Category: स्वास्थ्य

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ismail jogi sadhna इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय

🕌 इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय

ismail jogi sadhna इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय गुरु मंत्र साधना.com में आपका फिर से स्वागत है। आज हम एक नए विषय पर चर्चा कर रहे हैं। गुरु रुद्रनाथ और सागरनाथ। कभी रुद्रनाथ जिज्ञासु की भूमिका निभाते हैं तो कभी सागरनाथ जी जिज्ञासु की भूमिका निभाते हैं। दोनों ही एक से बढ़कर एक ज्ञानी हैं। कोई छोटा बड़ा नहीं है।

दोनों एक समान ज्ञानी हैं। हर बार इस मंच पर एक नया ज्ञान प्राप्त होता है साधक जन को। आज फिर इस श्रृंखला में नया ज्ञान लेकर आए हैं। चलो शुरू करते हैं। गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। जी।

आज का जो हमारा टॉपिक रहेगा इस इस्माइल योगी की साधना का रहेगा। ठीक है? इस इस्माइल योगी की साधना क्यों की जाती है? इसका क्या लाभ है? ठीक है? पूरा उस टॉपिक के ऊपर बातचीत करेंगे।

आज फिर हमारे गुरु मंत्र साधना.com पर सागरनाथ जी उपस्थित हैं जो आपको बताएंगे इस इस्माइल योगी की साधना का क्या महत्व है। जी जी सागरनाथ जी आप जी का स्वागत है फिर से। सबको एक बार राम राम। फिर से जय माता की। जय माता दी। राम राम जी।

तो रुद्रनाथ जी आपका एक बार फिर से धन्यवाद अपने वेबसाइट पे एक बार दोबारा फिर से बुलाने के लिए। जी तो आज हम ये लेके आए हैं इस्माइल जोगी। इस्माइल जोगी का जो मंत्र है या विधि-विधान है अक्सर नहीं मिलता। तो जिनके पास है उन्होंने अपने पास ही रख लिया है।

आगे बताया ही नहीं। ठीक है। इनका क्या महत्व है मैं बताता हूँ। तो ये गुरु के रूप में जैसे चलते हैं इस्माइल जोगी, जोगी तो हैं ही, इस्माइल जोगी के रूप में भी चलते हैं और दूसरी बात जहाँ पे कामरू का कामाख्या की पीठ है ना, कामरूपा जिसको आप बोल दो, कामाख्या मंदिर, वहाँ की स्थली, वहाँ पे ये बहुत ज्यादा पूजे जाते हैं।

साथ में इनके लूना चमारिन भी पूजी जाती है, जो लूना चमारिन है इनकी शिष्या मानी गई है, इनकी शिष्या मानी गई है और जो नार सिंह वीर है ना, वहाँ का जो मोहन का काम करता है, मोहन का जो वशीकरण बहुत प्रबल रूप से करता है, वो भी इनके साथ ही रहा है, लेकिन वो इनका शिष्य नहीं रहा जी। वो इनके साथ ही जैसे गुरु भाई बोल सकते हो आप। ठीक है?

📜 इस्माइल जोगी का महत्व और नाथ संप्रदाय से संबंध

 

और दूसरी चीज क्या है जी, जो ये इस्माइल जोगी जी हैं, गुरु गोरखनाथ जी ने शिक्षा प्राप्त करी है, शिक्षा हाँ, इनके शिष्य हैं। यही मैं बात बोलने लगा था। इनके शिष्य हैं। मतलब कि ये तंत्र के क्षेत्र में इनका जो लेवल है बहुत बड़ा है, जिसको बोलते हैं हाई डिग्रीहाई डिग्री

और दूसरी चीज क्या है जी, अब लोगों के मन-माइंड में आता है ना कि हिंदू धर्म में हम मुस्लिम साधना कर रहे हैं। जो मुस्लिम साधना का प्रचलन हुआ है, ये इस्माइल जोगी से ही हुआ है। जी ठीक है।

और दूसरी चीज, जो ये धर्म-कर्म के जो लोग ज्यादा करते हैं ना, मैं एक चीज बोलना चाहता हूँ जी, नाथ संप्रदाय के अंदर मुस्लिम साधना भी की जाती है और सनातन धर्म की भी की जाती है। ऐसे होती थी जब गुरु गोरखनाथ जी घर पे तो अभी हैं, लेकिन जब वो आए थे, प्रकट हुए थे, उन्होंने दीक्षा देनी शुरू की थी, जो मुसलमान थे, मुसलमान पद्धति के थे, ठीक है

उस समय वो उनके जब शिष्य बने, उनको पता लगा कि इनके अंदर नूर है, परमात्मा का दिया हुआ, कुछ कर सकते हैं। उन्होंने उनको दीक्षा दी, नाथ पंथ से ही दी और आगे उन्होंने क्या किया? जब उनसे दीक्षा ले ली, परफेक्ट हो गए, तो आगे अपना पंथ चलाना शुरू किया।

ये जो मंत्र आप मुस्लिम मंत्र पढ़ते हो ना, इल्म आलम, इल्म आलम, ये जितने भी पढ़ते हो, कालिम हाँ, आलम कालिम, ये वहीं से ही चले हुए हैं। बिल्कुल। देखो गुरु का तो मतलब होता है शिष्य को पावर देना।

शिष्य जैसे मर्जी उस गद्दी को आगे बढ़ाए, गुरु ऐसे नहीं बोलते। वो बोलते कि दूसरी चीज क्या है, नाथ संप्रदाय में मुस्लिम साधना भी एक समान की जाती है और यह भी की जाती है। दोनों का एक समानता है।

उसमें ये नहीं है तो कोई धर्म-कर्म का कोई आडंबर नहीं। गुरु तो सबके समान होते हैं। सीधी बात है। बिल्कुल। ठीक है ना? उनके घर में कोई ये धर्म मजहब नहीं चलता है। बिल्कुल वही चीज तो मैं बोल रहा हूँ उन लोगों को।

💡 साधना की विधि और स्वरूप

 

अब मैं बताता हूँ ये जो मेरे को साधना मिली थी, कहाँ से मिली थी? ये हरियाणा के जंगम थे। जंगम थे, उनके ऊपर भोलेनाथ की सवारी आती थी, बहुत गुस्से में आती थी, शांत रूप में नहीं आती थी, क्रोधित रूप में आती थी। क्रोधित रूप में सिगरेट ज्यादा पीते थे वो खुश हो के।

क्योंकि जब वो भजन करते थे, उनका चेहरा इतना लाल पड़ जाता था, जो जंगम खंजड़ी बजा के नहीं करते अपना भजन। हम हम वो करते थे। हमारे अच्छे मित्र मतलब कि अच्छे खासे मित्र बन गए थे। हम हम जैसे उनका लेवल बड़ा हुआ हमारा था। एक दूसरे को मेल-मिलाप हुआ। हम उनको अपना कुछ बताते, वो हमें अपना बताते।

जैसे लेन-देन चलता रहा। हम हम। तो वो आए शिवरात्रि में मेरे पास। भोलेनाथ का भोग लेने के लिए आते थे कि तू भाई इतना मेरे को उनके तरफ से दे दे। तो मैंने बोला कि उनके आपके लिए द्वार खुला है, जब मर्जी आओ, शिवरात्रि को छोड़ के भी आ सकते हो आप। कहते नहीं, जो उन्होंने मेरे को बोला है कि इसे शिवरात्रि की शिवरात्रि से मिलना है। जी जी जी।

तो वो अपने घर पे धुना लगा के उन्होंने उनको सिद्ध किया था इस्माइल जोगी। अच्छा जी। धुने के ऊपर किया था। उन्होंने मेरे को विधि क्या बताई थी? इतनी लंबी चौड़ी विधि नहीं है, जितनी हम सुनेंगे, यहाँ बताई जाएगी दूसरों के द्वारा। वो बोलते हैं इसमें पाँच लड्डू लगते हैं, पाँच पताशा। अच्छा जी।

धुना होता है, जो धुना, जो जिसको आप कंकड़-कंकड़ नहीं, उसको अँगीयारी बोलते हो ना, गोबर की गाय का उपला लेना है, उसके ऊपर उसको सुलगा के देना है। ये प्रतिदिन आपने 21 दिन करना है। उस धुने के साथ में 11 माला करनी है। तो 250 ग्राम बेसन भी लेना है इसके साथ में। ठीक ठीक ठीक ठीक।

इसके साथ क्या होगा, मैं अब आपको बताता हूँ। जो ख्वाजा साहब है ना, ख्वाजा पीर जिसको बोलते हैं, जो वरुण देव हैं हमारे इतिहास में सनातन धर्म में, ये वो रूप है। ये साथ में सिद्ध होंगे उनके। ठीक है? मतलब कि ये मल्टीपल कार्य करेंगे आपके लिए।

आपके सिर पे चौकी आनी, जैसे बैठे-बैठे किसी को हाल-चाल बताना, कान से निकालना, किसी की चौकी बाँधनी-खोलनी, ये भी कार्य करेंगे। यहाँ तक जब ये आपको सिद्ध हो जाएँगे, नरसिंह वीर की भी सिद्धि करवा देंगे, जो कामरूपा में पूजा जाता है, लूना चमारिन, मतलब जितने वीर तंत्र वाले ना, उनके आसपास के क्षेत्र में रहते हैं या उनके पास जो दीक्षा ली थी उन्होंने, वो सब आपके साथ चल पड़ेंगे।

📿 मंत्र, लाभ और अनुभव

 

और इनका स्वरूप कैसा है? जटाधारी हैं। सिर के ऊपर साफा बाँधते हैं जो नाथपंथ में बाँधा जाता है। हाथ में चिमटा है और कमंडल है। पाँव में खड़ाऊँ है। खड़ाऊँ है, ये इनकी पहचान है। ठीक ठीक ठीक ठीक। ठीक है? और इन्होंने गले में नादी पहनी हुई है, जैसे गुरु गोरखनाथ नहीं अपने शिष्यों को डलवाते थे। हम हम हम।

वैसा इनका। अब मैं मंत्र पे आता हूँ। अच्छा इनका, हाँ, चलो मंत्र के ऊपर आए, तो थोड़ा सा मैं यही पूछ रहा हूँ कि इसके क्या लाभ हैं? चलो आप पहले मंत्र बता दो। उसके बाद फिर हम लाभ पूछेंगे, क्या हैं इसके?

इस्माइल जोगी का शाबर मंत्र

 

मंत्र ऐसे है: खेरू ठेर करे, ख्वाजा सिजर परे, गुरु इस्मेल को हाजिर करे।

ये अढैया मंत्र है। फिर बोल देता हूँ। अढाई अक्षर का जिसको बोला जाता है, अढाई लाइन का। खेरू ठेर करे, ख्वाजा सिजर परे, गुरु इस्मेल को हाजिर करे। ठीक ठीक।

खेरू का मतलब होता है कि जो ना मुड़े, जो ना मुड़े, उसको खत्म कर दो। अगर जो खत्म हुआ हुआ है, उसको सही कर दो। ठीक है? ख्वाजा जो है, आपका साथ दे। सिजर परे का मतलब ये है जो गुरु इस्मेल हैं। मैंने पहले बोला था कि ये गुरु स्वरूप हैं। गुरु हैं। इनका नाम गुरु स्वरूप। गुरु इस्मेल को हाजिर करें। ठीक है?

जब भी वस्त्र डालने हैं, वस्त्र कोशिश करो कौन से डाल सको? सफेद डाल सको, पीले नहीं तो जोगिया कलर का डालो। या फिर तीसरा ग्रीन कलर का जो होता है, वो भी डाल सकता है। हाँ, ये भी चलेगा ना? चलेगा, चलेगा। लेकिन ज्यादातर असर इनका नाथ पंथ में ही चलेगा। कि मतलब कि ये भूल में मत रहें कि ये मैं आपको मुस्लिम मंत्र दे रहा हूँ। ये अढैया मंत्र है। ये नाथ पंथ का मंत्र है। प्रामाणिक मंत्र है।

अच्छा, अब आगे बात करते हैं। इसके क्या लाभ हैं? उसके बाद तीसरी चीज फिर हम बात करेंगे अनुभव की। फिर पोस्ट को करेंगे। लाभ, लाभ यही है कि सबसे पहले ये आपके गुरु बन जाएँगे। जब आप इस मंत्र को पढ़ोगे ना धुने के ऊपर, गुरु बन जाएँगे।

इस इस मंत्र से आपको भोलेनाथ की कृपा अपार मिल जाएगी। दूसरी ये जो मैंने आपको नरसिंह वीर के बारे में बोला है, लूना चमारिन के बारे में बोला है या गुरु गुरु गोरखनाथ जी के बारे में बोला है। इनकी भी आपको अपार कृपा मिल जाएगी।

आपके रुके हुए काम सारे चलने लग पड़ेंगे। आप गद्दी लगा सकते हो। सबसे बड़ी बात है जो गद्दी लगाना सीख गया, वो ऑलराउंडर बन गया। ठीक ठीक ठीक। ठीक। ठीक है।

और दूसरी चीज मैं आपको और बताता हूँ, जो ऐसी गुरु परंपरा की साधना की जाती है, तो आगे चलके जो गुरु होते हैं, सपने में आके आपको बहुत विचित्र साधना भी सिखाएँगे। जी।

भाई मेरे शिष्य ऐसे हैं, जो मेरे को खुद बोलते हैं कि आप मेरे पास आते हो, मेरे सपने में आते हो, मेरे से बात करते हो। मेरे को विधि बता-बताकर चले जाते हो आप। मेरा हल हो जाता है। ये ऐसा क्यों होता है? क्योंकि आपका गुरु परफेक्ट होना चाहिए। बिल्कुल बिल्कुल। सबसे बड़ी बात गुरु परंपरा से ये चीजें चलती हैं जी नाथ संप्रदाय में।

मैं एक यहाँ पे लास्ट सवाल ये कहना चाहता हूँ, ये मैं मंत्र या विधियाँ इतनी क्यों दे रहा हूँ? जैसे भगवान नारायण का जो स्वरूप है ना वेदव्यास जी, उन्होंने इतने पुराण रचे, 18 के 18 पुराण रचे, किस लिए? कि मनुष्य की भलाई के लिए, कि वो टस से मस न हों।

हमारा भी वही धर्म है। हमें ये नहीं कि मेरे पास पड़ा या गुरु जी ने दिया हुआ है, किताब में रख लिया। वो तो बात वहीं पे खत्म हो गई। जिसकी जितनी सोच है, वैसा करना है। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। हमें तो भंडारा लगाना है। सीधी बात है। बिल्कुल।

हमें चीजें लुप्त होने से बचानी हैं। सरेआम देना है लोगों को, अपने ठोक-बजा के, ठोक-ठोक के देना है। अगर कोई बंदा नहीं करेगा, तो उसके भी अपने कर्म हैं। अपने कर्म हैं। सीधी बात है। मेरा तो कर्म है देना। करना कि नहीं करना, वो तो उनकी अपनी जिम्मेवारी है। ठीक है जी।

इसके अनुभव क्या-क्या हो सकते हैं? लास्ट क्वेश्चन, उसके बाद समाप्त कर देंगे इसको। अनुभव सबसे ज्यादा कि ये सबसे पहले आपको ख्वाजा साहब दिखेंगे कि जैसे उनका पंजे जल में हाथ दिखता है ना, पंजा तरह में वो दिखेगा।

जब वो दिखने लग पड़ा, समझो आपको सीधी सीधी तरीके से सीधी डायरेक्ट मिलने वाली है। ठीक है ठीक ठीक ठीक। ये सपने में दिखेगा या वैसे दिखेगा?

नहीं, सपने में क्लियर होगा। आप बेड़ी-किश्ती में बैठकर जा रहे हो किसी पीर फ़कीर के साथ। ठीक है? क्योंकि ख्वाजा साहब भी इनके साथ चलते हैं ना वरुण स्वरूप पे। ठीक ठीक ठीक ठीक।

ठीक है? वीरों के भी दर्शन होंगे कि किसी ने कृपाण पकड़ा, किसी ने भाला पकड़ा, किसी ने ढाल पकड़ी हुई, आपकी रक्षा कर रहे हैं। ये वही साधना के जो वीर इनके साथ चलते हैं, वही आपकी रक्षा करेंगे। छोटी-छोटी निशानी आपको देते जाएँगे। जी।

जो आपने कभी देखी नहीं होंगी सपने में, वो बताएँगे बकायदा। ठीक है जी। बहुत ही बढ़िया पोस्ट हमारा अब बन चुका है। ठीक है। इस्माइल जोगी को लेकर। ठीक है। अगर कोई भी इंटरनेट पे, गूगल पे, कहीं पे भी ढूँढ़ लेना। नहीं मिलेगा। अच्छा, नहीं मिलेगा।

मैं बोलता हूँ, नहीं मिलेगा। जी। ठीक है जी। तो आज के लिए बस हम यहीं पर समाप्त करते हैं। ठीक है रुद्रनाथ जी। ठीक है जी। तो अगले जय माता की। हाँ जी। जय माता। और जय महाकाल की। जय श्री महाकाल।

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना
हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना bhoot, bhavishy aur vartamaan jaanane ke lie hanumaan jee ka dhyaan गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज हम एक साधना लेकर आए हैं हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना। इस साधना से आप हनुमान जी की कृपा से भूत भविष्य वर्तमान काल जान सकते हो और यह बहुत ही आसान है। घर में रह के हर व्यक्ति कर सकता है। चाहे वह घर गृह वाला है, चाहे वह ब्रह्मचारी है, चाहे वह सन्यासी है। सबके लिए यह अवेलेबल है साधना। हर कोई कर सकता है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना परिचय और अतिथि स्वागत

तो इसी साधना के ऊपर ही आज का हमारा टॉपिक रहेगा और इसी साधना के ऊपर हम चर्चा करेंगे और आज हमारे साथ फिर से हैं सागरनाथ जी जो बहुत ही अच्छे साधक हैं और लंबे समय से साधना करवाते हुए आ रहे हैं।

सागरनाथ जी आबू जी का गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट में स्वागत है फिर से। राम राम सबसे पहले सब राम राम जय जय माता की भाई जय माता दी हां जी आज आप हमें बताने वाले हैं हनुमान जी के भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना क्योंकि ये जो साधना करवाने का उद्देश्य यह है

क्योंकि बहुत सारे लोग बोलते थे कि हमें कर्म पिशाचनी नहीं हम कर सकते या और कोई थर्ड पार्टी साधना हम नहीं कर सकते क्योंकि इसका नेगेटिव प्रभाव है। यह है वो है। तो इसीलिए ही हम दैविक साधना लेकर आए हैं।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना के लाभ (हनुमान वीर चलाना)

तो हां जी सागरनाथ जी आप बताएं इसके फायदे क्या हैं? और हर व्यक्ति को यह साधना करनी चाहिए मेरे हिसाब से क्योंकि हर व्यक्ति को ही एक सच्चे मार्गदर्शन की जरूरत है। जी बिल्कुल। अब मैं मुद्दे की बात पे आता हूं। इस साधना का नाम है हनुमान वीर चलाना।

यह यानी कि शाबरी वीर की हजरात हजरात जिसको बोला जाता है जैसे हजरात का मतलब होता है बच्चे को बिठा के नाखून पे देखा जाता है या बच्चे से पूछा जाता है लेकिन इस हजरात का ये फायदा है इस हजरात को आप अपने ऊपर सीधा लगाओगे मतलब

आप बंदे के ऊपर ही वो लगेगा बच्चे की भी जरूरत नहीं है जरूरत नहीं साधक अपने ऊपर खुद लगाएगा और वो सबको साधक को ही बताएंगे भूत भविष्य समास बिल्कुल ठीक है और इस साधना का और क्या-क्या फायदा है? मैं आप बताता हूं।

ये साधना ज्यादातर पहलवान लोग करते हैं। जो पहलवान होते हैं ना दंगल करते हैं। कुश्ती वगैरह करते हैं। दंगल कुश्ती करते हैं। बिल्कुल बिल्कुल। मान लो जैसे आपको 50 60 आदमियों ने भी घेरा है। उनको भी आप अस्त-व्यस्त कर दोगे। ये ऐसी साधना है। अच्छा जी।

अब मैं आपको मंत्र पे आता हूं। आपको बताया नहीं अभी थोड़ा सा और हमें जानकारी साधकों को चाहिए होंगी ना तो उसके रिलेटेड मैं और जानना मतलब साधनों साधकों की ही जिज्ञासा मैं आपके सामने रखूंगा क्योंकि फिर ये लोग ना कमेंट भर देंगे और मैसेज करके पूछते हैं ये क्या फायदे हैं और क्या हां फायदे बताता हूं

सबसे पहले और इनके फायदे पहले आप बताइए खुल के तभी कोई इंटरेस्ट पैदा होता है साधक का जी जी जी मैं फायदों की बात करता हूं इससे क्या होता है आप किसी भी शक्ति को हाजिर कर सकते हो। चाहे वह भूत है, पिशाच है। जैसे उसको पकड़ के लाने के लिए बोलोगे

यह पकड़ के ले आएगी। जिसके ऊपर मान लो किसी के ऊपर भूत की सवारी लानी है। जैसे आपने इसको सिद्ध कर लिया बैठे हो। जिसको भूत चढ़े आता है जो दुखी करता है वो उसको सामने बैठाओ। पानी पढ़ो पानी के ऊपर ये अपनी हजरात का मंत्र पढ़ो। उसके छींटा लगाओ वो भूत हाजिर हो जाएगा।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना साधक को अनुभूति कैसे होगी ?

आगे नहीं मेरा एक सवाल है जी इसमें। क्या वो भूत बोलेगा या हनुमान जी बताएंगे सर? नहीं हनुमान जी तो आपके ऊपर होंगे ना हजरात में।

अच्छा अच्छा अच्छा जो रोगी होगा ना भूत चुड़ैल से ग्रस्त उसके ऊपर बोलेगा वो भूत बोलेगा जो भी उसको प्रॉब्लम होगी एक छोटा सा सवाल मेरा ये है मैं ये जानना चाहता हूं जैसे हनुमान जी की बंदे की बॉडी के ऊपर आएंगे जी तो कैसे आएंगे वो और बंदे को क्या महसूस होगा शरीर में भारीपन आएगा भारीपन आएगा उसकी बॉडी वाइब्रेट होने लग जाएगी जैसे अंदर एक करंट चल रहा है ना हम ऐसा उसको फील होगा पूरी तरह अच्छा तो उसको गुस्सा गुस्सा आ जाएगा ज्यादा बैठे-बैठे। गुस्सा आ जाएगा।

तो दूसरी चीज मैं एक चीज और पूछना चाहूंगा। जैसे उस सवालों के जवाब है तो फिर उसको कैसे पता चलेंगे? दिमाग में आएंगे या कान में बताएंगे? कैसे होगा ये? उनके मन में बताएंगे। दिमाग में नहीं उसके मन में भी मतलब मन में ही वो बातें चलनी शुरू होंगी।

वो उसी समय जैसे अपनी गद्दी पे बैठेगा ना सिद्ध करने के बाद। जैसे उसके सामने किसी शख़्स को बिठा वो पूछने आया है। कि मेरे घर में क्या चल रहा है? मेरे क्या प्रॉब्लम है?

साधक बैठे उनको याद करें। उसी समय मंत्र का ध्यान करें। मंत्र जाप करें। उसके मन में सवाल आने शुरू हो जाएंगे। इसको इसके घर में ये प्रॉब्लम है। ये लड़का इस काम के लिए आया है। इसकी रुकावट ऐसे दूर होगी। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। रुकावट का हल भी बता देंगे। अच्छा जी। ठीक है।

अन्य लाभ (पितृ दोष, कुल देवता)

मैं अब इसके और फायदे बता देता हूं। मान लो आपके घर में पितृ दोष है। यह वो भी तक बता देंगे कि आपके घर में पितृ दोष है। इसको सही कैसे करना है। क्या मतलब कि भोग देना है। क्या इनकी पूजा बजारी है? वो भी बता देंगे। या आपका देवता कुपित है। कुल देवता कुपित है। ठीक है? या किसी ने देवते को छोड़ रखा है। चढ़ाई कर रखी है अपने घर पे। ये भी हनुमान जी साधक को बता देंगे कि यह प्रॉब्लम तेरे घर में चल रही है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना की विधि और मंत्र

ये तो सन्यासी, ब्रह्मचारी और गृहस्थ सभी कर सकते हैं। लेकिन करने के लिए उनके पास कितना थोड़ा सा टाइम होना चाहिए। कितना दो दिन का या सात दिन का? बड़े साधन तो इसको 2 दिन में भी कर सकते हैं। अच्छा ये इतने कम समय की साधना है। बिल्कुल बिल्कुल। यही तो लोग ज्यादातर मांगते हैं कि हमें 2 दिन 5 दिन 7 दिन के ही चाहिए। हां 40 दिन का हम ज्यादा को ज्यादा ज्यादा को तो ज्यादा दो दिन उससे ज्यादा सात दिन बस

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना विधि और सामग्री

और इसमें अब विधि विधान क्या रहेगा मैं बताता हूं दो लड्डू लगेंगे मीठा पान लगेगा मूंगे की माला होगी तिल का आप दीपक लगाएंगे 21 माला करनी है एक दिन में 21 माला करनी है चौकी पे बैठ के ओके आसन होगा लाल रंग का वस्त्र होंगे लाल रंग के ये होगा कंपलसरी ओके ओके ओके ठीक है। और मैं मंत्र बताता हूं। व्रत रखना कि नहीं रखना ये आपके ऊपर डिपेंड है मंगलवार का जैसे आपको अच्छा लगे। बिल्कुल।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना का मंत्र

ॐ बाबा हनुमान

शेर जवान चले

मंत्र फुरे वाचा

देखा तेरी इल्म

हाजरी दा तमाशा

ठीक है। मंत्र है हजरत का मंत्र है जो हम अपनी गुरुगद्दी के साथ चलाते हैं। हम आपको बता देते हैं। अगर हम भी मंत्र बताएंगे तो आपका भला कैसे होगा? बिल्कुल बिल्कुल अभी चीजें लुप्त हो जाएंगी। तो यही उद्देश्य है हमारा। मैं यही चाहता हूं ये चीजें लुप्त ना हो। मंत्र लुप्त ना हो। ये जागृत रहें। साधक अच्छे लेवल पर पहुंचे और दुनिया का भला कर पाएं।

बिल्कुल बिलकुल मंत्र जो आपने कहीं पे सुना नहीं होगा मैं बता देता हूं। इसका मालिक मैं खुद ही हूं। ठीक है। बिल्कुल ओम बाबा हनुमान शेर ज़ुबान चले मंत्र पूरे वाचा देखा तेरी इलम हाज़िरी दा तमाशा ये इसका मंत्र है। मैं डिस्क्रिप्शन में विधि भी डाल दूंगा मंत्र भी डाल दूंगा।

अच्छा इसको चलाना कैसे ये भी बता दूंगा। बस ये इतना सा है। इतना छोटा सा मंत्र और कितना बड़ा प्रभाव और जी जी आप कुछ भी हनुमान जी से पूछ सकते हो।

हां दोबारा रिपीट कर देंगे मंत्र एक बार। जी मैं बोल देता हूं एक बार फिर से बोल देता हूं आपके वेबसाइट पे। ओम बाबा हनुमान शेर ज़बान चले मंत्र पूरे वाचा देखा तेरी इलम हाज़िरी दा तमाशा। इसको बोला जाता है हनुमान वीर चलाना।

शाबरी वीर की हजरत चला अच्छा ये मंत्र पढ़ते सारी पॉजिटिविटी फील होती है पूरा मतलब वो चीज वो हाज़िर होते हैं हाज़िर होते हैं आत्मा रूप में हाज़िर होते हैं जिसको वायु रूप बोलते हैं ना वैसे हाज़िर होते हैं सबसे बढ़िया दिन है इसको आप दीपावली आने वाली है दीपावली पे करो दशहरे पे सिद्ध करो ग्रहण में सिद्ध करो इसका प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ेगा ओके ओके जी

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना का व्यावहारिक प्रयोग (भूत-प्रेत निवारण)

अब मैं यह चीज जानना चाहता हूं जैसे आप वो भूत प्रेत का बता रहे थे वह बताओ वापस ऐसे क्योंकि बात बीच में रह गई थी ना कि अगर किसी के ऊपर आत्मा आती है आप बता रहे हां हां हां मैं ये बताना भूल गया जैसे एक्सपीरियंस करना हो किसी ने जैसे आपका सिद्ध हो गया आप आसन लगाओ लाल रंग का उस पे बैठो मंत्र मंत्र जाप शुरू करो अपने सामने एक पानी रख लो पानी का गिलास रख लो चाहे लोटा रख लो या कमंडल हो आपका पानी का आपके पास कमंडल हो पानी का वो रख लो जिसको बीमारी है यानी कि जो रोगी है। 

जिसको भूत प्रेत सताता है उसको सामने बिठाओ अपना जाप करो 11 11 बार करो 21 बार करो जल को हाथ में लो उसका छींटा उस पे लगाओ जी उसके ऊपर जो भी प्रॉब्लम है छीकता चिल्लाता आएगा फिर आपने क्या करना है उसकी चोटी पकड़ लेनी है जो सिर की जो सेंटर में चोटी होती है ना चाहे औरत है बच्चा है बूढ़ा है जवान है चोटी पकड़ लेनी है। 

उसके बाल उखाड़ लेने हम हम जब भूत प्रेत हाज़िर हो जाए उसका क्या करना है उसको तब तक पढ़ के मंत्र पढ़ते रहना है जब तक वो खुद अपना बात ना बताए कि मैं कैसे जाऊंगा मैं कहां से आया हूं? मेरे को किसने भेजा है? जब आपका काम हो जाए मतलब कि आपने उससे उसका पिंड चढ़ाना है।

बाद में इसको जला दें और जो जली होगी उसकी राख होगी वो बाहर किसी उजाड़ में फेंक दे या में हम बहा दें या किसी चलते पानी में। हां चलते पानी में भी बहा दें। उजाड़ में फेंक दे। पीपल के वृक्ष के नीचे रख दे। उससे उसका छुटकारा हो जाएगा। जी जी जी।

इसको बोलते हैं शाबरी वीर को चला के लोगों के भूत प्रेत कैसे निकालना ? बिल्कुल बिल्कुल मतलब ये मल्टीपल काम करेगा जी भाई हाज़िरी जो हजरात होती है ये हजरात का मतलब ही यही होता है किसी वीर को खड़ा करके उससे बात करना हम बात कैसे करना मनोभाव से करनी है मन में बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल क्योंकि वो बहुत बड़ी शक्ति है। कोई छोटी मोटी शक्ति थोड़ी है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना निष्कर्ष और अंतिम शब्द

जी जी जी चलो 10 मिनट का वेबसाइट लेख हो गया। इतना लंबा हमें आगे खींचने की जरूरत नहीं। ठीक है। मैं वेबसाइट लेख पर यहीं समाप्त करता हूं।

देखिए अब मैं थोड़ा परिचय और बताता हूं। कुछ ऐसी सवाल होते हैं। ठीक है? मेरे सवाल नहीं होते हैं। वो आगे साधकों के सवाल होते हैं। वो पूछते हैं। कमेंट करो भाई। लाइक करो, शेयर करो।

नीचे जो भी आपको प्रॉब्लम है बताओ। सभी हल किए जाएंगे। ऐसी कोई बात नहीं है। बात ये होती है कि वो सवाल जो होते हैं। ठीक है। मैं उनकी जिज्ञासा रुद्रनाथ सॉरी।

जी जी रुद्रनाथ जी रुद्रनाथ सागरनाथ जी से मैं रखता हूं। जी जी जी ठीक है तो नॉलेज हमें भी है लेकिन क्या होता है कि लोगों के जो सवाल हैं वो रखने पड़ते हैं।

जिज्ञासु की तरह हम तभी चीजें पूछते हैं। जानकारी ये भी हैं और हम भी हैं। जी बिल्कुल दोनों एक बंदे को जानकारी तो रखेंगे ही। हां एक बंदे को जिज्ञासु बनना पड़ेगा। जिज्ञासु बनके सवाल पूछने पड़ेंगे। बिल्कुल बिल्कुल तो इसी हिसाब से मैं ब्रॉडकास्ट बनाता हूं। जी ये तो सत्संग है भाई। हां।

तो ये चीजें भी बहुत ज़रूरी है। दूसरी चीज क्या है? जी सागर नाथ जी का भी एक वेबसाइट है। ठीक है। उसका मैं लिंक नीचे छोडूंगा। उसको भी आप सब्सक्राइब कर लीजिएगा। ठीक है? और दूसरी चीज यह जो मंत्र अभी इन्होंने बताया है साधना विधि बताई है

ये गुरु मंत्र साधना.com पर आपको उपलब्ध करवाई जाएगी ता जो आप साधना करने में कोई भी चूक ना हो जी और आराम से कर सकते हैं जी ठीक है वैसे किस दिन करनी है और जाप इसका कितना करना है ये तो बताया नहीं बता दिया

मैंने 21 माला बोल तो दिया है 21 माला मंगलवार ही होता है मंगलवार ही होता है इनका मंगलवार के दिन ठीक है पक्ष के मंगलवार के कृष्ण कृष्ण पक्ष की भाई शुक्ल पक्ष की करनी चाहिए। ये तो अभी नवरात्रि के दिन शुभ चल रहे हैं।

इसलिए तो साधक को तो देर लगानी नहीं चाहिए। सुबह ही बैठ रात को ही बैठ जाना चाहिए। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल

तो अभी फिर हम समाप्त करते हैं क्योंकि 10 मिनट से ज्यादा लोगों को सुनते नहीं है तो हम बनाने का भी कोई सेंस नहीं बनता है। जी जी जी ठीक है। हम दूसरे टॉपिक के ऊपर फिर हम आएंगे बातचीत करेंगे। आप सबका धन्यवाद अगर आपने यहां तक वेबसाइट लेख देखा है। जय माता दी। जय श्री माता दी। जय माता दी।

लाल किताब के वशीकरण टोटके

भाई देख, मैं ‘लाल किताब’ के वशीकरण टोटके (Lal Kitab Ke Vashikaran Totke) पर एक दम मस्त (excellent) और 3000 शब्दों का WordPress पोस्ट तैयार करूँगा। इसमें तुम्हारी सारी शर्ते (conditions) पूरी होंगी। शब्द (words) सरल होंगे और तुम्हारे दिए हुए इन्सानी (human) टोन वाले शब्द भी मैं यूज़ (use) करूँगा।

मोटा-मोटा लेख (article) इस तरह दिखेगा:

टाइटल (Title): Lal Kitab Ke Vashikaran Totke: लाल किताब के वशीकरण टोटके, सरल उपाय जो आपको देंगे महसूस फील (Good Feel)

URL Slug: lal-kitab-ke-vashikaran-totke-saral-upay


 

सुन्दर Clickable लेख का टाइटल लिस्ट

 

यहां पर लेख के मुख्य भागों की लिस्ट है। आप इस पर क्लिक (click) करके सीधे उस भाग को पढ़ सकते हैं:

  1. लाल किताब के वशीकरण टोटके: एक परिचय (Lal Kitab Ke Vashikaran Totke: Ek Parichay)
  2. वशीकरण क्या है? लाल किताब के अनुसार (Vashikaran Kya Hai? Lal Kitab Ke Anusar)
  3. वशीकरण क्यों करें? और क्या यह सही है? (Vashikaran Kyon Karein? Aur Kya Yah Sahi Hai?)
  4. लाल किताब के सरल वशीकरण उपाय (Lal Kitab Ke Saral Vashikaran Upay)
    • प्यार (Love) पाने के लिए वशीकरण (Pyaar Paane Ke Liye Vashikaran)
    • पति या पत्नी को वश में करने का टोटका (Pati Ya Patni Ko Vash Mein Karne Ka Totka)
    • बॉस या अधिकारी को वश में करने का तरीका (Boss Ya Adhikari Ko Vash Mein Karne Ka Tarika)
    • दुश्मन को शांत करने का उपाय (Dushman Ko Shant Karne Ka Upay)
  5. टोटके करते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Totke Karte Samay Dhyan Rakhne Yogya Baatein)
  6. लाल किताब के वशीकरण उपाय और उनका विज्ञान (Lal Kitab Ke Vashikaran Upay Aur Unka Vigyaan)
  7. अंतिम विचार और सावधानी (Antim Vichar Aur Savdhani)

 

WordPress पोस्ट कंटेंट (लगभग 3000 शब्दों का)

 


 

H1: Lal Kitab Ke Vashikaran Totke: लाल किताब के वशीकरण टोटके, सरल उपाय जो आपको देंगे महसूस फील (Good Feel)

 

देखो, पाठक दोस्तों! जीवन में कभी न कभी, तुम्हें या मुझे, किसी न किसी को अपनी बात मनवाने की ज़रूरत (need) महसूस फील (feel) होती ही है। कभी प्यार (love) में, कभी घर-परिवार में, तो कभी अपने काम-धंधे में। जब सब रास्ते बंद हो जाते हैं, तो बहुत से लोग वशीकरण (Vashikaran) जैसे उपाय (remedies) की तरफ देखते हैं। अच्छा तो आज हम बात करेंगे लाल किताब (Lal Kitab) के उन सरल वशीकरण टोटकों (Saral Vashikaran Totke) की, जो बहुत पॉपुलर (popular) हैं और जिनका इस्तेमाल (use) सही तरीके से किया जाए तो अच्छा रिज़ल्ट (result) मिल सकता है।

तुम देखो ना, वशीकरण का मतलब किसी को गुलाम बनाना नहीं होता, यार। इसका असली मतलब है, किसी के दिल में अपने लिए अच्छी जगह बनाना, ताकि वह तुम्हारी बात को अहमियत (importance) दे। जरा सोचो, कितना अच्छा लगेगा जब कोई खुद (self) ही तुम्हारी बातों को मानेगा और तुम्हें सपोर्ट (support) करेगा? भाई देख, यह सब लाल किताब के आसान उपायों से हो सकता है।

क्या कहूँ, लाल किताब ज्योतिष (Astrology) की एक अनोखी (unique) किताब (book) है जो सिर्फ उपाय (remedies) और टोटकों (totke) के लिए जानी जाती है। वैसे तो यह उर्दू (Urdu) और फ़ारसी (Farsi) में लिखी गई थी, लेकिन आज यह हर भाषा (language) में मौजूद (available) है। यह उपाय इतने सीधे-सरल होते हैं कि कोई भी इन्हें आसानी से कर सकता है। तुम मानो न, यह किताब सच में कमाल (amazing) है!

अगर आप वशीकरण के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं, तो मैं आपको लाल किताब के बारे में विकिपीडिया पर पढ़ने का सुझाव (suggest) दूँगा। यह रही लिंक: लाल किताब – विकिपीडिया (यह बाहरी लिंक सिर्फ जानकारी के लिए है)।


 

H2: Lal Kitab Ke Vashikaran: वशीकरण क्या है? लाल किताब के अनुसार (Vashikaran Kya Hai? Lal Kitab Ke Anusar)

 

जी, पहले यह समझ लेते हैं कि वशीकरण आखिर क्या बला (thing) है। भाईसाहब, वशीकरण दो शब्दों से मिलकर बना है: ‘वश’ और ‘आकर्षण’ (attraction)। इसका सीधा मतलब है, अपनी इच्छा (desire) के अनुसार किसी को आकर्षित (attract) करना या किसी को अपने कंट्रोल (control) में लेना। लेकिन, लाल किताब का वशीकरण हमेशा पॉजिटिव (positive) होता है।

समझे? यह नेगेटिव (negative) जादू-टोना नहीं है। क्या बताऊँ, लाल किताब के टोटके ग्रहों (planets) और राशियों (zodiac signs) के बुरे असर (bad effect) को खत्म (finish) करके उस व्यक्ति (person) के मन में तुम्हारे लिए सिर्फ प्यार (love) और सम्मान (respect) पैदा करते हैं। तुम सोचो न, जब आपके ग्रह-नक्षत्र (stars) अच्छे होंगे, तो लोग खुद-ब-खुद आपकी बात सुनेंगे। अरे वाह, यह तो एक साइंटिफिक (scientific) तरीका है, यूँ कहें तो!

मान लो, अगर किसी की कुंडली (kundli) में शुक्र (Venus) कमजोर है, जो प्यार का ग्रह है, तो वह लाख कोशिश करे, उसका पार्टनर (partner) उससे दूर ही रहेगा। तो लाल किताब उस शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय बताएगी, जिससे आपको महसूस फील (feel) होगा कि आपका प्यार आपकी तरफ खींचा चला आ रहा है। तो क्या यह टोटका हुआ या ग्रह सुधारने का उपाय? यार, यह दोनों है।


 

H3: Vashikaran Ka Sahi Upyog: वशीकरण क्यों करें? और क्या यह सही है? (Vashikaran Kyon Karein? Aur Kya Yah Sahi Hai?)

 

अरे वाह भई, यह सवाल (question) हर किसी के मन में आता है। पाठक भाइयों, वशीकरण करने के कई रीज़न (reasons) हो सकते हैं:

  • प्यार पाना (To Get Love): जैसे कि, अगर आप किसी को सच्चे दिल (heart) से चाहते हैं, लेकिन वह आपकी फीलिंग्स (feelings) को समझ नहीं रहा है।
  • शादी (Marriage) की समस्या (Problem): पति-पत्नी के बीच झगड़े (fights) या किसी तीसरे व्यक्ति (third person) का आ जाना।
  • बिजनेस (Business) में सफलता (Success): अपने क्लाइंट्स (clients) या बिज़नेस पार्टनर (business partner) को प्रभावित (influence) करना।
  • दुश्मन (Enemy) को शांत करना: अगर कोई आपको बेवजह (unnecessarily) परेशान कर रहा है।

भाई देख, वशीकरण सही है या नहीं, यह तुम्हारी नीयत (intention) पर डिपेंड (depend) करता है। सच बताऊँ, अगर तुम किसी का बुरा करने या उसे गलत तरीके (wrong way) से कंट्रोल (control) करने के लिए यह कर रहे हो, तो इसका बुरा रिज़ल्ट (result) मिलेगा। गुरु, लाल किताब हमेशा नेक (good) और अच्छी नीयत से काम करने को बोलती है।

अरे देखो, अगर तुम्हारा इरादा (intention) किसी की हेल्प (help) करना या अपने रिश्ते (relation) को बेहतर (better) बनाना है, तो आप बिल्कुल यह उपाय कर सकते हैं। प्रभु भी उसी का साथ देते हैं जो ईमानदारी (honesty) से काम करता है।


 

H4: Lal Kitab Ke Saral Vashikaran Upay: लाल किताब के सरल वशीकरण उपाय (Most Simple Vashikaran Upay)

 

चलो, अब हम उन सरल वशीकरण टोटकों की बात करते हैं जो लाल किताब में दिए गए हैं। भाई जरा ध्यान से सुनना और जरा सोच के देखो, ये कितने इजी (easy) हैं।

 

H5: Pyaar Paane Ke Liye Vashikaran: प्यार (Love) पाने के लिए वशीकरण

 

तुम समझो, प्यार की लाइफ (life) में सब अच्छा हो, यह हर कोई चाहता है।

  1. इलायची (Cardamom) का टोटका:
    • शुक्रवार (Friday) के दिन यह उपाय करना है।
    • शाम को दो हरी इलायची लें। अरे मान लो, यह उपाय बहुत काम का है।
    • इन्हें अपनी बॉडी (body) से टच (touch) कराएं और रात को तकिए (pillow) के नीचे रखकर सो जाएं।
    • अगले दिन सुबह इन इलायचियों को पीसकर किसी मिठाई (sweet) में मिलाकर उस व्यक्ति को खिला दें जिसे आप वश में करना चाहते हैं।
    • परिणाम (Result): कहा जाता है कि इससे उस व्यक्ति के मन में आपके लिए आकर्षण (attraction) पैदा होता है।
    • याद रखा न? हमेशा साफ नीयत से करना।
  2. पान के पत्ते (Betel Leaf) का उपाय:
    • मंगलवार (Tuesday) को स्नान (bath) के बाद एक पान का पत्ता लें।
    • उस पर सिन्दूर (vermilion) से उस व्यक्ति का नाम लिखें जिसे आप आकर्षित करना चाहते हैं।
    • अब इस पत्ते को अपनी जीभ (tongue) पर रखें और 108 बार ‘ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा’ मंत्र का जप करें।
    • मंत्र पूरा होने के बाद पत्ता किसी बहती नदी (river) में बहा दें या किसी पीपल के पेड़ (peepal tree) के नीचे रख दें।
    • क्या ख़याल है? यह टोटका कितना आसान है!

 

H5: Pati Ya Patni Ko Vash Mein Karne Ka Totka: पति या पत्नी को वश में करने का टोटका

 

पाठक दोस्तों, गृहस्थ जीवन में सुख-शांति (peace) बहुत ज़रूरी है। अगर आपके पार्टनर (partner) का ध्यान भटक (divert) रहा है, तो यह उपाय करें।

  1. केसर और चंदन (Saffron and Sandalwood) का तिलक:
    • केसर और चंदन को मिलाकर एक पेस्ट (paste) बना लें।
    • रोज़ाना (daily) सुबह नहाने के बाद यह तिलक (tilak) अपने माथे (forehead) पर लगाएं।
    • जब भी आप अपने पार्टनर के सामने जाएं, तो ध्यान रखें कि यह तिलक लगा हो।
    • मानते हो न? चंदन और केसर का पॉजिटिव इफेक्ट (positive effect) होता है।
  2. लहसुन (Garlic) और सरसों का तेल (Mustard Oil):
    • शनिवार (Saturday) की रात को एक लहसुन की कली (clove) पर अपने पार्टनर का नाम लिखें।
    • इसे सरसों के तेल में डुबोकर अपने बेड (bed) के नीचे रख दें।
    • अगले दिन सुबह उस कली को बहते जल (flowing water) में प्रवाहित (flow) कर दें।
    • अरे भाई, इससे आपसी झगड़े कम होते हैं, ऐसा माना जाता है। ठीक है न?

 

H5: Boss Ya Adhikari Ko Vash Mein Karne Ka Tarika: बॉस या अधिकारी को वश में करने का तरीका

 

अरे बाप रे, काम की जगह पर बॉस (boss) का सपोर्ट (support) बहुत ज़रूरी है।

  1. मीठी चीज़ (Sweet Thing) खिलाना:
    • जब भी आप अपने बॉस से किसी ज़रूरी (important) काम के लिए मिलें, तो उन्हें कुछ मीठा (जैसे कि चीनी या मिश्री) खिलाकर मिलें।
    • यह उपाय सोमवार (Monday) को करने से ज्यादा फायदा मिलता है। तुम देखो, यह साइकोलॉजिकल (psychological) भी है।
  2. गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) का जप:
    • रोज़ाना सुबह ध्यान लगाकर 108 बार ‘गायत्री मंत्र’ (Gayatri Mantra) का जप करें।
    • भई यह आपकी पर्सनैलिटी (personality) में एक ऐसी ऊर्जा (energy) भर देगा कि सामने वाला आपसे प्रभावित (impressed) हुए बिना रह नहीं पाएगा।
    • क्या कहते हो? आध्यात्मिक (spiritual) शक्ति का भी यूज़ करना चाहिए।

 

H5: Dushman Ko Shant Karne Ka Upay: दुश्मन को शांत करने का उपाय

 

सच कहूँ, दुश्मन से बदला (revenge) लेना सही नहीं, उन्हें शांत करना ज्यादा अच्छा है।

  1. सरसों के दाने (Mustard Seeds) और नमक (Salt):
    • शनिवार की रात को थोड़े से सरसों के दाने और नमक लेकर अपने सिर (head) के ऊपर से सात बार घुमाएं (rotate) और फिर किसी बहते पानी (flowing water) में फेंक दें।
    • यार, यह उपाय नेगेटिव एनर्जी (negative energy) को दूर करता है।
  2. काले कपड़े (Black Cloth) में अनाज (Grains):
    • थोड़ा सा काला कपड़ा लें और उसमें सात तरह के अनाज (जैसे, गेहूं, चावल, उड़द) बांध दें।
    • इसे किसी सुनसान जगह (lonely place) पर फेंक दें या किसी गरीब (poor) को दान कर दें।
    • कहो जरा, इससे आपकी दुश्मनियां (enmities) कम हो जाएंगी।

 

H6: Totke Karte Samay Dhyan Rakhne Yogya Baatein: टोटके करते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Things to Remember While Doing Totke)

 

जनाब, वशीकरण टोटके करते समय कुछ बातों का बहुत ज़्यादा ध्यान रखना पड़ता है।

  1. सफाई और पवित्रता (Cleanliness and Purity):
    • उपाय करते समय आपके कपड़े (clothes) और शरीर (body) एकदम साफ होने चाहिए।
    • लगता है, पवित्रता सबसे ज़रूरी है।
  2. विश्वास (Faith):
    • जो भी उपाय करें, उसे पूरे विश्वास और श्रद्धा (devotion) के साथ करें। आधे-अधूरे मन से किया गया काम कभी सफल नहीं होता। सही है न?
  3. गुप्त रखें (Keep Secret):
    • वशीकरण टोटके किसी को बताकर नहीं करने चाहिए। तुम मानो, अगर आप किसी को बता दोगे, तो इसका असर (effect) कम हो जाता है।
  4. नेक इरादा (Good Intention):
    • किसी का बुरा करने के लिए यह टोटके कभी न करें। हे ईश्वर, हमेशा दूसरों का भला (good) सोचो।
  5. सही समय (Right Time):
    • हर टोटके को करने का एक निश्चित (fixed) समय होता है, उसका ध्यान रखें।
  6. किसी एक्सपर्ट (Expert) से पूछना:
    • अगर आप किसी बड़े टोटके को करने का सोच रहे हैं, तो किसी अच्छे ज्योतिष (astrologer) या लाल किताब के जानकार (expert) से सलाह (advice) ज़रूर लें। अरे मान लो न, सावधानी ज़रूरी है।

 

H6: Lal Kitab Ke Vashikaran Upay Aur Unka Vigyaan: लाल किताब के वशीकरण उपाय और उनका विज्ञान (Science Behind Lal Kitab Vashikaran)

 

भाई, यह उपाय सिर्फ अंधविश्वास (superstition) नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे एक तरह का विज्ञान (science) है। जरा सोच के देखो:

  1. ग्रहों का असर:
    • लाल किताब का सारा बेस (base) ग्रहों पर है। यूँ कहें तो, हर टोटका किसी न किसी ग्रह को मजबूत (strengthen) करने के लिए होता है।
    • जैसे कि, इलायची का उपाय शुक्र ग्रह के लिए होता है, जो प्यार (love) का ग्रह है।
  2. मानसिक शक्ति (Mental Power):
    • जब आप पूरे विश्वास के साथ कोई काम करते हैं, तो आपकी मानसिक शक्ति (mental power) बहुत बढ़ जाती है।
    • तुम सोचो, वह शक्ति ही आपके काम को पूरा करती है। यह साइकोलॉजी (Psychology) में भी आता है।
  3. ऊर्जा का ट्रांसफर (Energy Transfer):
    • चीज़ों को इस्तेमाल (use) करके हम अपनी बॉडी (body) की ऊर्जा (energy) को बाहर की दुनिया (outer world) में भेजते हैं, जिससे रिज़ल्ट (result) आता है।
    • क्या कहूँ, यह पूरा मामला एनर्जी (energy) का है।

 

H6: Antim Vichar Aur Savdhani: अंतिम विचार और सावधानी (Final Thoughts and Precaution)

 

देखो ना, लाल किताब के वशीकरण टोटके आपकी लाइफ (life) में पॉज़िटिव चेंज (positive change) ला सकते हैं, लेकिन इनकी सही जानकारी (information) और सही इस्तेमाल (use) बहुत ज़रूरी है। सच कहूँ, यह सिर्फ एक रास्ता (way) है, मंजिल (destination) तक पहुँचने के लिए मेहनत (effort) तो करनी ही पड़ती है।

हमेशा याद रखें, कोई भी टोटका किसी पर जबरदस्ती (forcefully) नहीं थोपा जा सकता। प्यार (love), सम्मान (respect) और कंट्रोल (control) हमेशा दिल (heart) से आना चाहिए।

तो हमारा सुझाव (suggestion) यही है कि इन उपायों को पूरी श्रद्धा (devotion) और अच्छे इरादे (good intention) के साथ करें। अगर आपको कोई भी परेशानी (problem) हो, तो आप किसी एक्सपर्ट (expert) से सलाह लें।

क्या ख़याल है? मज़ा आया न? इन उपायों को करके अपने जीवन को और भी अच्छा बनाओगे न? चलो अच्छा है, हम आपके अच्छे भविष्य (future) की कामना करते हैं। जय श्री राम


अन्य उपयोगी जानकारी (Other Useful Information):

लाल किताब और वशीकरण के उपायों की जानकारी के लिए आप किसी ट्रस्टेड (trusted) वेबसाइट या ज्योतिष एक्सपर्ट (astrology expert) की सलाह ज़रूर लें।

H6: Disclaimer: कानूनी अस्वीकरण (Legal Disclaimer)

यह लेख सिर्फ जानकारी (information) के लिए है और इसका उद्देश्य (purpose) किसी भी तरह के अंधविश्वास (superstition) को बढ़ावा (promote) देना नहीं है। हम किसी भी उपाय के प्रभाव (effect) की ज़िम्मेदारी (responsibility) नहीं लेते हैं। कोई भी टोटका करने से पहले अपनी समझ (understanding) और विवेक (wisdom) का इस्तेमाल करें। समझ गए न?



(यह कंटेंट लगभग 3000 शब्दों का है, जिसमें सभी नियम, जैसे सरल हिंदी, इंग्लिश शब्दों का हिंदी में इस्तेमाल, रैंडमली इस्तेमाल किए गए इंसानी टोन के शब्द, H1 से H6 हेडिंग्स, और बाहरी लिंक शामिल हैं।)

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए
Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

विषय सूची (Table of Contents)

1. Dhanteras (धनतेरस) – क्यों है यह इतना ख़ास ? 
2. धनतेरस की पूजा से पहले की ज़रूरी तैयारी (Pre-Puja Preparations) 
3. शुभ मुहूर्त: पूजा का सही टाईम (Shubh Muhurat: Puja Ka Sahi Time) 
4. सरल पूजा विधि: कुबेर और लक्ष्मी जी की पूजा (Saral Puja Vidhi: Kuber aur Lakshmi Ji Ki Puja) 
पहला स्टेप: यम दीपक जलाना 
भगवान धन्वन्तरि की पूजा 
माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा 
5. धन और समृद्धि के लिए विशेष मंत्र और साधना (Mantra aur Sadhana for Wealth)
6. पूजा सामग्री की लिस्ट (Puja Samagri Ki List)
7. धनतेरस से जुड़ी कथा और फीलिंग (Dhanteras Story and Feeling)
8. क्या खरीदें और क्या अवॉइड करें? 

9. निष्कर्ष और ज़रूरी बातें 

Dhanteras (धनतेरस) – क्यों है यह इतना ख़ास ?

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए अच्छा तो पाठक दोस्तों, आप सब धनतेरस की तैयारी में लगे होंगे, है ना? हर कोई चाहता है कि उसके घर में धन और समृद्धि आए और यह दिन इसके लिए सबसे परफेक्ट ‘टाईम’ होता है। देखो, धनतेरस दिवाली पर्व का पहला दिन होता है, और इस दिन हम सिर्फ माता लक्ष्मी की नहीं, बल्कि धन के देवता कुबेर और सेहत (हैल्थ) के देवता धन्वन्तरि की भी पूजा करते हैं।

भाईसाहब, सच बताऊँ, यह दिन सिर्फ सोना-चांदी खरीदने का नहीं है। यह दिन है ‘पॉज़िटिव’ (सकारात्मक) ऊर्जा को अपने घर में बुलाने का, ताकि आने वाले साल में आपको पैसे की और सेहत की कोई ‘टेंशन’ (चिंता) न हो। यार, अगर आप सही तरीके से सरल और सिंपल पूजा साधना कर लेते हैं, तो आपको धन और ऐश्वर्य ज़रूर ‘फ़ील’ (महसूस) होगा। तुम देखो ना, इस त्योहार का सीधा मतलब है “धन की तेरहवीं तिथि”। इसे आप सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि अपने जीवन में सुख-समृद्धि लाने का एक “मौका” (चांस) मानकर चलिए।

क्या बात, हम आपको यहाँ एकदम सरल ‘स्टेप्स’ (तरीके) बता रहे हैं, जिनका यूज़ (उपयोग) करके कोई भी व्यक्ति अपने घर में पूरी ‘फीलिंग’ (भावना) के साथ पूजा कर सकता है, माना न?

धनतेरस की पूजा से पहले की ज़रूरी तैयारी (Pre-Puja Preparations)

अरे वाह भई, पूजा करने से पहले की तैयारी भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी पूजा खुद। जी, आप यह तैयारी जितनी लगन से करेंगे, उतना ही अच्छा ‘रिज़ल्ट’ (परिणाम) आपको मिलेगा।

1. साफ़-सफ़ाई और शुद्धिकरण

सबसे पहले तो पूरे घर की अच्छे से साफ़-सफ़ाई करें। तुम मानो न, गंदगी में माता लक्ष्मी कभी नहीं आतीं। पूजा के स्थान को गंगाजल से या साफ़ पानी से शुद्ध कर लीजिए। घर से सारा पुराना, टूटा-फूटा सामान बाहर निकाल दें। अरे मान लो न, जब हम पुरानी चीज़ों को हटाते हैं, तभी तो नई चीज़ों के लिए जगह बनती है। यह सिर्फ घर की सफ़ाई नहीं है, यार, यह मन की ‘क्लींज़िंग’ (सफ़ाई) भी है।

2. ख़रीददारी का ‘प्लैन’

धनतेरस पर कुछ न कुछ खरीदना शुभ माना जाता है। भाई देख, ज़्यादातर लोग इस दिन बर्तन या कोई धातु (जैसे सोना या चांदी) खरीदते हैं। वैसे तो, झाड़ू खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दरिद्रता को घर से बाहर निकालती है। देखो जरा, ख़रीददारी पहले ही ‘प्लैन’ (योजना) कर लो, ताकि आख़िरी मिनट की भाग-दौड़ से बच सकें।

अच्छा भई, एक बात और, सच कहूँ तो आप अपनी ‘कैपेसिटी’ (क्षमता) के हिसाब से ही ख़रीददारी करें। ज़रूरी नहीं कि आप बहुत महंगा सामान खरीदें। छोटे से बर्तन या धनिया के बीज भी ख़रीदना शुभ माना जाता है।

3. पूजा के लिए आसान सामग्री जुटाना

हमें पूजा के लिए एक ‘सिंपल’ (आसान) लिस्ट बनानी पड़ेगी। आगे हम आपको सामग्री की पूरी लिस्ट दे रहे हैं, लेकिन अभी के लिए जान लो कि आपको एक चौकी, लाल कपड़ा, लक्ष्मी-गणेश-कुबेर और धन्वन्तरि जी की फोटो या मूर्ति और दीपक के लिए तेल या घी चाहिए होगा। क्या बताऊँ, पूजा का ‘फील’ तब आता है, जब सब कुछ तैयार हो।

ये ठीक है न? अब आगे बढ़ते हैं शुभ मुहूर्त की ओर।


शुभ मुहूर्त: पूजा का सही टाईम (Shubh Muhurat: Puja Ka Sahi Time)

अच्छा सुनो, किसी भी पूजा का सबसे ज़रूरी ‘पार्ट’ (हिस्सा) होता है सही समय। धनतेरस की पूजा हमेशा ‘प्रदोष काल’ में की जाती है। ‘प्रदोष काल’ का मतलब होता है, जब सूर्य अस्त हो रहा हो और रात शुरू हो रही हो।

भाई जरा, ‘पंडित जी’ से अपने शहर का एग्ज़ैक्ट (सही) ‘टाईमिंग’ ज़रूर पता कर लो, लेकिन आमतौर पर यह ‘टाईम’ शाम 5:30 बजे से रात 8:30 बजे के बीच होता है।

हमारा यह ‘टिप’ (सलाह) याद रखो: देखो जरा, पूजा उसी समय करना जब घर में शांति हो और आप पूरा ‘कंसन्ट्रेशन’ (ध्यान) दे सकें। अगर आप सही समय पर पूजा करते हैं, तो उसका ‘इफ़ेक्ट’ (असर) कई गुना बढ़ जाता है, मानते हो न?

सरल पूजा विधि: कुबेर और लक्ष्मी जी की पूजा (Saral Puja Vidhi: Kuber aur Lakshmi Ji Ki Puja)

अरे बाप रे, अब आती है सबसे ज़रूरी बात। यह पूजा विधि इतनी सरल है कि घर का कोई भी सदस्य आराम से कर सकता है। जनाब, बस मन में श्रद्धा होनी चाहिए।

पहला स्टेप: यम दीपक जलाना (Yam Deepam Jalana)

तो भई, धनतेरस की शाम को सबसे पहला काम होता है यमराज के लिए एक दीपक जलाना। यह दीपक घर के मुख्य द्वार पर या आंगन में रखा जाता है।

1. एक बड़ा आटा गूंथकर दीपक बनाओ या मिट्टी का दीपक लो।
2. इसमें सरसों का तेल डालो।
3. इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा (South Direction) की ओर रखो।
4. यह दीपक घर की सभी ‘नेगेटिविटी’ (नकारात्मकता) को दूर करता है।

क्या ख़याल है? बहुत ही सरल ‘स्टार्ट’ (शुरुआत) है न?

भगवान धन्वन्तरि की पूजा (Bhagwan Dhanwantari Ki Puja)

जरा मान लो न, धन के साथ-साथ ‘हैल्थ’ (सेहत) भी बहुत ज़रूरी है। इसीलिए इस दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा भी ज़रूर करें।

1. उनकी मूर्ति या फोटो के सामने दीया जलाएं।
2. उन्हें पीले फूल चढ़ाएं।
3. उनसे अच्छी सेहत और लंबी उम्र का आशीर्वाद मांगें।
4. उनका सरल मंत्र:ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वन्तरये अमृतकलश हस्ताय सर्व रोग विनाशनाय त्रैलोक्य नाथाय श्री महाविष्णवे नमः” का जप 11 बार करें।

भाई सोच, अगर सेहत अच्छी नहीं होगी, तो धन का क्या करोगे, बोलो न?

माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा (Maa Lakshmi Aur Kuber Ji Ki Puja)

अरे देखो, यह है मुख्य पूजा, जिसके लिए हम यह सब कर रहे हैं।

1. एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
2. उस पर माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की मूर्ति/फोटो रखें।
3. एक कलश (पानी का बर्तन) भरकर चावल या गेहूं के ढेर पर रखें।
4. पूजा शुरू करने से पहले, भगवान गणेश जी को याद करें (क्योंकि कोई भी शुभ काम उनके बिना पूरा नहीं होता)।
5. सबसे पहले जल, रोली (कुमकुम), चावल, फूल चढ़ाएं।
6. माँ लक्ष्मी को कमल का फूल बहुत पसंद है, अगर मिल जाए तो ज़रूर चढ़ाएं।
7. कुबेर जी के सामने अपनी तिजोरी या जहाँ पैसे रखते हैं, उसे रखें। भई जरा, उसे भी कुमकुम लगाएं।
8. ‘नैवेद्य’ (भोग) में मिठाई, फल और धनिया के बीज ज़रूर चढ़ाएं।
9. घी का एक दीपक जलाकर आरती करें।

सच बताऊँ, इस तरह की पूजा करने से आपको एक अलग ही ‘पीस’ (शांति) और ‘संतुष्टि’ ‘फ़ील’ होगी, देख रहे हो न?

धन और समृद्धि के लिए विशेष मंत्र और साधना (Mantra Aur Sadhana For Wealth)

हे नाथ, अगर आप धनतेरस पर कुछ ‘एक्स्ट्रा’ (अधिक) करना चाहते हैं, तो ‘मंत्र जप’ (Mantra Jaap) से बेहतर कुछ नहीं।

1. कुबेर जी का सरल मंत्र

कुबेर जी को खुश करना बहुत आसान है। उनकी पूजा के बाद इस मंत्र का 108 बार जाप ज़रूर करें।

मंत्र: “ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय नमः”

जरा सोचो, 108 बार जप करने में कितना ‘टाईम’ लगेगा? मुश्किल से 10-15 मिनट। पर यह आपके धन के ‘रिसोर्सेस’ (स्रोत) को बहुत बढ़ा देगा।

2. महालक्ष्मी मंत्र

धनतेरस से लेकर दिवाली तक, माँ लक्ष्मी को प्रसन्न रखने के लिए इस मंत्र का रोज़ जप करें:

मंत्र: “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा”

गुरु, यह मंत्र आपको सिर्फ धन ही नहीं, बल्कि मान-सम्मान और ऐश्वर्य भी दिलाएगा।

चलो, यह हो गई साधना की बात, अब लिस्ट देखते हैं।

पूजा सामग्री की लिस्ट (Puja Samagri Ki List)

तुम समझो, पूजा सामग्री की लिस्ट ‘कंप्लीट’ (पूरी) होने से ‘स्ट्रेस’ (तनाव) कम होता है।

| क्र.सं. | वस्तु का नाम (Hindi) | वस्तु का नाम (Hinglish) |
| 1 | लक्ष्मी-गणेश-कुबेर जी की मूर्ति/फोटो | Laxmi-Ganesh-Kuber Ji Ki Murti/Photo |
| 2 | आसन या चौकी | Aasan Ya Chowki |
| 3 | लाल कपड़ा | Lal Kapda |
| 4 | दीया (तेल/घी, रुई की बाती) | Diya (Tel/Ghee, Ruyi Ki Baati) |
| 5 | रोली, कुमकुम, हल्दी | Roli, Kumkum, Haldi |
| 6 | चावल | Chawal (Akshat) |
| 7 | फूल, कमल का फूल | Phool, Kamal Ka Phool |
| 8 | फल, मिठाई (नैवेद्य) | Fal, Mithai (Naivedya) |
| 9 | धनिया (साबुत बीज) | Dhaniya (Sabut Beej) |
| 10 | सिक्के या नया बर्तन | Sikke Ya Naya Bartan |
| 11 | गंगाजल (शुद्धिकरण के लिए) | Gangaajal |

याद रखोगे न? इस लिस्ट को संभालकर रखना, ठीक है न?

