वहीं उसे पूर्ण पौरुष देने के साथ-साथ धन-द्रव्य-आभूषण आदि से भी तृप्त करती ही है।
रत्नमाला अप्सरा साधना अनुभव – एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
यह साधक के साथ मित्र की तरह रहती है माला के संबंध में बात होती है । जब रत्नमाला अप्सरा की बात चलती है तो गौरव का चेहरा मेरे सामने आता है । गौरव हरियाणा का रहने वाला एक व्यक्ति था । उससे पहली बार मेरी बात आज से 7 साल पहले हुई थी गौरव एक प्राइवेट टीचर था ।
जिस की वेतन बहुत कम थी । इसी कारण जिंदगी से परेशान था और उसकी पत्नी इसी कारण उसको छोड़ कर चली गई । उसने बिना किसी गुरु लक्ष्मी मां की बहुत बार करी । फिर भी उसकी गरीबी दूर नहीं होई । उसको मेरा नंबर एक फेसबुक ग्रुप के माध्यम से मिलता है यह 12 या 13 साल पेहले की बात है ।
और टाइम फेसबुक के ऊपर २ या ३ ग्रुप होते थे । अब तो फेसबुक के ऊपर ग्रुप भबाढ़ आ गई अपनी अपनी सारी समस्या मुझे बताएं । उसके मैंने उसकी एक एक सवाल का जवाब बहुत ही सहजता से दिया और उसकी सभी गलत धारणाओं को दूर किया । अब उसकी सब गलत धारणाओं ने दूर हो चुकी थी । उसने अपने मन में दृढ़ संकल्प कर दिया ।एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
रत्नमाला अप्सरा साधना – एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
वो रोज घंटो घंटो साधना के विषय में बातें करता साधना के संबंध में जानकारी को संग्रह करता । फिर उसको मैंने कुछ मंत्र जाप करने को दिए मैं यह देखना चाहता था कि इसका जो बैठने का अभ्यास कैसा है उसका बैठने का अभ्यास बहुत अच्छा था । क्योंकि वह पहले भी बहुत सारी साधना कर चुका था ।
मैंने फैसला करा कि इस की समस्या को दूर करना चाहिए । इसको रतन माला अप्सरा साधना अप्सरा साधना करवानी चाहिए इस से इसकी सारी समस्या दूर हो जाएगी । संयोग से चंद्रग्रहण भी आने वाला था । ग्रहण काल से पहले ही मैंने खूब सारी तैयारी करवा दी ।
साधना के संदर्भ में मैंने बता दिया । चंद्रग्रहण का दिन आ गया जिस दिन का मुझे और गौरव को बेसब्री से इंतजार था और गौरव को साधना शुरू करवा दी । कुछ ही घंटों बाद गौरव की पीठ के पीछे कोमल स्पर्श का अनुभव हुआ गौरव ने आंखें खोली तो देखा कि एक अत्यंत सुंदर 20 वर्षीय लड़की उसके समक्ष थी । उसके शरीर से अपूर्व सौगंध प्रवाहित हो रही थी । गुलाब की तरह से पुंज को देखकर यही महसूस हुआ कि एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
तो यही गौरव ने ऐसा सौंदर्य कभी नहीं देखा था । जिंदगी में जिसको पर सुन्दर्यै के रूप में जानते थे । वह सुन्दर्यै ऊपर एक झूठ था । वो गौरव को एकटक निहार रही थी जैसे वह गौरव को बहुत समय से जानती हो ।
जब गौरव का जाप पूरा हुआ अब अप्सरा ने गौरव अपने बहू पाश में जकड़ लिया । जैसे गौरव की बहुत पुरानी प्रेमिका हो । वो गौरव के साथ कई साल तक रही । गौरव बताता है कि उसका साथ बेहद आनंद मस्ती देने वाला था ।
जब वो गौरव के साथ रहती कुछ पता ही नहीं चलता वक्त को जैसे पंख ही लग जाते हैं । सिद्ध करने के बाद गौरव बहुत अमीर हो गया । बिना मांगे ही अप्सरा गौरव को अनेक पर आभूषण द्रव्य प्रदान करती ।पूरे परिवार की दरिद्रता दूर हो गई । उसके परिवार में किसी भी चीज की कमी नहीं रही । अगर आपको भी अगर आप भी इस साधना को करना चाहते हैं । वह आप हमसे संपर्क कर सकते हैं । एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
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ismail jogi sadhna इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय ph.8528057364
🕌 इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय ismail jogi sadhna इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय गुरु मंत्र साधना.com में आपका फिर से स्वागत है। आज हम एक नए विषय पर चर्चा कर रहे हैं। गुरु रुद्रनाथ और सागरनाथ। कभी रुद्रनाथ जिज्ञासु की भूमिका निभाते हैं तो…
हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना
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(अप्सरा साधना के लाभ ) अप्सरा साधना का हमारे जीवन मे महत्व (Benefits of Apsara sadhna) Our life of Apsara sadhna is important
Apsara sadhna
(अप्सरा साधना के लाभ ) 2022 अप्सरा साधना का हमारे जीवन मे महत्व (Benefits of Apsara sadhna ) Our life of Apsara is importantगुरु साधना में आप का स्वागत है आज हम अप्सरा साधना का हमारे जीवन में क्या महत्व है इस विषय पर आज आज हम पर सहित चर्चा करेंगे बहुत सारे साधको की जगिआसा है
अप्सरा साधना को सिद्ध करने की बाद हम क्या कर सकते है इस के फायदे मैं अप को विस्तार सहित नही बता सकता कोई भी देविक शक्ती को सिद्ध होने के पश्चात् अप के hazaro कार्य कर सकती है Apsara sadhna
इस विषय पर इस लेख में चर्चा करेंगे
अप्सरा साधना Apsara sadhna से लाभ
अप्सरा साधना का सच
सबसे जल्दी सिद्ध होने वाली अप्सरा
अप्सरा साधना की हकीकत
उर्वशी अप्सरा साधना अनुभव
apsara sadhna anubhav
अगर मैं विस्तार सहित बताने लगा तो कई महीने लग जाएगे apsara sadhna
मैं सिरिफ इस विडियो में मुख्या पांच फायदे ही बताऊगा वो भी परमान सहित आप यह विडियो पूरा देखे यह विडियो देखने के पश्चात् अप के मन में अप्सरा साधना करनी की प्रेरणा मिले गी अब अपने विषय की और आते है मुनष्य जीवन का उद्देश्य है अधात्यमिक मार्ग पर चलते हुए मोक्ष्य प्रपात करना है पर हम समाजिक पारवारिक और आर्थिक कामो में उलझ कर अपने उद्देश्य को भूल गए है हर इंसान आज के समय में चिंताओ और दुखों में घिरा हुआ है
