पांच बावरी साधना paanch baavaree saadhana रहस्य पांच बावरी साधना तंत्र की प्रमुख्य साधनो मे से एक है पांच बावरी एक सिद्ध शक्ति है पांच बावरीको गोगा जाहर वीर 56 कलवे की शक्ति प्रपात है । और मनसा देवी 64 जोगणी की प्रपात है ! और पीर अस्तबली जी की शक्ति प्रपात है ! यह साधना करने के पश्चात् साधक को बहुत सारी सिद्धया प्राप्त हो जाती है ! और अधिक जानकारी के लिए जानकरी के लिए सम्पर्क करे – 85280 57364
पांच बावरियों Panch Bawri शूरवीर पांच बावरियों का इतिहास बताने जा रहा हूं ।काली से 64 जोगनी और गोगा जी चौहान से 56 कल्बे प्राप्त कर अपने सिद्ध कमान से और प्रजा के कष्टों का निवारण कर अमर हो गई ।और जिनकी मानता मुरथल धाम स्थित दमदम और गोगामेडी दरबारों में होती है ,और इन पांचो बावरियों का आशीर्वाद प्राप्त कर भक्तजन अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं ।पांचो बावरियों इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है पांचो बावरियों जब खरखड़ी नामक स्थान राजस्थान में 979 वर्ग में विशाल प्रमिला फैला हुआ था ।मुक्त रूप में पूरा कबीला बहुत खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा था राजा का नाम था । हेमराज बाबरी जो एक न्याय प्रिय राजा थे, और वह दूसरों की मदद करने वाले व्यक्ति थे लेकिन इतना विशाल और खुशहाल राज्य होते हुए भी उनकी कोई संतान नहीं थी । राजा हेमराज बावरे बहुत दुखी और चिंतित रहते थे ।उसका मुख्य कारण था कि उनके कोई संतान नहीं थी ।हेमराज बावरी की धर्मपत्नी माता को बहुत बड़ी शिव भक्ति नगरी में आए साधु संतों और गरीब प्रजा की मदद करने में लिए रहती थी ।
रंभा अप्सरा साधना और अनुभव rambha apsara sadhna अप्सरा का साथ ऐसा साथ है जिस के बाद समय को तो जैसे पर लग जाते है समय का तो पता ही नहीं चलता है । ना तो दिन का पता चलता है नहीं ही रात का पता चलता । इस अवस्था ज्ञानी जनों ने आनंद अवस्था कहा है । जिसे समय का पता ही नहीं चलता इस पृथ्वी पर कोई ना कोई तपस्वी तपस्या करने बैठता था । तो स्वर्ग लोक में देवराज इंद्र को लगने लगता था । जब उनका सिहासन खतरे में है और वे बिना बात को पूरी तरह से समझे तपस्वी की तपस्या को भंग करने के लिए किसी ना किसी खूबसूरत अप्सरा को भेज देते थे । और फिर वो ऋषि अप्सरो के मोह पाश फसकर कामदेव के बाणों से आहत होकर तपस्वी अप्सराओ के के पीछे लग जाते थे । जिस के बाद अपनी तपस्या छोड़ कर उस अप्सरा के पीछे लग जाते थे।
जब महान ऋषि कांडू गोमती नदी के किनारे बैठकर घोर तपस्या में लीन थे। तब उनकी तपस्या से भयभीत होकर देवराज इंद्र ने स्वर्ग से सुंदर अप्सरा को चुना ऋषि की तपस्या को भंग करने के लिए भेजा । महा ऋषि उस अप्सरा को देखते सार मोहित हो गए और तपस्या छोड़ कर उस अप्सरा के आनंद में लीं हो गए । और समय का तो जैसे पता ही नहीं चला कई महीने कई साल व्यतीत हो गए एक दिन ऋषि की आँख खुली तो वो बोले मैं संध्या पूजन करके आता हु । अप्सरा बोली इतने साल बाद आप को आज आप को संध्या पूजन की याद आई सुबह ही तो आई हो वो बोली मुझे आये 907 साल हो गए है । अप्सरा का साथ इतना आनंददाई था महाऋषि को पता ही नहीं चला कब 907 निकल गए ।
यह तंत्र साधना कभी न करे एक शादीशुदा साधक tantra sadhana
यह तंत्र साधना कभी न करे एक शादीशुदा साधक tantra sadhana अगर आप शादीशुदा साधक है अगर नहीं भी है तो फिर भी यह वीडियो जरूर देखना । हर इस विषय पर न तो आज तक किसी गुरु या तांत्रिक ने कोई वीडियो बनाया है नहीं आज तक किसी भी बताया है।जब के यह जानकारी बहुत जरूरी जानकरी है। हर एक साधना हर एक साधक के लिए नहीं है इस बात की जानकारी बहुत कम साधको को है वो किसी ढोंगी गुरु के चक्र में फ़सकर ऐसी साधनाए कर लेते है । जिस के बाद उन की ज़िंदगी में बहुत दिकत आती है ऐसे मेरे पास बहुत सारे कॉल देशो विदेशो से आए चुके है जो इस तरह की समस्या से परेशान है इस लिए ही मुझे यह वीडियो बनाना पड रहा है। जैसे के आप सब को पता ही है शक्ति दो तरह की होती है सात्विक और तामसिक सात्विक में जैसे हनुमान साधना हो गई भगवन शिव की साधना हो गई अप्सरा साधना हो गई इस के इलावा और भी साधना हो गई मैं सब शक्ति का नाम लेकर वीडियो लांभा नहीं करना है ,सरिफ समझाना है।
यह तंत्र साधना कभी न करे एक शादीशुदा साधक tantra sadhana
वैसे ही तामसिक में काल भैरव साधना , काली साधन , नाहर सिंह वीर साधना ,तामसिक में यह शक्तिया हो गई ! इन में से कुछ शक्तिया में वीर साधना भी आती है कुछ में इतर योनी की शक्तिया भी शामिल है । जैसे के इतर योनी में भूत साधना , बेताल साधना , और पिशाच साधना शामिल है ! यह सब तामसिक साधना है ! इन कैटगरी में से वीर साधना , और इतर योनी साधना में से ऐसी शक्ति है जो औरत के ऊपर जल्दी अकृषित होती है और औरत के साथ भोग तक करती है । जब यह शक्तिया भोग करती है तो औरत २से ३ दिन तक बिस्तर से नहीं उठ पाती है। इतना जायदा बुरा हाल हो जाता है जिस औरत के साथ जब भोग चलता है तो कुछ पता भी नहीं चलता क्यों की वो शक्ति उस औरत के दिमाग को उतने समय के लिए बंद कर देती जिसे उस औरत को पता नहीं चलता है । कुछ केस में औरत को पता चल जाता है। ऐसे केस मेरे पास बहुत आए है जो इन समस्या से ग्रस्त है।कोइ भी गुरु या तांत्रिक अपने शिष्य इस के बारे में नहीं बताते बहुत कम गुरु ही इस के बारे में जानकारी देते है । वो ऐसा क्यों करते है मैं खुद हैरान हु या उनको मालूम नहीं या वो जान बूझ कर ऐसे करते है ।
आप को यह tantra sadhana साधना नहीं करनी है अगर आप शादीशुदा है ।
पहला है वीर साधना में नाहर सिंह वीर साधना , एक मैंने वीडियो विस्तार सहित बनाया है नाहर सिंह वीर के साथ मेरा सामना ।एक लड़की को शक्ति के द्वारा कैसे परेशानी से गुजरना पड़ा।अगर आप ने वो वीडियो नहीं देखा तो आप वो वीडियो जरूर देखो मैं उसका लिंक निचे मिल जाएगा अगर आप अन्य वीर की कर रहे है ।आप जानकारी व्यक्ति से जरूर पूछ कर करे।भूत साधना , कुछ लोग भूत को औरत के पीछे लगा देते है जिसे वो भूत उस औरत के साथ भोग करता है । बेताल साधना , जिन्नात साधना , क्षेत्रपाल साधना ,पिशाच साधना , काला कलवा साधना , तो यह साधना शादीशुदा साधक को अपनी ज़िंदगी में कभी करनी चाहिए ऐसे जगह पर भी नहीं जाना चाहिए जहां पर इन शक्तिओ का वास हो
