शत्रु नाशक हनुमान मंत्र - गुप्त शत्रु की उल्टी गिनती शुरू shatru nashak hanuman mantraशत्रु नाशक हनुमान मंत्र - गुप्त शत्रु की उल्टी गिनती शुरू shatru nashak hanuman mantra

शत्रु नाशक हनुमान मंत्र – गुप्त शत्रु की उल्टी गिनती शुरू shatru nashak hanuman mantra ph. 85280-57364

शत्रु नाशक हनुमान मंत्र - गुप्त शत्रु की उल्टी गिनती शुरू shatru nashak hanuman mantra
शत्रु नाशक हनुमान मंत्र – गुप्त शत्रु की उल्टी गिनती शुरू shatru nashak hanuman mantra

शत्रु नाशक हनुमान मंत्र shatru nashak hanuman mantra गुप्त शत्रु की उल्टी गिनती शुरू

ॐ नमो हनुमंत बलवंत माता अजंनी पुत्र हल हलंत आशो चढ़ंत, आओ गढ़ किल्ला तीरंत आओ लंका जाल बाल भस्म करि आओ ले लांगू लंगूर ते लपटाय सुमिरते पटका ओचंद्री चंद्रावली भवानी मिल गावै मंगलवार जीत राम लक्ष्मण हनुमान जी आओ जी तुम जाओ सात पान का बीड़ा चाबत मस्त सिन्दूर चढ़ो आओ, मंददरी के सिंहासन डुलंता आओ यहं आओ हनुमान माया जाग तें नृसिंह माया आगे, भैरों किलकिलाय ऊपर हनुमंत गाजैं, दुर्जन को मार दुष्ट को मार संहार, राजा हमारे सत्त गुरु हम सत्त गुरु के बालक मेरी भक्ति गुरु की शक्ति फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा ।

शत्रु नाशक हनुमान मंत्र विधि 

सर्वप्रथम किसी शुभ मंगलवार के दिन नहा-धोकर एकांत व पवित्र स्थान में हनुमानजी का चित्र (या मूर्ति) रखें और उनकी पूजा करें। तत्पश्चात् इस मन्त्र का एक माला जप करें। यह क्रम दैनिक पूजा के रूप में पूरे इक्कीस दिनों तक चलना चाहिए। इस अवधि में साधक पूर्ण संयम, पवित्रता, ब्रह्मचर्य और निष्ठापूर्वक रहे। उसे हर तरह से स्वयं को सात्विक विचारों में लीन और हनुमंत चिंतन में मग्न रखना चाहिए।

पूजा में प्रतिदिन सात लड्डू और सात पान बीड़े नैवेद्य रूप में अर्पित करने चाहिए। इस प्रकार इक्कीस दिनों तक (यदि हो सके तो इकतालीस दिनों तक) प्रतिदिन नियम-निष्ठा के साथ एक माला (एक सौ आठ दानों की) जप करते रहें । अवधि पूरी हो जाने पर यही मन्त्र पढ़कर इक्कीस बार आहुति देते हुए हवन करें।

इस प्रकार यह मन्त्र सिद्ध हो जाएगा। मन्त्र सिद्ध हो जाने पर यदि कभी आवश्यकता पड़े तो शत्रु के दमन हेतु इसका प्रयोग किया जा सकता है। प्रयोग का नियम यह है कि कहीं एकांत में भूमि पर एक मानवाकृति बनाएं। उसे शत्रु का चित्र मानकर, उसे बंधन में करने के लिए मोम की चार कीलें बनाकर चित्र के चारो ओर जमा दें।

ध्यान रहे, चित्र बनाने से लेकर अंत तक साधक मन ही मन उपर्युक्त मन्त्र को जपता रहे। चित्र बन जाने और उस पर मोम की कीलें लगा देने के बाद हनुमानजी की पूजा करें और नैवेद्य में खीर अर्पित करें। इसके पश्चात् चित्र की छाती पर शत्रु का नाम लिखें और मन्त्रोच्चारण करते हुए उसके सिर पर जूते या चप्पल से दो बार प्रहार करें। इस प्रयोग से शत्रु का दमन हो जाएगा।

शत्रु नाशक हनुमान मंत्र – गुप्त शत्रु की उल्टी गिनती शुरू

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By Rodhar nath

My name is Rudra Nath, I am a Nath Yogi, I have done deep research on Tantra. I have learned this knowledge by living near saints and experienced people. None of my knowledge is bookish, I have learned it by experiencing myself. I have benefited from that knowledge in my life, I want this knowledge to reach the masses.

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