हर इंसान का अपना अपना दुःख है सुबह से ले कर शाम तक लोगो की मुझे कॉल आते रहते है तो लोग कितने दुखी है दुःखो और चिंताओं से घिरा हुआ इंसान अधात्यमिक मार्ग और मोक्ष्य के बारे में कैसे सोच सकता है तो आप के इन दुखाओ को दूर करने के लिए अप्सरा साधना की जाती है अब बताने जा रहा हु अगर आप अप्सरा साधना करने के बारे में सोच रहे है या इस साधना रुचि रखना चाहते है तो आप यह वीडियो ध्यान से देखे तो आप को पता चल जाएगा के अप्सरा आपकी ज़िंदगी में क्या महत्व रखती है इस के क्या क्या लाभ है
सबसे पहला लाभ आज के समय में लोग पैसे न होने के कारन परेशान है किसी को अच्छी नोकरी नहीं मिल रही है किसी की lockdwon के कारन नोकरी चली गई है इस लिए sab परेशान है ९०% लोगो के मुझे फ़ोन आते है जो पैसे के कारन परेशान है तो यह अप्सरा साधना आप की पैसे की परेशानी दूर कर दे गई महाकवि कालिदास जी एक राजापुरष की तरह अपना जीवन जीते थेऐश्वर्य, विलास, उमंग, ओज, प्रभाव, वर्चस्व, कला आदिराज़ अप्सरा साधना ही थीअप्सरा साधन से ही उन को धन दौलत प्रपात होता था इस लिए वो एक राजा की तरह ज़िंदगी जीते थे इतिहास साक्षी है कि स्वामी शंकराचार्यजी ने इसी लाधना को सम्पन्न कर अपने शिष्य पद्मपाद को अतुलनीय वैभव का स्वामी बना दियाविश्वामित्र जी कि बाद बहुत सारे साधको ने इस अप्सरा को सिद्ध किया जिंदगी में सभी भोगो को भोगा
विश्वामित्र के बाद उनके शिष्य भूरिश्रवा, चिन्मय, देवसुत,गन्धर, और यहां तक कि देवी विश्रा और रत्नप्रभा ने भी उर्वशी सिद्ध कर आपार धन दौलत को प्रपात कर जीवन के सम्पूर्ण भोगों का भोग किया। अगर आप भी इस अप्सरा को सिद्ध कर ापर धन दौलत को प्रपात करना कहते है तो आप यह साधना जरूर करें यह इस साधना कापहला फयदा है अप्सरा साधना Apsara sadhna का दूसरा फायदा यह है अगर आप इस साधना करने का दूसरा फायदा यह अगर कोई व्यक्ति बहुत टाइम किसी रोग से ग्रहस्त हो तो आप यह साधना जरूर करे अप्सरा साधक के सभी रोगों को निवारण करती है और साधक को सुन्दर बना देती है
जिस साधक की और सब लोग आकर्षित होते है एक नागपुर से एक साधिका है उन को मैंने अप्सरा साधना करवाई थी तो वो एक पार्टी में गई तो उन का कहना है के बहुत सारे लोग उन से आकर्षित हो रहे थे जो लोग उन से सही से बात नहीं कर रहे थे वो भी उन से आकर्षित थे जिसे देख कर वो हैरान थीतो इस का यह दूसरा फायदा है इस साधना का तीसरा फायदे के बारे में बात करते है अगर आप किसी करियर से दुनिया समान प्रपात करना चाहते है Apsara sadhna जैसे के आप डॉक्टर या इंजनीयर या डीसाइनर या कोई भी फील्ड़ में अच्छे पहचान बनाना चाहते हो तो आप यह साधना करें जैसे कवि कालिदास जी ने इस साधना को सिद्ध कर कवी से महाकवि और राजकवि बन कर इतहास में नाम रोशन करा है बिलकुल उसी तरह आप भी समाज में मान समान प्रपात कर सकते है तो इस का तीसरा फायदा यह था
अप्सरा साधना Apsara sadhnaका चौथा फायदा यह अप्सरा आप की एक मारगदर्शक की तरह आप की ज़िंदगी के हर मोड़ पर मार्गदर्शन करती है एक दोस्त की तरह आप के अच्छे और बुरे के बारे में जानकारी देती है किस काम को करने से आप को फायदा होगा या किस काम को करने से नुक्सान होगा जिस से आप को ज़िंदगी बहुत फायदा होता हैआप अपनी ज़िंदगी में तरक्की करते हो क्यों की आप को पहले ही नफे और नुक्सान का पता चल जाता है
अप्सरा साधना Apsara sadhna का पाँचवा फायदा आप में एक आकर्षण शक्ति आ जाती है जिसे सब लोग आप की और आकर्षित होते है जिस से आप का वरोधी भी आप का वरोध करना छोड़ देता है जो लोग संपर्क में आते है वो सब लोग आप के प्रति वशीभूत रहते है आप उन से कोई भी काम करवा सकते आप को माना नहीं कर सकते
अप्सरा साधना Apsara sadhna के मैंने आप को मुख्य पांच फायदे बताये है इस के इलावा इस साधना के और बहुत फायदे है जो साधना करता है उसे ज़िंदगी जोश और आनंदमय हो जाती है अप्सरा एक जो विरद्ध से जवान बनाने की ताकत रखती है बहुत सारे लोग इस साधना को करने से डरते है अप्सरा से डरने की कोइ जरूरत नहीं है यह दैविक शक्ति है यह देवताओ के साथ स्वर्ग में रहती है इस से आप को डरने की जरूरत नहीं है जैसे अन्य देवी देवता की पूजा और साधना करते हो
उसी तरह आप अप्सरा की भी पूजा आराधना कर सकते हैनारी के बिना पुरष अधूरा है पुरष के बिना नारी भगवान शिव का अर्ध नारीश्वर सवरूप इस और संकेत करता है इस लिए परतेक मनुष्य को शादी करवाई चाहिए अगर आप किसी कारण वश अविवाहित है या आप की पत्नी की मुर्त्यू हो गई है या आपको छोड़ कर चली गयी है तो आप अप्सरा को पत्नी रूप में सिद्ध कर सकते है स्वर्ग की पत्नी और धरती की पत्नी में एक फर्क धरती पर रहने वाली पत्नी खर्चे करवाती और स्वर्ग पर रहने वाली पत्नी आप के सम्पुर्ण खर्चे करती है इस वीडियो रिलेटेड कोइ भी सवाल है आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे जय महाकाल Apsara sadhna
अगर आप को साधना सम्बन्धी रूचि रखते है आप हमारी website पर साधना पर बने रहे WWW.Gurumantrasadhna.com नाग साधना , गंधर्व साधना , अप्सरा साधना , विद्याधर साधना , सिद्ध साधना, यक्ष साधना , यक्षिणी साधना , भैरव साधना , भैरवी साधना आदि सकारात्मक शक्तियों की बात की गई है तो वहीं दैत्य साधना , दानव साधना, राक्षस साधना , पिशाच साधना , पिशाचिनी साधना , गुह्मक साधना, भूत साधना , बेताल साधना , योगिनी साधना वीर साधना , पीर साधना, कुंडलिनी जागरण साधना, देवी देवताओ की साधना , आदि सकारात्मक शक्तियों की साधना के लिए हमारी website के सदस्य बने WWW.Gurumantrasadhna.com फोन नम्बर 085280 57364
क्या हम अप्सरा साधना बिना माला यन्त्र से किया जा सकता है ?
