Category: त्रिकाल ज्ञान साधना

त्रिकाल ज्ञान – साधना हम तिरकाल ज्ञान साधनों पर चर्चा करेंगे जिस से साधक भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी प्रपात होगी ! जिसे आप अनहोनी से बच सकते है!

durga sadhna दुर्गा त्रिकालदर्शी साधना भूत भविष्य वर्तमान काल साधना PH.85280 57364

durga sadhna दुर्गा त्रिकालदर्शी साधना भूत भविष्य वर्तमान काल साधना

Durga Sadhna दुर्गा त्रिकालदर्शी साधना भूत भविष्य वर्तमान काल साधना PH.85280 57364

durga sadhna दुर्गा त्रिकालदर्शी साधना भूत भविष्य वर्तमान काल साधना
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durga sadhna दुर्गा त्रिकालदर्शी साधना भूत भविष्य वर्तमान काल साधना गुरु मंत्र साधना.com में आपका स्वागत है आज मैं आप लोगों के लिए दुर्गा त्रिकालदर्शी साधना लेकर आया हूं यह साधना अत्यंत सरल है कोई भी व्यक्ति इस साधना को कर सकता है ठीक है लड़का भी कर सकता है लड़की भी कर सकती है ठीक है तो इवन बच्चा भी कर सकता है

 इतनी सरल साधना है आज की डेट में मार्गदर्शन हासिल करने के लिए हमें शक्तियों का सहारा लेना पड़ता है जिंदगी के कुछ ऐसे डिसीजन होते हैं वहां पर हमें सही और गलत का पता नहीं चलता है अगर वह डिसीजन गलत हो जाए तो जिंदगी खराब हो सकती है ठीक है 

 

कभी-कभी हमें पता ही नहीं चलता है कि किसके साथ पार्टनरशिप में काम करना चाहिए कि नहीं करना चाहिए अगर लड़की की शादी करनी है ठीक है पता नहीं चलता है खानदान अच्छा है या बुरा है लड़का कुछ कोई कमी तो नहीं है उसके अंदर ठीक है तो उन चीजों का पता ही नहीं चलता है 

हमें और वही डिसीजन अगर गलत हो जाए तो जिंदगी भर का रोना रहता है ठीक है तो यह जो साधना है यह आपके हर तरीके का मार्गदर्शन करेगी जिंदगी के हर मोड़ के ऊपर आपको मार्गदर्शन मिलेगा किसके साथ आपको काम करना चाहिए लड़की की शादी कहां करनी चाहिए

 ठीक है पूरा आपको पता चल जाएगा तो आपका कोई भी डिसीजन गलत नहीं होगा क्योंकि एक आप शक्ति से मार्गदर्शन लेकर चल रहे हैं तो उसमें कुछ भी गलत नहीं होता और मां की कृपा से आपको जिंदगी के हर मोड़ पर उचित मार्गदर्शन मिलता रहेगा ठीक है यह उन लोगों के लिए साधना है जो जिंदगी में उचित मार्गदर्शन चाहते हैं ठीक है 

अगर हमें जिंदगी में मार्गदर्शन मिल जाए सही और गलत का पता चल जाए तो हम जिंदगी में बहुत आगे बढ़ सकते हैं हमें यही नहीं पता चलता है कि कहां पर हमें कौन सा डिसीजन लेना चाहिए हम यही फैसला नहीं कर पाते दूसरों की हमें सलाह लेनी पड़ती है

 दूसरों के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है अब उसमें भी कोई किसी का मार्गदर्शन गलत हो जाए तो उसमें भी हम कुछ कह नहीं सकते तो जिंदगियां खराब हो जाती हैं गलत मार्गदर्शन से तो आप लोगों के लिए यह साधना सबसे अच्छी है ठीक है आप इसको कर सकते हो 

नवरात्रों के 9 दिन आप करिए ठीक है बाकी इसकी 40 दिन की आप साधना करिए तो जिंदगी के हर मोड़ की ऊपर आपको जानकारी मिलती रहेगी कौन सा काम करना चाहिए कौन सा नहीं करना चाहिए इस चीज का आपको पहले ही पता चल जाएगा 

अगर आप यह साधना करना चाहते हैं ठीक है मैं नीचे लिंक दे दूंगा ठीक है तो उस लिंक के ऊपर क्लिक करके आप इस साधना को पूरा पढ़ के फिर आप इस साधना को करिए ठीक है अगर आप दारू मीट अंडा का सेवन करते हैं 

तो फिर आपकी ये साधना करने का कोई फायदा नहीं ठीक है इन चीजों को परफेज रखना पड़ेगा तब ही आप यह साधना करिए तो आज के लिए बस इतना ही 

अगर आप साधना करना चाहते हैं तो नीचे आपको लिंक मिल जाएगा उसके अलावा अगर आप और मार्गदर्शन चाहते हैं तो ऊपर हमने नंबर दे रखा है तो आप फोन कर सकते हैं PH.85280 57364

