प्राचीन चमत्कारी ब्रह्मास्त्र माता बगलामुखी साधना अनुष्ठान Ph. 85280 57364
इसी आधार पर उनकी महाशक्ति को वल्गामुखी भी कह दिया जाता है। तंत्रशास्त्र और अन्य ग्रंथों में बगलामुखी देवी का क्रोधी स्वभाव वाली न्यायदेवी के रूप में वर्णन हुआ है। माँ का यही रूप उनके ध्यान में वर्णित किया जाता है तथा उनके चरित्र वर्णन एवं प्राचीन प्रतिमाओं में देखने को मिलता है । माँ का ध्यान एक राक्षस की जीभ को अपने हाथ से खींचते हुये रूप में किया जाता है। इस स्वरूप का भी यही भावार्थ है कि माँ अनंत शक्ति की प्रतीक है और वह अपने भक्तों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की निंदा, झूठा आरोप, मिथ्या अफवाह, असत्य दोषारोपण आदि बिलकुल सहन नहीं करती। वह स्वतः ही अनर्गल निंदा करने वाले शत्रुओं की जीभ को कील देती है, जिससे उनके भक्त के शत्रु कमजोर पड़कर परास्त होने लगते हैं।

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