sautan se chutkara pane ka mantra सौतन से छुटकारा पाने का मंत्र – पति को पराई स्त्री से दूर करें ph. 85280-57364
sautan se chutkara pane ka mantra सौतन से छुटकारा पाने का मंत्र – पति को पराई स्त्री से दूर करें ph. 85280-57364
sautan se chutkara pane ka mantra सौतन से छुटकारा पाने का मंत्र – पति को पराई स्त्री से दूर करें यह प्रयोग तब किया जाता है जब पति किसी अन्य स्त्री के जाल में फंस गया हो और पत्नी की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है तब उस पराई स्त्री के जाल से पति को मुक्त कर अपने प्रति प्रेम बढ़ाने के लिए यह प्रयोग किया जाता है। इस प्रयोग से पति और उसमें भयंकर लड़ाई हो जाती है और वे भविष्य में एक-दूसरे का मुँह भी देखना पसन्द नहीं करते।
sautan se chutkara pane ka mantra सौतन से छुटकारा पाने का मंत्र
ॐ अंजनी पुत्र पवनसुत हनुमान वीर वैताल साथ लावे मेरी सौत (अमुक) से पति को छुड़ावे, उच्चाटन करे करावे मुझे वेग पति मिले, मेरा कारज सिद्ध न करे तो राजा राम की दुहाई |
सामग्री – जलपात्र, सियारसिंगी, दो हकीक पत्थर, तेल कादीपक माला- हकीक माला । समय — दिन या रात का कोई भी समय आसन । दिशा — पश्चिम दिशा जपसंख्या— पाँच हजार आसन – नीले रंग का सूती अवधि — जो भी संभव हो।
sautan se chutkara pane ka mantra vidhi सौतन से छुटकारा पाने का मंत्र विधि
सामने सियारसिंगी रख दें और उसके सामने ही हकीक पत्थर रख दें। एक पत्थर पर पति का नाम लिखें और दूसरे पत्थर पर उस स्त्री का नाम लिख दें। फिर उपर्युक्त मन्त्र का मात्र पाँच हजार जप के बाद जिस हकीक पत्थर पर स्त्री का नाम लिखा है, वह पत्थर सुनसान स्थान पर जमीन में गाड़ दें और जिस पत्थर पर पति का नाम लिखा है, वह पत्थर सियारसिंगी के साथ अपने सन्दूक में रख दें। इस प्रकार करने से सौत से छुटकारा मिल जाता है, पति का उस स्त्री से भयंकर झगड़ा होता है और भविष्य में उनमें किसी प्रकार का कोई सम्बन्ध नहीं रहता।
भूत कैद करने का सिद्ध मंत्र इस से भूत होगा आपकी मुठी में bhoot ko kaid karne ka mantra ph. 85280-57364
भूत कैद करने का सिद्ध मंत्र इस से भूत होगा आपकी मुठी में bhoot ko kaid karne ka mantra
bhoot ko kaid karne ka mantra भूत कैद करने का सिद्ध मंत्र इस से भूत होगा आपकी मुठी में और आपके सब काम करेगा यह सिद्ध मंत्र है
bhoot ko kaid karne ka mantra भूत कैद करने का सिद्ध मंत्र
बंध बंध शिव बंध शिव बंध शिव बंध शिव बंध शिव बंध शिव बंध शिव बंध शिव बंध शिव ।
शिवलिंग, तांबे या पीतल की परात, बेलपत्र, धतूरे का फल, अकवन (आक) का फूल, अड़हुल का फूल, कनेर का फूल, भांग की पत्तियाँ (सूखी या हरी), दूध एक लीटर, आसन रंग का कम्बल, उड़द और शुद्ध जल संकलित करें। किसी एकांत कमरे में दक्षिण की ओर मुंह करके आसन विछाकर बैठ जाएं। सामने परात रखकर शिवलिंग स्थापित करें और मन्त्र का जप करते हुए उस पर उड़द, फूल एवं पत्तियाँ एक-एक करके चढ़ाएं। १२१ बार मन्त्र का जप करें। तत्पश्चात् शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। इसके बाद मन्त्रजप करके दूध चढ़ाएं। परात की सामग्री को जल एवं दूध के साथ उबालें। जब इसकी चाशनी खीर की तरह बन जाए, तो उसे किसी पीपल के पेड़ के नीचे जड़ में डाल दें। यह क्रिया २१ दिनों तक करे ।