हां हम अप्सरा साधना बिना माला यन्त्र से किया जा सकता है ऐसा संभव है इस के लेया आप को ऊर्जा अन्य स्रोत का इस्तमाल करना होगा तब आप कर सकते हो अधिक www.gurumantrasadhna.com पर जाए
सबसे जल्दी सिद्ध होने वाली अप्सरा ?
सबसे जल्दी सिद्ध होने वाली अप्सरा उर्वशी है यह अन्य अप्सराओं से भी जल्दी सिद्ध होती है
भारत में अप्सराओं का इतिहास क्या है?
भारत में अप्सराओ का इतहास बहुत ही वलक्षण रहा है यह सुंदर देवियाँ होती है इन की सुंदरता को देख कर ऋषि मुनिओ के बर्ह्मचर्य भंग हो जाता है ! जो स्ववर्ग में रहती है और देवी देवताओ का मनोरजन करती है ! देवराज इंदर इन अप्सराओ का इस्तमाल ऋषि मुनाओ की तपस्या भंग करने के लिए करती थे
(अप्सरा साधना के लाभ ) 2022 अप्सरा साधना का हमारे जीवन मे महत्व (Benefits of Apsara sadhna ) Our life of Apsara is importantगुरु साधना में आप का स्वागत है आज हम अप्सरा साधना का हमारे जीवन में क्या महत्व है इस विषय पर आज आज हम पर सहित चर्चा करेंगे बहुत सारे साधको की जगिआसा है अप्सरा साधना को सिद्ध करने की बाद हम क्या कर सकते है इस के फायदे मैं अप को विस्तार सहित नही बता सकता कोई भी देविक शक्ती को सिद्ध होने के पश्चात् अप के hazaro कार्य कर सकती है Apsara sadhna
इस विषय पर इस लेख में चर्चा करेंगे अप्सरा साधना Apsara sadhna से लाभ अप्सरा साधना का सच सबसे जल्दी सिद्ध होने वाली अप्सरा अप्सरा साधना की हकीकत उर्वशी अप्सरा साधना अनुभव apsara sadhna anubhav
अगर मैं विस्तार सहित बताने लगा तो कई महीने लग जाएगे apsara sadhna
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सबसे पहला लाभ आज के समय में लोग पैसे न होने के कारन परेशान है किसी को अच्छी नोकरी नहीं मिल रही है किसी की lockdwon के कारन नोकरी चली गई है इस लिए sab परेशान है ९०% लोगो के मुझे फ़ोन आते है जो पैसे के कारन परेशान है तो यह अप्सरा साधना आप की पैसे की परेशानी दूर कर दे गई महाकवि कालिदास जी एक राजापुरष की तरह अपना जीवन जीते थे ऐश्वर्य, विलास, उमंग, ओज, प्रभाव, वर्चस्व, कला आदिराज़ अप्सरा साधना ही थी अप्सरा साधन से ही उन को धन दौलत प्रपात होता था इस लिए वो एक राजा की तरह ज़िंदगी जीते थेइतिहास साक्षी है कि स्वामी शंकराचार्य जी ने इसी लाधना को सम्पन्न कर अपने शिष्य पद्मपाद को अतुलनीय वैभव का स्वामी बना दियाविश्वामित्र जी कि बाद बहुत सारे साधको ने इस अप्सरा को सिद्ध किया जिंदगी में सभी भोगो को भोगा
विश्वामित्र के बाद उनके शिष्य भूरिश्रवा, चिन्मय, देवसुत,गन्धर, और यहां तक कि देवी विश्रा और रत्नप्रभा ने भी उर्वशी सिद्ध कर आपार धन दौलत को प्रपात कर जीवन के सम्पूर्ण भोगों का भोग किया। अगर आप भी इस अप्सरा को सिद्ध कर ापर धन दौलत को प्रपात करना कहते है तो आप यह साधना जरूर करें यह इस साधना का पहला फयदा है अप्सरा साधना Apsara sadhna का दूसरा फायदा यह है अगर आप इस साधना करने का दूसरा फायदा यह अगर कोई व्यक्ति बहुत टाइम किसी रोग से ग्रहस्त हो तो आप यह साधना जरूर करे अप्सरा साधक के सभी रोगों को निवारण करती है और साधक को सुन्दर बना देती है
जिस साधक की और सब लोग आकर्षित होते है एक नागपुर से एक साधिका है उन को मैंने अप्सरा साधना करवाई थी तो वो एक पार्टी में गई तो उन का कहना है के बहुत सारे लोग उन से आकर्षित हो रहे थे जो लोग उन से सही से बात नहीं कर रहे थे वो भी उन से आकर्षित थे जिसे देख कर वो हैरान थी तो इस का यह दूसरा फायदा है इस साधना का तीसरा फायदे के बारे में बात करते है अगर आप किसी करियर से दुनिया समान प्रपात करना चाहते है Apsara sadhna जैसे के आप डॉक्टर या इंजनीयर या डीसाइनर या कोई भी फील्ड़ में अच्छे पहचान बनाना चाहते हो तो आप यह साधना करें जैसे कवि कालिदास जी ने इस साधना को सिद्ध कर कवी से महाकवि और राजकवि बन कर इतहास में नाम रोशन करा है बिलकुल उसी तरह आप भी समाज में मान समान प्रपात कर सकते है तो इस का तीसरा फायदा यह था अप्सरा साधना Apsara sadhnaका चौथा फायदा यह अप्सरा आप की एक मारगदर्शक की तरह आप की ज़िंदगी के हर मोड़ पर मार्गदर्शन करती है एक दोस्त की तरह आप के अच्छे और बुरे के बारे में जानकारी देती है किस काम को करने से आप को फायदा होगा या किस काम को करने से नुक्सान होगा जिस से आप को ज़िंदगी बहुत फायदा होता है आप अपनी ज़िंदगी में तरक्की करते हो क्यों की आप को पहले ही नफे और नुक्सान का पता चल जाता है अप्सरा साधना Apsara sadhna का पाँचवा फायदा आप में एक आकर्षण शक्ति आ जाती है जिसे सब लोग आप की और आकर्षित होते है जिस से आप का वरोधी भी आप का वरोध करना छोड़ देता है जो लोग संपर्क में आते है वो सब लोग आप के प्रति वशीभूत रहते है आप उन से कोई भी काम करवा सकते आप को माना नहीं कर सकते
अप्सरा साधना Apsara sadhna के मैंने आप को मुख्य पांच फायदे बताये है इस के इलावा इस साधना के और बहुत फायदे है जो साधना करता है उसे ज़िंदगी जोश और आनंदमय हो जाती है अप्सरा एक जो विरद्ध से जवान बनाने की ताकत रखती है बहुत सारे लोग इस साधना को करने से डरते है अप्सरा से डरने की कोइ जरूरत नहीं है यह दैविक शक्ति है यह देवताओ के साथ स्वर्ग में रहती है इस से आप को डरने की जरूरत नहीं है जैसे अन्य देवी देवता की पूजा और साधना करते हो