अगर आप का इस वीडियो के संबन्धी कोइ सवाल है नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे
एक और वीडियो भी बनाया है । अप्सरा साधना के क्या लाभ है और हमारे ज़िंदगी में इस का क्या महत्व है ! सभी अप्सराओ का सुभावो अलग अलग है कोइ अप्सरा अपने साधक को प्रिमका की तरह मुधरवाणी और मुधर नोक झोक से साधक रीझाती है । कोई अप्सरा का सुभाव कामुकता पूर्ण होता है भाव के तमोगुण परवर्ती होती है । और भाव के तमोगुण परवर्ती होने के कारन इस का सुभाव थोड़ा से गुस्से वाला भी होता है ।
अगर कोई वियक्ति या साधक उसकी इच्छा की उलग्ना करता है तो वो अप्सरा उस साधक को श्राप दे देती है । तो ऐसी ही परवर्ती वाली अप्सरा उर्वशी है इतहास में ऐसा जिक्र है । एक बार स्वर्ग में अर्जन गए वहाँ पर उर्वशी अप्सरा ने की सुंदरता को देखा। तो और उस की सुंदरता को देख कर वो आकर्षित हो गई ।
और उसके मन में काम वासना जाग गई । उर्वशी ने अर्जन के समक्ष विलास करने की इच्छा ज़हर की पर अर्जन ने मना कर दिया तो उर्वशी ने बहुत हाथ किया फिर भी अर्जन न माने तो उर्वशी ने अर्जनको श्राप दे दिया किन्नर होने का।
मेरा एक दोस्त है रणवीर सिंह दिल्ली से है उसने यह साधना की थी । तो साधना के दिनों में वो अपनी प्रेमका से मिलने गया तो उर्वशी अप्सरा को अच्छा नहीं लगा तो उर्वशी अप्सरा ने उसको माना कर दिया । और उसकी यह धमकी भी दी के अगर तुम उससे दुबारा मिले तो मैं उसको मार डालू गी ! तो रणवीर ने इस बात को हल्के में लिया और उसको दुबारा मिलने के लिए चला गया ।
रास्ते में उस लड़की का एक्सीडेंट हो गया और वो लड़की मरने से बची कहने का मतलब यह अप्सरा बहुत हठले सुभाव की है जो यह कहती है वो कर भी देती है । अगर आपकी कोई गर्ल फ्रेंड है तो आप यह साधना न करे । इस साधना के दौरान रणवीर सिंह के साथ किया हुआ उस साधना का अनुभव हुए उसके लेया एक अलग से वीडियो बनाऊगा ।
उर्वशी अप्सरा की उत्पति नर नारायण की जंगो से हुई है एक समय नर नारयण नाम के ऋषि तपस्या कर रही थे। देवराज इंदर को लगा के कोइ साधक मेरे इंद्रा आसान को हथिआने के लेया कठोर साधना कर रहा है। तो उसने तपस्या भंग करने के मेनका रंभा नामकी अप्सरा भेजी। उन अप्सरो पर देवराज इंद्रा को गर्व था ।
और इन अप्सरो को अपनी सुंदरता पर कहकर भी था हम से सुन्दर कोइ अप्सरा नहीं। पर वो अप्सराएँ नर नारयण की तपस्या भंग नहीं कर पाई । नर नारयण ने इन अप्सराओ का सुंदरता का अहंकार तोड़ने के लिए अपनी जांघो से उर्वशी अप्सरा को उत्पान किया । उर्वशी अप्सरा मेनका रंभा अप्सरा से कही जायदा खूबसूरत थी।
नर नारयण की जंगो से उत्पान कारन यह अप्सरा में तमोगुण सुभाव मोजूद है इस लेया यह थोड़ी सी हठी क्रोधी और कामुक सुभाव की है । ऐसा भी नहीं है यह कोइ बुरी साधना है। विश्वामित्र जी ने इस साधना को इस अप्सरा को सिद्ध किया जिंदगी में सभी भोगो को भोगा विश्वामित्र के बाद उनके शिष्य भूरिश्रवा, चिन्मय, देवसुत,गन्धर, और यहां तक कि देवी विश्रा और रत्नप्रभा ने भी उर्वशी सिद्ध कर जीवन के सम्पूर्ण भोगों का भोग किया।
गोरखनाथ ने भी इस साधना के माध्यम से चिरयौवन प्राप्त किया । और भी बड़े महापुरषो ने इस साधना को करा। मैं इस साधना को बुरा नहीं कह रहा हु मैं इस अप्सरा के सुभाव से आप लोगो को अवगत कर रहा हु के इस साधना में आप को यह चनौतीओ का सामना करना पड़ सकता है यह साधना के चनौती पूर्ण साधना जो इस के हठ को पूरा कर सकता है वो ही इस साधना को करें। जय महाकाल
बगलामुखी महाविद्या 10 महाविद्या में से एक है। माता के लिए दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या को मा बगलामुखी देवी स्तंभ कहा जाता है| कलियुग के समय में बगलामुखी की साधना से सभी कार्य शीघ्र सिद्ध हो जाते हैं| क्या बगलामुखी महाविद्या, जप मंत्र और अनुष्ठान से मारने के लिए त्वरित फल मिलेगा, मोहन, उच्चाटन, वशीकरण, दुष्ट ग्रहों की शांति, मनचाहे व्यक्ति की युति, धन लाभ, शत्रुओं का नाश और मुकदमे जीतने के लिए आप यह साधना करे | तंत्र-चास्त्र में इसे ब्रह्मास्त्र विद्या, षट्कर्माधार विद्या, , स्तम्भेनी विद्या, त्रिलोकीय स्तम्भेनी मन्त्र संजीवनी विद्या, प्राणी प्रज्ञापहारिका आदि अनेक नामों से संदर्भित किया गया है। मां बगलाखोखी साधक की इच्छाओं को पूरा करती हैं। मां बगलामुखी की साधना करने से व्यक्ति को स्तम्भन, आकर्षण, वशीकरण, विवासन, द्वेष, मारन, उच्चाटन आदि और अपनी मनोवांछित इच्छाओं को प्राप्त करने में सक्षम होता है।
भगवती बगलामुखी महारुद्र की शक्ति है। इस शक्ति की पूजा करने से साधक जानो शत्रु और दुखों का दूर हो जाते है । हालांकि बगलामुखी की पूजा सभी कार्यों में सफलता प्रदान करती है, लेकिन देवी बगलामुखी के अनुष्ठान सबसे अच्छे, प्रभावी और उपयुक्त हैं, विशेष रूप से युद्ध, संघर्ष, शास्त्र, मुकदमों और प्रतियोगिताओं को जीतने के लिए, अधिकारी या समय के अनुरूप, खुद पर अनावश्यक अत्याचारों से बचने और किसी को सबक सिखाने के लिए आप यह साधना कर सकते है । इस साधना का अभ्यास असभ्य रोगों से छुटकारा पाने, दुश्मन से छुटकारा पाने, संकट को दूर करने और नवग्रहों की दोषों से छुटकारा पाने के लिए भी किया जा सकता है। देवी बगलामुखी शक्ति का केंद्र है। देवी का यह रूप शत्रुओं का नाश करने, शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए पूजा करता है।
पीतांबरा के नाम से प्रसिद्ध देवी बगलामुखी की शक्तियां असीमित हैं, तीनों लोक में उनके जैसा बलवान कोई नहीं है, भले ही आपके किसी शत्रु ने आप पर तंत्र का प्रयोग किया हो, तो यह आराधना मात्र से उस बाधा को दूर करती है। बगलामुखी अपने साधक के दुश्मनों के सभी प्रयासों को विफल कर देती है। श्री बगलामुखी का परिचय आध्यात्मिक रूप में भगवान की विनाशकारी शक्ति है जो दुश्मनों को भौतिक और आध्यात्मिक रूप में नीचे रखना चाहता है। पितंबरा विद्या के नाम से मशहूर बगलामुखी को अक्सर दुश्मन के डर से मुक्त होने के लिए अभ्यास किया जाता है।
कुछ साधको का यह प्रशन होता है हम कोण सी
महाविद्या की साधना करे ?