त्रिकालदर्शी सात्विक – कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र ,साधना karna pishachini siddh mantra ph.85280 57364 इस साधना से आप को निश्चित ही त्रिकाल ज्ञान हासिल होगा ,आप इस से त्रिकालदर्शी बन सकते है। यह साधना सात्विक और सौम्य है इस साधना से त्रिकाल ज्ञान भूत भविष्य वर्तमान का ज्ञान साधक को हो जाता है।
गुप्त त्रिकालदर्शी देवी कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र karna pishachini siddh mantra
ॐ लिङ्ग सर्वनाम शक्ति भगती कर्ण पिशाचनी चण्ड-रूपी सच सच मम वचन दे स्वाहा।
पान, सुपारी, लौंग, सिन्दूर, नारियल, अगर ज्योति, लाल वस्त्र, जल का लोटा, लाल चन्दन की माला । एक लाख । स्थान एकान्त कमरा एक बटुक सहित कुमारी भोजन । तर्पण- मार्जन |
नवरात्र । यदि ग्रहणकाल में प्रारम्भ करें तो स्पर्श से पन्द्रह मिनट पूर्व से प्रारम्भ करें और मोक्ष के पन्द्रह मिनट बाद तक करें। ग्रहण में नदी के किनारे या श्मशान में जप करें।
सभी सामग्री अपने साथ रक्खें। सफेद चन्दन चूरा, लाल चन्दन चूरा, लोहबान, गुग्गुल प्रत्येक ५-५ छटाँक, कपूर ५ पॅकेट, लौंग १० ग्राम, अगर ५० ग्राम, तगर ५० ग्राम, केशर ढ़ाई ग्राम, कस्तूरी १ ग्राम, बादाम ५० ग्राम, काजू ५० ग्राम, अखरोट ५० ग्राम, गोला ५० ग्राम छुहारे ५० ग्राम, मिसरी १ कुज्जा लें- इन सबको कूटकर मिला लें।
इसमें घी भी मिला लें। फिर खीर बनाए चावल कम दूध ज्यादा रक्खें खीर में ५ मेवे डालें देशी घी, शहद, चीनी-त्रिमधु डालें।
नवरात्र में भूत-शुद्धि, स्थान- शुद्धि, गुरु-स्मरण, गणेश पूजा, नवग्रह पूजा से पूर्व एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछायें उस पर ताँबे का लोटा या कलश स्थापित करें। कलश पर नारियल रक्खें लोटे या कलश के चारो ओर पान, सुपारी, सिन्दूर, १२ लड्डू इत्यादि वस्तुएँ रक्खें। कलशपूजन करें। साष्टाङ्ग प्रणाम करें। फिर कन्धे पर लाल परना रखकर जप करें।
जप पूर्ण होने पर पहले सामग्री से फिर खीर से तथा अन्त में त्रिमधु से हवन करें। पहले क्षमा प्रार्थना कर साक्षात् देवी रूपी कलश को लेटकर दण्डवत् करें। मन्त्र का चमत्कार अनुष्ठान करने से देवी कण में आकर भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी प्रदान करेगी है। अनुष्ठान के दिनों में ब्रह्मचर्य, एकान्त वास करें। झूठ न बोलें।
बंगाली मारण प्रयोग -सबसे तीव्र मारण प्रयोग और प्रभावशाली ph 85280 57364
बंगाली मारण प्रयोग -सबसे तीव्र मारण प्रयोग और प्रभावशाली ph 85280 57364
बंगाली मारण प्रयोग -सबसे तीव्र मारण प्रयोग और प्रभावशाली ph 85280 57364 जय महाकाल मेरे प्रिय साधक और मित्रों कैसे हैं आप सब लोग उम्मीद करता हूं आप सब ठीक ही होंगे कि आज मैं आप लोगों के सामने लुट बंगाल का है या बांग्लादेश का भी आप बोल सकते हो सबसे खतरनाक मंत्र है और इस मंत्र का नाम अगर आप वेस्ट बंगाल में या बांग्लादेश में अगर नाम लोगे कुछ तो लोग थर-थर कांपने लगते हैं या फिर कि यहां पर भी अगर आपको जानकर लोगों के सामने इस बांध मंत्र का अगर नाम लोगे है तो सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है कि यह वह मंत्र है सबसे खतरनाक मंत्र उसे बोलते हैं