दुर्गा त्रिकालदर्शी मंत्र durga sadhna mantra PH.85280 57364

दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके ।
मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय ॥

durga sadhna vidhi 

 

साधना विधि-  सर्व प्रथम स्नान करके देवी का पूजन करे फिर दुर्गा पाठ  करे फिर दुर्गा सिद्ध यंत्र का पूजन करे  संकलप लेकर  ऊपर दिए  गए मंत्र का सवा लाख जप करे ४० दिन तक जाप करे सिद्ध माला से ,देवी आप के सभी सवालों का जवाब स्वपन में प्रदान करेगी।  इस के बारे में किसी को न बताए। गुरु की आज्ञा के बिना शुरू न करे  दुर्गा सिद्ध यंत्र और माला यह साधना  आवश्यकता होगी  इस के लिए  आप फ़ोन कर सकते है   ११  २१  और एक दिन में भी साधना कर सकते है उसकी विधि अलग होगी 

नवरात्रि साधन के कुछ खास नियम

  • साधक को नवरात्रि साधना के दौरान अपने बाल, नाखून और दाढ़ी आदि कटवाना नहीं  चाहिए।
  • नवरात्रि के नौ दिनों में शक्ति की पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके की जानी चाहिए।
  • साधक को नियम-कायदों का व्रत करना आवश्यक है।
  • घरेलू कामगार को सात्विक और सामान्य साधना करनी चाहिए, जिसमें कन्या पूजन और हवन आदि में कैलास की स्थापना शामिल है।
  • नवरात्रि साधना में ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत जरूरी है।
  • पूजा या साधना का स्थान तय करना जरूरी है।
  • साधना के दौरान साधक को जमीन पर सोना चाहिए।
  • चमड़े की वस्तुओं का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
  • साधक को अपने तन, मन और विचारों को पूरी तरह से शुद्ध और शुद्ध रखना चाहिए।
  • साधना कैसे करें –
  • माता रानी के भक्त नवरात्रि के दौरान मां को प्रसन्न करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं और उनकी पूजा करके उनका आशीर्वाद मांगते हैं। आप भी मां की पूजा के इन विभिन्न तरीकों से अपनी साधना को फलदायी बना सकते हैं।

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कर्ण मातंगी साधना के लाभ और कर्ण मातंगी साधना से जीवन कैसे बदले

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कर्ण मातंगी साधना
जीवन बदलने
का रहस्य

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कर्ण मातंगी साधना

दस महाविद्याओं में मातंगी नवमी महाविद्या कही जाती हैं। कर्ण मातंगी की सिद्धि के फलस्वरूप साधक भूत भविष्य एवं वर्तमान तीनों कालों का ज्ञाता हो जाता है
कर्ण मातंगी साधना से आपके जीवन की न्यूनता ख़तम हो जाएगी आप की ज़िंदगी हर क्षेत्र में सफलता और ख़ुशी प्रपात होगी ।
यह साधना रात्रिकाल में एकांत स्थान में विशेष विधि से सम्पन्न की जाती है।
मंत्र सिद्धि से पूर्व कानों में हवा के झोंके महसूस करना या कुछ शब्दों का सुनाई देना आरम्भ हो जाता है। मंत्र-सिद्धि के पश्चात् कर्ण मातंगी देवी अपने साधक के कान में सभी प्रश्नों का सही उत्तर देती है।
इस विद्या के मार्गदर्शन पर चलकर आप ज़िंदगी सफलता हासिल कर सकते हो।

कर्ण मातंगी साधना के लाभ

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इस साधना की अधिक
जानकारी के लिए ph 85280 57364

Frequently Asked Questions

  • स्त्री परुष दोनों
  • हां" tab.
  • गुरु दीक्षा ग्रहण करनी होगी
  • अगर नियम और गुरु मार्गदर्शन में करने पर कोई नुकसान नहीं
  • हां ब्रह्चर्य का पालन करना होगा

 kam pishachini sadhana काम पिशाचिनी की साधना – त्रिकालदर्शी महावशीकरण साधना ph.8528057364

 kam pishachini sadhana काम पिशाचिनी की साधना - त्रिकालदर्शी महावशीकरण साधना ph.8528057364 