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मेरा उन साधको के लेया यह जवाब है कोई भी महाविद्या करने से पहले आप उस महाविद्या के बारे में आप ज्ञान हासिल करो । फिर उन की साधना बारे में आप को पता चल जाएगा कोण सी महाविद्या साधना आप के लिए उचित है । वैसे तो हर महाविद्या अपने आप में पूर्ण है
पर फिर भी के लेया जो स्पेशल है आप की विशेष मनोकामना के लिए । इस के लेया आप हमारे दस महाविद्या पर वीडियो आने वाले है । आप वो जरूर देखे आप पता चल जाएगा । आप को कोण सी साधना करनी है । अभी के लेया मैं कमला महाविद्या पर जनक्रारी उपलब्द है । आप वो वीडियो देखो बाकी की जानकारी के लेया हमारे चैनल के साथ जुडो
अब अपने विषय पर आते है
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माँ बगलामुखी की साधना baglamukhi sadhna एक प्राचीन और गोपनीय साधना है इस साधना की जानकारी किसी भी आगम निगम ग्रंथो में उपलब्ध नहीं है । इस साधना की महिमा के बारे में जरूर बताया गया है । और इस के स्तोत्र और पूजा पाठ की जानकारी जरूर उपलब्ध है । यह साधना की जानकारी गुरुजनो से प्रपात की जा सकती इस की दीक्षा हासिल करके इस साधना को सिद्ध किया जा सकता ।
माँ बगलामुखी साधना baglamukhi sadhna दीक्षा
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वैसे यह साधना दुर्लभ है इस साधना के गुरु आप को बहूत मुश्किल से मिलेंगे ! वैसे तो यूट्यूब पर बहुत सारे नकली गुरु मिल जाऐगे पर २१०० , ५१०० , लेके साधना करवा देंगे । असल जानकारी वाला गुरु आप को बहुत मुश्किल से प्रपात होगा । कुछ सम्प्रदा के लोगो से इस महाविद्या की साधना प्राप्त की जा सकती है । जैसे के नाथ सम्प्रदा और कौलान्तक सम्प्रदा उन सम्पर्दो से आप बगलामुखी साधना की दीक्षा प्रपात कर सकते है । Baglamukhi Chalisa बगलामुखी चालीसा
माँ बगलामुखी कथा
एक बार सत्युगा में उत्पादित ब्रह्मांडीय तूफान का जन्म हुआ, ता जिससे पूरी दुनिया नष्ट हो रही थी । दुनिया की रक्षा करना असंभव लग रहा गया। यह तूफान आगे बढ़ रहा था , यह देखकर कि भगवान विष्णू जी को चिंता होया। इस समस्या के समाधान के लिए, उन्होंने शिव के देवता को याद किया, फिर भगवान शिव ने कहा: शक्ति के बिना , कोई भी इस विनाश को रोक नहीं सकता है, इसलिए आप उनके आश्रय जाओ। तब भगवान विष्णु जी हरिद्रा सरोवर के पास पहुंचने कर कड़ी तपस्या की । विष्णु के तपस्या से देवी खुश हुई । बगलामुखी साधना से खुश होकर । सौराष्ट्र क्षेत्र की झील पर,बगलामुखी परगट होता है। लौकिक तूफान जल्दी से बंद हो जाते हैं। उस समय मंगलमय देवी बगलामुखी का प्रादुर्भ होता है ! यह देवी बगलामुखी कथा है
माँ बगलामुखी साधना के लाभ baglamukhi sadhna benefits
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बगलामुखी मंत्र लाभ
आर्थिक उन्नति
भगवती बगलामुखी की किरपा से हर इच्छा पूरी हो जाएगी। साधना का यह विशेष प्रभाव यह है कि साधना करने वाले साधक को कभी भी पैसे की कमी नहीं रहती है। भगवती कृपा से, वह सभी प्रकार से धन प्रपात करता है। वर्तमान युग में पैसे की अनुपस्थिति में, कोई काम पूरा नही सकता । यदि पैसे की कमी है, तो कोई मित्र नहीं है या समाज में इसका सम्मान करता है। इस साधना के प्रभाव से, धीरे-धीरे साधक अपने सभी कार्यों में सफल होने लगता और पैसे के रास्ते खुलजाते है ।
ग्रह शांति
यदि आपके कुंडली में ग्रह हैं तो खराब या कमजोर फल या पीड़ा दे रहे हैं, तो उस स्थिति में मां को बगलामुखी मन्त्र से अत्यधिक लाभ मिलते हैं। सभी ग्रह से शांती मिलती हैं।बगलामुखी मन्त्र कुंडली में ग्रह के नकारात्मक प्रभाव से रक्षा प्रदान करता है।
कोर्ट कचहरी एवं मुकदमों से मुक्ति
यदि आप कचरी कोर्ट और मुकदमों से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको माँ बगलामुखी के मंत्रों का जाप दीक्षित हो कर करना होगा या योग्य साधक से करवाए
माँ बगलामुखी साधना अनुभव baglamukhi sadhana real experience
baglamukhi sadhana real experience मेरा साथ स्कूल टाइम से एक लड़का पड़ता था । जिस का रमेश था वो गरबी घर से था । उस की माँ लोगो के घर में बर्तन माँझ कर घर का गुजारा चलाती थी । और उसका बाप भी रोडी कूटता था । स्कूल के बाद रमेश को भी यह काम करता था । और उसकी बहन को भी यहीं काम करना पड़ता । संडे के दिन वो सारा दिन यहीं काम करते । बगलामुखी शाबर मंत्र
गर्माओ के दिन थे उसकी छोटी बहन को काम करते हुए अटैक आ गया जिसके कारन उसकी मोके पर मौत हो गई । इस लिए वो यह काम नहीं करना चाहता था तो उसका सपना फौजी बनने का था । मैं हमेशां उसको खाने के लिए कुछ न कुछ जरूर देता था इस लिए वो मेरे दोस्त बन गया था । मेरे दोस्त उससे जलते थे । कुछ समय बाद स्कूल ख़तम हो गया । तो बहुत टाइम बाद मैंने रमेश को किसी के घर में काम करते देखा तो मैंने उससे पूछा के तुम तो फौज में जाने वाले थे तुम्हारा किया हुआ तुम्हे नौकरी नहीं मिली । महामारी और दुश्मनों पर विजय के लिए की जाती है बगलामुखी माता की पूजा
