Category: त्रिकाल ज्ञान साधना

त्रिकाल ज्ञान – साधना हम तिरकाल ज्ञान साधनों पर चर्चा करेंगे जिस से साधक भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी प्रपात होगी ! जिसे आप अनहोनी से बच सकते है!

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना
हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना bhoot, bhavishy aur vartamaan jaanane ke lie hanumaan jee ka dhyaan गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज हम एक साधना लेकर आए हैं हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना। इस साधना से आप हनुमान जी की कृपा से भूत भविष्य वर्तमान काल जान सकते हो और यह बहुत ही आसान है। घर में रह के हर व्यक्ति कर सकता है। चाहे वह घर गृह वाला है, चाहे वह ब्रह्मचारी है, चाहे वह सन्यासी है। सबके लिए यह अवेलेबल है साधना। हर कोई कर सकता है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना परिचय और अतिथि स्वागत

तो इसी साधना के ऊपर ही आज का हमारा टॉपिक रहेगा और इसी साधना के ऊपर हम चर्चा करेंगे और आज हमारे साथ फिर से हैं सागरनाथ जी जो बहुत ही अच्छे साधक हैं और लंबे समय से साधना करवाते हुए आ रहे हैं।

सागरनाथ जी आबू जी का गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट में स्वागत है फिर से। राम राम सबसे पहले सब राम राम जय जय माता की भाई जय माता दी हां जी आज आप हमें बताने वाले हैं हनुमान जी के भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना क्योंकि ये जो साधना करवाने का उद्देश्य यह है

क्योंकि बहुत सारे लोग बोलते थे कि हमें कर्म पिशाचनी नहीं हम कर सकते या और कोई थर्ड पार्टी साधना हम नहीं कर सकते क्योंकि इसका नेगेटिव प्रभाव है। यह है वो है। तो इसीलिए ही हम दैविक साधना लेकर आए हैं।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना के लाभ (हनुमान वीर चलाना)

तो हां जी सागरनाथ जी आप बताएं इसके फायदे क्या हैं? और हर व्यक्ति को यह साधना करनी चाहिए मेरे हिसाब से क्योंकि हर व्यक्ति को ही एक सच्चे मार्गदर्शन की जरूरत है। जी बिल्कुल। अब मैं मुद्दे की बात पे आता हूं। इस साधना का नाम है हनुमान वीर चलाना।

यह यानी कि शाबरी वीर की हजरात हजरात जिसको बोला जाता है जैसे हजरात का मतलब होता है बच्चे को बिठा के नाखून पे देखा जाता है या बच्चे से पूछा जाता है लेकिन इस हजरात का ये फायदा है इस हजरात को आप अपने ऊपर सीधा लगाओगे मतलब

आप बंदे के ऊपर ही वो लगेगा बच्चे की भी जरूरत नहीं है जरूरत नहीं साधक अपने ऊपर खुद लगाएगा और वो सबको साधक को ही बताएंगे भूत भविष्य समास बिल्कुल ठीक है और इस साधना का और क्या-क्या फायदा है? मैं आप बताता हूं।

ये साधना ज्यादातर पहलवान लोग करते हैं। जो पहलवान होते हैं ना दंगल करते हैं। कुश्ती वगैरह करते हैं। दंगल कुश्ती करते हैं। बिल्कुल बिल्कुल। मान लो जैसे आपको 50 60 आदमियों ने भी घेरा है। उनको भी आप अस्त-व्यस्त कर दोगे। ये ऐसी साधना है। अच्छा जी।

अब मैं आपको मंत्र पे आता हूं। आपको बताया नहीं अभी थोड़ा सा और हमें जानकारी साधकों को चाहिए होंगी ना तो उसके रिलेटेड मैं और जानना मतलब साधनों साधकों की ही जिज्ञासा मैं आपके सामने रखूंगा क्योंकि फिर ये लोग ना कमेंट भर देंगे और मैसेज करके पूछते हैं ये क्या फायदे हैं और क्या हां फायदे बताता हूं

सबसे पहले और इनके फायदे पहले आप बताइए खुल के तभी कोई इंटरेस्ट पैदा होता है साधक का जी जी जी मैं फायदों की बात करता हूं इससे क्या होता है आप किसी भी शक्ति को हाजिर कर सकते हो। चाहे वह भूत है, पिशाच है। जैसे उसको पकड़ के लाने के लिए बोलोगे

यह पकड़ के ले आएगी। जिसके ऊपर मान लो किसी के ऊपर भूत की सवारी लानी है। जैसे आपने इसको सिद्ध कर लिया बैठे हो। जिसको भूत चढ़े आता है जो दुखी करता है वो उसको सामने बैठाओ। पानी पढ़ो पानी के ऊपर ये अपनी हजरात का मंत्र पढ़ो। उसके छींटा लगाओ वो भूत हाजिर हो जाएगा।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना साधक को अनुभूति कैसे होगी ?

आगे नहीं मेरा एक सवाल है जी इसमें। क्या वो भूत बोलेगा या हनुमान जी बताएंगे सर? नहीं हनुमान जी तो आपके ऊपर होंगे ना हजरात में।

अच्छा अच्छा अच्छा जो रोगी होगा ना भूत चुड़ैल से ग्रस्त उसके ऊपर बोलेगा वो भूत बोलेगा जो भी उसको प्रॉब्लम होगी एक छोटा सा सवाल मेरा ये है मैं ये जानना चाहता हूं जैसे हनुमान जी की बंदे की बॉडी के ऊपर आएंगे जी तो कैसे आएंगे वो और बंदे को क्या महसूस होगा शरीर में भारीपन आएगा भारीपन आएगा उसकी बॉडी वाइब्रेट होने लग जाएगी जैसे अंदर एक करंट चल रहा है ना हम ऐसा उसको फील होगा पूरी तरह अच्छा तो उसको गुस्सा गुस्सा आ जाएगा ज्यादा बैठे-बैठे। गुस्सा आ जाएगा।

तो दूसरी चीज मैं एक चीज और पूछना चाहूंगा। जैसे उस सवालों के जवाब है तो फिर उसको कैसे पता चलेंगे? दिमाग में आएंगे या कान में बताएंगे? कैसे होगा ये? उनके मन में बताएंगे। दिमाग में नहीं उसके मन में भी मतलब मन में ही वो बातें चलनी शुरू होंगी।

वो उसी समय जैसे अपनी गद्दी पे बैठेगा ना सिद्ध करने के बाद। जैसे उसके सामने किसी शख़्स को बिठा वो पूछने आया है। कि मेरे घर में क्या चल रहा है? मेरे क्या प्रॉब्लम है?

साधक बैठे उनको याद करें। उसी समय मंत्र का ध्यान करें। मंत्र जाप करें। उसके मन में सवाल आने शुरू हो जाएंगे। इसको इसके घर में ये प्रॉब्लम है। ये लड़का इस काम के लिए आया है। इसकी रुकावट ऐसे दूर होगी। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। रुकावट का हल भी बता देंगे। अच्छा जी। ठीक है।

अन्य लाभ (पितृ दोष, कुल देवता)

मैं अब इसके और फायदे बता देता हूं। मान लो आपके घर में पितृ दोष है। यह वो भी तक बता देंगे कि आपके घर में पितृ दोष है। इसको सही कैसे करना है। क्या मतलब कि भोग देना है। क्या इनकी पूजा बजारी है? वो भी बता देंगे। या आपका देवता कुपित है। कुल देवता कुपित है। ठीक है? या किसी ने देवते को छोड़ रखा है। चढ़ाई कर रखी है अपने घर पे। ये भी हनुमान जी साधक को बता देंगे कि यह प्रॉब्लम तेरे घर में चल रही है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना की विधि और मंत्र

ये तो सन्यासी, ब्रह्मचारी और गृहस्थ सभी कर सकते हैं। लेकिन करने के लिए उनके पास कितना थोड़ा सा टाइम होना चाहिए। कितना दो दिन का या सात दिन का? बड़े साधन तो इसको 2 दिन में भी कर सकते हैं। अच्छा ये इतने कम समय की साधना है। बिल्कुल बिल्कुल। यही तो लोग ज्यादातर मांगते हैं कि हमें 2 दिन 5 दिन 7 दिन के ही चाहिए। हां 40 दिन का हम ज्यादा को ज्यादा ज्यादा को तो ज्यादा दो दिन उससे ज्यादा सात दिन बस

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना विधि और सामग्री

और इसमें अब विधि विधान क्या रहेगा मैं बताता हूं दो लड्डू लगेंगे मीठा पान लगेगा मूंगे की माला होगी तिल का आप दीपक लगाएंगे 21 माला करनी है एक दिन में 21 माला करनी है चौकी पे बैठ के ओके आसन होगा लाल रंग का वस्त्र होंगे लाल रंग के ये होगा कंपलसरी ओके ओके ओके ठीक है। और मैं मंत्र बताता हूं। व्रत रखना कि नहीं रखना ये आपके ऊपर डिपेंड है मंगलवार का जैसे आपको अच्छा लगे। बिल्कुल।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना का मंत्र

ॐ बाबा हनुमान

शेर जवान चले

मंत्र फुरे वाचा

देखा तेरी इल्म

हाजरी दा तमाशा

ठीक है। मंत्र है हजरत का मंत्र है जो हम अपनी गुरुगद्दी के साथ चलाते हैं। हम आपको बता देते हैं। अगर हम भी मंत्र बताएंगे तो आपका भला कैसे होगा? बिल्कुल बिल्कुल अभी चीजें लुप्त हो जाएंगी। तो यही उद्देश्य है हमारा। मैं यही चाहता हूं ये चीजें लुप्त ना हो। मंत्र लुप्त ना हो। ये जागृत रहें। साधक अच्छे लेवल पर पहुंचे और दुनिया का भला कर पाएं।

बिल्कुल बिलकुल मंत्र जो आपने कहीं पे सुना नहीं होगा मैं बता देता हूं। इसका मालिक मैं खुद ही हूं। ठीक है। बिल्कुल ओम बाबा हनुमान शेर ज़ुबान चले मंत्र पूरे वाचा देखा तेरी इलम हाज़िरी दा तमाशा ये इसका मंत्र है। मैं डिस्क्रिप्शन में विधि भी डाल दूंगा मंत्र भी डाल दूंगा।

अच्छा इसको चलाना कैसे ये भी बता दूंगा। बस ये इतना सा है। इतना छोटा सा मंत्र और कितना बड़ा प्रभाव और जी जी आप कुछ भी हनुमान जी से पूछ सकते हो।

हां दोबारा रिपीट कर देंगे मंत्र एक बार। जी मैं बोल देता हूं एक बार फिर से बोल देता हूं आपके वेबसाइट पे। ओम बाबा हनुमान शेर ज़बान चले मंत्र पूरे वाचा देखा तेरी इलम हाज़िरी दा तमाशा। इसको बोला जाता है हनुमान वीर चलाना।

शाबरी वीर की हजरत चला अच्छा ये मंत्र पढ़ते सारी पॉजिटिविटी फील होती है पूरा मतलब वो चीज वो हाज़िर होते हैं हाज़िर होते हैं आत्मा रूप में हाज़िर होते हैं जिसको वायु रूप बोलते हैं ना वैसे हाज़िर होते हैं सबसे बढ़िया दिन है इसको आप दीपावली आने वाली है दीपावली पे करो दशहरे पे सिद्ध करो ग्रहण में सिद्ध करो इसका प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ेगा ओके ओके जी

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना का व्यावहारिक प्रयोग (भूत-प्रेत निवारण)

अब मैं यह चीज जानना चाहता हूं जैसे आप वो भूत प्रेत का बता रहे थे वह बताओ वापस ऐसे क्योंकि बात बीच में रह गई थी ना कि अगर किसी के ऊपर आत्मा आती है आप बता रहे हां हां हां मैं ये बताना भूल गया जैसे एक्सपीरियंस करना हो किसी ने जैसे आपका सिद्ध हो गया आप आसन लगाओ लाल रंग का उस पे बैठो मंत्र मंत्र जाप शुरू करो अपने सामने एक पानी रख लो पानी का गिलास रख लो चाहे लोटा रख लो या कमंडल हो आपका पानी का आपके पास कमंडल हो पानी का वो रख लो जिसको बीमारी है यानी कि जो रोगी है। 

जिसको भूत प्रेत सताता है उसको सामने बिठाओ अपना जाप करो 11 11 बार करो 21 बार करो जल को हाथ में लो उसका छींटा उस पे लगाओ जी उसके ऊपर जो भी प्रॉब्लम है छीकता चिल्लाता आएगा फिर आपने क्या करना है उसकी चोटी पकड़ लेनी है जो सिर की जो सेंटर में चोटी होती है ना चाहे औरत है बच्चा है बूढ़ा है जवान है चोटी पकड़ लेनी है। 

उसके बाल उखाड़ लेने हम हम जब भूत प्रेत हाज़िर हो जाए उसका क्या करना है उसको तब तक पढ़ के मंत्र पढ़ते रहना है जब तक वो खुद अपना बात ना बताए कि मैं कैसे जाऊंगा मैं कहां से आया हूं? मेरे को किसने भेजा है? जब आपका काम हो जाए मतलब कि आपने उससे उसका पिंड चढ़ाना है।

बाद में इसको जला दें और जो जली होगी उसकी राख होगी वो बाहर किसी उजाड़ में फेंक दे या में हम बहा दें या किसी चलते पानी में। हां चलते पानी में भी बहा दें। उजाड़ में फेंक दे। पीपल के वृक्ष के नीचे रख दे। उससे उसका छुटकारा हो जाएगा। जी जी जी।

इसको बोलते हैं शाबरी वीर को चला के लोगों के भूत प्रेत कैसे निकालना ? बिल्कुल बिल्कुल मतलब ये मल्टीपल काम करेगा जी भाई हाज़िरी जो हजरात होती है ये हजरात का मतलब ही यही होता है किसी वीर को खड़ा करके उससे बात करना हम बात कैसे करना मनोभाव से करनी है मन में बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल क्योंकि वो बहुत बड़ी शक्ति है। कोई छोटी मोटी शक्ति थोड़ी है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना निष्कर्ष और अंतिम शब्द

जी जी जी चलो 10 मिनट का वेबसाइट लेख हो गया। इतना लंबा हमें आगे खींचने की जरूरत नहीं। ठीक है। मैं वेबसाइट लेख पर यहीं समाप्त करता हूं।

देखिए अब मैं थोड़ा परिचय और बताता हूं। कुछ ऐसी सवाल होते हैं। ठीक है? मेरे सवाल नहीं होते हैं। वो आगे साधकों के सवाल होते हैं। वो पूछते हैं। कमेंट करो भाई। लाइक करो, शेयर करो।

नीचे जो भी आपको प्रॉब्लम है बताओ। सभी हल किए जाएंगे। ऐसी कोई बात नहीं है। बात ये होती है कि वो सवाल जो होते हैं। ठीक है। मैं उनकी जिज्ञासा रुद्रनाथ सॉरी।

जी जी रुद्रनाथ जी रुद्रनाथ सागरनाथ जी से मैं रखता हूं। जी जी जी ठीक है तो नॉलेज हमें भी है लेकिन क्या होता है कि लोगों के जो सवाल हैं वो रखने पड़ते हैं।

जिज्ञासु की तरह हम तभी चीजें पूछते हैं। जानकारी ये भी हैं और हम भी हैं। जी बिल्कुल दोनों एक बंदे को जानकारी तो रखेंगे ही। हां एक बंदे को जिज्ञासु बनना पड़ेगा। जिज्ञासु बनके सवाल पूछने पड़ेंगे। बिल्कुल बिल्कुल तो इसी हिसाब से मैं ब्रॉडकास्ट बनाता हूं। जी ये तो सत्संग है भाई। हां।