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kam pishachini sadhana काम पिशाचिनी की साधना – त्रिकालदर्शी महावशीकरण साधना ph.8528057364

 kam pishachini sadhana काम पिशाचिनी की साधना – त्रिकालदर्शी महावशीकरण साधना ph.8528057364  नमस्कार दोस्तों आज मैं काम पिशाचिनी की साधना दे रहा हूं वैसे तो साधना को एक तांत्रिक साधना होती है।  मुख्य तौर पर काम की प्राप्ति इच्छित प्रेमी या प्रेमिका की प्राप्ति इच्छित पति या पत्नी की प्राप्ति क्या सांसारिक भोग की वस्तुओं की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह साधना कर्ण पिशाचिनी साधना से थोड़ा अच्छा है क्यों की आप इस  काम पिशाचिनी कट्रोल कर सकते है।  यह आप को कर्ण पिशाचिनी साधना की तरह भूत भविष्य बता सकती है।  उसके इलावा किसी का भी वशीकरण कर सकते है। और यह तामसिक शक्ति होती है इसे मांस भोग चढ़ाया जाता है यह 5 दिनों के साधन होती है। 

 kam pishachini sadhana काम पिशाचिनी की साधना मंत्र 

ओम क्लीम क्लीम क्लीम काम पिशाचिनी आगाछ आगाछ मम कार्य सिद्धिम कुरू कुरू फट स्वाहा

 kam pishachini sadhana काम पिशाचिनी की साधना विधि 

अमावस की रात से साधना को किया जा सकता है और 5 दिनों में साधना में पूर्ण सफलता हमको प्राप्त होती ही होती है इसमें आप दक्षिण की दिशा में मुंह करके एक काला कपडा  बढ़ा ले किसी भी लकड़ी की चौकी के ऊपर  उसके ऊपर आप एक कलश स्थापित करें तांबे का  तथा कुछ उसके के ऊपर फूल स्थापित करें लाल रंग के सुगंधित इतर का छिड़काव कर ले।

तथा भोग में से मांस मदिरा का भोग लगाए  मध्य रात्रि बाद  से इस साधना को शुरू करना है 12 से 3:30 के बीच साधना को संपन्न करना है गुप्त मंत्र का बैर की लकड़ी तेल की सहायता से जलाना है किसी को खुशबूदार तेल का उपयोग कर सकते कपूर का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना है साधना में सामग्री के माध्यम से  चढ़ाकर। 

इसमें गुप्त मंत्र के  स्वाहा शब्द बोलने के बाद ही आहुति उसमें छोड़नी है आपको इस प्रकार से 1100 आहुति आपको प्रतिदिन चढ़ाने है। उसे भोग को किसी भी चढ़ाए गए भोग को नदी तालाब के किनारे संज्ञा जंगल में छोड़ना है को किसी भी विरानी स्थान वृक्ष के नीचे साधना के पश्चात बाकी आसान आपका 5 दिनों तक वैसा का वैसा ही बढ़ा रहेगा वहां किसी प्रकार की भी साफ सफाई नहीं होगी।  तो इस प्रकार से आपको 5 दिनों की यह साधना पूर्ण करनी है। 

 प्रत्यक्ष रूप से यह शक्ति यह काम पिशाचिनी आपके सामने उपस्थित हो जाती है तीन वचन लेने के पश्चात आपके अनुकूल हो जाएगी और आपकी हर प्रकार की यह पल भर में संपन्न करेगी इस साधना में सुरक्षा खींच ले  और शरीर बंधन अनिवार्य है। 

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दिव्य दृष्टि प्राप्त करने का मंत्र – दिव्य दृष्टि सिद्धि divya drshti praapt karane ka mantra ph. +91 85280-57364

दिव्य दृष्टि प्राप्त करने का मंत्र - दिव्य दृष्टि सिद्धि divya drshti praapt karane ka mantra

दिव्य दृष्टि प्राप्त करने का मंत्र – दिव्य दृष्टि सिद्धि divya drshti praapt karane ka mantra

दिव्य दृष्टि प्राप्त करने का मंत्र – दिव्य दृष्टि सिद्धि divya drshti praapt karane ka mantra यदि आप दिव्य दृष्टि प्राप्त करना चाहते हैं, तो हम आपको बताएंगे कि यह कैसे करना है, इसलिए हमारे साथ रहें, दोस्तों, हमारी साइट पर आपका स्वागत है।तांत्रिक साधु बनना उतना आसान नहीं है जितना हम सोचते हैं दोस्तों। साधक बनने के लिए आपको बहुत कुछ सहना पड़ता है, कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।

कई लोग सिर्फ साधक के नाम पर, केवल पैसे ठगने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे कई ज्योतिषी हैं जहां वे बड़ी से बड़ी विपत्ति को भी दूर कर देते हैं। लेकिन कुछ ज्योतिषी धन धोखा देने के बारे में भी सोचते हैं।

तो दोस्तों आज मैं आपके सामने एक ऐसा मंत्र बताऊंगा  जहां आपको गर्व महसूस होगा। और आप इतना शक्तिशाली मंत्र सिद्ध कर सकते हैं, एक बार इस मंत्र को सिद्ध कर लेने के बाद आपको दिव्य दृष्टि की शक्ति प्राप्त हो जाएगी।