नौकरी मेरी किस्मत में कहाँ मेरी किस्मत में यही लिखा लोगो के घर में नोकर बनना लिखा है । हर बार मैं टैस्ट देने के लिए जाता हु पर किसी न किसी चीज में मैं रह जाता है । मैंने बहुत बार अप्प्लाई कर चूका हु । और भी मैंने बहुत नौकरीया के लिए अप्लाई किया हर बार मैं असफल रहा ।
तो मुझे उस पर बहुत तरस आ रहा था । मैं बहुत जल्दी किसी को देख कर दिया आ जाती है तो मैंने इस का भला करने का सोचा । फिर मैंने उसको माँ बगलामुखी साधना baglamukhi sadhna करवाई । कुछ दिन बाद ही उसने साधना में सिद्ध प्राप्त करी । फिर मैंने उसको बोला के तुम सरकारी नौकरी के लिए अप्लाई करो । अब तुम्हारी जॉब पका लग जाएगी । फिर पुलिस की भर्ती के लेया अप्प्लाई किया और उसका नौकरी में सिलेक्शन हो गया । Baglamukhi Beej Mantra Sadhana (बगलामुखी बीज मंत्र साधना )
उसने इस विद्या को आजमाने के लेया और बहुत जगह नौकरी के लिए हर जगह उसका सेलक्शन हो गया ऐसे उसने ७ बार अप्लाई किया । फिर उसने बड़ी बड़ी प्रतियोग्यता में हिंसा लिया हर प्रतियोगता में सफलता हासिल किया । आप इस विद्या के माध्यम से किसी से भी जीत हासिल कर सकते है ।
यहाँ तक आप अपने कर्मो से और भाग्य से जीत हासिल कर सकते है । आज समय में हर एक चीज का कम्पटीशन चाहे वो कारोबार ,पढ़ाई लिखाई , वहाँ दूसरे व्यक्ति से अच्छे नंबर प्रपात करने की दौड़ लगी है । अपने प्रतियोगी से जितने के लिए आप इस साधना को कर सकते है । एक वियक्ति जो पंजाब का रहने वाला था उसका नाम नहीं कॉपीराइट या कोइ और दिकत हो सकती है । बगलामुखी शत्रु विनाशक मंत्र
आप खुद ही समझ लेना उसने शक्तिओ माध्यम से 285 बार पहलवानी जीत हासिल करी । उसके बाद उनको फिल्म लाइन में बहुत काम किया और सफलता हासिल की । कुछ राजनितिक लीडरों ने पिछले चुनाओ में बगलामुखी की किरपा से जीत हासिल करी उस पार्टी की जितनी की उम्मीद बहुत कम थी । अगर आप पर कोई झूठा मुकदमा में आप को जान बूझ कर फस्या गया है । तो आप ऐसे मुकदमे में विजय हासिल कर सकते है । पुराने से पुराने केस में विजय हासिल कर सकते है ।
माँ बगलामुखी को ब्रह्मास्त्र Baglamukhi Brahmastra कहा जाता है ?
Baglamukhi Brahmastra – यह महाविद्या बहुत तीव्र है । इस लिए इस महाविद्या को ब्रहास्त्र महाविद्या कहा जाता है । जायदातर लोगो को यह नहीं पता है के इस महाविद्या को ब्रहास्त्र महाविद्या क्यों कहा जाता है । इस महाविद्या के तीव्रता पूर्ण काम करने के कारन इस को ब्रहास्त्र महाविद्या कहा जाता है आज समय हम अगर किसी चीज की तीव्रता की उदहारण गोली से देते है फाल्नी चीज़ बंदूक की गोली की तरह काम करती है । उस समय बंदूक नहीं होती थी इस समय अस्त्रों शास्त्रों का जमाना था । किसी चीज़ की तीव्रता को अस्त्र शास्त्रों से बताया जाता था । अस्त्र शास्त्रों में सब से तीव्र ब्रहास्त्र था । माँ पीताम्बरा मंत्र
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इस लेया इस को ब्रहास्त्र महाविद्या कहा जाने लगा maabaglamukhi । यह एक महाविद्या जो हर काम में सक्षम है । पर इस का मतलब यह नहीं है के आप इस विद्या को हर छोटे मोटे काम के लिए इस्तमाल ना करो । यह एक महाशक्ति है जो बरह्मांड की स्वामी है यह महाविद्या है कोई खेलौना नहीं है । आग के साथ खेलो गए तो हाथ जल सकता है इस लिए सबसे विनती इस महाविद्या का प्रयोग बहुत जरूरत पड़ने पर ही करो । मां बगलामुखी कवच
मां बगलामुखी मंदिर video
दुनिया भर में स्थित मां बगलामुखी के ३ मंदिर है । ये मंदिर ही नहीं सिद्ध पीठ भी हैं। यहां आने पर सभी प्रेमियों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मां बगलामुखी मंदिर के में जाने पर कोई भी प्रेमी खाली हाथ नहीं लौटता। मा बगलामुखी का एक प्रसिद्ध मंदिर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है और दूसरा मंदिर मध्य प्रदेश के नलखेड़ा में स्थित है जबकि तीसरा मंदिर भी मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित है
अभी कुछ समय पेहले ही मुझे एक खुशखबरी प्रपात हुई है निर्मल जो मेरा शिष्य है उसने दो शक्तिओ का परतक्षीकरण हासिल किया है एक महाकाली का और एक मासनी देवी का ! यह मेरे लेया बहुत खुशी की बात है ! मैंने पहले भी जब उसने पंचपीर साधना सिद्दी प्रपात की थी उसका भी मैंने एक वीडियो डाला था साबूत के साथ वो मेरे चैनल पर मजूद है ! तो आप वो विडिओ भी देखो जिसने नहीं देखा है ! अगर आप मेहनत करोगे आप भी सिद्धया हासिल कर सकते है !