तो ये चीजें भी बहुत ज़रूरी है। दूसरी चीज क्या है? जी सागर नाथ जी का भी एक वेबसाइट है। ठीक है। उसका मैं लिंक नीचे छोडूंगा। उसको भी आप सब्सक्राइब कर लीजिएगा। ठीक है? और दूसरी चीज यह जो मंत्र अभी इन्होंने बताया है साधना विधि बताई है

ये गुरु मंत्र साधना.com पर आपको उपलब्ध करवाई जाएगी ता जो आप साधना करने में कोई भी चूक ना हो जी और आराम से कर सकते हैं जी ठीक है वैसे किस दिन करनी है और जाप इसका कितना करना है ये तो बताया नहीं बता दिया

मैंने 21 माला बोल तो दिया है 21 माला मंगलवार ही होता है मंगलवार ही होता है इनका मंगलवार के दिन ठीक है पक्ष के मंगलवार के कृष्ण कृष्ण पक्ष की भाई शुक्ल पक्ष की करनी चाहिए। ये तो अभी नवरात्रि के दिन शुभ चल रहे हैं।

इसलिए तो साधक को तो देर लगानी नहीं चाहिए। सुबह ही बैठ रात को ही बैठ जाना चाहिए। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल

तो अभी फिर हम समाप्त करते हैं क्योंकि 10 मिनट से ज्यादा लोगों को सुनते नहीं है तो हम बनाने का भी कोई सेंस नहीं बनता है। जी जी जी ठीक है। हम दूसरे टॉपिक के ऊपर फिर हम आएंगे बातचीत करेंगे। आप सबका धन्यवाद अगर आपने यहां तक वेबसाइट लेख देखा है। जय माता दी। जय श्री माता दी। जय माता दी।

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course ph.85280 57364

Akashic Records Reading Course

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course ph.85280 57364

 

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course ph.85280 57364
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course ph.85280 57364

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course आप अपनी ‘लाइफ़’ (ज़िंदगी) में कुछ बड़ा और ख़ास (खास) करने के लिए तैयार हैं, मानते हो न? अगर आप भी उन सवालों के जवाब ढूँढ रहे हैं कि आप यहाँ क्यों हैं, या आपकी ‘लाइफ़’ का पर्पस क्या है, तो यह लेख (आर्टिकल) बिलकुल आपके लिए है।

भई देख, हम आपको आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के एक ऐसे ‘पावरफ़ुल’ (Powerful) कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी ‘लाइफ़’ का पूरा फ़ील (महसूस) बदल देगा, सही है न?

इस कोर्स को करने के बाद, सच कहूँ तो, आप केवल एक ‘रीडर’ (Reader) नहीं बनेंगे, बल्कि अपनी और दूसरों की ‘लाइफ़’ को भी एक नई क्लैरिटी (स्पष्टता) दे पाएँगे। तो, चलो जानते हैं कि इस शानदार (शानदार) कोर्स में आपको क्या-क्या सीखने को मिलेगा। जरा सोचो न, यह कितना कमाल का फ़ील होगा!

आकाशिक रिकॉर्ड्स क्या हैं ? Akashic Records Kya Hain? 

 

भाई देख, आकाशिक रिकॉर्ड्स को आप ‘ब्रह्मांड’ (Cosmos) की एक बहुत बड़ी ‘लाइब्रेरी’ (Library) मान सकते हैं। यूँ कहें तो, यह एक ऐसी जगह है जहाँ हर आत्मा (सोल) की शुरुआत से लेकर अब तक की सारी ‘इनफ़ॉर्मेशन’ (जानकारी) रिकॉर्ड (दर्ज) है।

जरा सोचो, आपकी पिछली ‘लाइफ़’ (ज़िंदगियाँ), इस ‘लाइफ़’ का पर्पस, आपके सारे ‘पॉसिबल’ (Possible) फ़्यूचर (भविष्य)—सब कुछ यहाँ मौजूद है। यह कोई जादुई (जादुई) चीज़ नहीं है, बल्कि एक ‘एनर्जी’ (ऊर्जा) ‘डाटाबेस’ (Database) है।

हमारा यह कोर्स आपको सिखाएगा कि इस ‘एनर्जी’ को कैसे ‘एक्सेस’ (Access) किया जाता है। भाईसाहब, बहुत से लोग मानते हैं कि यह ‘रिकॉर्ड’ (रिकॉर्ड) हर जगह मौजूद है और हर ‘टाइम’ (समय) पर ‘एक्टिव’ (Active) रहता है। क्या कहते हो?

(आगे की जानकारी के लिए, आप आकाशिक रिकॉर्ड्स पर ‘विकिपीडिया‘ (Wikipedia) का लेख देख सकते हैं: आकाशिक रिकॉर्ड्स विकिपीडिया लिंक कृपया इस लिंक को एक ट्रस्टेड (Trusted) सोर्स (स्रोत) से बदलें।)

आपको यह ‘पावरफ़ुल’ कोर्स क्यों करना चाहिए ?  Aapko Yah ‘Powerful’ Course Kyon Karna Chahiye ? 

 

अच्छा तो, अब आप पूछेंगे कि ‘भाई’ हमें यह कोर्स क्यों करना चाहिए? तुम देखो न, इसकी सबसे बड़ी वजह (कारण) है अपनी ‘लाइफ़’ को ‘कंट्रोल’ (Control) करना। जब आपको अपनी ‘लाइफ़’ के ‘पैटर्न्स’ (Patterns), आपके ‘ब्लॉकेज’ (Blockages), और आपके ‘डर’ (Fears) की असली वजह पता चल जाएगी, तो उन्हें हटाना बहुत आसान हो जाएगा।

सच बताऊँ, यह कोर्स आपको ये चीज़ें देगा:

  • क्लैरिटी (Clarity): आप अपने पर्पस को जानेंगे और यह समझेंगे कि आप क्यों बार-बार एक ही तरह की ‘सिचुएशन’ (Situation) में फ़ील कर रहे हैं। समझे?
  • हीलिंग (Healing): पिछली ‘लाइफ़’ के ऐसे ‘पैटर्न्स’ जो आपको अभी परेशान कर रहे हैं, तुम सोचो न, उनको ‘हील’ (Heal) करना सीखोगे। यह एक तरह की सेल्फ़ हीलिंग है।
  • निर्णय लेने में आसानी: जब आप अपने रिकॉर्ड्स को एक्सेस करते हैं, तो ‘यूनिवर्स’ (ब्रह्मांड) से ‘गाइडेंस’ (मार्गदर्शन) मिलती है, जिससे ‘सही’ ‘डिसीज़न’ (Decision) लेना आसान हो जाता है, मानते हो न?
  • शांति और सुकून: अपनी ‘लाइफ़’ का पूरा मीनिंग (मतलब) जान लेने के बाद, एक गहरी शांति और सुकून फ़ील होता है। यार, इससे बड़ी बात क्या हो सकती है?

कोर्स में आप क्या सीखेंगे ? (‘सिलेबस’) Course Mein Aap Kya Seekhenge ? (‘Syllabus’)

 

जनाब, इस कोर्स को हमने बहुत सरल (Simple) तरीके से डिज़ाइन (Design) किया है ताकि हर कोई, यहाँ तक कि एक ‘बिगिनर’ (Beginner) भी इसे आसानी से सीख सके। क्या बताऊँ, यह ‘कोर्स’ पूरा प्रैक्टिकल (Practical) है।

हम इसमें ये सब सीखेंगे:

‘एक्सेस’ करने की ‘टेक्नीक’ ‘Access’ Karne Ki ‘Technique

देखो, यह सबसे ज़रूरी (ज़रूरी) हिस्सा है। हम आपको एक ख़ास (खास) और सुरक्षित (सुरक्षित) प्रेयर (Prayer) या इन्टेंशन (Intention) के ज़रिए रिकॉर्ड्स को एक्सेस करने की टेक्नीक सिखाएँगे। तो इसमें आप सीखेंगे:

  • ‘एनर्जी’ को ‘सेट’ करना और खुद को प्रोटेक्ट (Protect) करना।
  • रिकॉर्ड्स में जाने के लिए ज़रूरी ‘स्टेप्स’ (Steps) को फ़ॉलो (Follow) करना।
  • ‘रिक्वेस्ट’ (Request) कैसे करते हैं और ‘सवाल’ (Questions) कैसे पूछते हैं। सही पकड़ा न?
 अपने ‘गाइड्स’ से जुड़ना  Apne ‘Guides’ Se Judna 

हर किसी के पास ‘यूनिवर्स’ (यूनिवर्स) से आए कुछ ‘गाइड्स’ (Guides) होते हैं जो हमारी मदद करते हैं। अरे वाह, इस कोर्स में आप इनसे कनेक्ट (Connect) करना सीखेंगे।

  • आप जानेंगे कि आपके ‘गाइड्स’ कौन हैं, और सच कहूँ तो, वे आपसे कैसे बात करते हैं।
  • उनकी ‘क्लैरिटी’ (Clarity) और गाइडेंस को कैसे फ़ील करते हैं। सोचो जरा, कितना अमेजिंग (Amazing) होगा!
 ‘सेल्फ़ हीलिंग’ के ‘फ़ायदे’ ‘Self-Healing’ Ke ‘Fayde

यह कोर्स केवल रीडिंग (Reading) के लिए नहीं है, यह हीलिंग (Healing) के लिए भी है। आप, इस सेक्शन में सीखेंगे कि:

  • पिछली ‘लाइफ़’ के ‘ट्रॉमा’ (Trauma) को कैसे क्लियर (Clear) किया जाता है।
  • ‘एन्शियन्ट’ (Ancient) ‘हीलिंग’ टेक्नीक का ‘यूज’ (इस्तेमाल) कैसे करें।
  • अपने ‘करेंट’ (Current) ‘लाइफ़’ के डर (डर) और चिंता (चिंता) को कैसे मैनेज(Manage) करें। तुम समझो न, यह आपको अंदर से बहुत ‘स्ट्रांग’ (Strong) बनाएगा।
पास्ट (Past) ‘लाइफ़’ का ‘कनेक्शन’ Past ‘Life’ Ka ‘Connection

 

क्या कहूँ, कई बार हमारे आज के ‘प्रॉब्लम’ (Problems) पिछली ‘लाइफ़’ से जुड़े होते हैं।

  • आप सीखेंगे कि उन कनेक्शन को कैसे ढूँढते हैं।
  • उन्हें ‘समझकर’ कैसे रिजॉल्व (Resolve) करते हैं।
  • और अपनी आत्मा (आत्मा) की ग्रोथ (Growth) में कैसे यूज़ करते हैं। देखा आपने?
कोर्स के बाद के ‘बेनिफ़िट्स’ Course Ke Baad Ke ‘Benefits

 

अरे भाई, यह कोर्स ख़त्म (ख़त्म) होने के बाद भी आपको बहुत सारे बेनिफ़िट्स (फ़ायदे) मिलेंगे।

  1. प्रोफ़ेशनल (Professional) करियर: आप एक सर्टिफ़ाइड (Certified) आकाशिक रीडर बनकर लोगों की मदद करना शुरू कर सकते हैं। यह न केवल सेटिस्फ़ैक्शन (संतुष्टि) देगा, बल्कि एक ‘अच्छी’ इनकम (Income) भी मिलेगी। क्या ख़याल है?
  2. हाई (High) ‘लेवल’ की ‘इन्ट्यूशन’ (Intuition): आपकी छठी इंद्रिय (सेंस) बहुत तेज़ (तेज़) हो जाएगी। आपको पहले से ही चीज़ों का फ़ील होने लगेगा।
  3. डर से ‘आज़ादी’ (Freedom): जब आप ‘यूनिवर्स’ की एनर्जी से जुड़ जाते हैं, तो आपकी ‘लाइफ़’ से फ़ालतू के डर ख़त्म हो जाते हैं। मान लो न, अब ‘डरने’ की ज़रूरत ही नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) / Aksar Poochhe Jaane Waale Sawaal (FAQ)

 

वैसे तो, आपके मन में कई ‘सवाल’ होंगे, जिनमें से कुछ इन्हें हैं:

  • क्या कोई भी इसे सीख सकता है?
    • बिलकुल! अगर आप ‘ओपन माइंड’ (Open Mind) रखते हैं और सीखने की इच्छा (इच्छा) रखते हैं, तो हाँ, तुम मानो न, कोई भी सीख सकता है।
  • इसमें कितना समय लगेगा?
    • जरा सुनो, यह आपकी ‘स्पीड’ (Speed) पर ‘डिपेन्ड’ (Depend) करता है, लेकिन हमारा कोर्स ‘मॉड्यूल्स’ में डिवाइड (Divide) है, जिसे आप अपनी सहूलियत (सहूलियत) से पूरा कर सकते हैं।
  • क्या यह ‘ऑनलाइन’ (Online) है?
    • चलो अच्छा है, हाँ, यह कोर्स पूरी तरह से ऑनलाइन (Online) ‘प्लेटफ़ॉर्म’ (Platform) पर उपलब्ध है ताकि आप घर बैठे सीख सकें।

अगले ‘स्टेप्स’ क्या हैं? (‘कॉल’ करें) / Agle ‘Steps’ Kya Hain? (‘Call’ Karein)

 

तो, तुम देखो, अगर आपको ‘फ़ील’ हो रहा है कि यह कोर्स आपकी ‘लाइफ़’ के लिए परफ़ेक्ट (Perfect) है, और आप अपनी ‘स्पिरिचुअल’ (Spiritual) जर्नी (यात्रा) को एक नया लेवल देना चाहते हैं, तो अब बस ‘सोचो’ मत।

भाई मान लो न, ‘देर’ मत करो। यह आपके करियर और ‘पर्सनल’ ग्रोथ (Growth) के लिए एक बेस्ट (Best) ‘अपॉर्चुनिटी’ (Opportunity) है।

मैं आपको यही गाइडेंस दूँगा कि अगर आपको यह फ़ीलिंग आ रही है, तो तुरंत (तुरंत) एक्शन (Action) लीजिए।

इस ‘लाइफ़-चेंजिंग’ (Life-Changing) कोर्स की पूरी जानकारी और ‘रजिस्ट्रेशन’ (Registration) के लिए, इस नंबर पर ‘कॉल’ करें: 85280 57364

क्या आप तैयार हैं अपनी ‘लाइफ़’ का कंट्रोल अपने हाथ में लेने के लिए?करोगे न?

Akashic Records आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग सभी सवालों का जवाब पाए – आकाशिक रिकॉर्ड्स कोर्स के लिए संपर्क करे ph.85280 57364

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: अपनी आत्मा का ब्लूप्रिंट जानें (Akashic Records Reading: Apni Aatma Ka Blueprint Jaanein)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: अपनी आत्मा का ब्लूप्रिंट जानें (Akashic Records Reading: Apni Aatma Ka Blueprint Jaanein)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: अपनी आत्मा का ब्लूप्रिंट जानें (Akashic Records Reading: Apni Aatma Ka Blueprint Jaanein)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: अपनी आत्मा का ब्लूप्रिंट जानें (Akashic Records Reading: Apni Aatma Ka Blueprint Jaanein)

काशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्या है? (Akashic Records Reading Kya Hai?)