बान मंत्र बंगाल में बोलते बाल मारना समझे आप बांध मारना है कि यह इतना खतरनाक मंत्र है बांध मारना अगर आप कि अपने दुश्मन को और बाद एक प्रकार के लिए मित्रों जिस तरह आप रामायण में या कथा मैं लेकर होंगे हर तरह के अलग-अलग बांध निकाल कर मर तीर निकाल के मारते हैं ना अलग-अलग तरह के तीर निकालते मारते हुए
इसे ही अलग-अलग तरह के बाद मस्त रहें परीक्षाओं से ज्यादा बांध मंत्र है यह भी उसी में का एक बाद मंत्र है बंगाली मंत्र है और मैं इसको मंत्र को कि अगर आप पढ़ते हुए आगे वाले व्यक्ति को ऐसे देखते हुए अगर इस मंत्र को पढेंगे तो आगे वाले की छाती में तीर जाकर लगेगा वह दृश्य ₹3 मंत्रों का उस तीर जाकर लगेगा और जगह पर छाती पकड़ कर नीचे गिर जाएगा और उसके मुंह से खून निकलना चालू हो जाएगा कि यह इतना खतरनाक मंत्र है
केवल तीन बार पढ़ना है कितने बजे सिर्फ तीन बार यह स्वयं-सिद्ध मंत्र इस को जागरूक करने की जरूरत ने स्वयं सिद्ध मंत्र है सिर्फ तीन बार पढ़ना है और आगे वाले व्यक्ति को देखना है तीर उसके जाकर सीने में लगेगा और वह खून की उल्टी करके जगह पर मर जाएगा लेकिन मित्रों मैं यह जितना खतरनाक मंत्र है
इस मंत्र की उग्रता को देखते हुए हमने केवल इसका मंत्र ही आप लोगों के सामने साझा किया है कि इस क्रिया को करते समय हाथ में एक वस्तु पकड़नी होती है कि आपके जो सीधे हाथ से दाएं हाथ में एक वस्तु को पकड़े रहना होता है मुट्ठी में और उस दुश्मन को देखते हुए मंत्र पढ़ना होता है और वह क्या चीज है मैं आपको नहीं बता सकता क्योंकि यह इतना खतरनाक मंत्र है अगर यह गलत इंसान के हाथ लग गया है तो बहुत नुकसान हो सकता है और थोड़ी सी थोड़ी सी बात पर कोई भी व्यक्ति किसी के ऊपर बान उठाकर मार सकता है
तो इसलिए मैं यह बाल मंत्र केवल आपके सामने साझा कर रहा हूं और एक बात आपको बता दूं आप कितना भी कमेंट बॉक्स में कमेंट करेंगे या फ़ोन करके पता करने की कोशिश करेंगे तो भी आपको वह चीज क्या है जिसे हाथ में पकड़कर मंत्र पढ़ा जाता है वह हम नहीं बताएंगे क्योंकि इससे कि आम जो लोग हैं उन लोगों को बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है
बेगुनाह मासूम लोगों की इसमें बहुत से लोगों की जान की नुकसान हो सके मित्रों छोटी सी छोटी सी बातों में इंसान बांध चला देगा थोड़ा सा गुस्सा आया बांध चला देगा लेकिन एक व्यक्ति के पीछे उसका पूरा परिवार होता है इस बात की सोच रखनी चाहिए इस बात के बारे में सोचना चाहिए है तो अगली बार फिर एक बंगाली मंत्र के साथ आपके सामने उपस्थित होऊंगा तब तक के लिए जय महाकाल
इम्नामीन। सलास मातिन ।
इस मन्त्र का एक हजार जप प्रतिदिन करें और ४० दिन तक निरन्तर करें। इसके बाद कुम्हार के चाक की मिट्टी या शत्रु के पांव तले की मिट्टी ले आएं। इस मिट्टी में थोड़ा-सा रंग मिला करके शत्रु के त्वचा वाला रंग बना लें और फिर मिट्टी की एक प्रतिमा बना लें। श्मशान से हड्डियाँ प्राप्त करके छोटी-सी एक माला बना लें। इस माला पर एक बार मन्त्र का जप करके प्रतिमा के सिर पर एक जूता मारें । इसके बाद फिर जप करें और फिर एक जूता मारें। यह क्रिया करते रहें। इससे शत्रु के सिर पर चोट लगेगी। यदि यह प्रयोग ४० दिन तक निरन्तर किया गया तो शत्रु का सिर फूटकर उसकी बोलो राम हो जाएगी।
