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ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana ph. 85280 57364 गुरु मंत्र साधना डॉट कॉम में आप सबका स्वागत है । आज हम ख्वाजा पीर जी की साधना कथा चर्चा करेंगे । ख्वाजा पीर जी की साधना मुस्लिम तंत्र के अंतर्गत आने वाली साधना है । ख्वाजा पीर जी को जल का पीर माना जाता है। जैसे कि आप जानते ही हैं कि हिंदू धर्म में  देवता  होते हैं । उसी तरह मुस्लिम धरम में पीर होते हैं ख्वाजा पीर  जी का स्थान जल में माना जाता है इनकी साधना  जल में  की जाती है । अगर कम पानी वाली नदी हो या कोई तलाब हो उस तालाब में खड़े होकर यह साधना की जाती है । अगर नदी या तालाब का पानी बहुत तेज हो या तला बहुत गहरा हो तो नदी या नहर किनारे भी इस साधना को कर सकते हैं । अगर नदी या नहर आपके शहर में उपलब्ध नहीं है ।

ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana
ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana  तो आप एक कुएं के पास अपना काम कर सकते हैं । अगर वह भी उपलब्ध नहीं है तो आप यह साधना को घर पर कर सकते हैं । घर पर किसी बड़े पात्र में पानी भरकर खड़े होकर इस साधना को कर सकते हैं । क्या उस पात्र को सामने रखकर इस साधना को कर सकते हैं । गुरु जी ने यह साधना को स्वयं सिद्ध किया था । और बहुत सारे साधकों को भी यह साधना को सिद्ध करवाया था । कुछ साल पहले उनके बाद  पास एक साधक आया । जो ख्वाजा पीर जी की ही साधना करना चाहता था । उसको साधना शुरू करवाएं अपने घर पर ही kar रहा था एक पानी के पात्र में खड़े होकर वह यह साधना को का रहा था ।पानी में खड़ा था एक पानी में सांप की तरह महसूस हुआ थोड़ा डर गया । अगले दिन गुरुजी के पास पहुंचा गुरुजी ने बोला तुम्हारी परीक्षा हो रही है घबराने की जरूरत नहीं है । अगले दिन जब वो फिर साधना में बैठा जिस पानी में वह खड़ा है वह पानी एकदम से badna शुरू हो गया है  उस पानी में नीचे डूब रहा है को इस तरह महसूस हुआ । एक बार तो बहुत ज्यादा वह डर गया फिर उसको गुरुजी की बात याद में आई यह फैसला किया साधना को जारी रखेगा । कोई दिन साधना हो चुके थे । ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana
ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana कुछ दिन बाद जब साधना कर रहा था । उस दौरान लाल रंग का तेजस्वी जिन्नात दिखाई दिया और वह गुस्से में है और उसको साधना बंद करने के लिए बोल रहा है । उसने साधना को बंद करने से मना कर दी । वो गुस्से में वापस एक बार वह जिनको देखकर घबरा ही गया था । फिर उसने सारा  हाल  सुनाया गुरुजी ने बोले जिन्न नहीं था । पीर बाबा जी का ही एक सेवक था परीक्षा लेने के लिए आया था  । अगले दिन उस को स्वपन में बाबा दीखाई दिया किसी जगह का रास्ता पूछ रहे थे । उसने उस जगह का रास्ता बाबा जी को बताया तो बाबा जी ने उसके बदले में उसको एक कागज दिया और कागज में कुछ नंबर लिखा था । जब वह सुबह उठा तो उसको वह नंबर एकदम याद था उस नंबर का रहस्य पूछने के लिए के  गुरु जी के पास पहुंचता है । तुम गुरुजी ने हमको बताया कि यह नंबर कुछ साधारण नंबर नहीं था यह सट्टे का नंबर था  । एक में लालच में डालकर तुम्हारी परीक्षा ले रहे हैं ।  ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana खुद को इस तरीके से ही नंबर आते रहे पर उसने कोई भी नंबर नही लगाएं नहीं । कुछ दिन बाद पीर बाबा जी समक्ष प्रकट होते हैं । उनके चेहरे में एक लालिमा होती है बहुत ही ज्यादा तेज होता है उस को बोलते हैं कि तुम क्या चाहते हो तुम चाहते हो वह मांग सकते हो उसने बोला मुझे कुछ नहीं चाहिए सिर्फ की कृपा चाहिए । पीर बाबा जी मुस्कराते हुए बोले मैं जिंदगी भर तुम्हारे साथ रहूंगा । तुम्हें किसी भी चीज की कोई कमी नहीं होगी पीर बाबा जी की कृपा से बहुत अमीर बन गया पास किसी भी चीज की कोई कमी नहीं रही । ख्वाजा पीर जी की साधना साधक 2 तरीके से कर सकता है । साफ पानी में और काले पानी में साधना  करना  साधरण साधक के लिए बहुत ही खतरनाक है । ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana काले पानी में साधना तामसिक रूप में की जाती है हर जिसको  करना हर साधक के लिए संभव नहीं है तंत्र में हर एक साधना को दो तरह से किया जाता है सात्विक और तामसिक रूप में एक साधारण छात्र को सात्विक रूप से ही साधना को करना चाहिए मैं यह सारा कुछ अपने अनुभव से बता रहा हूं  । साधको  के बीच में रहा हूं ख्वाजा पीर की साधना की है ।  ख्वाजा पीर साधना ही एक ऐसी साधना है जिसमें इंसान के चरित्र की परीक्षा होती है बहुत सारे लालच दिए जाते हैं । ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