अरे वाह भई, क्या आपने कभी सोचा है कि आपके लाइफ की हर छोटी-बड़ी इवेंट, हर सोच, और हर फीलिंग कहीं रिकॉर्ड होती है? देखो! यह कोई साइंस फिक्शन नहीं है, बल्कि यह वह कॉन्सेप्ट है जिसे आकाशिक रिकॉर्ड्स(Akashic Records) कहा जाता है।

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग का मतलब है, हमारी आत्मा (Soul) के पूरे सफर का ‘डेटाबेस’ एक्सेस करना। इसे आप यूनिवर्स की एक जादुई लाइब्रेरी समझ सकते हैं। यह कोई फिजिकल जगह नहीं है, यार, यह तो विशुद्ध रूप से एनर्जी का एक विशाल क्षेत्र है। इसमें हमारे पिछले जन्मों (Past Lives), इस जन्म (Current Life) और यहाँ तक कि भविष्य की संभावनाओं (Future Possibilities) का सारा रिकॉर्ड दर्ज होता है।

जनाब, जब कोई एक्सपर्ट या रीडर इस एनर्जी फील्ड से कनेक्ट होकर आपके सवालों के जवाब निकालता है, तो उसे ही आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कहते हैं। सच कहूँ, यह आपकी आत्मा का ‘ब्लूप्रिंट’ पढ़ने जैसा है, जिससे आप जान पाते हैं कि आप कौन हैं, क्यों यहाँ आए हैं, और आपका असली पोटेंशियल क्या है।

आकाशिक रिकॉर्ड्स क्या होते हैं ? (Akashic Records Kya Hote Hain ?)

आकाशिक रिकॉर्ड्स क्या होते हैं ? (Akashic Records Kya Hote Hain ?)
आकाशिक रिकॉर्ड्स क्या होते हैं ? (Akashic Records Kya Hote Hain ?)

पाठक भाइयों, जरा सोचो! आकाशिक रिकॉर्ड्स को अक्सर ‘ईथर की किताब’ (Book of Ether) या ‘जीवन की किताब’ (Book of Life) भी कहा जाता है। यह नाम संस्कृत शब्द ‘आकाश’ से आया है, जिसका मतलब है ‘स्पेस’ या ‘ईथर’ (Ether)।

वैसे, यह केवल एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि एक जीवित, वाइब्रेटिंग एनर्जी है। यह हर व्यक्ति, हर जानवर, और हर ग्रह के अस्तित्व (existence) की जानकारी रखता है। मान लो कि यह एक तरह का कॉस्मिक इंटरनेट है, जो हर उस जानकारी को स्टोर करता है जो कभी हुई है या हो सकती है। तुम देखो, यह कोई डार्क या छिपी हुई चीज नहीं है; यह तो बस शुद्ध ज्ञान (pure knowledge) है, जिसे प्यार और लाइट की एनर्जी से ही एक्सेस किया जाता है।

हमारा हर विचार, हर शब्द, और हर कर्म इस फील्ड में अपनी छाप छोड़ता है। भाई देख, यही वजह है कि जब हम आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग लेते हैं, तो हमें अपनी लाइफ की प्रॉब्लम्स की जड़ें (roots) पता चलती हैं।

(बाहरी जानकारी के लिए आप आकाशिक रिकॉर्ड्स पर विकिपीडिया का यह लेख देख सकते हैं।)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्यों ज़रूरी है? (Akashic Records Reading Kyun Zaroori Hai?)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्यों ज़रूरी है? (Akashic Records Reading Kyun Zaroori Hai?)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्यों ज़रूरी है? (Akashic Records Reading Kyun Zaroori Hai?)

अच्छा तो, अब सवाल आता है कि हमें इसकी रीडिंग क्यों करवानी चाहिए? इसका मतलब यह है कि आप अपनी लाइफ की प्रॉब्लम्स को जड़ से समझना चाहते हैं। क्या बताऊँ, हम सभी के सामने कुछ ऐसे पैटर्न (patterns) और चैलेंजेस आते हैं जो बार-बार दोहराए जाते हैं।

जैसे कि, अगर आप बार-बार गलत रिलेशनशिप में पड़ते हैं, या फाइनेंशियल ब्लॉकेज महसूस करते हैं, तो आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग आपको यह समझा सकती है कि यह ब्लॉक कहाँ से आ रहा है। हो सकता है कि यह किसी पिछले जन्म का अधूरा करमा हो, या कोई ऐसी कसम (vow) हो जो आपने तब खाई थी और जो आज भी आपकी लाइफ को प्रभावित कर रही है।

तुम समझो, यह केवल जवाब जानने के लिए नहीं है, बल्कि ट्रांसफ़ॉर्मेशन (transformation) के लिए है। जब आपको ज्ञान मिलता है, तो आप अपनी एनर्जी को बदल सकते हैं। जरा सोच के देखो, अगर आपको अपनी लाइफ की ‘हैंडबुक’ (handbook) मिल जाए, तो सब कितना क्लियर हो जाएगा! इसीलिए यह रीडिंग ज़रूरी है, ताकि आप आज़ाद फील कर सकें।

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के फ़ायदे (Benefits of Akashic Records Reading)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के फ़ायदे (Benefits of Akashic Records Reading)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के फ़ायदे (Benefits of Akashic Records Reading)

अरे देखो, आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के फ़ायदे कई हैं, जो आपकी लाइफ को सचमुच बदल सकते हैं। सच बताऊँ, यह बस ‘भविष्य जानने’ से कहीं ज़्यादा है।

  1. पिछले जन्मों का हीलिंग (Past Life Healing):देखो ना, कई बार हमारी फोबिया (phobia), डर, या बिना कारण की चिंता पिछले जन्मों से जुड़ी होती है। रीडिंग हमें उन इवेंट्स को देखने और उन्हें हीलिंग एनर्जी देने का मौका देती है।
  2. जीवन का उद्देश्य (Life Purpose) जानना:तुम्हारा असली टैलेंट क्या है? आप दुनिया में क्या देने आए हैं? यहरीडिंग आपको अपनी आत्मा के उद्देश्य और मिशन से जोड़ती है।
  3. करियर और रिलेशनशिप गाइडेंस (Career and Relationship Guidance):यहरीडिंग आपको यह समझने में मदद करती है कि कौन से लोग आपके लिए सही हैं, और आपके करियर का अगला सही स्टेप क्या होना चाहिए।
  4. खुद को माफ़ करना (Self-Forgiveness):क्या कहूँ, जब हम अपनी आत्मा के परफेक्ट और इम्परफेक्ट दोनों पक्षों को देखते हैं, तो खुद को माफ़ करना आसान हो जाता है।

भाईसाहब, यह रीडिंग आपको पावर देती है। तुम्हें यह फील करवाती है कि आप अपनी लाइफ के क्रिएटर हैं। तो, क्या आप अपनी लाइफ में यह ट्रांसफ़ॉर्मेशन लाना नहीं चाहेंगे? बताओ न?

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)

अच्छा सुनो, अब बात करते हैं कि आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कैसे होती है। भाई मान लो न, यह कोई मैजिक शो नहीं है, बल्कि एक गहरी, सम्मानजनक स्पिरिचुअल (Spiritual) प्रैक्टिस है।

आमतौर पर, एक प्रोफेशनल रीडर इस रीडिंग के लिए एक खास प्रार्थना या प्रेयर का इस्तेमाल करता है। यह प्रेयर रीडर को एक ‘पवित्र स्थान’ (sacred space) बनाने में मदद करती है, जहाँ से वह आपकी आत्मा के रिकॉर्ड्स को एक्सेस कर सकता है।

  1. तैयारी (Preparation):रीडर पहले खुद को क्लियर करता है और एक उच्च वाइब्रेशन (high vibration) में आता है। वह शांति और सम्मान के साथ रिकॉर्ड्स खोलने की परमिशन माँगता है।
  2. एक्सेस (Access):रीडर उस प्रेयर का उच्चारण करता है और आपकी आत्मा के ‘डोमेन’ में प्रवेश करता है। उससे पहले, वह आपसे आपका पूरा नाम (Full Name) और जन्मतिथि (Date of Birth) पूछ सकता है, क्योंकि यह डेटा आपकी एनर्जी की ‘चाबी’ की तरह काम करता है।
  3. गाइडेंस प्राप्त करना (Receiving Guidance):रीडर आपके सवालों को रिकॉर्ड्स में ले जाता है और गाइडेंस को फील करता है, सुनता है, या देखता है। यह जानकारी, सिम्बल्स (symbols) या वर्ड्स के रूप में मिल सकती है।
  4. क्लोजिंग (Closing):रीडिंग खत्म होने पर, रीडररिकॉर्ड्स को धन्यवाद देता है और उन्हें बंद करने की प्रेयर करता है। यह बहुत ज़रूरी स्टेप है।

गुरु, ध्यान दो! यह पूरा प्रोसेस पूरी तरह से सेफ होता है, क्योंकि यह हमेशा उच्च एनर्जी और प्यार के साथ किया जाता है। यह एक ऐसी जगह है जहाँ केवल सत्य और गाइडेंस मिलता है।

कौन आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कर सकता है? (Kaun Akashic Records Reading Kar Sakta Hai?)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)

भाई देख, यह बहुत ही अच्छा सवाल है। जरा मानो, बहुत से लोग मानते हैं कि आकाशिक रिकॉर्ड्स को एक्सेस करने के लिए किसी खास शक्ति या ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है। यह बात कुछ हद तक सही भी है, लेकिन सच तो ये है कि सिद्धांत रूप में, हर इंसान अपने रिकॉर्ड्स को खुद एक्सेस कर सकता है।

लेकिन! लेकिन, एक प्रोफेशनल रीडर में कुछ क्वालिटी होनी चाहिए:

  • ईमानदारी (Integrity):रीडर का इरादा (intention) हमेशा साफ़ और ईमानदार होना चाहिए। उसे केवल सबसे अच्छी और उच्चतमगाइडेंस ही पहुँचानी चाहिए।
  • इंट्यूशन की क्लैरिटी (Clarity of Intuition):रीडर के पास इंट्यूशन को क्लियरली महसूस करने, सुनने या देखने की कैपेसिटी (capacity) होनी चाहिए ताकि मैसेज में कोई गड़बड़ी न हो।
  • अटैचमेंट न होना (Non-Attachment):भाईसाहब, रीडर को रीडिंग के आउटकम (outcome) से अटैच नहीं होना चाहिए। उसे बस गाइडेंस देनी है, सॉल्यूशन क्लाइंट को खुद निकालना होता है।

यार, तुम बताओ न, अगर आप किसी मुश्किलरास्ते पर हैं, तो क्या आप किसी एक्सपर्ट गाइड की मदद नहीं लेंगे? ठीक उसी तरह, एक अच्छा रीडर आपको आपके लाइफ पाथ पर गाइड करता है। तो क्या! मेरा मानना है कि एक ट्रस्टेड रीडर (trusted reader) से रीडिंग लेना हमेशा बेहतर होता है। 

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: क्या यह हमेशा सही होती है? (Akashic Records Reading: Accuracy and Limitations)

 

अरे मानते हो, यह सबसे क्रिटिकल (critical) पॉइंट है। लोगों को अक्सर लगता है कि आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग से जो भी भविष्यवाणी (prediction) मिलती है, वह 100% सही होगी। लेकिन, तुम सोचो न, क्या लाइफ इतनी फिक्स्ड (fixed) है?

राम! याद रखो, रीडिंग से जो जानकारी मिलती है, वह आपकी एनर्जी और आपके करमा पर आधारित संभावना (potential) होती है।

यहाँ लिमिटेशन्स आती हैं:

  1. स्वतंत्र इच्छा (Free Will):देख रहे हो न, हम सबके पास स्वतंत्र इच्छा है। अगर आज रीडिंग में कोई खास फ्यूचर दिखता है, और आप आज ही अपना एक्शन (action) या सोच बदल देते हैं, तो फ्यूचर भी बदल जाएगा।
  2. प्रश्न की गुणवत्ता (Quality of Questions):सच कहूँ, रिकॉर्ड्स हमेशा प्यार और गाइडेंस के साथ जवाब देते हैं। अगर आप ‘मुझे लॉटरी कब लगेगी?’ जैसे सवाल पूछेंगे, तो शायद आपको कोई अच्छा जवाब न मिले। वह केवल आपके विकास (growth) और हीलिंग से संबंधित गाइडेंस देते हैं।
  3. रीडर की क्लैरिटी (Clarity of the Reader):कभी-कभी, रीडर की अपनी एनर्जी या सोचमैसेज को हल्का सा बदल सकती है। इसलिए, एक क्लियररीडर चुनना बहुत ज़रूरी है।

तो, यह रीडिंग आपको गाइडेंस देती है, लेकिन एक्शन लेने का पावर हमेशा आपके पास होता है। याद रखोगे न?

निष्कर्ष (Conclusion)

अरे भाई, आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग आपकी आत्मा की यात्रा को समझने का एक अद्भुत (amazing) तरीका है। वह आपको क्लैरिटी देती है कि आपके लाइफ में क्या पैटर्न चल रहे हैं और उन्हें कैसे चेंज किया जा सकता है। हमारा मकसद भाग्य (destiny) को जानना नहीं, बल्कि अपने वर्तमान को बेहतर बनाना है।

तो, क्या आप तैयार हैं अपनी आत्मा की इस अद्भुत लाइब्रेरी में कदम रखने के लिए? कहो न? यह आपको खुशी और शांति की ओर ले जाएगा, यह ठीक है न?मानते हो न?

ज़रूर, भाई! लेख के आधार पर यहाँ आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग से जुड़े कुछ ज़रूरी सवाल और उनके जवाब (FAQ – फ्रिक्वेंट्ली आस्क्ड क्वेश्चन्स) दिए जा रहे हैं:

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: ज़रूरी सवाल-जवाब (Important FAQs)

 

1. आकाशिक रिकॉर्ड्स (Akashic Records) क्या होते हैं?

जी, आकाशिक रिकॉर्ड्स आपकी आत्मा (Soul) की पूरी यात्रा का एनर्जी डेटाबेस हैं। मान लो कि यह एक तरह की कॉस्मिक लाइब्रेरी है जहाँ आपके हर जन्म, हर सोच, और हर एक्शन का रिकॉर्ड दर्ज होता है। यह कोई फिजिकल (physical) किताब नहीं है, बल्कि विशुद्ध एनर्जी का एक फ़ील्ड है।

2. आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्यों ज़रूरी है?

तो, यह रीडिंग ज़रूरी है ताकि आप अपनी लाइफ की चुनौतियों (challenges) और बार-बार आने वाले पैटर्न (patterns) की जड़ जान सकें। यह आपको हीलिंग (healing) करने, अपने लाइफ पर्पस को समझने और सही गाइडेंस (guidance) लेने में मदद करती है।

3. क्या यह रीडिंग 100% सही भविष्य बताती है?

अरे भाई, नहीं। सच कहूँ, रीडिंग आपकी वर्तमान एनर्जी के आधार पर सबसे अच्छी संभावना (potential) बताती है। लेकिन, हम सभी के पास स्वतंत्र इच्छा (Free Will) है। अगर आप आज अपना एक्शन और सोच बदलते हैं, तो फ्यूचर भी बदल सकता है। याद रखोगे न?

4. आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कैसे की जाती है?

वैसे, एक प्रोफेशनल रीडर (professional reader) एक खास प्रार्थना या प्रेयर का इस्तेमाल करके आपके रिकॉर्ड्स के डोमेन में एक्सेस करता है। वह वहाँ से आपके सवालों के जवाब और गाइडेंस लेता है, और फिर रिकॉर्ड्स को धन्यवाद देकर क्लोज करता है।

5. क्या मैं खुद अपने रिकॉर्ड्स पढ़ सकता हूँ?

समझे? थ्योरी (theory) में हर कोई अपने रिकॉर्ड्स को एक्सेस कर सकता है, क्योंकि वह हमारी ही एनर्जी है। लेकिन, क्लियर और भरोसेमंद गाइडेंस के लिए, ध्यान (meditation) और सही ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है। शुरुआती दौर में एक एक्सपर्ट रीडर की मदद लेना बेहतर होता है।

6. क्या आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग सेफ (safe) है?