उसी तरह आप अप्सरा की भी पूजा आराधना कर सकते है नारी के बिना पुरष अधूरा है पुरष के बिना नारी भगवान शिव का अर्ध नारीश्वर सवरूप इस और संकेत करता है इस लिए परतेक मनुष्य को शादी करवाई चाहिए अगर आप किसी कारण वश अविवाहित है या आप की पत्नी की मुर्त्यू हो गई है या आपको छोड़ कर चली गयी है तो आप अप्सरा को पत्नी रूप में सिद्ध कर सकते है स्वर्ग की पत्नी और धरती की पत्नी में एक फर्क धरती पर रहने वाली पत्नी खर्चे करवाती और स्वर्ग पर रहने वाली पत्नी आप के सम्पुर्ण खर्चे करती है इस वीडियो रिलेटेड कोइ भी सवाल है आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे जय महाकाल Apsara sadhna
अगर आप को साधना सम्बन्धी रूचि रखते है आप हमारी website पर साधना पर बने रहे WWW.Gurumantrasadhna.com नाग साधना , गंधर्व साधना , अप्सरा साधना , विद्याधर साधना , सिद्ध साधना, यक्ष साधना , यक्षिणी साधना , भैरव साधना , भैरवी साधना आदि सकारात्मक शक्तियों की बात की गई है तो वहीं दैत्य साधना , दानव साधना, राक्षस साधना , पिशाच साधना , पिशाचिनी साधना , गुह्मक साधना, भूत साधना , बेताल साधना , योगिनी साधना वीर साधना , पीर साधना, कुंडलिनी जागरण साधना, देवी देवताओ की साधना , आदि सकारात्मक शक्तियों की साधना के लिए हमारी website के सदस्य बने WWW.Gurumantrasadhna.com फोन नम्बर 085280 57364
अप्सरा को सब से पहले सिद्ध करने वाले ऋषि कोण थे
गुरु विश्वामित्र ने सबसे पहले सिद्ध किया था और अप्सरा साधना से लाभ प्रपात करे
गुरु मंत्र साधना। कॉम में स्वागत आज हम अप्सरा साधना में आहार कैसा होना चाहिए apsara mantra sadhna चाहे वो यक्षिणी साधना करण पिशाचिनी की साधना हो या या अन्य कोई भी साधना हो यह नियम हर साधना में लागू होगा हर साधना में सफल होने के लिए ब्रह्चर्य का पालन करना बहुत जरूरी है अगर किसी साधना में ब्रह्चर्य खण्डित होता तो आप की साधना भी खंडित मानी जाती है | apsara mantra sadhna अप्सरा एक बहुत ख़ूबसूरत होती है हामरे ग्रथो और तंत्र सहिताओ में अप्सरा की सुंदरता को बहुत खूबसूरती को इस तरह से बयान किया गया है लाखो सुन्दर लड़को की सुंदरता को इक्ठा किया जाए तो एक अप्सरा की सुंदरता बनती है उस की सुंदरता को देख कर बड़े बड़े ऋषि मुनिओ के ब्रह्चर्य टूट जाते है आम इंसान की तो क्या बात है apsara mantra sadhna बहुत सारे साधको का अप्सरा की स्वपन में झलक को देखते ही ब्रह्चर्य टूट जाता है |अगर आप को साधना में सफल होना है तो ब्रह्चर्य का पालन जरूरी है ब्रह्चर्य का टूटने का मेन कारन आप का गलत आहार है आहर में आप को क्या लेना है चाहिए क्या नहीं लेना है इस के बारे में बात करते है आहार में तेज़ मसाले वाली चीजें नहीं खानी है आप को देशी गी नहीं खाना है मास शराब सेवन नही करना है बाहर का कुछ नहीं खाना है जैसे के होटल या ठेले पर जैसे चटपटी चीजें बिकती उस का सेवन नहीं करना है मत्लब बहार का कुछ नहीं खाना लहसुन प्याज़ का प्रयोग कोशिश करे काम से कम खाने की अगर हो सके तो न खाए दूध का प्रयोग भी काम से कम करे जिस घर में मौत होई हो उस घर का नहीं खाना चाहिए न शमशान घाट में मुर्दे के साथ नही जाना है क्या खाना चाहिए apsara mantra sadhna
आप को ताज़े फलों का प्रयोग करना चाहिए एक टाइम के भोजन में सरिफ फल ही खाये कुछ ऐसी जड़ी बूटीया होती है जिस का सेवन करने से साधक के लिंग की वाशना ख़तम हो जाती है भाव के साधक का ब्रह्चर्य खण्डित कभी नहीं होता साधना के दिनों तक इस का असर रहे गए बाद में साधक पहले की तरह नार्मल हो जाता है और अधिक जानकारी के लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे आप का वीडियो देखने के लिए धन्यवादapsara mantra sadhna
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क्या अप्सरा साधन शादी शुदा साधक कर सकता है ?
हां शादी शुदा साधक कर सकता है इस के लिए उसे माँ या बहन रूप में साधना करनी चाहिए
क्या अप्सरा साधना को लड़की या औरत कर सकती है?
हां इस साधना को लड़की या औरत गुरु से दीक्षा लेकर साधना कर सकती है
क्या शादी शुदा अप्सरा को प्रीमिका रूप में कर सकता है?
शादी शुदा अप्सरा को प्रीमिका रूप में नहीं कर सकता है ! अगर पत्नी मर चुकी है या पत्नी छोड़ कर सदा के लेया चली गई है तो फिर ऐसा संभव है
महर्षि विश्वामित्र की तपस्या किस अप्सरा ने भंग की थी?
मेनका अप्सरा ने विश्वामित्र की तपस्या भंग की थी ! मेनका स्वर्गलोक की छह सर्वश्रेष्ठ अप्सराओं में से सब से सुन्दर अप्सरा है । जिस का इस्तमाल इंदर सबसे जायदा तपस्या भंग करने के लेया करते थे
अप्सरा की उम्र कितनी है?
अप्सरा की उम्र का जीकर किसी भी ग्रंथ में उपलबध नहीं है पर यह १७ सी २२ वर्ष की लड़की की तरह दिखाई देती है
अप्सरा और परी में क्या अंतर है? अप्सरा और परी में यह अंतर है अप्सरा हिन्दू धर्म की होती है और परी मुस्लिम धरम में पाई जाती है और उस हिसाब से इस के सुभाव में भी फरक है।
स्वर्ग की अप्सरा क्या है?