बगलामुखी मंत्र के नुकसान माँ बगलामुखी साधना कोई नुकसान नहीं होता अगर आप गुरु के आदेश में करती है अगर आप अपनी मंर्जी से करेंगे तो नुक्सान जरूर होगा मां बगलामुखी मंत्र मां बगलामुखी यंत्र के लेया फ़ोन कर सकते है
अगर आप को इस महा विद्या के बारे में और अधिक जानकारी चाहिए तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में लिखे जय महकाल
Lama Tibet Tantra लामा तिब्बत तंत्र का वशीकरण साधना गुरु मंत्र साधना। कॉम में स्वागत है आज हम लामा वशीकरण साधना के बारे में चर्चा करेंगे यह साधना बहुत ही तीव्र साधनो में से एक है।इस ककी साधना करके किसी भी वियक्ति को अनुकूल बनाया जा सकता है । लामा पद्धति से किया गया तंत्र बहुत प्रभावशाली होता है ।मेरे गुरुदेव ने इस साधना को लामा लोगों से प्रपात किया है।यह मंत्र पहले से ही जागरित है ! इस में आप को सिद्ध करनी की जायदा आवश्यकता नहीं पड़ती है ! लामा लोगो के जायदातर मंत्र पहले से ही जागृत होते है इस पे जायदा मेहनत करने की जरूरत नहीं होती है ! अगर किसी का उपयोगी पुत्र-पुत्री पथभ्रष्ट हो गए है अर्थात गलत कामो में लग गए है ! बहुत प्रयास करने के बाद भी सम्मार्ग नहीं आ रहे है तो आप उन को सही रास्ते पर लाने के लिए इस विद्या का प्रयोग कर सकते है ! अगर किसी की प्रेमका या पत्नी किसी को छोड़ कर चली गई है तो वो लोग भी इसका प्रयोग कर सकते है ! इस प्रयोग को बहुत बार आजमाया जा चूका है Lama Tibet Tantra लामा तिब्बत तंत्र का वशीकरण साधना
Lama Tibet Tantra लामा तिब्बत तंत्र का वशीकरण साधना रघुवीर सिंह गुरु जी का पराम् शिष्य में से एक था जो गुरु जी का प्रमुख्य शिष्य भी था वो एक रिश्तेदारी में गया तो उसको वहां पर लड़की पसंद आ गई ! तो वो उस के साथ शादी करना चाहता था।। इस में गुरु जी से साधना लेना चाहता था जिसे उसकी शादी उस लड़की के साथ हो सके उसको समझ नहीं आ रहा था के वो गुरु जी के साथ कैसे बात करे इस बारे में उसको शर्म आ रही थी। उसने मेरी मदद लेनी चाही तो मैंने उस को मना नहीं किया और गुरु जी से इस बारे में बात करी और वो मेरी बात सुनकर हसे और बोले उसको मेरे पास भेजो। तो मैंने उसको गुरु जी के पास भेजा और उनहोने कहा यह बात मुझे डरकेट कह सकते थे मैंने तुम्हारी मदद जरूर करूँगा । Lama Tibet Tantra लामा तिब्बत तंत्र का वशीकरण साधना
Lama Tibet Tantra लामा तिब्बत तंत्र का वशीकरण साधना उन्होने उसे तिब्बत तंत्र का लामा वशीकरण साधना की दीक्षा दी ! इस प्रयोग में एक बूटी को पहले न्यौता देकर आना था वो अगले दिन उस बूटी को न्यौता देने के लिए ! उस बूटी के पास गया तो वो बूटी देवी के रूप में उस साधक के सामने परत्यक्ष होती है और वो कहती है मैं तुम्हारे साथ नहीं चलूँगी तो वो फिर गुरु जी के पास गया गुरु जी ने बताया वो ऐसे नहीं जाएगी जब अगले बार जब न्यौता देने के लिए जाओगे तो अपनी अनिमिका अंगुली से छोड़ा से चीरा लगाकर खून टपका देना तो वो जाने के लिए मान जाएगी अगले दिन उस ने ऐसे ही किया तो वो जाना के लेया मान गई ! यह प्रयोग तीन से चार दिन का था रघुवीर सिंह ने यह प्रयोग पूरा किया उस की शादी उस लड़की के साथ हो गई ! वो इकलौती लड़की थी और वो अमरी घर की लड़की जिसके कारन उसकी सारी प्रॉपटी रघुवीर सिंह को मिल गई अब उसके पास पैसे की कोई कमी न थी ! मन चाही पत्नी पाने के लिए यह राम बाण प्रयोग है Lama Tibet Tantra लामा तिब्बत तंत्र का वशीकरण साधना
Lama Tibet Tantra लामा तिब्बत तंत्र का वशीकरण साधना तिब्बत के प्रसिद्ध तांत्रिक यागू ने स्वीकार किया है. अगर इस प्रयोग को शेर पर किया जाए वो पालतू बिल्ली की तरह हो जाता है यह प्रयोग इतना प्रभावकारी है यह प्रयोग गोली की तरह काम करता है ! इससे बंदूक की तरह तीव्र रिजल्ट पाया जा सकता है ! चाहे वो वियक्ति कितना भी कठोर दिल है या सख्त उस को भी वश में किया जा सकता है तिब्बती लोगो ने इस प्रयोग के माध्यम से राजाओ को वश में करके लम्भे समय तक राज किया कहने का मतलब यह है के इस प्रयोग को हर क्षेत्र में इस्तमाल करके लाभ प्रपात किया जा सकता है ! अगर आप का बॉस आप के साथ सख्त व्य्वहार करता है तो आप यह प्रयोग का इस्तमाल कर सकते है ! अगर किसी का उपयोगी पुत्र-पुत्री पथभ्रष्ट हो गए है अर्थात गलत कामो में लग गए है ! बहुत प्रयास करने के बाद भी सम्मार्ग नहीं आ रहे है तो आप उन को सही रास्ते पर लाने के लिए इस विद्या का प्रयोग कर सकते है ! मनचाही पत्नी पाने के लिए इस का प्रयोग कर सकते है ! अगर आप का कोई सवाल है तो आप कमेंट बॉक्स में लिखो Lama Tibet Tantra लामा तिब्बत तंत्र का वशीकरण साधना
कुंडलिनी विज्ञान और तंत्र Kundalini vigyan aur tantra
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कुंडलिनी विज्ञान और तंत्र Kundalini vigyan aur tantra ph.85280 57364
कुंडलिनी विज्ञान और तंत्र Kundalini vigyan aur tantra ph.85280 57364 दिव्य तंत्र मंत्र से धन्य हो जाती है। यंत्र कुंडलिनी आइए इन चार बातों के बीच के रिश्ते को समझते हैं। आइए सबसे पहले इन चार चीजों में से हर एक को परिभाषित करते हैं। एक तंत्र एक सूत्र एक तकनीक एक विधि है शायद कुछ चीजों को प्राप्त करने के लिए एक शॉर्टकट विधि एक मंत्र अनिवार्य रूप से उस शब्द या एक वाक्यांश या कविता या उस मंत्र यंत्र से जुड़े ध्वनियों या आवृत्तियों के एक सेट के साथ एक विशेष ध्वनि आवृत्ति के साथ एक शब्द है एक मूर्ति जैसे एक मूर्ति जैसे त्रिआयामी वस्तु या यहां तक कि एक पेंटिंग कुंडलिनी हमारी जीवन शक्ति है जो हमारे अस्तित्व को नियंत्रित करती है। Kundalini vigyan aur tantra