दिव्य दृष्टि प्राप्त करने का मंत्र - दिव्य दृष्टि सिद्धि divya drshti praapt karane ka mantra
दिव्य दृष्टि प्राप्त करने का मंत्र – दिव्य दृष्टि सिद्धि divya drshti praapt karane ka mantra

साधक दिव्य दृष्टि प्राप्त करने के लिए तंत्र किरया में मेहनत  करते हैं लेकिन अभी तक सफल नहीं हुए हैं।  क्योंकि दिव्य दृष्टि को पूरा करने के लिए अपने शरीर को पूर्णता के लिए समर्पित करना आवश्यक है।

आप इस शरीर में आराम नहीं कर सकते हैं और  आपको दिन में तीन बार नहीं खाना चाहिए? इसके कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं और इस नियम का पालन करना आसान नहीं है। जी हां, अगर आपका मन शुद्ध है तो यह सब काम आपके लिए आसान हो सकता है। इतिहास में केवल कुछ ही महात्मा के पास दिव्य दृष्टि थी।

 

उदाहरण के लिए, महाभारत में युद्ध के दौरान, धृतराष्ट्र देख नहीं सकता था, और जन्म से अंधा था, इसलिए संजय उसके पास ही रहा। वह जानता है कि संजय को वेदव्यास से प्राप्त हुईदिव्य दृष्टि प्राप्त हुई थी इसलिए महाभारत में युद्ध का परिणाम जो भी हो, संजय अपनी दिव्य आंखों से सभी परिणामों को देखते थे और उन्हें राजा दरिताष्टर को सुनाते थे।

 

महाभारत  शुरू होने से पहले भगवान श्री कृष्ण ने बंदू अर्जुन को  को उपदेश दिया था, जिसे हम भागवत गीता के नाम से जानते हैं।  धर्मोपदेश देते समय भगवान श्री कृष्ण अर्जुन ने विराट  रूप के दर्शन दिए और उस समय दर्शन देने के कारण अर्जुन को दिव्य दृष्टि देनी पड़ी, अन्यथा अर्जुन इतने विशाल विराट रूप को अपनी आंखों से नहीं देख पाते।

तीसरा, आप रामायण के बारे में जानते हैं। उन्होंने रामायण होने से पहले ही पूरी रामायण लिख दी थी और यह तभी संभव हो पाया था जब कठोर साधना  किया और ब्रह्म देव से कृपा प्राप्त की और दिव्य दृष्टि भी प्राप्त की। वाल्मीकि जी  अपनी दिव्य दृष्टि से भूत, भविष्य और वर्तमान को जानने में सक्षम था।

 

आज हम जानेंगे कि दिव्य दृष्टि क्या होती है। हम इसे कैसे प्राप्त करते हैं और इसके बहुत मजबूत लोगो के क्या लाभ हैं?

 

आपने तीसरी आंख के बारे में सुना होगा और आपने इसे भगवान शिव की तस्वीर  में देखा होगा और यह दिव्य आंख,  दिव्य  दृष्टि है। जब आप इस आंख को खोलते हैं, तो ये शक्तियां मनुष्य के जीवन में संचारित होती हैं जिसका आप अनुमान भी नहीं लगा सकते हैं।

इस आंख को खोलते समय घर बैठे तीनों  लोकों की यात्रा करते हुए भूत, भविष्य और वर्तमान को आसानी से जाना जा सकता है। ये आंखें हम मनुष्यों को दिखाई नहीं देती हैं, लेकिन वेदिव्या दृष्टी  में दिखाई देती हैं, यदि आप आप तीसरी आंख को जगाना चाहते हैं या फिर उसी  से देखना चाहते हैं, आइए आपको बताते हैं कि आप कैसे सफल हो सकते हैं।

दिव्य दृष्टि प्राप्त करने का मंत्र

ॐ ह्रीं मम् मूलाधारे
तु सहस्रारे कुण्डलिणियाँ जाग्रय
स्फोटय समस्त ब्रह्माण्ड दिव्य
दर्शनाय चैत्तन्य परिपूर्णाय
ह्रीं नम:

सबसे पहले किसी सुनसान जगह पर हाथ में 108 मनको  की माला लेकर बैठ जाएं।  अगले मंत्र को पढ़ते  रहें।  आप तब तक मंत्र जप  करते रहे जब तक आपकी तीसरी आंख को अनुभव  नहीं हो जाता।  इस मंत्र का जाप करते समय अपने मन को एक प्रबल बल से जोड़ें और किसी अन्य चीज़  की ओर न अकृषित हो  ।  बस अपने मन और शरीर को पूरी तरह से भगवान को समर्पित कर दें। इस मंत्र का जाप करने से आप स्वयं समझ सकते हैं कि इस मंत्र में बहुत शक्ति है।

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भविष्य जानने का शिव मंत्र – भविष्य जानने की सरल विधि bhavishy jaanane ke lie shiv mantra ph. +91 85280-57364