बहुत प्रकार के भय दिखाए जाते हैं । आपके विश्वास की भी परीक्षा ली जाती है वही देखना चाहते हैं कि यह साधक अपने गुरु और उनके ऊपर कितना विश्वास रखता है  गुरु कहता है मैं तुम्हारे साथ हु पीर बाबा भी तुम्हारे साथ हैं अगर साधक फिर भी अपने इष्ट और गुरु के ऊपर विश्वास ना रखे ऐसे साधक पर  धिक्कार  खवाजा  पीर  साधना एक बहुत ही जल्दी सिद्ध होने वाली साधना है ।अगर साधक विश्वास और भावना खुद हो बहुत जल्दी सिद्ध हो सकती है पीर बहुत जल्दी सिद्ध हो जाते हैं अगर साधक का विश्वास और भावना शुद्ध हो पीर सिर्फ प्यार के भूखे होते हैं यह जितनी जल्दी खुश होते है उतनी जल्दी नाराज भी हूँ जात्ते है

ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana
ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

हमारी मासी जी को भी पीर की चौकी आती है ।  खाव्जा पीर जी की बहुत दूर दूर से लोग आते हैं अपनी समस्याओं को लेकर । वो लोगों का इलाज और मेडिकल से भी करते हैं कुछ साल पहले की बात है दो लड़कियां पढ़ती थी कॉलेज  में । वही कॉलेज में मेरे मामा जी की लड़की भी पढ़ती थी कॉलेज लेने के लिए बस आती थी एक बार ड्राइवर को कोई जरूरी काम पड़ गया ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

उसने अपनी जगह कोई दूसरा ड्राइवर भेजा बिल्कुल नया ड्राइवर था । उसको ज्यादा ड्राइवरी आती नहीं थी किसी को भी इस बात की कोई भनक नहीं थी मासी जी की लड़कियों को पीर बाबा जी ने कॉलेज जाने से मना कर दिया । कॉलेज नहीं गई उस बस का का एक्सीडेंट हुआ लड़की लड़कियों को भारी चोट आई और कुछ विद्यार्थियों की एक्सीडेंट के दौरान ही मौत हो गई । मासी   जी की लड़कियां बच गई पीर बाबा जी की कृपा से बच गई पीर बाबा जी की साधना करते हैं तो बाबा जी कि खुद रक्षा करते हैं खाना के संबंध में कोई जगह आशा हो नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें महाकाल ख्वाजा पीर जी की साधना Khawaja Peer Sadhana

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