जी, बिलकुल! आकाशिक रिकॉर्ड्स हमेशा प्यार (Love) और सबसे उच्च वाइब्रेशन (Vibration) से ही एक्सेस किए जाते हैं। रीडर हमेशा आपके उच्चतम हित (Highest Good) में ही काम करता है, इसलिए यह प्रक्रिया पूरी तरह से सेफ और पॉजिटिव होती है।

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हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना

हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र – हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना

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➡️ परिचय

हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र – हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम 🙏 सागरनाथ जी और आबू जी की गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट में आपका फिर से स्वागत है। राम राम सबसे पहले सबको। राम राम जी। जय माता की भाई। जय माता दी। हाँ जी। आज आप हमें बताने वाले हैं हनुमान जी के भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना। जी।

क्योंकि यह जो साधना करवाने का उद्देश्य यह है क्योंकि बहुत सारे लोग बोलते थे कि हमें कर्म पिशाच नहीं हम कर सकते या और कोई थर्ड पार्टी साधना हम नहीं कर सकते क्योंकि इसका नेगेटिव प्रभाव है, यह है वो है, तो इसीलिए ही हम दैविक साधना लेकर आए हैं।

तो हाँ जी सागरनाथ जी, आप बताएँ इसके फायदे क्या हैं और हर व्यक्ति को यह साधना करनी चाहिए मेरे हिसाब से, क्योंकि हर व्यक्ति को ही एक सच्चे मार्गदर्शन की ज़रूरत है। जी बिल्कुल। अब मैं मुद्दे की बात पे आता हूँ। इस साधना का नाम है हनुमान वीर चलाना यानी कि साबरी वीर की हजरात

➡️ हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र का स्वरूप और लाभ

हजरात जिसको बोला जाता है, जैसे हजरात का मतलब है बच्चे को बिठा के नाखून पे देखा जाता है या बच्चे से पूछा जाता है, लेकिन इस हजरात का ये फायदा है, इस हजरात को आप अपने ऊपर सीधा लगाओगे, मतलब बंदे के ऊपर ही वो लगेगा, बच्चे की भी ज़रूरत नहीं है।

ज़रूरत नहीं। साधक अपने ऊपर खुद लगाएगा और वो सब साधक को ही बताएँगे भूत भविष्य वर्तमान। बिल्कुल। ठीक है। और इस साधना का और क्या-क्या फायदा है? मैं अब बताता हूँ। ये साधना, ये ज़्यादातर पहलवान लोग करते हैं।

जो पहलवान होते हैं ना, दंगल, कुश्ती पहलवान, जो कुश्ती वगैरह करते हैं। कुश्ती करते हैं। बिल्कुल बिल्कुल। मान लो जैसे आपको पचास-साठ आदमियों ने भी घेर लिया है। उनको भी आप अस्त-व्यस्त कर दोगे। ये ऐसी साधना है। अच्छा जी।

अब मैं आपको मंत्र पे आता हूँ। आपको बताता हूँ। नहीं, अभी थोड़ा सा और हमें जानकारी साधकों को चाहिए होंगी ना, तो उसके रिलेटेड मैं और जानना, मतलब साधकों की ही जिज्ञासा मैं आपके सामने रखूँगा, क्योंकि फिर ये लोग ना कमेंट भर देंगे और मैसेज करके पूछते हैं, “ये क्या फायदे हैं और क्या फायदा?” हाँ, फायदे बताता हूँ।

सबसे पहले तो इनके फायदे पहले आप बताइए खुल के, तभी कोई इंटरेस्ट पैदा होता साधक का। जी जी जी। मैं फायदों की बात करता हूँ। इससे क्या होता है?

आप किसी भी शक्ति को हाज़िर कर सकते हो। चाहे वह भूत है, पिशाच है। जैसे उसको पकड़ के लाने के लिए बोलोगे, यह पकड़ के ले आएगी। जिसके ऊपर मान लो किसी के ऊपर भूत की सवारी लानी है। जैसे आपने इसको सिद्ध कर लिया, बैठे हो।

जिसको भूत चढ़ेलाता है जो दुखी करता है, वो उसको सामने बिठाओ। पानी पढ़ो, पानी के ऊपर ये अपनी हजरात का मंत्र पढ़ो। उसके छींटा लगाओ, वो भूत हाज़िर हो जाएगा।

➡️ भूत-प्रेत भगाने की विधि एवं हनुमान जी से संवाद

 

आगे नहीं, मेरा एक सवाल है जी। इसमें क्या वो भूत बोलेगा या हनुमान जी बताएँगे? नहीं, हनुमान जी तो आपके ऊपर होंगे ना हजरात में। अच्छा अच्छा। जो रोगी होगा ना भूत-चुड़ैल से ग्रस्त, उसके ऊपर बोलेगा वो भूत बोलेगा जो भी उसको प्रॉब्लम होगी।

एक छोटा सा सवाल मेरा ये है जी, ये जानना चाहता हूँ, जैसे हनुमान जी की बंदे की बॉडी के ऊपर आएँगे, तो कैसे आएँगे वो और बंदे को क्या महसूस होगा? शरीर में भारीपन आएगा। भारीपन आएगा। उसकी बॉडी वाइब्रेट होने लग जाएगी, जैसे अंदर एक करंट चल रहा है ना? हम्म। ऐसा उसको फील होगा पूरी तरह।

तो उसको गुस्सा-गुस्सा आ जाएगा ज़्यादा बैठे-बैठे। गुस्सा आ जाएगा। दूसरी चीज़ मैं एक चीज़ और पूछना चाहूँगा। जैसे उस सवालों के जवाब हैं, तो फिर उसको कैसे पता चलेंगे? दिमाग में आएँगे या कान में बताएँगे? कैसे होगा ये? उनके मन में बताएँगे।

दिमाग में नहीं, उसके मन में बताएँगे। मतलब मन में ही वो बातें चलनी शुरू हो जाएँगी। उसी समय जैसे अपनी गद्दी पे बैठेगा ना सिद्ध करने के बाद, जैसे उसके सामने किसी शख़्स को बिठा, वो पूछने आया है कि मेरे घर में क्या चल रहा है? मेरे क्या प्रॉब्लम है?

साधक बैठे, उनको याद करें। उसी समय मंत्र का ध्यान करें, मंत्र जाप करें। उसके मन में सवाल आने शुरू हो जाएँगे। “इसको इसके घर में ये प्रॉब्लम है। ये लड़का इस काम के लिए आया है। इसकी रुकावट ऐसे दूर होगी।” बिल्कुल बिल्कुल। रुकावट का हल भी बता देंगे। अच्छा जी।

ठीक है। मैं अब इसके और फायदे बता देता हूँ। मान लो आपके घर में पितृ दोष है। यह वो भी तक बता देंगे कि आपके घर में पितृ दोष है। इसको सही कैसे करना है।

क्या मतलब कि भोग देना है। क्या इनकी पूजा-विचारी है? वो भी बता देंगे। या आपका देवता कोपी है। कुल देवता कोपी है। ठीक है? या किसी ने देवते को छोड़ रखा है, चढ़ाई कर रखी है आपके घर पे। वे भी हनुमान जी साधक को बता देंगे कि “यह प्रॉब्लम तेरे घर में चल रही है।”

➡️ हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना की अवधि, विधि और मंत्र

 

यह तो संन्यासी, ब्रह्मचारी और गृहस्थ सभी कर सकते हैं। लेकिन करने के लिए उनके पास कितना थोड़ा सा टाइम होना चाहिए? कितना? दो दिन का या सात दिन का? बड़े साधक तो इसको दो दिन में भी कर सकते हैं। अच्छा, ये इतने कम समय की साधना है। जी।

बिल्कुल बिल्कुल। यही तो लोग ज़्यादातर माँगते हैं कि हमें 2 दिन, 5 दिन, 7 दिन की ही चाहिए। 40 दिन का ज़्यादा तो ज़्यादा दो दिन, उससे ज़्यादा सात दिन बस। और इसमें अच्छा, अब विधि-विधान क्या रहेगा? मैं बताता हूँ। दो लड्डू लगेंगे, मीठा पान लगेगा, मूँगे की माला होगी, तिल का आप दीपक लगाएँगे। 21 माला करनी है एक दिन में। 21 माला करनी है।

चौकी पर बैठ के। आसन होगा लाल रंग का। वस्त्र होंगे लाल रंग के। ये होगा कंपलसरी। ओके ओके ओके। ठीक है। ओके ओके। मैं मंत्र बताता हूँ। व्रत रखना कि नहीं रखना, ये आपके ऊपर डिपेंड है। मंगलवार का, जैसे आपको अच्छा लगे। बिल्कुल ठीक है।

मंत्र है हज़रत का मंत्र है जो हम अपनी गुरुगद्दी के साथ चलाते हैं, हम आपको बता देते हैं। अगर हम नहीं मंत्र बताएँगे, तो आपका भला कैसे होगा? बिल्कुल बिल्कुल। अब ये चीज़ें लुप्त हो जाएँगी, तो यही उद्देश्य है हमारा। मैं ये चाहता हूँ कि ये चीज़ें लुप्त ना हों।

मंत्र लुप्त ना हों। ये जागृत रहें। साधक अच्छे लेवल पर पहुँचे और दुनिया का भला कर पाएँ। बिल्कुल बिल्कुल। मंत्र जो आपने कहीं पे सुना नहीं होगा, मैं बता देता हूँ। इसका मालिक मैं खुद ही हूँ। ठीक है। बिल्कुल बिल्कुल।

हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र – हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना

ॐ बाबा हनुमान शेर जवान चले मंत्र फुरे वाचा देखा तेरी इल्म हाजरी दा तमाशा

 में विधि भी डाल दूँगा, मंत्र भी डाल दूँगा। इसको चलाना कैसे, यह भी बता दूँगा। बस ये इतना सा है। इतना छोटा सा मंत्र और कितना बड़ा प्रभाव! जी जी। आप कुछ भी हनुमान जी से पूछ सकते हो। हाँ, दोबारा रिपीट कर देंगे मंत्र एक बार? जी, मैं बोल देता हूँ। एक बार फिर से बोल देता हूँ आपके चैनल पे।

“ओम बाबा हनुमान शेर जवान, चले मंत्र खुरे वाचा, देखा तेरी इल्म हाज़िरी दा तमाशा।” इसको बोला जाता है हनुमान वीर चलाना: साबरी वीर की हज़रत।

अच्छा, ये मंत्र पढ़ते सारी पॉज़िटिविटी फील होती है? पूरा मतलब वो चीज़, वो हाज़िर होते हैं? हाज़िर होते हैं। आत्मा रूप में हाज़िर होते हैं, जिसको वायु रूप बोलते हैं ना, वैसे हाज़िर होते हैं। सबसे बढ़िया दिन है इसको आप दीपावली आने वाली है, दीपावली पे करो, दशहरे पे सिद्ध करो, ग्रहण में सिद्ध करो। इसका प्रभाव बहुत ज़्यादा बढ़ेगा। ओके ओके।

➡️ भूत-प्रेत निकालने का विस्तृत विधान

 

जी, अब मैं यह चीज़ जानना चाहता हूँ, जैसे आप वो भूत-प्रेत का बता रहे थे, वो बताओ वापस कैसे? क्योंकि बात बीच में रह गई थी ना कि अगर किसी के ऊपर आत्मा आती है, आप बता रहे थे। मैं ये बताना भूल ही गया, जैसे एक्सपीरियंस करना हो किसी ने, जैसे आपका सिद्ध हो गया। आप आसन लगाओ लाल रंग का, उसपे बैठो। मंत्र जाप शुरू करो।

अपने सामने एक पानी रख लो। पानी का गिलास रख लो, चाहे लोटा रख लो या कमंडल हो आपका पानी का। आपके पास कमंडल हो पानी का, वो रख लो। जिसको बीमारी है, यानी कि जो रोगी है जिसको भूत-प्रेत सताता है, उसको सामने बिठाओ। अपना जाप करो। 11 बार करो, 21 बार करो। जल को हाथ में लो, उसका छींटा उस पे लगाओ।

उसके ऊपर जो भी प्रॉब्लम है, चीख़ता-चिल्लाता आएगा। फिर आपने क्या करना है? उसकी चोटी पकड़ लेनी है। जो सिर की जो सेंटर में चोटी होती है ना, चाहे औरत है, बच्चा है, बूढ़ा है, जवान है, चोटी पकड़ लेनी है। उसके बाल उखाड़ लेने, जब भूत-प्रेत हाज़िर हो जाए।

उसका क्या करना है? उसको तब तक पढ़ के मंत्र पढ़ते रहना है, जब तक वो खुद अपना बात ना बताए कि “मैं कैसे जाऊँगा? मैं कहाँ से आया हूँ? मेरे को किसने भेजा है?” जब आपका काम हो जाए, मतलब कि आपने उससे उसका पिंड छुड़ाना है।

बाद में इसको जला दे और जो जली होगी उसकी राख होगी, वो बाहर किसी उजाड़ में फेंक दे। गंगा में हम बहा दें या किसी चलते पानी में। हाँ, चलते पानी में बहा दे। उजाड़ में फेंक दे। पीपल के वृक्ष के नीचे रख दे। उससे उसका छुटकारा हो जाएगा। जी जी। इसको बोलते हैं साबरी वीर को चला के लोगों के भूत-प्रेत कैसे निकालना?

बिल्कुल बिल्कुल। ये यहाँ पर मतलब ये मल्टीपल काम करेगा जी भाई। हाज़िरी जो हजरात होती है, ये हजरात का मतलब ही यही होता है किसी वीर को खड़ा करके उससे बात करना। बात कैसे करना? मनोभाव से करनी, मन में। बिल्कुल बिल्कुल। क्योंकि वो बहुत बड़ी शक्ति है। कोई छोटी-मोटी शक्ति थोड़ी है। जी जी जी।

➡️ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: इस साधना का नाम क्या है?

A1: इस साधना का नाम हनुमान वीर चलाना है, जिसे साबरी वीर की हजरात भी कहते हैं।

Q2: यह साधना कौन-कौन कर सकता है?

A2: यह साधना संन्यासी, ब्रह्मचारी और गृहस्थ सभी कर सकते हैं।

Q3: इस साधना को सिद्ध करने में कितना समय लगता है?

A3: बड़े साधक इसे दो दिन में भी कर सकते हैं। अधिकतम अवधि सात दिन है।

Q4: इस साधना के मुख्य लाभ क्या हैं?

A4: इसके लाभों में भूत-भविष्य-वर्तमान काल जानना, किसी भी शक्ति को हाज़िर करना, पितृ दोष की जानकारी, कुल देवता की स्थिति जानना और शारीरिक बल (पहलवानों जैसा) प्राप्त करना शामिल है।

Q5: साधना में किन चीज़ों की आवश्यकता होगी?

A5: दो लड्डू, मीठा पान, मूँगे की माला, तिल का दीपक, लाल रंग का आसन, और लाल रंग के वस्त्र आवश्यक हैं।

Q6: मंत्र का जाप कितनी बार करना है?

A6: साधना के दौरान एक दिन में 21 माला करनी है।

Q7: भूत-प्रेत निकालने की विधि क्या है?

A7: साधक सिद्ध होने के बाद पानी पढ़कर रोगी पर छींटा लगाता है, जिससे भूत हाज़िर हो जाता है। फिर चोटी पकड़कर मंत्र पढ़ते हैं जब तक भूत अपनी बात न बता दे। बाद में चोटी के बालों को जलाकर राख उजाड़ में फेंक दी जाती है या चलते पानी में बहा दी जाती है।

Q8: इस साधना को सिद्ध करने के लिए सबसे अच्छे दिन कौन से हैं?