जो अप्सर स्वर्ग में रहती है वो स्वर्ग की अप्सरा है जैसे उर्वशी मेनका रंभा यह सवर्ग की अप्सरा है
अप्सरा कैसे दिखती है? अप्सरा जवान और खूबसूरत दिखती हैं। यह बहुत जायदा खूबसूरत होती है हाज़रो खूबसूरत लड़को की खूबसूरती इकठी की जाए तोएक अप्सरा की खूब सुरती होगी।
स्वर्ग में कुल कितनी अप्सराएं हैं?
स्वर्ग में कुल ११ अप्सराएं हैं जो मुख्य अप्सरो में से एक है जिनका नाम इस प्रकार हैकृतस्थली, पुंजिकस्थला, मेनका, रम्भा, प्रम्लोचा, अनुम्लोचा, घृताची, वर्चा, उर्वशी, पूर्वचित्ति और तिलोत्तमा है यह स्वर्ग में रहती है।
अप्सरा की उम्र कितनी है?
अप्सरा की उम्र का जीकर किसी भी ग्रंथ में उपलबध नहीं है पर यह १७ सी २२ वर्ष की लड़की की तरह दिखाई देती है
अप्सरा और परी में क्या अंतर है?
अप्सरा और परी में यह अंतर है अप्सरा हिन्दू धर्म की होती है और परी मुस्लिम धरम में पाई जाती है और उस हिसाब से इस के सुभाव में भी फरक है।
स्वर्ग की अप्सरा क्या है?
जो अप्सर स्वर्ग में रहती है वो स्वर्ग की अप्सरा है जैसे उर्वशी मेनका रंभा यह सवर्ग की अप्सरा है
अप्सरा कैसे दिखती है?
अप्सरा जवान और खूबसूरत दिखती हैं। यह बहुत जायदा खूबसूरत होती है हाज़रो खूबसूरत लड़को की खूबसूरती इकठी की जाए तोएक अप्सरा की खूब सुरती होगी।
स्वर्ग में कुल कितनी अप्सराएं हैं?
स्वर्ग में कुल ११ अप्सराएं हैं जो मुख्य अप्सरो में से एक है जिनका नाम इस प्रकार हैकृतस्थली, पुंजिकस्थला, मेनका, रम्भा, प्रम्लोचा, अनुम्लोचा, घृताची, वर्चा, उर्वशी, पूर्वचित्ति और तिलोत्तमा है यह स्वर्ग में रहती है।
अप्सरा साधना में आहार कैसा होना चाहिए apsara mantra sadhna
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गुरु मंत्र साधना। कॉम में स्वागत आज हम अप्सरा साधना में आहार कैसा होना चाहिए apsara mantra sadhna चाहे वो यक्षिणी साधना करण पिशाचिनी की साधना हो या या अन्य कोई भी साधना हो यह नियम हर साधना में लागू होगा हर साधना में सफल होने के लिए ब्रह्चर्य का पालन करना बहुत जरूरी है अगर किसी साधना में ब्रह्चर्य खण्डित होता तो आप की साधना भी खंडित मानी जाती है | apsara mantra sadhna
अप्सरा एक बहुत ख़ूबसूरत होती है हामरे ग्रथो और तंत्र सहिताओ में अप्सरा की सुंदरता को बहुत खूबसूरती को इस तरह से बयान किया गया है लाखो सुन्दर लड़को की सुंदरता को इक्ठा किया जाए तो एक अप्सरा की सुंदरता बनती है उस की सुंदरता को देख कर बड़े बड़े ऋषि मुनिओ के ब्रह्चर्य टूट जाते है आम इंसान की तो क्या बात है apsara mantra sadhna
बहुत सारे साधको का अप्सरा की स्वपन में झलक को देखते ही ब्रह्चर्य टूट जाता है | apsara mantra sadhna
अगर आप को साधना में सफल होना है तो ब्रह्चर्य का पालन जरूरी है ब्रह्चर्य का टूटने का मेन कारन आप का गलत आहार है आहर में आप को क्या लेना है चाहिए क्या नहीं लेना है इस के बारे में बात करते है आहार में तेज़ मसाले वाली चीजें नहीं खानी है आप को देशी गी नहीं खाना है मास शराब सेवन नही करना है बाहर का कुछ नहीं खाना है जैसे के होटल या ठेले पर जैसे चटपटी चीजें बिकती उस का सेवन नहीं करना है मत्लब बहार का कुछ नहीं खाना लहसुन प्याज़ का प्रयोग कोशिश करे काम से कम खाने की अगर हो सके तो न खाए दूध का प्रयोग भी काम से कम करे जिस घर में मौत होई हो उस घर का नहीं खाना चाहिए न शमशान घाट में मुर्दे के साथ नही जाना है क्या खाना चाहिए apsara mantra sadhna
आप को ताज़े फलों का प्रयोग करना चाहिए एक टाइम के भोजन में सरिफ फल ही खाये कुछ ऐसी जड़ी बूटीया होती है जिस का सेवन करने से साधक के लिंग की वाशना ख़तम हो जाती है भाव के साधक का ब्रह्चर्य खण्डित कभी नहीं होता साधना के दिनों तक इस का असर रहे गए बाद में साधक पहले की तरह नार्मल हो जाता है और अधिक जानकारी के लिए आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे आप का वीडियो देखने के लिए धन्यवादapsara mantra sadhna
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अप्सरा साधना कब करें ?
यह साधना रात को की जाती है ! यह रात्रि काल साधना है वैसे इस का जाप आप दिन में भी कर सकते है पर दिन वाला जाप संख्या में शामिल नहीं होगा
अप्सरा साधना में वस्त्र कोण सा इस्तमाल करना चाहिए
अप्सरा साधना में जायदातर गुलाबी वस्त्र पहना जाता है और इस्तमाल किया जाता है कुछ अप्सरा साधना सफेद वस्त्र पहना जाता है
क्या अप्सरा साधना में यंत्र कहां से प्रपात करें ?
आप अप्सरा साधना का यन्त्र हम से प्रपात कर सकते है इस के लेया आप को संपर्क करना होगा ! पह.८५२८०२ ५७३६४ पर
अप्सराओं की उत्पत्ति किस प्रकार हुई?
भारतीय पुराणों में यक्षों, गंधर्वों और अप्सराओं का जिक्र आता रहा है। यक्ष, गंधर्व और अप्सराएं देवताओं की इतर श्रेणी में माने गए हैं। कहते हैं कि इन्द्र ने 108 ऋचाओं की रचना कर अप्सराओं को प्रकट किया। मंदिरों के कोने-कोने में आकर्षक मुद्रा में अंकित अप्सराओं की मूर्तियां सुंदर देहयष्टि और भाव-भंगिमाओं से ध्यान खींच लेती हैं।
इंद्र की अप्सराओं ने अनेक ऋषियों का तप भंग किया लेकिन वह कौन से ऋषि थे जिनका तप अप्सराएं भंग नहीं कर सकी थी?