भविष्य जानने का शिव मंत्र - भविष्य जानने की सरल विधि bhavishy jaanane ke lie shiv mantra

भविष्य जानने का शिव मंत्र – भविष्य जानने की सरल विधि bhavishy jaanane ke lie shiv mantra

भविष्य जानने का शिव मंत्र - भविष्य जानने की सरल विधि bhavishy jaanane ke lie shiv mantra
भविष्य जानने का शिव मंत्र – भविष्य जानने की सरल विधि bhavishy jaanane ke lie shiv mantra

 

भविष्य जानने का शिव मंत्र – भविष्य जानने की सरल विधि bhavishy jaanane ke lie shiv mantra गुरु मंत्र साधना में आपका स्वागत है आज मैं आपको भूत भविष्य जानने का शिव मंत्र प्रदान कर रहा हु यह साधना सात्विक और सौम्य है ,भगवन शिव की साधना है। जिसको सिद्ध करने के बाद आप किसी का भी भूत भविष्य वर्तमान जान सकते है।

इसके इलावा आप शेयर मार्किट और सट्टे के नंबर भगवन शिव की किरपा से प्राप्त कर सकते है। यह प्राचीन मंत्र मैं आपको प्रदान करूंगा जिसे आप की अन्य भी ख़तम हो जाएगी और आप अन्य लोगो की समस्या का भी समाधान कर सकते हो। 

भविष्य जानने का शिव मंत्र – भविष्य जानने की सरल विधि 

मंत्र:- ॐ अजाय त्रिनेत्राय पिंगलायै महात्मे वामाय विश्वरूपाय स्वपनाधिपत्ये नमः स्वपने कथय मैं कथयम् सर्व कार्य अवशेषत्, क्रिया सिद्धि सट्टा सिद्धि विद्या स्वामी तवत् प्रसादात् महेश्वर:।।

 

भविष्य जानने का शिव मंत्र – भविष्य जानने की सरल विधि

भविष्य जानने का शिव मंत्र – भविष्य जानने की सरल विधि  किसी भी शुक्लपक्ष के सोमवार को अपने घर पर शिवलिंग की स्थपना करे गुरु मंत्र का जप करे फिर गणेश मंत्र का जप करे 

 रुद्राभिषेक शिव की पूजा का एक महत्वपूर्ण रूप है। शिवलिंग पर दूध, दही, घी, शहद, धातु, फल, फूल आदि का अर्पण करें । रुद्राभिषेक के साथ मंत्रों का उच्चारण करें 

शिवलिंग की पूजा शिव के प्रति आपकी भक्ति और समर्पण  से करे । शिवलिंग पर जल अर्पित करें और बिल्व पत्र, धातु और फूल चढ़ाएं। इसके साथ ही “ॐ नमः शिवाय” का जाप करें।

फिर आप ऊपर दिए गए भविष्य जानने का शिव मंत्र का ५ माला जप करे।  शिव साधना के दौरान सदाचार का पालन करें और अपने आहार में सात्विक आहार का सेवन करें। ध्यान के द्वारा अपने आत्मा को शुद्ध करें और शिव के प्रति अपनी श्रद्धा को बढ़ावा दें।

इस तरह से साधना  करने से भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी होने लगेगी लाटरी सट्टे का नंबर शेयर मार्किट और किसी का भी भूत भविष्य वर्तमान जान सकते हो। आप को आपार  धन दौलत और मन सामान की भी प्राप्ति होगी। 

शिव साधना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सेवा और दान करे । गरीबों की सेवा करें और दान देकर उनकी मदद करें।  यह शिव की कृपा प्राप्त करने का एक उत्तम तरीका है।

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कर्ण पिशाचिनी सिद्धि कैसे प्राप्त करें How to get Karna Pishachini Siddhi ph. 85280 57364

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कर्ण पिशाचिनी सिद्धि कैसे प्राप्त करें How to get Karna Pishachini Siddhi कर्ण पिशाचिनी सिद्धि कैसे प्राप्त करें और कर्ण पिशाचिनी  को कैसे सिद्ध करे इस के बारे जानकारी प्रदान करूंगा।  पहले यह जाने के इस साधना को क्यू  करे इस साधना को करने से साधक को भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी प्राप्त हो जाती है। इस से लाटरी  सट्टा  का नंबर जान सकते है यह हर प्रकार के रहस्य जान सकते है। 

मंत्र सिद्धि प्राप्त करने वाले व्यक्ति के कानों में कर्ण पिशाचिनी आती   है, सामने बैठे व्यक्ति की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी बताती है, और फिर वह  प्रश्नकर्ता सभी प्रश्नों के उत्तर सुनने के लिए तैयार हो जाता है। कर्ण पिशाचिनी की अपार प्रभावशीलता और अद्भुत शक्ति   के बावजूद, इसे सफलतापूर्वक उपयोग करने के लिए एक योग्य और सिद्ध गुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।  यह देवी की साधना से दुनिया के हर सवाल जवाब मिल जाएगा। 

