इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र - गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्रइच्छा पूर्ति गणेश मंत्र - गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र

इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र – गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र ph.85280 57364 

इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र - गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र
इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र – गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र

इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र ganesh icchapurti mantra ओम नमः शिवाय दोस्तों गुरु मंत्र साधना में आपका हार्दिक स्वागत है दोस्तों कोई भी ऐसा हम कार्य करते हैं जो शुभ कार्य हो किसी की शादी हो पूजा हो पाठ हो कोई साधना हो चाहे कोई भी ऐसा शुभ कार्यऔ में गणेश का वंदन करते हैं।  भगवान गणेश का नाम लेते हैं हर कार्य में भगवान गणेश का पूजन किया जाता है। ताकि उसे कार्य में आने वाले विघ्न को भगवान गणेश हर सके इसलिए उन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है। 

भगवान गणेश का जो नाम है वह चाहे पंडित हो चाहे वह तांत्रिक हो चाहे वह अघोरी हो चाहे ,वह सात्विक साधना कर रहा हो, चाहे वह तांत्रिक साधना कर रहा हो बिना गुरु और बिना गणेश पूजन के कोई भी साधना कोई भी साधना पूर्ण नहीं होती। 

भगवान गणेश का आवाहन भगवान गणेश का पूजन करना ही पड़ता है ,और आज मैं आपके सामने ऐसा मंत्र लेकर आया हूं। भगवान गणेश की साधना बहुत ही दुर्लभ साधना है बहुत अच्छी साधना है और ब्रह्मांड का सबसे उच्चतम मंत्र ,जो मैं आज आपको बताने वाला हूं।  भगवान गणेश का को सबको पता ही है कि भगवान गणेश जो है वह भगवान भोलेनाथ के पुत्र हैं। उनके बेटे हैं माता पार्वती के अपटन से पैदा हुए और प्रथम में पूज्य देव है सबसे पहले सबसे प्रथम जो है। 

वह भगवान गणेश की पूजा होती है। उसके बाद किसी और देवता की पूजा की जाती है।  कोई भी साधना के समय हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान गणेश के वह समस्त विघ्नो  को हमारे हर सकें और हमारी जो साधना हमारी जो सेवा है हमारे जो शुभ कार्य है।  वह पूर्ण हो भगवान गणेश की जो हम साधना करते हैं तो माता लक्ष्मी का आशीर्वाद माता लक्ष्मी का आगमन पूजा करते हैं। 

तो उसे घर में माता लक्ष्मी के साथ महालक्ष्मी भी विराजमान रहती हैं।  और साथ ही जो रिद्धि सिद्धि हैं जो कि भगवान गणेश की पत्नियों हैं, भगवान गणेश की आज्ञा के बिना उसे घर में प्रवेश नहीं करती। जिस घर में भगवान गणेश का नाम ले जाता जो साधक जो सेवक जो पूजा पाठ है साधना करते हैं ,भगवान रिद्धि सिद्धि स्वयं स्थापित हो जाती है और साधक की हर इच्छा पुरी होती है । 

समस्त सिद्धियां प्रदान होती है और बुद्धि के देवता कहे जाने वाले भगवान गणेश बल बुद्धि को अगर पितरों को प्रसन्न करना हो तो सुबह सुबह ब्रह्म मुहूर्त में  गणेश पाठ किया जाता है।  और सूर्य को अर्घ  दिया जाता है।  जिससे कि भगवान गणेश की चालीसा और सूर्य को अर्घ  देने से हमारे पितर हैं वह प्रसन्न होते हैं। 

जितने भी हमारे पितर दोष  हैं, वह सभी पितर दोष जो है वह समाप्त होते हैं।  भगवान गणेश के बारे में जितनी महिमा का गुणगान किया जाए उतना कम है। जिन्हें बेसन के लड्डू प्रिय  हैं तो आज मैं आपको भगवान गणेश की साधना के बारे में बताने जा रहा हूं कि किस तरीके से आप भगवान गणेश की साधना करके आप हर एक इच्छा जीवन पूरी कर सकते हो  सुख में जीवन  व्यतीत कर सकते हो साथ साथ में अपने घर में दुकान में नौकरी में साथ साथ में आपके घर में जो बिगड़े हुए काम है, वह आपके बन सकते हैं। 

इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र – गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र  

इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र - गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र यह शाबर मंत्र हर अच्छा को करेगा पूरी ph
इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र – गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र यह शाबर मंत्र हर अच्छा को करेगा पूरी ph

गं गणपतये नमः 

इच्छा पूर्ति गणेश मंत्र – गणेश जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र साधना विधि

गणपति मन्त्र सामग्री – जलपात्र, लाल पुष्प, गणपति की मूर्ति या चित्र, सुगन्धित अगरबत्ती, शुद्ध घृत का दीपक । माला – मूंगे की या लाल रक्त चन्दन की माला । समय- दिन का कोई भी समय | आसन – लाल रंग का सूती या ऊनी आसन दिशा- पूर्व । साधक पूर्व की तरह मुंह करके बैठे। जपसंख्या – सवा लाख । अवधि- पाँच, ग्यारह या इक्कीस दिन । गणेश के 12 नामो   का जप करें 

साधक किसी भी बुधवार से यह साधना प्रारम्भ कर सकता है। यह प्रयोग जीवन में कल्याण-कामना के लिए किया जाता है। घर में विवाह कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हो जाये, घर में सुख-शान्ति बनी रहे या किसी कार्य में विघ्न न आवे, इसके लिए यह प्रयोग किया जाता है।

बुधवार के दिन प्रातः स्नान कर सामने गणपति की मूर्ति या चित्र स्थापित कर उसका सामान्य पूजन करें और इसके बाद मन्त्र का जप प्रारम्भ कर दें। जितने दिन में यह साधना सम्पन्न करनी हो, उसी अनुपात में नित्य- मन्त्र जप सम्पन्न करें।

साधना समाप्त होने पर किसी ब्राह्मण-पुत्र या कुंवारी कन्या को भोजन कराकर उसे दक्षिणा, वस्त्र आदि भेंटस्वरूप प्रदान करें और गणपति का विग्रह या मूर्ति अपने पूजा-स्थान में या घर में स्थापित कर दें। ऐसा करने पर निकट भविष्य में होने वाला कोई विघ्न उपस्थित नहीं होता ।

 

 

 

By Rodhar nath

My name is Rudra Nath, I am a Nath Yogi, I have done deep research on Tantra. I have learned this knowledge by living near saints and experienced people. None of my knowledge is bookish, I have learned it by experiencing myself. I have benefited from that knowledge in my life, I want this knowledge to reach the masses.

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