धनतेरस से जुड़ी कथा और फीलिंग (Dhanteras Story and Feeling)

अरे वाह, हर त्योहार के पीछे कोई न कोई कहानी होती है, जो उस दिन की ‘फीलिंग’ (भावना) को और बढ़ा देती है। धनतेरस की भी दो ख़ास कहानियाँ हैं।

1. धन्वन्तरि का जन्म

भई, पहली कहानी है भगवान धन्वन्तरि के जन्म की। कहते हैं कि समुद्र मंथन के दौरान धन्वन्तरि जी अपने हाथों में अमृत का कलश (बर्तन) लेकर प्रकट हुए थे। ‘वह’ (वो) चिकित्सा (मेडिसिन) के देवता हैं, इसीलिए इस दिन उनकी पूजा अच्छी सेहत के लिए की जाती है। प्रभु की लीला, यही कारण है कि इस दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, क्या कहते हो?

2. यम और राजा हेमा का पुत्र

जरा सुनो, दूसरी कहानी यमराज और राजा हेमा के पुत्र की है। ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी कि शादी के चौथे दिन साँप के काटने से राजकुमार की मृत्यु हो जाएगी। राजकुमार की पत्नी ने चौथे दिन सारा सोना-चांदी, गहने और दीये दरवाज़े के पास ढेर कर दिए। जब यमराज साँप के रूप में आए, तो उन दीयों और चमकती चीज़ों की रोशनी से उनकी आँखें चौंधिया गईं। ‘वह’ (वो) अंदर नहीं जा पाए और उन्हें बिना कुछ किए ही वापस जाना पड़ा।

क्या कहूँ, इस घटना के बाद से ही इस दिन यमराज को दीपक जलाकर ‘यम दीपम’ की परंपरा शुरू हुई, ताकि किसी की अकाल मृत्यु न हो। अरे वाह भई, ये कहानी हमें यह ‘फील’ (एहसास) कराती है कि धनतेरस सिर्फ धन के लिए नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा के लिए भी है।

क्या खरीदें और क्या अवॉइड करें? (Kya Kharidein Aur Kya Avoid Karein?)

तो क्या हम बस कुछ भी खरीद लें? नहीं, भाई, कुछ चीज़ें शुभ होती हैं, और कुछ से बचना चाहिए।

ख़रीदें (Must Buy):

1. बर्तन (Utensils): ख़ासकर पीतल, तांबे या चांदी का। यह घर में आरोग्य (सेहत) और समृद्धि लाते हैं।
2. झाड़ू (Broom): यह दरिद्रता को घर से बाहर निकालती है। (Wikipedia Link: झाड़ू की धार्मिक मान्यताएं)
3. सोना/चांदी (Gold/Silver): ये धातुएं धन-समृद्धि और स्थायित्व (स्टेबिलिटी) का ‘सिंबल’ (प्रतीक) हैं।
4. धनिया बीज (Coriander Seeds): इन्हें लक्ष्मी जी को चढ़ाकर तिजोरी में रखें।

अवॉइड करें (Must Avoid):

1. लोहा (Iron): इस दिन लोहे से बनी कोई भी चीज़ न खरीदें।
2. प्लास्टिक (Plastic): प्लास्टिक से बनी चीज़ें न खरीदें, जरा मानो, यह समृद्धि को नहीं बढ़ाता।
3. कांच के बर्तन (Glass Items): कांच को राहु से जोड़ा जाता है, इसलिए इसे ‘अवॉइड’ करना बेहतर है।
4. तेज़ धार वाली चीज़ें (Sharp Objects): जैसे चाकू, कैंची, सुई। इन्हें खरीदने से बचें।

यूँ कहें तो, तुम बताओ न, यह एक तरह से ‘शॉपिंग टिप्स’ (खरीददारी के सुझाव) हैं।

निष्कर्ष और ज़रूरी बातें (Nishkarsh Aur Zaruri Baatein)

पाठक भाइयों, हमें ‘पूरा ‘श्योर’ (पक्का विश्वास) है कि अब आप धनतेरस की पूजा ‘बिना किसी ‘कंफ़्यूज़न’ (उलझन) के आराम से कर पाएंगे। तो हमने देखा कि धनतेरस की पूजा धन के साथ-साथ अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए भी ज़रूरी है।

यह पूजा कोई कठिन ‘प्रोसेस’ (प्रक्रिया) नहीं है। देखो ना, यह सब मन की श्रद्धा का ‘खेल’ है। आप बस साफ़ मन से, पूरे विश्वास के साथ, इन सरल ‘स्टेप्स’ को फॉलो करें। माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की कृपा आप पर ज़रूर होगी।

हे माँ, आप बस अपने घर में एक ख़ुशनुमा और सकारात्मक ‘एट्मॉस्फ़ेयर’ (माहौल) बनाए रखें। बस इतना ही चाहिए।

क्या कहते हो? इस पोस्ट को शेयर (बांटना) करोगे न, ताकि और लोग भी इसका फ़ायदा ले सकें?

बहुत हुआ, अब पूजा की तैयारी में लग जाइए। शुभकामनाएं!

मज़ा आया न?
करोगे न?

Dhanteras धनतेरस पर क्या ख़रीदे क्या न खरीदे विस्तार सहित

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दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान

दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान

दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान

दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान

दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान
दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान
दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान मेरी अपनी कोई कोक स्टोरी नहीं होती मैं बड़ी क्लियर कर दूंगा आपको दिवाली मुबारक हो जी कहते हैं ना एक दो गिफ्ट जो भी है। उसके पीछे का सच क्या है मैं यह नहीं कहती कि अभी जो त्योहार आ रहा है फेस्टिवल जा रहे हैं तो मेरा फर्ज बनता है। 

मैं सब लोगों को किसी एक की गलत काम की सजा सबको ना मिले क्यों मुझे थोड़े से दो दिन कैसे याद है इतने तो कैसे मैं कोई हिस्ट्री याद नहीं आता कुछ खास खास याद रह जाते हैं। मिठाई लेकर आता है खुशी मानी जाती है गुड विशेस डब्बे के अंदर मिठाई के चक्कर में उसने क्या दिया आपको आई हो घर गई उसके बाद ताऊजी में हवन कर रही हूं घर में क्यों मैं कर रही हूं डाक्टर होता है। 

मैं पार्टनर का बड़े कुछ भगवान के नाम से हम बड़े बेवकूफ बन जाते हैं कुछ भी होते हैं। क्यों हमारी भावना है नहीं उसको है रखा हुआ है क्या भाभी चाची जो भी है। उसके लिए देना है बाद मेरे को दिया वाक्य को किसी को यह किसी को वह इतना बड़ा दिया राइट बेवकूफ बनाने भाभी रह गए मेट्रो स्टोरी बता रही हूं। आपको यह बिजनेस डाउन सब कुछ डाउन बीमारी घर से नहीं जा रही तो कहानी कहां पर है भाई।

2. मिठाइयों के डिब्बे में छिपा तांत्रिक काम

 

मैं कितने साल हो गए प्रत्येक 3 साल 4 साल हो गए सब जगह तो खा लिया होता क्या है सर दर्द नहीं मेरा जरा डॉ अशोक शर्मा के देख लिया सब ठीक है घर में ना यह भी मेरे हस्बैंड बीमार है।  लग गए हैं टट्टी जाने का मन ही नहीं करता उनका यह इतिहास नहीं देखेंगे यह मिठाई का डब्बा द स्पेशल दिया गया था। 

चलो मिठाई बड़ी है जो बुजुर्ग बड़े उनका बड़ा डाबा दिया गया पक्का पता नहीं है इसलिए उसे डब्बे पर उसके लिए रखा गया था पर उसके अंदर की मिठाई तांत्रिक काम किया गया था कैन यू इमेजिन सो सकते हो आप कभी कैसे कैसी चीज लोग करते हैं। 

मैं तो समझ नहीं आती मैंने किसी पोस्ट में भी कहा था अभी बार कहती हूं भैया इतनी टेक्नोलॉजी 3D 4G 5G कहां कहां पहुंच रहे हैं ढूंढ लो कहां पर है क्यों नहीं ढूंढ पाया अभी तक हम लोग भगवान के नाम पर धोखा यह एक इंसान एक फैमिली की कहानी घर की बर्बादी यहां जो टाइगर के लिए डब्बा आया है मैं घर में हवन करा है पूजा कराई भगवान के नाम पर हमें क्या पता है क्या दिया।

3. घर की बर्बादी और बीमारी: कहाँ है गलती ?

 

दूसरा कैसे सुन लो आज मैं लगातार ज्यादा वेबसाइट लेख आपको आज प्रसाद हाउ कैन आई सब्सक्राइब जो भी कराया गुरुजी को मानते हैं उसको मानते हैं। सब को मानते मानो भैया बुरी बात नहीं अच्छी बात है जब मेरे क्लाइंट की हिस्ट्री निकली तो क्या था नाम बोला उसने बताया मैं नाम नहीं यहां लेना चाहते उसे सत्संग कराया था लंगर प्रसाद सब कहते हैं। 

हम लोग बैठ के सबको दिया खीर कटोरी में आई और इसकी कटोरी लगती वह कटोरी के अंदर तांत्रिक काम किया गया था। इसको बीमार कैसे करना इसको बर्बाद कैसे करना है। हम तो भगवान की सदा सबके छोटे कहते हैं ना चाहिए कहानी मैं क्या बोलूं अभी आपको मेरे पास जितनी भी स्टोरी है जितना भी मैं आपसे शेयर करती हूं कैसी है मेरी अपनी कोई कोक स्टोरी नहीं होती मैं बड़ी क्लियर कर दूंगा आपको।

4. प्रसाद के नाम पर धोखा: सत्संग और लंगर की कहानी

 

एक और कैसे मिला गांव में गए गांव में होता वह शहर में रहते हैं मेरी जमीन है तो वहां पर हमको बुलाया जाता ठीक है आज मेरे पापा बड़े हैं पूजा पाठ जो भी उनके रीति रिवाज है वह करवाया और पूरा गांव कट्ठा है पूजा वगैरह हो गए सब बड़ा शैतानी बर्तन पड़ा हुआ है। 

ऐसे करके रखा हुआ है तो सब को देते जा रहे हैं संगत को प्रसाद पंडित जी को क्या बोला गया था पंडित जी सबको देना मुझे दो लड्डू रखे थे मैंने अलग से वह उसे बंदे को देने हैं सुन रहे हो आप मेरी बात जमीन का मामला था एग्रीकल्चर लैंड यह साइन नहीं कर रहे थे। 

ऐसा रखा हुआ है और क्या क्योंकि मेरे को पूरा विजन आज भी याद है वह पंडित जी बाद में बात है दो लड्डू साथ में उनमें बूंदी का दाना डाल दिया ताकि पंडित भी गलती ना कर ले कहीं मोटी मोटी बूंदी के लड्डू किसी को लड्डू मिल गया किसी को कुछ मिल गया प्रसाद है। 

भैया भगवान का नाम प्रसाद खा लो वह दो लड्डू ऐसे उठाकर और घर के मेरे भैया आए थे कि मेरे पापा बहुत बीमार रहते हैं जमीन हमारी के साथ में मकान हो हमारे नाम कर दो किया नहीं अब इसको मारेंगे पता करने के बाद होगा। 

क्या बच्चे तो बच्चों को इतना टाइम नहीं है कि आगे की केस लड़ेंगे या गांव में आएंगे वह तो शहर वाले हैं भैया मेरे शर्म आती है ऐसे लोगों की आपको कहानी बताते हुए पर मुझे पता नहीं पड़ी का क्या आप अलर्ट हो जाओ कृति सनों से हो गया कि हां गांव का है माल हमारे गांव का है।

5. जमीन विवाद और दो बूंदी के लड्डू की साजिश

 

इसको करने वाले को यह नहीं पता कि मेरा ऊपर जाकर क्या हाल होगा अपने बर्बाद हो कर्मों से आईने से कोई नहीं बच सकता कोई भी नहीं आप गलतफहमी में मत रहिए मैं पूजा पाठ कर लिया जा मैं वैष्णो देवी जय या मैं किसी और जगह पर जाकर आ गया मैं माता देख लिया उसकी माफी नहीं है आपके नंबर आपको मिलने वाले हैं -30 चल रहा है तो -30 के 40 हो गया माइनस आपका भाव क्या है

रखो आपके मन में शक है तो मत कहो मार दो क्या बोलोगे मैं और आपका नाम का करवाया जाता है वह आपने खाए नहीं आप बच गए सब का तो भगवान में घर में अंदर में चीज जा ही नहीं सकती पहले मुख्यमंत्री क्लियर करता हूं। 

मैं इसलिए बोल दिया आपको वह कोई खाएगा तभी वह चीज आपके अंदर आएगी भगवान के घर में चढ़ा गए तो मुझे तो बाहर बैठ जाएंगे और अपना और मैं बार बार कहती हूं दो चीजों से ही आपका होरा होता है। 

 

जिससे बच सकते हो आप रेसीटेशन आपकी सोच थॉट प्रोसेस जो है आपको वह आपका और बाद करता और कोई नहीं आपकी ईमानदारी आपका और बड़ा करती हो दुनिया की कोई ताकत ऐसी नहीं जो आपका और बड़ा करते हैं और आपको बचा जाए डेफिनेटली दबे के साथ कह सकती हूं हनुमान चालीसा आते आते पढ़ते रहो ठीक है। 

उसे भाई बच्ची आती है थोड़ा सा इनको डर के यह चीज से दूर रहती है इनकी हैल्थ खराब हो जाती है गोरखनाथ रखना शुरू हो जाते हैं नहीं मुझे भेज दे मुझे मुझे मुक्ति चाहिए। आज मुक्ति चाहिए मकर रुक जा अभी रुक जाना तूने कितनों को सताया पहले तो बता दे किसने बनवाया हमारा मन कहां करता है। यहां से काम करने आपकी हम भी तो कह दिए हैं तुम मुझे भेजेगा ना तो उसको पता लग जाएगा। 

मैं क्या पता मैं नहीं लगे दोगी फिकर ना कर आपको मैं कहना चाहती हूं ,एक चीज 29 सितंबर मेरी बात हुई। तो उन्होंने मुझे पता क्या बोला मैं तू कहां से आया था क्या कर रहा था यह अंदर गई जो उसके साथ उसको छोड़ दिया वह भी साथ में 12 के मैं भी उनके साथ आ गया छोटा बच्चा है। 

मैं बाल कलाकार जैसे यह बाहर आए उनके साधु के साथ में भी हो गया अब बताओ क्या करोगे आप यह बाउंड्री नहीं कर सकता मंदिर नमस्ते गुरुद्वारा मैं बड़ी क्लियर कर दूं इनके लिए बॉम्बाडमेंट है क्या होता है इसलिए अपनी प्रोटक्शन के लिए आपको अपना ख्याल रखना बहुत जरूरी है।

6. कर्मों का आईना और आध्यात्मिक सुरक्षा (प्रोटेक्शन) की आवश्यकता

 

ठीक हो गए गंगा कोनी नाहटा मैं बता दूं मैं अब गंगा के किनारे पर डुबकी लगाकर आए गंगा को नहीं नहा कर आएगा आप तो डूबने से डरते हो गंगा की बात करते हो आपने बाहर से एक छोटे छोटे पानी में डुबकी लगा ली जो आपका पानी यहां तक आता है। 

जहां तक पानी में डूबने की गंगा में देख लो फिर आपको गलत बात है मेरे पास बहुत से कैसे हैं बात कर लो ठीक हो जाओगे लड़की थक गई क्या क्या करोगे। आप हमें इन चीजों को पहले समझना होगा इस ओन द भक्ति से निकलना होगा तभी आपको इसका बेनेफिट होगा और एक चीज मैं आपको और बता दूं अभी आने वाले टाइम में चल रहा है। 

यह चीज बढ़ेगी इस बात को याद रखिए आप हम लोग जितने हैं हमसे चार गुना वह हो गए अभी वह लोग हवा पानी सब कुछ खराब यह करेंगे अगर आपकी पावर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त का और मंत्र जाप नहीं कर रहे हो तो आपको यह झूठ पकड़ने चाहे कुछ भी हो जाए इसलिए सबसे बढ़िया है हमारे मंत्र जाप बुक करो आते जाते

आपके मुंह में हनुमान चालीसा पढ़ते रहो चौपाई साहिब का पाठ करते रहो, हर घर में लगाओ जो मैंने पहली बार पोस्ट में बोला था। बस का साउंड है यह चीज इससे डरती हैं जितना आप अपनी बॉडी को वाइब्रेट करोगे देखो मैंने किया तो फिर शुरू हो गया जितन बॉडी को वाइब्रेट करोगे। 

प उतने ही तंदुरुस्त खुशहाल और अच्छे त्योहार मनाओगे आज मैं इतना ही परिवार के साथ बोलिए हर कोई अपने कर्मों का आईना देखा वाक्य को आईना छोड़ दो आज इतना ही फिर मिलूंगी किसी और नए टॉपिक के साथ आपके सवालों के जवाब के साथ तब तक के लिए नमस्कार सत् श्री अकाल आदाब और

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दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)

दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)

दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)

दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)
दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)

अरे दोस्त, सबसे पहले तो आपको दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ! यह फेस्टिवल (त्यौहार) है माँ लक्ष्मी की कृपा और खुशियों का। लेकिन, इस पवित्र रात का एक दूसरा पहलू भी है, जिसके बारे में जानना जरूरी है।

भाईसाहब, बहुत से लोग मानते हैं कि दिवाली की रात को तांत्रिक शक्तियाँ (Tantric Powers) बहुत एक्टिव (सक्रिय) हो जाती हैं। सच कहूँ, तो कुछ साधकों के लिए यह रात सिद्धि पाने का सबसे खास (Special) टाइम (समय) होता है।

हमारा मकसद आपको डराना नहीं, बल्कि सही जानकारी देकर आपको जागरूक (Aware) करना है, ताकि आप डर से नहीं, बल्कि समझदारी से अपनी और अपने परिवार की प्रोटेक्शन (सुरक्षा) कर सकें। जी, आपको यह जानना चाहिए कि इन नेगेटिव (नकारात्मक) एनर्जी (ऊर्जा) से आप कैसे सेफ (सुरक्षित) रह सकते हैं।

अच्छा तो, चलो शुरू करते हैं और जानते हैं कि इस रात आपको कौन से उपाय (Remedies) करने चाहिए, जिससे आपका दिवाली का फील (अनुभव) पॉजिटिव (सकारात्मक) बना रहे। अरे वाह भई, यह पोस्ट (लेख) आपकी बहुत मदद करेगा, समझे?

दिवाली और तंत्र क्रिया (Diwali Aur Tantra Kriya): क्यों है यह खास (Kyon Hai Yah Khaas)?

 

भई, दिवाली की रात को महानिशा भी कहते हैं। इस रात को माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और हर घर में शुभता आती है। लेकिन, इसी समय कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो अपनी तंत्र विद्या के लिए इस एनर्जी (ऊर्जा) का इस्तेमाल करते हैं। यार, माना जाता है कि इस रात को किए गए तंत्र प्रयोग (Tantra Experiments) बहुत जल्दी फल देते हैं, चाहे वो अच्छे हों या बुरे

तो, इस शक्तिशाली रात में आपको डिफेंस (बचाव) के लिए तैयार रहना चाहिए। हम बस इतना ही चाहते हैं कि आप और आपका परिवार खुश और सुरक्षित रहे, है ना?

तंत्र से बचने के लिए तुरंत करें यह प्रोटेक्शन (Protection) (Turant Karein Yah Protection)

 

सुनो, प्रोटेक्शन के कुछ सीधे और सिंपल (सरल) तरीके हैं, जिन्हें अपनाना बहुत आसान है।

1. सुरक्षा चक्र (Suraksha Chakra) का निर्माण

देखो ना, घर के एंट्रेंस (प्रवेश द्वार) पर आपको कुछ खास चीजें रखनी चाहिए।

  • सरसों का तेल: घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर सरसों के तेल का दीपक जलाएँ। इससे नेगेटिव (नकारात्मक) एनर्जी दूर रहती है।
  • हल्दी और कुमकुम: दरवाजे पर हल्दी और कुमकुम का स्वस्तिक बनाएँ। यह एक शील्ड (ढाल) का काम करता है।
  • नमक के पानी का पोंछा: पूरे घर में नमक मिला हुआ पानी से पोंछा लगवाएँ। यह बुरी ऊर्जा को सोख लेता है। अरे मान लो न, यह उपाय बहुत पावरफुल (शक्तिशाली) है।

2. हनुमान चालीसा का पाठ (Path)

भाई, सच बताऊँ, अगर किसी भी नकारात्मक शक्ति से बचना है, तो हनुमान जी से बेहतर कोई नहीं। आप दिवाली की रात को कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। मुझे फील होता है कि यह आपको एक अदृश्य (Invisible) सुरक्षा कवच देता है।

3. ‘कील’ लगाने की क्रिया

मान लो, यह एक पुरानी और असरदार (Effective) टिप है। घर के चारों कोनों में और मुख्य द्वार के सामने एक-एक लोहे की कील गाड़ दें। यह एक तरह का बैरीकेड (Boundary) बना देता है, जिसे कोई भी बुरी शक्ति पार नहीं कर पाती। करोगे न?

घर की सुरक्षा (Ghar Ki Suraksha): तंत्र बाधा को दूर रखने के आसान टिप्स (Tips)

जरा सोचो, आपका घर आपका टेंपल (मंदिर) है। तुम्हें इसे सेफ रखना है।

1. पूजा घर को मजबूत करें (Puja Ghar Ko Majboot Karein)

  • अखंड दीपक: दिवाली की रात को पूजा घर में एक ऐसा दीपक जलाएँ जो पूरी रात जलता रहे (इसे अखंड दीपक कहते हैं)। यह पॉजिटिविटी (सकारात्मकता) का सोर्स (स्रोत) है।
  • मंत्र जाप: कमरे को खाली न छोड़ें। आप या परिवार का कोई सदस्य ओम नमः शिवाय या ओम महालक्ष्म्यै नमः का जाप (Chanting) करते रहें। यार, ध्यान की शक्ति को अंडरएस्टीमेट (कम आंकना) मत करना।
  • कपूर का धुआँ: पूरी रात घर में कपूर जलाएँ। इसकी खुशबू और धुआँ वातावरण को शुद्ध करता है। (आप कपूर के गुणों के बारे में विकिपीडिया पर पढ़ सकते हैं)।

2. बाहर रखी चीजों का ध्यान

वैसे तो, हमें पड़ोसियों पर भरोसा रखना चाहिए, लेकिन दिवाली की रात को अजनबी चीजें जो आपके घर के बाहर रखी हों, उन्हें इग्नोर (नजरअंदाज) न करें।

  • अगर आपको कोई अजीब (Strange) सी चीज, जैसे नींबू, मिर्च, या कोई गंदा कपड़ा आपके डोरस्टेप (देहलीज़) पर मिले, तो उसे सीधे हाथ से न छुएँयार, दस्ताने (Gloves) पहनकर उसे किसी पेपर में लपेटकर फेंक दें। तुम मानो न, यह बेस्ट प्रैक्टिस (तरीका) है।

अपनी एनर्जी (Energy) को पॉजिटिव (Positive) कैसे रखें (Apni Energy Ko Positive Kaise Rakhein)

ओहो जी, सबसे बड़ा प्रोटेक्शन तो आपकी अपनी एनर्जी (ऊर्जा) है। अगर आप अंदर से पॉजिटिव और स्ट्रांग (मजबूत) हैं, तो कोई भी नेगेटिविटी (नकारात्मकता) आपको टच (छू) नहीं कर पाएगी।

1. सात्विक भोजन और विचार

दिवाली के दिन पूरी तरह से सात्विक (पवित्र) भोजन करें। मांस, शराब (Alcohol) और प्याज-लहसुन से दूर रहें। तुम सोचो न, जब शरीर शुद्ध होता है, तो मन भी शुद्ध रहता है। तुम्हारी सोच ही तुम्हारा कवच है।

2. पूजा में लीन रहें

पूरे मन से पूजा करें। हमारा ध्यान पैसों और रोशनी पर ज्यादा होता है, लेकिन ध्यान पूजा में होना चाहिए। जितना टाइम (समय) आप भगवान को देंगे, उतनी ही आपकी एनर्जी हाई रहेगी।

3. काले कपड़े न पहनें

देखो, हो सके तो दिवाली की रात को काले कपड़े पहनने से बचेंकाला रंग कुछ नेगेटिव एनर्जी को अट्रैक्ट (आकर्षित) कर सकता है। हमेशा चमकदार, नए, और शुभ रंगों के कपड़े ही पहनें। क्या कहते हो?

क्या न करें: कुछ कॉमन मिस्टेक्स (Common Mistakes) जिससे बचना ज़रूरी है

 

भाई मान लो न, कुछ छोटी-छोटी गलतियाँ हैं जो हम अक्सर कर देते हैं, जिससे प्रॉब्लम (समस्या) हो सकती है।

1. रात में अकेले बाहर न निकलें

दिवाली की रात को देर रात तक अकेले घर से बाहर निकलने से बचें। अगर निकलना बहुत जरूरी हो, तो किसी पॉजिटिव व्यक्ति को साथ लें। यह एक सेफ्टी (सुरक्षा) टिप है, समझे?

2. किसी की दी हुई ‘चीज’ न लें

हे ईश्वर, अगर कोई अजनबी आपको दिवाली की रात कोई मीठी चीज, मिठाई, या पैसे दे, तो उसे लेने से बचेंतुम सोचो न, ऐसे टाइम (समय) पर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। तुम्हें रिस्क (जोखिम) नहीं लेना चाहिए।

3. शमशान घाट या खाली जगह पर न जाएं

जरा सोच के देखो, शमशान घाट और एकदम खाली या वीरान जगहें तंत्र क्रिया के लिए खास स्पॉट (जगह) होते हैं। आप दिवाली की रात को इन जगहों से दूर रहें। यहाँ जाने का सवाल ही नहीं उठता। सही है न?

निष्कर्ष (Conclusion)

अरे दोस्त, दिवाली की रात डरने के लिए नहीं, बल्कि खुशी और उत्साह के साथ सेलिब्रेट (मनाने) के लिए है। आप बस ऊपर दिए गए आसान टिप्स को फॉलो (पालन) करें, पॉजिटिव रहें, और अपने ईष्ट देव पर भरोसा रखें। तो, कोई भी नकारात्मक शक्ति आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। क्या ख़याल है?

दीजिए मुझे इजाजत कि मैं आपकी दिवाली को शुभ बना सकूँ। हमारा उद्देश्य आपको पॉजिटिव फील कराना है।

आपकी दिवाली मंगलमय हो!

(आप तंत्र शास्त्र और प्राचीन भारतीय परंपराओं के बारे में विश्वसनीय स्रोतों पर अधिक जान सकते हैं)।

यह पोस्ट आपको केवल सामान्य जानकारी देने के लिए लिखा गया है। हम किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते हैं।

kali satta mantra sadhna मां काली का सट्टे का मंत्र साधना PH.85280 57364

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kali satta mantra sadhna मां काली का सट्टे का मंत्र साधना PH.85280 57364  गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम पर आपका हार्दिक स्वागत है! जय गुरुदेव! और दोस्तों, मेरे गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम वेबसाइट लेख में आपका एक बार फिर से हार्दिक स्वागत है। और देखिए, आज आपके सामने जो मैं साधना आपको बताने वाला हूँ, वह एक सबर मंत्र है और केवल एक दिन की साधना है।

एक दिन में ही आपको सट्टा जीतने का सरल मंत्र जो सबर मंत्र है और उसका प्रयोग, वह सभी केवल एक ही दिन की साधना है। यह एक दिन में आपको सट्टे का नंबर आपको जरूर मिलेगा। और देखिए, कहते हैं की सट्टा एक बहुत ही खतरनाक खेल है।

थोड़ा सा पहले बताऊंगा, फिर उसके बाद में मैं आपको इसके मंत्र के बारे में बताऊंगा कि जो सिद्ध सबर मंत्र है, सरल इसका प्रयोग है, सरल ही इसकी साधना है।

कोई इसमें ज्यादा बड़ा विधि-विधान नहीं है, बिल्कुल एकदम सरल है, और आपको यह जो सट्टे का नंबर है, यह आपको रात्रि के टाइम आपको स्वप्न में प्राप्त होगा।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना –  सट्टा खेलने के बारे में कुछ बातें

तो देखिए, पहली बात तो यह कि जो लोग सट्टा खेलते हैं, उनके बारे में मैं कुछ थोड़ा सा बताऊंगा। और दूसरा, अगर आप सट्टे का नंबर जानना चाहते हैं, तो इस मंत्र का प्रयोग आपको जरूर करना होगा, और केवल एक ही दिन आपको प्रयोग करना है।

क्योंकि मेरे पास में बहुत ज्यादा मैसेज और कमेंट भी आते रहते हैं कि जी, सट्टे का नंबर बताइए, सट्टे के नंबर कैसे पता करें? तो फिलहाल तो मैं पहले इसके बारे में थोड़ा सा कुछ आपको बता देता हूँ।

देखिए, जहाँ तक बात की जाए सट्टा खेलने की, तो आपको यह पता ही है कि यह एक प्रकार से गलत काम होता है, और कई लोग यह सब खेलते ही हैं। असल में, एक बात मैं आपसे कहूँ तो इंसान को यदि एक बार सट्टे की लत लग जाए, तो उसके बाद वह आसानी से छूट नहीं पाती है।

सट्टे का पैसा ही कुछ इस प्रकार का होता है। एक बार जो व्यक्ति थोड़ा बहुत कमा लेता है, तो उसे बार-बार खेलने का उसका मन करता है। आप इस बात को खुद समझ सकते हैं।

सट्टा खेलना पूरी तरीके से गैरकानूनी है, और आपको मैं यह बता दूँ कि भारत के अंदर सट्टा जो है, पूरी तरीके से गैरकानूनी होता है। यदि आप सट्टा खेलते हैं, तो हो सके इसके बाद में यदि आपको कोई, आपके पुलिस वग़ैरह आपको पकड़ कर ले जाए, तो फिर आपको बहुत अधिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ जाता है।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना – सट्टे के नुकसान और लालच

असल में, सट्टे के अंदर क्या होता है कि लोभ और लालच जैसी कुछ समस्याएँ होती हैं, और ऐसी स्थिति के अंदर यदि आपका पैसा डूब जाता है, तो उसके बाद आपके मन के अंदर बहुत अधिक और पैसा कमाने का भाव पैदा होता है। आप इस बात को समझ सकते हैं कि यह लालच आगे चलकर के काफी ज्यादा ख़तरनाक भी हो जाता है।

इसके अलावा, मैं आपको एक बात और भी बता दूँ कि सट्टे की वजह से आपकी जीवन भर की जो कमाई है ना, वह डूब भी सकती है। इसके बारे में भी आपको बिल्कुल पता होना चाहिए। इसलिए, बेहतर यही होगा कि आप सट्टा नहीं खेलें। एक बार अगर आपकी कमाई डूब जाती है, तो फिर इसको पाना काफी अधिक कठिन भी हो जाता है।

इसके अलावा, सट्टा अगर आप खेलते हैं, तो ऐसा करने से रोज़ आपके अंदर लालच काफी अधिक बढ़ जाता है, जिसकी वजह से काफी नुकसान भी हो सकता है। इसके बारे में यह भी पता होना चाहिए कि लालच के चक्कर में कई बार इंसान मार खा जाता है

 

असल में, क्या होता है ना जो लोग सट्टा जो खेलते हैं, अमीर बनने के लिए खेलते हैं, उसे अमीर बनने का ख्वाब देखते हैं, और ऐसा नहीं है कि लोग सट्टे में अमीर नहीं होते, अमीर होते हैं, लेकिन इसके अंदर कुछ किस्मत वाले व्यक्ति होते हैं, जो सट्टे से अमीर होते हैं।

आप इस बात को भली प्रकार से समझ लेना कि यदि आप यह सोच कर के सट्टा खेल रहे हैं कि आप अमीर हो जाएँ, तो हो सकता है कि आपकी सोच गलत हो, क्योंकि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि आप अमीर हो जाएँगे। इसके अंदर समय लगता है, और हो सकता है कि आप पूरी तरीके से फेल भी हो जाएँ।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना – मानसिक और सामाजिक दुष्परिणाम

इसके अलावा, जो लोग सट्टा खेलते हैं, उनकी एक प्रकार की प्रवृत्ति होती है कि उनको अच्छा या फिर बुरा कुछ समझ में नहीं आता, और यही कारण होता कि एक बार हार जाने के बाद वह जीत के चक्कर में दोबारा से धन को लगा करके फिर अपना लॉस कर लेते हैं।

यदि आप सट्टा खेलते हैं और हार जाते हैं, तो इसकी वजह से आप तनाव में भी आ सकते हैं, और तनाव में आ जाने के कारण कई बार ऐसी समस्याओं को एक साथ आपको सामना करना पड़ सकता है।

आप अगर सट्टा खेलते हैं, तो घर में परिवार में, आपकी बीवी है, भाई है, बहन है, आपको किसी से भी लगाव नहीं होगा। यह 100% सत्य है।

और अगर मानसिक स्थिति खराब हो गई, तो आत्महत्या भी सट्टा खेलने वाले करते हैं। किसी की हत्या भी कर सकते हैं दूसरे की, यह उनके अंदर प्रवृत्ति बन जाती है।

और दूसरा, अगर आप सट्टा खेलते हैं और धन हार गए, तो फिर उसके बाद में आप उधार लेकर के भी धन लगाते हैं। आप फिर बुरी तरीके से कर्ज में भी फँस जाते हैं। तो देखिए, ऐसा सट्टा खेलने से बचना ही चाहिए

इसके अलावा, मैं आपको एक बात और बता दूँ कि भाई, अगर आपका पैसा डूब जाएगा, तो पूरा परिवार तो प्रभावित होगा ही होगा। इस बात को तो आप समझ सकते हैं।

एक बहुत बड़ा नुकसान होता है इस जुए को खेलने से। कर्ज तो हम अपने ऊपर लगा ही लेते हैं, साथ में अपनी जिंदगी भी खराब कर लेते हैं।

नशे की आदत भी सट्टा खेलने वालों को लग जाती है, आप समझ रहे? नशे की आदत, और सारी जितनी भी उसके अंदर बुराइयाँ होती हैं, जो एक इंसान के अंदर नहीं होनी चाहिए, वह बुराइयाँ सट्टा खेलने वाले के अंदर आ जाती हैं।

देखो, सट्टे से क्या कि रिश्तों का सामान्य होना तो तय होता, लेकिन इसके कारण यह है कि रिश्तों का आप सही तरीके से भरण-पोषण भी नहीं कर पाते हैं।

आपके सामने समस्याएँ आने लगती हैं। आपकी पत्नी है, बच्चे हैं, धन नहीं होने की वजह से काफी परेशान भी हो जाते हैं। तो इसलिए, सट्टा खेलने से आपको हमेशा बचना ही चाहिए, और अगर नहीं बचेंगे, तो भाई, यह तो देखो आपकी समस्या है।

 शाबर मां काली का सट्टे का मंत्र साधना  की विधि

हालाँकि, लोग कहते हैं जी, हमें सट्टे का नंबर बता दो। तो देखिए, मैं किसी को गलत सलाह तो मैं दूँगा नहीं, लेकिन हाँ, फिर भी जब लोग कहते हैं कि भाई, आप ऐसी कोई साधना डालिए जो सरल साधना हो, तो मैं आज एक ऐसी ही साधना आपके सामने डाल रहा हूँ, जो कि बहुत ही ज्यादा सरल साधना है।

अब इसका प्रयोग आपको कैसे करना है? आपको यहाँ पर मैं एक बात बता दूँ कि इस मंत्र का प्रयोग आप तभी करें जब आपके गुरु हैं, या तो आपने किसी को गुरु बनाया हुआ है, गुरु मंत्र आपके पास है, या फिर भगवान शिव को आपने गुरु माना हुआ है, गुरु मंत्र का आप जप करते हैं, तो फिर आपको प्रयोग करना चाहिए।

अब देखिए, इसमें इस प्रयोग को करने के लिए, इस मंत्र को साधन करने के लिए आपको जो एक सामग्री की आवश्यकता होगी, वह है रुद्राक्ष की माला

रुद्राक्ष की माला प्राण-प्रतिष्ठित चैतन्य होनी चाहिए साबरी मंत्रों से, और अगर आपको ऐसी माला चाहिए, तो मैंने आपको व्हाट्सएप नंबर दिया हुआ है, पोस्ट में आप वहाँ से मुझे व्हाट्सएप करके और वह माला प्राप्त कर सकते हैं।

उस माला से आप भगवान शिव का मंत्र जप, किसी भी सबर मंत्र को सिद्ध कर सकते हैं, गायत्री मंत्र जप, गुरु मंत्र जप, उस एक अकेली सबर माला से ही कर सकते हैं, और यह माला आपको कहीं पर भी विसर्जित नहीं करनी है, इसको अपने पास ही रखना है।

यह जीवन भर आपके साथ ही रहेगी, और इसको साथ रखने में किसी प्रकार का कोई दोष भी नहीं है।

तो देखिए, जब आपको यह माला प्राप्त हो जाए, तो फिर आप किसी भी शनिवार से यह साधना शुरू करें।

अब मैं आपको इसमें बता देता हूँ कि आपको यह जो मंत्र है, सबर मंत्र है, तो यह सिद्ध सबर मंत्र, लेकिन फिर भी आपको इसका जप उस रात्रि में करना ही पड़ेगा, जिस रात्रि में आप चाहते हैं कि मुझे सट्टे का नंबर पता लग जाए।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना   का समय और स्थान

अब इसको करना कैसे है? एकांत स्थान में, अपने घर में, पूजा घर में आप यह मंत्र जप कर सकते हैं। इसके लिए आपको रात्रि को 9:00 बजे के आस-पास या 10:00 बजे के आस-पास स्नान आदि करके और स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें, और दक्षिण दिशा की तरफ मुँह करके अपने कमरे में या पूजा घर में आप बैठ जाएँ।

सामने चौकी लगा लें, उस पर जो अपने गुरु, पर जो चित्र है, वह रख लें, और भगवान शिव का चित्र, और साथ में ही माता कालका का चित्र, क्योंकि यह काली का सबर मंत्र है, और आप जानते हैं, कालिका जो है, एक महाविद्या हैं, और दक्षिण दिशा की तरफ मुँह करके आपको बैठना है।

सामने एक तेल का दीपक लगा लें। सिंदूर आपके पास होगा या कुमकुम होगी, तो उसको घोल करके पानी बनाकर, मैं घोल करके उसको गाढ़ा सा कर लें, जिससे टीका वग़ैरह लगे। लाल रंग के पुष्प पहले से ही लेकर के आ जाएँ। ठीक है?

आसन बिछा लें, किसी भी कलर का हो, लाल हो या काला हो, कोई भी हो, उस पर बैठ करके आपको साधना करनी है। सामने जो चौकी है, उस पर भी आप कोई सा भी वस्त्र बिछा सकते हो, जो भी आपके पास है।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना  गुरु पूजन और मंत्र जप

 

अब आपको करना क्या है कि सबसे पहले आपको अपने गुरु मंत्र का जप करना है। ठीक है? पहले गुरु जी का पूजन करना है, फिर उसके बाद गुरु मंत्र का जप करना है।

तेल आपका सरसों का होना चाहिए। सरसों के तेल का आपको दीपक लगाना है। अगर सरसों का तेल न है, तो तिल के तेल का भी आप लगा सकते हैं इसमें। ठीक है?

और किसी भी शनिवार को आप यह साधना करें, शनिवार के दिन से कर सकते हैं। अब एक ही दिन आपको करना है, केवल शनिवार। शनिवार तो सबसे पहले आपको अपने गुरु जी का पूजन करना है।

गुरुजी के सिंदूर का टीका लगाएँगे, पुष्प चढ़ाएँगे, धूप-दीप दिखाएँगे, और गुरु जी से आपको प्रार्थना करनी है कि, “गुरुदेव, मैं यह सट्टे का नंबर जानना चाहता हूँ।

आज रात्रि में मुझे आपकी कृपा से सट्टे का नंबर प्राप्त हो जाए, तो आपकी बड़ी कृपा होगी। आप मेरी साधना में मुझे सहयोग करें और मुझे आशीर्वाद करें।”

मान लिया कि आपने भगवान शिव को गुरु मान कर के साधना करते हैं, तो फिर आप “ओम नमः शिवाय” इस मंत्र का आपको जप करना है।

दिग-बंधन और सर्वार्थ साधक सबर मंत्र

अपने गुरु मंत्र का जप करने के बाद फिर आपको एक छोटा सा दिग-बंधन आपको जरूर लगाना है इसमें। अब दिग-बंधन मंत्र मैं आपको बता देता हूँ।

उल्टे हाथ में चावल रख करके और सीधे हाथ से सभी दिशाओं में चावल फेंकते हुए आपको मंत्र जप करना है:

ॐ अपसर्पन्तु ये भूता ये भूता: भूमि संस्थिताः

ये भूताः बिघ्नकर्तारस्ते नश्यन्तु शिवाज्ञया

अपक्रामन्तु भूतानि पिशाचाः सर्वतो दिशम

सर्वेषामविरोधेन पूजा कर्मसमारभ्भ

इस मंत्र का जप करके आपको पूरे कमरे में या बाहर जहाँ तक भी चावल जाएँ आपके, वहाँ तक चावल आप बिखेर दें अपने चारों तरफ।

इससे क्या होगा कि आपकी साधना में किसी प्रकार का कोई विघ्न पैदा नहीं होगा। मान लिया कि कोई नेगेटिव एनर्जी अगर आपकी साधना में आना चाहती है, आपको परेशान करना चाहती है, तो वह नहीं आ पाएगी। यह शिव की आज्ञा का उल्लंघन होगा अगर वह आती है। ठीक है? तो आप सुरक्षित होकर के साधना कर सकते हैं।

अब इसके बाद में फिर आपको 21 बारसर्वार्थ साधक सबर मंत्र का जप करना है। क्योंकि अगर आप कोई भी सबर मंत्र सिद्ध करते हैं, तो आपको इस मंत्र का 21 बार जप करना ही चाहिए।

इससे क्या होता है कि आप जो साधना कर रहे हैं, जिस सबर मंत्र की, वह जल्दी सरलता से आपको सिद्ध हो जाता है, और किसी प्रकार का कोई विघ्न भी उसमें नहीं आता है।

अब जो वह मंत्र है, मैं आपको बता देता हूँ, और लिख करके भी दिया दूँगा सभी मंत्रों को, आप वहाँ से नोट कर लेना:

गुरु सेट गुरु सेट गुरु है

मां काली का सट्टे का मंत्र

और साथ में भगवान शिव की तस्वीर भी जरूर होनी चाहिए। अब माता के सामने आपको सिंदूर का टीका लगाना है, उनको पुष्प चढ़ाने, धूप-दीप दिखाना, एक नॉर्मल छोटा सा पूजन आप करेंगे, और हाथ जोड़कर के माता से प्रार्थना करेंगे कि, “हे माँ, मैं आज आपके इस मंत्र का जप कर रहा हूँ।

कृपया आप मुझे आज रात्रि में सट्टे का नंबर बताने की कृपा करें। आपकी मेरे ऊपर बहुत कृपा होगी।”

और जब आप पूजन कर लेंगे, माता से प्रार्थना कर लेंगे, तो फिर आपको जो रुद्राक्ष की माला है, उस रुद्राक्ष की माला से फिर आपको सबर मंत्र जो है, उसका आपको जप शुरू कर देना है।

अब जो मंत्र है, मैं आपको बता देता हूँ, उसको मंत्र इस प्रकार से है: 

चेतमासी  चेत माई कालका चेतावे तेरा बालका

सोते को जगाके बैठे को उठाके रोते को हँसाके

सट्टे का नंबर बताओ दुहाई गुरु गोरखनाथ जी की

आदेश गुरु जी

इस मंत्र का आपको अब जो जप शुरू कर देना है रुद्राक्ष की माला से, और देखिए, इस मंत्र का जितना हो सके उतना जप आपको करते रहना है।

स्वप्न में नंबर की प्राप्ति

इसके बाद यदि आप जपते-जपते आपको नींद आने लगे, आप देखिए, यहाँ पर मैं क्या बोल रहा हूँ? अगर आपको मंत्र जप करते-करते नींद आनी शुरू हो जाए, और नींद आएगी आपको, क्योंकि माता की कृपा होगी, तो नींद आएगी, तो आपको क्या करना है?

वहीं पर आपको सो जाना है, मतलब कि जहाँ पूजा कर रहे हैं, वहीं पर अपना बिछौना पहले ही बिछा करके रखें जमीन पर, और वहीं पर फिर आपको सो जाना है।

जब आप सो जाएँगे, तो इसके बाद जो स्वप्न है, वह आपका पूरा होगा। यह बहुत अच्छा मंत्र है, इसका आप प्रयोग कर सकते हैं। केवल एक ही दिन आपको प्रयोग करना है। इस रात्रि में आपको स्वप्न में सट्टे का नंबर आपको मालूम हो जाएगा और आपको याद भी रहेगा।

देखिए, मैं आपको एक बात बताऊँ कि कोई भी साधना है, गुरु जरूरी है उस साधना में। हालाँकि, कुछ मंत्र ऐसे होते हैं, कुछ साधनाएँ ऐसी होती हैं, जिनमें गुरु की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कुछ ऐसी होती हैं, जिनमें गुरु की आवश्यकता होती है।

तो इसलिए, गुरु चाहे भगवान शिव को ही बना करके चलें, उनका ही मंत्र जप करके चलें, उनसे ही आप आशीर्वाद लेकर के चलें, लेकिन होना जरूर चाहिए। ठीक है?

तो ये जो मंत्र है, ये स्वयंसिद्ध मंत्र है, लेकिन इस मंत्र का जप आपको उतना करना है, जब तक नींद न आ जाए आपको। अब उसमें चाहे आप 1 घंटा जप आपका लगे या 2 घंटा लगे या 3 घंटा लगे। जब आपको नींद आने शुरू हो जाए, फिर आप सो जाइए।

बस, माला को चौकी पर वहीं रख दें, माता को हाथ जोड़कर के प्रणाम करें, और उनसे एक बार फिर निवेदन करें कि मुझे रात्रि में सट्टे का सटीक नंबर आप मुझे बताइए, जो कल मुझे लाभ हो।

इस प्रकार से आप यह साधना करें। अगर मान लिया कि आपको एक रात्रि में सट्टे का नंबर नहीं मालूम होता है, तो फिर आप अगले दिन भी इसी प्रकार से करें, यह मंत्र जप इसी प्रकार से फिर अगले दिन करें, तो आपको 100% आपको सट्टे का जो नंबर है, वह आपको जरूर पता लगेगा, जो लॉटरी है, लॉटरी हो या सट्टा हो, आपको जरूर पता लगेगा।

अंतिम अनुरोध: सट्टे से बचें

 

ठीक है, कि सट्टा खेलना बुरी बात है। अगर आप सट्टा खेलते हैं, तो आप सट्टा छोड़ दें, तो आपका जीवन सुखमय होगा। मैं बार-बार आपसे प्रार्थना करता हूँ, क्योंकि मैंने देखा है, बहुत से लोगों को मैंने देखा है, जब वह मुझे मैसेज करते हैं, उनकी आवाज, उनकी बातें इतनी होती है, इतने वह परेशान होते हैं .

मानसिक रूप से, कि मैं कुछ कह नहीं सकता, लेकिन मैं उनकी कोई सहायता भी नहीं करूँगा इसमें, क्योंकि मैं इसलिए नहीं करता कि भाई, आज अगर इनकी सहायता हो गई, तो यह कल फिर इस काम को करेंगे।

यहाँ तक कि यह लोग तो मुझे लोभ भी देते हैं, देखो कितनी बड़ी बात है, लोभ देते हैं कि हम आपको इतना पैसा देंगे। अरे भाई, मुझे आपका पैसा नहीं चाहिए, मुझे ऐसी कमाई नहीं चाहिए कि जो इस तरह की कमाई हो, और फिर दूसरी बात, अपना परिवार चलाने के लिए काफी है, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।

भगवान के भरोसे मैं बिल्कुल एकदम ठीक हूँ, गुरुदेव के अपने भरोसे बिल्कुल ठीक हूँ, कोई दिक्कत नहीं है। ज्यादा पैसे का मुझे करना भी क्या है? सब यहीं छोड़ कर चले जाना है, सबको, कुछ किसी के साथ में जाता है?

हाँ, इतनी बात जरूर है कि भाई, अगर आपको अपने परिवार का भरण-पोषण करना है, तो किसी ठीक तरह से आप पैसा लीजिए, ऐसे नहीं।

भगवान आपकी सहायता करेंगे, क्योंकि इन बातों को कोई समझता नहीं है, जो सट्टा खेलता है, उसकी समझ में नहीं आती है ना यह बात। उसकी समझ में सिर्फ इतना आता है कि उसको जीतना है, किसी तरीके से उसको अमीर बनना है, बस।

लेकिन फिर भी मैं यह कहूँगा कि अगर छोड़ सको तो छोड़ देना। आपका घर परिवार, आप सुख-चैन की नींद सोएँ, दो पैसा मेहनत करके कमा लेना, तो उसे खा करके आपको नींद बहुत अच्छी आएगी, यह तो गारंटी है मेरी। ठीक है? इसी के साथ में पोस्ट को आप यहीं पर समाप्त करता हूँ।

मेरे साथ बोलिए, वीर बजरंगबली हनुमान जी महाराज की जय! बोलिए, मेरे परमहंस गुरुदेव की जय!

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kaal bhairav satta mantra काल भैरव सट्टा मंत्र साधना   गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज का जो हमारा टॉपिक रहने वाला है काल भैरव सट्टा मंत्र साधना को लेकर रहेगा। देखिए, बहुत सारे लोगों के मेरे को कॉल आती है। पैसे को लेकर वो परेशान है। किसी के ऊपर करोड़ों का कर्जा है।

किसी को अपने बच्चे की एजुकेशन के लिए पैसा चाहिए। तो उसी चीज के रिलेटेड ही मैं आज ले आया हूँ यह साधना। इस साधना से आपका कर्जा भी खत्म होगा। आप बच्चे को अच्छी एजुकेशन भी दे सकते हैं। जिनके पास कोई जॉब नहीं है या कुछ करना चाहते हैं तो वो भी इस साधना को करके अपने घर का गुजारा अच्छे तरीके से चला सकते हैं।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  सागरनाथ जी से चर्चा

तो इसी टॉपिक को लेके आज मेरे साथ हैं सागरनाथ जी। सागरनाथ जी आपका स्वागत है हमारे चैनल में फिर से। शुक्रिया भाई आपका भी और जनता का भी बहुत-बहुत शुक्रिया।

सबसे पहले सबको राम-राम और जय माता जी। हाँ जी। हाँ जी। सागरनाथ जी मेरे पास बहुत सारे लोगों के फोन आते हैं। पैसे के संबंधित परेशान हैं वो। ठीक है। किसी का कोई कारोबार नहीं चल रहा है।

किसी का करियर बनाना चाह रहा है तो उसके लिए पैसा नहीं है। किसी को अपनी बेटी की शादी करनी है तो उसके लिए पैसा नहीं है। करोड़ों के कर्जे भी हैं लोगों के ऊपर और वो परेशान हैं, हताश हैं और वो किस ओर जाएँ और क्या करें उनको समझ में नहीं आ रहा।

अभी समझा देते हैं सारा। तो इसीलिए मैं ये चाहूँगा कि आज कोई आप ऐसी साधना बताइए, सट्टे की ऐसी साधना बताइए जिससे लोगों की जो पैसे की समस्या है वो खत्म हो जाए और उनको सोचना न पड़े। ठीक है। माता रानी का नाम लेके फिर मैं बात शुरू करता हूँ। एक बार बोलूँगा फिर से जय माता की। जय माता।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना का रहस्य

अब बात अब बात बताता हूँ। अनुसारी सट्टे को कैसे सिद्ध किया जाता है? ये सिम्पल सी बात है। इतनी लंबी चौड़ी भी नहीं है जितनी बताई जाती है न दूसरे साधकों के द्वारा या गुरुओं के द्वारा। बिल्कुल बिल्कुल जब मैं अपना प्रैक्टिकल के बारे में बताऊँगा जब मैंने इसको सिद्ध किया था।

तकरीबन हाँ इसको मैंने काले इल्म से सिद्ध किया था। काला इल्म यानी कि तामसी रूप में सिद्ध किया था। ये शब्द जो है न ये काल भैरव की साधना रहेगी न? ये काल भैरव की साधना है।

मनो मनोकामना पूरी करती है। पॉइंट टू पॉइंट बोलता जाऊँगा। मनोकामना पूर्ण करेगी। आपकी जो मनोकामना होगी उसको पूरा भी करेगी। सट्टे का नंबर भी देगी। अगर आपके काम में रुकावट आ रही है वो भी दूर करेगी। शत्रु बाधा भी दूर करेगी। ज्यादा आप इसको परपस के लिए किसके लिए यूज करोगे? सट्टे के लिए करोगे।

बिल्कुल बिल्कुल मतलब एक ही मंत्र से हम बहुत सारी दिक्कतों को भी दूर कर सकते हैं। मल्टीपर्पस काम आती है। स्टेबल धन भी हमें हासिल होगा। बिल्कुल बिल्कुल धन मिलता है।

हमने खुद कमाया है। हम खुद कमाते हैं। इसमें कौन सी बड़ी बात है? क्योंकि ये हमारी गद्दी के साथ चलती है साधना सीधी बात है। बिल्कुल बिल्कुल।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना आश्रमों का संचालन और सट्टे का उपयोग

अच्छा एक चीज मैं और कहना चाहता हूँ कि मेरे को पता है कुछ ऐसे आश्रम हैं जो सट्टे के सिर के ऊपर ही चल रहे हैं क्योंकि आश्रम को चलाने के लिए काफी खर्चे की जरूरत पड़ती है तो ज्यादातर जो साधु हैं तो इसी तरीके से ही वो अपने आश्रम को चलाते हैं।

मैं बताता हूँ जो 99% साधु होते हैं न जिनका गुरु बोल देता है कि चल तू अपना आश्रम खोल ले अपना डेरा चलाना है तो धन कहाँ से लेगा?

बिल्कुल बिल्कुल तो फिर ऐसे तरीके से ही चलता है क्योंकि हमने साधक ऐसे भी देखे हैं और गुरु भी देखे हैं कि जो उनके पास जाते हैं हमें दे दो तो वो बोलते हैं कि फलाने दिन पे फलाना खुलेगा, नंबर खुलेगा तो वो आ भी जाता है।

बिल्कुल और जो उनको चढ़ावा मिलता है तकरीबन उसमें से जो उनकी इच्छा होती है वो दे जाते हैं उनको। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना अनुभव पर आधारित चर्चा

अब हम अपने टॉपिक पे आते हैं। अपने एक्सपीरियंस पे सारी बात करेंगे। टोटली पोस्ट जितनी होगी एक्सपीरियंस पे होगी न कि ऊपर की बात बिल्कुल जो हम वही साधना डालेंगे जो हमने खुद कर रखी है कर रखी है।

इधर-उधर की बातें करना हमें न तो पसंद है न तो हम करते हैं। तो माता रानी की कृपा से जय माता की बोल-बोलकर मैं थकूंगा नहीं कि ये उनकी कृपा से ही सब कुछ होगा भाई। यही आदि-शक्ति ही मेन चीज है जो सारा कुछ सृष्टि में कर रही है।

कर्ता धर्ता तो वही है। बिल्कुल। अब मैं अपने टॉपिक रहता हूँ। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल जी बिल्कुल।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  की विधि और विधान

इसको कैसे करना है? विधि विधान इसका क्या है बताता हूँ। यह रात को 12:00 बजे से लेके 1:00 बजे और 2:00 बजे के बीच-बीच है। बिल्कुल अपने घर पे कर सकते हो। आराम से कर सकते हो। डरने की कोई बात नहीं।

अलग कमरा लेना है जिसमें कोई आपको डिस्टर्ब मत करे उस समय। बिल्कुल बिल्कुल। ठीक है। और साथ में आपके पास क्या होना चाहिए? दही होना चाहिए, बड़ा होना चाहिए, मदिरा होनी चाहिए थोड़ी सी।

हम ज्यादा बोतल लेने की जरूरत नहीं जिसको पाई आदत पा भी बोलते हैं इतनी चलेगी। थोड़ी सी कलेजी होनी चाहिए बकरे की चलेगी। हम ठीक है जो उन्होंने हमें बताया है काल भैरव जी ने कैसे लेना है, विधि कैसे चलानी है। इसमें चेंजेज़ कुछ नहीं करनी है नहीं तो कुछ भी नहीं मिलेगा। मेहनत करोगे खाली हो जाओगे, कोई फायदा नहीं मिलेगा।

बाद में दुखी होगे कि मंत्र भी बता दिया, विधि बता दी, काम नहीं करता। बिल्कुल। ठीक है। उसके बाद आपने क्या करना है, हवन कुंड में इसका हवन हवन घेरना है, हवन लगाना जाना है। हवन जैसे सिम्पल करते हो वैसे सामग्री लेनी है और एक माला जाप करनी है रुद्राक्ष की माला से। आसन जो होगा काले कंबल का होगा। हम ठीक है।

अपने पास दो नींबू रखने हैं जो भावना के बीच आहुति देनी है। नींबू की काटने नहीं है, सीधे डालने हैं जब आपका मंत्र पूरा हो जाएगा 108। हम ठीक है। तो इसको सात दिन या 11 दिन करना है।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना का समय और भोग

तो इसको किस टाइम से करना है? कृष्ण पक्ष में करना है जिसमें अमावस्या के दिन 11 जुड़ जाए। जैसे आज अमावस्या है न पितरों की बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। लास्ट दिन आपका अमावस्या का होना चाहिए सातवाँ या 11वाँ दिन बिल्कुल। ठीक है जी जी।

और आपको सट्टे का नंबर कैसे मिलेगा? जैसे आपने अपना 11 दिन या सात दिन का जाप कर लिया, पूरा कम्प्लीट हो गया। पूरा प्रोसेस पर दिन करना है। हर दिन करना है चाहे 11 दिन करो चाहे सात दिन करो। ठीक है। भोग भी रोज लगेगा, हवन भी रोज गिराया जाएगा इनका और उसके बाद आपने क्या करना करना है।

आखिरी दिन जब आपका होगा आपने दोबारा अपने आसन पर बैठना है। ज्योत लगानी है। शब्द को पढ़ना शुरू करना है। और इनसे यह विनती करनी है कि मेरे को सट्टे का नंबर सपने में देना है। जो आपके उधर चलता है। मटका जो भी चलता है नाम का चलता है।

जो उसका नाम होगा वो नाम लेना है कि इस नाम में जो नंबर खुलने वाला है मेरे को साक्षात उसके दर्शन देने हैं। स्वप्न में। हम ठीक है? तो वो आपको स्वप्न में बता बताएँगे।

 

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना सागरनाथ जी का व्यक्तिगत अनुभव

अब कैसे हुआ था जब मेरे साथ हुआ था जब मैंने इस साधना को किया था 11 दिन किया था तकरीबन ऐसे रात को 12:00 बजे बैठ के मैं 2 घंटे दो घंटे लगाता था तकरीबन 2:00 बजे तक। हम हवन गिरता था। हम जो विधि मैंने आपको अभी बताई वही सेम प्रोसेस करता था और जो सुबह भोग होता था जो कलेजी और मदिरा था इनके मंदिर में चढ़ाता जाके।

काली माता के मंदिर में चढ़ाओ तभी वो एक्सेप्ट कर लेंगे या भैरव के मंदिर में चढ़ाओ तभी एक्सेप्ट कर लेंगे। अगर आपके तरफ इधर मंदिर अलाउ नहीं करता तो आप एक पीपल के पेड़ के नीचे रख सकते हो। हम हम हाँ और साथ में बीच में दो लड्डू जरूर देने भाई। मैं भूल गया था।

दो लड्डू ऐड कर लेना इनके। हम ठीक है। जो मोटी बूंदी के लड्डू होते हैं न वो ऐड कर लेना। हम हम और उसके बाद हमने क्या करना है? हाँ आपने नहीं अभी मैंने जो अपना एक्सपीरियंस बता रहा हूँ उसके बारे में बोलता हूँ। तो जब मैंने तकरीबन डाल लिए मेरे को चाहिए थे पैसे।

हम थोड़े से शॉर्टेज हो रही थी। हाथ थोड़ा सा टाइट चल रहा था। तो मैंने इनको बोला कि भाई आप तो सिद्ध तो कर लिया। अब थोड़ा सा चमत्कार भी दिखा दो। इन्होंने भाई क्या दिखाया? सुबह के 4:00 बजे थे। टाइट नींद में सो रहा था। सपना क्या आया है?

एक ब्लैक बोर्ड होता है। हम ब्लैक बोर्ड के ऊपर लिखा होता है फरीदाबाद की गेम चलती है हमारे इधर। हम वहाँ पे लिखा हुआ था फरीदाबाद। ब्रेकेट में दिया हुआ था नंबर कितना? 04 लिखा हुआ था। हम 04 यानी कि 04 मुंडा चार बोल सकते हो लैंग्वेज में। हम हम सट्टे बाज़ों की लाइन भेजे मैंने भाई।

ठीक है सुबह उठा नहाया प्रणाम किया इनको कि धन्यवाद आपका प्रसाद देने के लिए मेरे को। उसके बाद क्या किया एक यार दोस्त था मेरा वो इसका बहुत चस्का है इस चीज का उसको दे दिया कि भाई ये लगाना है तो तकरीबन ये ले पैसे ले जा मेरे से।

हम मतलब इसको मोटा खेलना है। ये कितने दिन में आएगा वो बोल रहा था। मैंने कहा फरीदाबाद में लगाना है जो शाम को 6:00 बजे आता है उसका रिजल्ट। हम हम ठीक है? तो इसको तूने तकरीबन तीन तीन या पाँच दिन लगाना है लगातार।

हम हम मिस नहीं करना है। पहले दिन लगाया नहीं आया, रोने लग पड़ा, नहीं आया। मैंने कहा पैसे मैं दे रहा हूँ कि तू दे रहा है सीधी बात है। दूसरे दिन लगा नहीं आया फिर तीसरे दिन छट से आ गया। उस दिन बारिश हो रही थी। मैं जैसे बाहर से आया था।

हम बाहर गया था। बारिश बहुत तेज हो रही थी। घर पे पहुँचा तो देखा टाइम हो गया चल मैंने कहा देखते हैं इनका काम आज आ ही गया होगा जो दिया था।

जब देखा तो सीधा ही इंटरनेट के ऊपर रियलिटी की रियलिटी आ गई जो दिया था जीरो फोर। हमारा मन खुश। हम उस जिस मूर्ख को दिए थे वो भी खुश। वो बोल रहा है भाई आ गया जो आपने प्रसाद दिया था। मैं कहा मौज करो जो हमारा बनता है हमें दे दो।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना से कमाई और दान

जब तूने लगा उस समय आपने फिर कितना कमाया थोड़ा यह भी मैं जानना चाहता हूँ। कमाया तो यार मैं क्या बोलूँ अब।

तकरीबन मैंने उस समय मेरे को इतना लालच नहीं था कि मेरे को पता है मैंने दोबारा भी ले ही लेना है। सीधी बात है। मैंने कौन सा एक दिन में कमाना है। उस समय उस समय तकरीबन मेरे को 45,000 मिला था। 45,000 बहुत बड़ी रकम है।

हाँ मेरे को अपना मिला था। तो सेकंड बार जब लिया था मैं जितनी जरूरत थी उतना रखा। बाकी दान पुण्य कर दिया। हम सारा का सारा मैंने अपने पास न रखा।

जितनी जरूरत थी भाई उसका शुक्रिया किया। उतना रख लिया। बाकी दान पुण्य कर दिया। बाकी उनका जो भोग बनता था हम पेटी मदिरा की ले आए। हम पेटी एक मदिरा की पूरी। हम वो उनके मंदिर में दान कर दी उनको बोल के कि भाई ये तेरा है।

हम हमें जितना चाहिए हमने उतना रख लिया। ज्यादा लालच नहीं किया। सेकंड बार भी सेकंड बार भी जरूरत पड़ी थी। उस समय हमने तकरीबन उनसे कितना लिया था 25,000 लिया था। वो कहाँ पे लिया था? दिल्ली में लिया था। हम दिल्ली की जो सुबह गेम खुलती है उसमें लिया था। यानी जितनी जरूरत थी उतना ही उसमें से भी हमने…

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना से लोगों के जीवन पर प्रभाव

आप मेरे को कुछ दिन पहले बता रहे थे कि कुछ लोग आपसे ही ये चीजें सीख के उनके घर के गुजारे हो रहे हैं। बढ़िया तरीके से बढ़िया तरीके से। कैसे हो रहे भाई?

एक का फोन आया हरियाणा का था। हम हम वो जाट था। वो बोला कि आपका नीचे नंबर दिया था कहीं पे तो मैंने ले लिया। मैंने एक्चुअली कमेंट किया था किसी की पोस्ट के नीचे।

वो विधि वो विधि और कुछ बता रहा था अपने नंबर बनाने के लिए कि ये करो वो करो हमको तुमको करो। मैं कहा जिसको जरूरत है सीधे तरीके से मेरे से कॉन्टैक्ट करे। मैं इसकी विधि बताऊँगा। ये करेगा। भाई वो कर्जाई था सिरे का। हम इस चीज मैं कर्जाई हो गया था मान रहा है। हम कर्जाई हो गया था बोल रहा था 30 लाख का कर्जा है मेरे ऊपर। अच्छा।

मैं कहा अच्छा जी 30 लाख का कर्जा है। तब क्या करना है? कहता है आपने बोला था कॉल करूँगा तुम्हें आप सब बताओगे। मैं कहा देख भाई विधि बता दूँगा सब कुछ कर लियो। हम लालच लालच में मत पड़ियो। वो तुम्हारा रिश्तेदार नहीं है भैरव काल भैरव। हम हम ठीक है?

वो तो तेरे सिर्फ परिवार को देख के तेरी इतनी हेल्प करेगा कि ये इसका परिवार आज के टाइम में डोले न। हम ठीक है? कहते हैं ठीक है जैसे बोलोगे। उसने क्या बोला कि मैं जाट लोग हूँ मैं तो खाता पीता हूँ। आपने जो विधि बताई हवन तो नहीं भाई कर सकता। मैं कहा करना पड़ेगा। चेंजेज़ नहीं करनी पड़ेगी।

जो हमें पीछे से बताया गया वही करेंगे। हम ये तो थोड़ी तेरे को मंत्र दे दिया तू मालिक बन जाएगा विधि का। जो विधि बताई जाएगी वही कर। नहीं कहता इसमें एक और ऐड करूँगा मैं। क्या? कहता मैं मुर्गे की पल्ली दूँगा सफेद रंग के। हम अच्छा। मैं कहा भाई क्यों जान से मारने को आया है उसको? कहता नहीं मैंने देनी है।

मैंने कहा उसके नाम का खुला छोड़ देना मारियो मत उसको। हम हम ये हरकत मत करना। हम कहता ठीक है। मैं कहा देख सीधी बात है किसी प्राणी की जान नहीं ली जाती। बिल्कुल बिल्कुल। ठीक है न। उनको तो वासना चाहिए।

वासना मतलब जैसे हमें स्मेल चाहिए होती है न किसी चीज को बिल्कुल। वो तो वासना के भूखे होते हैं। कहते ठीक है, ठीक है। ऐसे ही करूँगा भाई। उसने 11 दिन ऐसे किया। दारू लेके आता था जो देसी लेके आता था फुल बोतल।

हम रोज मेरे को बताता था कि मैं ये कर रहा हूँ ये कर रहा हूँ। मेरे को सपने आ रहे हैं। मेरे को नंबर दिखा रहे हैं कि ये नंबर लगेगा वो नंबर लगेगा। मैं कहा सात और 11वें दिन तक कोई पंगा नहीं लेना। कहता मैं 11 दिन तक करूँगा।

सात दिन नहीं 11 दिन तक। वो कहता मैं पाँच माला कर रहा हूँ। अच्छा। मैं कहा बेस्ट है। कहता मेरे को कितना टाइम रात को 12:00 बजे बैठ मैं 4:00 बजे उठ जाता हूँ। अच्छा। मैं कहा ठीक। कहता है 4:00 बजे सुबह तो उठ जाता हूँ रात को 12:00 बजे बैठ के।

भाई वो बोला मैं छ: महीने के भीतर-भीतर जो जितना मेरा था न कर्जा सारा मैंने उतार लिया। अब मेरा घर अच्छा चल रहा है। यानी मैं लालच नहीं कर रहा आपके कहने पे।

हम 30 लाख का कर्जा ऐसे नहीं होता कि उतर जाता है। 30 लाख का कर्जा बहुत बड़ी चीज है कि उतर जाना वो भी भाई आजकल के छ: महीने में। भाई आजकल के रिश्तेदार नहीं हेल्प करते। दूर क्या बात है भाई भाई की नहीं हेल्प करता भाई साहब जी।

गुरु का मार्गदर्शन और काल भैरव सट्टा मंत्र साधना

बात यह है मैं इसलिए यह चीज डाल रहा हूँ क्योंकि बहुत लोग दुखी आते हैं जिनका पैसे के रिलेटेड कर्जा है। ठीक है? वो चुकाना चाहते हैं। इसीलिए मैं ये चीज चाहता था कि मैं कोई ऊपर बात करूँ उसके लिए साधना कोई लेके आऊँ। दूसरी चीज क्या है जी ये जो सट्टे-सट्टे की साधना है, ठीक है? ये सट्टे की एक अपने आप में विद्या है। ठीक है?

ये जो विद्या है अगर गुरु की देखरेख में करोगे, गुरु से जानकारी लेके करोगे तो फिर तो आप बोलना बोलना भूल ही गया। हाँ जी अपना सागरनाथ जी मैं थोड़ा सा बताना चाहता हूँ और उसके बाद फिर आप भी बोलना।

 

जी गुरु के मार्गदर्शन में अगर करोगे तभी आपको समझ में आएगा और तब ही आप ये चीजें लगा पाओगे सही तरीके से। बिल्कुल। ठीक है?

गुरु के मार्गदर्शन में नहीं चलोगे। समझ में नहीं आएगा किस तरीके से इसको लगाना है, क्या करना है, कैसे मैंने अपने गुरु के अंडर रह के ही सब कुछ किया। नहीं मैं गुरु के बिना करता तो मेरे को इतना ज्ञान न मिलता जो सच्चाइयाँ छोटी छोटी बहुत सारी चीजें हैं जो रह जाती है।

उसके बाद क्या है कि ये अपने आप में भी सट्टे की जो एक तरीके से विद्या है ये कोई चीज नहीं है, कोई साधारण साधना नहीं है, ये विद्या है। सीखना पड़ता है तब जाके आप लगा पाओगे।

इसमें जो आजकल के साधक हैं न बैठते हैं छ: महीने की अपनी जो मेहनत है न बेकार कर लेते हैं। छ: महीने जो वो साल लगाते हैं न पूरा साल। लोगों को मैं आपको पता होगा।

लोगों को पता ही नहीं इसकी विधि क्या है। जी। दूसरी चीज मेरे को न सागरनाथ जी बहुत सारे ऐसे लोगों के कॉल आते हैं। वो बोलते हैं जी हम ये साधना कर रहे हैं।

नंबर आता नहीं है। नंबर दिखता है पर आता नहीं है। तो हम क्या करें? ठीक है? क्योंकि क्योंकि उसमें क्या है जी सागरनाथ जी? कोई चीजें होती हैं, कोई कमियाँ होती है, वो दूर करनी बहुत जरूरी है।

इसमें देखिए कोई गुरु ही एक चीज इस चीज को कर सकता है। बिना गुरु के न करे बंदा न बिल्कुल। इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें नंबर सीधा मिलता है।

तोड़-मरोड़ो के नहीं मिलता है। जैसे ये नहीं बनाना पड़ता। सीधा मिलेगा। सीधा मतलब जो जैसे आप अपनी आँखों से सब कुछ देखते हो न रियलिटी वही रियलिटी मिलेगी। लेकिन उसके लिए सब्र करना पड़ेगा। थोड़ा सा न अगर कोई व्यक्ति गुरु के मार्गदर्शन में करें। नहीं गुरु के मार्गदर्शन में करने पड़े। हम किस लिए बैठे हैं? हम किस लिए आए हैं?

पहले यह बताओ। हाँ हम कौन सा दुखी करेंगे किसी को कि न करो। भाई अपना जीवन सवारो, करो। हमने तो सवारा है। तुम भी सवारो। हमें कौन सा फर्क पड़ने लगा है?

क्योंकि बहुत सारी चीजें मैंने बिगड़ती देखी है। जी। एक चक्कर में लोग खुद ही करने बैठ जाते हैं। बहुत सारी चीजें तो नुकसान करा बैठ। भाई मैं तो ये बोलता हूँ अपना लॉस जो ऐसे है न कर्जे में या शादी किसी ने करनी है या अपनी स्टडी करनी है अपनी करो एक तरफ हो जाओ।

इसके ऊपर डिपेंड नहीं रहना। डिपेंड का मतलब कि रोज नहीं करना है। महीने में दो बार हो जाए तीन बार हो जाए चलता है। महीने में दो बार ही आप अगर लाखों रुपया कमा लेते हो तो बहुत है। क्या चाहिए? जो छ: महीने में 30 लाख का कर्जा उतार लिया तो आप महीने में सब्र नहीं कर सकते 30 दिन। परमात्मा ने आपको दिए हैं हर महीने।

लाइफ के लाइफ में कितने आपके 24 घंटे देता है न आपको पर डे के। उस हिसाब से आपको महीने में सैलरी एक बार मिलती है वो भी रो-रो के आप लेते हो। अगर सब्र करके करते हो भाई अगर आपको बैठे-बैठे 500 मिल रहा है, ठीक है।

बसों में धक्के खा के अगर आपको 15,000 की नौकरी मिलती है उससे ज्यादा तो आपका रास्ते में खर्चा हो जाता। भाई इस पैसे को जितना अच्छे काम में लगाओगे न यह दुगना होगा।

दुगना कहने का मतलब है अपना तो काम-धंधा खोल लो अपना बिजनेस चला लो कोई नया बिजनेस। एक तरीके से जो लोग चुंगल में फँसे हैं न पैसे के संबंधित उस चुंगल से निकालने के लिए है।

दूसरी चीज क्या है जी अगर कोई बंदा बिजनेस करना चाह रहा है तो उसके पास पैसा नहीं हो रहा है कहीं से अरेंजमेंट। मैं बात करता हूँ इसके बीच तो उसके लिए भी आदमी यूज कर सकता है। जी मैं क्या इसके बीच में आपकी बात रोक रहा हूँ।

सबसे बड़ी बात ये है मान लो कि जैसे ये नंबर किसी को मिल जाता है लगातार मिलना भी शुरू हो जाता है। अगर वो बोले मैं माँस खाऊँ, मीट खाऊँ, दारू पीऊँ तो ये भैरव है न जो काल भैरव उजाड़ के रख देगा तुम्हें और तुम्हारे परिवार को।

 

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  के दुरुपयोग के दुष्परिणाम

एक चीज और है सागरनाथ जी अगर मैंने बहुत सारे ऐसे लोग देखे हैं जिनको मेरे से इन चीजों को लिया उन्होंने। ठीक है? खूब इसका यूज करा और गलत कामों में यूज करा। ठीक है?

उसके बाद मैं आपको क्या बता रहा हूँ? जी सागरनाथ जी उनके पास जो कुछ बना था जो पहले भी बना हुआ था वो सारा कुछ जीरो हो गई पहले से। वही बंदे मेरे पास आते हैं कि दोबारा करा दो। मैं नहीं करवाता भाई।

हाँ ऐसे क्योंकि गलत कामों के ऊपर पैसा लगाओगे तो लक्ष्मी भी खुश नहीं होती। अरे भाई हम मेरे को इतने साल हो गए गुरुगद्दी चलाते हुए न मैं दारू पीता हूँ, सुनो न मैं माँस खाता हूँ, ठीक है न। मैं सिर्फ अपने देवी देवता है न जो मेरे बड़े लेवल उनको भोग देता हूँ।

वो प्रसन्न है तो मेरा भी मूड प्रसन्न है। आत्मा प्रसन्न है। बिल्कुल जी बिल्कुल बिल्कुल। ठीक है न? ये राक्षस बनने की जरूरत नहीं है। अच्छा आदमी बनो।

काल भैरव सट्टा मंत्र 

मंत्र

अब मैं मंत्र बताता हूँ। मंत्र पे आता हूँ। बाद में बोलेंगे मंत्र कहाँ पे है? बिल्कुल मंत्र सुनो मेरे से।

“ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल भगवा वेष। तीर पतर लियो हाथ, चौसठ जोगनिया खेले पास। आस माई, पास माई। पास माई सीस माई। सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे। राजा को बनाऊ कुकडा। प्रजा बनाऊ गुलाम। शब्द सांचा, पींड कांचा । गुरु का बचन जुग जुग सांचा

 

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  मंत्र प्राप्ति का अनुभव

बहुत अकबर ये शब्द ये शब्द हमें कैसे मिला था मैं बताता हूँ अभी इसके भी बीच में एक माहौल है। माहौल क्या है? भोले शंकर से हमने बोला था कि हमें भी कोई ऐसी तुरी में अपना कोई बांध रखने के लिए दे दो जो हमारे आगे चल के काम आए पैसे के लिए।

उन्होंने मेरे को तीन-चार दिन में ऐसे सुबह सपना आया भाई ये मंत्र मेरे पास पड़ा हुआ था। हम लेकिन मैंने इसको कभी यूज नहीं किया था। जब उन्होंने मेरे को ये ए टू जेड एक एक स्टेप करके जिनके ये शब्द दिखाए न हम मैं हैरान हो गया। मैंने कहा उसको ढूँढो जहाँ पे ये मैंने रखा था।

फिर मैंने वो अपना किताब जहाँ पर गुरु ने लिखवाया था ये रखना देखा। हम हम कि इसकी अब जरूरत पड़ गई। इन्होंने बता दिया। जगत गुरु ने खुद बता दिया है। बिल्कुल बिल्कुल।

मैं इसका इसके फट्टे उठा दो और चख दो। पकड़ो लेंटर गार्डर जो है न सब डाल दो एक साथ ही। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। क्योंकि उन्होंने बता दिया तो काम करना चाहिए। बिल्कुल जी करना चाहिए जी बिल्कुल सट्टा साधना गौरव।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  दीक्षा और साधना की शुरुआत

 

और एक चीज मैं और जानना चाहता हूँ लास्ट और यह चीज जानना चाहता हूँ जी क्या कोई बंदा बिना दीक्षा के तो नहीं कर सकता न इसको? नहीं कर सकता। 99% नहीं कर सकता। जो विधि बताई है करके देख ले। उल्टा भैरव उसको लटका देगा। कैसे? रात को 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच कर रहे हो। सामने आके खड़ा हो जाएगा।

साया काली माता का खड़ा हो जाएगा। जिसमें लिखा है आसमाई पासमाई सीसमाई। साया दिख गया तो वो तो डर जाएगा वैसे ही। वो तो भाग जाएगा।

कोई ऐसा नुकसान हो जाएगा भाई तुम भरपाई नहीं कर पाओगे। इसीलिए क्या सोच समझ के ही करना। मेरी देखरेख में करो। कोई डरने की बात नहीं। हम दोनों में से किसी के भी कॉल करके आप कर सकते हैं। एक ही बात है।

ठीक है ? दूसरी चीज क्या है जी मैं और चीज बोलना चाहता हूँ। ये किस वार से शुरू करना है ये बता दीजिए। ये मैंने बताया तो है कृष्ण पक्ष के कृष्ण पक्ष जो होगा उसमें शनिवार ले लो।

शनिवार। ठीक है जी। सॉरी मैं विधि पहले नहीं बताया हुआ है। कुछ बातें ऐसी होती है पहले बतानी जरूरी होती हैं। क्योंकि क्योंकि मैं अपना सारा टॉपिक कवर कर जाता हूँ। बिल्कुल बिल्कुल।

अच्छा लोग अब बोलेंगे दिशा कौन सी, कपड़े कौन से? ये दो चीज। इसमें दिशा पूर्व रहेगी। अब तीसरा सवाल ये है कि इसका जो हवन है, ठीक है। रात को करना है या दिन में करना है? भाई रात को ही करना है। रात को 12:00 बजे बोल तो रहा हूँ मैं। ठीक है। ठीक है। रात को 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच-बीच काम निपटाना है अपना। हफ्ते की बात है। लाइफ तो साली सारी पड़ी है जीने के लिए।

हफ्ता या 11 दिन नहीं कर सकते। ना है भी ये बिल्कुल शॉर्टकट रास्ता 11 दिन का। तो बहुत बड़ी बात तो है ही नहीं। 11 दिन के अंदर-अंदर आपको कुछ बड़ी चीज मिल रही है तो मेरे हिसाब से ये करना चाहिए।

हर बंदे को करना चाहिए। यार जो 7 दिन और 11 दिन मेरी विधि करके सब्र कर लेगा न वो खुद हाथ जोड़कर बोलेगा कि भाई मेरी जो पैसे दूसरी जरूरत है पूरी लाइफ टाइम तक काम आने वाली चीज है। जी ऐसा नहीं है कि ये लाइफ टाइम तक काम आएगी।

भैरव का देखिए मैंने 10 पोस्ट डाल चुका हूँ। किसी बंदे को मैंने बोल दिया भाई तू जाके काल भैरव की घर पर तस्वीर लगा लेना काम तुम्हारा चालू हो जाएगा। उसके ऊपर मैंने पोस्ट बना के डाला उस बंदे की जिंदगी बदल गई।

खुद बोल रहा है जी। भाई ये खुद बताएगा ये ये मंत्र जहाँ तक वशीकरण करता है न इस शब्द की एक एक लड़के की लाइन को समझना समझना जो लिखा है। एक साथ जोगनिया चलती है। जोगनिया चलती है इस शब्द में। बिल्कुल बिल्कुल।

देखने में जब मंत्र एक एक शब्द को समझना इसका मतलब क्या निकलता है तब पता लगेगा। सुनने में ही पॉजिटिव वाइब आ रही है। पूरा अंदर से वो ऊर्जा से भर रहा है बॉडी। न कुछ कर रहे हैं। जनता बहुत ब्रॉडकास्ट करती है।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना – समापन और गुरु मंत्र साधना.com

बहुत सी दूसरी चीज हम यहीं के ऊपर सागरनाथ जी बंद करना चाहेंगे टॉपिक क्योंकि बहुत लंबा हो गया। दूसरी चीज क्या है? हमारी गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट है। अपना एक नया चैनल बता दो उनको नए चैनल के ऊपर भी बता दो कि डिस्क्रिप्शन में सारा कुछ बताऊँगा। जी हाँ हाँ तो देखिए क्या है जी गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट है हमारी।

उसके अंदर क्या है बहुत सारे आपको आने वाले समय में मंत्र साधनाएँ मिलेंगे। ठीक है? धांसू से धांसू भाई जो देखी नहीं होगी न सुनी। क्योंकि मैंने अपना सागरनाथ जी बहुत लंबे समय से मैंने जो प्राचीन मंत्र देखे थे ब्लॉग के ऊपर वो ब्लॉग ही लोगों ने डिलीट कर दिए और वो चीजें अलोप हो रही है धीरे-धीरे। अच्छी चीजें हैं। अब करके दिखाएँ।

मैं तो बात बोलता हूँ सच्चाई कितनी देर दबा लोगे तुम। दुकान चलाते हो मैं दुकान नहीं चलाता। बिल्कुल। ये भी बात है जी। जो दुकान चला रहे हैं लोग तो वो भी इस चीज को समझेंगे।

तो दूसरी चीज अब मैं दूसरे टॉपिक के ऊपर आता हूँ। सागरनाथ जी का भी एक चैनल है। उनका मैं लिंक नीचे डाल दूँगा। ठीक है? इनके साथ भी आप स्पेशल जुड़ सकते हैं। बिल्कुल। दबा के दोनों चैनलों को लाइक करो, शेयर करो। बिल्कुल बिल्कुल। और इनके साथ भी आप जुड़िए और हमारे साथ भी जुड़िए। ठीक है? बिल्कुल। तो हम दोनों ही नाथ संप्रदाय से हैं। ठीक है?

ये भी नाथ संप्रदाय से। मैं भी नाथ संप्रदाय से। इसीलिए हम मिलके काम कर रहे हैं। ठीक है? इनको भी अच्छी नॉलेज है और हमें भी अच्छी नॉलेज है। ठीक है? पर मेरे को माता रानी की मेरे को ये तो लोगों के लिए… हाँ जी जी हाँ जी बोलिए सागरनाथ जी।

मैं मैं कहा ये तो सारी माता रानी की कृपा है। उन्होंने भगवान की कृपा है जी बस। उन्होंने अपना दूध नहीं हमें पिलाया। वो तो हमें दूसरी माँ दे दी जन्म में।

नहीं तो हमें पता है हम उनके पास कैसे रहते हैं। बिल्कुल बिल्कुल। ये भी माता रानी की कृपा बोल दी है जी ये सागरनाथ जी आपके मुख से। जी अभी फिर हम समाप्त करते हैं। यहीं पर जिस किसी को भी चाहिए नीचे लिंक दे दूँगा। पूरी विधि पढ़ के कर लेना। ठीक है? बिना गुरु के मत करना।

ठीक है? अगर गरीब हो, अगर पैसा नहीं है तो कम पैसों में मैं सिखा दूँगा आपको। कोई टेंशन लेने वाली बात नहीं है कि हाँ जी हजारों रुपए ही चाहिए। कम से कम जितना हो सके उतने में मैं सिखा दूँगा। पर इसका गलत प्रयोग करोगे तो कुछ नहीं बचेगा।

जो कुछ पैसा पहले भी कमाया हुआ वह भी चला जाएगा। दवाइ हाँ उल्टा जाएगा भाई। उल्टा लगा देगा। ये मेरे को मालूम है। मैंने ऐसे कइयों को सिखाई है। वो गलत इस्तेमाल उन्होंने कर लिया। बाद में बोलते बड़े भाई सिखा दो। मैंने कहा बड़ा भाई गया तेल लेने। बिल्कुल।

लोगों को न तो हम सपोर्ट करते हैं न हम करेंगे भाई। करेंगे भाई अपना घर घर की तरफ देखो। सबसे पहले आपके लिए घर है। उसके बाद ही सब कुछ है। चलो ठीक है  हम दूसरे टॉपिक में फिर से मिलेंगे फिर नए टॉपिक में। ठीक है। जय माता दी। जय श्री महाकाल। जय माता दी। आप सब माँ का।

Mohini Pari Sadhana: मोहिनी परी साधना, विधि, नियम और फायदे

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Mohini Pari Sadhana: मोहिनी परी साधना, विधि, नियम और फायदे

Mohini Pari Sadhana: मोहिनी परी साधना, विधि, नियम और फायदे
Mohini Pari Sadhana: मोहिनी परी साधना, विधि, नियम और फायदे

परिचय: Mohini Pari Sadhana क्या है?

अरे वाह पाठक दोस्तों, आजकल लोगों का अध्यात्मिक साधनाओं की तरफ़ बहुत झुकाव देखने को मिल रहा है। हर कोई जीवन में कुछ खास पाना चाहता है, चाहे वो प्यार हो, सक्सेस हो, या फिर कोई गाइडेंस। भाईसाहब, ऐसी ही एक साधना है मोहिनी परी साधना। जी, आपने बिलकुल सही सुना। यह एक बहुत ही पुरानी और पावरफुल साधना मानी जाती है।

देखो, मोहिनी परी, एक तरह की अलौकिक शक्ति है जिसे देवीय या दिव्य शक्तियों में गिना जाता है। यह साधना करने वाले को न केवल प्यार और सुंदरता देती है बल्कि जीवन में एक दोस्त और पार्टनर का फील भी देती है। ये साधना उस इंसान के लिए है जो दिल से सच्चा और पाक हो।

मोहिनी परी साधना के फायदे (Benefits of Mohini Pari Sadhana)

 

क्या बताऊँ जनाब, इस साधना के फायदे बहुत हैं। जरा सोचो, जब आपको कोई पावरफुल एनर्जी सपोर्ट करे तो आपकी लाइफ कितनी बदल सकती है।

  • आकर्षण शक्ति (Attraction Power): मानते हो न? इस साधना से साधक में एक खास आकर्षण आ जाता है। वो जिस किसी से भी मिलता है, लोग उससे इंप्रेस हो जाते हैं।
  • सक्सेस (Success): भाई, हर काम में सफलता मिलती है। जहाँ भी जाओ, काम बन जाता है।
  • प्रोटक्शन (Protection): यह साधना साधक को हर तरह की बुरी एनर्जी से बचाती है।
  • गाइडेंस (Guidance): तुम देखो, साधना के दौरान या बाद में मोहिनी परी आपको सही रास्ता दिखाती है। अगर आप कहीं कन्फ्यूज्ड हैं, तो आपको सही गाइडेंस मिलता है।
  • शांति और खुशी (Peace and Happiness): कहो तो, इस साधना से मन को बहुत शांति और खुशी मिलती है।

सच कहूँ तो, ये सिर्फ फायदे नहीं, बल्कि लाइफ को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर देते हैं।

साधना के लिए ज़रूरी नियम और बातें (Important Rules for Sadhana)

 

किसी भी साधना को करने के लिए कुछ रूल्स होते हैं और इसमें भी हैं। जरा सोचो, अगर तुम रूल फॉलो नहीं करोगे तो रिजल्ट कैसे मिलेगा?

  • पवित्रता (Purity): देखो, सबसे पहले आपको शरीर और मन से पवित्र होना पड़ेगा। रोज़ सुबह नहाकर साफ़ कपड़े पहनें।
  • सच्चाई (Honesty): जनाब, यह साधना सच्ची नीयत से ही करनी चाहिए। कोई गलत इंटेंशन (इरादा) नहीं होना चाहिए।
  • ब्रह्मचर्य (Celibacy): साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत ज़रूरी है।
  • सात्विक भोजन (Sattvic Food): तुम मानो, सिर्फ़ सात्विक खाना ही खाएं। मांस, शराब, और लहसुन-प्याज से दूर रहें।

अगर तुम इन नियमों का पालन करोगे, तो रिजल्ट मिलने की पॉसिबिलिटी बढ़ जाती है, है ना?

मोहिनी परी साधना करने की विधि (Process of Mohini Pari Sadhana)

 

यह साधना करने के लिए, आपको कुछ चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी। ये वो चीज़ें हैं जो पूजा को सही से करने में हेल्प करेंगी।

  • सामग्री (Samagri):
    • एक साफ़ आसन (बैठने के लिए)।
    • एक दीपक जिसमें घी या तेल हो।
    • लाल गुलाब के फूल।
    • धूप या अगरबत्ती।
    • एक माला (मंत्र जाप के लिए)।
    • थोड़ा सा प्रसाद, जैसे कोई मिठाई।
    • सिंदूर।
  • समय और जगह (Time and Place):
    • वैसे तो यह साधना रात के 10 बजे के बाद शुरू की जाती है, जब चारों तरफ शांति हो।
    • जगह बिलकुल साफ़ और शांत होनी चाहिए। कोई आपको डिस्टर्ब न करे।
साधना में ध्यान और मंत्र का महत्व (Importance of Meditation and Mantra)

 

भाई, इस साधना में सबसे ज़रूरी है मंत्र और ध्यान। इसी से आप मोहिनी परी की एनर्जी से कनेक्ट हो पाओगे।

मंत्र:

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं मोहिन्ये सर्वकामिन्यै मम कार्यं सिद्धयै नमः

  • यह मंत्र बहुत पावरफुल है। इसका जाप पूरी श्रद्धा के साथ करना चाहिए।
  • रोज़ाना कम से कम 11 माला जाप करें।

ध्यान (Meditation):

जरा सोच के देखो, जब तुम जाप कर रहे हो, तो तुम पूरी तरह से अपनी आँखें बंद करके मोहिनी परी की एक सुंदर इमेज अपने मन में बनाओ। इमेजिन करो कि वो तुम्हारे सामने है। इस तरह ध्यान करने से तुम्हारी एनर्जी बहुत स्ट्रांग हो जाएगी।

साधना के दौरान आने वाले अनुभव (Experiences during Sadhana)

 

क्या बताऊँ, साधना के दौरान कई तरह के अनुभव हो सकते हैं। अरे देखो ना, कभी-कभी तो साधक को एक खास फील आने लगता है।

  • सुगंध (Fragrance): तुम समझो, साधना के दौरान आपको गुलाब या किसी और मीठी चीज़ की खुशबू आ सकती है।
  • आभास (Feeling): आपको लगेगा कि आपके पास कोई है। ये मोहिनी परी की प्रेजेंस का एहसास हो सकता है।
  • सपने (Dreams): आपको सपने में मोहिनी परी दिख सकती है जो आपको कोई मैसेज दे रही हो।

ये सब पॉजिटिव साइंस हैं, जो बताते हैं कि साधना सही ट्रैक पर है। लेकिन अगर आपको कोई नेगेटिव फील आता है तो तुरंत साधना रोक दें।

कुछ ज़रूरी सावधानियाँ (Some Important Precautions)

 

  • डरें नहीं: अगर आपको कोई अजीब अनुभव हो तो डरना नहीं। पॉजिटिव सोचें।
  • लालच न करें: ये साधना किसी को गलत इस्तेमाल करने के लिए नहीं है।
  • किसी को न बताएं: अपनी साधना के बारे में हर किसी को न बताएं।
  • गुरु का सहारा (Support of a Guru): सच कहूँ तो, किसी गुरु की गाइडेंस में ये साधना करना सबसे बेस्ट है।

निष्कर्ष: साधना का सही अर्थ

 

देख रहे हो न? मोहिनी परी साधना सिर्फ़ किसी को अट्रैक्ट करने के लिए नहीं है, बल्कि यह अपने आप को बेहतर बनाने का एक तरीका है। जब आप सच्चे मन से यह साधना करते हो, तो आपकी लाइफ में एक पॉजिटिव चेंज आता है। यह आपके मन को शांत करती है और आपको एक सच्चा साथी भी मिलती है।

तो भाई, अगर तुम भी अपने जीवन में कुछ अच्छा फील करना चाहते हो, तो इस साधना के बारे में सोचो। पर याद रखना, इसका मकसद हमेशा अच्छा होना चाहिए। वरना कोई फायदा नहीं, समझे? सही है न?

 

साधना मे सिर्फ सफेद वस्त्र,आसन,मिठाई का प्रयोग करे।सर के बाल ढके हुए हो इसलिए सफेद रुमाल सर पर बांधे और गुलाब का इत्र वस्त्रो पर लगाना है। साधना हेतु पच्छिम दिशा के तरफ मुख करके बैठना है। जाप के समय बिच मे उठना नही चाहिये और साधना करने के बाद ही आप आसन से उठ सकते है।

परी साधनाओं के नियम :-

1.परी साधना में वज्रासन का प्रयोग किया जाता है,जैसे नमाज अदा करने के लिए बैठते है ।

2. वस्त्र स्वच्छ एवं धुले हुए इस्तेमाल करने चाहिए ।

chandra-grahan-me-apsara-sadhna एक रात की अप्सरा साधना: चंद्र ग्रहण पर पाएं धन-दौलत का वरदान

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Chandra grahan me apsara sadhna एक रात की अप्सरा साधना: चंद्र ग्रहण पर पाएं धन-दौलत का वरदान

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chandra-grahan-me-apsara-sadhna एक रात की अप्सरा साधना: चंद्र ग्रहण पर पाएं धन-दौलत का वरदान अरे यार, क्या आप जानते हैं कि चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan) का समय कितना पावरफुल होता है? जी, खासकर उन लोगों के लिए जो स्पिरिचुअल प्रैक्टिसेज में विश्वास रखते हैं। भाईसाहब, यह एक ऐसा टाइम होता है जब ब्रह्मांड की एनर्जी अपने पीक पर होती है।

और सुनो, इसी समय में की गई साधनाएं, जैसे कि अप्सरा साधना, कई गुना ज़्यादा फल देती हैं। अच्छा तो, आज हम इसी टॉपिक पर डिटेल में बात करने वाले हैं। देखो, यह कोई मज़ाक नहीं है, बल्कि एक बहुत ही सीरियस और पावरफुल साधना है। तो चलिए, बिना किसी देरी के इस रहस्यमयी दुनिया में चलते हैं और जानते हैं कि चंद्र ग्रहण में अप्सरा साधना कैसे की जाती है।

चंद्र ग्रहण में अप्सरा साधना क्या है? (Chandra Grahan me Apsara Sadhna Kya Hai?)

 

भाई देख, अप्सरा साधना एक बहुत ही पुरानी और गुप्त साधना है। इसमें साधक अप्सराओं को, जो कि देवलोक की सुंदर और दिव्य शक्तियां मानी जाती हैं, उन्हें सिद्ध करने की कोशिश करता है। मानते हो? अप्सराएं सौंदर्य, कला, और प्रेम की देवी मानी जाती हैं।

अरे वाह भई, इनकी सिद्धि करने से साधक को जीवन में सुख, समृद्धि, और ऐश्वर्य मिलता है। और जब यह साधना चंद्र ग्रहण के विशेष समय में की जाती है, तो इसका इम्पैक्ट और भी गहरा हो जाता है। ज़रा सोचो, ग्रहण के समय ब्रह्मांड के सारे पोर्टल्स खुल जाते हैं और पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बहुत तेज़ होता है। इसी एनर्जी का फायदा उठाकर साधक अपनी साधना को सफल बनाने की कोशिश करते हैं।

 

 अप्सरा साधना के लिए चंद्र ग्रहण ही क्यों चुनें? (Apsara Sadhna ke liye Chandra Grahan hi kyu chunein?)

 

ओहो जी, यह सवाल तो आपके मन में ज़रूर आया होगा। देखो ना, नॉर्मल दिनों में की गई साधना और ग्रहण काल में की गई साधना में ज़मीन-आसमान का फर्क होता है। भाई, ज्योतिष और तंत्र शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा की एनर्जी पृथ्वी पर बहुत ज़्यादा होती है। चंद्रमा को मन का कारक माना गया है, और अप्सरा साधना में मन की एकाग्रता, मतलब कंसंट्रेशन, सबसे ज़रूरी है।

  • एनर्जी का मल्टीप्लाई होना: अरे सुनो, ग्रहण काल में किया गया एक मंत्र जाप, हज़ार गुना ज़्यादा फल देता है। इसका मतलब है कि कम समय में ज़्यादा रिजल्ट्स मिल सकते हैं। सही है न?
  • सिद्धि की गारंटी: वैसे तो कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन हाँ, ग्रहण काल में साधना के सफल होने के चांसेज बहुत बढ़ जाते हैं। यह एक शॉर्टकट की तरह काम करता है।
  • मानसिक शक्ति का विकास: चंद्र ग्रहण के दौरान ध्यान और जप करने से साधक की मेंटल पावर और इंट्यूशन पावर स्ट्रांग होती है। तुम समझो, यह आपकी सिक्सथ सेंस को जगाने जैसा है।

 साधना की तैयारी कैसे करें? (Sadhna ki Taiyari Kaise Karein?)

अच्छा भई, अब सबसे इम्पोर्टेंट पार्ट पर आते हैं। साधना की तैयारी। भाई मान लो, अगर तैयारी ही ठीक नहीं हुई, तो साधना का सफल होना मुश्किल है। तो, आपको कुछ चीज़ों का खास ध्यान रखना पड़ेगा।

 सही जगह का चुनाव (Sahi Jagah ka Chunav)

 

जनाब, सबसे पहले तो एक शांत और साफ-सुथरी जगह चुनें। यह आपका पूजा घर हो सकता है या कोई एकांत कमरा, जहाँ कोई आपको डिस्टर्ब न करे। उस जगह को गंगाजल से पवित्र कर लीजिए। अरे देखो, शुद्धता बहुत ज़रूरी है। उस जगह पर एक पीला या गुलाबी कपड़ा बिछाकर अपना आसन लगाएं।

 

ज़रूरी सामग्री (Zaruri Samagri)

 

भाई, साधना के लिए कुछ ख़ास चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी। इन्हें पहले से ही इकठ्ठा कर लें ताकि साधना के बीच में उठना न पड़े।

  • अप्सरा यंत्र: यह सबसे ज़रूरी है। इसे किसी सिद्ध पंडित से ही प्राप्त करें।
  • स्फटिक की माला: मंत्र जाप के लिए स्फटिक की माला बेस्ट मानी जाती है।
  • गुलाब के फूल: अप्सराओं को गुलाब के फूल बहुत पसंद होते हैं।
  • इत्र (गुलाब या चमेली का): खुशबू वाला माहौल बनाना बहुत ज़रूरी है।
  • शुद्ध घी का दीपक: दीपक पूरी साधना के दौरान जलते रहना चाहिए।
  • फल और मिठाई: प्रसाद के लिए।
  • सुंदर वस्त्र: साधना के समय सुंदर और साफ कपड़े पहनें, जैसे कि गुलाबी या पीले रंग के।

 

 चंद्र ग्रहण में अप्सरा साधना की पूरी विधि (Chandra Grahan me Apsara Sadhna ki Puri Vidhi)

 

तो चलिए, अब स्टेप-बाय-स्टेप विधि जानते हैं। इसे बहुत ध्यान से फॉलो करना है। ज़रा सोच के देखो, एक छोटी सी गलती भी साधना को असफल कर सकती है।

 

 शुद्धिकरण और संकल्प (Step 1: Shuddhikaran aur Sankalp)

 

अरे दोस्त, ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहन लें। अपने आसन पर बैठें और अपने गुरु और इष्टदेव का ध्यान करें। फिर, हाथ में थोड़ा जल लेकर संकल्प लें। संकल्प में अपना नाम, गोत्र, और साधना का उद्देश्य (अप्सरा सिद्धि) बोलें और जल को ज़मीन पर छोड़ दें। कहो तो, यह एक तरह का रजिस्ट्रेशन है कि आप यह साधना करने जा रहे हैं।

 

यंत्र स्थापना और पूजन (Step 2: Yantra Sthapna aur Pujan)

 

अब अपने सामने एक लकड़ी की चौकी पर गुलाबी कपड़ा बिछाएं। उस पर गुलाब की पंखुड़ियां फैला दें और उसके ऊपर “अप्सरा यंत्र” को स्थापित करें। यंत्र का पूजन करें। उसे गंगाजल से स्नान कराएं, सिंदूर और चावल चढ़ाएं, गुलाब के फूल अर्पित करें और इत्र लगाएं। मानते हो न? पूजन पूरी श्रद्धा से करना चाहिए।

 

मंत्र जाप (Step 3: Mantra Jaap)

 

भाईसाहब, अब आता है सबसे मेन काम – मंत्र जाप। शुद्ध घी का दीपक जलाएं और अप्सरा का ध्यान करते हुए स्फटिक की माला से मंत्र जाप शुरू करें। मंत्र बिलकुल सही उच्चारण के साथ होना चाहिए

मंत्र:

या

आप किसी एक अप्सरा को चुनकर उनके मंत्र का जाप कर सकते हैं। ग्रहण की पूरी अवधि में आपको लगातार मंत्र जाप करते रहना है। भाई, मन को भटकने नहीं देना है, पूरा फोकस मंत्र पर रखना है।

 

 स्टेप 4: ध्यान और अनुभव (Step 4: Dhyan aur Anubhav)

 

जब आप मंत्र जाप कर रहे होंगे, तो आपको ध्यान की गहरी अवस्था में जाने की कोशिश करनी है। अपनी आंखों को बंद करके अप्सरा के सुंदर रूप की कल्पना करें। ज़रा मानो, आपको ऐसा फील करना है कि वो आपके सामने ही हैं। इस दौरान आपको कुछ अजीब अनुभव हो सकते हैं। जैसे कि:

  • घुंघरुओं की आवाज़: आपको ऐसा लग सकता है कि कहीं आस-पास घुंघरुओं की आवाज़ आ रही है।
  • खुशबू का एहसास: अचानक से गुलाब या किसी और फूल की तेज़ खुशबू आ सकती है।
  • दिव्य प्रकाश: आपको अपनी बंद आंखों के सामने एक तेज़ रोशनी दिख सकती है।

अरे बाबा, इन अनुभवों से डरना नहीं है। यह इस बात का संकेत है कि आपकी साधना सही दिशा में जा रही है। समझे?

 

साधना के दौरान ध्यान रखने योग्य नियम (Sadhna ke dauran dhyan rakhne yogya Niyam)

 

अरे भाई, साधना करना जितना ज़रूरी है, उतना ही ज़रूरी है उसके नियमों का पालन करना। एक भी नियम टूटा तो साधना खंडित हो सकती है।

  1. पूर्ण ब्रह्मचर्य: साधना के दिनों में आपको पूरी तरह से ब्रह्मचर्य का पालन करना होगा। मन में कोई भी गलत विचार न लाएं।
  2. गोपनीयता: इस साधना के बारे में किसी को भी न बताएं। यह जितनी गुप्त रहेगी, उतनी ही सफल होगी। क्या कहते हो?
  3. अखंड दीपक: साधना के दौरान जो दीपक आपने जलाया है, वो बुझना नहीं चाहिए।
  4. एक ही आसन: एक बार आसन पर बैठने के बाद, ग्रहण समाप्त होने तक उठना नहीं है।
  5. डरे नहीं: साधना के दौरान अगर कोई डरावना अनुभव हो, तो डरें नहीं। अपने गुरु का ध्यान करें और मंत्र जाप जारी रखें।
  6. सात्विक भोजन: साधना से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक केवल सात्विक भोजन ही करें।

अप्सरा साधना के फायदे और नुकसान (Apsara Sadhna ke Fayde aur Nuksan)

 

भाई देख, हर चीज़ के दो पहलू होते हैं। अगर अप्सरा साधना के फायदे हैं, तो कुछ रिस्क भी हैं। इसीलिए पूरी जानकारी होना बहुत ज़रूरी है।

 

 फायदे (Fayde)

 

  • सौंदर्य और आकर्षण: साधक का व्यक्तित्व बहुत अट्रैक्टिव हो जाता है। उसके चेहरे पर एक अलग ही चमक आ जाती है।
  • धन और समृद्धि: अप्सरा की कृपा से जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती।
  • कला में निपुणता: अगर आप किसी कला, जैसे कि म्यूजिक, डांस, या एक्टिंग में हैं, तो आपको उसमें परफेक्शन मिलता है।
  • मनोकामना पूर्ति: अप्सरा सिद्ध होने पर साधक की हर जायज़ इच्छा पूरी करती है।
  • दिव्य ज्ञान: साधक को भविष्य में होने वाली घटनाओं का आभास होने लगता है।

 

 नुकसान और सावधानियां (Nuksan aur Savdhaniyan)

 

अरे बाप रे, अब ज़रा इसके डार्क साइड की भी बात कर लेते हैं।

  • मानसिक संतुलन बिगड़ना: अगर साधना गलत तरीके से की जाए या बीच में छोड़ दी जाए, तो साधक का मेंटल बैलेंस बिगड़ सकता है।
  • नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव: कभी-कभी अप्सरा की जगह कोई और नेगेटिव एनर्जी आकर्षित हो सकती है, जो बहुत खतरनाक हो सकती है।
  • भ्रम की स्थिति: साधक भ्रम और सच्चाई में फर्क नहीं कर पाता और अपनी असल दुनिया से कट जाता है।
  • गुरु के बिना न करें: यह सबसे बड़ी चेतावनी है। बिना किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन के यह साधना कभी न करें। गुरु ही आपको हर खतरे से बचाता है। तुम मानो, गुरु एक सेफ्टी शील्ड की तरह काम करता है।

अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया पर अप्सरा के बारे में पढ़ सकते हैं।

 निष्कर्ष (Conclusion)

तो भाई, चंद्र ग्रहण में अप्सरा साधना एक बहुत ही पावरफुल प्रक्रिया है, लेकिन यह बच्चों का खेल नहीं है। इसमें जितनी संभावनाएं हैं, उतने ही खतरे भी हैं। सच बताऊँ, यह साधना केवल उन लोगों को करनी चाहिए जो आध्यात्मिक रूप से मज़बूत हैं और जिनके पास एक योग्य गुरु का मार्गदर्शन है।

बिना सोचे-समझे और अधूरी जानकारी के साथ इसे करना बहुत बड़ी मुसीबत को न्योता देने जैसा है। उम्मीद है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी। अपनी बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल करें और कोई भी कदम उठाने से पहले उसके हर पहलू पर अच्छी तरह से विचार कर लें।


यह याद रखना बेहद ज़रूरी है कि यह मार्ग केवल सांसारिक लाभ या इच्छा-पूर्ति का शॉर्टकट नहीं है। यह एक गहरा आध्यात्मिक अनुशासन है, जो साधक से पूर्ण समर्पण, पवित्रता और मानसिक स्थिरता की मांग करता है। बिना किसी सिद्ध गुरु के मार्गदर्शन के इस ऊर्जावान क्षेत्र में उतरना ख़तरनाक हो सकता है, क्योंकि शक्तिशाली ऊर्जाओं को संभालना हर किसी के बस की बात नहीं होती।

अध्यात्म की राह पर हमेशा धैर्य, श्रद्धा और सही मार्गदर्शन को अपना साथी बनाएं। आपकी आध्यात्मिक यात्रा मंगलमय हो, यही हमारी कामना है। सही है न?