एक इंसान यह हमारी कोशिकाओं के अस्तित्व को नियंत्रित करता है दुनिया के स्वस्थ कामकाज हमारी कोशिकाओं और हमारे मन के स्वस्थ कामकाज और यह जीवन शक्ति है कि हम एक इंसान के रूप में कितने सफल रहे है अब तंत्र और कुंडलिनी पर गुस्से का विषय क्या है अतीत में लोगों को पता नहीं था कि कैसे कुंडलिनी शक्ति को बढ़ाने के लिए तो वे गुस्से का आवेश प्रवेश हमारी तीन अलग तकनीकों प्रवेश मूलधारा से कुंडलिनी शक्ति को उठाना Kundalini vigyan aur tantra
चक्र से विषमता चक्र हल्का ईथर कण जा रहा है। ये जीवनबल कण पृथ्वी के केंद्र से दूर जाते हैं यही कारण है कि हम पहली जगह में लंबा हो जाते हैं । लेकिन चौदह की उम्र के बाद या तो कण या ऊर्जा कण एक संतुलन में आते हैं । उनके पास शरीर को पृथ्वी के केंद्र से दूर खींचने की ताकत नहीं होती । क्योंकि पृथ्वी एक घंटे में लगभग हजार मील की दूरी पर घूर्णन करती है । अपनी धुरी के आसपास भारी कणों केंद्र की ओर खींचे गए थे । और हल्के कणों को केंद्र से दूर फेंक दिया गया था और या तो हल्के कणों यह पृथ्वी के केंद्र से बाहर जाने के लिए जाता है और इसलिए शरीर के बारे में 6 फुट या तो एक इंसान के लिए एक औसत पर बढ़ता है । Kundalini vigyan aur tantra
और उसके बाद जीवन शक्ति के पास शरीर को ऊपर की ओर खींचने की ऊर्जा नहीं होती है । लेकिन स्वभाव से यह संतुलन पर रहता है संतुलन मानव शरीर के 3-आयामी केंद्र में केंद्र या ऑर्ट एक्स बनाकर हासिल किया जाता है । जो मानव कशेरुका की पूंछ की हड्डी के आसपास केंद्रित होता है । जैसे तंत्र मंत्र और वह एंथ्रेक्स यह एक मानव के लिए संभव था उदाहरण के लिए केंद्र को मूलधारा चक्र से अग्नि चक्र में स्थानांतरित करें जो । कुछ मंत्रों का जप करके या कुछ त्रि-आयामी या दो-आयामी वस्तुओं की कल्पना करके या कुछ प्रतीकों और सच्चे प्राणायाम बनाकर भौंहों के बीच में पीयूष ग्रंथि से जुड़ा हुआ है । Kundalini vigyan aur tantra
तकनीक और इतने पर और आगे इस केंद्र स्थानांतरण प्रक्रिया तथाकथित कुंडलिनी जागृति प्रक्रिया अतीत में प्राप्त किया गया था। आज इस तरह के तरीकों आवश्यक नहीं है हमारे गुरु श्री barratry महर्षि द्वारा हमें दिया एक सरलीकृत कुंडलिनी योग प्रणाली है । जिसके द्वारा एक प्रशिक्षित शिक्षक के सरल स्पर्श के साथ इस कुंडलिनी हो सकता है । Kundalini vigyan aur tantra
मूलधारा चक्र से अग्नि चक्र और अन्य सभी चक्रों तक एक आकांक्षी के लिए उठाया गया । सहजता से आकांक्षी भी जीवन शक्ति पर आसानी से और सहजता से ध्यान करने में सक्षम होगा और तथाकथित कुंडलिनी और किसी भी चक्र में जीवन शक्ति के कंपन को महसूस करेगा कि वह किसी भी चक्र में जीवन शक्ति के कंपन को महसूस करता है। कि वह किसी भी समय दीक्षा प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद चाहता है मुझे आशा है कि अब आप तंत्र-मंत्र और यंत्र के बीच संबंधों को समझेंगे और कुंडलिनी बल परमात्मा से धन्य हो Kundalini vigyan aur tantra
अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra गुरु मंत्र साधना। कॉम में स्वागत है । अप्सरा साधना के विषय में आज कुछ जानकारी देना चाहता हूं कुछ लोग ऐसा मानते हैं मेरा तंत्र वगैरह झूठ है । लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है साधना सभी होती है ।
बस फर्क माननीय ना मानने का है वह इससे कोई फर्क नहीं पड़ता आपके माने ना माने से । जहां तक अप्सरा साधना के विषय में साधना की जानकारियां यूट्यूब पर दी जा रही है वह गलत है। अप्सरा साधना मैंने की है और मैंने लाभ पाया है और होती है । सभी की साधना होती है यह बातें करेगा कि आपकी माने ना माने से नहीं होती। लेकिन मेरा जहां तक अनुभव है की साधना है सब में साधना है
कोई विशेष क्रियाकलाप की आवश्यकता नहीं है मेरा मानना है कि अप्सरा साधना में जो गुरु होते हैं मेरा जो अनुभव है । मैंने यह देखा है कि वैसे तो अप्सरा साधना सभी श्रेष्ठ है। सभी साधना अपनी-अपनी जगह पर स्थान रखती यात्रा साधना अपने आप में एक महत्त्व रखती है ।क्योंकि दैविक शक्ति है ।
लेकिन हर अप्सरा का अपना गुण होता है जैसे मैं आप को उदहारण देकर समझता हु। जैसे एक इंसान है एक इंसान इंजीनयर होता है एक इंसान डॉक्टर है पर सब में अपने अपने गन होते है । उसमें लेकिन कुछ क्रियाकलाप का भेद है तो इसी तरह हर अप्सरा का अपना एक गुण है ।
पूजा पाठ नित्य करनी चाहिए लेकिन पूजा पाठ का अपना एक अर्थ होता है क्योंकि यह देखा गया है कि अध्यात्म में दो चीजों को दो चीज बांटी गई हैं । एक आध्यात्मिक को भक्ति के ऊपर बाटा गया है । और एक कामना पूर्ति के ऊपर भक्ति के की जहां तक बात है कि भगवान को छोड़कर केवल तंत्र के पीछे भी नहीं लगना चाहिए। भगवान को चाहने वाला तंत्र को प्राप्त नहीं कर सकता है । अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
यह भी बात गलत है क्योंकि भक्ति में जहां तक मेरा मानना है अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
क्योंकि मैं भी हम भी भक्ति करते हैं तो भक्ति ने एक बार जाना है कि भक्ति रिनित्य करनी चाहिए उसमें कामना नहीं होनी चाहिए और जीवन काम ना हो और जीवन में लेकिन कुछ कामनाएं होती है । हम तंत्र से कर सकते हैं और निष्काम भक्ति की पूर्ति हम उससे कर सकते हैं।
दोनों को एक ही जीवन में हम चला सकते हैं ऐसी कोई बात नहीं है क्योंकि तंत्र की जो क्रियाएं हैं वह केवल घंटे 2 घंटे सभा 2 घंटे 3 घंटे इतनी बड़ी क्रिया है । क्योंकि इससे ज्यादा तंत्र का कोई महत्व नहीं है और वैसे तो दोनों चीजों को आज दोनों चीजों को करना चाहिए ।