 

 कर्ण पिशाचिनी सिद्धि कैसे प्राप्त करें How to get Karna Pishachini Siddhi

 

कर्ण पिशाचिनी सिद्धि कैसे प्राप्त करें How to get Karna Pishachini Siddhi कर्ण पिशाचिनी सिद्धि प्राप्त करने के योग्य गुरु की तलाश करें। कर्ण पिशाचिनी सिद्धि  प्राप्त करने के लिए गुरु  मंत्र का जाप करें जायदा से जायदा साधना का कोई गलत प्रभाव से बचने के लिए अगर आप गृहस्त  है तो आप इस साधना को अघोर रूप में न करें वार्ना भारी नुकसान की संभावना है। इस साधना को सिद्ध करने वाला व्यक्ति के अंदर निडरता होनी चाहिए इस साधना में डरवाने अनुभव हो सकते है ,इस साधना को करने से पहले आप आपको निडर बनाने का प्रयास करें। कर्ण पिशाचिनी सिद्धि प्राप्त करने के लिए लम्बे समय तक बैठने का अभ्यास करे इस मंत्र जाप लंबे  समय तक करना पड सकता है। 

https://www.youtube.com/watch?v=JvWC4mbhduQ&t=1297s

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कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र,कर्ण पिशाचिनी बताएगी कान में रहस्य ph.85280 57364

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कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र,कर्ण पिशाचिनी बताएगी कान में रहस्य ph.85280 57364

karna pishachini beej mantra कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र,कर्ण पिशाचिनी बताएगी कान में रहस्य ph.85280 57364

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karna pishachini beej mantra कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र – कर्ण पिशाचिनी बताएगी कान में रहस्य गुरु मंत्र साधना  में आपका स्वागत है आशा करता  हूं।  कि आप जरूर कुशल मंगल होंगे आज इस पोस्ट  में मैं आपको कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र साधना के बारे में बता रहा हु। इस साधना से आप को त्रिकाल ज्ञान भूत भविष्य की जानकारी प्राप्त होगी।  इस साधना को कोई  भी साधक कर सकता है यह मंत्र हमने 2010 कुछ साधको गुपत  रूप से करवाया था लगभग हर साधक को इस साधना से अच्छे अनुभव प्रपात हुए।  इस साधना को कोई भी साधक कर सकता है वाम मार्ग और दक्षिण मार्ग दोनों तरीके से सिद्ध कर सकते है। कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र,कर्ण पिशाचिनी बताएगी कान में रहस्य इस साधना से कर्ण पिशाचिनी आपके कान भूत भविष्य वर्तमान का ज्ञान देगी यह साधना सिद्ध साधना है

 

karna pishachini beej mantra  कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र

कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र,कर्ण पिशाचिनी बताएगी कान में रहस्य
कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र,कर्ण पिशाचिनी बताएगी कान में रहस्य

 

Om Ham Han Swaha ||
ॐ हं हन स्वाहा ||

 

karna pishachini beej mantra कर्ण पिशाचिनी बीज मंत्र साधना विधि 

यह मंत्र साधना को किसी भी दिन से शुरू किया जा सकता है किसी भी प्रकार के नियम या बंधन नहीं है और ऊपर  बताइए हुए सिर्फ चार शब्दों के बीज मंत्र को  एक लाख 25 हजार बार बोलने से मंत्र सिद्ध हो जाता है आपको कम से कम दिनों में पूरा करना है कुछ साधको  के अनुसार  इस मंत्र को लगातार बोलते रहना है

साधुओं के अनुभव के अनुसार इस मंत्र को हर रोज एक निश्चित संख्या में बोलकर कम से कम दिनों में पूरा करना है मैं आपके लिए दिशा आसान वाला इत्यादि का बंधन नहीं है और साथ में इस मंत्र की गिनती करने के लिए रुद्राक्ष या अन्य किसी भी प्रकार की जपमाला का इस्तेमाल कर सकता है

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त्रिकालदर्शी सात्विक – कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र ,साधना karna pishachini siddhi mantra ph.85280 57364

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त्रिकालदर्शी सात्विक - कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र ,साधना karna pishachini siddhi mantra ph.85280 57364

त्रिकालदर्शी सात्विक – कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र ,साधना karna pishachini siddh mantra ph.85280 57364

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त्रिकालदर्शी सात्विक – कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र ,साधना karna pishachini siddh mantra ph.85280 57364  इस साधना से  आप को निश्चित ही त्रिकाल ज्ञान हासिल होगा ,आप इस से त्रिकालदर्शी बन सकते है। यह साधना सात्विक और सौम्य  है इस साधना से त्रिकाल ज्ञान भूत भविष्य वर्तमान का ज्ञान साधक को हो जाता है। 