दिव्य शक्ति प्राप्त करने का मंत्र -रक्षपाल देवता साधना Divya Shakti Prapt Karne Ka Mantra ph.85280 57364
दिव्य शक्ति प्राप्त करने का मंत्र -रक्षपाल देवता साधना Divya Shakti Prapt Karne Ka Mantra
दिव्य शक्ति प्राप्त करने का मंत्र -रक्षपाल देवता साधना यह साधना सौम्य और सात्विक है इस साधना से रक्षपाल देवतासाधक को दिव्य शक्ति प्रदान करते है और मनचाहा वरदान भी प्रदान करते है
दिव्य शक्ति प्राप्त करने का मंत्र Divya Shakti Prapt Karne Ka Mantra
माता भेखलिया दे ढकें जन्म लेया । ताम्ब कुण्डे सिङ्ग लेया, बारह माह खेल खिलाया। अज वडेरा, कल वडेरा, पत्थाया पत्यया । घुंघयां सरलियां जोतां गांदा। ढाकें तेरी रम्भी विराजे, सिरें तेरें लम्बा टोप विराजे । पिट्ठी तेरिया किरलू । हत्थें तेरें नरेलू सोहन्दा, चिट्ठा चोला लम्बा डोरा । मण्डिया- दा, मण्डियाल कुल्लेए-दा कोली चम्वे-दा, चम्वलाय मणि महेशे दा, चेला सिमरिया ओखिया वेला दर्शन देने गुरु मेरे । मेहरा दिया घडिया औणा । सदेयां औणा भेजेयां जाणा, मैं बार-बार गुलाम तेरा ।
Divya Shakti Prapt Karne Ka Mantra दिव्य शक्ति प्राप्त करने का मंत्र साधना विधि
जल, गन्ध, अक्षत, फूल, धूप, ज्योति, नैवेद्य के रूप में हलुवा और हाथ से काता हुआ सूत – यह आठो सामग्री लेकर रात्रि एक प्रहर बाद (सबेरे तीन और चार बजे के बीच) पीपल के वृक्ष के नीचे जाए। पीपल के चारो तरफ प्रदक्षिणा कर दे। जनेऊ के रूप में तीन धागे पीपल के चारो ओर बाँधे; पत्तों पर पूजन सामग्री रखे। धूप- ज्योति जलाये फिर गुरु व गणेशजी का सुमिरन करके पीपल के नीचे एक माला जप करे।
जप के बाद ज्योति लेकर घर वापस आ जाय और अपने पूजन कक्ष में पूजनोपरान्त फिर एक माला जप करे। रविवार के दिन सुबह-शाम घर पर दो माला जप करें। ४१ दिन के भीतर ही रक्षपाल प्रकट होकर वर प्रदान करते हैं।
पराए परुष को पत्नी से दूर करने का मंत्र पराया परुष होगा दूर ph. 85280-57364
ॐ अंजुनी पुत्र पवनसुत हनुमान वीर वैताल साथ लावे मेरी सौत । (अमुक) से पति को छुड़ावे उच्चाटन करे करावे मुझे वेग पति मिले। मेरा कारज सिद्ध न करे तो राजा राम की दुहाई |
सामग्री- जलपात्र, सियारसिंगी, दो हकीक पत्थर हकीक माला । समय — दिन या रात का कोई भी समय आसन । दिशा — पश्चिम दिशा । जपसंख्या – पाँच हजार तेल का दीपक माला- आसन – नीले रंग का सूती अवधि — जो भी सम्भव हो करना चाहिए।
फिर सियार के पहले पाँच हजार मन्त्रजप करके इस मन्त्र को सिद्ध सिंगी के सामने दो हकीक पत्थर रख दें। एक पर उस स्त्री का नाम लिखें, दूसरे हकीक पत्थर पर नाम न लिखें, अपितु यह लिखें कि अमुक स्त्री से जिस पुरुष भी सम्बन्ध हो, वह विच्छेद हो जाए।
फिर दोनों हकीक पत्थर सियारसिंगी के सामने रखकर हकीक माला से पाँच हजार जप करें। मन्त्रजप पूरा होने पर सियारसिंगी के साथ उस हकीक पत्थर को, जिस पर स्त्री का नाम अंकित है, लाल कपड़े में बांधकर संदूक में रख दें और वह दूसरा हकीक पत्थर जमीन में गाड़ दें।
पराए परुष को पत्नी से दूर करने का मंत्र पराया परुष होगा दूर
