Friday, July 10, 2026
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पद्मावती मंत्र साधना – भविष्य जानने की विद्या ph.85280 57364

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पद्मावती मंत्र साधना - भविष्य जानने की विद्या ph.85280 57364
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पद्मावती मंत्र साधना – भविष्य जानने की विद्या ph.85280 57364

 

पद्मावती मंत्र साधना - भविष्य जानने की विद्या ph.85280 57364
पद्मावती मंत्र साधना – भविष्य जानने की विद्या ph.85280 57364

पद्मावती मंत्र साधना – भविष्य जानने की विद्या ph.85280 57364 आप सभी कैसे हो मैं उम्मीद करता हूं आप लोग सही सलामत से होंगे हम मां भगवती से यही कामना करता हूं आप लोग इधर भी हो उधर खुश रहो चलिए दोस्तों आज पूछा लगाने का कुछ मैं प्रयोग में बताऊंगा दोस्तों क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में जॉन सभी साधक साधिकाएं होंगे तो इसका बारे में मालूम होगा दोस्तों ठीक है यह जो 1 घंटा है ठीक है मुझे का जॉन होता है ना वह है दोस्तों ठीक है क्योंकि हमारे इधर बहुत और आकर दोस्तों पूछा लगता है ठीक है तो यह जो एक तरीका है दोस्तों मुझे बहुत अच्छा लगता है दोस्तों ठीक है इसका एक मंत्र है दोस्तों वैदिक है  ठीक है किसी का भी भूत भविष्य वर्तमान जान सकते है सर्व ज्ञान हो जाएगा आपको 

 

भूत भविष्य वर्तमान जानने का मंत्र |

ॐ ह्रीं पद्मावतीं देवीं कथय कथय स्वाहा ।

साधन विधि – दो वर्ष तक प्रतिदिन १०८ बार इस मन्त्र का जप
करने से यह विद्या सिद्ध होती है । विद्या सिद्ध हो जाने पर साधक
को सब विषयों का ज्ञान प्राप्त हो जाता है । जो भक्त योगी शैया पर
बैठ कर रात्रि के समय इस मन्त्र का प्रतिदिन १०८ बार जप करता
है, वह प्रतिदिन के समस्त हितकर वृतान्त को जान लेता है । तन्त्र
शस्त्रों में कहा गया है कि इस मन्त्र के साधक को ब्रह्मा, विष्ण आदि
का तथा त्रैलोक्य का वृतान्त भी ज्ञात हो जाता है । शुभदायिनी
पद्मावती विद्या उससे स्वप्न में सब वृतान्त कहती हैं ।

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मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/

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