 

गुप्त त्रिकालदर्शी देवी  कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र karna pishachini siddh mantra

 

ॐ लिङ्ग सर्वनाम शक्ति भगती कर्ण पिशाचनी चण्ड-रूपी सच सच मम वचन दे स्वाहा।

कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र – साधना विधि   karna pishachini siddh mantra – sadhna vidhi

पान, सुपारी, लौंग, सिन्दूर, नारियल, अगर ज्योति, लाल वस्त्र, जल का लोटा, लाल चन्दन की माला ।  एक लाख । स्थान एकान्त कमरा एक बटुक सहित कुमारी भोजन । तर्पण- मार्जन |

नवरात्र । यदि ग्रहणकाल में प्रारम्भ करें तो स्पर्श से पन्द्रह मिनट पूर्व से प्रारम्भ करें और मोक्ष के पन्द्रह मिनट बाद तक करें। ग्रहण में नदी के किनारे या श्मशान में जप करें।

सभी सामग्री अपने साथ रक्खें। सफेद चन्दन चूरा, लाल चन्दन चूरा, लोहबान, गुग्गुल प्रत्येक ५-५ छटाँक, कपूर ५ पॅकेट, लौंग १० ग्राम, अगर ५० ग्राम, तगर ५० ग्राम, केशर ढ़ाई ग्राम, कस्तूरी १ ग्राम, बादाम ५० ग्राम, काजू ५० ग्राम, अखरोट ५० ग्राम, गोला ५० ग्राम छुहारे ५० ग्राम, मिसरी १ कुज्जा लें- इन सबको कूटकर मिला लें।

इसमें घी भी मिला लें। फिर खीर बनाए चावल कम दूध ज्यादा रक्खें खीर में ५ मेवे डालें देशी घी, शहद, चीनी-त्रिमधु डालें।

नवरात्र में भूत-शुद्धि, स्थान- शुद्धि, गुरु-स्मरण, गणेश पूजा, नवग्रह पूजा से पूर्व एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछायें उस पर ताँबे का लोटा या कलश स्थापित करें। कलश पर नारियल रक्खें लोटे या कलश के चारो ओर पान, सुपारी, सिन्दूर, १२ लड्डू इत्यादि वस्तुएँ रक्खें। कलशपूजन करें। साष्टाङ्ग प्रणाम करें। फिर कन्धे पर लाल परना रखकर जप करें।

जप पूर्ण होने पर पहले सामग्री से फिर खीर से तथा अन्त में त्रिमधु से हवन करें। पहले क्षमा प्रार्थना कर साक्षात् देवी रूपी कलश को लेटकर दण्डवत् करें। मन्त्र का चमत्कार अनुष्ठान करने से देवी कण में आकर भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी प्रदान करेगी है। अनुष्ठान के दिनों में ब्रह्मचर्य, एकान्त वास करें। झूठ न बोलें।

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कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र | कर्ण पिशाचिनी विद्या

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कर्ण पिशाचिनी साधना कर्ण पिशाचिनी का प्रयोग लोकसिद्धि के लिए बहुत ही प्रभावी है। यह साधना उग्र श्रेणी में आती है। अतः किन्हीं सिद्ध गुरुदेव का सहारा लेना चाहिये; अन्यथा सङ्कट में पड़ सकते हैं।

कर्णपिशाचिनी की उग्रता को कम करने के लिए घी कुवार या घृत-कुमारी नामक पौधे की जड़ और उसके पत्तों का गूदा बहुत उपयोगी है। जड़ को विधिवत् उखाड़कर सिद्ध कर अपने पास रखने से और उसके पत्तों के गूदे या रस को सारे शरीर तथा मस्तक में लगाने से उग्रता सौम्यता में बदल जाती है ।

1 कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र

– ॐ नमः कर्ण पिशाचिनी अमोघ सत्यवादिनी ! मम कर्णे अवतरावतर, अतिता नागत वर्तमनानी दर्शय, मम भविष्यं कथय कथय, ह्रीं कर्ण पिशाचिनी स्वाहा ।

लोहे का एक त्रिशूल बनाकर पञ्चोपचारों या षोडशोपचारों से उसका पूजन कर साधनास्थल में जमीन में गाड़ दें। दिन में घी का दिया जलाकर मन्त्र का ११०० जप करें। फिर आधी रात को त्रिशूल का पूजन कर घी और तेल के दीपक जलाकर ग्यारह दिन तक ग्यारह सौ मन्त्रजप करें। अन्त में ‘कर्णपिशाचिनी’ प्रकट होकर वर प्रदान करेंगी, जिससे किसी भी प्रकार के प्रश्नों का उत्तर ज्ञात होने लगेगा। यह अति उग्र साधना है। अतः सिद्ध गुरुदेव के सान्निध्य में ही करें।

 

