मायावी विद्या और कृष्ण के पौत्र के माया से अपहरण mayavi vidya
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मायावी विद्या और कृष्ण के पौत्र के माया से अपहरण mayavi vidya माया की और मायावी शक्तियों की मैं जिसे ईश्वर ने रचा इंसान को बनाने के लिए इस संसार को चलाने के लिए देवताओं ने कुछ राक्षसों ने इस संसार पर सभी पर राज करने के लिए आज भी मौजूद है ।  इंसान की पहुंच इन शक्तियों तक आज भी हो सकती है इन सवालों का जवाब जरूर मिलेगा मैं पूरी कोशिश करूंगा जवाब देने और आशा करूंगा ।  इस वीडियो को लाइक कर दीजिए अपने दोस्तों के साथ शेयर करना बिल्कुल भी मत बोलिए गा देवता और राक्षसों की शक्तियों की सबसे महत्वपूर्ण सकती थी ।  मायावी शक्तियां भ्रमित करने में वह साथ ही उग्र बनाने में यानी एड्रेस बनाने में सबसे निपुण होती है और राक्षस के माध्यम से शत्रु को भ्रम जाल में फंस कर अपने आप को अनेकों रूप में दिखाकर शत्रु का नाश कर देते थे ।

मायावी विद्या और कृष्ण के पौत्र के माया से अपहरण mayavi vidya
मायावी विद्या और कृष्ण के पौत्र के माया से अपहरण mayavi vidya

आपको हमारे धर्म का रामायण और महाभारत पर मिलेगा और दूसरी तरफ इसका उपयोग किया । मैं भी छुट्टियां हवा की तरह होती हैं बहुत मुश्किल होता है परंतु कर लिया जाए तो व्यक्ति को शक्तिशाली बना देती हैं बहुत सी गुप्त बातें हैं । जिन्हें उजागर करना मैं इस वीडियो में उचित नहीं समझता रावण और मेघनाथ के समय की मायावी जो शक्तियां हैं ।  वह आज भी विद्यमान है ब्रह्मांड में जो अति तीव्र और उपग्रह जिनको करने से व्यक्ति राक्षस वेतन शक्तियों का स्वामी बन जाता है ।  महाबली रावण की राशियों में से आत्मा नहीं कभी पूरी तरह से नष्ट होती हैं और ना अगर वैज्ञानिक रूप से यदि हम देखें तो उड़ जाना कभी नष्ट होती है ।  और ना उत्पन्न होती है यह सिर्फ अपना रूप बदलती है जो शक्तियां जो कल थी वह आज भी है हर युग में है । क्या-क्या द्वापर युग त्रेता युग इस कलयुग में देवता और राक्षस दोनों ही मानव जाति में होते हुए भी अपनी शक्तियों को महसूस करेंगे जागृत करके जागृत करके पुणे पाया जा सकता है ।  द्वापर युग  में माया विद्या  के द्वारा  कृष्ण के पौत्र  का अपहरण  इस के लिए  नीचे दिया  गया वीडियो  देखो  part 1

part 2

राक्षस से मतलब उन लोगों से है जो हृदय में भव्य आकृति का जन्म रखते हैं ऐसा नहीं है कि राक्षस एक योनि में कुल की भांति है जब हम अपनी जन्मपत्री देखते हैं तो उसमें गण लिखा होता है । इसका आपका जन्म किस योनि में हुआ है और उसी प्रकार की जो होते हैं । क्रोधी होते थे और अहंकार नैतिकता को जन्म देती है और यही पतन का कारण बनती है समर्थ है । आपको प्रकृति और पंच भूतों से खेलने तक की क्षमता दे देती हैं दुर्भाग्य यही है कि व्यक्ति एक चीज का एक ही पहलू देखता है । अंकुश जिस प्रकार हाथी को काबू में रखता है वैसे ही इंसान की पवित्र आत्मा और ब्रह्म ऊर्जा उसके ऊपर मायावी को हावी नहीं होने देती । उसे काबू में रखती है नए जमाने के हैं वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवीनता को बेहतर समझते हैं तो ठीक जैसे घोस्ट राइडर हॉलीवुड मूवी के किरदार महाकाल बना देती है।  बॉलीवुड मूवी के किरदार भूरिया की तरह शक्ति और सिद्धियां कोई बुरी नहीं होती है।  व्यक्ति की इस्तेमाल करने वाले की क्षमता पर नेट का पूरा मनुष्य के ऊपर निर्भर है कि वह शक्तियों का गलत इस्तेमाल करता है या सही इस्तेमाल करता है । उम्मीदों की आज की वीडियो में मायावी शक्तियों और माया के बारे में जो जानकारी दी गई है वह आपको पसंद आई होगी अगर यह पोस्ट  आपको पसंद आई है तो इस post को लाइक कर दीजिए अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर शेयर कर दीजिए ।

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