इस प्रकार करने से उस स्त्री के अन्य जितने भी पुरुषों से सम्बन्ध होंगे, वे सम्बन्ध खत्म हो जायेंगे और उनमें परस्पर लड़ाई-झगड़ा होगा। यह प्रयोग पति कर सकता है या प्रेमी कर सकता है। जिसे यह विश्वास हो कि मेरी प्रेमिका के सम्बन्ध अन्य पुरुषों से हैं।
कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र | कर्ण पिशाचिनी विद्या ph.85280 57364
कर्ण पिशाचिनी साधना कर्ण पिशाचिनी का प्रयोग लोकसिद्धि के लिए बहुत ही प्रभावी है। यह साधना उग्र श्रेणी में आती है। अतः किन्हीं सिद्ध गुरुदेव का सहारा लेना चाहिये; अन्यथा सङ्कट में पड़ सकते हैं।
कर्णपिशाचिनी की उग्रता को कम करने के लिए घी कुवार या घृत-कुमारी नामक पौधे की जड़ और उसके पत्तों का गूदा बहुत उपयोगी है। जड़ को विधिवत् उखाड़कर सिद्ध कर अपने पास रखने से और उसके पत्तों के गूदे या रस को सारे शरीर तथा मस्तक में लगाने से उग्रता सौम्यता में बदल जाती है ।
लोहे का एक त्रिशूल बनाकर पञ्चोपचारों या षोडशोपचारों से उसका पूजन कर साधनास्थल में जमीन में गाड़ दें। दिन में घी का दिया जलाकर मन्त्र का ११०० जप करें। फिर आधी रात को त्रिशूल का पूजन कर घी और तेल के दीपक जलाकर ग्यारह दिन तक ग्यारह सौ मन्त्रजप करें। अन्त में ‘कर्णपिशाचिनी’ प्रकट होकर वर प्रदान करेंगी, जिससे किसी भी प्रकार के प्रश्नों का उत्तर ज्ञात होने लगेगा। यह अति उग्र साधना है। अतः सिद्ध गुरुदेव के सान्निध्य में ही करें।
2 कर्ण पिशाचिनी सिद्धि मंत्र
“ॐ ह्रीं चण्डवेगिनी वद वद स्वाहा ।”
साधन विधि- सर्व प्रथम इस मंत्र का १०००० जप करना चाहिए। तदुपरान्त किसी कृष्ण वर्ण ( काले रंग) की क्वारी कन्या को अभिमंत्रित कर उसका पूजन करे और उसके हाथों, पाँवों में कुकुम लगाये । अलकों में मल्लिका- पुष्प तथा कनेर के पुष्प लगाकर लाल रंग के डोरे से वेष्टित करे। इस साधन के द्वारा कर्णं पिशाचिनी यक्षिणी साधक के वशीभूत होकर उसे तीनों लोक और तीनों काल के शुभाशुभ का ज्ञान कराती रहती है। साधक को चाहिये कि वह मंत्र सिद्ध हो जाने पर अभिमंत्रित लाल सूत्र, मल्लिका पुष्प तथा लाल कनेर के पुष्प को धारण किये रहे ।
साधन विधि – रात्रि के समय उच्छिष्ट मुख से श्मशान में बैठ- कर उक्त मन्त्र का जप करे। दस लाख की संख्या में जप करने से सिद्धि प्राप्त होती है तथा पिशाची साधक के समक्ष प्रकट होकर उसे अभिलाषित वर प्रदान करती और सदैव उसके वशीभूत रहती है । पिशाची जिस समय प्रकट हो, उस समय साधक को अर्ध्य, गंधादि द्वारा उसका पूजन करना चाहिए तथा जन काल में भी पूजनादि करना चाहिए । यह ध्यान रखना चाहिए कि मन्त्र जाप के समय में न तो साधक ही किसा व्यक्ति को देखे और न कोई अन्य प्राणी ही साधक को देख पाये । किसी के देख लेने पर जप निष्फल हो जाता है ।
गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र – नाथ पंथ की साधना guru gorakhnath ka bhoot bhavishya vartman mantra ph. 85280 57364
गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र
guru gorakhnath ka bhoot bhavishya vartman mantra गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र बताइए यह बहुत समय से साधक जानो की डिमांड थी। आज आप को प्राचीन नाथ पंथ का मंत्र की जानकारी देने वाला हु इस गुरु गोरखनाथ मंत्र से भूत भविष्य वर्तमान मंत्र से आप को त्रिकाल ज्ञान की प्रपात होगा। आप निश्चित ही त्रिकाल ज्ञान को हासिल करोगे और आप को इस की अच्छी जानकारी हो जाएगी यह नाथ पंथ का प्राचीन मंत्र है
गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र guru gorakhnath ka bhoot bhavishya vartman mantra भूत भविष्य वर्तमान शाबर मंत्र
ॐ नमो वीर हनुमान हाथ बताशा मुख में पानी आओ हनुमान बताओ हाल, कालरथी का चला अंजनी का जालर (अमुक) मनुज का पीछा आगा भविष्य सब ऊंचानीचा पाप पुण्य सेब चोखा चोखा तुरत ही बताओ न बताओ तो माता अंजनी का दूध हराम गुरु गोरख उचारे, अंजनी का जाया हनुमान म्हारो काज सवारे मेरी भक्ति गुरु की शक्ति बले मन्त्र ईश्वरो वाचा
guru gorakhnath ka bhoot bhavishya vartman mantra गुरु गोरखनाथ का भूत भविष्य वर्तमान मंत्र विधि विधान
वैसे यह मन्त्र पर्व काल ग्रहण काल या दीपावली होली, नवरात मे एक हजार आठ संख्या में सिद्ध हो जाता है मगर उसके अलावा ४१ दिन में सवा लाख जाप पूर्ण करने का विधान है साधना के अंतिम दिन दशांश का हवन जरूर करे और श्रीफल अग्नि में भेंट दें भोग भी लगाए मन्त्र सिद्ध हो जाएगा जब कभी इस मेन्त्र का प्रयोग करना हो तो व्यक्ति को सामने बिठा कर गूगल की धूनी करे और इस मन्त्र का २१,या ४१ बार जाप मन मे करे और मन्त्र अमुक की जगह उस व्यक्ति का नाम ले कर ध्यान करे आपको उस व्यक्ति के बारे में जो जानना हो वो में उसे बता सकते हो इस प्रयोग को जन कल्याण के लिए प्रयोग में लाये । जय अलख जय गिरनारी । आदेश ।
kamekshi apsara sadhana कामाक्षी अप्सरा साधना – सबसे जल्दी सिद्ध होने अप्सरा ph. 85280 57364
kamekshi apsara sadhana कामाक्षी अप्सरा साधना – सबसे जल्दी सिद्ध होने अप्सरा
kamekshi apsara sadhana कामाक्षी अप्सरा साधना – सबसे जल्दी सिद्ध होने अप्सरा गुरु मंत्र साधना में आपका हार्दिक स्वागत है। आज मैं एक ऐसे अप्सरा की जानकारी देना वाला हु जो अप्सरा आपकी ज़िंदगी बदल सकती है। इस अप्सरा को सिद्ध करने के बाद आपकी ज़िंदगी आपार धन दौलत मान सामान की कोई कमी नहीं होगी आपको आपार धन दौलत सुख समृद्धि की कोई कमी नहीं रहेगी।
इस अप्सरा को सिद्ध करने के पश्चात् आप को कभी भी वशीकरण की साधना या किसी भी प्रकार के टोटके को करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्युकी यह अप्सरा कामदेव की अप्सरा है। कामदेव वशीकरण आकर्षण देवता है।
इस साधना को करने के पश्चात् आप के भीतर आक्रषण की शक्ति प्रपात होगी। जिस के बाद आप की और सब लोग अकृषित होंगे जो लोग आपको पसंद नहीं करते है आप को करने लगेंगे। आप की वाणी और शरीर के भीतर कामुक और वशीकरण शक्ति प्राप्त हो जाएगी।
फिर आप किसी को भी जो काम बोलोगे आप के काम को मना नहीं कर सकता चाहे वो व्यक्ति कितना मंत्री राज मंत्री कोई भी हो जहां जाओगे सब लोग आप के अधीन हो जाएगे। आप किसी से भी इस साधना से धन लाभ ले सकते है।
अगर आप किसी सरकारी नौकरी की तयारी कर रहे है नहीं लग रही है। तो यह साधना करने के पश्चात् लग जाएगी अगर दुकान पर ग्राहक नहीं आ रहे है। काम डप पड़ा काम निश्चित ही चलेगा बहुत ग्राहक आएगे आप संभाल नहीं पाएँगे।
