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चंद्र ग्रहण 2025: तंत्र साधना के लिए एक अद्भुत अवसर | Chandra Grahan 2025: Tantra Sadhna ke liye ek Adbhut Avsar
चंद्र ग्रहण 2025: तंत्र साधना के लिए एक अद्भुत अवसर | Chandra Grahan 2025: Tantra Sadhna ke liye ek Adbhut Avsar
अरे यार, क्या आपने कभी सोचा है कि आकाश में होने वाली घटनाएँ, जैसे कि चंद्र ग्रहण, हमारे जीवन पर कितना गहरा असर डाल सकती हैं? जी, मैं बात कर रहा हूँ आने वाले चंद्र ग्रहण 2025 की। देखो, यह सिर्फ एक खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि साधकों के लिए, मतलब जो लोग तंत्र-मंत्र और साधना की दुनिया में हैं, उनके लिए यह एक बहुत ही पावरफुल, यानी शक्तिशाली समय होता है। भाईसाहब, इस समय की एनर्जी, यानी ऊर्जा इतनी ज़्यादा होती है कि सही तरीके से की गई साधना का फल कई गुना होकर मिलता है।
तो चलिए, आज हम इसी रहस्यमयी टॉपिक पर गहराई से बात करते हैं। हम जानेंगे कि 2025 में चंद्र ग्रहण कब है, इसका सूतक काल क्या होगा और सबसे ज़रूरी बात, इस दौरान कौन सी तंत्र साधनाएं की जा सकती हैं। क्या कहते हो? मज़ा आएगा न?
चंद्र ग्रहण: तारीख और समय | 2025 ka Chandra Grahan: Date aur Time
अच्छा तो, सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि ग्रहण लगने वाला कब है। तो भाई, साल 2025 में एक नहीं बल्कि दो चंद्र ग्रहण होंगे, लेकिन हमारे लिए जो सबसे महत्वपूर्ण है, वो है पूर्ण चंद्र ग्रहण, जो पूरे भारत में दिखाई देगा।
पहला चंद्र ग्रहण (आंशिक): 14 मार्च 2025 – यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
दूसरा चंद्र ग्रहण (पूर्ण): 7-8 सितंबर 2025 – अरे वाह भई, यह है असली मौका\! यह एक टोटल लूनर एक्लिप्स, यानी पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। जरा सोचो, यह पूरे भारत में दिखाई देगा और इसी का आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व सबसे ज़्यादा है।
पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) 7-8 सितंबर 2025 का पूरा टाइम-टेबल
ग्रहण शुरू होने का समय: 7 सितंबर, रात लगभग 8:58 PM (IST) आंशिक ग्रहण शुरू: 7 सितंबर, रात 9:57 PM (IST) पूर्ण ग्रहण शुरू (जब चाँद पूरी तरह ढक जाएगा): 7 सितंबर, रात 11:01 PM (IST) ग्रहण का मध्यकाल (पीक टाइम): 7 सितंबर, रात 11:42 PM (IST) पूर्ण ग्रहण समाप्त: 8 सितंबर, देर रात 12:23 AM (IST) ग्रहण समाप्त: 8 सितंबर, देर रात 1:26 AM (IST)
भाई देख, यह समय बहुत ही खास है। लगभग 3 घंटे 28 मिनट तक इस ग्रहण का प्रभाव रहेगा। मानते हो न?
सूतक काल का समय | Sutak Kaal ka Samay
अब बात करते हैं सूतक काल की। देखो ना, चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। तो, 7 सितंबर को लगने वाले ग्रहण का सूतक दोपहर 12:57 PM (IST) से ही शुरू हो जाएगा। सूतक काल को एक तरह से अशुभ समय माना जाता है, जिसमें कुछ काम करने की मनाही होती है, लेकिन साधकों के लिए यह तैयारी का समय होता है। समझे?
चंद्र ग्रहण और तंत्र साधना का कनेक्शन | Chandra Grahan aur Tantra Sadhna ka Connection
ओहो जी, अब आते हैं सबसे इंटरेस्टिंग पार्ट पर। आखिर ग्रहण के समय को तंत्र साधना के लिए इतना पावरफुल क्यों माना जाता है? जरा सोच के देखो।
वैज्ञानिक रूप से, ग्रहण के समय पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीधी लाइन में आ जाते हैं। लेकिन आध्यात्मिक दुनिया में, यूँ कहें तो, इस समय ब्रह्मांड की एनर्जी, यानी ऊर्जा में एक बड़ा बदलाव आता है। एटमोस्फियर, यानी वायुमंडल में कुछ ऐसी सूक्ष्म शक्तियाँ एक्टिव हो जाती हैं, जो आम दिनों में नहीं होतीं।
तंत्र शास्त्र के अनुसार, ग्रहण काल एक ऐसा समय है जब प्रकृति के नियम शिथिल पड़ जाते हैं। मानते हो? इस समय ब्रह्मांड के कई रहस्यमयी द्वार खुल जाते हैं। इसीलिए, इस दौरान किए गए मंत्र जाप, ध्यान और साधना का असर हज़ारों गुना बढ़ जाता है। सच बताऊँ, जो सिद्धि या मंत्र जागृत करने में सालों लग जाते हैं, वो ग्रहण काल में कुछ ही घंटों की साधना से संभव हो सकता है।
क्यों ग्रहण काल साधना के लिए बेस्ट है ? | Kyon Grahan Kaal Sadhna ke liye Best hai ?
ऊर्जा का स्तर: इस समय कॉस्मिक एनर्जी (Cosmic Energy) अपने पीक पर होती है। मानसिक एकाग्रता: एटमोस्फियर में एक अजीब सी शांति होती है, जो ध्यान और कंसंट्रेशन, यानी एकाग्रता के लिए बहुत अच्छी होती है। मंत्र सिद्धि: कहा जाता है कि इस दौरान मंत्र जल्दी सिद्ध होते हैं, मतलब उनकी पावर अनलॉक हो जाती है। नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति: सही साधना से आप अपने जीवन से नेगेटिविटी, यानी नकारात्मक ऊर्जा को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं। सही है न?
चंद्र ग्रहण 2025 पर कौन सी साधना करें? | Chandra Grahan 2025 par kaun si Sadhna karein?
अरे भाई, अब सवाल यह उठता है कि इस ख़ास मौके पर हम कौन सी साधना कर सकते हैं। देखो, आप अपने गुरु द्वारा दिए गए किसी भी मंत्र का जाप कर सकते हैं। लेकिन कुछ विशेष साधनाएं हैं जो चंद्र ग्रहण के लिए ही बनी हैं।
महाकाली साधना | Mahakali Sadhna
भाईसाहब, माँ काली को तंत्र की देवी माना जाता है। चंद्र ग्रहण की रात उनकी साधना के लिए बहुत ही उत्तम मानी जाती है। यह साधना आपको शत्रुओं से बचाती है, हर तरह के डर को खत्म करती है और आपको एक अजीब सी हिम्मत देती है।
कैसे करें: ग्रहण शुरू होने से पहले स्नान कर लें। काले रंग के आसन पर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बैठें। अपने सामने महाकाली का चित्र या यंत्र स्थापित करें। फिर, उनके मंत्र “ॐ क्रीं कालिकायै नमः” का रुद्राक्ष की माला से लगातार जाप करते रहें, जब तक ग्रहण खत्म न हो जाए। क्या समझे?
भगवान शिव की साधना | Bhagwan Shiv ki Sadhna
देखो, चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान है। इसीलिए चंद्र ग्रहण के समय शिव साधना बहुत फलदायी होती है। अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा कमज़ोर है या आपको मानसिक तनाव, मतलब मेंटल स्ट्रेस रहता है, तो यह साधना आपके लिए वरदान है।
कैसे करें: सफ़ेद आसन पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठें। महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें या फिर “ॐ नमः शिवाय” का ही निरंतर जाप करते रहें। तुम देखो, इसका असर कितना गहरा होगा।
लक्ष्मी प्राप्ति की साधना | Lakshmi Prapti ki Sadhna
जी, अगर आपको पैसों की तंगी, मतलब फाइनेंसियल प्रॉब्लम है, तो चंद्र ग्रहण की रात माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए बेस्ट है।
कैसे करें: ग्रहण काल में स्फटिक की माला से माँ लक्ष्मी के बीज मंत्र “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः” का जाप करें। सच कहूँ, पूरी श्रद्धा से किया गया यह जाप आपके लिए धन के नए रास्ते खोल सकता है।
कुछ अन्य सरल उपाय और साधनाएं | Kuch anya Saral Upay aur Sadhanayein
अगर आप कोई बड़ी साधना नहीं कर सकते, तो भी घबराने की ज़रूरत नहीं है। भाई मान लो, कुछ छोटे-छोटे उपाय भी बहुत काम के होते हैं।
गुरु मंत्र का जाप: अपने गुरु से जो भी मंत्र मिला है, उसका जाप करें। यह सबसे सेफ और पावरफुल तरीका है। इष्ट देव का ध्यान: अपने इष्ट देव, जिन्हें आप सबसे ज़्यादा मानते हैं, उनका ध्यान करें और उनके मंत्र का जाप करें।
गायत्री मंत्र: गायत्री मंत्र का जाप करना भी इस दौरान बहुत शुभ माना गया है। दान का संकल्प: ग्रहण के दौरान ही दान करने का संकल्प ले लें और ग्रहण खत्म होने के बाद किसी ज़रूरतमंद को अनाज, कपड़े या पैसे दान करें। क्या ख़याल है?
ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें? | Grahan ke dauran Kya Karein aur Kya na Karein ?
अरे सुनो, साधना के अलावा भी कुछ नियम होते हैं जिनका पालन करना बहुत ज़रूरी है। इन नियमों का वैज्ञानिक आधार भी है और आध्यात्मिक भी।
क्या करना चाहिए (Do’s)
1. मंत्र जाप और ध्यान: जैसा कि मैंने बताया, यह समय जाप और ध्यान के लिए सर्वोत्तम है। 2. स्नान: ग्रहण शुरू होने से पहले और खत्म होने के बाद, दोनों समय स्नान करना चाहिए। इससे ग्रहण की नेगेटिव एनर्जी खत्म हो जाती है। 3. दान: ग्रहण खत्म होने के बाद दान करना बहुत शुभ माना जाता है। 4. तुलसी का उपयोग: सूतक काल शुरू होने से पहले ही खाने-पीने की चीज़ों में तुलसी का पत्ता डाल दें। मानते हैं कि इससे वे चीज़ें अशुद्ध नहीं होतीं।
क्या नहीं करना चाहिए
1. भोजन करना: ग्रहण के दौरान कुछ भी खाना-पीना मना होता है। खासकर गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों को छोड़कर।
2. सोना: इस दौरान सोना भी नहीं चाहिए।
3. मूर्ति स्पर्श: मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और भगवान की मूर्तियों को छूना मना होता है। 4. शुभ कार्य: कोई भी नया या शुभ काम जैसे शादी, गृह प्रवेश आदि इस दौरान नहीं किया जाता। 5. धारदार चीज़ों का प्रयोग: खासकर गर्भवती महिलाओं को चाकू, कैंची, सुई जैसी नुकीली चीज़ों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इसका असर बच्चे पर पड़ सकता है।
वैज्ञानिक और आध्यात्मिक नज़रिया | Scientific aur Adhyatmik Nazariya
भाई देख, साइंस कहता है कि ग्रहण एक खगोलीय घटना है। लेकिन क्या आपने कभी महसूस (Feel) किया है कि पूर्णिमा और अमावस्या पर समुद्र में ज्वार-भाटा क्यों आता है? जब चंद्रमा पानी को प्रभावित कर सकता है, तो हमारे शरीर को क्यों नहीं? हमारे शरीर में भी तो 70% पानी ही है, है ना?
तंत्र और अध्यात्म इसी प्रभाव को समझता है। वो मानता है कि ग्रहण के समय ब्रह्मांड में ऊर्जा का जो उतार-चढ़ाव होता है, उसका सही उपयोग करके हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। यह एक तरह का कॉस्मिक रीसेट (Cosmic Reset) बटन है। तुम समझो इस बात को।
निष्कर्ष
तो भाई, चंद्र ग्रहण 2025 सिर्फ एक रात की बात नहीं है, यह एक मौका है, एक अवसर है। उन लोगों के लिए जो अध्यात्म और तंत्र की शक्ति में विश्वास करते हैं, यह अपनी साधना को एक नया लेवल देने का समय है। और जो लोग इन चीज़ों में ज़्यादा नहीं मानते, उनके लिए भी यह प्रकृति के एक अद्भुत चमत्कार को देखने और उसके नियमों का सम्मान करने का दिन है।
अरे दोस्त, तैयारी अभी से शुरू कर दो। अपने मन को साफ़ रखो और इस दिव्य समय का पूरा लाभ उठाने के लिए तैयार हो जाओ। क्या पता, यह ग्रहण आपकी ज़िंदगी में कोई पॉजिटिव बदलाव ले आए। सही पकड़ा न? बताओ ज़रा, क्या सोचते हो तुम?
कौल मार्ग वाम मार्ग क्या अंतर है कौनसा मार्ग अच्छा है
कौल मार्ग वाम मार्ग क्या अंतर है कौनसा मार्ग अच्छा है
कौल मार्ग वाम मार्ग क्या अंतर है कौनसा मार्ग अच्छा है अरे यार, जब भी तंत्र की बात होती है, तो दो शब्द – वाम मार्ग और कौल मार्ग – अक्सर सुनने में आते हैं। और भाईसाहब, इनको लेकर इतना कन्फ्यूजन है, इतनी गलतफहमियां हैं कि क्या बताऊँ। कुछ लोग तो इन्हें एक ही मान लेते हैं, और कुछ इन्हें बहुत ही खतरनाक और नेगेटिव चीज़ों से जोड़कर देखते हैं।
तो आज हम इसी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेंगे। देखो, सीधी और सरल भाषा में समझेंगे कि आखिर ये दोनों मार्ग हैं क्या, इनमें क्या अंतर है, और सबसे बड़ा सवाल – कौनसा मार्ग अच्छा है? क्या कोई सच में अच्छा या बुरा है? चलो, इस स्पिरिचुअल जर्नी पर साथ चलते हैं और इन गहरे रास्तों को एक्सप्लोर करते हैं। तैयार हो न?
कौल मार्ग वाम मार्ग क्या अंतर है कौनसा मार्ग अच्छा है
वाम मार्ग क्या है? (What is Vama Marga?)
अच्छा तो, सबसे पहले बात करते हैं वाम मार्ग की। भाई देख, इसका नाम सुनते ही लोगों के कान खड़े हो जाते हैं। “वाम” का मतलब होता है ‘लेफ्ट’ यानी ‘उल्टा’ या ‘बायां’। इसे लेफ़्ट-हैंड पाथ (Left-Hand Path) भी कहते हैं। अब उल्टा क्यों? क्योंकि यह वेदों के बताए गए पारंपरिक, सीधे-सादे दक्षिण मार्ग (राइट-हैंड पाथ) से अलग तरीके से काम करता है।
जरा सोचो, दक्षिण मार्ग कहता है कि संसार की जिन चीज़ों से बंधन होता है, उनसे दूर रहो, नियम-संयम का पालन करो। लेकिन वाम मार्ग का फ़ंडा थोड़ा अलग है। यह कहता है कि ज़हर ही ज़हर को काटता है। मतलब, जिन चीज़ों से इंसान गिरता है, उन्हीं चीज़ों को साधना का माध्यम बनाकर, उन्हीं से ऊपर उठा जाए। मानते हो?
पंचमकार की साधना (Sadhana of Panchamakara)
वाम मार्ग की सबसे चर्चित और सबसे ज़्यादा गलत समझी जाने वाली प्रैक्टिस है ‘पंचमकार’ की साधना। इसमें पाँच ‘म’ अक्षर से शुरू होने वाली चीज़ों का इस्तेमाल होता है:
मद्य (Madya): यानी मदिरा या शराब। अरे सुनो, इसका मतलब ये नहीं कि साधक ड्रिंक करके टल्ली हो जाता है। इसका सिंबॉलिक मतलब है, उस डिवाइन नशे को महसूस करना, जो ईश्वर के ध्यान में डूबने से मिलता है। साधक मदिरा को साधारण शराब नहीं, बल्कि देवी का प्रसाद मानकर ग्रहण करता है, ताकि वो अपने मन और इंद्रियों के पार जा सके।
मांस (Mamsa): यानी मीट। वैसे तो, इसका गहरा मतलब है अपने ‘मैं’ यानी अहंकार का मांस काटकर फेंक देना। साधक जब मांस खाता है, तो वो इस भावना से खाता है कि वो अपने अंदर के पशु भाव को खत्म कर रहा है।
मत्स्य (Matsya): यानी मछली। तुम देखो, मछली हमेशा धारा के विपरीत तैरने की कोशिश करती है। इसी तरह, यह इस बात का प्रतीक है कि साधक को भी दुनिया के बहाव के उलटे, अपनी इंद्रियों के प्रवाह के उलटे चलकर कुंडलिनी शक्ति को ऊपर की ओर ले जाना है।
मुद्रा (Mudra): इसका एक मतलब तो हाथ की विशेष मुद्राएं हैं, लेकिन यहाँ इसका मतलब भुने हुए अनाज से भी है। यह सांसारिक लगाव और वासनाओं को भूनकर खत्म कर देने का प्रतीक है।
मैथुन (Maithuna): अरे बाप रे! यह सबसे ज़्यादा विवादित है। इसका मतलब है सेक्सुअल यूनियन। पर भाई, यह आम सेक्स जैसा बिलकुल नहीं है। यह एक बहुत ही ऊंची स्पिरिचुअल प्रैक्टिस है, जिसमें पुरुष (शिव) और स्त्री (शक्ति) के मिलन के माध्यम से ब्रह्मांड की उत्पत्ति के रहस्य को समझा जाता है और कुंडलिनी को जागृत किया जाता है। यह सब एक योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही होता है, समझे?
तो देखो, वाम मार्ग का अल्टीमेट गोल भी मोक्ष ही है, लेकिन इसका रास्ता बहुत साहसी और खतरनाक माना जाता है। इसमें फिसलने का डर बहुत ज़्यादा होता है, इसीलिए कहा जाता है कि बिना सच्चे गुरु के इस रास्ते पर एक कदम भी नहीं रखना चाहिए।
कौल मार्ग क्या है? (What is Kaula Marga?)
ओहो जी, अब आते हैं कौल मार्ग पर। यह वाम मार्ग से भी ज़्यादा गहरा और रहस्यमयी है। ‘कौल’ शब्द ‘कुल’ से बना है। कुल का मतलब है – परिवार, समुदाय, या totality। यहाँ कुल का मतलब है शक्ति (ऊर्जा) और अकुल का मतलब है शिव (चेतना)। कौल मार्ग वो मार्ग है जो मानता है कि यह पूरा ब्रह्मांड शिव और शक्ति का ही खेल है, एक ही परिवार है।
कौल मार्ग का फ़ोकस (Focus of Kaula Marga)
कौल मार्ग का मेन फोकस बाहरी चीज़ों से ज़्यादा अंदर की एनर्जी पर होता है। यह मानता है कि जो ब्रह्मांड में है, वही हमारे शरीर में है। “यथा पिंडे तथा ब्रह्मांडे”।
आंतरिक साधना: इसमें पंचमकार का उपयोग बाहरी रूप से करने की बजाय आंतरिक रूप से किया जाता है। जैसे, ‘मद्य’ का मतलब है सहस्रार चक्र से बहने वाला अमृत। ‘मैथुन’ का मतलब है अपनी ही कुंडलिनी शक्ति (जो शक्ति का रूप है) का अपने अंदर मौजूद शिव से मिलन। देख रहे हो न, कितना गहरा मतलब है?