मनुष्य को लेकिन मेरा जहां तक मानना है । तंत्र में भी क्योंकि मैं तंत्र का कर रहा हूं मैं तंत्र को मैं जानता हूं । मैंने तंत्र को समझा है समझने का प्रयास कर रहा हूं । क्योंकि मैं क्षेत्र में अभी कोई ज्यादा समय न हुआ है मुझे करीब नहीं तो 1 5 साल से ही लगा हुआ हूं ।मेरा मानना है अप्सरा साधना की साधना करनी चाहिए जरूर करनी चाहिए और अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
अप्सरा साधना एक अच्छी साधना है और बेहतरीन साधना है जरुर कीजिए । औ जहां तक मेरा मानना साधना कोई भी हो मित्रों तंत्र को जानो और सौम्या क्रियाओं को पकड़ो ना कि उनके यहां को उग्र क्रिया को पकड़ो । पूजा पाठ में यह नियम लागू नहीं होता अप्सरा साधना के साथ मां दुर्गा की पूजा कर सकते हैं
तो सबसे पहले एक बात विशेष याद रखना चाहिए यदि उन्नति करना चाहते हो हम जीवन में तरक्की नहीं पा सकते हैं विजय मैंने देखा है अपने जीवन में मैंने प्रेम महसूस किया ।आपने जीवन में यम यम नियम करते हैं तो सारी चीजें व्यवस्थित होती हैं । और नियम को तोड़ते हैं हम तो सारी चीज अव्यवस्थित हो जाती है ।वही चीज अवस्थित हो जाती है चाहे वह कुछ भी ले लो । मेरी ज़िंदगी का तुजुर्बा है । अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
apsara sadhna aur tantra नियम पकड़ो जिसके जीवन में वह नियम नहीं टूटे । यह बात और है कि हमें कहीं जरूर अर्जेंट काम जाना है वह बात अलग है । उसके नियम तोड़ने किस दिन का नियम पूरा कर लिया उस नियम को तोड़ नहीं यहां पर हम यह सोचे कि किस दिन में हमको बहुत कुछ उपलब्ध हो जाए ऐसा भी नहीं सोचना चाहिए ।
नियम को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बना लो इसका नतीज़ा आप को कुछ समय बाद प्राप्त होगा तब आप अपने आप पर गर्व करोगे । अगर कोई वियक्ति किसी चीज़ को पाने की मेहनत और नियम के साथ करता है तो वो चीज़ को वो वियक्ति हासिल कर लेता है इस में कोई संदेह नहीं है । अध्यात्म से जुड़े रहिए भक्ति से जुड़े रहिए और क्रिया से जुड़े रहिए अप्सरा साधना अवश्य कीजिए कोई दिक्कत नहीं साधना करने में आप इस साधना को जरूर करो
जय महाकाल अप्सरा साधना और तंत्र apsara sadhna aur tantra
नाभि दर्शना अप्सरा साधना nabhi darshana apsara sadhna गुरु मंत्र साधना डॉट कॉम में आप सबका स्वागत है । दर्शना अप्सरा के संबंध में बात करेंगे नाभि दर्शना अप्सरा पर मुख्य अप्सराओं के अंतर्गत आती हैं ।
तंत्र ग्रंथों के अनुसार इसका रूप नाभिदर्शना, षोडश वर्षीय अत्यन्त सुकुमार और सौन्दर्य की सम्राज्ञी है। उसका सारा शरीर कमल से भी ज्यादा नाजुक और गुलाब से भी ज्यादा सुंदर है। उसके सारे शरीर से धीमी धीमी खुशबू प्रवाहित होती रहती है। जो कि उसकी उपस्थिति का भान कराती रहती है ।
इस अप्सरा की काली और लम्बी आंखें, लहराते हुए झरने की तरह केश और इसे इन्द्र का वरदान प्राप्त है, कि जो भी इसके सम्पर्क में आता है । वह पुरुष, पूर्ण रूप से रोगों से मुक्त होकर चिर यौवनमय बन जाता है ।
जो पुरुष इसके सम्पर्क में आता है, उसे यह हीरे, मोती, स्वर्ण मुद्राओं से एवं विविध उपहारों से प्रदान कर देती है। जीवन भर उस पुरुष के अनुकूल रहती हुई।
.वह उसका प्रत्येक मामले में मार्गदर्शन करती रहती है, मां की तरह साधक को भोजन भी कराती है , प्रेमिका की तरह सुख एवं आनन्द की वर्षा करती रहती है। इस साधना को सिद्ध करने वाला साधक मनवांछित कला और ज्ञान को प्राप्त करता है महाकवि कालिदास जी ने इस साधना महाकवि बनकर संसार में व्याख्या प्राप्त करा महाकवि कालिदास ईश्वर अभिलाष उमंग और आदि में एक राजपुर से कम नहीं थे नाभि दर्शना अप्सरा साधना nabhi darshana apsara sadhna
महाराज भोज भी उनकी इन उपलब्धियों से अनभिज्ञ नहीं थे (नाभि दर्शना अप्सरा साधना nabhi darshana apsara sadhna )
और परस्पर मित्र-भाव होने के कारण अन्ततोगत्वा एक दिन कालीदास ने महाराज भोज के समक्ष इस रहस्य का उद्घाटन भी कर दिया कि ऐसा सब कुछ उनके जीवन में कैसे संभव हो पा रहा है।
राजा भोज के अत्यधिक हठ करने पर एक दिन कालीदास ने राजा भोज के समक्ष नाभिदर्शना को प्रत्यक्ष प्रगट कर दिखा दिया, रूप में, सौन्दर्य में, और यौवन में वह छलकते हुए जाम की तरह थी, उसका सारा शरीर गौर वर्ण और चन्द्रमा की चांदनी में नहाया हुआ सा लग रहा था, पुष्प से भी कोमल और नाजुक नाभिदर्शना को कालीदास के कक्ष में थिरकते देख कर राजा भोज अत्यधिक संयमित होते हुए भी बेसुध से हो गए,
उनकी आंखों के सामने हर क्षण नाभिदर्शना ही दिखाई देती रही। राजा भोज ने ऐसी सुंदरता कभी नहीं देखी थी उस सुंदरता को देख कर दंग रह गए । महाकवि कालिदास जी को यह हीरे, मोती, स्वर्ण मुद्राओं से एवं विविध उपहारों से प्रदान कर देती इस लेया वो राज्य पुरष से कम नहीं थे । अगर आप भी महाकवि कालिदास जी की तरह राजा की तरह ज़िंदगी जीना चाहते हो तो आप यह साधना जरूर करें नाभि दर्शना अप्सरा साधना nabhi darshana apsara sadhna
अधिक जानकारी के लिए तंत्र गुरु जी को संपर्क करें 85280 57364
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रत्नमाला अप्सरा साधना – एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana आपका गुरु मंत्र साधना डॉट कॉम में स्वागत है आज हम रत्नमाला अप्सरा के संबंध में चर्चा करेंगे यह साधना बहुत ही जल्दी सिद्ध होने वाली अप्सरा है ।