नर नारयण महा ऋषि ऐसे महा ऋषि थे जिन की तपस्या मेनका और रंभा अप्सरा भंग नहीं कर पाए नर नारयण ने उनकी सुंदरता के अहंकार को तोड़ने के लिए अपनी जांघो से उर्वशी अप्सरा को उत्पान किया जो उन से कहीं जायदा सुन्दर थी
मेनका, रम्भा, से भी जायदा खूबसूरत अप्सरा कोण है ?
नर नारयण ने उनकी सुंदरता के अहंकार को तोड़ने के लिए अपनी जांघो से उर्वशी अप्सरा को उत्पान किया जो उन से कहीं जायदा सुन्दर थी
उर्वशी अप्सरा की उत्पति कैसे हुई थी इस की क्या कथा है ?
क्या स्वर्ग की अप्सराएं अविवाहित होती थी?
रावण को किस अप्सरा से श्राप मिला था?
उर्वशी अप्सरा ने किस पांडव को नपुंसक हो जाने का शाप दिया था?
क्या अप्सरा दर्शन संभव है ?
अप्सरा साधना के क्या-क्या दुष्परिणाम होते हैं?
भारत में अप्सराओं का इतिहास क्या है?
यह स्वर्ग की अप्सरा कोण थी
हिंदू पौराणिक कथाओं में, क्या अप्सरा साधना वास्तव में मौजूद है?
क्या गर्भावस्था के दौरान अप्सरा साधना की जा सकती है?
अप्सरा साधना किस उम्र का वियक्ती कर सकता है ?
गुरु मंत्र साधना मे का स्वागत हैआज हम उर्वशी अप्सरा साधना urvashi apsara sadhana केबारेचर्चा करेंगेपहलेहम यह जानते है कि अप्सराकौन होती है आज मैंविस्तारसेनही बता पाउँगा यहविषय बहुतलम्भाहैउस कि लिएएकअलग से पोस्त लिखीजायेगी अप्सरा स्वर्ग कि खूबसूरतसुंद्र्रीया होती हैप्राचीन काल से ही भारतीय साधना पद्धति में सौन्दर्य की साधना करना भी एक आवश्यक गुण माना गया है। urvashi apsara sadhana
उर्वशी किसकी पत्नी थी?
urvashi apsara sadhana सौन्दर्य शब्द को लेकर के समाज में आज जो भी धारणा हो, उसके विषय में तो कुछ भी नहीं कहा जा सकता, किंतु प्राचीन काल में ऋषियों के मन में सौन्दर्य को लेकर के न तो कोई द्वन्द्व था, न उनके मन में कोई ऐसी धारणा थी कि सौन्दर्य की उपासना अपने आपमें कोई अश्लील धारणा है।
यही कारण है, कि प्राचीन ग्रंथों में सौन्दर्य का मूर्ति रूप अप्सरा को मान करसौन्दर्य को ही उपासना करने का प्रयास किया है, क्योंकि सौन्दर्य नारी के माध्यम से अपने सर्वोतकृष्ट रूप में स्पष्ट हो सकता है urvashi apsara sadhana
urvashi apsara sadhana
urvashi apsara sadhana हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार अप्सरा देवलोक में रहने वाली अनुपम
, अति सुंदर, अनेक कलाओं मेंपूर्ण, तेजस्वी और अलौकिक दिव्य दैविक शक्ति है जो साधक कीहरइच्छा को पूराकर सकती है।अप्सरा देवलोक में देवराज इंद्र की सेवा में रहती थीं और इंद्र के मनोरंजन के साथ ही साथ पुण्य कर्मों से स्वर्ग गए प्राणियों को भी अपने रूप-सौन्दर्य और नृत्य से आनंदित करतीरह्तीहै।
कई बार देवराज इंद्र अप्सराओ के रूप सौन्दर्य का इस्तेमाल एक हथियार के तौर पर भी करते थे जब उन्हें किसी व्यक्ति की तपस्या से अपनी गद्दी जाने का डर सताने लगता था।आप्सराऐ इन्द्रकेआदेशके अनुसार ऋषि मुनियो कीतप्स्या मोह मायासे भंगकरनेका कार्य भी करती हैअप्सरा साध्नाको सिद्धकरने वालासाध्कआपार धन दोल्त को प्राप्त करताहैइतिहास साक्षी है कि स्वामी शंकराचार्यजी ने इसी लाधना को सम्पन्न कर अपने शिष्य पद्मपाद को अतुलनीय वैभव का स्वामी बना दिया
ईस साधना मेज्यादा सम्ग्रीकी जरूरत नही पड़ती है एकअप्सरा मालाकी ज़रूरतपड़ती है अप्सरामालापार्ण परतिष्ठतहोनी चाहिए और पाँच गुलाब केफूलगुलाबकि फूल न मिले तो कोई औरसुगंधित फूल भीरख सकते हो एकगुलाबीवस्त्रएकअगरबत्ती और किसी भीचीज़जरूरतनहीहैयहसब समानआप कोआसानी सेउपलब्ध हो जातीहैअगरआप को यहसाधना सिद्धकरनीहो तो आप हम से संपर्क करसकतेहैurvashi apsara
इंटरनेटकि ऊपरबहुतसारीसाधना उपलब्ध है जिसमेमंत्रसाधनाविधानबता रखाहै कितनोकोसिद्धि प्राप्तहुई है आप सब लोग जानतेही है अब फिर आपनेविषयकी और आते हैअब सवाल ये है पहलेउर्वशीसाधनाहीक्यू करेऔर भी बहुतसारीअप्सराएहोतीहैलेकिन उर्वधी पहलेक्यू करेउर्वशीएकप्रधान और प्रमुख अप्सरा है अगर आप उर्वशी कर लेते हो तो आप अन्यअप्सरा खुद पर खुदसिद्ध हो जातीहै urvashi apsara
उर्वशी कारूपबहुत ही सुंदर है, वह चिरयौवना है, वह 18 वर्ष की उम्र की युवती के समान अल्हड़ मदमस्त और यौवन रस से परिपूर्ण है। उर्वशीका सारा शरीर एक खूबसूरती सुन्दरता से परिपूर्ण रहता | है, जिसको देखकर व्यक्ति तो क्या, देवता भीमोहित होजाते हैं। विश्वामित्र संहिता के अनुसार गोरा अण्डाकार चेहरा, लम्बे और एड़ियों को छूते हुए घनेश्याम केश, , गोरा रंग ऐसा, कि जैसे स्वच्छ दूध में केसर मिला दी हो, बड़ी-बड़ी की आँखें छोटी चिबुक, सुंदर और गुलाबी होंठ, आकर्षक चेहरा और अद्वितीय आभा से युक्त शरीर … सब मिलाकर एक | ऐसा सौन्दर्य जो हाथ लगने पर मैला हो जाए। ऐसी ही सौन्दर्य की सम्राज्ञी उर्वशीहै |