स्वतंत्रता और आनंद: कौल मार्ग कहता है कि साधक को किसी नियम में बंधना नहीं चाहिए। उसे हर चीज़ में, चाहे वो अच्छी हो या बुरी, सुख हो या दुःख, शिव-शक्ति का ही रूप देखना चाहिए। उसका अल्टीमेट गोल है ‘आनंद’ की स्थिति में रहना, जिसे ‘परमानंद’ कहते हैं।
गुरु का महत्व: भाई, इस मार्ग में गुरु को साक्षात शिव का रूप माना जाता है। गुरु के बिना ज्ञान असंभव है। गुरु ही शिष्य को उसकी अपनी शक्ति का अहसास कराता है।
तो यूँ कहें तो, कौल मार्ग तंत्र का सबसे ऊंचा लेवल माना जाता है, जहाँ साधक सारे बंधनों से मुक्त होकर, हर चीज़ को डिवाइन मानकर जीता है।
कौल मार्ग और वाम मार्ग में मुख्य अंतर (Main Differences between Kaula and Vama Marga) अच्छा भई, अब तक तुम थोड़ा-बहुत तो समझ ही गए होगे। लेकिन चलो, पॉइंट-टू-पॉइंट अंतर को और क्लियर करते हैं।
साधना की अप्रोच का अंतर (Difference in the Approach of Sadhana)
वाम मार्ग: इसमें अक्सर पंचमकार का बाहरी और भौतिक रूप से उपयोग होता है (हालांकि symbolic meaning भी है)। यह एक तरह से “ट्रांसग्रेशन” यानी नियमों को तोड़ने का मार्ग है, ताकि साधक उन नियमों के बंधन से ऊपर उठ सके।
कौल मार्ग: यह ज़्यादातर आंतरिक साधना पर ज़ोर देता है। इसमें बाहरी क्रियाओं की जगह, अपनी चेतना और ऊर्जा पर काम किया जाता है। यह “ट्रांसफॉर्मेशन” यानी रूपांतरण का मार्ग है।
फिलॉसफी का लेवल (Level of Philosophy)
वाम मार्ग: इसे आप एक ब्रॉड कैटेगरी मान सकते हो। कई अलग-अलग तांत्रिक संप्रदाय वाम मार्ग के अंडर आते हैं।
कौल मार्ग: इसे अक्सर वाम मार्ग का सबसे शुद्ध और सबसे ऊंचा रूप माना जाता है। हर कौल साधक वाम मार्गी हो सकता है, लेकिन हर वाम मार्गी कौल हो, यह ज़रूरी नहीं है। समझे क्या?
साधक की स्थिति (State of the Practitioner)
वाम मार्ग: इसमें साधक अभी भी द्वैत यानी duality (अच्छा-बुरा, पवित्र-अपवित्र) की दुनिया में रहकर उससे पार जाने की कोशिश कर रहा होता है।
कौल मार्ग: यहाँ साधक अद्वैत यानी non-duality की स्थिति में पहुँच जाता है। उसके लिए कुछ भी अपवित्र या बुरा नहीं है। सब कुछ शिव-शक्ति का ही रूप है।
जरा सोच के देखो, एक में तुम नदी में उतरकर तैरना सीख रहे हो (वाम मार्ग), और दूसरे में तुम खुद नदी बन गए हो (कौल मार्ग)।
तो फिर कौनसा मार्ग अच्छा है? (So, Which Path is Better ?)
अरे भाई, ये सवाल ही थोड़ा टेढ़ा है। यह पूछने जैसा है कि “डॉक्टर साहब, पैरासिटामोल अच्छी दवा है या एंटीबायोटिक?” जवाब क्या होगा? भाई, जो बीमारी है, उसके लिए जो सही है, वही अच्छी है। है ना?
ठीक इसी तरह, स्पिरिचुअलिटी में कोई एक मार्ग सबके लिए ‘अच्छा’ या ‘बेस्ट’ नहीं होता। यह साधक के ‘अधिकार’ पर निर्भर करता है।
अधिकार का सिद्धांत (Principle of Adhikara)
अधिकार का मतलब है योग्यता या पात्रता (Eligibility)। हर इंसान का स्वभाव, उसके संस्कार, उसकी मानसिक और भावनात्मक बनावट अलग-अलग होती है।
पशु भाव: जो लोग ज़्यादातर सांसारिक चीज़ों में फंसे हैं, उनके लिए भक्ति मार्ग या दक्षिण मार्ग अच्छा है।
वीर भाव: जो साहसी हैं, जो दुनिया की चुनौतियों से टकराकर आगे बढ़ना चाहते हैं, जिनके अंदर जबरदस्त willpower है, उनके लिए वाम मार्ग हो सकता है। क्योंकि इसमें बहुत हिम्मत और आत्म-नियंत्रण चाहिए।
दिव्य भाव: जो इन सबसे ऊपर उठ चुके हैं, जिन्हें हर चीज़ में ईश्वर ही दिखता है, उनके लिए कौल मार्ग या ज्ञान मार्ग है।
तो भाई, कोई मार्ग ‘अच्छा’ या ‘बुरा’ नहीं होता। मार्ग वही अच्छा है जो तुम्हारे स्वभाव के अनुकूल हो, तुम्हारी चेतना के लेवल से मैच करता हो, और तुम्हें तुम्हारे अल्टीमेट गोल तक ले जाए। और हाँ, सबसे ज़रूरी बात, मार्ग वही अच्छा है जो तुम्हें एक सच्चा और योग्य गुरु दे। बिना गुरु के तो ये रास्ते मौत के कुएं जैसे हैं। क्या कहते हो?
आम गलतफहमियां और सच (Common Misconceptions and the Truth)
अरे देखो, इन मार्गों के बारे में कुछ बातें बहुत फैली हुई हैं, चलो उन्हें भी क्लियर कर लेते हैं।
गलतफहमी: यह सिर्फ़ शराब, मांस और सेक्स का खुला खेल है।
सच: बिलकुल नहीं। यह भोग नहीं, बल्कि भोग के माध्यम से ‘योग’ है। इसका मकसद इंद्रियों को गुलाम बनाना है, उनका गुलाम बनना नहीं। यह बहुत ही कठिन और अनुशासित साधना है।
गलतफहमी: यह कोई शैतानी या काली शक्तियों की पूजा है।
सच: जी नहीं। इसका लक्ष्य भी वही ‘मोक्ष’ और ‘आत्म-ज्ञान’ है, जो बाकी हिंदू मार्गों का है। बस, तरीका थोड़ा हटकर और क्रांतिकारी है। इसमें भी शिव, शक्ति और भैरव जैसे देवताओं की ही पूजा होती है।
तंत्र के सिद्धांतों पर एक विश्वसनीय स्रोत से और जानकारी प्राप्त करें।
निष्कर्ष: आपकी यात्रा, आपका मार्ग (Conclusion: Your Journey, Your Path)
तो भाई, अंत में हम यही कह सकते हैं कि वाम मार्ग और कौल मार्ग तंत्र के दो बहुत ही गहरे और शक्तिशाली रास्ते हैं। वाम मार्ग ‘विष’ को ‘अमृत’ में बदलने की कला है, तो कौल मार्ग हर चीज़ को पहले से ही ‘अमृत’ देखने की दृष्टि है।
इन रास्तों पर चलने का फैसला कोई मज़ाक नहीं है। यह किसी फिल्म से इंस्पायर होकर करने वाली चीज़ नहीं है। इसके लिए सच्ची प्यास, अटूट साहस और सबसे बढ़कर एक जीवित गुरु का आशीर्वाद और मार्गदर्शन चाहिए।
तो अगली बार जब कोई इन मार्गों का नाम ले, तो डरने या जजमेंटल होने की बजाय, यह याद रखना कि स्पिरिचुअलिटी का सागर बहुत गहरा है और उसमें कई अलग-अलग नदियाँ आकर मिलती हैं। हर नदी का अपना रास्ता है, पर मंज़िल सबकी एक ही है – सागर में मिल जाना।
क्या ख़याल है? उम्मीद है, अब आपको चीज़ें थोड़ी और साफ हुई होंगी। समझ गए न?
सुरक्षा घेरा कैसे बनाएं – साधना में सुरक्षा घेरा की आवश्यकता
सुरक्षा घेरा कैसे बनाएं – साधना में सुरक्षा घेरा की आवश्यकता
सुरक्षा घेरा क्यों आवश्यक है?
आज हम लोग डिस्कस करेंगे कि किस प्रकार आप सुरक्षा घेरा बना सकते हैं। अब देखो, हम सब लोग मंत्र जाप करते हैं, ध्यान करते हैं, कई बार साधना करते हैं और हमें बहुत डर लगता है कि अगर साधना करते वक्त, मंत्र जाप करते वक्त अगर नकारात्मकता यानी कि नेगेटिविटी हमने आकर्षित कर ली तो?
पोस्ट पढ़ी क्योंकि आप लोगों ने ना कई बार मेरी वीडियो भी देखी है और बहुत से लोगों की पोस्ट पढ़ी है, जो लोग बताते हैं कि मंत्र जाप अगर आप बिना प्रोटेक्शन के करते हो तो नेगेटिविटी आ जाती है। तो किस प्रकार प्रोटेक्शन बनाई जाए? किस प्रकार आप अपना सुरक्षा घेरा बना सकते हो मंत्र जाप करते वक्त, एक बिगिनर के लिए भी और एक एडवांस साधक के लिए भी?
दोनों के ऊपर आज हम लोग डिस्कस करेंगे। इस प्यारी सी पोस्ट में एंड आपको इन्फॉर्मेशन देंगे सुरक्षा घेरे के बारे में। लगभग मैंने पाँच पॉइंट अपने नोट्स में बनाए हैं, ताकि मैं टॉपिक से ना भटकूँ और उन पाँचों पॉइंट को डिस्कस कर सकूँ बहुत सारी बारीकियों के साथ।
तो आप जुड़े रहिए। देखिए, कोई भी डाउट अगर आपको आता है तो डेफिनेटली आप मेरे कमेंट सेक्शन में, मेरे इस लेख के, मुझे बता सकते हैं। हम लोग इस प्यारी सी पोस्ट को शुरू करेंगे जय माता दी के साथ। आप देख रहे हैं माँ आदिशक्ति मेडिटेशन केंद्र। हम सबके छोटे से प्यारे से वेबसाइट में आप सभी लोगों का हार्दिक स्वागत है।
सुरक्षा घेरा बनाने की विधियाँ
1. दीपक का प्रयोग (शुरुआती साधकों के लिए)
सबसे पहला पॉइंट होता है, देखिए, अगर आप मंत्र जाप कर रहे हैं और अगर आप आसन पर बैठकर जाप करते हैं, तो सबसे अच्छा होता है तरीका, एक बेसिक तरीका सुरक्षा का, कि आपके सामने दिया जल रहा हो।
अगर आपके सामने दिया जल रहा होता है, सामने आपने दिया जला लिया है, एक बाती लगाकर घी का दीपक अगर आप जला लेते हैं, तिल के तेल का दीपक अगर आप जला लेते हैं, तो आपकी सुरक्षा एक बेसिक-बेसिक मंत्रों के लिए, बिगिनर के लिए होती है।
अब अगर आपको ज़्यादा ही नकारात्मकता महसूस होती है, डर लगता है कि आपके घर में नकारात्मकता है, इस केस में क्या किया जाए? इस केस में उस दीपक की एक बाती ना करके चौमुख, यानी कि चारों डायरेक्शन में बाती लगाकर जला देनी चाहिए आपको।
भैरव जी के नाम से, हनुमान जी के नाम से, या इष्ट के नाम से या कुलदेवी के नाम से आप जला सकते हैं।
जो भी आपको लगे कि आपको उन पर ज़्यादा ट्रस्ट है, इष्ट पे ज़्यादा ट्रस्ट है, तो आप सुरक्षा के लिए, जो कि मूल रूप से या तो बजरंग बली या तो भैरव जी के लिए या माँ के लिए, कुलदेवी के लिए जलाई जाती है, चौमुख।
आप चाहो तो आपके पास अवेलेबल नहीं हो चौमुख, तो आप आटा गूँदकर भी अपनी मॉम की हेल्प लेकर या आपको खुद से भी आता हो, तो उससे भी आप चौमुख दीपक बनाकर, यानी कि चार मुँह वाला दीपक बनाकर या नॉर्मल से दीपक में भी चार बातियाँ लगा के, चारों डायरेक्शन में रखकर
उसमें क्या होता है, चारों दिशाओं से आपकी सुरक्षा होती है, ऐसी प्रार्थना कर कर आप सामने बैठकर मंत्र जप अगर करते हो, तो आपकी सुरक्षा होती है एक बिगिनर लेवल पर, एक तरीके से जब आप बेसिक साधना कर रहे हो तो।
2. अभिमंत्रित पीली सरसों
दूसरा आता है, अगर आपका मंत्र थोड़ा बहुत जाग्रत है तो आप इस दूसरे मेथड को कर सकते हो। सपोज, अब आपने ‘ओम नमः शिवाय’ का लगभग थोड़ा बहुत जाप किया हुआ है। अब आपको बगलामुखी माँ की साधना करनी है, थोड़ी एडवांस साधनाएँ, या आपको माँ काली की करनी है। इस केस में सुरक्षा कैसे की जाए?
अगर आपको डर लग रहा है कि कुछ गड़बड़ हो सकता है। इस केस में क्या किया जाता है कि आप ना अपने साथ कुछ पीली सरसों ले लेते हो। यह देखो, ये उन्हीं के लिए है जिनको लगता है उनका मंत्र थोड़ा बहुत एक्टिवेटेड है, पुराना वाला, नया सिद्ध कर रहे हैं तो।
इस केस में क्या होता है ना, आपको मैं एक अनुमान दे देता हूँ कि अगर आपने लगभग 3 महीने तक कोई मंत्र जपा है, लगभग-लगभग रोजाना आधा घंटा या 15-20 मिनट या ज़्यादा भी दिया तो बहुत अच्छा है, तो आप इस विधि को अपना सकते हैं। अदरवाइज नहीं, अदरवाइज पहली वाली आपके लिए सही है और जो मैं आगे बताऊँगा, वो आपके लिए सही है। इस केस में क्या किया जाता है ?