काम का संबध मूलाधार चक्र से है जब मूलाधार चक्र संबध धन दौलत से है जब यह चक्र ब्लॉक हो जाता है तब आप के धन ऐश्वर्य के सब रास्ते बंद हो जाते है। जब यह अप्सरा की साधना करते हो तो आपके धन ऐश्वर्य के रास्ते अपने आप खुल जाते है।
अकस्मात धन प्राप्त होता है जिसे के लोटरी सट्टे गाड़ा धन शेयर मार्किट अदि से अचानक लाभ हो सकता है ,या पुरानी कबाज़ी ज़मीन प्राप्त हो सकती है या अचानक से सराकरी प्राप्त हो सकती है । यह अप्सरा आपको भूत भविष्य का ज्ञान देती है।
इस के इलावा जैसे को लड़का लड़की से प्रेम करता है पर दूसरे और से प्रेम नहीं है कहने जका मतलब एक तरफा प्रेम है तो इस साधना के पश्चात् कोई भी लड़की या लड़का मना नहीं करेगा। अगर किसी व्यक्ति शादी नहीं हो रही है तो, इस साधना के पश्चात् शादी आपकी मनचाही जगह पर होगी। दोने परिवारों की सहमती के साथ होगी।
बहुत सारे लोग फ़ोन करते है उनका पति या पत्नी का किसी और के साथ चक्र चल रहा है तो यह साधना के पश्चात पति पत्नी मैं आपसी प्रेम बढ़ेगा। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में कोइ रोग है तो इस साधना के पश्चात् समापत हो जाएगा और उसका शरीर सुन्दर और आकर्षक हो जाएगा।
कामाक्षी अप्सरा साधना मंत्र – सबसे जल्दी सिद्ध होने अप्सरा
ॐ नमो काम कामेच्छायै स्वाहा
इस मंत्र का जप २१ दिन २१ माला करे और नित्य इस अप्सरा की पूजा करे और अप्सरा को भोग में सफेद मिठाई रखे। इस साधना को करने के लिए आपको आपको अप्सरा यन्त्र माला की जरूरत होगी
शत्रु नाशक टोटके लाल किताब – निश्चित ही शत्रु पराजित होगा ph. 85280-57364
शत्रु नाशक टोटके लाल किताब – निश्चित ही शत्रु पराजित होगा
शत्रु नाशक टोटके लाल किताब – निश्चित ही शत्रु पराजित होगाshatru nashak totke lal kitab नमस्कार मित्रों गुरु मंत्र साधना के माध्यम से लाला किताब के टोटके लेकर आता हूं ,आज का यह टोटका है शत्रु नाशक टोटका है क्योंकि शत्रु चाहे जितना शक्तिशाली हो इस टोटके के सामने टिक नहीं सकता। आपके जीवन में शत्रु आपको परेशान करने की कोशिश शत्रु आपको चाय रहा है, कि आप परेशान हो जाएगा जीवन में बड़ा ही बाधा डाल रहा है ,आपके विकास को रोकना चाहता है।
शत्रु नाशक टोटके लाल किताब
शत्रु नाश के लिए उपाय
शत्रु नाशक उपाय
आप उसके सामान बलवान नहीं है ,तब भी डरने की जरूरत नहीं है। यह छोटे छोटे टोटके बड़े से बड़े शत्रु का शमन कर सकते हैं। शत्रु बाधा से पीड़ित है जीवन में शत्रुओं ने आपको नाच नचा के रखा है। कोई रास्ता नहीं नजर आ रहा है तो एक रास्ता मैं देता हूं। जीवन में शत्रु बाधा से जीवन की परेशानी दूर हो जाए शत्रु आपके भिड़ गया है। और आप शत्रु के संकट है आपका एक लक्ष्य रह गया है। आप चिंता मत करें इस टोटके से पराजित हो सकता है पर करना क्या है।
कुछ टोटके मैं आपको देता हूं और यह टोटके कम से कम जरूर करे। और चारों टोटके बेहद असरदार है बड़े से बड़े शत्रु का शमन करने में सक्षम है करना क्या है।
1 शत्रु नाशक टोटके लाल किताब – शत्रु नाश के लिए उपाय
shatru nashak totke lal kitab पहले टोटका रविवार के दिन से दिन ये टोटका करना है। रविवार के दिन चमेली के पेड़ से चमेली का जो फूल होता है। उसे फूल की जड़ अर्थात पेड़ की जड़ आप ले आए और एक तांबे की तबीयत या चांदी की ताबीज में ,उसे जड़ को डालकर के रश्मि रंग का धागा लेकर के रविवार के दिन ही पूजा पाठ करके धूप दिखा करके ,उसे चमेली की जड़ को अपने धरण करले चमत्कार देखेंगे की शत्रु अपने आप को किसी और शत्रु से भीड़ जाएगा। आपका कार्य कोई और उसके ऊपर निश्चित रूप से करेगा वह निश्चित रूप से इस चमेली की जड़ में इतनी ताकत है शत्रु का शमन हो सकता है।
