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मुसलमानी अमल – मुसलमानी कलमा – धन दौलत प्रपात करने के लिए ph.85280 57364

मुसलमानी अमल – मुसलमानी कलमा – धन दौलत प्रपात करने के लिए

मुसलमानी अमल - मुसलमानी कलमा - धन दौलत प्रपात करने के लिए
मुसलमानी अमल – मुसलमानी कलमा – धन दौलत प्रपात करने के लिए

मुसलमानी अमल – मुसलमानी कलमा – धन दौलत प्रपात करने के लिए  इस अमल को पढ़ने से आपार धन दौलत के रस्ते खुलते है किसी  भी प्रकार की कोई  धन की कोई परेशानी  नहीं होती है। 

मुसलमानी अमल – मुसलमानी कलमा – धन दौलत प्रपात करने के लिए

या मुहम्मद दीन हजराफील भहक अल्लाह हो ।

सामग्री – जलपात्र, तेल का दीपक, लोबान, धूप आदि । माला – मूँगे की । समय – दिन का कोई भी समय आसन – किसी भी प्रकार का आसन । दिशा- पूर्व दिशा । जपसंख्या – नित्य ग्यारह सौ अवधि – चालीस दिन ।

विधि विधान 

यह मुसलमानी प्रयोग है तथा किसी भी शुक्रवार को प्रारम्भ किया जा सकता है । प्रातः उठकर व्यक्ति बिना किसी से बातचीत किये हुए सवा पाव उड़द के आटे की रोटी बनाये और उसे आंच पर अपने हाथों से सेके। इसके बाद रूमाल पर रोटी के चार टुकड़े करके रख दे।

उसमें से एक टुकड़े के पुनः ग्यारह टुकड़ें बनाये और उसको सामने रखकर उपर्युक्त मन्त्र का जप पूरा करे। जब ग्यारह सौ मन्त्रजप पूरा हो जाय तो वे छोटे-छोटे टुकड़े नदी या तालाब में ले जाकर डाल दे, जिससे कि मछलियाँ उनको खा जायें।

शेष रोटी के जो तीन भाग बचेंगे, उनमें से एक कुत्ते को खिला दे और दूसरा भाग कौवे को खिला दे एवं तीसरा भाग रास्ते में फेंक दे। इस प्रकार चालीस दिन नित्य करे तो उसे मनोवांछित नौकरी या रोजी प्राप्त होती है और आगे जीवन में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आती।

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मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/
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