इस केस में आराम से आसन पर बैठकर एक पेपर में या एक कटोरी में आप पीली सरसों लीजिए। आप लगभग 2 मिनट तक मानसिक रूप से उस मंत्र का जप कीजिए और उस भगवान का ध्यान कीजिए, उन भगवान का जिनका आपने मंत्र जप किया है। प्रार्थना कीजिए, यह मंत्र जप मन में चलाइए और तीन बार उस पीली सरसों में आपको ब्लो करना है, फूँक मारनी है।
इसके बाद आपको इस उँगली को छोड़ के, इन दो फिंगर, मिडिल वाली और ये थंब से उठाकर 10 दिशाओं में थोड़ा-थोड़ा आपको यह फेंकना होता है साधना में जब आपने घेरा बनाया सुरक्षा का।
तब लेकिन मैं आपको एक बात बता दूँ, सुरक्षा घेरा बनाने के बाद आपको उठना नहीं होता है। अगर आप उठ गए हो ना, सुरक्षा घेरा ओपन हो जाता है।
फिर आप आसन पे बैठेंगे, तब आप फिर से बनाएँगे। दिए वाले केस में नहीं है, दिया तो परमानेंट जल रहा है। इस पीली सरसों वाले केस में होता है। तो जब आप दसों दिशाओं में फेंक देंगे, यानी चार आगे, चार पीछे, एक ऊपर, एक नीचे, इस केस में आपकी दसों दिशाओं लॉक्ड हो जाती हैं, माफ़ कीजिएगा, और कोई भी नकारात्मकता आपके इस घेरे में नहीं आ पाती है।
यह थोड़ा सा एडवांस वाला होता है। देखो, हम लोग तो सात्विक साधक हैं, सात्विक साधनाएँ करते हैं, लेकिन जो तंत्र मार्ग में होते हैं ना, जो बहुत अलग साधनाएँ करते हैं, उस केस में बड़े-बड़े लेवल पर भी ये साधनाओं में इस सुरक्षा घेरा का इस्तेमाल किया जाता है।
लेकिन आमतौर पर देखो, जो लोग मेरे साथ मेडिटेशन क्लासेस में जुड़े हैं ना, उन्हें मैंने यह प्रोसेस बगलामुखी की साधना में करवाया था। लेकिन क्योंकि हम लोग जुड़ के करते हैं ना, तो ज़रूरी नहीं है कि मैं हर किसी को यह प्रोसेस करवाता हूँ।
कई बार कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके घर में पहले से नेगेटिविटी होती है ना, उन्हें कई बार मैं प्रोसेस करवाता हूँ। अदरवाइज जब आप किसी से कनेक्ट हो के साधना, आराधना या मंत्र जप सीखते हो या करते हो, तो सुरक्षा घेरे का आपको इस्तेमाल इतना नहीं होता।
अभी आगे उस टॉपिक पर आऊँगा, पहले मैं पाँचों पॉइंट डिस्कस कर लेता हूँ। फिर आगे हम और लोगों पर भी आते हैं, जो गुरु-दीक्षित हैं या जिनके इष्ट प्रबल हैं, उस टॉपिक पर आएँगे।
3. संकल्प का जल
अगला जो हमारा आता है, यह मेथड बहुत कॉमन है और मेरे मेडिटेशन ग्रुप में और मेरे चैनल को जो बहुत पूर्व से देखते आ रहे हैं ना, वो लोग ऑलरेडी फॉलो करते हैं।
संकल्प के जल से आप सुरक्षा घेरा बना सकते हो। किस प्रकार बनाया जाता है, पता है? आपको क्या करना है, अपने दाहिने हाथ में जल लेना है आसन पर बैठकर।
इस समय पर दीपक जल रहा हो तो बहुत अच्छा है, क्योंकि यह एडवांस लेवल का ऑरा लॉक करता है, आपका सुरक्षा घेरा बनाता है।
आपको दाहिने हाथ में जल लेकर ना प्रार्थना करनी होती है अपने इष्ट से, या आप हनुमान जी से या भैरव जी से प्रार्थना कर सकते हैं कि आप साधना करने जा रहे हैं, आपके संकल्प से और इस अग्नि को साक्षी मान के आप यह संकल्प लेते हुए, ऐसी प्रार्थना करके, अपना नाम बोलते हुए, अपने पिता का नाम बोलते हुए (जो महिलाएँ होती हैं, वो पिता का नाम बोलती हैं, लेकिन शादी के बाद पति का नाम बोलती हैं) से प्रार्थना करके, आपको प्रार्थना करनी होती है कि आप साधना करने जा रहे हो, कितने समय के लिए करोगे, एक घंटे के लिए करोगे।
ड्यूरिंग दैट पीरियड जब मैं साधना कर रहा हूँ, तो मुझे आप सुरक्षा प्रदान करना। ऐसे प्रार्थना करके जल को जो है, थोड़ा-थोड़ा अपने चारों दिशाओं में ऐसे गिरा दें, घेरा बना के गिरा देना होता है। ऐसा नहीं प्रॉपर घेरा बने, बट एज़ अ रिचुअल हल्का-सा घुमा के गिरा दिया जाता है। इस केस में आपका संकल्प से घेरा बन जाता है, आपके जाप की ऊर्जा से जो कि आपको बचाता है। इस केस में भी आपका थोड़ा बहुत मंत्र जाप पूर्व का होना चाहिए।
एज़ अ बिल्कुल बिगिनर अगर मैं हूँ, मैंने कोई चालीसा, कोई स्तोत्र, कुछ भी नहीं किया है अगर आज तक, तो यह घेरा आपके लिए काम नहीं करेगा। इस केस में आपके लिए दीपक का घेरा या चौमुखा वाला दीपक काम करता है। करेक्ट? लेकिन अगर आपकी कुलदेवी की एनर्जी थोड़ी सी घर में है, आप थोड़े से स्ट्रांग हो, थोड़ा बहुत स्पिरिचुअल रहे हो, मंदिर जाते हो, थोड़ा बहुत नाम जप किया है, थोड़ा बहुत ब्रह्मचर्य किया है, तो आप कोई भी घेरा इनमें से लगा पाते हैं।
4. कवच का पाठ
अगला आता है कि अगर आपने कोई कवच का पाठ कर रखा है। अब मैं एग्ज़ांपल देता हूँ। अगर आपने देवी कवच पढ़ रखा है, तो ‘ब्रह्मोवाच यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम्।
यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह॥’ कि अगर आपने देवी कवच का पाठ कर रखा है, जो मैंने अभी पढ़ा थोड़ा सा, तो आप देवी कवच का पाठ उस वक्त कर कर, एक बार अगर आपने इस पाठ को बहुत समय से करते आ रहे हो, आपको लगता है कि माँ की बहुत कृपा है, यह पाठ आपका सिद्ध है, एक बार आप पढ़कर अगर बैठ जाओ
तो आप कोई भी साधना कर रहे हो, कोई नकारात्मकता आपको परेशान नहीं कर सकती। अगर बहुत कम किया है, तो उसको तीन बार आप लगातार बैठ के पढ़ लो, आपको काफी समय तक सुरक्षा मिलती है। इसके अलावा भैरव कवच है, राम रक्षा स्तोत्र है, कोई भी ऐसा स्तोत्र जो रक्षा, प्रोटेक्शन के लिए होता है। यहाँ तक कि आप हनुमान चालीसा को भी तीन बार पढ़कर अगर बैठ जाएँगे
हनुमान जी से प्रार्थना करके, तो भी आपकी सुरक्षा उस वक्त हनुमान जी की चालीसा की ऊर्जा के द्वारा आपकी होगी। यह बहुत अच्छा है। तो जिन भी भगवान पर विश्वास हो, जिस भी कवच पर विश्वास हो, अगर वो बहुत प्रबलता से आपने जाप किया है, तो एक बार और अगर उसको कम किया है, तो तीन बार पढ़कर अगर आप बैठते हो।
देखो, ये ना बेसिक साधनाओं के लिए नहीं होता है। सपोज, आप ‘ओम नमः शिवाय’ की कर रहे हो, तो इतनी रिक्वायरमेंट नहीं है। लेकिन हाँ, लगता है आपको कि घर में दिक्कत है, बहुत लोगों को लगता है कि उनके घर में प्रॉब्लम है, इस केस में फिर इस्तेमाल होता है यह। अब सोचिए कि आप एकदम से माँ तारा की साधना कर रहे हैं।
अब मेरे ग्रुप मेंबर्स को मैंने इस बारी, मेरे मेडिटेशन क्लासेस में जो नवरात्रि गए हैं, बहुत कम लोगों ने की, लेकिन माँ तारा की साधना भी कुछ लोगों ने की है।
उस केस में कुछ लोगों ने कवच जो है, कुछ लोगों ने सुरक्षा घेरा बना के साधना की थी, क्योंकि उनका यह पर्पस ही साधना करने का नकारात्मकता से मुक्त होना था कि उनके ऊपर कोई नेगेटिविटी परेशानी ना दे।
तो कई बार कुछ लोग साधना करवाने का, करने का सजेशन मैं देता हूँ, तो उन्होंने जब किया तो कुछ लोगों ने सुरक्षा घेरा लगाया और मैंने कहा लगाने को। कुछ को मैंने नहीं कहा जिनकी ऊर्जा ऑलरेडी प्रबल है, जिनको इष्ट की प्राप्ति हो चुकी है। अभी मैं आता हूँ इस बात पर, उनको इन चीज़ों की वैसे रिक्वायरमेंट नहीं होती है।
5. गुरु या शिक्षक द्वारा प्रदान किया गया कवच
अगला प्रश्न आता है, यह जो कवच वाला पॉइंट, यह चौथा पॉइंट था। मैं चार बता चुका हूँ: दिया, पीली सरसों का, संकल्प का जल, चौथा कवच। अगला है कि आपको ना कवच कोई और भी प्रदान कर सकता है। अब सपोज, जैसे आप किसी के अंडर रहकर साधना करते हो।
अब मैं आपको एक छोटी सी बात बताता हूँ। हमारा हीलिंग बैच चल रहा है। हीलिंग बैच में ना हम लोगों ने नारायण भगवान की छोटी सी एक साधना की है ताकि हम नारायण कवच प्रदान कर सकें किसी को भी, जिनको सुरक्षा चाहिए हो। हीलिंग बैच जो हमारा है ना, यह रेकी हीलिंग, आपने कई बार यह वर्ड सुना होगा, ऐसे ही मंत्र हीलिंग भी होता है।
हमारे यहाँ मंत्र हीलिंग सिखाई जाती है, जिसका बैच नया शुरू हो रहा है अप्रैल के लास्ट में, यानी इसी महीने के लास्ट में या अगले महीने की शुरुआत में शुरू होगा, जैसे ही हमारे पास मेंबर्स कलेक्ट हो जाते हैं, सब लोग आ जाते हैं, वैसे ग्रुप हमारा जो है, वो स्टार्ट हो जाएगा।
तो आप लोग जुड़ना चाहते हो तो दिए गए नंबर पे आप मैसेज कर सकते हो। इस इस बात पर हम लोग आगे डिस्कस कर लेंगे, लेकिन जो मेन हमारा है, वो यह है कि नारायण कवच जैसे वो प्रदान कर रहे हो ना कवच, ऐसे ही आप भी किसी को कवच प्रदान करके लगा सकते हो। आपके टीचर, आपके गुरु या जिसके साथ आप अंडर गाइडेंस में रह के कर रहे हो, वो भी आपको कई बार कवच प्रदान कर देता है। यह कवच कुछ समय के लिए होता है, परमानेंट लाइफ़टाइम नहीं होता। इसकी वैलिडिटी होती है।
जैसे नारायण कवच तीन दिन तक रहता है। सबसे प्रबल कवच होता है सूर्य कवच भी, बहुत अच्छा होता है किसी को प्रदान करने के लिए। आमतौर पर सूर्य नारायण कवच ही प्रदान किया जा सकता है, क्योंकि सूर्य भगवान तो बहुत जाग्रत होते हैं।
जिन्होंने सूर्य भगवान का ज़्यादा जाप भी ना किया हो ना और आध्यात्मिक रहे हैं, मंत्र जप करते आ रहे हैं अपने इष्ट का या कोई भी, तो वो सूर्य कवच तो लगा ही सकता है कोई भी व्यक्ति। किस प्रकार लगाया जाए, इसका प्रोसीजर होता है।
मैं कोशिश करूँगा, वैसे देखो, मेरे मेडिटेशन क्लासेस में तो ऑलरेडी सिखाया जा रहा है, लेकिन यह मैं डेफिनेटली आगे YouTube पर भी कोशिश करूँगा आगे जाके ले आऊँ, ताकि सब लोग इसका लाभ उठा सकें।
किन लोगों को सुरक्षा कवच की आवश्यकता नहीं होती?
प्रबल इष्ट वाले साधक
बाकी जिन लोगों को, मैं इस बात पर आ जाता हूँ जो पाँचवें पॉइंट से भी अलग है, इष्ट की प्राप्ति जिनको हो रखी है ना, जिनके इष्ट बहुत प्रबल हैं, जैसे कि मैं एग्ज़ांपल देता हूँ, अगर आप हनुमान जी को इष्ट मानते हो और हनुमान जी के आप बहुत अनुभूति, स्वप्न में दर्शन, ध्यान में दर्शन, प्रेम भाव है, हनुमान जी के मंदिर जाते हो, बहुत पॉजिटिव लगता है, आपको भरोसा है पूरा कि हनुमान जी मेरे आसपास हैं। देखो, सबसे बड़ा भगवान की प्राप्ति का जो अनुभव होता है
ना सबसे बड़ा, अभी रिसेंटली मैंने एक पॉडकास्ट भी किया है शूट, मेरा पॉडकास्ट नहीं, किसी और चैनल के लिए, आप लोगों तक जल्दी पहुँचेगा, उस पर भी मैंने एक बात बोली है कि भगवान की सबसे ज़्यादा कृपा अगर आपको पहचाननी आपके ऊपर है, भगवान का प्रेम, अपार प्रेम है आपके ऊपर, आपका प्रेम भगवान के ऊपर है, तो वो एक चीज़ प्रदान करते हैं
आपको, उनके मंत्र से या उनके नाम पर आपका प्रेम। यानी कि भगवान का मंत्र जब आपका करने का मन हो रहा है, भगवान का मंत्र जब आपका करने का मन होता है, उन पर भाव बहुत ज़्यादा है, उनके मंदिर जाने का मन करता है,
आपको कोई बाहर खेलने के लिए बुला रहा है, शॉपिंग के लिए बुला रहा है, वो छोड़ के आप कह रहे हो, ‘नहीं, मेरा जाप बचा है, मैं बैठ के मंत्र जपूँ।’ यह प्रेम अगर आपके अंदर है, तो मैं आपके चरण पकड़ सकता हूँ, इतना आप पवित्र और इतने आपके मन में भगवान बसे हैं।
यह बहुत बड़ी बात है। अगर भगवान के नाम के प्रति निष्ठा और प्रेम आपके अंदर है, तो इससे बड़ी भगवान की कृपा आपको कभी नहीं मिल सकती। तो ऐसे व्यक्तियों को किसी प्रकार के कवच की आवश्यकता नहीं होती है। साक्षात भगवान का प्रेम उनके साथ है, भावना उनके साथ है। कहीं पर भी बैठकर जाप करें, कुछ नहीं होगा।
कई बार ऐसा होता है, देखो, अभी आज भी ऐसा हुआ, मैं एक व्यक्ति से मिला, मैंने उनकी बॉडी में ऊर्जा देखी, जाप की ऊर्जा बिल्कुल भी नहीं थी, ध्यान की ऊर्जा बहुत सारी थी। इस केस में यही होता है, नेगेटिविटी आ जाती है।
आपका ऑरा नहीं बना होता ना, आप ऊर्जा से भरी हुई एक तिजोरी हो जिसका लॉक ही नहीं लगा हुआ, नेगेटिविटी आ जाती है। तो ज़रूरी होता है इस केस में कवच लगाना, कवच रह के करो, किसी की गाइडेंस में करो। लेकिन कुछ लोग डिफरेंट होते हैं, भगवान ने उनका अध्यात्म में रहना चुना है। इसलिए बहुत लोग यंग होकर भी अध्यात्म में बहुत आगे या बहुत यंग होकर भी अध्यात्म को बहुत ज़्यादा रुचि रखते हैं।
बहुत से छोटे-छोटे बच्चे देखोगे आप, बहुत से, आपको शायद आप इंटरनेट का जमाना है तो आपके पास रील्स, शॉर्ट्स, वीडियो आती हैं कि बचपन से अध्यात्म में हैं, बहुत छोटे-छोटे बच्चे भगवान के मंत्र बोलते हैं, भगवान के प्रति प्रेम है, सबको अच्छे-अच्छे आचरण सिखाते हैं। वो भगवान, वो पूर्व जन्म की भक्ति रही है, प्रेम, निष्ठा है। ऐसे लोगों को कुछ नहीं कर सकता।
गुरु-दीक्षित साधक
फिर अगला, गुरु। अगर आपने गुरु बनाए हुए हैं और गुरु आपके गुरु हैं, गुरु यानी कि समझिए आपकी प्रबल संत, गुरु जी की जो बहुत अच्छी एनर्जी है, गुरु का मंत्र देते ही, गुरु के सिर पे हाथ रखते ही, उसी वक्त आपके 12 के 12 गोले पूरे हो जाते हैं। 12 के 12 आपके, उसी वक्त आपको ना किसी की प्रोटेक्शन की रिक्वायरमेंट होती है। गुरु मंत्र आपको मिला होता है, वो आपको सब देता है, सुरक्षा भी, कवच भी, हर प्रकार की सुरक्षा प्रदान करता है।
निष्कर्ष एवं संपर्क
तो घर पर रहने वाले एक बिगिनर को, जिनको सुरक्षा चाहिए, अभी कोई गाइडेंस नहीं है, किस प्रकार साधना की जाती है, किस प्रकार प्रार्थना की जाती है, मैंने कोशिश की है अपनी तरफ से सभी पॉइंट्स कवर करने की। इन केस अगर कुछ मिस हो गया है, तो मैं डेफिनेटली आगे आपके लिए इसका पार्ट टू लाके आपको समझा दूँगा।
आप मुझे कमेंट सेक्शन में भी बताइएगा कि अगर आपको कुछ समझ में नहीं आया, तो मैं पूरी कोशिश करूँगा। आप मेरे Instagram पर भी मुझे फॉलो कर सकते हैं, डिस्क्रिप्शन पे लिंक और मेरे WhatsApp नंबर का लिंक भी आपके पास ऑलरेडी है, यानी कि आपकी स्क्रीन पे शायद मेंशन हो रहा होगा, मेरी एडिटिंग टीम लगा देगी।
बाकी डेफिनेटली हम मिलेंगे ऐसी बहुत सारी प्यारी-प्यारी और post के साथ। तब तक के लिए आप सभी को जय माता दी, जय श्री राम।
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना Baba Gangaram Aghori Sadhna
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना Baba Gangaram Aghori Sadhna
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना Baba Gangaram Aghori Sadhna आज मैं , आपको अघोर विद्या की साधना बताने जा रहा हूँ। जैसे इस संसार में बहुत से अघोरी हुए, जैसे गंगाराम अघोरी, अघोरी नाथ, अघोरी बूचर नाथ, अघोरी मंसाराम अघोरी और किनाराम अघोरी, जो कि अघोर इल्म के बहुत ही विख्यात साधक हुए हैं और इन्होंने लोक भलाई के काम किए। उनकी ही मैं आपको आज साधना बताने जा रहा हूँ। इन अघोरियों में से गंगाराम अघोरी जी की साधना बताने जा रहा हूँ। यह अघोर साधना, आप श्मशान भूमि में इसका भोग प्रसाद देने के बाद इस अघोर इल्म को आप प्राप्त कर सकते हैं।
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना के लिए आवश्यक शर्तें और चेतावनी
जो भी गंगाराम अघोरी जी की साधना करना चाहते हैं, इसका मैं आपको एक शाबर मंत्र और इनका भोग प्रसाद बताऊँगा। लेकिनों, यह जो अघोर इल्म की साधना है, यह साधना वही साधक करें जिन्होंने गुरु धारणा की हुई है, जिनको इल्म के बारे में पूर्ण रूप से जानकारी हो या फिर इससे पहले इन्होंने किसी और देवी-देवताओं की साधना पूर्ण रूप से प्राप्त की हुई है।
वही इस साधना को करें और इसके अलावा, जब भी आप यह साधना आरंभ करें तो अपने गुरु-पीर से आज्ञा ज़रूर लें और जो भी आपके घर के इष्ट हैं, पूर्वज हैं, उनका भोग प्रसाद लगाने के बाद आपने यह साधना आरंभ करनी है।
गंगाराम अघोरी और अघोर इल्म का परिचय
बहुत बड़े साधक हुए गंगाराम अघोरी जी। लगभग सौ-डेढ़ सौ साल पहले यह गंगाराम अघोरी हुए। इन्होंने पूर्ण रूप से अघोर इल्म की प्राप्ति की। अघोर विद्या सबसे कठिन लेकिन तत्काल फल देने वाली विद्या है।
इसको साधक को साधना करने से पहले पूर्ण रूप से मोह का त्याग करना पड़ता है। पूर्ण अघोरी उसे कहते हैं जिसके अंदर से अच्छे-बुरे, प्रेम-नफरत, ईर्ष्या, मोह जैसी सभी भावनाएँ मिट जाएँ, उसको कहते हैं पूर्ण रूप से अघोरी। जिस को भी इस अघोर इल्म की प्राप्ति हो गई, फिर कोई भी संसार में ऐसा इल्म नहीं जो उसके सामने टिक पाए।
इतनी शक्तिशाली यह साधना होती है अघोर इल्म की, वह भी बाबा गंगाराम अघोरी जी की, जो कि अघोर इल्म के सम्राट हैं। बाबा गंगाराम अघोरी, पहले मैंने एक साधना डाली थी इनके छोटे भाई मंसाराम अघोरी जी की, लेकिन आज, मैं आपको गंगाराम अघोरी जी की यह साधना बताने जा रहा हूँ।
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना की संपूर्ण विधि
पहलेों, मैं आपको इसका भोग प्रसाद बता दूँ क्योंकि इसकी विधि क्या है, कि पूर्ण रूप से आपको पहले विधि को समझ लेना चाहिए कि इसका भोग प्रसाद आपने क्या देना है और कैसे इसकी आपने साधना करनी है। उसके बाद , आपने जो मैं आपको शाबर मंत्र बताऊँगा, उसका आपने जप करना है।
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना भोग प्रसाद की सामग्री और विधि
गंगाराम अघोरी जी की यह अघोर इल्म की साधना करनी है, जो इसका भोग प्रसाद है, वह मैं आपको बताने जा रहा हूँ। इसको आप शुक्ल पक्ष के शनिवार से आप इस साधना को शुरू कर सकते हैं। और जो भी इसका भोग प्रसाद है, वह आप नोट कर लें।
आपने शनिवार को जो भोग प्रसाद लेकर जाना है: दो लड्डू बूँदी वाले, सात पतासे, एक मीठा पान, एक कड़वा पान और जोड़ा लौंगों का और आपने एक लेकर जानी है कलेजी, बकरे की कलेजी भी ले सकते हैं और आप मुर्गे की कलेजी भी ले सकते हैं।
और उस कलेजी के आप दो पीस बना लें, एक पीस को तो आपने कच्चा ही रखना है और एक पीस को आपने सरसों का तेल, थोड़ी सी लाल मिर्च और थोड़ा सा नमक लगाने के बाद उसको भून लेना है। और उसको भी यह जो भोग प्रसाद है, इसके साथ ही लेकर जाना है।
और दो सिगरेटों का जोड़ा और एक प्याला शराब का, एक प्याला लेकर जाना है आपने। और यह जो सारा भोग प्रसाद है, आपने शनिवार को श्मशान भूमि में जाकर यह भोग प्रसाद देना है।
यह जो भोग प्रसाद है, आपने पहले सरसों के तेल का दीया जलाना है, उसके बाद उसके आगे उपलों की आग (अंगारी) बनाने के बाद, उस अंगारी के आगे रखें और उसके ऊपर देसी घी और सरसों के तेल की आहुतियाँ डालें।
यह जो सारा भोग प्रसाद है, सारा आपने उनके ऊपर आहुतियाँ डालनी हैं होम के रूप में। और जो दो सिगरेट हैं, उसको आपने जला कर रखना है और जो प्याला है, उसका आपने भोग लगाना है।
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना की अवधि और नित्यकर्म
सभी साधकों ने यह साधना पूर्ण रूप से अगर गंगाराम अघोरी की साधना करनी है, तो यह 41 दिन की होगी। और 41 दिन में, जो यह भोग प्रसाद है, आपने हर शनिवार को यह भोग प्रसाद देते रहना है भेंट के रूप में गंगाराम अघोरी जी को।
नित्य कर्मानुसार आपने जोड़ा लड्डुओं का, सात पतासे और जोड़ा लौंगों का और दो सिगरेटों का जोड़ा आपने नित्य कर्मानुसार, जब आपने साधना आरंभ करनी है, तो नित्य कर्मानुसार जो शनिवार के बीच में दिन आएँगे, यह भोग प्रसाद आप श्मशान भूमि में दे सकते हैं।
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना के समय रक्षा कवच
जब भी आपने इसकी साधना करनी है, तो आप की रक्षा के लिए आपने एक ख्वाजा साहिब की कड़ाही बनानी है, ख्वाजा साहिब की नियाज़ बनानी है।
सवा किलो की आपने ख्वाजा साहिब की नियाज़ बनानी है और बढ़िया लोबान की धूनी देने के बाद जब वह नियाज़ बन जाए, तो उसके ऊपर आप दो लड्डू रखें, सात पतासे रखने और दो मीठे पान रखने और एक चौमुखा आपने चिराग लगाना है देसी घी का।
इसको चलती नहर में, चलते पानी में आपने इस जो कड़ाही है, इसको बहा देना है और चिराग उसकी पत्तल के ऊपर लगा देना है।
ख्वाजा गरीब नवाज से विनती करनी है कि हम गंगाराम अघोरी जी की साधना करने जा रहे हैं, आपको साक्षी मानकर आप पूर्ण रूप से हमारी रक्षा करना, हमारे ऊपर कोई भी ऐसी गैर-बाधा न आए और पूर्ण रूप से हमें गंगाराम अघोरी जी की इस साधना की प्राप्ति हो।
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना का स्थान और नियम
जब आपने साधना करनी है, आप इसको श्मशान भूमि में बैठकर भी कर सकते हो और उसके बाद आप अपने घर में एक एकांत कमरे में बैठने के बाद भी यह साधना कर सकते हैं। आपने अपने सामने चिराग लगाना है और व पर एक जल का लेना है और जल के पातर को पानी से भरने के बाद आपने ख्वाजा साहिब को याद करने के बाद एक घेरा लगा लेना है जल का और इससे आपकी पूर्ण रूप से रक्षा होगी।
उसके बाद ही, जो मैं आपको शाबर मंत्र बताऊँगा, इसकाआपने जाप करना है। पहले आपने श्मशान भूमि में यह भोग प्रसाद दे कर आना है, उसके बाद आपने यह क्रिया करनी है। और 41 दिन ही आपने ब्रह्मचर्य का पालन करना है और जप करने के बाद आपने धरती के ऊपर ही रात को सोना है।
बाबा गंगाराम अघोरी का शाबर मंत्र
आपको बाबा गंगाराम अघोरी जी का यह शाबर मंत्र बताने जा रहा हूँ, जिसका आपने नित्य कर्मानुसार 11 माला का जप करना है। रुद्राक्ष की आपने माला लेनी है और रात्रि के समय इसका जप करना है। रात्रि 9:00 बजे के बाद ही आपने यह जाप आरंभ करना है। शुक्ल पक्ष के पहले शनिवार से आपने यह साधना आरंभ करनी है।
“चारों दिशाओं में गंगाराम अघोरी का डंका बाजे, ज तेरा नाम पुकारें, अघोरी आन बिराजे। मांस-मदिरा का भोग लगाएँ, लकड़ी जले, मुर्दा चिल्लाए। व अघोरी हाजिर हो जाए। मेरी भक्ति, गुरु की शक्ति, चले मंत्र, फुरे वाचा। देखो गंगाराम अघोरी, तेरे अघोर इल्म का तमाशा।”
बाबा गंगाराम अघोरी की अघोर साधना अंतिम निर्देश और सारांश
यह है गंगाराम अघोरी जी की पूर्ण रूप से साधना। जो भी यह साधना करना चाहते हैं, तो पहले अपने गुरु से आज्ञा लें। श्मशान भूमि में आपने यह सारा भोग प्रसाद देना है और 41 दिन की यह साधना होगी।
जिस भी ने इस साधना की प्राप्ति कर ली, तो दुनिया में ऐसा कोई भी इल्म नहीं, कि भूत-प्रेत, मड़ी-मसान, किया-कराया, कोई काला इल्म, मुसलमानी इल्म, कोई भी इल्म, मूठ इल्म, कोई भी जो विद्या है, पूर्ण रूप से बाँधकर रख देंगे गंगाराम अघोरी।
अघोर इल्म के सम्राट, महा सम्राट अघोरी हैं यह बाबा गंगाराम अघोरी। और बहुत से घरों में तो यह कुल देवता के रूप में माने जाते हैं गंगाराम अघोरी। जो भी इनकी साधना करना चाहते हैं, तो पहले आप ख्वाजा साहब की आपने हाज़िरी लगानी है, इनकी साधना करने से पहले उनको साक्षी मानकर ही आपने यह साधना आरंभ करनी है।
और जब आपके 41 दिन पूरे हों, तो उस समय भी आपने ख्वाजा साहब की जो मैंने आपको नियाज़ बताई है, उसकी हाज़िरी देनी है। और जब आपको इस साधना की प्राप्ति हो जाए, तब भी आप यह भोग प्रसाद उनका कभी-कभी देते रहें।
इसी शाबर मंत्र का नित्य कर्मानुसार आप जाप करते रहें गंगाराम अघोरी जी के इस शाबर मंत्र का। , इसी तरह से एक नई विधि, एक नई विद्या के साथ फिर मिलेंगे। तब तक जय माता काली, जय बाबा भैरवनाथ।
बाबा मंसाराम और गंगाराम अघोरी की साधना: शक्तियाँ और विधान
बाबा मंसाराम और गंगाराम अघोरी की साधना: शक्तियाँ और विधान
नमस्ते, मैं आप सभी का गुरु मंत्र साधना ‘ में स्वागत करता हूँ। आज जो मैं आप लोगों के लिए पोस्ट लेकर आया हूँ, वह पोस्ट बहुत ही स्पेशल और लाजवाब होने वाली है। तो यह जो पोस्ट मैं देने जा रहा हूँ, यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी है।
साधना का परिचय और पृष्ठभूमि
जैसे मैंने अभी आप लोगों को पहली पोस्ट में, इससे पहले जो पोस्ट लिखी थी, उसमें बताया था आशु मेहतरानी के विषय में कि आशु मेहतरानी, इस्माइल जोगिनी के आगे क्यों कोई भी देवी-देवता नहीं आते, उनकी शक्ति के आगे कोई भी देवता क्यों नहीं टिक सकते हैं।
हमने बाण का प्रयोग कर दिया है तो अगर हम पूजते हैं तो हमारी मतलब है कि कोई काट नहीं सकता। आज मैं बताऊँगा कि आप अगर उनको पूजते हैं, उनकी साधना करते हैं तो आप क्या-क्या कर सकते हैं, किस हद तक कर सकते हैं और उनकी साधना करने के बाद आपको क्या फल हो सकता है।
सिद्ध गुरु: बाबा मंसाराम और गंगाराम अघोरी
बाबा मंसाराम और गंगाराम अघोरी की साधना: शक्तियाँ और विधान
तो जैसे कि सभी लोग जानते हैं, तंत्र जगत में बाबा मंसाराम अघोरी, गंगाराम बाबाजी, ये बहुत ही विख्यात हैं और ये सिद्ध गुरु हैं, यानी कि यह सिद्ध गुरु थे। उसके बाद जब इन्होंने देह त्यागी तो उसके बाद में इनका स्थान, बाबा गंगाराम जी का, जबलपुर में है और मंसाराम जी का मुझे ध्यान नहीं है कहाँ है, लेकिन मंसाराम जी का भी जिक्र है।
बहुत पावरफुल होते हैं बाबा मंसाराम और गंगाराम। इनके मंत्र अगर आप पढ़ोगे तो मेरे पास इतने प्रचंड गुरुमुखी मंत्र हैं इनके, मतलब आप मंत्र तो समझ सकते हैं कि पीपल पर मूतते, श्मशान में हगते, मैदान में। गाय, भैंस, सूअर, कुत्ता, चारों खाने वाला।
साधना से प्राप्त होने वाली सिद्धियाँ और शक्तियाँ
बाबा मंसाराम अघोरी, बाबा गंगाराम अघोरी, अगर आप बाबा मंसाराम या गंगाराम अघोरी की साधना करते हैं तो क्या प्राप्त कर सकते हैं? ये श्मशान में दर्शन देते हैं, सिर पर खेलते हैं। शरीर पर, और इसी प्रकार इनका नाम है कि अगर आप चाहें तो सिर पर खेलते हैं।
बाबा मंसाराम अघोरी एक मुर्गे पर भी मान जाते हैं, नहीं तो हंड्रेड परसेंट सूअर का बच्चा चाहिए इनको। अगर आप सूअर का बच्चा चढ़ाते हैं बाबा अघोरी को, मंसाराम अघोरी को, तो वे इतने प्रचंड और उपयोगी सिद्ध होते हैं कि ऐसा कोई कार्य नहीं जो आप उनके माध्यम से नहीं कर सकते।
ये तो स्वयं सिद्ध हैं और ऊपर से अघोरी हैं। और तीसरी बात, इन्होंने इतनी साधनाएँ कर रखी थीं, इतनी कर रखी हैं, मतलब इन्होंने अपने जीवन में इतनी साधना कर रखी होगी कि जो उनकी शक्तियाँ हैं, जो उनसे जुड़ी हैं – भूत, प्रेत, जिन्न, जिन्नात, किया-कराया, मसान, जागृत किया, कितने भी – तो जितनी इनके पास सिद्धियाँ हैं।
वह सारा ज्ञान आपको प्राप्त हो जाएगा अगर आप बाबा मंसाराम अघोरी को प्रत्यक्ष कर लेते हैं, उन्हें साध लेते हैं। इसी प्रकार गंगाराम जी को अगर प्रत्यक्ष कर लेते हैं, तो जो इनकी शक्तियाँ हैं, वह भी आपको प्राप्त हो जाएँगी।
गुप्त विद्याओं का ज्ञान
इन शक्तियों को सिद्ध करने से, जैसे ये सिद्ध गुरु हैं, सिद्ध पुरुष मतलब सिद्ध गुरु रहे हैं। ये गुप्त विद्या का ज्ञान देते हैं, ऐसे मंत्रों का ज्ञान देते हैं जिनका वर्णन कहीं नहीं है। गुप्त विद्या, गुप्त शक्तियों का ज्ञान, गुप्त मंत्रों का ज्ञान, गुप्त धन का ज्ञान और गुप्त औषधियों का, यानी कि जड़ी-बूटी का ज्ञान, हर चीज का ज्ञान इनके पास होता है। वह अद्भुत कार्य आप कर सकते हैं जिसका आपने अपने जीवन में कभी सोचा नहीं होगा कि यह कार्य भी आप उनके माध्यम से कर सकते हैं।
अघोरी साधना की विशिष्टताएँ
सबसे स्पेशलिस्ट होते हैं गंगाराम, मंसाराम। किसी की गद्दी बाँधना, किसी के ऊपर भूत चढ़ाना, प्रेत चढ़ाना, किसी की चीज में कुछ भी खिला देना। वशीकरण स्पेशलिस्ट। अगर बाबा मंसाराम अघोरी या गंगाराम अघोरी आपके सिद्ध हैं, उनको आपने प्रत्यक्ष कर रखा है। तो उनके नाम से केवल आप राख को उठाकर दे दीजिए और सामने वाला किसी चीज में मिला दे, आपका काम हो गया।
कुछ ताम-झाम करने की जरूरत नहीं होती है। बहुत पावरफुल हैं। इनकी गद्दियाँ लगती हैं, दरबार लगते हैं। कहने का मतलब अगर आप बाबा मंसाराम अघोरी या गंगाराम अघोरी की साधना करते हैं तो शेष कुछ नहीं रह जाता है।
इनकी शक्तियों की प्रचंडता
जिस प्रकार इस्माइल जोगिनी को इतनी जल्दी से कोई नहीं बाँध सकता, तो ठीक उसी प्रकार बाबा मंसाराम अघोरी को या गंगाराम अघोरी को भी कोई आसानी से नहीं बाँध सकता है। क्योंकि यह स्वयंसिद्ध हैं और इनके आगे कोई देवी-देवता सहज नहीं आते हैं।
क्योंकि ये देवी-देवता तक पर पलटवार करते हैं, देवी-देवताओं को भी बाँध लेते हैं। क्योंकि इन लोगों ने इतनी साधनाएँ स्वयं में कर रखी हैं कि आप इनके मंत्रों से ही समझ सकते हैं।
साधना का नैतिक पक्ष और उद्देश्य
कहने का मतलब है कि इनके द्वारा, अगर आप बाबा मंसाराम अघोरी या गंगाराम अघोरी की साधना कर लेते हैं, तो सात्विक कार्य आप कर सकते हैं जो सत्कर्म के अंतर्गत आते हैं। जरूरी नहीं है कि आप सोचें कि भाई मुझे कोई शक्ति सिद्ध करनी है।
यह तंत्र जगत में महारथी थे और आज भी हैं और आने वाले टाइम में भी महारथी रहेंगे। इन्हीं सिद्धात्माओं ने तंत्र की नींव रखी थी। बाबा गंगाराम, बाबा मंसाराम, कालूराम, ये नाम बहुत ही पावरफुल हैं। इनके नाम से ही लोगों का कल्याण हो जाता है, समझिएगा।
साधना का सही उपयोग
इसके माध्यम से भलाई भी कर सकते हैं और मारण भी हटा सकते हैं, उच्चाटन भी हटा सकते हैं। भूत-प्रेत तो हटाते ही हैं और मूठ करनी को भी कर सकते है। बहुत प्रचंड और उग्र, इनके बारे में सभी लोग भली भाँति जानते हैं कि बाबा गंगाराम अघोरी कैसे हैं, वह कैसे नहीं हैं और बाबा मंसाराम कैसे हैं। और बड़े हठी होते हैं।
एक बार अगर यह किसी से सिद्ध हो जाएँ तो उसकी दोबारा नैया पार है और एक बार किसी से अगर यह रुष्ट हो जाएँ, तो उसे बचाने वाला पैदा नहीं है, यह भी ध्यान रखना।
शक्तियों के उपयोग में सावधानी
ये जितनी भी शक्तियाँ होती हैं, जितनी जल्दी ऊपर लगती हैं, कृपा कराती हैं, जितना फल देती हैं, उससे चार गुना कष्ट देती हैं। तो मैं सभी लोगों से कहता आया हूँ कि जो भी व्यक्ति साधना करे, शक्तियाँ अर्जित करे, , शक्तियाँ आप अर्जित कीजिएगा, साधना कीजिएगा, लेकिन जनकल्याण में पैसा लेना, पैसा कमाना बुरी बात नहीं है।
लोगों ने एक अवधारणा बना रखी है कि कोई बाबा है, तांत्रिक है, तो पैसे नहीं लेता, खाना नहीं खाता है। खाना तो वह भी खाता है, जो तुम पहनते हो, वह भी वही पहनता है। तो यह अवधारणा गलत है।
अगर आपको कोई अपनी सर्विस दे रहा है, आपका काम करके दे रहा है, उसके एवज में फीस लेना है तो क्या गलत हुआ?
लेकिन हाँ, इन शक्तियों के माध्यम से दूसरे का बुरा नहीं करना है, जनकल्याण करना है। यानी कि किसी की समस्या का समाधान करना ही जनहित है, जो समाज की नजरों में अच्छा कार्य हो।
यह नहीं कि पड़ोस से कोई काम लेकर आए कि उसे पड़ोस की भाभी अच्छी लगे, तो समस्या तो उसकी है।
जनकल्याण का महत्व
कोई किसी की वाइफ गलत संगत में पड़ गई है, किसी का बेटा गलत संगत में पड़ गया, किसी की बेटी गलत संगत में पड़ गई है, किसी पर किया-कराया है, खिलाया-पिलाया है, जन कल्याण कीजिए।
जिस काम से दुआ मिले। और मैं यह भी कहता हूँ, सब कुछ पैसा ही नहीं होता है। पैसा और भी तरीकों से कमाया जा सकता है। किसी का बुरा करेंगे तो वह ज्यादा दिन नहीं टिकेगा, किसी का सही करेंगे तब ज्यादा दिन टिकेगा, यह सोचिएगा। तो जो भी करें, जनहित के उद्देश्य से करें।
आगामी साधना शिविर की घोषणा
तो अब जैसे कि मैंने आशु मेहतरानी के विषय में बताया, इस्माइल जोगिनी के विषय में बताया, बाबा मंसाराम के विषय में बताया, किसी अन्य के विषय में अगली पोस्ट में बताऊँगा कि उनके माध्यम से क्या-क्या कर सकते हैं।
यह जो मैं बता रहा हूँ, ये पूर्ण रूप से अघोरी होते हैं। और मैं आप सभी लोगों के बीच में, बहुत समय पहले मेरी वीडियो में मंसाराम के विषय में बता चुका हूँ।
पंजीकरण और तैयारी
जो साधना चाहते हैं, रजिस्ट्रेशन ओपन है। एक महीने पहले से रजिस्ट्रेशन कराएँ तो मैं बता देता हूँ कि शिविर में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य इसलिए है क्योंकि जब आप रजिस्ट्रेशन करा लेंगे, तो जो भी आप साधना करना चाहते हैं।
उसका मंत्र आपको दे दिया जाएगा, प्रोवाइड कर दिया जाएगा या व्हाट्सएप कर दिया जाएगा। मंत्र जैसे ही आप रजिस्ट्रेशन कराते हैं, इस मंत्र को कंठस्थ करके आना है और आने का फल तभी है जब यह मंत्र आपको कंठस्थ होगा। आने का, जो मंत्र कंठस्थ नहीं होगा, तो कैसे मतलब फल मिल पाएगा? क्योंकि साबर मंत्र होते हैं, बड़े उग्र होते हैं, टेढ़े-मेढ़े होते हैं।
शिविर में शामिल होने का आह्वान
रजिस्ट्रेशन जल्दी से जल्दी कराइए जो आना चाहता है, जुड़ना चाहता है, साधना करना चाहता है, शक्तियाँ क्या होती हैं यह जानना चाहता है, तो वह शिविर ज्वाइन कर सकता है। और इसको प्रमाणित और परीक्षित यहीं किया जाएगा।
अगर आप रियल में साधक हैं, आप चाहते हैं कि शक्तियाँ कैसी होती हैं और शक्तियाँ आपके जीवन में आने से साधक के जीवन में क्या परिवर्तन होता है, अगर इन चीजों से रूबरू होना चाहते हैं, तो इस शिविर को ज्वाइन कीजिए। ज्वाइन करने के बाद जो भी आप साधना करना चाहते हैं, वह साधना कराई जाएगी, उसको चलाने का तरीका, प्रैक्टिकल, सब कुछ कराया जाएगा।
संपर्क जानकारी और समापन
आज के लिए इतना ही जो आना चाहता है, रजिस्ट्रेशन करा सकता है। हमारी हर वीडियो के डिस्क्रिप्शन में आपको अकाउंट नंबर मिल जाएगा। इसी नंबर पर हमारा फोन पे, गूगल पे, पेटीएम चालू है। रजिस्ट्रेशन फीस जमा करके आप स्क्रीनशॉट व्हाट्सएप कर सकते हैं, अपना आधार कार्ड और फोटो। अधिक जानकारी के लिए हमारी संस्था के नंबर पर कॉल करें। संस्था का नंबर है 85280 57364।
सुबह 10 से शाम 7 तक खुला है। इस बीच में एक घंटे का आराम का समय रहता है, एक से दो, उस टाइम कॉल ना करें। तो जो आना चाहता है, वेलकम। आइए और कुछ नया लेकर जाइए। तो दोस्तों, आज के लिए इतना ही। फिर मिलेंगे एक नई जानकारी के साथ और एक नई वीडियो के साथ। तब तक के लिए जय श्री महाकाल। शांति, शांति।
पुतली तंत्र प्रयोग रहस्य putalee tantra prayog rahasy ph .85280 57364 हमारी वेबसाइट में आप सभी भाई-बंधुओं का स्वागत है। मैं हूँ, आज हम आपको बताएँगे कि बारह श्मशान में जो पुतले के ऊपर प्रयोग किया जाता है। तो आज जो है, श्मशान का एक प्रयोग है, श्मशान का जप जो कि शत्रु के ऊपर बहुत सारे तांत्रिक करते हैं।
बहुत पहले से, पुरातन समय से ही यह तंत्र जो है, चलता आ रहा है। इसमें होता यूँ है कि जो व्यक्ति होता है, उसका नाम, पता लिया जाता है और उसका बाल या फिर नाखून, उम्र या फिर कोई पेशाब की ऐसी वस्तु ली जाती है, जैसे कि मिट्टी, जहाँ उसने पेशाब किया हो, उस मिट्टी को लिया जाता है।
यानी कि कोई शारीरिक चीज़ ली जाती है, चाहे उसके सिर के बाल हों, उसका कोई नाखून हो या उसका कोई कपड़ा हो।
तो भी यानी कि कोई भी शारीरिक स्पर्श हो जाए, उसके शरीर का कोई भी अंग हो या वस्तु, उसके ऊपर तांत्रिक क्या करते हैं और करते आए हैं, कि यह एक पुतला बना लेते हैं, आटे का पुतला बना लेते हैं और मंत्रों द्वारा उसको जो है, फूँक देते हैं।
और उसका सीधा संबंध जो है, उस व्यक्ति का उस पुतले से हो जाता है। क्योंकि कैसे हो जाता है? तंत्र यही तो तंत्र है, जो आप दूर से नहीं कर सकते, वह होने लग जाता है।
तो फिर जो वह कहीं भी, अगर वह कहीं भी उस पुतले के अंदर, मान लो बड़ी सुई डालता है या फिर साही जानवर का काँटा होता है, बहुत लंबा, वह डालता है, तो वहीं-वहीं उसके दर्द होता है।
तो यह करते थे या करते हैं कि उस काँटे को दिल के आर-पार करके वहाँ पर गाड़ देते हैं। उस व्यक्ति का धीरे-धीरे इतना ज़्यादा दर्द बढ़ जाता है कि उसको कोई भी इलाज रास नहीं आता।
वह कोई भी इलाज करवाता है, वह सही नहीं हो पाता क्योंकि जब तक उस पुतले का तंत्र नहीं कटेगा, तब तक वह भले ही लाखों रुपए खर्च कर ले, तब तक उसको कोई भी प्रभाव उस पर नहीं पड़ेगा।
तो ऐसा हुआ भी है, मेरे पास केस आए हैं। नई दिल्ली से मेरे पास बहुत सारे केस आए एक ही बार में। वहाँ पर किसी तांत्रिक ने, मतलब दिल्ली में भी ऐसे तांत्रिक हैं जो इस तरीके की तांत्रिक प्रक्रिया जानते हैं, जो कि इस तरीके के कार्य करते हैं।
तो वह व्यक्ति जो है, मरणासन्न पर पड़ा हुआ था जब उन्होंने मेरे को फोन किया। तो अगर वह कुछ दिन लेट कर देते, तो उसकी स्थिति ही ऐसी थी कि उसको दुनिया छोड़कर जाना ही पड़ता। शरीर है, कब तक झेल सकता है, कोई सीमा होती है।
तो ऐसा करने से सारे शरीर पर ज़्यादा प्रभाव आना शुरू हो जाता है और सीरियस व्यक्ति मरणासन्न से ऊपर पहुँच जाता है।
तो उसको मेरे पास लाया गया गाड़ी पर और उसका मैंने तंत्र काट जो विधि-विधान से किया, उसके चार-पाँच दिन तक वह पूरा जो है, चलने-फिरने लग गया और दस दिन तक वह पूरा तंदुरुस्त हो गया। उसको टेस्ट वगैरह करवाए, कुछ भी नहीं आया था, ना ही पहले आया था और ना ही अब आ रहा था।
बस डॉक्टर उनको बोल रहे थे कि हुआ क्या है, यह समझ से परे है कि उनको कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। लेकिन उस व्यक्ति की जो जान पर आई हुई थी, तो वह दस दिन के बाद पूर्ण स्वस्थ हो गया।
और पहले वह पता नहीं महीनों-महीनों जो है, कभी इस डॉक्टर के, कभी उस डॉक्टर के। डॉक्टर वही ठीक कर सकता है अगर आपको कोई मामूली सी प्राकृतिक दिक्कत हो गई है।
आपकी सर्जरी करके वह आपको ठीक कर सकता है, बहुत पावर होती है डॉक्टर में भी। वह आपको कोई भी बीमारी अगर है तो बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज आज जो है, डॉक्टर जो है, कर सकते हैं, इतनी उनमें शक्ति है।
लेकिन इस बीमारी का इलाज वह नहीं कर सकते हैं। अगर यह बीमारी उनको भी दे दी जाए तो डॉक्टर खुद भी कहीं भी चला जाए, बड़े से बड़े हॉस्पिटल में चला जाए, वह ठीक नहीं होगा। तो तंत्र इतनी घातक बीमारी है।
क्योंकि पहले समय में इसीलिए कई बार होता था, तांत्रिक को मार भी दिया जाता था क्योंकि आज मारोगे तो आपके ऊपर पुलिस केस तो होगा ही होगा।
इसलिए जो है, पहले समय में लोग मार दिया करते थे अगर कोई ज़्यादा दुष्ट हो जाता था। तो इसलिए आज भी जो है, गुप्त तरीके से लोग काम करते हैं, किसी को परेशान करते हैं।
यह विद्या हमारे पास भी है लेकिन उपयोग में यह विद्याएँ तभी लाई जाती हैं जब कोई बड़ा ही दुष्ट इतना किसी को पीड़ित कर दे कि उसके पैर रखने की भी जगह ना हो, कि मैं कहाँ पैर रखकर साँस ले लूँ, कहाँ मैं किसके पास जाकर साँस ले लूँ।
साँस लेना तक दूभर कर दिया हो, उसके लिए यह प्रयोग किया जाता है। और हमने किया भी है ऐसे व्यक्ति पर किया है जिसको देखकर, जिसके कार्य, जिसके कर्म देखकर खून खौल जाए। ऐसे व्यक्ति पर किया था हमने, जब कि अंदर से हमारा खून खौला था तब किया था।
किसी लालच में इसका प्रयोग नहीं किया था। लालच में तो लाखों रुपए देने के लिए तैयार हो जाते हैं कि हमारे दुश्मन को यह कर दो, वह कर दो।
देखो, आप उसके दुश्मन हैं, वह आपका दुश्मन है, लेकिन दुश्मनी बनी है तो आप जो है, खुद लड़ो। कुछ भी हो सकता है, आप गलत हों, वह सही हो। दुश्मन का यह मतलब नहीं होता कि कोई दुश्मन है आपका, तो वह गलत है और आप भी तो उसके दुश्मन हैं, आप भी गलत हो सकते हैं उसके लिए।
इसलिए अगर वह ज़्यादा गलत करता है आपके साथ तो आप मुझे बता सकते हो कि यह बिना वजह इसने किया है।
अगर आपस में बहस कोई छोटी-मोटी बात को लेकर बढ़ गई, कल को उसके लिए यह नहीं कि आप मारण प्रयोग करवा दो। ऐसा है कि अगर मान लो हम भी जैसे एक इंसानियत के नाते जो होता है ना, तो ही किया जाता है।
मान लो इंसानियत के नाते हमें लगता है कि उसने, दरिंदों से भी… दरिंदा भी ऐसे गंदे कार्य नहीं करता जैसे तुमने कार्य किए हैं, तो हम उस व्यक्ति के लिए प्रयोग कर सकते हैं।
व्यक्ति हमसे संपर्क भी कर सकता है कि ऐसे कर्म करने वाला व्यक्ति है, कि आप उस पर प्रयोग कर देंगे? हम सोच-विचार के उसको बता सकते हैं, हाँ या ना में उत्तर दे सकते हैं।
अगर कोई ऐसा दुश्मन है, दुश्मन ऐसा है आपका कोई, या कोई व्यक्ति ऐसा हो सकता है आपका दुश्मन ना हो, किसी को पीड़ित कर रहा है, गलत कार्य कर रहा है।
वह आप उसके बारे में या आपको भी परेशान कर रखा है, उसके लिए मुझे बोल सकते हैं। उसके लिए मैं हाज़िर हूँ, लेकिन आपकी अपनी निजी दुश्मनी के लिए मुझे फोन ना करें क्योंकि उस निजी दुश्मनी में मैं किसी का भी घर बर्बाद नहीं कर सकता। मैं सिर्फ अच्छाई के लिए शक्तियों का प्रयोग कर सकता हूँ, बस।
तो यह जो है, अर्द्धरात्रि में जो यह पुतले की क्रिया होती है, इसको जब किया जाता है, एक घंटे के अंदर-अंदर पूरा जो है, जागृत हो जाता है पुतला। जब जागृत होता है तो आप क्रिया करते हैं, जैसी पीड़ा उसको देनी है, वैसी देते हो और फिर उसको गाड़ देते हो।
उसको उखाड़ने वाला भी कोई नहीं, अगर उखाड़ देता है वहाँ से, तुरंत वहाँ से उसका तंत्र कट जाएगा।
मान लो पिन घुसेड़ दिया, तो पिन निकाल दोगे तो उसका तंत्र खत्म हो जाएगा। काट दोगे बीच में से पकड़कर, कोई अच्छा शांति मंत्र पढ़कर, तो कट जाएगा।
लेकिन जब तक उसको उखाड़ेगा नहीं, तब तक नहीं हो सकता है। और पुतले में, पुतले के भी बंधन तंत्र बहुत सारे आते हैं, घातक से घातक।
मिलते हैं आपके लिए कोई और नई जानकारी लेकर, नए तंत्र के ऊपर कोई नई जानकारी लेकर मैं। तब तक के लिए नमस्कार।
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नमस्कार, आप सबका हमारे चैनल गुरुमंत्रसाधना.कॉम में फिर से स्वागत है। देखिए, जो आज का टॉपिक रहने वाला है, वह हमारा टॉपिक रहेगा तंत्र विद्या से, ब्लैक मैजिक से, काले जादू से, काले इल्म से, सिफली इल्म से, किसी भी प्रकार के जादू-टोना, तंत्र-मंत्र से कैसे बच सकते हैं, कैसे सुरक्षित कर सकते हैं, नेगेटिव चीजों से कैसे बचें, नेगेटिव शक्तियों से कैसे बचें। इसी टॉपिक के ऊपर बात करूँगा। जो भी चीज मैं आपको बताऊँगा, बिल्कुल फ्री वाली चीजें बताऊँगा।
अब मैं आपको एक चीज बताता हूँ, हर व्यक्ति अपने साथ सुरक्षा लेकर चलता है। अब सुरक्षा कई तरीके की हो सकती है। भौतिक सुरक्षा होती है, सिक्योरिटी गार्ड आप रख लो, गनमैन रख लो, वो आपकी भौतिक सुरक्षा हो गई।
एक तांत्रिक सुरक्षा भी एक बहुत लाज़मी पार्ट होता है। तो बाहरी सुरक्षा तो आपको नजर आ जाती है, तांत्रिक जो सुरक्षा है, यह भी एक बहुत जरूरी पार्ट है। कुछ लोग मेरे से सवाल पूछते हैं, अगर जादू-टोना रियल में होता है, तो ये बड़े-बड़े जो पॉलिटिशियन हैं, इनके ऊपर क्यों नहीं होता है? बहुत सारे लोग इनके दुश्मन हैं, तो इनके ऊपर करके आसानी से यह बात मतलब किसी को पता भी नहीं चलेगा और मामला भी साफ हो जाएगा और यह तो बहुत आसान तरीका है।
अगर कोई करना चाहे तो आसान तो है। जो बड़े-बड़े पॉलिटिशियन हैं, उनके ऊपर इसलिए नहीं हो सकता है क्योंकि वह महंगे-महंगे कवच पहन के चलते हैं, बगलामुखी के कवच, महंगे-महंगे कवच पहनते हैं। इसीलिए कोई भी तांत्रिक इनके ऊपर कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।
क्योंकि लोग ओपनली हमें भी चैलेंज करते हैं, अगर दम है तो आप फलाने आदमी के ऊपर करके बताओ, जो फलाना पॉलिटिशियन है, वो यह कर रहा है, वो कर रहा है, आप उसके ऊपर करके दिखाओ। तो भाई इसीलिए यह चीजें नहीं होती हैं।
दूसरी चीज, अगर कोई व्यक्ति किसी के ऊपर कुछ करना चाहे तो उसकी डिटेल होनी उसके पास लाज़मी है। डिटेल के साथ-साथ उसके शरीर का कोई पार्ट, रुमाल हो या आपका बाल हो या नाखून हो, तब पॉसिबल है ऐसा कि किसी के ऊपर कुछ किया जा सके, अदरवाइज पॉसिबल नहीं है।
चलो मैं अपने टॉपिक के ऊपर आता हूँ। मैं आपको फ्री के तरीके बताऊँगा जिससे आप इन चीजों से बच सकते हो। यह ऐसे तरीके रहेंगे, कोई भी तंत्र साधना कर लो, तो उसमें भी आपकी सुरक्षा पक्की है। उसमें भी आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है, चाहे रात को आप श्मशान में चले जाओ, इस लेवल की सुरक्षा आपको मिलने वाली है।
तो फ्री की चीजें ही बताऊँगा मैं लगभग और किस तरीके से किसी के ऊपर किया जाता है, वो कैसे बचा जाता है, इसको पूरा डिटेल के साथ बताऊँगा। देखो, हर गरीब आदमी तो महंगे कवच पहन नहीं सकता।
पहली बात यह है, हम करते तो कोई पहन नहीं सकता, अफोर्ड नहीं कर सकता। कोई गरीब आदमी महंगे कवच नहीं पहन सकता, आपको पता ही है क्योंकि उसका तो बेचारे का गुज़र-बसर भी बहुत मुश्किल से होता है, तो वो क्या चीज कर सकता है जिससे उसको सुरक्षा मिल सकती है? तो मैं आपको वही चीज बताने वाला हूँ।
अब आप सुनिए। देखिए, हर बंदे की बॉडी के पास एक शैडो होती है, जिसको हम ऑरा बोलते हैं, आपकी ऊर्जा होती है। जब भी अगर किसी को कुछ करना होता है, अगर आपका ऑरा वीक है, तब आपको यह चीजें बहुत जल्दी नुकसान पहुँचाएँगी।
अगर आपका ऑरा स्ट्रांग है, कोई भी शक्ति आपके पास आएगी और टकरा के वापस चली जाएगी। ऑरा का काम यह होता है, आपकी ऊर्जा होती है। आपकी ऊर्जा जब कम होती है, तो तभी ही छोटी-छोटी चीजें आपको घेर लेती हैं, जल्दी से पकड़ लेती हैं।
अच्छा, यह ऑरा बनता कैसे है? ऑरा बनता है आपके पूजा-पाठ से। जितना ज्यादा पूजा-पाठ करते जाओगे, आपके अगल-बगल एक लेयर बनती जाएगी, वह लेयर आपकी सुरक्षा करती है।
अगर वो लेयर छोटी हो जाए, किसी दूसरे व्यक्ति ने कुछ आपके ऊपर कर दिया, तो लेयर आसानी से टूट भी जाती है एक झटके में। अपने ऑरा को जितना स्ट्रांग रखोगे, उतना ज्यादा आप बचोगे। अब सामने वाले को भी क्या है, फिर डबल मेहनत करनी पड़ेगी आपके ऊपर कुछ करने के लिए।
अगर आपकी ऊर्जा 100 की है, तो उस सामने वाले को 200 की ऊर्जा लानी पड़ेगी, तभी आपको वो कर सकता है। जहाँ वीक हुए, वहीं पर आपके ऊपर अटैक हो जाता है।
तो बेसिकली इस तरीके से काम होता है। कुछ लोग बोलते हैं कि बॉडी में बहुत सारी नेगेटिव चीजें उनको पकड़ लेती हैं। जब ऑरा वीक होता है, तो नेगेटिव चीज भी आपके ऊपर इम्पैक्ट करेगी, बहुत जल्दी आपके पास आएगी। उसको पता है यह आदमी कमजोर सा है।
यह सच्चाई है मैं आपको बता रहा हूँ। जब भी इंसान कमजोर होता है, उनके ऊपर चीजें हावी होती हैं। चाहे कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा नशे के अंदर है, तो उसके अंदर भी ये चीजें हावी हो जाती हैं।
रात को अचानक से उनकी बॉडी के ऊपर दबाव पड़ता है, वो चिल्लाते हैं, आवाज नहीं आती, तो इस तरीके से भी उनके साथ होता है क्योंकि हावी हो जाती हैं गलत चीजें बहुत जल्द।
अच्छा, आपको मैं कुछ रेमेडी बताने वाला हूँ जिससे आप ऑरा को स्ट्रांग कर सकते हैं। देखो, सबसे पहली बात आ गई, अगर आपके पास पूजा-पाठ के लिए समय नहीं है, आप बिजी रहते हो, तो आप हमसे कवच मँगवा करके भी पहन सकते हो।
अगर नहीं ऐसा आप अफोर्ड नहीं कर सकते हो, तो भाई कोई दिक्कत नहीं। तो मैं आपको प्रैक्टिकल चीजें बताने वाला हूँ। देखो, सबसे पहले होता है भैरव अष्टकम। भैरव अष्टकम की अगर आप साधना कर लेते हो, इसकी साधना होती है 40 दिन की और वह आपने जमके कर ली, उसके बाद आप भले श्मशान में चले जाओ, कहीं पर भी चले जाओ, कोई भी शक्ति आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। ऐसे ही मेरा एक साधक है, उसका नाम आशु है।
उसका मैंने अनुभव पूरी डिटेल के साथ बता दिया है, फुल डिटेल काल भैरव अष्टकम के ऊपर। किस तरीके से उसके साथ अनुभव हुए, क्या हुआ, किस तरीके से उसकी मदद होती है।
काल भैरव अष्टकमकरने के बाद बहुत सारी उसने ऐसी चीजें करीं, तो वो चीजें उसके पास भटकती नहीं हैं, उसको दिखाई देती हैं, उसके पास आने की हिम्मत नहीं करतीं, मतलब दूर रहती हैं बहुत ज्यादा। तो इतनी पावरफुल चीज है, आप उसका कर सकते हो। उसका पूरा अनुभव अगर आपको सुनना है डिटेल सहित, तो मैंने डाल रखा है उसका वीडियो, तो आप सुन लीजिए।
दूसरी चीज है, अगर कोई मुसलमान भाई है, तो हिंदू भी कर सकता है, आयतुल कुरसी करे, दरूद शरीफ के साथ कर ले। और यह भी बहुत पावरफुल चीज है, 313 मर्तबा 40 दिन तक अगर किया जाए, तो यह भी बहुत जल्दी आपको बहुत तगड़ा प्रोटेक्शन देगी, जो आपका प्रोटेक्शन रहेगा, बहुत अच्छे तरीके से करेगी। इवन आप खुद को भी सुरक्षित कर सकते हो, दूसरों को भी, इतनी आपके अंदर पावर आती है।
तो उसका भी जो एक अनुभव है सेपरेट, तो आयतुल कुरसी के बारे में वो मैं जरूर आगे डालूँगा अपने इस चैनल पे। तो मेरे एक कुलदीप सिंह हैं, एक साधक हैं हमारे।
उनको हमने यह आयतुल कुरसी करवाई थी। एक और साधक है, वह लुधियाना से है, उसका नाम है देशराज सिंह। जो देशराज सिंह था, उसको माला की जरूरत पड़ी और यह कुलदीप सिंह उत्तराखंड, हरिद्वार के नजदीक का था।
मैंने इसको फोन करा, आप माला भेज दीजिए इस बंदे को, शुद्ध स्फटिक की माला चाहिए। उस बंदे ने उसके ऊपर जाप वगैरह करके, वह डेली जाप करता था आयतुल कुरसी का। तो चलो, उसने बोला इसी माला के ऊपर कर लेता हूँ, करके भेजा।
जैसे ही उसने पकड़ा, तो उसको बहुत जबरदस्त करंट लगा। ऐसा रियलिटी में संभव है। मतलब वो हैरान मान गया कि उसके साथ हुआ क्या। तो भाई, यह चीज इम्पॉसिबल नहीं है। क्योंकि उसको करंट इसलिए लगा क्योंकि उसकी बॉडी के अंदर कोई नेगेटिव चीज थी। जैसे ही उसने उस माला को छुआ, तो झटका लगा। तो दूसरी चीज यह हो गई प्रोटेक्शन के लिए।
तीसरी चीज आप बजरंगबली जी का कर सकते हैं। बजरंगबली जी का ज्यादा रेकमेंड मैं इसलिए नहीं करता हूँ क्योंकि भाई पवित्रता की इसमें बहुत जरूरत होती है।
अगर आपको पवित्र साधनाएँ करनी हैं, सात्विक साधनाएँ करनी हैं, सोम्य साधना करनी है, तब तो आप यह करो। अगर आपको श्मशानी क्रिया करनी है, तो उस तरीके से करना है।
आप मांस-मछली खाने वाले हो, दारू-अंडा पीते हो, आप तामसिक बंदे हो, तो आपको यह साधना नहीं करनी। उसके अलावा और भी चीजें हैं, जो हर तरीके का बंदा कर सकता है, सात्विक और तामसिक। आप सुबह 4:00 बजे उठ के हरि ओम का जाप करते हो, ओंकार की साधना करते हो, आपके अंदर भी वह आपका जो ऑरा है, कई गुना बढ़ जाएगा।
यह रियलिटी है, ओंकार से बहुत तेजी से ऑरा बढ़ता है। चारों तरफ आप एक सुरक्षा कवच बनेगा, वो सुरक्षा कवच आपको हर तरीके की मुसीबत से बचाएगा। ओंकार का भी आप जाप कर सकते हो। सात्विक हो, वह भी करें, तामसिक है, वह भी करें।
सुबह 4:00 बजे उठ के करें 2 घंटे 40 दिन तक। 40 दिन आप कर लो, आपको जिंदगी में बदलाव ना मिले, तो तब मेरे को फोन करना, आपकी पूरी जिंदगी में बहुत बड़ा चेंज आएगा। अगर आप वो भी नहीं करना चाहते, तो आप कोई भी मंत्र का जाप कर सकते हैं, कोई भी मंत्र, एवरीथिंग।
देवी कवच कर लीजिए, कोई भी स्तोत्र का पाठ कर लीजिए, तो उससे भी आपका ऑरा बनेगा। ऐसा नहीं है कि इन कवचों से ही बनता है। कवच से थोड़ी सी इसकी सुरक्षा बड़ी हो जाती है। ऑरा जो भी या आप जाप करोगे, उससे ऑरा बनना ही बनना है।
दूसरी चीज, जितना तगड़ा आपका ऑरा रहेगा, जितना स्ट्रांग आपका ऑरा रहेगा, कोई भी बाहरी शक्ति आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। एक मेरे साधक हैं, उनका नाम गुरजीत सिंह था, वो गुवाहाटी में जॉब करते थे।
उनका रियल एक्सपीरियंस जो है, मैं सब बताता हूँ एक वीडियो में, क्योंकि बताना बहुत जरूरी है, चाहे कोई सुने चाहे ना सुने, मेरा फर्ज है पूरी बात करना। गुरजीत सिंह है उनका नाम और अपना एक कमरे में बैठे हुए थे, ऊपर से उनकी छत में आवाज आ रही थी, जैसे कोई ठक-ठक करता हो, कोई छत को खड़खड़ाता हो, इस तरीके से।
पहले तो उनको लगा चलो कोई कुछ और मामला होगा, उन्होंने इग्नोर करा। जब वह ज्यादा आने लगी आवाज, क्योंकि उस छत के ऊपर कोई जाता नहीं है, क्योंकि ऊपर जाने के लिए कोई सीढ़ी नहीं है।
उसके दिमाग में आया, यह तो कोई सीढ़ी है ही नहीं, तो फिर ऊपर बंदा पहुँचा कैसे? तो फिर उसने सोचा कि कोई दूसरी चीज आने की कोशिश कर रही है। तो उसने उसकी एक दोस्त थी, उसको फोन करा, पहचान में थी एक लड़की, क्योंकि वो भी तंत्र के बारे में रिसर्च करता रहता था हर समय। उसको फोन करा, उसने मेरे साथ यह हो रहा है।
तो उसने क्या बोला कि अपनी सेल्फी वाले जो कैमरे से फोटो खींच के भेजो। सेल्फी खींच के भेजी, तो उसके पास भी एक कैमरा था, कुछ मशीन थी, और उसके अंदर फोटो डालो, तो पता चल जाता है आदमी की कितनी ऊर्जा है, आभामंडल कैसा है उसका और उसका ऑरा कितना स्ट्रांग है।
जब उसने देखा कि उसका ऑरा बिल्कुल वीक है, तो उसने बोला अपना तुरंत जाप शुरू कर दो, नहीं तो वो शक्ति तुम्हारे ऊपर हावी हो जाएगी। जैसे-जैसे वह जाप करता गया, वो शक्ति उससे दूर जाती गई। तो बिल्कुल यह रियलिटी वाली बात बता रहा हूँ, यह चीजें काम करती हैं।
दूसरी चीज, जिस माला से आप जाप करते हैं, वह माला आप जिंदगी में एक ही रखो, जिससे आप सभी तरीके के जाप करो। जब एक माला से आप लगातार 20 साल तक, 25 साल तक जाप करते हैं, उसके अंदर भी एक ऊर्जा आ जाती है, उसके अंदर भी एक एनर्जी पैदा हो जाती है।
कोई व्यक्ति अगर उस माला को पहनेगा, उसको सुरक्षा मिलती है। अपनी माला को चार्ज रखो, उससे जाप करो। अगर आप बिना माला के जाप करते हो, तो उस माला को अपने हाथ में रख के ही जाप करो, फिर ताकि जो आपकी ऊर्जा है, उस माला के अंदर भी जाती रहे।
आपकी ऊर्जा कल को खत्म हो जाए, तो उस माला की ऊर्जा आपके पास रहेगी। इसके लिए क्या है, माला एक रखो, इसके अंदर आपकी ऊर्जा रहेगी। तो यह बात मैंने आपको बताई है।
ओंकार का तरीका मैंने बताया आपको। लगातार आप जाप कीजिए, घर के अंदर पॉजिटिविटी आएगी, नेगेटिविटी खत्म हो जाएगी। देखो जैसे सूरज होता है, सूरज की रोशनी होती है, अंधेरे को खत्म करती है, इसी तरीके से नेगेटिव चीजों को खत्म करने के लिए सिर्फ और सिर्फ एक चीज है, पॉजिटिव शक्ति।
पॉजिटिव शक्ति तब आएगी जब आप उसके लिए आप कुछ करोगे, मंत्र जाप करोगे, पूजा-पाठ करोगे, तो यह होता है। अब बहुत सारे लोगों के मेरे को यह भी फोन आते हैं कि हम फलाने तांत्रिक से यह उपाय करवाया, कुछ समय तक तो सब ठीक था, उसके बाद फिर दिक्कत आ गई। यह भी लोग हमें बोलते हैं।
देखिए, यह चीज इसलिए होती है कि वो कुछ दिनों के लिए तो वो कर देते हैं, उसके बाद क्या होता है, जैसे-जैसे वो चीजें सही हो जाती हैं, सामने वाले को फिर से पता चल जाता है, इनका सब सही हो गया, वो फिर से कुछ ना कुछ कर देते हैं। इसीलिए दोबारा दिक्कत आती है। तो ऐसे ही समझो कि दोबारा दिक्कत आ रही है क्योंकि वो दोबारा से कर रहा है।
तो सामने वाला फिर से पैसे चार्ज करता है। मेरे को और पैसे… ऐसे तीन-चार बार लोग पैसे लुट चुके हैं इस तरीके से। तो मैं यही चाहता हूँ कि आप खुद से अपनी ऊर्जा बनाइए, खुद से अपने आप को प्रोटेक्ट करिए। खुद के डॉक्टर आप खुद बनिए, खुद के तांत्रिक खुद बनिए। दूसरों के पास जाने की जरूरत नहीं।
अगर ज्यादा मेजर इशू हो, तो आप संपर्क हमसे कर सकते हैं। अगर आपके पास इतना भी समय नहीं है कि आप पूजा-पाठ कर सको, तो आप हम से कवच मँगवा सकते हैं, बगलामुखी सिद्ध कवच भेज देंगे। किसी भी तरीके का आप कवच मँगवा सकते हैं।
वो कवच पहनने के बाद आपके अंदर वो सुरक्षा आ जाएगी। सिद्ध माला भी भेजते हैं, उस माला को पहनते सार आपके अंदर वह ऊर्जा प्रवाहित होती है और दूसरी शक्ति आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। तो यह सिस्टम रहता है।
जितनी ज्यादा आपके कर्म के अंदर पॉजिटिविटी रहेगी, उतना ही ज्यादा गलत चीजें दूर भागेंगी, जैसे सूर्य से अंधेरा दूर भागता है। इसी तरीके से नेगेटिव चीजों का भी एक ही सोल्यूशन है, पॉजिटिविटी बढ़ाइए। घर में दीपक जलाइए। किसी भी शक्ति का दीपक जलाइए, दूर भागेंगी। ओंकार का जाप करिए। अगर कोई सिख भाई है, तो मूल मंत्र का पाठ करिए।
इस तरीके से आप सही कर सकते हो। अगर कोई व्यक्ति मुस्लिम है, तो आयतुल कुरसी पढ़िए, सबसे बेस्ट चीज है, सुरक्षा बनी रहेगी। तो हिंदुओं के लिए तो बहुत सारी चीजें बताई हैं मैंने कि वह ओंकार का भी जाप कर सकता है, देवी कवच भी पढ़ सकता है, और काल भैरव अष्टकम भी पढ़ सकता है, काल भैरव कवच भी पढ़ सकता है।
किसी भी स्तोत्र की साधना वो कर ले, तो उसको ऊर्जा मिलेगी। उससे सुरक्षित रहेगा वह। दूसरी चीज क्या है, यह एक-दो दिन पढ़ने से कुछ नहीं होगा।
तकरीबन 40 दिन तक इनको करो, फिर उसके बाद आप रिजल्ट देखो। फिर ऐसा नहीं है कि आपको दोबारा पढ़ना ही नहीं है, 40 दिन पढ़ दिया तो उसको डेली पढ़ो, उसको अपडेट करते रहो।
माला को हाथ में लेकर पढ़ोगे तो ऊर्जा माला में प्रवाहित होगी और एक आगे जल रख लो, तो वह ऊर्जा जल में भी जाती रहेगी। कोई भी दिक्कत आती है घर में, तो आप जल का छिड़काव कर सकते हैं, वो जल अपने पास सुरक्षित रखो।
यह सब तरीके मैंने आपको फोकट के तरीके बताए हैं, बिल्कुल फ्री फंड के तरीके हैं। इसको करने के बाद कोई तांत्रिक आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। फिर भी आपको कोई गाइडेंस चाहिए, आप हमें गाइड करिए, तो हम गाइडेंस देने के लिए भी बैठे हुए हैं, नंबर दे रखा है, तो आप फोन कर सकते हैं। बहुत सारे मैंने एक्सपीरियंस आपके साथ शेयर करे, तो बस आज के लिए इतना ही। जय श्री राम।
third eye sadhna इस्लामिक दिव्या दृष्टि साधना एक दिन में दिव्या दृष्टि हासिल करें ph. 85280 57364
third eye sadhna इस्लामिक दिव्या दृष्टि साधना एक दिन में दिव्या दृष्टि हासिल करें ph. 85280 57364
third eye sadhna इस्लामिक दिव्या दृष्टि साधना एक दिन में दिव्या दृष्टि हासिल करें ph. 85280 57364 गुरुमंत्र साधना में आप सबका फिर से स्वागत है। ठीक है, हमारे चैनल में आपका फिर से स्वागत है। ठीक है, तो आज जो मैं आपको एक साधना बताने वाला हूँ, ठीक है, यह दिव्य दृष्टि हासिल करने की साधना है।
ठीक है, इससे आप मात्र एक दिन के अंदर दिव्य दृष्टि हासिल कर सकते हैं। आसपास की जो भी शक्तियाँ हैं, आप उनको देख सकते हैं, जैसे अगल-बगल भूत-प्रेत होते हैं, आपके पितर होते हैं, बहुत सारी चीजें होती हैं, उनको नंगी आंखों से देखा जा सकता है।
अगर पूर्ण रूप से सिद्धि कर ली जाए, इसकी 10 दिन की होती है, तो अगल-बगल की जितनी भी शक्तियाँ हैं, सब देख सकते हैं, आप उनके साथ संपर्क कर सकते हैं। ठीक है, कभी-कभी क्या होता है हम अप्सरा को सिद्ध करते हैं, यक्षिणी को सिद्ध करते हैं, भूतनी को सिद्ध करते हैं, बहुत सारी साधनाओं को सिद्ध करते हैं, तो प्रत्यक्ष रूप में नहीं आ पातीं।
ठीक है, जब आप यह साधना कर लोगे, उसके बाद आप प्रत्यक्ष रूप में उनको देख सकते हैं, उनके साथ बातचीत भी कर सकते हैं। इस साधना का सबसे बड़ा बेनिफिट यह है, मात्र एक दिन के अंदर ऐसा संभव हो सकता है।
यह साधना हमने लगभग सात-आठ साल पहले, मेरा एक दोस्त है जो इन चीजों को नहीं मानता था, बिल्कुल कोरा आदमी था। इन चीजों के ऊपर वह हंसता था और अंधविश्वास मानता था। तो फिर मैंने उसको बोला कि आप एक दिन सिर्फ आप यह करके देख लो।
ठीक है जी, आपको पता चल जाएगा कि यह चीजें होती हैं कि नहीं होती हैं। हाँ जी, मात्र एक दिन करके देख लो, इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। तो उसने मजाक-मजाक में ही इसको शुरू कर लिया और एक दिन पूरा उसको करा। आप मानोगे नहीं, उसके जो पड़ोस में एक डेथ हुई थी, उनको चाचा ही बोलते थे, उनका एक हाथ जो होता है ना, वह कटा हुआ था।
हाँ जी, जिस वक्त उनकी मृत्यु हुई थी, तो सेम टू सेम वैसे रूप में ही उनको दिखाई दिया। जब उन्होंने देखा, उसको देखते सार ही उनको बुखार चढ़ गया। ठीक है, इतना ज्यादा वह डर गए, उनको बुखार हो गया और दो दिन तक वह बुखार से तपते रहे। जी, क्योंकि इन चीजों को देखना हर व्यक्ति के बस की बात नहीं है।
ठीक है, लोग बोल तो देते हैं जोश-जोश में हम करेंगे जी, ठीक है, पर किसी चीज को देखना अपनी आंखों से, तो एक बहुत बड़ी बात है। ठीक, तो उन्होंने देखा उसको और दंग रह गए और डरते हुए उनको बुखार हो गया। तो यह जो साधना है, वही लोग करें जिनके अंदर दम है अगल-बगल की चीजों को देखने का।
वो व्यक्ति ना करें जिनके अंदर डर है किसी किस्म का भी और वो जल्दी भयभीत हो जाते हैं। तो वो लोग यह ना करें क्योंकि हर जगह ही आपको बहुत सारी आत्माएं रहती हैं। हर जगह संसार में इतनी ज्यादा आबादी आम व्यक्तियों की नहीं है, जितनी ज्यादा आत्माओं का बसेरा है। उससे ज्यादा तो आत्माएं यहाँ रहती हैं, भटक रही हैं।
तो बात यही आती है कि वही व्यक्ति करे जो व्यक्ति उन चीजों को देखने का दम रखता हो। ठीक है, कोई भी दूसरा व्यक्ति इन चीजों को ना करे। ठीक है जी, क्योंकि जब आप इसकी साधना करोगे तो सारा कुछ आपको नंगी आंखों से नजर आएगा ही आएगा।
ठीक है, तो यह सिस्टम है। तो फिर वही जो मेरा दोस्त बोलने लगा कि मेरा इन चीजों से पीछा छुड़वाओ, मेरे को हर जगह चीजें नजर आती हैं। हाँ जी, हाँ जी। तो फिर हमने उसको एक अभिमंत्रित करके एक सुरमा दिया, आँखों में लगा ले, दोबारा कुछ नहीं दिखेगा।
हाँ जी, उसके बाद कुछ भी नजर नहीं आया। ठीक है, तो ये होता है इसके अंदर सिस्टम। वही व्यक्ति करे जिसके अंदर मतलब देखने का दम हो। ठीक है, , आपको पता है भाई, इंसानों से ज्यादा तो यहाँ भूत-प्रेत और आत्माओं का बसेरा है। जी, बिल्कुल सही है।
रुद्रनाथ जी, जो यह साधना है, इसके अंदर , आपको मैं एक चीज बोलता हूँ, मिलेगी ही मिलेगी। ठीक है, इस चीज की हम गारंटी से बोल सकते हैं। ठीक है, यह इस्लामिक विद्या है एक तरीके की, ठीक, कुरान की बहुत बड़ी विद्या है, जिसकी हम साधना करवाएंगे।
ठीक, इसमें 100% उस व्यक्ति को वह चीज मिलनी ही मिलनी है। तो इसमें समय कितना रहता है करने का? देखिए, इसका वैसे अगर आप करोगे, 11 दिन का सवा लाख अनुष्ठान करना पड़ेगा। सवाल आपका क्या? जी, 40 दिन की साधना रहेगी वैसे तो। पहले ही दिखना शुरू हो जाएगा सब।
अगर जैसे लोग बोलते हैं पूर्ण रूप में हमें वह सब कुछ देखना है, तो यह होता है सिस्टम। जी, जी। पूर्ण रूप में सिद्धि करनी है और परमानेंट रहे आपके साथ, आप उस दिव्य दृष्टि का इस्तेमाल कर सकें, तो वह आप कर सकते हो।
कुछ साधक ऐसे भी थे , जिनके पास वो महसूस करते थे कि हमारे पास कोई अप्सरा है, यक्षिणी आती है, ठीक है, एक झलक सी महसूस होती है पर हमें आंखों से दिखाई नहीं देती है। ठीक है, जी, जी।
अगर वो व्यक्ति यह साधना कर लेता है, उसको दिखाई भी देगी, उससे बात भी करेगी। जी, जो व्यक्ति प्रत्यक्षीकरण चाहता है, वह प्रत्यक्षीकरण उसको बहुत कम समय में हो जाएगा क्योंकि उसके पास ऑलरेडी दिव्य दृष्टि होगी। जी, तो बिना उसके देख पाएगा वो।
ठीक है, महसूस सबको होता है, जिस शक्ति को आप याद कर रहे हो, तो वो शक्ति को तो आना ही आना है। ठीक है, पर वो आती जरूर है। आप कर्ण पिशाचिनी को, पहले दिन से ही आती है। ठीक है, पर किसी को दिखाई नहीं देती।
महसूस, अपनी उपस्थिति तो आपको दिखा देगी कि मैं यहाँ मौजूद हूँ, पर दिखाई देने में तो ऐसी साधनाएं सपोर्ट करती हैं। फिर आप बड़ी आसानी से देख सकते हैं। कोई पूजा-पाठ आप करते हो, तो पूजा-पाठ जब आप करते हो, तो देवदूत आपके साथ रहते हैं भगवान के, तो उनको भी इसके माध्यम से देखा जा सकता है, उनसे मार्गदर्शन हासिल किया जा सकता है।
ठीक है, तो उनको भी पता चल जाता है कि यह व्यक्ति हमें देख सकता है। हाँ जी, तो ऐसी बहुत सारी चीजें हैं। फिर जो व्यक्ति थोड़ा आध्यात्मिक क्षेत्र का हो, तो वो तो उसके लिए तो यह चीज ठीक है। जो बंदा एकदम अनाड़ी है, तो अगर वह करेगा, तो उसकी लाइफ थोड़ी सी डिस्टर्ब हो सकती है।
जी, जी। डिस्टर्ब वैसे हो सकती है क्योंकि हर जगह उसको दिखेंगी चीजें और उनसे बात करेंगी तो। ठीक है, हो जाता है। बहुत से लोग जल्दबाजी में कर लेते हैं, जब चीजें दिखनी शुरू होती हैं, तो वो जो है, अपना संतुलन खो देते हैं। पहले करना है, बहुत अच्छा लग रहा है।
यह मैंने नोटिस किया है, काफी साधक ऐसे हैं जो बाद में मानसिक रूप से विक्षिप्त हुए हैं, परेशान। देखिए, व्यक्ति मानसिक रूप में विचलित होगा ही। जो व्यक्ति मतलब अज्ञानी आदमी है ना, जिसको ज्ञान नहीं है इन चीजों का, जी, तो वो तो एक बार विचलित होगा ही क्योंकि उसने कभी फेस टू फेस वो चीजों को नहीं देखा है कभी भी। ना, तो ये होता है सिस्टम।
देखने का अंदर दम होना चाहिए। ठीक है जी, तो मेरे हिसाब से आज के लिए बस इतना ही। ठीक है, जो भी अगर किसी को सवाल का जवाब चाहिए तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें। ठीक है जी, जी। तो हम बातचीत करेंगे। फोन नंबर भी दे रखा है मैंने बाकायदा, वो कॉल भी कर सकता है अगर कुछ जानकारी चाहिए। जय श्री महाकाल जी, , धन्यवाद आपका फिर से। ठीक है।
dedh footiya jinn डेढ़ फूटिया जिन्न जो बना सकता है किसी भी व्यक्ति को एक दिन में अमीर dedh footiya
dedh footiya jinn डेढ़ फूटिया जिन्न जो बना सकता है किसी भी व्यक्ति को एक दिन में अमीर dedh footiya
dedh footiya jinn डेढ़ फूटिया जिन्न जो बना सकता है किसी भी व्यक्ति को एक दिन में अमीर dedh footiya गुरु मंत्र साधना.कॉम में आप सबका फिर से स्वागत है। देखिये, जो आज का मेरा टॉपिक रहने वाला है, वह डेढ़ फुटिया मसान के बारे में रहेगा। देखिये, डेढ़ फुटिया मसान होता क्या है ? मसान, डेढ़ फुटिया या डेढ़ फुटिया जिन्न भी लोग बोल सकते हैं, तो क्या चीज होती है, उसी के बारे में ही आज का मेरा टॉपिक रहेगा।
देखिये, यह एक पाताल की शक्ति होती है। यह धरती के नीचे रहता है, ठीक है? कभी-कभी ये कुछ ऐसी जगह होती हैं, जहाँ ये पाए जाते हैं, वहाँ से कुछ तांत्रिक इनको लेके आते हैं अपने मंत्रों के ज़ोर पर। ठीक है? कभी-कभी क्या होता है, मंत्रों के ज़ोर से इनको धरती से भी निकाला जाता है। कोई ऐसी जगह होती है, वहाँ पाताल से इनको जाग्रत करके बुलाया जाता है, ठीक है?
एक तो इसका यह सिस्टम होता है और यह क्या काम कर सकता है? एक मिनट के अंदर ही आपको कोई भी सामान कहीं पड़ा हुआ है तो उसको आप मंगवा सकते हैं, ठीक है? किसी भी सामान को एक मिनट में दूसरी जगह पहुँचाना इसके बाएँ हाथ का खेल है, ठीक है?
और यह बहुत ही कॉस्टली सेल होता है। जो लोग इनको खरीदना चाहते हैं तो करोड़ों में पैसा देते हैं। ज़रूरी यह नहीं कि करोड़ों का ही सेल होता है, और जिस हिसाब से कस्टमर है, उस हिसाब से ही यह सेल होता है। कुछ लोगों को यह फ्री में भी मिल जाता है, कुछ लोग कम से कम पैसा देके इसको खरीद लेते हैं।
जो भी इसको खरीदता है, ठीक है, तो ज़्यादा समय के लिए इसको पास नहीं रखता है। बड़े लेवल के दो-चार काम करवाते हैं, फिर आगे दूसरे बंदे को या तो ट्रांसफर किया जाता है या तो फिर आप इसका विसर्जन कर सकते हैं, उसको आज़ाद कर सकते हैं, ठीक है? ज़्यादा काम इससे लोग लेते नहीं हैं क्योंकि ये क्या है, अगर एक बार बिगड़ जाए तो आदमी को मार भी सकता है, ठीक है?
इसके काम क्या होते हैं? जो यह काम कर सकता है, कहीं से भी पैसा उठा के आप मंगवा सकते हैं, पैसा उठा सकते हैं, ठीक है? इसकी सबसे पहली पावर यह होती है, कहीं से भी आप पैसे उठवा लीजिए। सबसे पहली चीज़।
दूसरी चीज़, किसी को मारना, किसी के गर्भ के अंदर पल रहे बच्चे को मारना इसके बाएँ हाथ का खेल होता है, ठीक है? दो-चार सेकंड में यह काम तमाम कर सकता है। इस तरीके से कि यह काम करता है। बिल्कुल छोटा सा होता है, डेढ़ फुट के करीब होता है, इसीलिए इसको डेढ़ फुटिया बोला जाता है।
अब यह जो शक्ति है, ठीक है, बहुत ही शक्तिशाली होती है, ठीक है? लंबे समय तक रखना इसको रिस्क वाला काम होता है, ठीक है? जो भी तांत्रिक-मांत्रिक होते हैं, ठीक है, कुछ समय के लिए इसको रखते हैं, उसके बाद इसका विसर्जन कर देते हैं, ठीक है? कुछ जो भी लोग इनको खरीदते हैं, केवल चोरी करवाने के लिए ही खरीदते हैं।
जिसको बड़ी-बड़ी चोरियाँ करवानी हों तो वही बंदा ही इसको खरीदता है, ठीक है? गलत कामों के लिए, चाहे तो किसी को मारने के लिए, बस दो ही मकसद हैं इसके। यह इतना शक्तिशाली होता है, अगर आप 101 टन का, अगर आप इसको हम एक ट्रक बोलते हैं, ट्रक को भी उठा के लेके आ सकता है बड़ी आसानी से, इतनी इसके अंदर पावर होती है, ठीक है?
पर इसको ज़्यादा समय के लिए रखना बेवकूफी है। इसको थोड़े समय बाद यूज़ करने के बाद आप इसका विसर्जन ज़रूर कर दें, रखिए मत। रखने से क्या होता है, कभी भी आपका कुछ भी नुकसान कर सकता है एक मिनट के अंदर-अंदर।
बहुत ही डेंजर भी इसको बोल सकते हैं अगर यह बिगड़ जाए, ठीक है? एक बच्चे की तरह होता है, किसी की भी खटिया खड़ी कर सकता है, इसलिए कुछ समय तक इसको रखो, उसके बाद उसका विसर्जन कर दो, ठीक है?
अगर आपको रखना ही है, क्योंकि अगर आप बोलो ना, आप बहुत बड़े तांत्रिक हो, कहीं पर भी अगर आपकी छोटी सी गलती हो गई तो कहने को जो अच्छे तांत्रिक होते हैं, वे लोग भी इनको संभाल नहीं पाते हैं, ठीक है?
कुछ समय के बाद रखते हैं, फिर उसको छोड़ देते हैं, ठीक है? ये इसका काम होता है। यह बहुत महँगे मिलते हैं, कुछ लोगों को ऐसे ही मिल जाते हैं, ठीक है? खेतों के अंदर भी मिल सकते हैं और यह जो शक्ति होती है, बहुत ही ज़्यादा शक्तिशाली मसानी शक्ति होती है एक तरीके से।
आज के लिए बस इतना ही।
अगर इससे अलावा भी कोई जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट बॉक्स में उस जानकारी के बारे में पूछ सकते हो, फिर उसके ऊपर हम अलग से वीडियो बनाएँगे। आज के लिए बस इतना ही। जय श्री महाकाल।
dedh footiya jinn डेढ़ फूटिया जिन्न जो बना सकता है किसी भी व्यक्ति को एक दिन में अमीर dedh footiya
देखिए, जो आज का विषय रहेगा, बेसिकली तंत्र विद्या के बारे में ही रहेगा। आज का जो हमारा टॉपिक यह रहेगा कि क्या तंत्र से अमीर बना जा सकता है? तो इस टॉपिक के ऊपर मैं बात करूँगा। तो यह सवाल बहुत सारे लोगों के मन में आता है कि क्या हम तंत्र से अमीर बन सकते हैं? तंत्र कोई भी हो सकता है, ब्लैक मैजिक हो, उसकी बात ही नहीं कर रहा हूँ मैं।
किसी भी तरीके का जो तंत्र है, उससे हम अमीर बन सकते हैं?
तो इसका जवाब है हाँ।
बहुत सारे लोग हमने बनते हुए देखे हैं और बहुत सारे लोगों ने हमारे यहाँ से साधना करके भी सफलता को प्राप्त किया है। देखिए, तंत्र से अमीर बनने के बहुत सारे तरीके होते हैं। कुछ तरीके अच्छे हैं, कुछ तरीके बुरे हैं। तो उन्हीं तरीकों के ऊपर बात करूँगा।
देखिए, आज की डेट में ब्लैक मैजिक के थ्रू भी अमीर बना जा सकता है। लोग बन भी रहे हैं। उसमें तरीका-कार क्या होता है? किसी व्यक्ति को, जैसे कोई पहचान में आपके व्यक्ति है, उसका पूरा बायोडाटा आपको चाहिए होगा। उसका पूरा बायोडाटा आपके पास होना चाहिए और फिर आगे करना क्या है? आपको उसको थोड़े से पैसे देने हैं।
तो आप उनको पैसे किसी न किसी बहाने से दोगे। आप मतलब यह बोल सकते हो कि अब मेरे यहाँ पर पैसे रखने की जगह नहीं है, कुछ भी आप बोल सकते हो अनाप-शनाप भी। पैसे रख लो आप, और जैसे ही वह बंदा पैसे रख लेगा, तो वहीं से ही उसकी उल्टी गिनती शुरू। मतलब जो पैसा उसको आना चाहिए था, वह आपको आना शुरू हो जाएगा।
तो आपके घर में क्लेश पड़ते थे, उसके घर में पड़ने लगेंगे। इस तरीके से लोग काम करते हैं ब्लैक मैजिक के थ्रू। और एक चीज मैं आपको और बताता हूँ, जब वही व्यक्ति उनको वही पैसा वापस लौटा देता है, तो फिर से जो उनके वहाँ पर दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं और आप धीरे-धीरे फिर से अमीर बनना शुरू हो जाते हैं। तो यह तरीके होते हैं। यह तरीका बहुत ज्यादा फेमस है आज की डेट में, बहुत ज्यादा चल रहा है।
एक व्यक्ति का कनाडा से मेरे को फोन आया। वह बंदा बोलता था, मेरे पास 10 बसें थीं, अच्छी-खासी प्रॉपर्टी थी, सारा कुछ हो गया जीरो। सिर्फ एक मेरे रिश्तेदार ने मेरे को एक नोट दिया कि आप यह नोट रख लो। और फिर मैंने उस नोट को रख लिया। उसने यह बोल के दिया था, यह नोट बहुत ही लकी नोट है, जिसके पास भी जाता है, वह अमीर बन जाता है बंदा। तो उस रिश्तेदार ने दे दिया, वह धीरे-धीरे अमीर बन गया, यह गरीब हो गए। तो ऐसा संभव है। यह गलत तरीके से संभव है।
उसके बाद सही तरीके से भी मैं आपको बताऊँगा कैसे संभव होता है। फिर एक यही चांस मेरी सिस्टर के साथ भी हुआ था। उनके बिजनेस, जीजा जी का, बहुत अच्छा चल रहा था और पैसा आ रहा था हर जगह से, घर में कोई कलह-क्लेश नहीं, कुछ नहीं।
अचानक से हमारे मामा जी की लड़की का जो पति था, वह नशेड़ी था और गलत काम करता था और उनके पास पैसों की भी बहुत कमी रहती थी। तो उसने जबरदस्ती ही मेरी सिस्टर को ₹1000 पकड़ा दिए।
उसे लगा, चलो पैसा आता हुआ किसको बुरा लगता है। उसने पैसा रख लिया और जैसे ही पैसा रखा, उसके बाद उनकी उल्टी गिनती शुरू। फिर उसने मेरे से बात करी कि जब से पैसा लिया है उनका, तब से ये दिक्कतें आनी शुरू हो गई हैं। फिर मैंने उनको बताया कि वह पैसा वापस लौटा दो अगर बचना है तो, नहीं तो सारा कुछ जीरो हो जाएगा।
पैसा वापस लौटाया, सब सही हो गया। एक बार ऐसे हो गया। दूसरी बार क्या, हमारे जीजा जी को जबरदस्ती ₹2000 पकड़ाए गए। फिर से, बड़ी मुश्किल से वापस लौटाया। वह तो जीजा जी तो इस बात को मानते नहीं थे, ना तो उनको पता था ये चीजें।
मेरी सिस्टर ने बहुत ज़बरदस्ती करके वापस कर दिया। फिर बोलने लगी, अगर आप ₹2000 नहीं रखोगे तो मेरे को कोई सामान दे दो। यहाँ सामान का मकसद यह था, उनको पता था कि यह पैसा समय पर नहीं लौटाती है, तो सामान देने में इनको कोई समझदारी नहीं थी।
इसीलिए इनको पैसा मजबूरीवश रखना पड़ा। वह बाद में ऐसा बोलने लगे, ₹2000 फ्री में ही पकड़ा के चली गई। तो उसके बाद फिर से दिक्कत आनी शुरू हो गई।
तो यह चीजें बहुत ही ज्यादा चल रही हैं। किसी से भी आज के समय में कोई आपको किसी बहाने पैसा दे रहा है, तो आपको नहीं लेना है। जिस तरीके से वह पैसा दे रहा है, उसको आप वापस कर दो। अब पहली बात तो पैसा लाओ ही ना। तो ब्लैक मैजिक के थ्रू इस तरीके से भी अमीर बनाया जा सकता है। मतलब यह तरीका गलत है, पर ऐसा पैसा फलित भी कभी नहीं होता।
दूसरा तरीका क्या है, जो बहुत सारी ऐसी चीजें हैं। अब मैं पहले गलत तरीके ही बताऊँगा, फिर बाद में सही तरीके बताऊँगा, सही तरीके से कैसे बन सकते हैं। जैसे कुछ शक्तियाँ ऐसी हैं, फॉर एग्जांपल के लिए मैं आपको बताता हूँ, डेढ़ फुटिया हो गया। डेढ़ फुटिया करोड़ों रुपए में बिकता है। अब एक की लगाइए आप, वही जो डेढ़ फुटिया है, उससे लोग क्या करते हैं बाद में? बड़े-बड़े अमीर लोगों के घर में चोरियाँ करवाते हैं।
बड़े-बड़े चीजें इधर से उधर करके। इस तरीके से भी लोग कर रहे हैं। तो यह भी गलत तरीका है। ऐसे तरीकों को हम प्रमोट नहीं करते। जो डेढ़ फुटिया खरीदते हैं, तो उस काम के लिए ही खरीदते हैं। तो मैं सबको यही बोलूँगा, गलत चीज के चक्कर में मत पड़ो आप।
तो मैं इसलिए यह बता रहा हूँ कि आप भी थोड़ा सावधान हो जाएँ। क्योंकि अगर आप सावधान होंगे तो बचे रहेंगे, नहीं तो फिर कल को कोई आपके साथ भी वैसा ही कर सकता है। किसी भी अनजान व्यक्ति से पैसा ना लें, घर की सुरक्षा को बढ़ा दें। आप इतना ज्यादा जाप वगैरह करिए कि कोई भी नेगेटिव चीज आपके घर में प्रवेश ही ना कर पाए।
अगर आप जाप करने में समर्थ नहीं हैं, तो आप एक चीज और कर सकते हैं, आप कवच मँगवा सकते हैं अपने घर के लिए। तो आप वह कवच की स्थापना करिए, जिससे क्या होगा कि कोई भी नेगेटिव चीज आपके घर के ऊपर अफेक्ट नहीं करेगी। खुद भी कवच अगर हो सके धारण कीजिए, बच्चों को भी करवाइए और तभी सेफ्टी हो सकती है।
देखिए, आप एक चीज देखते होंगे, बड़े-बड़े पॉलिटिशियन, बड़े-बड़े नेता, क्यों इन चीजों से, तंत्र से, बचे रहते हैं? क्योंकि वह महँगे-महँगे कवच पहनते हैं, इन्वेस्टमेंट करते हैं, उनसे उन चीजों की रक्षा होती है। नहीं तो कोई भी तांत्रिक उनको कुछ भी करवा सकते हैं। ऐसा संभव नहीं होता है। दूसरी चीज क्या है, जब भी कोई चीजें करवाई जाती हैं, तो आपके दोस्त और रिश्तेदार ही करवाते हैं।
तो यह लोग होते हैं बहुत खतरनाक क्योंकि केवल आपकी एक-एक चीज के बारे में इन लोगों को ही पता है। आपकी किस तरीके से ऊर्जा है, क्या सिस्टम है, उनको यह सब पता है। इस तरीके से ये करते रहते हैं। तो ऐसे जो गुप्त शत्रु हैं, इनसे बच के रहना चाहिए। रिश्तेदारों से भी बच के रहना चाहिए। किसी के मन में क्या चल रही है बात, कुछ पता नहीं होता है।
उसके बाद मैं आगे बात करता हूँ कुछ और तरीकों के बारे में, जिससे तंत्र में लोग करते हैं काम। कुछ तांत्रिक गलत होते हैं। जैसे कोई व्यक्ति उनके पास आया कोई एक चीज लेके कि हमें यह परेशानी है। वह परेशानी ठीक कर देंगे कुछ समय तक, दूसरी परेशानी उसके अंदर पैदा कर देंगे। फिर वही व्यक्ति उनके पास फिर पैसा देगा उनको।
बार-बार ऐसा करते रहते हैं, जिससे क्या है कि आदमी परमानेंट फँस जाता है, उनको पैसा देता रहता है। जब वह आदमी जीरो हो जाता है, तब उसका पीछा छोड़ते हैं वह। तो ऐसे तांत्रिकों से भी सावधान रहना चाहिए। हो सकता है जिससे आप समाधान करा रहे हों, वह एक चीज आपकी ठीक कर दे, दो-चार चीजें बिगाड़ दे। ऐसा हो रहा है।
बहुत सारे लोग हमारे पास आते हैं कि फलानी जगह से हमने एक चीज सही करवाई थी, बाद में चार चीजें बिगड़ गईं। वह बिगड़ी नहीं हैं, इन्होंने बिगाड़ी हैं, जानबूझ के आपसे पैसा ठगने के लिए, आप उनके पास बार-बार आ सको। कौन नहीं चाहता है कि उनका क्लाइंट उनके पास बार-बार उसको पैसा दे?
तो इस तरीके से भी जो होता है, लोग तंत्र में कर रहे थे। कुछ मूठ होती हैं। मूठ भी एक बुरी चीज होती है, उसको आदिवासियों से लिया जाता है। वह जो मूठ होती है, वह भी जैसे मान लो, किसी को आपने नोट दिया तो कुछ खरीदने के लिए, तो वही नोट वह वापस आपके घर के ऊपर आ जाएगा।
इस तरीके से मूठ का भी लोग प्रयोग करते हैं। एक शक्ति दिवालन होती है। उसका प्रयोग भी चोरी करवाने के लिए ही किया जाता है। वह क्या करती है कि जो टारगेट होता है, उसके घर में जाके वह उसका सोना, गहना, सब चुरा लेती है, चुरा के आपको देती रहती थी।
उसको दिवालन बोला गया। एक जगह ऐसे ही हुआ था, एक व्यक्ति ने दिवालन निकाल रखी थी। उस इलाके के जितने भी लोग थे, उनके घर में चोरियाँ हुईं। पर जब चोरी हुई, तो किसी के घर का ताला-वाला कुछ नहीं टूटा था, ना कोई लोक खोला किसी ने, ना कुछ। ऐसे ही घर से ही सोना गायब हो गया।
तो इस तरीके से दिवालन का उन्होंने प्रयोग करा। पर देखिए, यह चीज गलत है, ऐसा पैसा फलित भी नहीं होता है। तो कुछ दिन बाद ही उस औरत के मन में लालच आया और उस औरत ने क्या करा, बिना सुरक्षा कवच पहने ही दिवालन को बुला लिया।
उस दिवालन ने उसका गला दबा के उसको और उसके पति को खत्म कर दिया। जब उनकी मौत हुई तो उनके घर में देखा गया हिसाब-किताब, तो लाखों-करोड़ों का सोना निकला। क्योंकि वही लोग चोरियाँ करवाते थे उसके।
ऐसे भी लोग हैं तंत्र में जो कुछ भी कर सकते हैं। चोरियाँ उनके घर में ही होती हैं, जिनका जो सिस्टम होता है घर का, सुरक्षित नहीं होता है। उन्हीं के घर में यह मामला होता है। तो फिर से मैं अगेन एक चीज बोलता हूँ कि ऐसे चक्करों में ना पड़ें आप, गलत तरीके से कुछ भी ना करें। अगर आप एक-दो परसेंट भी कर लेंगे किसी के साथ धोखाधड़ी, खून-पसीने की कमाई लूटोगे, तो आप का हिसाब-किताब आप सोच लीजिए, कुदरत क्या करती है फिर। एक मिनट में छीन लेती है। तो जो भी पैसा कमाइए, सही तरीके से कमाइए। सही तरीके से भी कमाया जा सकता है।
तो यह कुछ मैंने आपको चीजें बताई हैं जो काम करती हैं। अब आगे एक बात करते हैं, कर्ण पिशाचिनी। देखिए, जो कर्ण पिशाचिनी है, अगर वह व्यक्ति कोई सिद्ध कर लेता है, तो दिनों में ही करोड़पति बना देती है। दिनों में! इतना पैसा, दौलत रख देती है घर में कि कोई भी कमी नहीं रहती है, आदमी करोड़ों, अरबोंपति बन जाता है।
तो इस तरीके से भी हो सकता है। कोई व्यक्ति अमीर बन जाए। किसी भी गलत तरीके को मैं प्रमोट नहीं करता हूँ। मैं पहले ही बता दूँ कि हम सात्विक चीजें करते हैं। मैं सिर्फ आपको बता रहा हूँ कि लोग किस तरीके से, दुनिया में काम चल रहा है अभी। आप भी अलर्ट रहें। मेरा मकसद आपको अलर्ट करना है, ऐसा नहीं कि आप इन कामों में लग जाओ।
कर्ण पिशाचिनी भी घर वालों को पैसों से, दौलत से, किसी चीज की कोई कमी नहीं रहने देती है। अगेन, यह भी एक पिशाचिनी वर्ग है, तो इसके लिए भी गुरु चाहिए प्रॉपर, सारा कुछ चाहिए। तो इस तरीके से भी हो सकता है। कुछ लोग गोदाम शिफ्टिंग का भी आज की डेट में चलन हो रहा है। उस तरीके से भी लोग कर रहे हैं।
पर बहुत सारी चीजें मैं आपको वीडियो के अंदर नहीं बता सकता। कुछ चीजें ऐसी भी हैं जो मतलब बताना सही नहीं है। क्योंकि हर चीज की प्राइवेसी है। बता दूँगा तो फिर प्रॉब्लम भी हो सकती है। पर्सनली कोई बंदा बोलेगा तो बहुत सारे तरीके होते हैं। चलो, यह तो हो गया, ये कुछ मैंने गलत तरीके बताए हैं। पर ऐसे तरीके नहीं करने चाहिए, जिनसे लोग अमीर बन सकते हैं तंत्र के माध्यम से।
एक-आधी कोई चीज बच गई हो तो आप कमेंट बॉक्स में नीचे बता सकते हैं। और अब मैं सही तरीकों के बारे में बात करता हूँ। सही तरीके क्या हो सकते हैं? जैसे… मतलब सही तरीके यह हैं… एक तरीका और बच गया, जो कि वह चीज मैं बताना ही भूल गया। एक तरीका यह भी है, लोग ना सट्टे की साधना भी करते हैं।
उसके माध्यम से भी उनको नंबर मिलते हैं और वह जो नंबर होते हैं, उन नंबर लगा के वह पैसा कमाते हैं। ऐसे लोग भी हैं जो मतलब लॉटरी के, जिनको सट्टे के नंबर आते हैं सपने के अंदर कि आज यह गली खुलेगा, दिशावर खुलेगा। इस तरीके से भी हैं और मेरे पहचान में भी कुछ लोग हैं जो इस तरीके से सट्टा खेलते हैं और उनकी अच्छी-खासी इनकम है।
मतलब महीने का अच्छा-खासा वह कमा लेते हैं सट्टे की साधना से। अगेन, यह भी एक गलत तरीका है सट्टा भी। और सही भी है, कुछ गलत भी है। अगर कोई भी व्यक्ति अगर सट्टा लगाता है, जो कर्जे के अंदर फँसा पड़ा है, तो वह साधना करके नंबर हासिल करके, तो कर सकता है। आगे लोक कल्याण के लिए भी काम करने के लिए भी सट्टा साधना की जा सकती है।
वही पैसा सही जगह लगाया जाए तो तो ठीक है, वरना नहीं तो गलत है। वैसे तो मैं कोई सट्टा, लॉटरी को प्रमोट नहीं करता हूँ। सीधी बात मैं यहाँ बोलता हूँ। मैं कुछ नहीं कहता हूँ कि आप जुआ खेलो, सट्टा खेलो। एक तरीका है, मैं इसलिए बोल रहा हूँ क्योंकि यह भी एक पार्ट है तंत्र का, तो मेरे को बताना चाहिए। देखिए, इस तरीके से भी लोग जो हैं, मतलब सट्टे से भी करते हैं काम।
तो बताते हैं, नंबर वगैरह आते हैं उनको, तो नंबर लगाते हैं। कुछ लोगों को भी नंबर देते हैं, जिससे मतलब उनको पैसा आ जाता है। तो सट्टा साधना भी की जा सकती है। उसकी अलग कंडीशन है, अलग तरीके से। तो वह अलग वीडियो के अंदर हम डिस्कस करेंगे, नहीं तो यह वीडियो लंबा हो जाएगा।
तो ये तो कुछ चीजें हो गईं गलत तरीके से पैसे कमाने की। अब मैंने बहुत सारी चीजें बता दीं। एक-आधी चीज रह गई हो तो फिर वह भी मैं बताऊँगा इस वीडियो के अंदर, अगर याद आ गई तो बता दूँगा। वैसे देखिए, तंत्र में एक और गलत तरीका है जिससे लोग पैसा कमाते हैं।
जैसे उनके पास कोई बंदा आ गया, फलाने बंदे के ऊपर आप मारण क्रिया कर दीजिए, मैं आपको 1 लाख देता हूँ, 2 लाख देता हूँ। इस तरीके से भी लोग जो हैं, कर रहे हैं पैसे के लालच में। किसी के ऊपर हाँडी जला दी, किसी के ऊपर मारण क्रिया कर दी, कुछ ना कुछ करते रहते हैं। तो ये गलत तरीका है।
कुछ फ्रॉड लोग हैं, तंत्र के नाम के ऊपर पैसा ठग रहे हैं, वह करते-धरते कुछ हैं नहीं। फोन ही स्विच ऑफ कर देते हैं। इस तरीके से भी लोग कर रहे हैं। तो वशीकरण के नाम के ऊपर भी लोग पैसा कमा रहे हैं। बोल देंगे फलानी लड़की को कर देंगे सेट। कुछ लोग सही हैं, जो कर देते हैं। कुछ लोग पैसा लेके भी सामने वाले के साथ फ्रॉड कर देते हैं। तो यह होता है सिस्टम। तो ये भी गलत तरीके से लोग कमा रहे हैं। यह चीज भी गलत है।
तो किसी भी गलत तरीके को मैं प्रमोट नहीं करता हूँ। मैं बोलता हूँ, आप सही तरीके से कमाइए। देवी शक्ति की कृपा से कमाइए, वह चीज बेस्ट है। कोई भी अगर आपका सवाल है, नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हो। ऐसा-बस। अब नीचे कोई तंज कसने वाला काम मत करिए। कोई बुरा कमेंट मत करिए। आप जिज्ञासा रख सकते हैं। आप, फोन नंबर दे रखा है, तो आप फोन भी कर सकते हैं भाई। और अगर पर्सनल कोई है सिस्टम… चलो, हम आगे शुरू करते हैं।
सही तरीके से तंत्र से पैसा कैसे हासिल किया जाए? देखिए, सही तरीके भी बहुत हैं और गलत भी बहुत। सही तरीका यह है, श्रीविद्या साधना। जैसे दिवाली आई, आपने श्रीविद्या साधना के लिए बैठ जाना है। और एक दिन के अंदर ही लोगों के ऊपर मैंने कृपा होते हुए देखा है। एक दिन के अंदर! मतलब किसी का पैसा अटका हुआ था।
मतलब जैसी सोच ले कि जो बंदा करता है, तो वैसा काम होता है। किसी बंदे ने सोचा कि मेरा फलानी जगह पैसा अटका है, वह आ जाए तो बेहतर। तो वह आ जाता है। बाद में पछताते हैं कि यार, कोई बड़ा माँग देते तो बड़ी चीज भी मिल जाती।
तो श्रीविद्या साधना से बहुत सारे लोगों को पैसों के मामले में सफलता लोगों ने हासिल करी है, मात्र एक दिन। एक मेरी प्लेलिस्ट है, उसमें आप देख सकते हो। किस तरीके से वह कर रहे हैं सिस्टम। तो किन-किन लोगों को फायदा हुआ? एक दिन में बहुत लोगों को मैं करवा चुका हूँ, बहुत लोगों की जिंदगी बदलती देखी है।
एक वीडियो डायरेक्टर था, उसकी जिंदगी बदल दी इसी चीज के चलते। बिल्कुल वह आदमी जीरो था, उसको कोई भी, कहीं से भी प्रोजेक्ट नहीं मिलता था।
तो उसको अचानक से प्रोजेक्ट मिलने शुरू हो गए। तो इस तरीके से होता है मामला। तो आप श्रीविद्या कर सकते हैं, इससे भी करोड़पति बना जा सकता है। अगर एक श्रीविद्या कृपा कर दे, तो आदमी को एक दिन में ही करोड़पति बना सकती है। कोई बड़ी बात नहीं है। उसके मैंने अनुभव डाल रखे हैं, उनके वीडियो डाल रखे हैं श्रीविद्या के। वह आप देख सकते हैं।
पहला पॉइंट। दूसरा है, अप्सरा साधना। कुछ ही दिन पहले मैंने, मतलब कुछ दिन नहीं, मतलब महीने हो गए, और एक लड़का है चंद्र प्रकाश, उसको मैंने करवाई थी उर्वशी अप्सरा साधना। उसकी भी रिकॉर्डिंग मैंने सबूत के सहित अपने चैनल में डाल रखी है, वह आप देख सकते हैं। अप्सरा साधना से उसको फ्लैट मिला। एक तरीके से, उनके पास फ्लैट नहीं था रहने के लिए। अप्सरा ने खुद दिलाया। और उसको पैसे की कोई दिक्कत नहीं है, अच्छा-खासा उसके पास बैंक बैलेंस है।
तो मैं ज्यादा डिटेल से इतना तो नहीं बताऊँगा, आप वह वीडियो देख सकते हो। उर्वशी अप्सरा साधना से भी, आप कोई भी अप्सरा साधना कर लो, उससे हम जिंदगी में अपार धन-दौलत हासिल कर सकते हैं। जैसे महाकवि कालिदास जी को भी नाभि दर्शना से धन की प्राप्ति हुई थी। ये सब साक्षी आपके सामने हैं।
उनके ऊपर अलग वीडियो बने हुए हैं, तो आप देख सकते हो। अप्सरा है और जो आदि गुरु शंकराचार्य थे, उनके शिष्य थे पद्मपाद, उन्होंने भी अप्सरा साधना से, अप्सरा की कृपा से बहुत कुछ प्राप्त किया था, अपार धन-दौलत। अप्सरा देने में सक्षम है। आपकी जिंदगी को सुखद बना देती है। तो अप्सरा साधना से भी आप कर सकते हैं।
दूसरे के ऊपर आती है यक्षिणी। यक्षिणी यक्ष लोक की होती है। यक्षराज हैं कुबेर, पैसे के स्वामी। और कुबेर साधना से भी पैसा प्राप्त किया जा सकता है। अब मैं कुबेर साधना तो नहीं बताऊँगा, यक्षिणी साधना से आप हासिल कर सकते हैं। यक्षिणी भी कई तरीके की हैं। सुरसुंदरी यक्षिणी है और भी बहुत, भोग्या यक्षिणी है, कई तरीके की यक्षिणी जो आदमी को स्वर्ण मुद्राएँ देती हैं, कीमती उपहार देती हैं। तो इस तरीके से भी आप अमीर बन सकते हो, जिंदगी में पैसा हासिल कर सकते हो।
और उसके बाद सही तरीके से अगर बात करें, स्वर्णतारा साधना। स्वर्णतारा साधना से भी आप अमीर बन सकते हैं। कुछ ऐसे हमने स्वर्णतारा के साधक देखे हैं और उन्होंने लाइव दिखाया भी है हमें, उनको मुद्राएँ हासिल होती हैं। रोज उनको 10 तोले सोना मिलता है। तो इस तरीके से वह कुछ, स्वर्णतारा साधना से भी आप हासिल कर सकते हैं।
इसके लिए एक अलग से वीडियो बना है, तो आप मेरे इसी चैनल में देख सकते हैं कि स्वर्णतारा साधना कैसे आदमी को अमीर बना देती है, कैसे 10 तोले देती है।
वह जो 10 तोले देती है, उसमें से भी आपको कुछ पैसे धार्मिक कार्यों के लिए लगाने पड़ते हैं। वह पैसा अगर गलत कामों में लगना शुरू हो गया, तो वह आदमी को जीरो कर देते हैं। गलत काम ऐसे होते हैं, दारू, मीट, अंडा का प्रयोग करना। व्यर्थ इन गलत कामों में नहीं लगना चाहिए पैसा। एक यह भी तरीका है स्वर्णतारा साधना का। तो ऐसे साधक हैं, जिनको मिलता है 10 तोले डेली बेसिस पे।
और धीरे-धीरे यह अपडेट भी होता जाता है, बढ़ता भी जाता है। गलत कामों में लगता जाता है, तो कम भी होता है। अगर इसका जाप करता रहे जिंदगी भर, तो बढ़ता ही जाता है। तो यह साधना है स्वर्णतारा साधना, इससे आप बन सकते हैं अमीर।
और देखिए, आप अगर त्रिकालदर्शी वाली साधना कर लेते हैं। त्रिकालदर्शी में आप स्वप्नमातंगी, मातंगी कर लीजिए आप, स्वप्नमातंगी कर लीजिए, वाराही कर लीजिए, स्वप्न वाराही कर लीजिए, बुलंदनी कर लीजिए, कोई भी ऐसी साधना कर लीजिए जो भूत, भविष्य, वर्तमान काल बता सके। उसके माध्यम से भी आप अच्छा-खासा पैसा कमा सकते हैं।
आपको आने वाले शेयर मार्केट में पता चल जाएगा कि क्या चल रहा है, किस में इन्वेस्ट करना है, किस में नहीं करना। अगर केवल यह जानकारी भी मिल जाए तो बंदे की जिंदगी बदल सकती है। दिनों में ही वह कहीं से कहीं चला जाए।
क्योंकि आपको पता चल जाएगा कि यह स्टॉक ऊपर जाएगा और यह नीचे जाएगा। जो नीचे जाएगा, उसमें पैसा नहीं लगाना है, जो ऊपर जाएगा, आप उसी में लगाओगे, आप आबाद हो जाओगे दिनों में। वह इस तरीके से जो साधना होती है, तो वह आप कर सकते हो। उससे भी आप अमीर बन सकते हैं। इन्हीं से ही आप आगे चलके कुछ भी जानकारी दे सकते हैं।
उसके अलावा देखिए, कुछ आप ऐसी साधनाएँ हैं, जिससे भी आपके ऊपर कृपा हो सकती है। जैसे आप लगा लीजिए कि लक्ष्मी साधना हो गई, कुबेर हो गई, तो ये भी साधनाएँ आप कर सकते हो। अब आप बोलोगे, लक्ष्मी में भी कई तरीके की हैं। अब लक्ष्मी से भी सबसे पावरफुल शक्ति है श्रीविद्या। श्रीविद्या के अंदर तो हमने रिजल्ट एक दिन में ही देखे हैं, मात्र 1 दिन के अंदर। सारे वीडियो हमने सबूत सहित अपने चैनल में डाल रखे हैं, तो आप देख सकते हैं।
एक साधना है स्वर्ण आकाश भैरव साधना। अगर कोई यह साधना कर लेता है, तो उसकी जिंदगी में भी पैसे की कोई दिक्कत नहीं आती। पैसा कई तरीके से आता है। चाहे वह लॉटरी के थ्रू हो सकता है, चाहे वह आपको डायरेक्ट सोना मिलने लगे, वह हो सकता है। बहुत सारे वे हैं। तो आप वह कर सकते हैं।
तो ये कुछ चीजें मैंने आपको बताई हैं, इस तरीके से आप तंत्र के माध्यम से अमीर बन सकते हैं। कुछ परियाँ हैं, वह भी देती हैं धन-दौलत, तो उनसे भी आप कर सकते हैं, आगे अमीर बन सकते हैं। देखिए, तरीके तो बहुत सारे हैं तंत्र के माध्यम से, जिनसे आप कर सकते हैं। देखिए, सागर की साधना होती है। केवल समुंदर के किनारे होती है। अगर वह सिद्ध हो जाए, आपको जो समुंदर के नीचे कीमती चीजें रहती हैं, तो वह आपको मिलनी शुरू हो जाती हैं। एक कालिका साधना है, उससे भी आपको डेली बेसिस के ऊपर सोना मिलता है।
तो यह शक्तियाँ हैं जो आपको जिंदगी में, आपकी बरकत पैदा कर सकती हैं, जिंदगी में आपको अमीर बना सकती हैं। कोई भी दैविक शक्ति है, तो वह धीरे-धीरे आदमी को अमीर बनाती है, एकदम से नहीं बनाती।
एकदम से भी लोग बनते हैं। वह अलग चीज है, अलग लोग होते हैं। ज्यादातर केसेस में धीरे-धीरे देती हैं, धीरे-धीरे आदमी अमीर बनता जाता है। देखो, जो काली चीजें हैं, वह आदमी को एक दिन में ही बना सकती हैं, पर उसका साइड इफेक्ट बहुत है। गलत कामों के थ्रू पैसा कमाया जाता है, तो इन चीजों से भी बचना चाहिए।
तो और भी बहुत सारी शक्तियाँ हैं, जिनसे कमाया जा सकता है। तो वीडियो लंबा हो गया थोड़ा सा, तो मैं यहीं पर ही विराम देता हूँ। अगर आप भी कुछ बताना चाहते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए या फोन नंबर मैंने दे रखा है तो उसके ऊपर फोन करिए। आज का यह वीडियो यहीं समाप्त होता है। आपका कोटि-कोटि धन्यवाद, आपने वीडियो अंत तक सुना। जय श्री महाकाल।