2 शत्रु नाशक टोटके लाल किताब – शत्रु नाश के लिए उपाय
shatru nashak totke lal kitab दूसरा प्रयोग सिद्धिमांज की डोरी कमर में रविवार के दिन आप धारण करें रविवार को सुबह सूर्योदय से लेकर शाम सूर्यास्त मूंज की डोरी अपने कमर में चुपके से बांधे और उसे शत्रु का नाम सारे दिन में कम से कम 11 21 51 बार ले तो निश्चित रूप से देख लीजिएगा। उसे वह शत्रु इस मांज की डोर में बंद जाएगा और आपके ऊपर प्रहार नहीं कर पाएगा आपके जीवन से खत्म हो जाएगा पराजित हो जाएगा।
3 शत्रु नाशक टोटके लाल किताब – शत्रु नाश के लिए उपाय
shatru nashak totke lal kitab नंबर तीन लाल कनेर यह जॉइन 90 दिन का सिद्धांत है। अर्थात 90 दिन का या 91 दिन भी कर सकते हैं। इसमें करना क्या है लाल कनेर के पुष्प आप 11 पुष्प 21 पुष्प लेकर के आए 21 51 लेकिन ध्यान रहे। आप के पीछे राजतंत्र का राज मंत्री क्यों न पीछा लगा हो आपके पीछे जो है बहुत महत्वपूर्ण सिद्धांत है विघ्न विनायक भगवान गणपति आपके जीवन से शत्रु को हटा देंगे करना क्या है।
लाल कनेर के पुष्प हो सके तो वन डे दिन 1 दिन 21 दिन 90 दिन भी एक सिद्धांत बना ले ओम गणेशया नमः लगातार लाल कनेर पुष्प चढ़ाए और निवेदन करें कि प्रभु यह लाल कनेर मैं आपको इसलिए अर्पण कर रहा हूं। कि मेरे जीवन में जो यह प्रबल शत्रु लगा हुआ है। इससे मुझे मुक्ति दिलाए तू क्यों कि जब जीवन में विघ्न होता है तो शत्रुघ्न करता है जब जीवन में विघ्न रहेगा ही नहीं तो शत्रु आपके जीवन से हट जाएगा गणपति आपके जीवन से शत्रु हटा देंगे।
4 शत्रु नाशक टोटके लाल किताब – शत्रु नाश के लिए उपाय
shatru nashak totke lal kitab एक रामबाण उपचार देता हूं नंबर 4 माता धूमावती शत्रु नाशनी होती शनिवार के दिन माता की आराधना करें लेकिन इसमें विशेष क्या है। किसी योग्य गुरु की देख रेख में करे क्योंकि धूमावती माता आपके शत्रु के को स्तंभ कर देती है आपका पीछा तो धूमावती साधना शनिवार के दिन करे और गुरु आज्ञा से शत्रु का शमन निश्चित होगा।
5 शत्रु नाशक टोटके लाल किताब – शत्रु नाश के लिए उपाय
shatru nashak totke lal kitab पांचवा सिद्धांत है शनिवार के दिन से शुरू करें 43 डेज जिसमें एक सिक्का ले जिसके बीच में छेद हो गंदे नाले में अपने शत्रु का नाम लेकर के 40 43 डेज आप उसे सिक्के को फेंकने का प्रयास करें ४३ दिन के बाद शत्रु आपके चरण गिर जाएगा। इसको आप देख लीजिएगा पंच महायोग आपके जीवन में शत्रुघ्न योग बना देंगे।
आपके जीवन से शत्रु को निश्चित रूप से निकाल के दर फेंकने में समर्थ है। आप अगर शत्रु बाधा से योग सिद्धांतों को करके देखिए विश्वास मानिए गए ,कि आपके जीवन में शत्रु रहेंगे ही नहीं जिनके जीवन में शत्रु नहीं होंगे। उनके जीवन में विकास होगा क्योंकि झगड़ा झांझर मुकदमा यह मनुष्य को पीछे ले जाते हैं ,तो इसे आप पीछा छुड़ाकर के अपने जीवन में हर प्रकार की खुशियां लाने का प्रभाव करें। बहुत बहुत धन्यवाद