A8: दीपावली, दशहरा, ग्रहण के दिन इस साधना का प्रभाव बहुत ज़्यादा बढ़ता है। इसे शुक्ल पक्ष के मंगलवार को करना चाहिए।

➡️ समापन

चलो, 10 मिनट का पोस्ट और वेबसाइट लेख हो गया। इतना लंबा हमें आगे खींचने की ज़रूरत नहीं। ठीक है। मैं पोस्ट और वेबसाइट लेख पर यहीं समाप्त करता हूँ। देखिए, अब मैं थोड़ा परिचय और बताता हूँ। कुछ ऐसी सवाल होते हैं, ठीक है? मेरे सवाल नहीं होते हैं, वो आगे साधकों के सवाल होते हैं। कमेंट करो भाई, लाइक करो, शेयर करो। नीचे जो भी आपको प्रॉब्लम है, बताओ। सभी हल किए जाएँगे। ऐसी कोई बात नहीं है।

बात ये होती है कि वो सवाल जो होते हैं, ठीक है? मैं उनकी जगह रुद्रनाथ… सॉरी। जी जी रुद्रनाथ जी। जी सागरनाथ जी से मैं रखता हूँ। जी जी। ठीक है। तो नॉलेज हमें भी है। लेकिन क्या होता है कि लोगों के जो सवाल हैं, वो रखने पड़ते हैं। एक जिज्ञासु की तरह हम तभी चीज़ें पूछते हैं। जानकार ये भी हैं और हम भी हैं। बिल्कुल।

ना, एक बंदे को तो रखेंगे ही। हाँ, एक बंदे को जिज्ञासु बनना पड़ेगा। जिज्ञासु बनके सवाल पूछने पड़ेंगे। तो इसी हिसाब से मैं ब्रॉडकास्ट बनाता हूँ। जी जी। ये तो सत्संग है भाई। हाँ, तो ये चीज़ें भी बहुत ज़रूरी हैं। दूसरी चीज़ क्या है? जी सागर नाथ जी का भी एक चैनल है, ठीक है? उसका मैं लिंक नीचे छोडूँगा। उसको भी आप सब्सक्राइब कर लीजिएगा, ठीक है?

और दूसरी चीज़ ये जो मंत्र अभी इन्होंने बताया है, साधना विधि बताई है, जी गुरु मंत्र साधना.com पर आपको उपलब्ध करवाई जाएगी, ता जो आपको साधना करने में कोई भी चूक न हो। जी जी। और आराम से कर सकते हैं। जी। ठीक है।

वैसे किस दिन करनी है और जाप इसका कितना करना है, यह तो बताया नहीं। नहीं है अभी तक। मैंने 21 माला बोल तो दिया है। दिन तो मंगलवार ही होता है। मंगलवार ही होता है इनका। मंगलवार के दिन। शुक्ल पक्ष के मंगलवार के।

कृष्ण पक्ष के? भाई, शुक्ल पक्ष की करनी चाहिए। ये तो अभी नवरात्रि के दिन शुभ चल रहे हैं। इसलिए तो साधक को तो देर लगानी नहीं चाहिए। सुबह बैठ, रात को ही बैठ जाना चाहिए। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। तो अभी फिर हम समाप्त करते हैं, क्योंकि 10 मिनट… आप सबका धन्यवाद अगर आपने यहाँ तक पोस्ट और वेबसाइट लेख देखा है तो। जय माता दी। जय श्री महाकाल। जय माता दी।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि
Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि दोस्तों, अपने भारत में कालज्ञान की बहुत सारी साधनाएं हैं जो हस्तरेखाओं से लेकर के और एकदम मन की जो अवचेतन शक्तियां होती हैं, वहां तक वह शक्तियां काम करती हैं। थर्ड आई से लेकर के ब्रह्म तक वह शक्तियां काम करती हैं।

यानी कि कुंडली शक्ति से लेकर के और साधारण आ भूतों-प्रेतों तक अब वह शक्तियां काम करती हैं जो कालज्ञान के काम आती हैं जिनसे आप सामने वाले के आगंतुक के यजमान के भूतकाल में घटित हुई कई बातों को, कई रहस्यमई बातों को उनके सामने उजागर कर सकते हैं और उन्हें आश्चर्यचकित कर सकते हैं।

दोस्तों ऐसी साधनाओं में भूतों-प्रेतों की साधनाएं भी होती हैं, बेताल की साधनाएं भी होती हैं। बहुत सारी साधनाएं हैं और इनसे ऊपर जब आप बढ़ोगे तो महाविद्या की साधना होती है जिनके द्वारा आदमी त्रिकाल दर्शी हो जाता है।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली साधना की जटिलता

आज उसी क्रम में मैं आपको एक बात बताता हूं कि हमारे देश में पंचांगुली नाम से एक साधना चलती है जो बड़ी टफ साधना है और आमतौर पर पंचांगुली साधना हर किसी को सफल नहीं होती। पंचांगुली साधना में बहुत सारी ऐसी डिफिकल्टीज़ आती हैं, ऐसी प्रॉब्लम आती है कि करते-करते आदमी की हालत ऐसी हो जाती है कि वह साधना को करने के लायक ही नहीं रहता है।

बहुत ही कोई ऊर्जावान व्यक्ति होता है, वह पंचांगुली साधना को करके पार निकलता है। जो आदमी पंचांगुली साधना को कर लेता है, ज्योतिष में वह नमकनिर्णय हो जाता है। जन्म कुंडली या हस्तरेखा उसके सामने किसी की भी आ जाती है, तो हाथ देखते ही वह यजमान का भूत, भविष्य और वर्तमान सब कुछ ऐसे बता देता है जैसे सब कुछ उसकी आंखों के सामने होकर के गुजरा।

हमारे हाथ पकड़ कर के पंडित जी ने ऐसा कुछ बता दिया। वास्तव में पंडित जी बड़े ज्ञाता हैं। पंडित जी को शास्त्रों का बड़ा अध्ययन है। पकड़ने के लिए बस हाथ को पकड़ लिया और देखते जा रहे हैं।

ऐसी साधनाओं में पंचांगुली साधना टॉप मानी जाती है, बहुत अच्छी मानी जाती है। ज्योतिष का जो लोग काम करते हैं, उनके लिए पंचांगुली साधना बहुत बेहतरीन साधना है। इसमें बहुत सारी चीजें इसमें होती हैं, बहुत सारी ऐसी सावधानियां होती हैं और बहुत सारे ऐसे सूत्र होते हैं जिनको अपनाने के बाद में साधना सफल होती है।

Panchanguli Sadhana  सरल पंचांगुली शाबर साधना

 

लेकिन आज मैं आपको एक ऐसी पंचांगुली साधना बताता हूं जिसमें कोई भी नियम ज्यादा पालन करने की आवश्यकता नहीं है, कोई भी ज्यादा उसमें डिफिकल्टी नहीं है और कुछ भी ऐसा नहीं है कि आपकी साधना खराब हो सके, बीच में रह सके, छूट सके।

आप जो आज मैं साधना बताऊं, यह पंचांगुली की सब्र साधना है और यह एक सरल साधना है। इस साधना के द्वारा आपको पंचांगुली के वही फल मिलेंगे जो वैदिक साधना में मिलते हैं। आप इस साधना को करके भी किसी भी जातक का भूत, भविष्य और वर्तमान देख सकते हो।

पंचांगुली में भविष्य देखने की क्षमता भी होती है, इसलिए आप भूतकाल की बातें बता करके अपने यजमान को आश्चर्यचकित कर सकते हो और भविष्य काल की बातें बता करके उन्हें खतरों से आगाह कर सकते हो कि आपके जीवन में खतरे आने वाले हैं, इन खतरों से आपको इस तरह से बचना चाहिए। यह साधना बड़ी टॉप साधना है और इस साधना में साधक को कुछ भी ज्यादा नहीं करना पड़ता। सिर्फ नियमबद्धता से साधना को करना पड़ता है।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली साधना की विधि और संकल्प

चलिए आगे चलते हैं और देखते हैं कि साधना को किया कैसे जाता है। यह एक बहुत ही गुप्त साधना है जो सब्र साधना है, एक ऋषि की बनाई हुई साधना है। जयपाल जी करके एक नाथ थे, जयपाल नाथ जी, उनकी साधना है यह और यह साधना कैसे की जाएगी, इस पर थोड़ी चर्चा करते हैं।

दोस्तों, कोई भी शुक्ल पक्ष का शनिवार हो, उस दिन से साधना शुरू होती है, लेकिन शनिवार से पहले ही एक दिन पहले ही शुक्रवार के दिन आप संकल्प कर लें कि मैं 108 दिन तक निरंतर इस साधना को करूंगा और इसका मैं संकल्प लेता हूं। संकल्प कैसे लेना है?

आपको एक ही माला का जाप करना है। एक माला मंत्र का जाप का आपको 108 मंत्रों का आपको संकल्प लेना है। एक माला का भी मत बोलना क्योंकि माला इसमें है ही नहीं। तो 108 मंत्रों का संकल्प लेना कि मैं नित्य 108 मंत्रों का संकल्प लेता हूं और 108 दिन तक अब क्या है शनिवार के दिन सुबह प्रातःकाल जब आप उठेंगे, उससे पहले आज मैं मंत्र बताऊंगा, उस मंत्र को अच्छी तरह से याद कर लीजिए।

मंत्र सिद्धि तब मानी जाती है जब आपको रात नींद में उठा करके और कहे मंत्र बोलो, तो उस नींद में उठे हुए परिस्थिति में भी आप उस मंत्र को ऐज़ इट इज़ बोल देते हैं, हूबहू बोल देते हैं, जैसा का तैसा बोल देते हैं, तो उस मंत्र को सिद्ध मंत्र माना जाता है।

आपका यह मंत्र जितना फ़ास्ट निकलेगा, जितना त्वरित गति से निकलेगा, धाराप्रवाह निकलेगा आपके मन से, आपकी ज़बान से, उतना ही मंत्र सिद्ध माना जाएगा और उसी जागृत मंत्र से आपको साधना करनी है। तो पहले इस मंत्र को अच्छी तरह से पढ़कर रटकर तैयार रखें।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली साधना मंत्र जाप और उंगली संचालन

ये आपके पाँच उंगलियां: एक अंगूठा, चार उंगलियां, तो पाँच उंगलियां मानी जाती है। पंचांगुली कैसे करेंगे ? जो यह मंत्र है, इस मंत्र में पाँचों उंगलियों का जिक्र है, यानी अंगूठे सहित पाँचों उंगलियों का जिक्र है। तो जैसे-जैसे जिस-जिस उंगली का जिक्र आता जाए, उस-उस उंगली को आप एक दूसरी उंगली से मिलाते जाएंगे। है न?

तो अब मैं मंत्र बोलता हूं और उंगलियां मिलाकर के आपको दिखाता हूं कि कैसे आपको जाप करना है। इस मंत्र को एक बार  जाप करना है कि  ऐसा बोलकर के आपको कनिष्ठा उंगली को जोड़ना है।

दूसरी  : अनामिका ऊर्जा प्राण संचय शक्ति पदार्थ। मंतर बोलकर के आपको अनामिका जोड़नी है। तीसरा है: एक बार मंत्र  बोल करके आपको मध्यमा उंगली को जोड़ना है। फिर: हरि तट तर्जनी सही दे ये मार्गदर्शक ।

ऐसा बोलकर के आपको ये जो तर्जनी उंगली है, इसको जोड़ना है। अब आपको अंगुष्ठ जोड़ना है और अब मंत्र की बोलना  है। 

जप की गणना और अनुभव

अब क्या है इस मंत्र को जपना कैसे? आपको ऐसा तो कर लिया आपने। मुंह पे फेर लिया। अब आपका गरम हो गया एकदम हाथ गरम हो गया, ऊर्जा चेहरे पर पहुंच गई। अब आपको आंखें खुली बिना ही यह जो हाथ है, इस हाथ में आप देखेंगे कि इन चार उंगलियों में 12 पोर हैं – 1, 2, 3, 4। इन 12 पोरों में आपको 12 मंत्रों का जाप करना है।

एक-एक मंत्र का एक-एक करके जाते जाना, अंगूठा देते जाना, जाप करते जाना, अंगूठा देते जाना, जाप करते रहिए, अंगूठा आगे लगाते रहिए। इस प्रकार से आपका जो 12-12 है, वह पूरा हो जाए। पूरा हो जाए, तो आपको इस हाथ में क्या करना है? इस हाथ में निशान लगा लेना है।

फिर से आपको 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12। आपने फिर दूसरे पोर पर इस प्रकार से दूसरे हाथ में गिनेंगे – 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 पोर गिनेंगे, तो आपके 108 मंत्र पूरे हो जाएंगे। इस प्रकार से आप 108 मंत्रों को पूर्ण कर लीजिए। 108 मंत्रों को पूर्ण करते आपकी एक माला पूर्ण हो गई। एक माला पूर्ण हो गई और वह जो मंत्र आपने पहले जपा था, वह सुमेरु हो गया।

अब इस प्रकार से आपकी यह साधना चलते रहेगी, चलती रहेगी, चलती रहेगी, चलती रहेगी। कुछ दिनों में आपको अपने आप ऐसे आभास होने लगेगा कि कोई भी जो जातक है, आपके सामने आकर के बैठा है।

सामने आकर के बैठते ही उसका हाथ अपने हाथ में पकड़ते हैं, हस्तरेखा देखने के लिए पकड़ते हैं हाथ। हस्तरेखा देखते ही, हाथ पकड़ते ही उसका भूत, भविष्य, वर्तमान धीरे-धीरे धीरे-धीरे आपके सामने प्रकट होना शुरू होगा। इसका अभ्यास करना पड़ेगा। एकदम नहीं होगा, एकदम गड़बड़ हो जाएगी। तो पहले हल्का-हल्का, हल्का-हल्का आपको पता चलेगा कुछ-कुछ-कुछ-कुछ। तो आप श्योर हो जाइए, अब मुझे यह शब्द कहना है।

कई बार क्या होता है कि ऐसी बातें आ जाएंगी जो आपको नहीं भी कहनी होती हैं और वह अगर आप कह देते हैं तो मुश्किल में आ जाते हैं। तो आपको चुनाव करना है।

पहले अभ्यास करना धीरे-धीरे बोल करके और सोच-समझ के बोलना कि कौन सी बात बोलनी है, कौन सी नहीं बोलनी क्योंकि सामने जो जातक बैठा है, उसकी सारी बातें आएंगी आपके दिमाग में। तो सारी बातें अगर बोल दी तो मुसीबत का कारण, मुसीबत मोल लोगे आप। तो इस प्रकार से सोच-समझ के आपको बोलना कि कौन सी बात बोलनी है, कौन सी बात नहीं बोलनी है।

 

पंचांगुली शाबर मंत्र 

ॐ नमो पंचांगुली परशरी माता मयंगल वशीकरणी लोहमय

दंडमाणिनी चौसठ काम विहडनी रणमध्ये राउलमध्ये शत्रुमध्ये

दीपानमध्ये भूतमध्ये प्रेतमध्ये पिशाचमध्ये झोंटिंगमध्ये डाकिनीमध्ये

शंखिनीमध्ये यक्षिणीमध्ये दोषिणीमध्ये गुणीमध्ये गारुडीमध्ये

विनारीमध्ये दोषमध्ये दोषशरणमध्ये दुष्टमध्ये घोर कष्ट मुझ ऊपर बुरो

जो कोई करे करावे जड़े जडावे चिन्ते चिन्तावे तस माथे की माता

पंचांगुली देवी तणो वज्र निर्धार पड़े ॐ ठं ठं ठं स्वाहा ।।

 

