श्मशान जगाना श्मशान जगाने का प्रयोग ph.85280 57364

shamshan paryog श्मशान जगाना – श्मशान जगाने का प्रयोग ph.8528057364

श्मशान जगाने का प्रयोग shamshan jagane ka prayog श्मशान जगाने का प्रयोग विद्वेषण, उच्चाटन, मारण सभी इस एक मंत्र से संभव हैं। श्मशान ले जाने वाले पुरुष के शव को मार्ग में ही कच्ची हल्दी से रंगे चावलों से न्यौता दें। फिर जब श्मशान से लोग लौट आएं, तब वहां जाकर एक देशी अंडा और कच्ची शराब 21 बार मंत्र पढ़कर अर्पित करें।
अब एक सफेद कोरे कपड़े में कच्ची हल्दी, एक सुपारी और चिता के बूझे कोयले का एक टुकड़ा बांधकर मिट्टी के कोरे बर्तन में रखकर चिता के समीप ही दबा दें। उसी दिन रात के अंतिम पहर में पुनः श्मशान में जाएं और पुनः अंडे तथा मदिरा को 7 बार मंत्र से अर्पित करें। फिर गाड़े हुए बर्तन को निकालें ।
कपड़े में बंधी सारी सामग्री वहीं फेंक दें और उस चिता की एक मुट्ठी राख उस कपड़े में बांधकर आए। श्मशान जाते समय यथा संभव किसी से बोले नहीं और लौटते समय पीछे मुड़कर कदापि न देखें, अन्यथा विपत्ति आ सकती है। श्मशान से लाई राख की पोटली को घर के भीतर कभी न रखें, अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर रखें। एक चुटकी राख 31 बार अभिमंत्रित करके जहां डाली जाएगी, वहां उत्पात होने लगेंगे। इस अभिचार प्रयोग को अत्यंत आवश्यक होने पर ही किया जाए।
श्मशान जगाने मंत्र shamshan jagane mantra
मंत्र इस प्रकार है– – कारो करूवा कारी रात, तोय चलाऊं काली रात । कारो पहने चोलना कारी बांधे ढाल।। कारी ओढ़े कासनी, लए लुहांगी हाथ। हांकों व सनीचरा, फेरत आवे सांग।। पेट फूले आंत सड़े, हुड़क लगावे नार। सवा हाथ धरती, खून में बोर के आवे, तो सच्चा वीर कलुआ, बहालिया अगवान कहावे ।।
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.