विश्वामितर एक ऐसेऋषिहैजिन्होंने सबसे पेहली उर्वशीअप्सराको सिद्धकिया था ईस केसम्बन्धी एक कथा आतीहै विश्वामित्र ने जब यह सुना कि उर्वशी इन्द्र के दरबार को सौन्दर्य नृत्यांगना है, तो उन के मन मे आयाउर्वशीमेरेआशर्ममे भीउर्वशी नृत्य करे। उन्होंने आज्ञा दी कि उर्वशी मेरे आश्रम में भी नृत्य करे।
विश्वामित्र जीअपना संदेश इन्द्र तक पहुंचा दिया इन्द्र ने मना कर दिया यह किसी भी प्रकार से सम्भव नहीं है।विश्वामित्र तो हठीऋषि थे , उन्होंने आपनी मंत्र शक्ति द्वारा उर्वशी को अपने आश्रम में बुलाया और कहा – तुम्हें ठीक वैसा ही नृत्यकरना होगाजैसा इन्द्र की सभा में तुम करती हो।
उर्वशी ने ऐसाकरने सेमनाकर दियाइन्द्रलोक चली गई।विश्वामित्रने उसी क्षण प्रतिज्ञा कीकि मैं तंत्र की रचना करूंगा तंत्र शक्तिसे उर्वशी को अपने आश्रम में बुला कर ,नृत्य करवाऊंगा और इसी प्रतिज्ञा कि परिणाम से ‘उर्वशी तंत्र‘। की रचना की हजारों शिष्यओके सामने उर्वशी का नृत्य संपन्न करवाया
और विश्वामित्रजी कि बादबहुतसारे साधको ने इस अप्सरा को सिद्ध किया जिंदगीमेंसभी भोगो को भोगाविश्वामित्र के बाद उनके शिष्यभूरिश्रवा, चिन्मय, देवसुत,गन्धर, और यहां तक कि देवी विश्रा औररत्नप्रभा ने भी उर्वशी सिद्ध कर जीवन के सम्पूर्ण भोगों का भोग किया।
गोरखनाथ ने भी इस साधना के माध्यम से चिरयौवन प्राप्त किया और गोरक्षपुर में उन्होंने हजारों शिष्यों के सामने सदेह उर्वशी को बुलाकर अद्वितीय नृत्य सम्पन्न करवाया।औरभीबहुत सारेसाधको ने सिद्ध करआपार धन दोलतको प्राप्त कराआप भीजिंदगीइससाधनाकोसंपन्नकर जिदगीका हर सुखपासकते हो
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अप्सरा साधना किस उम्र का वियक्ती कर सकता है ?
अप्सरा साधना किसी भी उम्र का साधक कर सकता चाहे वो बूढ़ा अप्सरा साधना हो या जवान हो यह बात मेटर नहीं करती आप की साधना करने की लगन होनी चाहिए बहुत से ऋषि लोगो ने बुढ़ापे में करा और लाभ प्रपात करे इस साधना को करने से बूढ़ा वियक्ति भी जवान की तरह हो जाता है
क्या गर्भावस्था के दौरान अप्सरा साधना की जा सकती है?
इस का जवाब नहीं है
हिंदू पौराणिक कथाओं में, क्या अप्सरा साधना वास्तव में मौजूद है?
हिंदू धर्म की कोई भी साधना पूजा गलत नहीं हो सकती क्योंकि हिंदू यह सनातन धर्म है इसलिए यदि आप पूछ रहे हैं कि साधना आदि के बारे में सोचा नहीं गया है तो हां लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपनी साधना कहां से जहाज करते हैं, जिसका अर्थ है कि आपको अपनी साधना कहां से मिली, यह बात भी बहुत कुछ निर्भर करती है । यदि आपने किसी सिद्ध व्यक्ति के साथ साधना की है तो आपकी साधना आपको सफलता की ओर ले जाएगी और आप जो भी साधना करना चाहते हैं उसे करके आसानी से पाप कर सकते हैं।
यह स्वर्ग की अप्सरा कोण थी
यह अप्सराएँ सागर मंथन से निकली थी उन्होंने किसी को भी पति रूप में स्वीकार नहीं किया इस लिए वे इंद्र (स्वर्ग) के दरबार में नर्तकों के रूप में बनी रही ।
भारत में अप्सराओं का इतिहास क्या है?
अप्सरा, भारतीय धर्म और पौराणिक कथाओं में, खगोलीय गायकों और नर्तकों में से एक, जो गंधर्वों, या खगोलीय संगीतकारों के साथ मिलकर स्वर्ग के स्वामी भगवान इंद्र के स्वर्ग में निवास करते हैं। मूल रूप से पानी देवियों, अप्सरा दोनों देवताओं और पुरुषों के लिए कामुक खुशी प्रदान करते हैं अप्सरा एक आध्यात्मिक अवधारणा है, जो हर चीज में सुंदरता की सराहना करने की हमारी क्षमता का स्रोत है – लोगों में, प्रकृति में, ब्रह्मांड में, हमारे निकट और प्रिय को संजोने के लिए, दोस्ती का खजाना और इतने पर। यह एक अमूर्त अवधारणा है जिसे विद्याधारा (“प्रेरित ज्ञान धाराओं”) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो सभी प्रेरणा का स्रोत है, या “आध्यात्मिक ऊर्जा का वर्ग” है जो लौकिक और आध्यात्मिक स्थानों (इसलिए प्रेरणादायक) के बीच सीमा का विस्तार करने में सक्षम है।
अप्सरा साधना के क्या-क्या दुष्परिणाम होते हैं?
कोई भी शक्ति का कोई दुष्परिणाम नहीं होता अगर आप अच्छे गुरु की देख रेख में करते है दूसरा अगर आप अप्सरा का सम्बन्धी जो नियम है अगर आप उन नियम को तोड़ते हो तब भी दुष्परिणाम भोगने पद सकते है
क्या अप्सरा दर्शन संभव है ?
हां अप्सरा दर्शन संभव है यह संभव है आप की मेहनत पर आप किस तरह से साधना करते है ! यह आप पर निर्भर है इस में मेहनत के साथ नियम भी जरूरी है
उर्वशी अप्सरा ने किस पांडव को नपुंसक हो जाने का शाप दिया था?