गोपनीयता और अभ्यास का महत्व

अब जैसे कोई आदमी आकर बैठा और उसने कोई चोरी की है या उसने कोई मर्डर किया है या उसकी उसकी बीवी के कोई गलत अफेयर चल रहे हैं या उसकी बहन किसी के साथ गलत अफेयर कर रही है, आपके सामने तो सब बातें आ गईं, लेकिन इन बातों को कह दिया आपने, तो कोई बड़ी गड़बड़ हो सकती है।

इसलिए इस साधना में आपको धीरे-धीरे सोच-समझ के एक-एक शब्द बोलने का अभ्यास कर लेना चाहिए। अभ्यास कर लेंगे, तो कुछ दिनों में यह परिपक्वता अपने आप पैदा होना शुरू हो जाएगी और फिर आप किसी का भी हाथ देखेंगे या कुंडली देखेंगे, करोगे, तो उसका सारा भूत, भविष्य, वर्तमान आपके सामने आ जाएगा।

आप अपने जातक को बुराइयों से, बुरे कर्मों से, खतरों से, इन सब से बचा सकते हो। आप अपने जातक को जो पूर्व काल में हो चुका है, वह बातें भी बता सकते हो। बहुत सारी गुप्त बातें, तो उसे भी नहीं पता है, वह भी आप बता करके उसका कल्याण कर सकते हो।

इसे कल्याण की दृष्टि से ही लेना यह साधना को। जो आदमी कल्याण की दृष्टि से लेकर के साधना करता है, वह आदमी पंचांगुली की साधना में प्रवीण हो जाता है।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली साधना का निष्कर्ष

इस साधना में न तो कोई भोग है, न कोई माला है, न कोई विधि-विधान है। सिंपल एकदम आसान विधि-विधान, एकदम आसान तरीका। इस प्रकार से इस साधना को करके आप कालज्ञानी बन सकते हो और बिना मेहनत के, बिल्कुल आसान, बिस्तर पर बैठे-बैठे करने की साधना है।

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karna pishachini कान में भूत भविष्य वर्तमान बताने वाली साधना के नुकसान karna matangi vartali devi

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karna pishachini कान में भूत भविष्य वर्तमान बताने वाली साधना के नुकसान karna matangi vartali devi

 

karna pishachini कान में भूत भविष्य वर्तमान बताने वाली साधना के नुकसान karna matangi vartali devi गुरु मंत्र साधना.कॉम में आप सबका फिर से स्वागत है। आज का जो हमारा टॉपिक रहने वाला है, वह रहेगा कि जो शक्तियां कान में आपका भूत, भविष्य, वर्तमान काल बताती हैं, उसके साइड इफ़ेक्ट क्या होते हैं।

देखिए, हमारे पास बहुत सारे ऐसे केस आ रहे हैं, जिन्होंने कर्ण मातंगी की साधना को करा, कर्ण पिशाचिनी को करा या फिर वार्ताली देवी को करा या हनुमान जी की कोई सिद्धि करी। कान में बताने वाली लगभग जितनी भी साधनाएं हैं, जिन-जिन लोगों ने करी हैं, उनको उस चीज़ के साइड इफ़ेक्ट दिख रहे हैं। मेरे को फोन कर रहे हैं कि यह साइड इफ़ेक्ट हो रहा है, वह हो रहा है। इसमें क्या साइड इफ़ेक्ट होते हैं, उसके बारे में मैं बात करूंगा।

पिछले दो-चार दिन पहले ही मेरे पास एक साधक आया था, जिसने हनुमान जी की कान में भूत, भविष्य, वर्तमान काल बताने वाली साधना को करा था। साधना बिल्कुल उसकी अच्छी चल रही थी। उसने साधना को कम्प्लीट करा। कुछ दिन बाद ही उसके कान में दर्द होना शुरू हो गया। बहुत सारे डॉक्टरों के पास उसने दिखाया, बहुत सारे टेस्ट करवा दिए और टेस्ट में कुछ नहीं आता था।

karna pishachini कान में भूत भविष्य वर्तमान बताने वाली साधना के नुकसान karna matangi vartali devi
karna pishachini कान में भूत भविष्य वर्तमान बताने वाली साधना के नुकसान karna matangi vartali devi

कान उसका दर्द करता रहता है, निरंतर कान दर्द करता रहे। बंदा दुखी होकर मेरे को फोन करता है, “गुरु जी, मेरे कान में दर्द हो रहा है बहुत ज़्यादा और बहुत सारे डॉक्टरों को दिखा चुका हूँ।” तो मैंने करी थी हनुमान जी के कान वाली साधना।

जब उसने मेरे को विधि-विधान बताया तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए क्योंकि वह विधि-विधान ही गलत था। ज़्यादातर जो लोग इंटरनेट से साधना करते हैं, उनके साथ यही होता है। एक अच्छे गुरु से मार्गदर्शन लेकर साधना करिए, फिर आपको कोई दिक्कत नहीं है।

कुल मिलाकर, फिर आगे मैंने उसका समाधान बताया। उस समाधान से उसके जो कान में दर्द होता था, जड़ से खत्म हो गया। ऐसे बहुत सारे साधक आ चुके हैं हमारे पास। कर्ण मातंगी के साधक, हर तरीके के साधक आ चुके हैं।

जिन्होंने कर्ण पिशाचिनी करी थी, एक ऐसे साधक हैं पालमपुर से, उसके कान के अंदर निरंतर ही रक्त निकलता है, खून निकलता रहता है। जब भी वह वैसे उंगली लगाता है, तो खून आता है और उसके अंदर दर्द भी होता है।

कान के अंदर कभी-कभी, जैसे वह रात को सोता है, तो कोई कान के अंदर बहुत ज़ोर से चीख मारता है। वह रात को सही से सो भी नहीं पाता है। इस तरीके से साइड इफ़ेक्ट हो रहे हैं, जो कान में साधना कर रहे हैं। कुछ लोगों के कान दर्द हो रहे हैं, खून आ रहे हैं, रात को सो नहीं पाते हैं। देखिए, तरह-तरह के साइड इफ़ेक्ट उन लोगों को हो रहे हैं।

तो इस चीज़ से बचने के लिए आपको तो मैं एक चीज़ ही बोलूंगा कि आप बिना गुरु मार्गदर्शन के कोई भी साधना ना शुरू करें, नहीं तो आपको इसी तरीके से दिक्कत आ सकती है। स्पष्ट रूप में मैं बात करता हूँ, क्योंकि ये बहुत बड़ी शक्तियां हैं।

अगर थोड़ा सा भी काम बिगड़ जाता तो कुछ लोग ज़िंदगी भर के लिए बहरे भी हो सकते हैं, चाहे वह हनुमान जी की साधना हो, चाहे वह कर्ण मातंगी की हो, चाहे वार्ताली की हो। किसी भी तरह की साधना हो, बिना गुरु मार्गदर्शन के ना करें तो बेस्ट है।

करोगे, तो फिर भाई भरोगे। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो ज़िंदगी भर के लिए बहरे हो गए। एक व्यक्ति अमन नरुला है, उसने भी कर्ण पिशाचिनी की साधना शुरू करी। मतलब अघोरी से मंत्र लेकर उसने साधना शुरू करी और अघोरी ने इसको मंत्र दे दिया, “इस तरीके से कर लो भाई।

और जैसे उसने कुछ दिन साधना करी, उसके बाद क्या हुआ, कर्ण पिशाचिनी आई और कान में उसने भयंकर सी चीख मारी, भयंकर सी चिल्लाई, फूँक मारी। फूँक मारने से क्या हुआ, ज़िंदगी भर के लिए वह व्यक्ति बहरा हो गया। आज की डेट में भी वह व्यक्ति बहरा है।

ऐसा काम कभी ना करें जिससे आपको साइड इफ़ेक्ट हो। हमेशा जो भी साधना करो, एक अच्छे गुरु के मार्गदर्शन में करो, तो ही आपके लिए सही है, नहीं तो आपको बहुत सारे साइड इफ़ेक्ट भोगने पड़ सकते हैं।

आज के लिए बस इतना ही। आप मेरे को आज्ञा दीजिए, फिर हम नए टॉपिक के ऊपर बात करेंगे।

karna pishachini sadhana पर्चा बनाने वाले बाबा इस्तेमाल करते है कर्ण पिशाचिनी साधना karna pishachini

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karna pishachini sadhana पर्चा बनाने वाले बाबा इस्तेमाल करते है कर्ण पिशाचिनी साधना karna pishachini गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज का विषय रहेगा पर्चा बनाने वाले बाबाओं को लेकर रहेगा। ठीक है, जो भी बात करूँगा, तथ्य के आधार पर करूँगा। मैंने स्वयं अपने शिष्यों को, अपने लोगों को इन बाबाओं के पास भेजा है, ठीक है, सच्चाई पता लगाने के लिए।

 ठीक है, जो सच्चाई हमें पता चली है, जो हमें नॉलेज मिली है, तो वही नॉलेज हम बताएँगे। इसके पीछे क्या ज्ञान है, क्या विज्ञान है, ठीक है, कैसे यह बाबा लोगों का बताते हैं भूत, भविष्य, वर्तमान का। ठीक है, कौन सा व्यक्ति किस काम के लिए आ रखा है, तो यह पहले ही सारा कुछ बता देते हैं। 

तो इसी टॉपिक को लेकर मैं बात करूँगा बिल्कुल एक प्रैक्टिकल वे में। ठीक है, सुनी-सुनाई बातें न तो मैं करता हूँ, न तो फिर मैं उनके ऊपर कोई यकीन करता हूँ, न तो मैं उनके ऊपर कोई post बनाता हूँ। सीधी सी बात है, प्रैक्टिकल वे में ही मैं बात करूँगा।

आज के समय में जो पर्चा बनाने वाले बाबा हैं, उनमें से बागेश्वर धाम वाले बाबा बहुत ही फेमस हो चुके हैं। ठीक है, आप सभी लोग जानते होंगे। ठीक है, बहुत ही कम समय में ये उस लेवल तक पहुँचे, जिस लेवल के ऊपर बड़े-बड़े संतों को पहुँचने के लिए कई साल लगते हैं, क्योंकि चमत्कार को ही नमस्कार है। ठीक है, इनसे भी पहले एक बाबा होते थे पर्चा बनाने वाले, पंडोखर सरकार। सबसे पहले पर्चा बनाने वाले जो बाबा थे, वो पंडोखर सरकार ही थे। ठीक है, उनके बाद यह कई साल बाद ही यह बागेश्वर धाम वाले बाबा आए, उनसे पहले पंडोखर सरकार थे।

पंडोखर सरकार की मैं सच्चाई बताऊँगा कि क्या है सिस्टम, उसके बाद फिर हम इस विषय के ऊपर चर्चा करेंगे। देखिए, जो पंडोखर सरकार का चलन बहुत ज़्यादा था 2014 के करीब। ठीक है, उस समय हमने एक अपने शिष्य को उस बाबा के पास भेजा। 

ठीक है, उस बाबा के पास पहुँचने के लिए भी आपको 2100, 5100, 21000 की पर्चियाँ लगती हैं। कौन सी पर्ची आप कटवाना चाहते हो, वो कटवाओ। ठीक है, उसके बाद आपका नंबर आएगा। तो हमारा जो शिष्य था, वह समर्थ था 21,000 की पर्ची लेने में, इसीलिए उसने 21,000 की पर्ची ली। ठीक है, सामने ही बाबा के होटल भी थे। 

कोई व्यक्ति अगर होटल में रहना चाहे, तो वहाँ कमरे लेकर रह सकता है। कहने का मतलब पक्का बिज़नेस उनका चलता था इस तरीके से। जिसको होटल में नहीं रहना है, एक हॉल होता था बहुत बड़ा, हॉल के अंदर लोग सो जाते थे। ठीक है, तो ये कहानी थी पंडोखर सरकार की।

उसके बाद होता क्या है कि 21,000 की पर्ची लेकर वो हमारा शिष्य वहाँ पहुँचा और बाबा ने उनको बुलाया। बाबा ने बोला कि तुम्हारे पिता का नाम यह है, चाचा का नाम यह है, साले का नाम यह है, सारा खानदान का हिस्ट्री बता दिया। इस मन, इस कामना के लिए आए हो, इस सवाल के लिए आए हो।

 ठीक है, उन्होंने बोला, चलो ठीक है, लेकिन आप मेरी समस्या बताओ और उसका समाधान बताइए। ठीक है, भविष्य में मैं क्या करूँगा, उसके बारे में बताएँ। तब बाबा के क्रोध की कोई सीमा नहीं रही। बाबा क्रोधित हो गए, बोले कि उसको बाहर ले जाओ।

 ठीक है, उस व्यक्ति ने बोला कि मैंने ₹21,000 दिया है, ठीक है, और अपने सवालों का जवाब जाने बिना मैं नहीं जा सकता। फिर उसको बाहर भेज दिया गया, तो बाहर उनका शिष्य बैठा था, बोला ₹51,000 दीजिए, तब आगे की बात पता चलेगी। तो ₹51,000 एक व्यक्ति ने वहाँ पर दिया था। ठीक है, उससे जब रिव्यू पता किया गया कि क्या है, इसके बारे में उसने बताया कि बाबा भविष्य बताने में टाल-मटोल कर जाते हैं।

 ठीक है, भूतकाल और वर्तमान काल का खूब बताते हैं। ठीक है, और जैसे कोई समस्या के बारे में पूछा जाए, तो बता देते हैं, पर उसका समाधान बताने में सक्षम नहीं। तो वहीं पर ही हम समझ गए कि इनके पास कोई भी दैवीय शक्ति नहीं, क्योंकि दैवीय शक्ति भूत, भविष्य, वर्तमान, तीनों काल की जानकारी देने में समर्थ होती है। पर जो इनके पास है, केवल भूतकाल और वर्तमान काल। ठीक है, इससे आगे और कुछ नहीं है।

तो फिर हमें इस चीज़ का पता चला कि यह तो भूत-प्रेत पकड़ के बैठे हैं, उसके ज़रिए ही अपने सवालों के जवाब हासिल करते हैं। इन बाबाओं के पास कोई भी दैवीय शक्ति नहीं है।

 ठीक है, ये जो साधनाएँ ज़्यादातर बाबा करके बैठते हैं, ठीक है, तो इसी तरीके की करके बैठते हैं। अच्छा, वह बाबा स्वयं सीएम पद के लिए उस बाबा ने टिकट ली थी, ठीक है, इलेक्शन में भी खड़े थे। बाबा बुरी तरीके से हार गए और ज़मानत तक ज़ब्त हो गई। 

जब यह चीज़ मीडिया के माध्यम से और बहुत सारे लोगों को पता चली, तो बहुत सारी पब्लिक बाबा से टूट गई। तो लोग बोलते थे कि अगर बाबा को खुद का भविष्य नज़र नहीं आता है, तो लोगों का भविष्य क्या देखेंगे। ठीक है, खुद को तो इलेक्शन जिता नहीं पाए, लोगों की समस्या कैसे दूर करेंगे?