2 कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र

“ॐ ह्रीं चण्डवेगिनी वद वद स्वाहा ।”

साधन विधि- सर्व प्रथम इस मंत्र का १०००० जप करना चाहिए। तदुपरान्त किसी कृष्ण वर्ण ( काले रंग) की क्वारी कन्या को अभिमंत्रित कर उसका पूजन करे और उसके हाथों, पाँवों में कुकुम लगाये । अलकों में मल्लिका- पुष्प तथा कनेर के पुष्प लगाकर लाल रंग के डोरे से वेष्टित करे। इस साधन के द्वारा कर्णं पिशाचिनी यक्षिणी साधक के वशीभूत होकर उसे तीनों लोक और तीनों काल के शुभाशुभ का ज्ञान कराती रहती है। साधक को चाहिये कि वह मंत्र सिद्ध हो जाने पर अभिमंत्रित लाल सूत्र, मल्लिका पुष्प तथा लाल कनेर के पुष्प को धारण किये रहे ।

 

3 पिशाची साधन मन्त्र-

ॐ फट् फट् हुँ हुँ : भोः भोः पिशाचि भिन्द भिन्दछिन्द छिन्द लह लह दह दह पच पच मध्य मध्य पेय पेजय धून धून महासुर पूजिते हुं हूँ स्वाहा । —

साधन विधि – रात्रि के समय उच्छिष्ट मुख से श्मशान में बैठ- कर उक्त मन्त्र का जप करे। दस लाख की संख्या में जप करने से सिद्धि प्राप्त होती है तथा पिशाची साधक के समक्ष प्रकट होकर उसे अभिलाषित वर प्रदान करती और सदैव उसके वशीभूत रहती है । पिशाची जिस समय प्रकट हो, उस समय साधक को अर्ध्य, गंधादि द्वारा उसका पूजन करना चाहिए तथा जन काल में भी पूजनादि करना चाहिए । यह ध्यान रखना चाहिए कि मन्त्र जाप के समय में न तो साधक ही किसा व्यक्ति को देखे और न कोई अन्य प्राणी ही साधक को देख पाये । किसी के देख लेने पर जप निष्फल हो जाता है ।

त्रिकालदर्शी बनने की मातंगी साधना Matangi sadhna ph.85280 57364

 

 

गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र – नाथ पंथ की साधना guru gorakhnath ka bhoot bhavishya vartman mantra ph. 85280-57364

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गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र

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गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र
गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र

 

guru gorakhnath ka bhoot bhavishya vartman mantra गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र बताइए यह बहुत समय से साधक जानो की डिमांड थी। आज आप को प्राचीन नाथ पंथ का मंत्र की जानकारी देने वाला हु इस गुरु गोरखनाथ मंत्र से भूत भविष्य वर्तमान मंत्र से आप को त्रिकाल ज्ञान की प्रपात होगा। आप निश्चित ही त्रिकाल ज्ञान को हासिल करोगे और आप को इस की अच्छी जानकारी हो जाएगी यह नाथ पंथ का प्राचीन मंत्र है 

गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र guru gorakhnath ka bhoot bhavishya vartman mantra  भूत भविष्य वर्तमान शाबर मंत्र 

ॐ नमो वीर हनुमान हाथ बताशा मुख में पानी आओ हनुमान बताओ
हाल, कालरथी का चला अंजनी का जालर (अमुक) मनुज का पीछा
आगा भविष्य सब ऊंचानीचा पाप पुण्य सेब चोखा चोखा तुरत ही
बताओ न बताओ तो माता अंजनी का दूध हराम गुरु गोरख
उचारे, अंजनी का जाया हनुमान म्हारो काज सवारे मेरी भक्ति गुरु की
शक्ति बले मन्त्र ईश्वरो वाचा

guru gorakhnath ka bhoot bhavishya vartman mantra गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र विधि विधान 

वैसे यह मन्त्र पर्व काल ग्रहण काल या दीपावली होली, नवरात मे एक हजार आठ संख्या में सिद्ध हो जाता है मगर उसके अलावा ४१ दिन में सवा लाख जाप पूर्ण करने का विधान है साधना के अंतिम दिन दशांश का हवन जरूर करे और श्रीफल अग्नि में भेंट दें भोग भी लगाए मन्त्र सिद्ध हो जाएगा जब कभी इस मेन्त्र का प्रयोग करना हो तो व्यक्ति को सामने बिठा कर गूगल की धूनी करे और इस मन्त्र का २१,या ४१ बार जाप मन मे करे और मन्त्र अमुक की जगह उस व्यक्ति का नाम ले कर ध्यान करे आपको उस व्यक्ति के बारे में जो जानना हो वो में उसे बता सकते हो इस प्रयोग को जन कल्याण के लिए प्रयोग में लाये । जय अलख जय गिरनारी । आदेश ।

 

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