एक दिन जब चित्रसेन अर्जुन को संगीत और नृत्य की शिक्षा दे रहे थे, वहाँ पर इन्द्र की अप्सरा उर्वशी आई और अर्जुन पर मोहित हो गई। अवसर पाकर उर्वशी ने अर्जुन से कहा, “हे अर्जुन! आपको देखकर मेरी काम-वासना जागृत हो गई है, अतः आप कृपया मेरे साथ विहार करके मेरी काम-वासना को शांत करें।” उर्वशी के वचन सुनकर अर्जुन बोले, “हे देवि! हमारे पूर्वज ने आपसे विवाह करके हमारे वंश का गौरव बढ़ाया था अतः पुरु वंश की जननी होने के नाते आप हमारी माता के तुल्य हैं। देवि! मैं आपको प्रणाम करता हूँ।” अर्जुन की बातों से उर्वशी के मन में बड़ा क्षोभ उत्पन्न हुआ और उसने अर्जुन से कहा, “तुमने नपुंसकों जैसे वचन कहे हैं, अतः मैं तुम्हें शाप देती हूँ कि तुम एक वर्ष तक पुंसत्वहीन रहोगे।” इतना कहकर उर्वशी वहाँ से चली गई।
जब इन्द्र को इस घटना के विषय में ज्ञात हुआ तो वे अर्जुन से बोले, “वत्स! तुमने जो व्यवहार किया है, वह तुम्हारे योग्य ही था। उर्वशी का यह शाप भी भगवान की इच्छा थी, यह शाप तुम्हारे अज्ञातवास के समय काम आयेगा। अपने एक वर्ष के अज्ञातवास के समय ही तुम पुंसत्वहीन रहोगे और अज्ञातवास पूर्ण होने पर तुम्हें पुनः पुंसत्व की प्राप्ति हो जायेगी।” अर्जुन बने बृहन्नला
रावण को किस अप्सरा से श्राप मिला था?
रावण ने अप्सरारंभा को देखा जो उसके सौतेले भाई कुबेर की वधू थी। रावण रंभा को देखकर कामातुर हो गया और उसके साथ बल प्रयोग कर सतीत्व भंग कर डाला। जब यह बात नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को शाप दिया कि यदि वह किसी भी स्त्री की इच्छा के बिना उसे स्पर्श करेगा तो उसके सिर के सौ टुकड़े हो जाएंगे।
क्या स्वर्ग की अप्सराएं अविवाहित होती थी?
हां अप्सरा स्वर्ग में अविवाहित होती थी यह किसी भी देवता के साथ विवाह नहीं करती ! यह अपनी इच्छा से विवाह करवा सकती है ! यह विवाह के बंदन में जायदा समय तक नहीं रहती
अब सवाल ये है पहले उर्वशी साधना ही क्यू करे और भी बहुत सारी अप्सराए होती है लेकिन उर्वधी पहले क्यू करे ?
उर्वशी एक प्रधान और प्रमुख अप्सरा है अगर आप उर्वशी कर लेते हो तो आप अन्य अप्सरा खुद पर खुद सिद्ध हो जाती है urvashi apsara
उर्वशी अप्सरा की उत्पति कैसे हुई थी इस की क्या कथा है ?
श्रीमद्भागवत के अनुसार यह उर्वशी स्वर्ग (हिमालय के उत्तर का भाग) की सर्वसुन्दर अप्सरा थी। एक बार इन्द्र की सभा में उर्वशी के नृत्य के समय राजा पुरुरवा (चंद्रवंशियों के मूल पिता) उसके प्रति आकृष्ट हो गए थे जिसके चलते उसकी ताल बिगड़ गई थी। इस अपराध के कारण इन्द्र ने रुष्ट होकर दोनों को मर्त्यलोक में रहने का शाप दे दिया था। मर्त्यलोक में पुरुरवा और उर्वशी कुछ शर्तों के साथ पति-पत्नी बनकर रहने लगे। इनके 9 पुत्र आयु, अमावसु, विश्वायु, श्रुतायु, दृढ़ायु, शतायु आदि उत्पन्न हुए। उर्वशी को इन्द्र बहुत चाहते थे। माना जाता है कि नारायण की जंघा से उर्वशी की उत्पत्ति हुई है, लेकिन पद्म पुराण के अनुसार कामदेव के ऊरू से इसका जन्म हुआ था। उर्वशी तो अजर-अमर है। यही उर्वशी एक बार इन्द्र की सभा में अर्जुन को देखकर आकर्षित हो गई थी और इसने इन्द्र से प्रणय-निवेदन किया था, लेकिन अर्जुन ने कहा- ‘हे देवी! हमारे पूर्वज ने आपसे विवाह करके हमारे वंश का गौरव बढ़ाया था अतः पुरु वंश की जननी होने के नाते आप हमारी माता के तुल्य हैं…।’ अर्जुन की ऐसी बातें सुनकर उर्वशी ने कहा- ‘तुमने नपुंसकों जैसे वचन कहे हैं अतः मैं तुम्हें शाप देती हूं कि तुम 1 वर्ष तक पुंसत्वहीन रहोगे।’ इस तरह उर्वशी के संबंध में सैकड़ों कथाएं पुराणों में मिलती हैं।
उर्वशी किसकी पत्नी थी?
उर्वशी राजा पुरुरवा की पत्नी थी। उर्वशी राजा पुरुरवा के साथ बहुत लम्बे समय तक रही और उर्वशी से राजा पूर्व को ९ पुत्र प्रपात हुए। पुत्रो के नाम आयु, अमावसु, श्रुतायु, दृढ़ायु, विश्वायु, शतायु अदि।
उर्वशी ने अर्जुन को कौन सा वरदान दिया?
कौन सी अप्सरा अर्जुन से शादी करना चाहती थी? उर्वशी अप्सरा अर्जुन के साथ शादी करना चाहती थी पर अर्जुन ने मना कर दिया था जिस के कारन उर्वशी ने नाराज हो कर अर्जुन को दिया था
उर्वशी की शादी हो चुकी है? उर्वशी की शादी हो चुकी है वो पुरुरवा राजा के साथ हुई थी।
उर्वशी मेनका और रंभा कौन है? उर्वशी उर्वशी मेनका और रंभा प्रधान अप्सरा है यह स्वर्ग में इंद्र के अप्सरा है।
उर्वशी किसकी पत्नी थी?
उर्वशी राजा पुरुरवा की पत्नी थी। उर्वशी राजा पुरुरवा के साथ बहुत लम्बे समय तक रही और उर्वशी से राजा पूर्व को ९ पुत्र प्रपात हुए। पुत्रो के नाम आयु, अमावसु, श्रुतायु, दृढ़ायु, विश्वायु, शतायु अदि।
कौन सी अप्सरा अर्जुन से शादी करना चाहती थी?
उर्वशी अप्सरा अर्जुन के साथ शादी करना चाहती थी पर अर्जुन ने मना कर दिया था जिस के कारन उर्वशी ने नाराज हो कर अर्जुन को दिया था
उर्वशी की शादी हो चुकी है?
उर्वशी की शादी हो चुकी है वो पुरुरवा राजा के साथ हुई थी।
उर्वशी मेनका और रंभा कौन है?
उर्वशी उर्वशी मेनका और रंभा प्रधान अप्सरा है यह स्वर्ग में इंद्र के अप्सरा है।