 अपनी समस्या तो दूर हुई नहीं। ठीक है, अब तो इलेक्शन जीत नहीं पाए। ठीक है, अगर बाबा के पास वाकई शक्ति थी, तो भविष्य के माध्यम से देख लेते कि वह जीतना है या उसको हारना है। ठीक है, कम से कम जो ज़मानत थी, वो ज़ब्त नहीं होती। 

ठीक है, दूसरी चीज़, इज़्ज़त तो बच जाती। अब समाज में इज़्ज़त भी गई, पैसा भी गया। उसके बाद बाबा की जो लोकप्रियता थी, बहुत ही कम हो गई, नाम मात्र ही लोग जानने लगे।

तो यह सच्चाई होती है। जितने भी यह बाबा होते हैं, यह केवल छोटी-मोटी शक्तियाँ ले बैठते हैं और लोगों को बताते हैं। इनके पल्ले कुछ नहीं है। इनको भविष्यवक्ता हम नहीं बोल सकते, एक तरीके से मदारी बोल सकते हैं कि मदारी जैसे तमाशा दिखाता है, तो उसके माध्यम से ये केवल तमाशा दिखाकर पैसा इकट्ठा करते हैं, मदारी की तरह। 

ठीक है, इनके पास न तो कोई शक्ति है, न तो कोई सिद्धि है, जो त्रिकाल ज्ञान दे सके। जो व्यक्ति त्रिकालदर्शी बन जाता है, तो अपने आप में वह शांत हो जाता है। ठीक है, क्योंकि उसको कर्मचक्र के बारे में, कर्म चक्र का रहस्य पता चल जाता है, उसको अंदर से ज्ञान हासिल हो जाता है, तो ऐसे वो मदारीगीरी वाले काम करके पैसा इकट्ठा नहीं करता है। 

जो बर्तन खाली होता है, उसी में ही ज़्यादा आवाज़ आती है। जो बर्तन भरा हुआ होता है, वह कभी आवाज़ नहीं करता है। तो यह बाबा बस सिर्फ और सिर्फ कुछ भूत-प्रेत को कैद करके, कोई कर्ण पिशाचिनी को करके बस बताते हैं और इनके पल्ले कुछ है ही नहीं।

कुछ और भी बाबा आ रहे हैं, जो बताते हैं। अच्छा, एक चीज़ इनकी और भी है, ये कुछ ही लोगों का बताते हैं। ठीक है, बहुत सारे ऐसे लोग हैं, उनको बता ही नहीं पाते। लोगों के मन में डाउट भी खड़ा होता है कि यह हर किसी को क्यों नहीं बताते। ठीक है जी, उनके कुछ आदमी हैं, तो उनका ही बताते हैं। 

ज़्यादा पोल तो मैं इस वीडियो के अंदर नहीं खोलूँगा। आपको पता है कि एक लेवल तक की ही बात करूँगा। ठीक है, इन बाबाओं के चक्कर में आप पैसा वेस्ट मत करिए, टाइम वेस्ट मत कीजिए। ठीक है, ये कोई भी ऐसे सिद्ध साधक नहीं हैं, ये सिर्फ मदारी हैं। 

मदारी ही बोलो आप। ठीक है, मदारी और साधक में फ़र्क होता है। साधक वो होता है, जो अपनी सिद्धियों का कभी भी प्रदर्शन नहीं करता है और प्रदर्शन करके लोगों से पैसा इकट्ठा नहीं करता है। जो मदारी होता है, अपनी हाथ की कला दिखाता है या अपनी स्किल दिखाता है, उससे पैसा इकट्ठा करता है।

 तो ये साधक नहीं हैं, ये एक नंबर के, हम बोल सकते हैं कि, मदारी हैं, केवल मदारीगीरी करते हैं, तो उनके पल्ले और कुछ है ही नहीं। ठीक है, तो आप यह बात आप समझ गए होंगे। तो आज के लिए बस इतना ही। ठीक है, अगर कोई आपका डाउट है या सवाल है, तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं। ठीक है, जय श्री महाकाल।

karna pishachini sadhna कर्ण पिशाचिनी साधना का सच विस्तार सहित जानकरी karna pishachini sadhna

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गुरुमंत्रसाधना.कॉम में आपका हार्दिक स्वागत है। देखिए, जो आज का टॉपिक रहने वाला है, वह कर्ण पिशाचिनी साधना के सच के बारे में रहेगा। बहुत सारे लोग प्रश्न पूछते हैं कि कर्ण पिशाचिनी जो है, उसको करने के बाद जीवन में क्या होता है?

देखिए, अगर आप कर्ण पिशाचिनी कर रहे हैं, ठीक है? सबसे पहला ज़िंदगी में बदलाव यही होगा कि आप वर्तमान और भूतकाल की जो ख़बर है, आपको पता चल जाएगी। ठीक है? वर्तमान में क्या चल रहा है और भूतकाल में क्या हो चुका है?

इतनी ही ख़बर होगी। बस इससे ज़्यादा और कुछ नहीं। ठीक है? तो इस इन्फ़ॉर्मेशन से आप कर क्या सकते हैं? ठीक है? आप अपना भूतकाल जान सकते हैं कि भूतकाल में कौन सी ऐसी ग़लतियाँ मैंने करी हैं जो आज का जो वर्तमान है, वह ख़राब हो चुका है। तो ये चीज़ आप जान सकते हैं इससे। ठीक है?

दूसरी चीज़, जिन लोगों को थोड़ा लोगों के बीच में फ़ेमस होना है, ठीक है? जैसे बागेश्वर धाम वाले बाबा हैं, तो उस तरीक़े से भी आप फ़ेमस हो सकते हैं। ठीक है? तो यह फ़ायदा है। उसके बाद इसका और यह फ़ायदा है कि जैसे बड़े से बड़े जो महापुरुष हैं या कोई व्यक्ति है जो किसी भी चीज़ का जानकार है, उसके बारे में भी आपको बता देगी।

फ़लानी जगह के ऊपर फ़लाना जानकार व्यक्ति बैठा है तो आप उससे नॉलेज ले सकते हैं। तो केवल इतनी ही जानकारी बताएगी। ठीक है? कर्ण पिशाचिनी के क्या लाभ हैं, इसके बारे में अलग वीडियो फिर बनाऊँगा। तो ये चीज़, यह जानकारी केवल आपको बताती है – भूतकाल और वर्तमान काल। ठीक है?

फिर उसके बाद क्या है? जैसे कि आपने इसको कर लिया, ठीक है? अब जिसको मदारीगीरी वाले काम करने हैं, तो मैं उसको मदारी ही बोलता हूँ जो लोगों के बीच में चमत्कार दिखाता है, पर्चा बनाता है और लोगों से फिर पैसे ऐंठता है या ठगता है।

तो वह मदारी से कम नहीं है। वह साधक नहीं, वह मदारी है। जिसको मदारीगीरी वाले काम करने हैं, तो उसके लिए भी यह चीज़ बेस्ट है। वह कर सकता है।

इससे ज़्यादा और कुछ नहीं है। ठीक है? यही इसका सत्य है। ठीक है? अगर आप बोलोगे मैं सट्टा जान जाऊँगा, बिल्कुल नहीं जान पाओगे। लॉटरी का नंबर पता चल जाएगा, शेयर मार्केट का पता चल जाएगा, कुछ नहीं पता चलेगा। ठीक है ?

ये सब बकवासबाज़ी चीज़ें हैं। ठीक है? इतना ही जान पाओगे केवल। ठीक है? इससे ज़्यादा और कुछ नहीं। अगर यह इन्फ़ॉर्मेशन आपके लिए पर्याप्त है, तो आप यह कर्ण पिशाचिनी की साधना ज़रूर करिए। ठीक है?

जो भविष्य जानने वाली साधना होती है, वो उच्च स्तर की साधना होती हैं। यह थोड़ी निम्न स्तर की साधना होती है। ठीक है? उच्च स्तर की साधना होती है, वो भविष्य भी बताती है।

तो भविष्य बताने वाली साधनाएँ कौन सी हैं? तो उसमें पंचांगुलि महाविद्या है, कर्ण मातंगी है। ठीक है? तो यह कुछ साधनाएँ ऐसी हैं जो भविष्य बताती हैं।

भूतकाल तो बताएंगी, साथ में भविष्य भी बताती हैं। जो निम्न कोटि की साधना होती है, या तो भूतकाल बताती है या भूतकाल के साथ वर्तमान काल बताती है। इससे ज़्यादा और कुछ नहीं। ठीक है?

आपको दूसरी चीज़ यह है, धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी, समाज में सम्मान मिलेगा। ठीक है? जो भौतिक सुख चाहते हो, तो वह सब मिलेंगे। ठीक है? पर दूसरा सत्य यह भी है, ठीक है? अगर आप इसको करते हैं, तो शक्ति के विसर्जन करवाने वाला व्यक्ति भी चाहिए होगा।

अगर नहीं मिलता है, तो आपकी ज़िंदगी में बहुत ही बड़ी दिक़्क़त होने वाली है। ठीक है? तो जिस व्यक्ति से आप दीक्षा लीजिए, गुरु दीक्षा लो, ठीक है? कर्ण पिशाचिनी साधना की, तो उसी से ही आप इसके विसर्जन की भी विधि पूछ लो।

किस तरीक़े से विसर्जन होगा और उन गुरु से बोलो कि जब भी विसर्जन करना होगा, तो आप ही करिएगा। ठीक है? इस चीज़ का भी वचन लो आप। ठीक है? तो अपनी ओर से पूरी सेफ़्टी के साथ चलना। नहीं चलोगे तो भाई आपकी गति करवाने वाला कोई व्यक्ति नहीं होगा।

फिर आप भी पिशाच बनोगे फिर। तो यह रियलिटी मैं बता देता हूँ। तो पूरी सेफ़्टी के साथ ही चलना।

दूसरी चीज़, यह सात्विक, सौम्य तरीक़े से भी कर सकते हैं और तामसिक, वाममार्गी, अघोर तरीक़े से भी की जा सकती है। ठीक है? अब आपको ये चीज़ देखनी है। ठीक है? यह इतनी आसान भी नहीं होती है। जिस तरीक़े से लोग बोलते हैं यह भी कर लोगे, यह होगा, वह होगा, इतना आसान नहीं है।

अगर रियलिटी देखें तो बताती है बहुत कुछ, तो उस लेवल तक आपको नहीं बताएगी। एक लेवल तक की ही बातें पूछ सकते हैं। ठीक है? तो ये होता है इसके अंदर सिस्टम। अगर आप इतने में संतुष्ट हैं भूतकाल और वर्तमान काल से, तो आप इसको ज़रूर करिए। ठीक है?

वैसे तो मैं रिकमेंड यही करता हूँ, आप पंचांगुलि महाविद्या की साधना कर लीजिए। बिल्कुल सात्विक विषय है और आपको भूत, भविष्य, वर्तमान काल की तो जानकारी बताएगी, साथ में आपके अंदर वह ज्ञान पैदा हो जाएगा। फिर आप शांत हो जाओगे।

मदारीगीरी वाले काम करोगे नहीं। जिसको त्रिकालदर्शी हो जाता है, तो वह मदारीगीरी वाले काम नहीं करता है जो आज की डेट में बाबा लोग कर रहे हैं।

तो उनको बहुत बार पूछा गया एक ही सवाल, मदारियों को, कि “मदारियों, जो दुनिया के अंदर घटनाएँ हो रही हैं, ठीक है? उसको तो आप बता के रोक सकते हो, क्यों नहीं रोकते?” तो मदारियों के पास कोई सवाल नहीं है, सवाल का कोई जवाब नहीं। ठीक है?

कुछ मदारी बोलते हैं कि भाई भगवान का जो सिर्फ़ लिखा है, तो उसको हम मिटा नहीं सकते भाई। ठीक है? फिर आप लोगों का जो भगवान ने लिखा है, लोगों की ज़िंदगी में दुख, तो वो क्यों मिटा रहे हो आप? ठीक? तो ये मेरा मदारियों से सवाल है। जो मदारीगीरी करके पैसा कमाते हैं, तो उनसे यही सवाल, तो आप बताओ। ठीक है?

तो इससे भी आप लोगों के कर्मों में विघ्न-बाधा उत्पन्न कर रहे हो, उनके कष्टों को हर रहे हो। ठीक है? पता नहीं हरते हैं या नहीं हरते, जैसा उनका दावा है। ठीक है? क्या वह चीज़ फिर ग़लत नहीं है? उसमें भी कर्म-चक्र डिस्टर्ब होता है। ठीक है?

तो जो यह सवाल मैंने पूछा, तो आप उनसे पूछो, जो मदारीगीरी करके पैसा इकट्ठा करते हैं, पर्चा बनाते हैं, तो उनके पास कोई सवाल नहीं होगा। क्योंकि यह निम्न कोटि की सिद्धियाँ लेके बैठे हैं। बताते यह हैं कि हनुमान जी की सिद्धि कर रखी है। यह सरासर झूठ है और लोगों के साथ धोखा है। ठीक है?

कर रखी है तो बताओ भविष्य भाई किसी का भी। भविष्य बताने की इनकी औक़ात नहीं है। ठीक है? भविष्य बता पाते तो इनका जो पंडोखर सरकार है, वह तो सीएम के पद की कुर्सी के ऊपर हार गया। उसको पता चलता तो वह भविष्यवक्ता होता, तो अपने ज़मानत का पैसा बचा लेता और समाज में जो इज़्ज़त है, वह भी बच जाती।

समाज में इज़्ज़त भी गई और लोगों के सामने पोल भी खुल गई। इसके पल्ले कुछ नहीं है। अब कोई नहीं पूछता। बहुत कम लोग आते हैं। ये क्या है? तो भाई ये सिस्टम है। ये सब, यह मदारी हैं। तो मदारियों से आप सावधान रहें। साधक कहलाने का इनका हक़ नहीं है। ठीक है? केवल यह मदारी रहे।

अब इतिहास उठा के देख लो। क्या भगवान शिव ने ऐसे जाके चमत्कार दिखा के लोगों से पैसा इकट्ठा किया? नहीं किया भाई। ठीक है? तो किसी भगवान ने भी चमत्कार दिखा के लोगों से पैसा नहीं ठगा, ना ही हमारे जो ऋषि-मुनि हैं, तो उनकी ऐसी परंपरा रही है कि लोगों का पर्चा बना के और उनका भविष्य बताकर उनसे पैसा ठगना।

आज तक किसी ऋषि-मुनि ने ऐसे काम नहीं करे। वही लोग करते हैं जो आज के कलियुगी मदारी हैं। वो अपने आप को ऋषि, ब्रह्मर्षि बोलते हैं। भाई, ऐसे लोगों से सावधान रहें। ठीक है? जो चीज़ हमारे पूर्वज नहीं करते हैं, तो वही चीज़ अगर कोई दूसरा करेगा और सनातन धर्म का नाम ख़राब करेगा, तो ऐसे लोगों को हम नहीं छोड़ेंगे। ठीक है? ऐसे लोगों के पास जाने वाले लोग भी बेवकूफ़ हैं। तो आज के लिए बस इतना ही। जय श्री महाकाल।

karna pishachini sadhna कर्ण पिशाचिनी साधना के नुकसान विस्तार सहित बात करेंगे ph 8528057364

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karna pishachini sadhna कर्ण पिशाचिनी साधना के नुकसान विस्तार सहित बात करेंगे ph 8528057364 गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है आज का जो हम हमारा विषय है वह है कर्म पिशाचनी साधना के नुकसान वैसे तो साधना के किसी भी प्रकार का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है

आप कोई भी साधना कर लो कोई उसका साइड इफेक्ट नहीं कुछ नहीं लेकिन कोई साधना अगर गुरु बिना किसी गुरु दीक्षा के या बिना किसी गुरु मार्गदर्शन से की जाए तो उसके बहुत सारे साइड इफेक्ट हो सकते हैं बहुत सारे होते हैं साइड इफ़ेक्ट तो उसी तरीके से मैं आपको बताने वाला हूं कर साधना क्या नुकसान है ठीक है

क्योंकि ऐसे हमारे पास बहुत सारे कॉल आते हैं डेली बेसिस के ऊपर कि हमें यह हो गया वह हो गया अगर आपको साइड इफेक्ट पता होंगे तो तब आप थोड़ा सोच के काम करोगे सोच समझ के तब बंदे का जो माइंड है वह रेडी हो जाता है

उन चीजों को करने के लिए देखिए जब भी आप साधना करिए तो एक चीज मैं आपको बताता हूं आपके इष्ट देव की कृपा होना अति अनिवार्य है चाहे कोई भी आप साधना करें इष्ट देव की कृपा होगी तो वह बीच में आके आपकी रक्षा कर देगा नहीं तो दूसरी शक्ति आपकी वाट लगा देगी गलती हो गई तो भी या आपने कुछ गलती से भी कुछ भी कर दिया

वहां पर बाट लगा देगी शक्ति तो पहली बात यह है इष्ट देव की कृपा आप हासिल कर लो उनकी आराधना कर लो वो बीच में आपके खड़े हो जाए ठीक है इष्ट देव की ऐसी कृपा होनी चाहिए वह आपकी सुरक्षा भी करें इष्टदेव वह होने चाहिए जिसके ऊपर आपकी श्रद्धा है श्रद्धा है विश्वास है किसी के कहे मुताबिक सुनी सुनाई बातों से इष्ट नहीं बनाना चाहिए

इसके ऊपर आपका विश्वास है श्रद्धा है उसी को ही इष्ट बनाइए आप ठीक है फिर आप करो हर उनकी साधना फिर आपके जो इष्ट देव हैं आपकी रक्षा करेंगे क्योंकि ऐसा ही एक मेरे पहचान में एक मेरे साथी है जो साधना वह करते थे किसी ने उनको ऐसी साधना बता दी प्रेत की साधना कर लो आप बिना किसी गुरु मार्गदर्शन के उन्होंने शुरू कर दी जैसे उन्होंने शुरू करी वह तो प्रेत उनके सामने आ गया और उनके जो इष्ट देव है

karna pishachini sadhna कर्ण पिशाचिनी साधना के नुकसान विस्तार सहित बात करेंगे ph 8528057364
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वह भी आ गए तो इष्ट देव ने उनको रोका नहीं तो प्रेत उनको मार ही देता तो इसीलिए मैं आपको चीज बोलता हूं जब भी आप कोई साधना करें आपकी इष्ट देव की कृपा होना अति अनिवार्य है साथ में गुरु की कृपा तो चाहिए साथ में इष्ट देव की भी चाहिए गुरु गोरखनाथ जी ने स्वयं शंकर जी की तपस्या करी है उनकी कृपा हासिल करी है ठीक है वो भी उनकी कृपा से ही चलते थे जो मछेंद्र नाथ जी थे उन्होंने बोला कि आप तपस्या करो शिव जी की ठीक है

 

उनकी कृपा हासिल करो मैं यह नहीं बोलता हूं कि आप भी शिव जी की करो जिसको आप मानते हो उनकी आप भक्ति करो तपस्या करो तपस्या भी करने की जरूरत नहीं भक्ति करो साधना करो और उनसे आप यह गुहार लगाओ हर समय आपको ही मेरी सुरक्षा करना है और फिर विश्वास भी रखो कि यह मेरी सुरक्षा करेंगे ऐसा विश्वास मन के अंदर होना चाहिए तब फिर आप कोई साधना में आगे बढ़ो चलो मैं आगे बढ़ता हूं अब इन साधनाओं के नुकसान के कारण पिछा इतनी साधना की देखिए सबसे पहला जो नुकसान है ठीक है

जो हाई लेवल का नुकसान होता है लोगों को कुछ लोगों को होता है सबको नहीं होता है ठीक है नुकसान यह होता है कि जब कर्ण पिशाचनी आपकी बिगड़ती है ठीक है बिगड़ने का पर्पस यह है कि जैसे कर्ण पिशाचनी आपसे नाराज है या आपने बड़ी गलती करी है तो फिर होगा क्या कर्ण पिशाचनी साधना के दौरान आएगी और कान में भयंकर आवाज मारेगी कूक  मारेगी

जिससे कान के पदे फट जाएंगे और कान से रक्त बहना शुरू हो जाएगा ये सबसे कम नुकसान होता है कम लोगों को होता है पर होता है एक कॉमन नुकसान और देखा गया जो सबसे ज्यादा पाया गया लोगों के बीच में कानों में शाश की आवाज आती है हल्की हल्की सी रहती है

कानों में आवाज आती रहती है आती रहती है लगातार डॉक्टरों से इलाज करवाते हैं कोई ट्रीटमेंट लेते हैं कोई फायदा ही नहीं मतलब जो 90% लोगों के बीच में पाई जाती है एक प्रॉब्लम और होती है वो कान के अंदर दर्द होना लगातार दर्द उठता है बार-बार दर्द उठता है

अब कोई डॉक्टरों से ट्रीटमेंट कराते हैं रिपोर्ट बिल्कुल ओके कुछ नहीं आता है डॉक्टर को कुछ समझ में नहीं आता वो एक गोली दे देता है पेन किलर दे देता है पेन किलर धीरे-धीरे खाने से आपके जो लिवर है उसके ऊपर किडनियों के ऊपर इफेक्ट पड़ता है तो यह प्रॉब्लम भी मेन देखी गई है

एक व्यक्ति तो ऐसा मेरे पास राजस्थान से व्यक्ति आया बोला कि मैंने साधना करी थी एक हनुमान जी की जिसमें हनुमान जी कान में भूत  भविष्य वर्तमान काल बताते हैं 

उस व्यक्ति ने उस साधना को शुरू करा कुछ दिन तक साधना करी उसने पूरी कंप्लीट कर ली फिर भी उसको कोई रिजल्ट नहीं मिला अच्छा एक चीज और होती है जब भी आप कोई साधना करते हैं

दैविक साधना करते हैं तो उसका अधिकारी होना बंदा बहुत जरूरी है आप किसी साधना के अधिकारी नहीं है आपके पास अथॉरिटी नहीं है कि वह आप साधना कर सको तो उसके साइड इफेक्ट भी देखे गए हैं इसीलिए उस बंदे ने वह साधना करी तो जिंदगी भर उसके कान में दर्द होता रहा फिर उसने मेरे को कॉल करा

फिर मैंने उसको आगे का मार्गदर्शन करा इस तरीके से कर तुम्हारा जो दर्द है खत्म हो जाएगा उस तरीके से करा उसने दर्द बिल्कुल खत्म तो कोई भी अगर आप दैविक साधना करते हैं तो उसमें आपका अधिकारी होना बहुत जरूरी है उस साधना से आप अधिकारी नहीं होते फिर भी आप करते हैं तो वह चीज भी गलत है ठीक है तो ये चीजों का आप खास ख्याल रखें जो मैंने आपको बताई है बिना गुरु दीक्षा के ना करें अगर आपकी कर्ण पिशाचिनी बिगड़ चुकी है

कोई भी कान में बताने वाली शक्ति बिगड़ चुकी है तो आप मेरे को कांटेक्ट कर सकते हैं समाधान पाने के लिए ठीक है तो ज्यादातर लोगों को कानों की समस्या आती है सो नहीं पाते हैं रात भर में चीजें चिल्लाती है करन बिछाने की साधना करोगे तो चिल्लाएगी कान के अंदर ठीक है बुरे सपने आते हैं बहुत ही डरावनी स्थितियां नजर आती है ठीक है

समझ लो कि यह आपके बिगड़ चुकी है इसीलिए क्या है जब भी आप साधना करो गुरु के मार्ग से करें इसको आप बुलाओगे तो वह तो चीज आएगी ही आएगी आप उसको रोक नहीं सकते ठीक है वो बिना विधि विधान के करोगे तो साइड इफेक्ट भी होगा ठीक है

लोगों की रातों की नींद उड़ जाती है आज के लिए बस इतना ही कोई सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं नंबर दे रखा है उसके ऊपर फोन कर सकते हैं जय श्री महाकाल 

SWAPNA VARTALI DEVI स्वप्न वार्ताली देवी साधना भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी ph. 8528057364 

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SWAPNA VARTALI DEVI स्वप्न वार्ताली देवी साधना भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी नमस्कार  आज मैं आप लोगों को स्वप्न वार्ताली  देवी की साधना के बारे में बताओ सपने में आकर आपसे बात करने वाली देवी आपके सवालों का जवाब देने वाली देवी के बारे में मैं आपको ऐसी साधना बताऊंगा। 

आम आदमी भी संपन्न कर सकता है यह साधना वाकई में स्वयं सिद्ध है कोई भी स्त्री हो या पुरुष साधना को सिद्ध कर सकता है। साधना मैं आपको कोई ज्यादा सामग्री की आवश्यकता भी नहीं है।  केवल 21 दिन की है साधना है, हर इंसान रोज सुबह जब उठना है, तो कई सपने लेकर वह उठ है रात में जो सोता है। 

तो कई सपनों के साथ कई उम्मीद के साथ सोता  है। हर एक सवाल जो उसके मन में चलता है सोचो कि अगर वह सवाल सोच कर सोए और उसका जवाब उसको मिल जाए तो वह इंसान के लिए कितना सपना देखना तो आदमी का हक है।  लेकिन सपना जो वाकई में सपना देखते हैं।  कुछ सपने तो हमें याद अंकुश अपने हम भूल जाते हैं। 

इंसान के कर्म के अनुसार इंसान को फल मिलता है। लेकिन कुछ ऐसे सवाल जिसका जवाब  सोने के बाद जब आप उठोगे तो आपको मिलेगा। 

मैंने कहा ना के सपने कुछ याद रहे थे कुछ भूल जाते हैं। लेकिन जो देवी आपके आकर कानों में बताएगी।  वह सपने उसका जवाब आपको वाकई में याद रहेगा। यह साधना करने के लिए जो सामग्री की आवश्यकता है। वह एक तांबे का लोटा  है और एक बताशा गुलाब का फूल

या आप मुस्लिम तंत्र से करना चाहते वह चिराग किसी भी पीर के नाम पर आप जलाकर रख सकते हैं या वह दिया जो आप जलाएंगे आप स्वप्न वर्तनी देवी के नाम से भी जला कर रख सकते हैं

हिंदू या मुसलमान कोई भी  कर सकता है मैंने पहले कहा था कि धर्म कोई मायने नहीं रखता विद्या सबसे बड़ी चीज है अब इसका नियम क्या है मैं आपको बता दो जब भी आप कोई साधना करें तो आप ब्रह्मचर्य का पालन करें मांस मच्छी मटन अंडा शराब शारीरिक संबंध तंबाकू गुटखा सिगरेट आदि से दूर रहे  कोशिश यही करें

आपकी साधना इतनी जल्दी पूर्ण होगी यह देवी आपको सपने में आकर आपके सवालों का जवाब देगी जैसे किसी की शादी नहीं हो रही है क्यों नहीं हो रही है बीमारी का इलाज गुमसुधा की तलाश किसी भी प्रश्न का उत्तर या किसी भी प्रेमी प्रेमिका के मां के सवाल कि वह प्रेमी मुझसे प्यार करता है या नहीं या प्रेमिका मुझसे प्यार करती है या नहीं जो वाकई में जायज है जरूरी है

अगर आपने कोई गलत इरादा रख कर सवाल पूछा कि मैं धनी हो जाऊंगा मैं करोड़पति बन जाऊंगा मैं लखपति बन जाऊंगा क्या या कोई ऐसा क्या वह स्त्री मुझे मिल जाएगी या इस तरह की कोई भी मन में अगर आपके गंदे विचार रख कर सवाल किया देवी हमसे ज्यादा दुनिया को जानती है

उसको कहां सवाल देना है कहां जवाब देना है वह उसका जवाब आपको जरूर मिलेगा लेकिन गलत कामों के लिए कभी कोई शक्ति जवाब नहीं देती इसका मंत्र है

आप याद कर लीजिए आपको एक किस दिन तक रोज रात में सोने के वक्त जब आप पूरी तरह से थक जाते हैं औरतें भी कुछ अपने घरों का काम ऑन करके थक जाती है तो फिर आपको साधना कर सकती है और आदमी तो एक मशीन की तरह पार्ट्स बन चुका है जिंदगी की अपनी आजीविका अपने जीवन को चलाने के लिए रोज सुबह उठना है अपने काम की तरफ दौड़ पड़ता है दिन भर की थकान फिर वापस घर पर आना उसके बाद यह साधना वह कर सकता है 

हर आदमी अपने जीवन को चलाना चाहता है कई समस्याओं से कई परेशानियों से उलझ रहा है मन में उठे सवालों का जवाब अगर मान लो कोई रात में जाकर उसके स्वपन में मिल जाए  कितनी बड़ी बात है उसके लिए हर सवालों का जवाब हो केवल छोटी सी साधना है 

SWAPNA VARTALI DEVI mantra स्वप्न वार्ताली देवी मंत्र 

ओम ओम ओम स्वपन वार्ताली माता
सरभंग की चेली चौरासी जोगीनी बावन
भैरव का नाम ले स्वपन मे आये
सात समुंद्र को पार कर आये चारो युगो की
खबर लाये पोखरा पानी की खुसबु हाजीर हो
जाये जो लिखा है मन की बात वचन देकर पुरी करें
बात दुहाई दुहाई दुहाई गुरू गोरखनाथ की
हाजीर हो हाजीर हो हाजीर हो

स्वप्न वार्ताली देवी मंत्र साधना विधि 

SWAPNA VARTALI DEVI स्वप्न वार्ताली देवी साधना भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी ph. 8528057364 
SWAPNA VARTALI DEVI स्वप्न वार्ताली देवी साधना भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी ph. 8528057364

 

रोज रात में नहा धोकर  होकर सोना है एक मिट्टी का चिराग एक ही रख कर सरसों का तेल डालकर उसे जलाए थोड़ी ऊंचाई पर रख दे आप कमरे में थोड़ा हल्का अंधेरा करके सो सकते हैं आपको अपने सर के पास तांबे का लोटा रखना होगा उसके अंदर एक बताशा रखना होगा और एक गुलाब का फूल नया ताजा गुलाब का फूल आपको उसमें रखना होगा सो जाएगी लेकिन सोने से पहले आपको यह मंत्र 128 बार पढ़ कर सोना है पढ़ कर सोना है

 लोते  को ऐसा हाथ लगाकर अपने हाथों में लेकर पढ़ना है अपने बिस्तर पर बैठकर आपका बिस्तर भी पाक साफ होना चाहिए जिस पर आप सोए क्योंकि आपको यह साधना अपनी जगह पर ही बैठकर करनी जहां पर आप सोएंगे वह जगह आप साफ सुथरा रखें स्वच्छ रखें तो अगरबत्ती जरूर जलाएं रोज रात में मंत्र मैं आपको बता देना चाहता हूं आप इसे याद कर ले पहले

21 दिन तक करनी है और रोज 128 बार मंत्र पढ़कर उसे लोटे में फूंक कर  को सिर  के पास रख के सो जाएं 21 दिन के बाद जब आपका यह साधना पूरी हो जाएगी उसके बाद अब आपके साधन सिद्ध हुई या नहीं हुई उसके बारे में हम बात करते हैं

 साधना को आप कैसे करें आप 22 व दिन छोड़ दे 23 दिन इस लॉट के अंदर गुलाब का फूल रखे एक बताशा एक सफेद रंग का कागज ले ले उसे पर गुलाब का अतर  लगा ले और एक गुलाब का फुल अंदर रख दे 

उसका आवेश पर जो लिखना पेन से सवाल लिख दीजिए और सवाल आपके दिमाग में आ जाएगा जवाब आपको मिल जाएंगे उसके बाद आप कोई भी सवाल का जवाब चाहे तो पूछ सकते हैं