यह मात्र 1 दिन में ही अपने साधक के समक्ष प्रकट हो जाती है । अगर आपकी सकारात्मक ऊर्जा कम है तो आपको 2 या 3 दिन करनी पड़ सकती है ।। यह अप्सरा का रूप दूध की तरह सफेद है सम्मोहित चेहरा है एक राजकुमारी की तरह अनमोल वस्त्र गहने पहने हैं और पूरा शरीर रत्नों और हीरे जवाहरात से भरा है इसीलिए इस अप्सरा का नाम रत्नमाला है यौवन, सौन्दर्य से आह्लादित करती है वहीं उसे पूर्ण पौरुष देने के साथ-साथ धन-द्रव्य-आभूषण आदि से भी तृप्त करती ही है।
रत्नमाला अप्सरा साधना अनुभव – एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
यह साधक के साथ मित्र की तरह रहती है माला के संबंध में बात होती है । जब रत्नमाला अप्सरा की बात चलती है तो गौरव का चेहरा मेरे सामने आता है । गौरव हरियाणा का रहने वाला एक व्यक्ति था । उससे पहली बार मेरी बात आज से 7 साल पहले हुई थी गौरव एक प्राइवेट टीचर था ।
जिस की वेतन बहुत कम थी । इसी कारण जिंदगी से परेशान था और उसकी पत्नी इसी कारण उसको छोड़ कर चली गई । उसने बिना किसी गुरु लक्ष्मी मां की बहुत बार करी । फिर भी उसकी गरीबी दूर नहीं होई । उसको मेरा नंबर एक फेसबुक ग्रुप के माध्यम से मिलता है यह 12 या 13 साल पेहले की बात है ।
और टाइम फेसबुक के ऊपर २ या ३ ग्रुप होते थे । अब तो फेसबुक के ऊपर ग्रुप भबाढ़ आ गई अपनी अपनी सारी समस्या मुझे बताएं । उसके मैंने उसकी एक एक सवाल का जवाब बहुत ही सहजता से दिया और उसकी सभी गलत धारणाओं को दूर किया । अब उसकी सब गलत धारणाओं ने दूर हो चुकी थी । उसने अपने मन में दृढ़ संकल्प कर दिया ।एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
रत्नमाला अप्सरा साधना – एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
वो रोज घंटो घंटो साधना के विषय में बातें करता साधना के संबंध में जानकारी को संग्रह करता । फिर उसको मैंने कुछ मंत्र जाप करने को दिए मैं यह देखना चाहता था कि इसका जो बैठने का अभ्यास कैसा है उसका बैठने का अभ्यास बहुत अच्छा था । क्योंकि वह पहले भी बहुत सारी साधना कर चुका था ।
मैंने फैसला करा कि इस की समस्या को दूर करना चाहिए । इसको रतन माला अप्सरा साधना अप्सरा साधना करवानी चाहिए इस से इसकी सारी समस्या दूर हो जाएगी । संयोग से चंद्रग्रहण भी आने वाला था । ग्रहण काल से पहले ही मैंने खूब सारी तैयारी करवा दी ।
साधना के संदर्भ में मैंने बता दिया । चंद्रग्रहण का दिन आ गया जिस दिन का मुझे और गौरव को बेसब्री से इंतजार था और गौरव को साधना शुरू करवा दी । कुछ ही घंटों बाद गौरव की पीठ के पीछे कोमल स्पर्श का अनुभव हुआ गौरव ने आंखें खोली तो देखा कि एक अत्यंत सुंदर 20 वर्षीय लड़की उसके समक्ष थी । उसके शरीर से अपूर्व सौगंध प्रवाहित हो रही थी । गुलाब की तरह से पुंज को देखकर यही महसूस हुआ कि एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
तो यही गौरव ने ऐसा सौंदर्य कभी नहीं देखा था । जिंदगी में जिसको पर सुन्दर्यै के रूप में जानते थे । वह सुन्दर्यै ऊपर एक झूठ था । वो गौरव को एकटक निहार रही थी जैसे वह गौरव को बहुत समय से जानती हो ।
जब गौरव का जाप पूरा हुआ अब अप्सरा ने गौरव अपने बहू पाश में जकड़ लिया । जैसे गौरव की बहुत पुरानी प्रेमिका हो । वो गौरव के साथ कई साल तक रही । गौरव बताता है कि उसका साथ बेहद आनंद मस्ती देने वाला था ।
जब वो गौरव के साथ रहती कुछ पता ही नहीं चलता वक्त को जैसे पंख ही लग जाते हैं । सिद्ध करने के बाद गौरव बहुत अमीर हो गया । बिना मांगे ही अप्सरा गौरव को अनेक पर आभूषण द्रव्य प्रदान करती ।पूरे परिवार की दरिद्रता दूर हो गई । उसके परिवार में किसी भी चीज की कमी नहीं रही । अगर आपको भी अगर आप भी इस साधना को करना चाहते हैं । वह आप हमसे संपर्क कर सकते हैं । एक दिवसीय अप्सरा साधना ek divaseey apsara saadhana
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प्राचीन धूमावती महाविद्या साधना दुर्भाग्य की गूढ़ रेखाओं को मिटाकर सौभाग्य में बदलने की दिव्य क्रिया – फ़ोन 85280 57364
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मणिपूर चक्र सम्पूर्ण जानकारी और रहस्य Manipura Chakra ph. 85280 57364
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नाथ पंथ की महागणपति प्रत्यक्षीकरण साधना भगवान गणेश के दर्शन के लिए ph.85280 57364
नाथ पंथ की महागणपति प्रत्यक्षीकरण साधना दर्शन के लिए ganesha sadhana 85280 57364 नाथ पंथ की महागणपति प्रत्यक्षीकरण साधना भगवान गणेश के दर्शन के लिए ph.85280 57364 गुरु मंत्र साधना। कॉम में आपका स्वागत है। मैं आपके लिए कर ऐसे में प्राचीन नाथ पंथ में चलने वाले उग्र गणपति ganesha sadhana साथ में लेकर…
Brahmarakshas ब्रह्म राक्षस परिचय और भ्रांतियों पर विचार कौंन होता है
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ismail jogi sadhna इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय ph.8528057364
🕌 इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय ismail jogi sadhna इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय गुरु मंत्र साधना.com में आपका फिर से स्वागत है। आज हम एक नए विषय पर चर्चा कर रहे हैं। गुरु रुद्रनाथ और सागरनाथ। कभी रुद्रनाथ जिज्ञासु की भूमिका निभाते हैं तो…
हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना
हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना bhoot, bhavishy aur vartamaan jaanane ke lie hanumaan jee ka dhyaan गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज हम एक साधना लेकर आए हैं हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल…