यंत्र मंत्र तंत्र ज्ञान mantra-tantra-yantra गुरु मंत्र साधना एक मंत्र तंत्र साधना विज्ञान एक प्लेटफार्म है यहा पर मंत्र तंत्र साधना सम्बन्धी ज्ञान प्रदान किया जाता है जो ज्ञान साधू संताओ से प्रपात किया है । इस वेबसाइट में तंत्र की लेख और वीडियो प्रपात होंगे ।
Brahmarakshas ब्रह्म राक्षस परिचय और भ्रांतियों पर विचार कौंन होता है गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम पोस्ट में आपका एक बार फिर से स्वागत है। आज हमारे साथ हैं रुद्रनाथ जी। रुद्रनाथ जी आज हमें बताएँगे कि जो जनता की मेल आ रही है, फोन आ रही है कि ब्रह्म राक्षस के बारे में जानना है। उनको सिद्ध कैसे किया जाता है।
आज वो हमारे पोस्ट पर विस्तार से बताएँगे कि ब्रह्म राक्षस की कैसे सिद्धि की जाती है और दूसरी बात इसकी शक्ति क्या है और इसको प्रयोग में कैसे लाना और इससे बचा भी कैसे जा सके। ठीक है? तो मैं अपने पोस्ट पर आपका स्वागत करता हूँ रुद्रनाथ जी एक बार फिर से जी धन्यवाद सबसे पहले। जी जय माता की, जय श्री महाकाल। जय श्री महाकाल।
तो जो मैंने आपसे तीन चार सवाल पूछे हैं इनको टॉपिक को बताओ कि कैसे कवर करना है। तो पहले तो मैं आपको ये चीज़ बताना चाहता हूँ जो हमारे नए विज़िटर आए हैं अभी जो नई ऑडियंस है तो उनको मैं एक चीज़ बताना चाहता हूँ कि ब्रह्म राक्षस है क्या, सबसे पहले तो उसकी जानकारी देना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसके बारे में ना बहुत सारी गलत धारणाएँ हैं। जी ठीक है।
किसी को कुछ पता भी नहीं है और फालतू में कोई भी वेबसाइट लेख बना के डाल रहा है। ठीक है? बिल्कुल बिल्कुल। और मैं इसका बिल्कुल कम से कम समय में मैं इसको कवर करूँगा। ज़्यादा मैं समय नहीं लूँगा। बिल्कुल। ठीक है।
🔱 ब्रह्म राक्षस का पौराणिक संबंध: कश्यप और विश्रवा ऋषि
तो देखिए जो ब्रह्म राक्षस है वो है क्या? मैं आपको चीज़ बताता हूँ। कॉन्सेप्ट समझिएगा, कोई बंदा भी है तो ब्रह्म राक्षस जो है ठीक है, जो कश्यप ऋषि हुए हैं, ठीक है, कश्यप ऋषि के साथ भी इनका रिलेशन है और विश्रवा ऋषि के साथ भी है, दोनों ऋषियों के साथ है इनका रिलेशन।
पहले तो मैं कश्यप ऋषि का रिलेशन बताता हूँ। कश्यप ऋषि की दो पत्नियां, वैसे तो काफी सारी पत्नियाँ थी, जो दो पत्नियाँ थी वो मेन थी दिति और अदिति मुख्य रूप से। हाँ, जो दिति थी, ठीक है, उसके यहाँ पर हो सकता है कि थोड़ा मैं उलटपुलट भी बोल सकता हूँ दिति और अदिति को लेके, तो आप अपने हिसाब से उसको मैनेज कर लेना।
गरुड़ हुए, मैं बता देता हूँ जिसमें आपको हाँ जी मैं कम्प्लीट करता हूँ। तो दिति थी, ठीक है जी, तो उनके वहाँ पर अगर मैं गलत हूँगा तो आप मेरे को टोकिएगा ज़रूर। जी जी। जिनके वहाँ पर जो हुए हैं, ठीक है, वो हुए थे जी देवता। बिल्कुल मैं सही हूँ जी क्योंकि मेरे को थोड़ा कन्फ़्यूज़न होता है को लेके। देखो जी, जो अदिति से सीधा देवता जाएँगे। अदिति से अदेवता जाएँगे। हाँ, जो अदिति थी, एक तो उसके वहाँ पर जो पैदा हुए थे, राक्षस पैदा हुए थे। बिल्कुल। ठीक है।
एक तो उनका रिलेशन यह है कश्यप और ऋषि से। ठीक है। जितने भी अदिति के आगे बेटे हुए हैं, जितने भी औलाद हुई है, सब राक्षस ही हुई है। हाँ हाँ हाँ। ठीक है। तो ये आप समझ जाओ कि जो कश्यप ऋषि थे, ब्राह्मण थे। ब्राह्मण होने के कारण जो आगे औलाद हुई।
मतलब एक ब्राह्मण की तेजस्वी औलाद थी। मतलब वो ऋषि कोई तेजस्वी थे पूरी तरीके से। पूर्ण रूप से तेजस्वी थे। भाई मैं ऑडियंस आपको बता देता हूँ। एक बेटा उनको वहाँ से मिला है गरुड़ जो भगवान विष्णु का सारथी है। जी वो दिति से हुआ है।
मतलब कि आपकी जनता को पता लग जाएगा। और जो इंद्र आदि देवता हुए हैं, दिति से पैदा हुए। इंद्र देव, वरुण देव, जितने भी है ये। देवी देवता सारे ही दिति के ही पुत्र थे। आगे इन्होंने फिर यज्ञ करके, तपस्या करके देव तत्व को प्राप्त कर लिया। ठीक है।
तो ये एक तो जो अदिति से आगे चीज़ें चली, वो हुए जी ब्रह्म राक्षस क्योंकि वो ब्राह्मण के बेटे थे। तेजस्वी थे। हम तो वो कहलाए ब्रह्म राक्षस। बिल्कुल। अब यहाँ पर कोई कन्फ़्यूज़न तो नहीं रहनी चाहिए। क्लियर है ना मैटर?
मैटर देखो जो जो ऋषि थे कश्यप ऋषि। ठीक है? वो एक ब्राह्मण थे। आगे इसीलिए जो राक्षस पैदा हुए उनकी कुल से वो ब्रह्म राक्षस पैदा हुए। दूसरा कॉन्सेप्ट मैं अभी बताता हूँ। पुलस्त्य ऋषि। ठीक है? ब्रह्मा जी के पुत्र हुए पुलस्त्य ऋषि। पुलस्त्य ऋषि के आगे पुत्र हुए विश्रवा ऋषि। ठीक है?
विश्रवा ऋषि से जो पहली पत्नी थी उससे कुबेर पैदा हुए। हम्म ठीक है। जिनको नल कुबेर बोला जाता है। कुबेर पैदा हुए। ठीक है। बिल्कुल। आगे चलके भगवान शिव ने उनकी ड्यूटी लगा दी कोषा अध्यक्ष के लिए। बिल्कुल।
रावण रावण के जो भाई थे भाई थे दूर के भाई थे आगे भाई हाँ जो आगे विश्रवा ऋषि के आगे दूसरी पत्नी हुई उससे पैदा हुए रावण, कुम्भकर्ण आदि। ये थे ब्रह्म राक्षस। बिल्कुल।
अगर आप पूरा कॉन्सेप्ट समझ गए हैं कि जो ऋषियों की कुल से जो पैदा हुए थे। वो ब्रह्म राक्षस पैदा हुए थे। जी वो ब्राह्मण होने के कारण वो ब्रह्म राक्षस कहलाए।
🚫 झूठी धारणाओं का खंडन: पूजा पाठ और ब्रह्म राक्षस बनना
अच्छा, अज्ञानी लोग मैं देखता हूँ वेबसाइटों के ऊपर बेवकूफ बैठे हुए हैं। जी वो कॉन्सेप्ट क्या बताते हैं? जी जो ब्राह्मण पूजा पाठ करता है। जी गलत काम करता है। उसके बाद वो ब्रह्म राक्षस बन जाता है। मूर्ख प्राणी हो। ऐसा कुछ नहीं है। ऐसा कुछ नहीं है। मैं एक चीज़ बोलता हूँ।
ऊपर कोई वो जातपात का भेदभाव नहीं है। गलत काम करेगा उसके लिए नर्क है। सही काम के लिए स्वर्ग है। वो वहाँ जातपात नहीं देखी जाती। ये धरती लोक के ऊपर जातपात का चक्कर है।
बिल्कुल। अगर कोई थोड़ा पूजा पाठ कर रहा है ना साधक, उसको एक मौका मिलता है। इंसान की जन्म फिर दोबारा मिलता है। थोड़ा अपने आप को सुधार ले।
जैसे भाई हमें मिला हुआ है दोनों को। बिल्कुल। तो उसी तरीके से ही उनको दोबारा जन्म मिलता है कि कुछ अधूरे काम करें अपने आप को मोक्ष की प्राप्ति को और आगे बढ़ें।
ये नहीं है कि अगर ब्राह्मण कोई गलत काम कर रहा है तो ब्रह्म राक्षस बन जाएगा। ये कहाँ के साले लॉजिक लगा रहे मेरे को यही नहीं पता। लॉजिक सबसे बड़ी बात ये है मैं।
🛡️ ब्रह्म राक्षस से सुरक्षा और उसकी शक्ति
अच्छा, दूसरी जी, मैं अब कॉन्सेप्ट के ऊपर आऊंगा। जी जी। क्लियर हो गया सबको कि आगे बताऊँगा। जी। लोग क्या बोलते हैं कि ब्रह्म राक्षस से बचा कैसे जाता है? अगर किसी के ऊपर ब्रह्म राक्षस लग गया, बड़े से बड़ा तांत्रिक नहीं बचा सकता। मैं सीधी बात बोलता हूँ।
लोग बोलते हैं कि हम हम तो हनुमान चालीसा पढ़ लेंगे। ठीक है। तुम क्या हनुमान चालीसा पढ़ोगे? ब्रह्म राक्षस तुमसे भी शुद्ध हनुमान चालीसा तुम्हें सुना देगा। वो बोलेगा महामृत्युंजय पढ़ेंगे, उससे भी शुद्ध सुना देगा। क्योंकि वो साला खुद ब्राह्मण है। जी। बिल्कुल। वो हाईलाइट है।
उनका दादा, परदादा या बाप वो हाई लेवल के ऋषि हैं। हाई लेवल के ऋषि हैं। वो तुमसे ज़्यादा शुद्ध सुना देंगे। जी। और आप तो चकरा जाओगे यार। अभी ये क्या चक्कर है? जी।
अब मैंने ऐसा केस देखा है जी और हम उनके सामने उनके घर के मेम्बर हनुमान चालीसा पढ़ते थे। वो आ गए। वो हनुमान चालीसा सुनाता था। बिल्कुल शुद्ध रूप में। बिल्कुल। गायत्री मंत्र उसने सुना दिए। बिल्कुल। वो बताता था इसका वो भी लगाओ। शाप में विमोचन भी करो उसका।
हाँ, शाप विमोचन करो। मक्खी पे मक्खी चलाएगा वो पूरी शुद्ध रूप में। उसमें आप एक चीज़ लगा लो। आप उसको मंत्रों से या हनुमान चालीसा से नहीं बाँध सकते। सबसे बड़ा कॉन्सेप्ट ये उसको कोई बड़े से बड़ा तांत्रिक नहीं बाँध सकता।
जो जिस ऋषि का ब्रह्म राक्षस के पिता का नाम लिया दिति, अदिति तो सतयुग में हुए हैं। ये तो कलयुग चल रहा है ना। तो लेवल किसका बड़ा, ब्रह्म राक्षस का या आज के तांत्रिक का? ब्रह्म राक्षस का लेवल बड़ा है। भाई दूसरी चीज़ आप एक चीज़ लगाओ ना कि वहाँ पर ब्रह्म तत्व चल रहा है। सबसे बड़ी ब्रह्मा का तत्व चल रहा है। ब्रह्म एक बहुत बड़े ऋषि का तत्व चल रहा है।
तो वहाँ वो कि कैसे आप उसको हरा पाओगे? और यही उल्लू के पठ्ठे को समझ नहीं ना। जिसका नाम ब्रह्म है। जी। राम जो श्री रामचंद्र जी थे, ठीक है, उनकी पूजा किसने करवाई थी? जी वो रावण ने करवाई थी जी। राम जी ने रावण खुद आए थे। रावण खुद आए थे।
उससे बड़ा ब्राह्मण कौन होगा? उन्होंने उस समय बोला था कि इस समय धरती पर इनसे बड़ा ब्राह्मण नहीं है कोई भी। उनको बुलाओ, वेद पाठी। वो कर्मकांड करेंगे। और वह आए थे। बिल्कुल आए थे। और दूसरी चीज़ मैं को एक चीज़ और बताता हूँ। जी।
सिम्पल कॉन्सेप्ट। ठीक है? रावण अगर हम एग्ज़ाम्पल लें ना ब्रह्म राक्षस की, तो रावण भी ब्रह्म राक्षस था। जी सीधी बात है। बिल्कुल। ठीक है। और दूसरी चीज़ जहाँ ब्रह्म राक्षस खड़ा हो जाएगा वहाँ बड़े से बड़ा तांत्रिक फेल हो जाएगा। सीधी बात है। बच ही नहीं सकता। जी।
वहाँ पर वहाँ पर ना वहाँ पर केवल नाथ योगी, उच्च लेवल का नाथ योगी ही बचा सकता है। नहीं तो कोई नहीं दुनिया की पावर बचा सकता। कोई नहीं बचा सकता। सही बात बोल रहे हो। यही चीज़ है जी कि मैं एक चीज़ बोलता हूँ। जी। ब्रह्म राक्षस की साधना भी होती है। ठीक है। इसके मान लो अगर अगर मान लो मैं आपको चीज़ और कॉन्सेप्ट बताता हूँ।
अगर कोई बंदा कर रहा है। ठीक है जी। अगर उस बंदे ने कर ली साधना हम तो बंदे की छोटी सी गलती होगी ना तो खुद नहीं मरेगा वो ब्रह्म राक्षस पूरा खानदान ही खत्म कर देगा उसको। अरे भाई उसको तो फिर बलि चाहिए ना। बलि चाहे उसकी साधक की हो या उनके परिवार की हो वो तो लेगा ही ना सीधी। नहीं वो किसी को नहीं छोड़ता जी। सबसे खतरनाक और डेंजर साधना है।
अगर आपने उसको कर लिया मैं आपको एक चीज़ और बोलता हूँ कि अगर आपने कर लिया दुनिया की सबसे पावरफुल व्यक्ति आप होंगे। सबसे पावरफुल व्यक्ति आप होंगे। आपके मुक़ाबले में कोई होगा ही नहीं पावरफुल। बिल्कुल। क्योंकि ब्रह्म राक्षस की सिद्धि कोई मज़ाक नहीं है। बड़ी बात है भाई। खेल ही नहीं है।
जैसे आप बात कर रहे हो बता रहे हो। एक-एक स्टेप बता रहे हो, बात बता रहे हो। खेल थोड़ी। हाँ, भाई ऐसा मत सोचना कि भई तांत्रिक बचा लेगा जी। भूत प्रेत है जी। हनुमान चालीसा पढ़ के बचाव कर लेंगे। नहीं, कोई नहीं छुड़वाने वाला नहीं मिलेगा आपको। बिल्कुल बिल्कुल।
करने को तो कर लोगे आप। तो मैं इसीलिए ये साधना में नहीं डाल रहा हूँ। सीधी बात है क्योंकि बहुत मेरे पास पड़ी है। ठीक है। हम नाथ संप्रदाय से हैं तो नाथ संप्रदाय में किसी चीज़ की कोई कमी नहीं छोड़ी है गुरु गोरखनाथ जी ने। ठीक है। तो हम ये चीज़ें रिवील नहीं कर सकते क्योंकि बंदा खुद नहीं मरेगा, लोगों को मारेगा। मैं आपकी बात रोक रहा हूँ।
सबसे बड़ी बात ये है कि अगर बंदर के हाथ में उस्तरा पकड़ा, खुद तो मरेगा, अगले को भी मार देगा। ये इसका तो वही लॉजिक निकलेगा। डेंजर साधना। अच्छा, ये की कहाँ जाएगी फिर ये साधना? ये की जाती है बिल्कुल एकांत जंगल साइड में।
जहाँ बिल्कुल बीयाबान होता है ना। ठीक है। जब ये आता है ब्रह्म राक्षस तो धरती हिलती है जी। पूरा क्योंकि ये ब्रह्म राक्षसों का स्थान जो है पाताल है। धरती फाड़ के एकदम प्रकट होगा। बिल्कुल बिल्कुल। धरती फाड़ेगा, घर उखाड़ेगा जी।
अगर आप घर पे करोगे तो घर का तो ऐसे ही उड़ जाएगी, घर की छत उड़ जाएगी और घर वाले सोचेंगे साला क्या भूचाल आ गया जी। घर वाले भी जो आसपास के हैं, क्या भूचाल आ गया जी। यही हाल होगा। हाँ, अगर बंदा साला कुछ देख के कर ले। हाँ, तो भाई घर ही फट जाएगा एकदम से। घर ही फट जाएगा।
बिल्कुल सही बात बोल रहे हो भाई। बिल्कुल भाई एक रियलिटी है जी। होती है साधना पर भाई सबको कोई हर एक चीज़ मैं नहीं दे सकता। नहीं नहीं, ठीक है आपकी बात। मरना है, मरने का काम ही करेंगे।
💡 निष्कर्ष और अगली कार्यवाई
कॉन्सेप्ट हमने बता दिया है। ब्राह्मण राक्षस है क्या? आपने ऐसे सिद्ध कैसे इसकी सिद्धि कैसे की जाती है और ये कौन है, ये आपने बिल्कुल बताया। कोई किसी का डाउट होगा तो नीचे कमेंट बॉक्स में बता दे। ठीक है? तो बस बाकी मैं एक चीज़ बोलता हूँ जहाँ ब्रह्म राक्षस आ जाए तो आप प्रणाम करके निकल लो बस। क्योंकि आप उसे जीत नहीं सकते। जी ठीक है जी।
तो ये सिस्टम है जी आज का हमारा यही टॉपिक था कि हम जानकारी दें ब्रह्म राक्षस के बारे में जो भ्रांतियाँ फैल रखी हैं, तो उसके बारे में हम बताएँ। एक चीज़ रह गई रुद्रनाथ जी। भ्रांतियाँ इसलिए फैल रही हैं, कुछ किया नहीं है, कुछ सीखा नहीं है, कुछ पाया नहीं है, तो सब चेपने पे लगे हुए हैं। बढ़िया कैमरा, बढ़िया कैमरा रख के चेपने पे लगे हुए। ऐसे कर रहे हैं।
ऐसे कर रहे हैं कि जैसे कि साला इनका जो है ना वो नेबर है ब्रह्म राक्षस। बस बस बस। पड़ोसी है। मैं फिर भी तंग रह गया जी। जब उस लेडीज़ का मैंने सुना जी। बहुत बड़े वेबसाइट लेख के ऊपर वो लेडी बोल रही है जी। ब्राह्मण राक्षस क्या है? जी जो ब्राह्मण गलत काम करता है जी वो ब्राह्मण राक्षस बन जाता है भाई साहब। वो थोड़ी है। वो तो साला कॉन्सेप्ट ही अलग उन्होंने बना दिया। बताओ। ये सीधी बात है। आएगा जी। नरक जाएगा।
मान लो अघोरी अघोरी एक बात लेता हूँ। वो जब से अघोरी बना है, मरने तक वो इतने मंत्र उच्चारण सिद्धियाँ कर चुका है। जब वो किसी के सामने पड़ेगा, इतनी जल्दी उसको पिंड छोड़ देगा। उनकी तो मुंडी भी पहले बुक होती है कि तू मरेगा, तेरी मुंडी मेरे को चाहिए क्योंकि उसमें ज्ञान होता है उसका सारी उम्र का। वो जब दूसरे अघोरी को मिलती है तो वो ज्ञान जो होता है ज़्यादा बड़ा हो जाता है उसका।
और मैं एक चीज़ और बोलना चाहूँगा जो अघोरी का मैं कॉन्सेप्ट बताता हूँ। या कोई भी सिद्ध व्यक्ति है, अगर उसका शरीर छूटता है, कोई काम अधूरे रह जाते हैं तो दोबारा उसका मनुष्य का ही जन्म होगा उसको। बिल्कुल। तो ये होता है सिस्टम केवल अच्छे लोगों के लिए ये कॉन्सेप्ट है। अगर वो ब्राह्मण है, अभी कोई भी जात का है ना, तो वहाँ ऊपर जात नहीं पूछी जाएगी।
सीधा नर्क में डाल दिए जाओगे गलत काम तो सीधी बात है। जात अब अब आप ये नहीं कोई बंदा बोल सकता है हाँ जी ब्राह्मण है तो चलो कोई बात नहीं इसको ब्रह्म राक्षस की श्रेणी में डाल दो। ये तो कुछ अलग कॉन्सेप्ट हुआ है। वो चीज़ ऐसी नहीं है। जी बिल्कुल।
तो केवल जो ऋषियों की कुल से जो कुल चली है तो ब्रह्म राक्षस है। सीधी बात है जी। भाई भाई मैंने सुना है कि जैसे कहीं बोलते हैं रावण को ऐसे सिद्ध करो, वैसे सिद्ध करो। सालों एक उपाय मैंने जो बताया था वो इतना धड़ल्ले के साथ फैल रहा है। अगर अच्छा किसी को अगर खुजली हो भी रही है ना ब्रह्म राक्षस की तो रावण ही कर ले। वह भी ब्रह्म राक्षस ही था भाई।
तो कर तो सही। करे तो सही। पहले ही उसको पता लग जाएगा ना हफ्ते, एक हफ्ते में पता लग जाएगा। और एक तरीके से उनकी दो इच्छाएँ पूरी हो गई। एक तो चलो उनका हो गया काम। ठीक है। ब्राह्मण राक्षस की खुजली दूर हो गई।
दूसरा चलो वो भी हो गया, दो काम हो गए ना। ऑप्शन मिल गई है। चाहे पहली ऑप्शन जाए, दूसरी ऑप्शन। बिल्कुल बिल्कुल। तो यही चीज़ है जी। बंदा ये चीज़ करे।
तो आज का जो टॉपिक है यहीं समाप्त करते हैं। जी बहुत मज़ा आया जी आपके साथ बातचीत करके। जी शुक्रिया भाई पोस्ट पे आने के लिए। रुद्रनाथ जी आपका एक बार फिर से। तो आज के लिए मैं यहाँ पर विराम करता हूँ। ठीक है। जय महाकाल और जय माता की
Dhanteras 2025 धनतेरस पर अष्टलक्ष्मी रहस्य धन वर्षा रहस्य
Dhanteras 2025 धनतेरस पर अष्टलक्ष्मी रहस्य धन वर्षा रहस्य
🌟 परिचय: लक्ष्मी के प्रकार और श्री का महत्व
आपके घर की दक्षिण दिशा में अगर पूरी रात तक कोई दीपक जला सके अखंड ज्योत, आपका असामयिक मृत्यु, अकाल मृत्यु टल जाएगा। यह यमराज जी का वरदान है। आयुर्वेद के अंदर यह जो धनिया है ना, यह जो सब्जी में हम खाते हैं, बहुत आपको लगता होगा साधारण सी चीज है, नहीं नहीं, यह बहुत महत्वपूर्ण एक जड़ी-बूटी है।
नमस्कार, नमो नारायण। दिवाली के पर्व की सजावट, दिवाली के पर्व की रोशनी घर-घर दिखाई देने लगी है, और हम आज धनतेरस, धनलक्ष्मी, वैभव लक्ष्मी की बात करने जा रहे हैं। जगत में किसको लक्ष्मी नहीं चाहिए ? लेकिन क्या आपको पता है, लक्ष्मी कितने प्रकार की होती है ?
आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, भाग्य लक्ष्मी, विजयालक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी। आठ प्रकार की लक्ष्मी होती है, और हम ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि गांधी छाप एक ही लक्ष्मी होती है।
नहीं, जिस तरह से लक्ष्मी आठ प्रकार की होती है, उसी तरह से आठ स्त्रोतों की रक्षा करने वाली भी लक्ष्मी जो होती है, वह क्या आठ हैं? सोत्र आध्यात्मिक है, भौतिक धन है, कृषि है, राज परिवार है, ज्ञान है, साहस है, संतान है, और जीत है। इन सब में लक्ष्मी जी का बहुत बड़ा महत्व है।
जीवन में आपके पास सब कुछ हो अगर श्री नहीं है, क्योंकि श्री में ये आठों आठ आ जाएगी। गीता जी का वह श्लोक है ना: यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम जहां कृष्ण हैं, वहां श्री रहेगी।
तो सीधी सी बात है, जिस व्यक्ति के पास, जिस मनुष्य के पास श्री नहीं है, वह दरिद्र है, क्योंकि श्री के बिना श्रीहीन हो जाते हो। हम अपने नाम में श्री या श्रीमती क्यों लगाते हैं?
हम सबको श्री की आवश्यकता है। तो श्री का पर्व दिवाली पर धनतेरस, और धनतेरस के दिन अगर ठीक से लक्ष्मी पूजन आप करते हैं, तो पूरे वर्ष उसकी कृपा बनी रहती है।
🙏 धनतेरस पर विशेष पूजन और पंजीकरण
आप मित्रों के अनुरोध पर, जैसे कि मैंने बताया था कि ऑफलाइन तो हम नहीं, संसाधन सीमित होने से आपको नहीं बुला पाए संस्कार केंद्र पर, लेकिन ऑनलाइन हमारा धनतेरस का विशेष पूजन होने जा रहा है।
धनतेरस का योग सिर्फ दो घंटे, छ: से आठ। करना क्या है? विवरण में दिया हुआ लिंक है, उस लिंक पर जा करके आपको रजिस्टर करना है। जितनी जल्दी हो सके, आप इसको करेंगे, और धनतेरस के दिन आप अपने सामने अपना श्रीयंत्र अथवा तो लक्ष्मी जी की मूर्ति ले कर के बैठेंगे।
मैं स्वयं जो-जो चीजें लक्ष्मी जी की पूजा के लिए शास्त्रोक्त पद्धति से है, वह करेंगे, और साथ में इसमें होम भी होगा। सहस्रनाम का, ललिता सहस्रनाम के हजार नाम होंगे, श्री यंत्र का अभिषेक होगा। तो बाद में वह प्रोग्राम ही जाएगा, परंतु लाइव देखने का एक आनंद, उसमें भाग लेना एक अलग आनंद है। तो मिलते हैं 10 तारीख शुक्रवार को धनतेरस के दिन।
🛍️ धनतेरस पर खरीदारी और बचत का महत्व
तो धनतेरस का महत्व हजारों सालों से हमारे परंपरा में आपने अगर देखा होगा, तो हमारे नाना नानी, दादा दादी चांदी की कोई ना कोई चीज खरीद किया करते थे। चांदी की ही क्यों ? क्योंकि चांदी एक तो शुद्ध है, ठंडी है, और चांदी का लक्ष्मी जी से बहुत बड़ा संबंध है, जुड़ाव है।
बाद में जब हमारी इनकम थोड़ी बहुत कम हुई होगी, तो लोगों ने स्टील के बर्तन, तांबे के बर्तन, पीतल के बर्तन लेने भी शुरू किए, लेकिन इसमें एक दूसरा राज क्या है ?
हमारे ऋषि मुनि, हमारे पूर्वज इतने स्मार्ट थे, इतने इंटेलिजेंट थे कि वह उस समय तो बैंकिंग सिस्टम विकसित नहीं था ना, बैंकिंग सिस्टम था नहीं, यह पेपर करेंसी नहीं थी, सारे की सारी मेटल्स के ऊपर चल रहा था। तो प्रत्येक घर में कुछ बचत हो, हर साल कुछ उसके लिए सिक्योरिटी बढ़े, तो आप कैसे बढ़ाओगे ?
तो उसको धर्म से जोड़ कर के उन्होंने धनतेरस के दिन कुछ खरीदारी करो, सोने की, चांदी की, तांबे की, पीतल की, कम से कम कुछ जोड़ो, तोड़ो मत, जोड़ो। तो आप भी इस धनतेरस को कुछ जोड़ें, शुभ संकल्प ले कर के जोड़ें।
🪔 दीपदान का महत्व और यमराज का वरदान
दूसरा धनतेरस के दिन दीपदान भी होता है। यह जो पर्व है, ये तीन पर्व एक साथ आ जाते हैं। दीपदान का महत्व क्या है ? कहानी तो उसमें मैं आपको बताऊंगा अगर, चलते चलते राजा हेम की। कि राजा हेम जो हैं, उनको किसी ज्योतिषी ने बताया, पुराण की कहानी है, कि ज्योतिषियों ने बताया कि भई आप, आपके बेटे की अगर शादी होती है, तो चौथे दिन के बाद ही उसका मृत्यु का योग बनेगा।
तो राजा हेम ने कहा, तो फिर मुझे अपने बेटे को ऐसी जगह भेज देना चाहिए जहां पर उसको लड़की या कोई स्त्री का दर्शन ही ना हो, पर विधि के विधान को कोई तोड़ नहीं सकता।
राजा हेम ने अपने बेटे को ऐसी जगह भेजा, जहां कोई स्त्री का उसको दर्शन नहीं हो रहा था, लेकिन उस प्रकृति, उस विराट, उस कॉस्मिक डिज़ाइन के अंदर एक दिन एक राजकुमारी उसी एरिया से गुजरती है, और राजा हेम के पुत्र की उस पर नजर पड़ती है।
दोनों में प्रेम होता है, दोनों गांधर्व विवाह करते हैं। विवाह के होते ही चौथे दिन जो मृत्यु योग था, वह सामने आ गया।
अब जब चौथे दिन मृत्यु योग आ गया, तो यमराज के दूत उसको लेने के लिए पहुँच गए। तो राजा हेम की बहू, नवविवाहिता थी, चौथे दिन का मतलब विधवा योग।
खूब कल्पाती है, हृदय से रोदन करती हुई विलाप करती है, और ऐसा विलाप, ऐसा विलाप कि यम दूतों के हृदय भी पिघल गए।
तो उनमें से एक यमदूत यमराज जी से पूछता है कि प्रभु, आप इस तरह से जो यह मृत्यु के देवता हैं, और इस तरह से खींच के ले आते हैं, लोग इतना रोदन करते हैं, क्या कोई रास्ता नहीं है कि मृत्यु को असामयिक रोका जा सके? इतनी जवानी में यह राजा का बच्चा मर रहा है, तो उसको कैसे रोकें हम?
यमराज जी कहते हैं कि देखो, विधि के विधान को मैं भी नहीं बदल सकता हूँ। मैं भी एक ड्यूटी कर रहा हूँ, जैसे पुलिस वाला अगर किसी को पकड़ता है, तो वह ड्यूटी कर रहा है, उसका कोई व्यक्तिगत उससे दुश्मनी नहीं है। तो मैं ड्यूटी कर रहा हूँ, और ड्यूटी के तहत मृत्यु के अधीन मुझे वह आत्मा ले लेनी पड़ती है।
पर हाँ, मैं एक रास्ता बता देता हूँ कि अगर धनतेरस वाले इसी दिन, कार्तिक मास की जो ये आएगी त्रयोदशी, कि इसी दिन घर की दक्षिण दिशा में, आपके घर की दक्षिण दिशा में अगर पूरी रात तक कोई दीपक जला सके, अखंड ज्योत।
बहुत अच्छा, नहीं जला सकते हो, कम से कम सूर्यास्त के बाद थोड़ी देर के लिए ही दीप प्रज्वलित कर लो, तो आपका असामयिक मृत्यु, अकाल मृत्यु टल जाएगा। यह यमराज जी का वरदान है। तो धनतेरस का एक यह महत्व रहा।
⚕️ धनवंतरी भगवान और लक्ष्मी जी का प्राकट्य दिवस
फिर धनतेरस का दूसरा महत्व क्या है? ऐसा कहा जाता है कि अमृतमंथन के समय इसी दिन धनवंतरी भगवान का जन्म हुआ है। धनवंतरी भगवान अपने हाथ में अमृत का कलश ले कर के बाहर प्रकट होते हैं, और धनवंतरी भगवान, आपको पता ही है, आयुर्वेद के भगवान माने जाते हैं, और भारत सरकार ने इस दिन को आयुर्वेद दिवस घोषित किया हुआ है।
तो धनवंतरी जी आयुर्वेद के अंदर तो पूजनीय हैं ही, लेकिन मैं मानता हूँ कि जो भी सनातनी, उनको धनवंतरी भगवान के विषय में थोड़ा बहुत जान लेना चाहिए। थोड़ा सा गूगल करके पढ़ोगे, धनवंतरी जी की कृपा प्राप्त करोगे, तो आपको यह असामयिक रोग या बीमारियाँ, दुख, क्लेश नहीं होंगे, क्योंकि धनवंतरी जी जो हैं, वह इन सभी का निदान करने के लिए सक्षम माने जाते हैं।
दूसरा, इसी धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी जी का भी प्रकट दिवस माना जाता है कि वो अमृत मंथन हो रहा था, उसमें से लक्ष्मी जी प्रकट होती हैं।
तो यह दिन लक्ष्मी जी से भी जुड़ा हुआ है। अब जब हम लक्ष्मी जी का पूजन करते हैं, तो लक्ष्मी जी के पूजन में आपने देखा होगा जो सजावट होते हैं फोटोज के, वह धनवंतरी जी भी उनमें रखे जाते हैं .
कुबेर देवता या कुबेर का यंत्र होता है, माँ लक्ष्मी होती है, गणेश होता है, और भगवान विष्णु। भगवान विष्णु क्यों? क्योंकि लक्ष्मी जी तो विष्णु के साथ रहेंगी, तो विष्णु जी रहेंगे ही रहेंगे। तो श्री रहेगी तो श्रीपति रहेंगे, नाथ रहेंगे।
तो यह अपने आप में फ्रेम पूरा होता है, और गणेश जी और लक्ष्मी जी के संयुक्त होने की कहानी हम ऑलरेडी कहीं बोल चुके हैं, तो आप देख लेना कि जहाँ लक्ष्मी जी रहेंगी, वहाँ गणेश जी उनके मानस पुत्र के तरीके से रहते हैं।
🧘 ध्यान तेरस, धन्य तेरस और महावीर का निर्वाण
अब धनतेरस, इसमें तेरह ही क्यों है? तेरस मतलब तेरह। तेरह क्यों है ? अगर आप गहराई से सोचोगे, तो सब कुछ दीना आपने, बेटा, दरू क्या मैं नाथ। नमस्कार, बेटा हमारी आप स्वीकार कर लो, तेरा तेरा, सब कुछ तेरा है। नानक कहते हैं ना, सब तेरा है, मेरा कुछ नहीं।
लेकिन धनतेरस का एक और अर्थ जो हम मानते हैं, वह है धन्य तेरस और एक है ध्यान तेरस। धन्य और ध्यान क्यों? ध्यान तेरस इसीलिए कहा जाता है कि भगवान महावीर इसी दिन तीसरे और चौथे ध्यान में गए, और तीन दिन के बाद योग निरोध करते निर्वाण को प्राप्त होते हैं।
दिवाली के दिन महावीर जी की निर्वाण तिथि है वह। तो धनतेरस अपने आप में, क्योंकि दिवाली के यह जो दिन है ना, बड़े शुभ हैं।
जितना हो सके, किसी को उलझना मत, किसी से उलझन वाली बातें मत करना, बिल्कुल आनंद रहना, और जितना हो सके, पूजा पाठ है, नित-नेम, दान पुण्य, गरीबों को देखना, शुभ शुभ करना, तो सब शुभ शुभ होगा।
🌱 धनतेरस पर धनिया का प्रयोग और स्वास्थ्य लाभ
उसी दिन धनतेरस के दिन साबुत धनिया होते हैं, साबूत धनिया तो आप मसाला यूज़ करते हैं, तो धनिया जो होता है, साबूत धनिया भगवान धनवंतरी को अर्पित किए जाते हैं, और कुछ धनिये साबुत अपने तिजोरी में लोग रखते हैं।
वह धन का प्रतीक है, और कुछ लोग उन्हीं दानों को, उन जो धनिया के बीज हैं, उनको जमीन में बो देते हैं, और उनमें से हरे धनिये निकलते हैं। मैं आपको बताऊँ, आयुर्वेद के अंदर यह जो धनिया है ना, यह जो सब्जी में हम खाते हैं, बहुत आपको लगता होगा साधारण सी चीज है, नहीं नहीं, यह बहुत महत्वपूर्ण एक जड़ी-बूटी है, और उसकी बहुत से उपयोग, सदुपयोग हैं।
आज का विषय नहीं है, क्योंकि आज का आपका विषय तो लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है, तो मैं उसको कहाँ सब्जी में ला रहा हूँ, लेकिन याद रखिएगा, यह जो धनिया है, बहुत ही उत्तम, स्वास्थ्यवर्धक, और काफी कुछ साधना में, आध्यात्मिकता में भी उसका महत्व होता है।
🛐 समापन और निवेदन
तो जैसे कि मैंने आपको बताया कि भगवान धनवंतरी जी की वह कहानी, कलश ले कर पैदा होना, और जैन आश्रम में धनतेरस को बहुत महत्व दिया गया है। धनतेरस के विषय में अगर हम और आगे आगे आगे आपको बताते जाएँगे, तो आप कहोगे कि धनतेरस के आगे दिवाली भी तो आती है, उसके विषय में कब बताओगे ? तो मैं तो यही कहूँगा कि अष्टलक्ष्मी की आप पूजा उस दिन व्यवस्थित करें।
अष्टलक्ष्मी का स्तोत्र का पाठ करें, पर आपको मिल जाता है, और जितना हो सके, दीपदान के मनोभाव से दक्षिण दिशा में दीप को प्रज्वलित करेंगे। धनिया वाली बात मैंने आपको कही है, उसका इस बार प्रयोग करेंगे, आपको बहुत बहुत फायदा होगा, पूरे साल फायदा होगा, और हर साल इसको नियम में बना दें।
आने वाली पीढ़ियों को यह संस्कार दें। हमारी संस्कृति और हमारे संस्कार जो हैं, वो इतने हजारों-हजारों सालों से यह वैज्ञानिक तरीके से जाने माने गए हैं।
इनको अपनी पीढ़ियों तक धरोहर समझकर पहुँचाएँ, और इन पर्वों पर, रोशनी के इन पर्वों पर अपने मन के भीतर भी रोशनी लाएँ, अड़ोस-पड़ोस में भी रोशनी लाए, अपने भाइयों, बहनों और धर्म से जुड़े हुए, संस्कृति से जुड़े हुए लोगों के मन में खुशियाँ आए, इसके लिए मिठाइयाँ वगैरह का अरेंजमेंट है।
पर एक करबद्ध हाथ जोड़ कर के निवेदन, स्वदेशी बनिए, स्वदेशी चीजों का उपयोग करिएगा। विदेशी और देश के जो दुश्मन हैं, उनके लिए कुछ भी आपको करना नहीं है।
तो आज इतना ही। फिर मिलेंगे अगले पोस्ट में, अगले विषय को ले कर। तब तक के लिए नमो नारायण।
दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान
दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान
दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान मेरी अपनी कोई कोक स्टोरी नहीं होती मैं बड़ी क्लियर कर दूंगा आपको दिवाली मुबारक हो जी कहते हैं ना एक दो गिफ्ट जो भी है। उसके पीछे का सच क्या है मैं यह नहीं कहती कि अभी जो त्योहार आ रहा है फेस्टिवल जा रहे हैं तो मेरा फर्ज बनता है।
मैं सब लोगों को किसी एक की गलत काम की सजा सबको ना मिले क्यों मुझे थोड़े से दो दिन कैसे याद है इतने तो कैसे मैं कोई हिस्ट्री याद नहीं आता कुछ खास खास याद रह जाते हैं। मिठाई लेकर आता है खुशी मानी जाती है गुड विशेस डब्बे के अंदर मिठाई के चक्कर में उसने क्या दिया आपको आई हो घर गई उसके बाद ताऊजी में हवन कर रही हूं घर में क्यों मैं कर रही हूं डाक्टर होता है।
मैं पार्टनर का बड़े कुछ भगवान के नाम से हम बड़े बेवकूफ बन जाते हैं कुछ भी होते हैं। क्यों हमारी भावना है नहीं उसको है रखा हुआ है क्या भाभी चाची जो भी है। उसके लिए देना है बाद मेरे को दिया वाक्य को किसी को यह किसी को वह इतना बड़ा दिया राइट बेवकूफ बनाने भाभी रह गए मेट्रो स्टोरी बता रही हूं। आपको यह बिजनेस डाउन सब कुछ डाउन बीमारी घर से नहीं जा रही तो कहानी कहां पर है भाई।
2. मिठाइयों के डिब्बे में छिपा तांत्रिक काम
मैं कितने साल हो गए प्रत्येक 3 साल 4 साल हो गए सब जगह तो खा लिया होता क्या है सर दर्द नहीं मेरा जरा डॉ अशोक शर्मा के देख लिया सब ठीक है घर में ना यह भी मेरे हस्बैंड बीमार है। लग गए हैं टट्टी जाने का मन ही नहीं करता उनका यह इतिहास नहीं देखेंगे यह मिठाई का डब्बा द स्पेशल दिया गया था।
चलो मिठाई बड़ी है जो बुजुर्ग बड़े उनका बड़ा डाबा दिया गया पक्का पता नहीं है इसलिए उसे डब्बे पर उसके लिए रखा गया था पर उसके अंदर की मिठाई तांत्रिक काम किया गया था कैन यू इमेजिन सो सकते हो आप कभी कैसे कैसी चीज लोग करते हैं।
मैं तो समझ नहीं आती मैंने किसी पोस्ट में भी कहा था अभी बार कहती हूं भैया इतनी टेक्नोलॉजी 3D 4G 5G कहां कहां पहुंच रहे हैं ढूंढ लो कहां पर है क्यों नहीं ढूंढ पाया अभी तक हम लोग भगवान के नाम पर धोखा यह एक इंसान एक फैमिली की कहानी घर की बर्बादी यहां जो टाइगर के लिए डब्बा आया है मैं घर में हवन करा है पूजा कराई भगवान के नाम पर हमें क्या पता है क्या दिया।
3. घर की बर्बादी और बीमारी: कहाँ है गलती ?
दूसरा कैसे सुन लो आज मैं लगातार ज्यादा वेबसाइट लेख आपको आज प्रसाद हाउ कैन आई सब्सक्राइब जो भी कराया गुरुजी को मानते हैं उसको मानते हैं। सब को मानते मानो भैया बुरी बात नहीं अच्छी बात है जब मेरे क्लाइंट की हिस्ट्री निकली तो क्या था नाम बोला उसने बताया मैं नाम नहीं यहां लेना चाहते उसे सत्संग कराया था लंगर प्रसाद सब कहते हैं।
हम लोग बैठ के सबको दिया खीर कटोरी में आई और इसकी कटोरी लगती वह कटोरी के अंदर तांत्रिक काम किया गया था। इसको बीमार कैसे करना इसको बर्बाद कैसे करना है। हम तो भगवान की सदा सबके छोटे कहते हैं ना चाहिए कहानी मैं क्या बोलूं अभी आपको मेरे पास जितनी भी स्टोरी है जितना भी मैं आपसे शेयर करती हूं कैसी है मेरी अपनी कोई कोक स्टोरी नहीं होती मैं बड़ी क्लियर कर दूंगा आपको।
4. प्रसाद के नाम पर धोखा: सत्संग और लंगर की कहानी
एक और कैसे मिला गांव में गए गांव में होता वह शहर में रहते हैं मेरी जमीन है तो वहां पर हमको बुलाया जाता ठीक है आज मेरे पापा बड़े हैं पूजा पाठ जो भी उनके रीति रिवाज है वह करवाया और पूरा गांव कट्ठा है पूजा वगैरह हो गए सब बड़ा शैतानी बर्तन पड़ा हुआ है।
ऐसे करके रखा हुआ है तो सब को देते जा रहे हैं संगत को प्रसाद पंडित जी को क्या बोला गया था पंडित जी सबको देना मुझे दो लड्डू रखे थे मैंने अलग से वह उसे बंदे को देने हैं सुन रहे हो आप मेरी बात जमीन का मामला था एग्रीकल्चर लैंड यह साइन नहीं कर रहे थे।
ऐसा रखा हुआ है और क्या क्योंकि मेरे को पूरा विजन आज भी याद है वह पंडित जी बाद में बात है दो लड्डू साथ में उनमें बूंदी का दाना डाल दिया ताकि पंडित भी गलती ना कर ले कहीं मोटी मोटी बूंदी के लड्डू किसी को लड्डू मिल गया किसी को कुछ मिल गया प्रसाद है।
भैया भगवान का नाम प्रसाद खा लो वह दो लड्डू ऐसे उठाकर और घर के मेरे भैया आए थे कि मेरे पापा बहुत बीमार रहते हैं जमीन हमारी के साथ में मकान हो हमारे नाम कर दो किया नहीं अब इसको मारेंगे पता करने के बाद होगा।
क्या बच्चे तो बच्चों को इतना टाइम नहीं है कि आगे की केस लड़ेंगे या गांव में आएंगे वह तो शहर वाले हैं भैया मेरे शर्म आती है ऐसे लोगों की आपको कहानी बताते हुए पर मुझे पता नहीं पड़ी का क्या आप अलर्ट हो जाओ कृति सनों से हो गया कि हां गांव का है माल हमारे गांव का है।
5. जमीन विवाद और दो बूंदी के लड्डू की साजिश
इसको करने वाले को यह नहीं पता कि मेरा ऊपर जाकर क्या हाल होगा अपने बर्बाद हो कर्मों से आईने से कोई नहीं बच सकता कोई भी नहीं आप गलतफहमी में मत रहिए मैं पूजा पाठ कर लिया जा मैं वैष्णो देवी जय या मैं किसी और जगह पर जाकर आ गया मैं माता देख लिया उसकी माफी नहीं है आपके नंबर आपको मिलने वाले हैं -30 चल रहा है तो -30 के 40 हो गया माइनस आपका भाव क्या है
रखो आपके मन में शक है तो मत कहो मार दो क्या बोलोगे मैं और आपका नाम का करवाया जाता है वह आपने खाए नहीं आप बच गए सब का तो भगवान में घर में अंदर में चीज जा ही नहीं सकती पहले मुख्यमंत्री क्लियर करता हूं।
मैं इसलिए बोल दिया आपको वह कोई खाएगा तभी वह चीज आपके अंदर आएगी भगवान के घर में चढ़ा गए तो मुझे तो बाहर बैठ जाएंगे और अपना और मैं बार बार कहती हूं दो चीजों से ही आपका होरा होता है।
जिससे बच सकते हो आप रेसीटेशन आपकी सोच थॉट प्रोसेस जो है आपको वह आपका और बाद करता और कोई नहीं आपकी ईमानदारी आपका और बड़ा करती हो दुनिया की कोई ताकत ऐसी नहीं जो आपका और बड़ा करते हैं और आपको बचा जाए डेफिनेटली दबे के साथ कह सकती हूं हनुमान चालीसा आते आते पढ़ते रहो ठीक है।
उसे भाई बच्ची आती है थोड़ा सा इनको डर के यह चीज से दूर रहती है इनकी हैल्थ खराब हो जाती है गोरखनाथ रखना शुरू हो जाते हैं नहीं मुझे भेज दे मुझे मुझे मुक्ति चाहिए। आज मुक्ति चाहिए मकर रुक जा अभी रुक जाना तूने कितनों को सताया पहले तो बता दे किसने बनवाया हमारा मन कहां करता है। यहां से काम करने आपकी हम भी तो कह दिए हैं तुम मुझे भेजेगा ना तो उसको पता लग जाएगा।
मैं क्या पता मैं नहीं लगे दोगी फिकर ना कर आपको मैं कहना चाहती हूं ,एक चीज 29 सितंबर मेरी बात हुई। तो उन्होंने मुझे पता क्या बोला मैं तू कहां से आया था क्या कर रहा था यह अंदर गई जो उसके साथ उसको छोड़ दिया वह भी साथ में 12 के मैं भी उनके साथ आ गया छोटा बच्चा है।
मैं बाल कलाकार जैसे यह बाहर आए उनके साधु के साथ में भी हो गया अब बताओ क्या करोगे आप यह बाउंड्री नहीं कर सकता मंदिर नमस्ते गुरुद्वारा मैं बड़ी क्लियर कर दूं इनके लिए बॉम्बाडमेंट है क्या होता है इसलिए अपनी प्रोटक्शन के लिए आपको अपना ख्याल रखना बहुत जरूरी है।
6. कर्मों का आईना और आध्यात्मिक सुरक्षा (प्रोटेक्शन) की आवश्यकता
ठीक हो गए गंगा कोनी नाहटा मैं बता दूं मैं अब गंगा के किनारे पर डुबकी लगाकर आए गंगा को नहीं नहा कर आएगा आप तो डूबने से डरते हो गंगा की बात करते हो आपने बाहर से एक छोटे छोटे पानी में डुबकी लगा ली जो आपका पानी यहां तक आता है।
जहां तक पानी में डूबने की गंगा में देख लो फिर आपको गलत बात है मेरे पास बहुत से कैसे हैं बात कर लो ठीक हो जाओगे लड़की थक गई क्या क्या करोगे। आप हमें इन चीजों को पहले समझना होगा इस ओन द भक्ति से निकलना होगा तभी आपको इसका बेनेफिट होगा और एक चीज मैं आपको और बता दूं अभी आने वाले टाइम में चल रहा है।
यह चीज बढ़ेगी इस बात को याद रखिए आप हम लोग जितने हैं हमसे चार गुना वह हो गए अभी वह लोग हवा पानी सब कुछ खराब यह करेंगे अगर आपकी पावर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त का और मंत्र जाप नहीं कर रहे हो तो आपको यह झूठ पकड़ने चाहे कुछ भी हो जाए इसलिए सबसे बढ़िया है हमारे मंत्र जाप बुक करो आते जाते
आपके मुंह में हनुमान चालीसा पढ़ते रहो चौपाई साहिब का पाठ करते रहो, हर घर में लगाओ जो मैंने पहली बार पोस्ट में बोला था। बस का साउंड है यह चीज इससे डरती हैं जितना आप अपनी बॉडी को वाइब्रेट करोगे देखो मैंने किया तो फिर शुरू हो गया जितन बॉडी को वाइब्रेट करोगे।
आप उतने ही तंदुरुस्त खुशहाल और अच्छे त्योहार मनाओगे आज मैं इतना ही परिवार के साथ बोलिए हर कोई अपने कर्मों का आईना देखा वाक्य को आईना छोड़ दो आज इतना ही फिर मिलूंगी किसी और नए टॉपिक के साथ आपके सवालों के जवाब के साथ तब तक के लिए नमस्कार सत् श्री अकाल आदाब और
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Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना
Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना
Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना गुरु मंत्र साधना.डॉटकॉम में फिर से स्वागत है। जी। आज का हमारा टॉपिक रहेगा जी भैरव वीर और कलवावीर कंगन साधना। तो सागरनाथ जी आप का फिर से स्वागत है। ये हमें बताएंगे भैरवनाथ भैरव वीर साधना और कलवावीर कंगन साधना।
जी सबसे पहले रुद्रनाथ जी आपका वेबसाइट पे बुलाने के लिए एक बार फिर से धन्यवाद। आपकी जनता को राम राम और जय माता दी। जी बिल्कुल बिल्कुल जी आज मैं आपके लिए वो चीज लेके आया हूं जो आपको तंत्र की दुनिया में ना सुनने को मिली है ना देखने को मिली है। ठीक है? ये सिर्फ आज हमारी वेबसाइट पर ही आपको ये चीजें आपको सुनने के लिए मिलेंगी पूरे प्रूफ के साथ। बिल्कुल इसका मैं परिचय दे देता हूं पहले अपने व्यूवर्स को।
भैरव वीर और Kala Kalwa काला कलवा का परिचय
इसको बोलते हैं कलवावीर और भैरव वीर जो बावन वीरों के कंगन में चलता है ना जो मैंने अपने वेबसाइट लेख में बताया है आपको कि इस मंत्र का मैं प्रयोग करता हूं जब इन दोनों को चलाना होता है मैंने। हम तो ये क्या करते हैं दुनिया का हर एक कार्य 24 घंटे में पूरा कर देते हैं कार्य अच्छा हो चाहे बुरा हो। ठीक है?
ये दोनों ऐसे वीर है कलवा वीर है ना जो काली माता के आगे चलता हम हम मतलब उनकी ज्यादा अगवाई करता है। वो ज्यादा उल्टेपुल्टे काम ही करता है। सीधे काम नहीं करता है। वो उल्टेपुल्टे काम दुनिया के जितने मर्जी ले लो। हम और जो भैरववीर है ये मीडियम रेंज है इनकी। मीडियम रेंज का मतलब ये अच्छे काम भी करते हैं। बुरे जो करवाने वाले करवाते हैं फिर उनसे जूते भी खाते हैं। ठीक है? ये ऐसा है।
Kala Kalwa काला कलवा साधना स्थल और साधकों के लिए निर्देश
अब मैं बताता हूं इसका और क्या करना है या कहां-कहां पे इसको साधना करना है। नदी के किनारे कर लो भाई। उजाड़ में कर लो चाहे एकांत कमरे में कर लो। हां अनजाने साधक इस चीज को प्रयोग में मत लें। जिनको अभी ए बी सी डी का नहीं ना पता तंत्र का वो इससे दूर ही रहे। हां अगर उनके पास गुरु है तो गुरु की देखरेख में करें या हमारी देखरेख में करें। हम बताएंगे कैसे सिद्ध करना है। ठीक है?
Kala Kalwa काला कलवा का स्वरूप और भोग
इसमें क्या होता है? दर्शन क्या होते हैं? काले रंग का जो बाल रूप होता है ना भैरव काले रूप में उनके हाथ में सोटा है। उसके जरूर आपको दर्शन होंगे। दर्शन भी होंगे। वो अपने मंदिर जो प्राचीन मंदिर है उनमें ले ले आपको दर्शन करवाएंगे अपने। हम उनके जो मस्तक में टीका होगा लाल रंग का।
ठीक है? और जो उनके होंठ होंगे वो जैसे सुर्खी लगाती है ना औरत लाल रंग वाली ऐसे लगी होगी। पांव में घूंघरू होंगे सोने के पहने हुए। खड़ाऊ डाल के घूमते हैं भाई वो। काले वस्त्र पहनते हैं। ठीक है? अब इस पे भोग क्या चलेगा वो भी बता देता हूं। पांच लड्डू लगेंगे।
पांच पतासे लगेंगे। तिल का दीपक लगेगा। एक कड़वापान हो जाएगा। दूध और शराब इसमें चलेगी। ठीक है? इसमें मिक्स भोग लगता है। कलवा वीर होता है। इसको शराब और दूध भैरव को होता है पांच लड्डू और दूध। पतासे हो जाते हैं कलवा वीर के। कड़वापान जो है वो भैरव भी लेता है। ठीक है।
Kala Kalwa काला कलवा मंत्र और जाप विधि
तो अब मैं मंत्र बताता हूं कैसे। इसको वीर कंगन पे कैसे चलाया जाता है मंत्र इस प्रकार है सुनना भाई ध्यान से।
काला कलवा काली रात भैरों चल्ले आधी रात जहां याद करे, वही हाज़िर खड़ा काला कुत्ता साथ, जहां भेजुं वही जाना फिरो मंत्र फिरो वाचा मेरे गुरु का शब्द सांचा
ठीक है? यह मंत्र है इसकी कम से कम पांच माला जरूर करना भाई। जो अच्छा दिन होगा दिवाली पे कर लो, ग्रहण में कर लो, दशहरे पे कर लो, अमावस्या पे कर लो, चाहे नवरात्रों में कर लो। अपने पास एक कड़ा जरूर रखना।
अगर कड़ा कोई मंगवाना चाहता है तो मेरे से संपर्क करें। मैं उसको बावन वीरों का कड़ा भी उपलब्ध करवा दूंगा। थोड़ा सा कॉस्टली होगा। ठीक है ना? 101,000 का नहीं होगा। इससे ऊपर लगा लो। मैं मोटा-मोटी बता देता हूं क्योंकि वो अष्ट धातु का होता है।
उसमें सोना भी डलता है। हम हम ठीक है। वो महंगा जरूर होगा। जी जी। ठीक है। तो उसमें 52 वीर होते हैं। जो मैंने दो वीर तो बता दिए। कैसे इसमें चलाने हैं। उनका मंत्र भी दे दिया प्रमाणिक। ठीक है। कड़ा कैसे जगाया जाता है वो टाइम आने पे बताया जाएगा। इस वेबसाइट लेख में नहीं बताया जाएगा। हम हम ठीक है।
Kala Kalwa काला कलवा की शक्ति और महत्व
तो ये इंटरनेट की दुनिया पे बहुत चाल लाने वाला मंत्र है। पोस्ट ले लो, Instagram ले लो, Facebook ले लो। ये कहीं पे नहीं मिलेगा। लिख के जैसे मर्जी सर्च मार लेना। हम ठीक है। अगर मिल भी जाएगा तो वो मेरे किसी चेले ने डाला होगा। ये भी देख लेना। हम जी।
इसके बारे में आपने और क्या जानना चाहते हो मेरे को बताएं। ये क्या-क्या काम कर सकता है? जी। जी। यह क्या-क्या काम कर सकता है? ये सारे काम करता है। सारे बताया तो है कलवा वीर बुरे से बुरा काम करेगा। भैरववीर इसे जो मर्जी काम दे लो आप। जी जी जी रक्षा भी करता है।
ठोक के करता है। शत्रु को नाश करता है। जड़ से करता है। वशीकरण करता है। ठोक के करता है। मनोकामना भी ठोक के पूरी करता है। छाती ठोक के बजा के दोनों करते हैं।
क्योंकि ये थोड़े ना अड़ियल सब से बाकी है दोनों भी। जी जी जी कलवा वीर और भैरव अड़ियल स्वभाव के लिए आपको मालूम है कि जिनके पास ये होते हैं ना वो जो क्योंकि ये नाथ पंथ में ही मिलते हैं सब कोई अगर मिलेंगे।
आपके द्वारा दिए गए लेख पर आधारित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) नीचे दिए गए हैं:
भैरव वीर और कलवा वीर कंगन साधना पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
साधना का परिचय और स्वरूप
प्रश्न (Question)
उत्तर (Answer)
Q. आज के वेबसाइट लेख का विषय क्या है?
आज का विषय भैरव वीर और कलवावीर कंगन साधना है।
Q. कलवा वीर और भैरव वीर कौन हैं?
ये दोनों वीर बावन वीरों के कंगन में चलने वाले प्रमुख वीर हैं।
Q. कलवा वीर और भैरव वीर क्या काम करते हैं?
ये दुनिया का हर एक कार्य—अच्छा हो या बुरा—24 घंटे में पूरा कर देते हैं।
Q. कलवा वीर का स्वभाव कैसा है?
कलवा वीर काली माता के आगे चलता है और ज़्यादातर उल्टेपुल्टे काम ही करता है।
Q. भैरव वीर का स्वरूप कैसा होता है?
भैरव वीर काले रूप में बाल रूप में दिखते हैं। उनके हाथ में सोटा होता है, मस्तक पर लाल टीका, होंठ सुर्खी लगे हुए, और पाँव में सोने के घूंघरू होते हैं। वे काले वस्त्र पहनते हैं।
साधना की विधि और नियम
प्रश्न (Question)
उत्तर (Answer)
Q. इस साधना को कहाँ-कहाँ किया जा सकता है?
इस साधना को नदी के किनारे, उजाड़ में, या एकांत कमरे में किया जा सकता है।
Q. क्या कोई भी साधक यह साधना कर सकता है?
नहीं, जिनको तंत्र का A B C D भी नहीं पता, वे इससे दूर रहें। इसे केवल गुरु की देखरेख में ही करना चाहिए।
Q. इस साधना में क्या भोग लगाया जाता है?
भोग में पांच लड्डू, पांच पतासे, तिल का दीपक, एक कड़वापान, दूध और शराब चलती है।
Q. मंत्र जाप की कितनी माला करनी चाहिए?
मंत्र की कम से कम पांच माला ज़रूर करनी चाहिए।
Q. साधना के लिए शुभ दिन कौन से हैं?
दिवाली, ग्रहण, दशहरा, अमावस्या या नवरात्रों में साधना की जा सकती है।
मंत्र, कंगन और शक्ति
प्रश्न (Question)
उत्तर (Answer)
Q. क्या यह मंत्र इंटरनेट पर उपलब्ध है?
यह मंत्र इंटरनेट की दुनिया पर (पोस्ट, Instagram, Facebook पर) कहीं नहीं मिलेगा, और अगर मिलेगा भी तो वह केवल गुरु मंत्र साधना के किसी चेले ने डाला होगा।
Q. यह साधना क्या-क्या काम कर सकती है?
यह सारे काम करती है, जैसे- रक्षा, शत्रु का नाश, वशीकरण, और मनोकामना पूरी करना।
Q. वीर कंगन कैसा होता है?
कंगन अष्ट धातु का होता है जिसमें सोना भी डलता है, इसलिए वह थोड़ा सा कॉस्टली (महंगा) होगा।
Q. वीर कंगन कहाँ से प्राप्त किया जा सकता है?
अगर कोई कड़ा मंगवाना चाहता है, तो वह संपर्क कर सकता है।
Nazar Dosh नज़र दोष का सच और बचने के उपाय – सम्पूर्ण जानकारी
Nazar Dosh नज़र दोष का सच और बचने के उपाय – सम्पूर्ण जानकारी
गुरु मंत्र साधना में स्वागत और नज़र दोष की चर्चा
गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज की जो हमारी चर्चा रहेगी, जो आज के समय बहुत ही ज्यादा जो चलन में चीज है, वो है नज़र दोष। और नज़र दोष एक ऐसी चीज है जो जादू टोने, तंत्र-मंत्र से भी ज्यादा खतरनाक है।
कुछ ही दिनों में ही बंदे का जो डाउनफॉल है, शुरू हो जाता है। तो इसी टॉपिक को रिलेटेड आज हम बात करेंगे। मेरे साथ हैं जी सागरनाथ जी। सागरनाथ जी आपका बहुत-बहुत स्वागत है। जी शुक्रिया भाई। रुद्रनाथ जी, आपका धन्यवाद चैनल पे बुलाने के लिए।
नज़र दोष: जादू-टोने से भी ज़्यादा खतरनाक
ठीक है सागरनाथ जी, मैं देखता हूं कि आजकल नज़र और हाए वगैरह आजकल ज्यादा चल रही है। लोगों की हाए जल्दी लगती है और नज़र भी बहुत जल्दी लगती है। जी। ठीक है। इस चीज के रिलेटेड मैंने देखा है कि अपने आसपास में बहुत सारी मैंने चीजें देखी हैं।
जैसे कोई बंदा पड़ोस में मेरे इधर कोई मकान बना रहा था। ठीक है? जी, जब उसका मकान का काम चल रहा था, तो उन्हीं दिनों में कुछ दिन ही बीते हैं, मतलब 5-10 दिन। ठीक है?
उस व्यक्ति की डेथ हो जाती है। बिल्कुल जवान आदमी, जी 40-45 साल का। ओके। ठीक है। पहले बिल्कुल ठीक था। पहले उसने एक-दो बार सुसाइड करने की कोशिश करी, तभी उस समय भी भगवान ने उसको बचा दिया।
जब सब कुछ लाइफ़ में सही चल रहा था, अचानक से ही उस बंदे का एक्सीडेंट हुआ, डेथ हो गई उसकी। मतलब जब उसने घर बनाया, तब उसके बाद ही उसका डाउनफॉल शुरू हुआ। जी, तो मैंने ऐसी बहुत सारी उदाहरणें देखी अपने आसपास। तो मेरे एक केस मैंने और देखा है कि मेरे ही पड़ोस में एक आदमी ने घर बनाया।
घर की ओपनिंग करी अच्छे तरीके से। कुछ दिन बाद ही उनके फ़ादर साहब खत्म हो गए। ठीक है। जी, जी। तो एक ऐसे ही दूसरे मोहल्ले की बात कर रहा हूं, तो वहां पर भी यही चीज हुई। जैसे उन्होंने घर बनाया, वो खत्म कहानी। जी। उनके घर के दो आदमी खत्म हो गए।
आजकल तो सिचुएशन ऐसी चल पड़ी है। हाँ जी। तो यही चीजें होती हैं। मैंने ये 10-1 उदाहरणें मेरे पास हैं कि आदमी का अच्छा खासा बिज़नेस कारोबार होता है, तो खत्म हो जाता है। ठीक है। किसी का, हाँ, चलते-चलते डाउनफॉल थी, फिर उसके बाद किसी ने घर बनाया।
घर जब बनाते हैं, तो कुछ ही दिन बाद उनके घर के किसी मेंबर की डेथ हो जाती है। घर का कोई आदमी चला जाता है। तो ये बहुत ज्यादा केस मैंने अपनी जिंदगी में देखे हैं कि किसी व्यक्ति की बहुत सारे लोगों की हाए लग जाती है।
जो कि एक जादू टोने से भी ज्यादा खतरनाक। खतरनाक, बहुत ज्यादा खतरनाक है ये। तो एक बंदा था, बहुत ही ज्यादा सेहतमंद था, जी, उसकी अच्छी सेहत थी, उसको देख के लोग बोलते थे कि इसकी बॉडी बहुत अच्छी है और बहुत सुंदर है।
कुछ दिन बाद ही वो व्यक्ति बीमार हुआ, तो कमजोर सा हो गया। अब पहचानते हैं, तो देखने को लगता नहीं कि ये वही आदमी था, जी, जो पहले दिखता था, जो पहले दिखता था। जी। ये चीजें मैं अपनी सोसाइटी के अंदर बहुत ज्यादा देखता हूं। आपने भी ये चीजें देखी होंगी।
नज़र पत्थर फाड़ देती है
जी, जी। मैं तो पर डे नोट करता हूं। चलो, हम तो इसी केसों में ही रहते हैं। पर डे ही इन चीजों को नोट करता हूं, रुद्रनाथ जी। हाँ, तो ये कितनी ज्यादा खतरनाक है, सागरनाथ जी, ये चीज? जादू से भी ज्यादा खतरनाक चीज है।
आपने भी अपनी जिंदगी में ऐसे कुछ केस देखे होंगे, तो आप भी बताइए जो आपने केस देखा जिंदगी में। जी, जी, जी। सबसे पहले तो आपके व्यूअर को प्यार देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं बोलूंगा पहले राम-राम, फिर बोलूंगा जय माता की।
ठीक है, राम-राम जी। जय माता दी आपका। अब हम अपना टॉपिक शुरू करते हैं। जैसे जो नज़र दोष है, ये इतनी ज़हर है ना, इसको ज़हरीला बोला जा सकता है।
ज़हरीले नाग की तरह ये पत्थर भी फाड़ देती है। हाँ, ये पुरानी कहावत मैंने सुनी है कि नज़र पत्थर फाड़ देती है। पत्थर फाड़ देती है। इंसान तो क्या ही चीज है। हम जैसे आप शुभ काम करते हो, कइयों को होता है हाए, हाए, उसने यह कर लिया, हाए, उसने वो बना लिया, हाए, वो इतना आगे पहुँच गया, तू तो इधर।
ये जो हाए होती है ना, हाए-हाए करते रहता है जो आदमी दूसरों के लिए, उसका बेड़ा ही ठप कर देता है। मेरे हिसाब से एक आदमी की हाए नहीं लगती। मतलब आप देखो, 40-50 आदमी ऐसे होते हैं जिनकी हाए लगती है। मतलब हम, हमें तो कुछ लोगों ने मुँह के ऊपर बोल दिए। कुछ ऐसे भी लोग होंगे जो मुँह के ऊपर नहीं बोलते, दिल में तो सोचते हैं, अभी हाए।
दिल में सोचते हैं भाई। बिल्कुल-बिल्कुल। जो दिल में करते हैं ना, जिसको आदत होती है हाए-हाए करने की, जैसे आप जैसे अभी बता रहे थे कि आपके आस-पड़ोस सोसाइटी में किसी ने मकान बनवाया, उनके पिता की डेथ हो गई, मकान की ओपनिंग करने के बाद।
जैसे आपने ये भी बताया एक केस कि जैसे लड़की बहुत सुंदर थी, तो उसकी बॉडी यानी कि कुछ दिन के बाद खराब हो गई। ये सब नज़र दोष इतने होते हैं ना कि जैसे भाई साहब जी, अब मैं आप देखोगे, जवान लड़की मेडिकल की स्टडी कर रही, अच्छा खासा घर बना, जी, उसके एक्सीडेंट हो गए, मौत।
अगले दिन कुछ दिन बाद, मतलब साल भी नहीं बीता होगा, छह महीने बाद, उसके दादा जी खत्म हो गए। मतलब कोई रोग नहीं, कुछ नहीं। बताओ आप। नज़र दोष बहुत-बहुत-बहुत ही कितनी खतरनाक चीज है ये। खतरनाक ऐसे है, जैसे-जैसे मैं छोटी बातें बताता हूं कि जैसे जल्दी आपके व्यूअर को समझ आएगा।
जैसे बचपन में होते थे ना, छोटे बच्चे को उठा लिया, ज्यादा उसको बोलते थे, इसको हँसाओ मत, ये रात को रोएगा। बहुत ज्यादा खेलेगा दूसरों के साथ, ये नज़र में आ जाएगा।
हम कभी बोलते थे कि माँ को अपना, जब दूध पिलाती है ये बच्चों को, तो देखना नहीं चाहिए, उनको भी नज़र लग जाती है। ये तो पीछे से चला आ रहा है ना? कोई बात तो नहीं कर रही। नज़र बहुत पुराने टाइम से चली आ रही है।
शो ऑफ़ और दूसरे शहर में काम करने का महत्व
अब आप देखिए, जी, हिप्नोटाइज को तो हम झुठला नहीं सकते। हिप्नोटाइज बहुत बड़ी चीज है जो आँखों की प्रैक्टिस एक तरीके से हिप्नोटाइज है। जिसमें अब ऐसे कुछ लोग भी हैं हिप्नोटाइज वाले, जो अपनी आँखों से ही एक सरिए की रोड को मोड़ देते हैं।
अब ऐसे एक्स्पर्ट आदमी भी हमने देखे हैं जिंदगी में। आप देखो, कितनी डेंजर चीज है कि उसने नज़र से ही बहुत मोटी रोड को मोड़ दिया। मैं बताता, मैं बताता हूं कि जैसे जब हमारे गुरुदेव ने हमें कुछ बातें बताई थीं, एक बार उन्होंने हमें मंत्र दिए, जिसको हम इल्म बोलते हैं। जब हमने सी उनको किया ना, उसने ये बोला था कि ये सबसे खतरनाक इल्म है। बिल्कुल।
उसका प्रोसेसिंग बहुत खतरनाक है। मतलब कि जब वो असर करता है ना अपनी ऊर्जा के साथ, बहुत खतरनाक स्वभाव वाला बन जाता है। हाँ जी। एक चीज और मैंने सागरनाथ जी देखी है, आप भी ने आपने भी सुनी होगी, कि पुरानी कहावत है, ठीक है?
कहावत ये है, जी, भजन, भोजन और नारी, पर्दे के अधिकारी। ठीक है? सही क्या है, जी, पर्दे में रखनी चाहिए। भजन भी पर्दे का, पैसा भी पर्दे का, हर चीज, ये तीन से चार चीजें पर्दे की होनी चाहिए। देखो, आजकल तो पर्दा ये नहीं है, नारी पर्दों के बाहर हो रही है, भोजन भी बाहर हो रहे हैं, जो पैसे दिखाए जा रहे हैं कि मेरे पास इतना पैसा है।
मैं इतना ऐशो-आराम करता हूं। बिल्कुल। कहीं ना कहीं जो शोऑफ़ है, तो यही हमें डुबो रहा है। आपका क्या कहना है? ये रियलिटी है भाई। शोऑफ़ जो हमें लेकर बैठ जाती है। हाँ। अब आदमी ये सोचता है कि उस बंदे के पास बुलेट मोटरसाइकल है, तो मेरे नीचे भी होनी चाहिए। हाँ, बुलेट होनी चाहिए।
चाहे कहते हैं ना, वो एक कहावत है, जैसे बंदर नहीं होता है, किसी को देख के वो अपनी शेविंग करता है, क्लियर कर लेता है। आदमी तो बंदर देखता है कि बाद में वो आदमी चला गया, सामान तो वही तो उस तरह उठाता है, रगड़ने लगता है, अपने तो मुँह छील देता है।
बिल्कुल-बिल्कुल, बिल्कुल-बिल्कुल। आपने बिल्कुल सही बोला, जी, कि वही आजकल हालात हैं। आजकल की जनता के ना यही हालात हैं। बिल्कुल, जी। आपने मतलब जो आज के लोग समय में लोग सोचते नहीं ये चीजें ना, और यही चीजें लेके डूब जाती है।
नज़र से बचने के लिए सुझाव
अब सबसे बड़ी उदाहरण अब मैं एक इसमें टिप कुछ देना चाहता हूं व्यूअर को। अगर आपके पास पैसा है। ठीक है? पैसा होना बुरी चीज नहीं है। अपने शहर में आप कोई भी काम ना करो।
दूसरे शहर में जाके करो। जहाँ आपको कोई जानता नहीं है। ठीक है? तो उसमें होगा क्या है, जी, अगर आप वहाँ पर मकान बनाओगे, किसी की नज़र नहीं लगेगी। नज़र क्यों नहीं लगेगी? वो वो यह सोचेगा, ये पहले से ही अमीर होगा। बिल्कुल। ठीक है?
मतलब एक मेंटैलिटी होती है। आप आपके शहर में अगर मैं आके कुछ बनाऊंगा, तो किसी को कोई ऐतराज नहीं है। ठीक है। अगर आप ही अपने शहर के अंदर आप ही अपने मोहल्ले के अंदर बनाओगे, तो लोगों की नज़र में आओगे कि ये बंदा पहले कुछ नहीं था। जी।
वही हमारे साथ भी हुआ है। हमारा कंस्ट्रक्शन का काम कभी कभार चलता ही रहता है हमारे बिल्कुल।
घर में, घर में जो आसपास है ना, देखते हैं, देखते हैं कि भाई हम तो कुछ नहीं कर पा रहे इतने सालों से, सागरनाथ-सागरनाथ जी तो महीने-दो महीने, कभी कभार चार महीने में कंस्ट्रक्शन का काम लगे रहते हैं करवाने, घर को अच्छी तरह सेटिंग करवाने, क्योंकि घर तो रिपेयरिंग माँगता ही माँगता है। जब मन में आएगी ऐसी-ऐसी अच्छी चीजें, इसके बीच की कमी है, पूरी करो।
ठीक है? चाहे फ़्लोरिंग की हो, फ़र्नीचर की हो, किसी की भी हो, वो इसी-इसी चीज को देखते हैं। तो जब वो उनका मैं देखता हूं ना कि उनकी एनर्जी जब मेरे घर की तरफ आती है नज़र की, तो फिर मेरे को उसका उपाय करना पड़ता है। बिल्कुल-बिल्कुल-बिल्कुल। कि मेरे काम में रुकावट ना आए। बिल्कुल-बिल्कुल।
सेलिब्रिटीज़ और पॉलिटिशियन: नज़र दोष से बचाव
एक चीज और है, सागरनाथ जी। इसमें मैंने देखा है, जी, जितने भी बड़े-बड़े सेलिब्रिटी हैं, ठीक है? जिनको हम एक्टर बोलते हैं या बड़े लेवल के प्रोड्यूसर हैं, तो वो कभी भी अपने शहर में घर नहीं बनाते। वो ज्यादातर मुंबई में, मतलब दूसरी जगह जाके बनाना प्रेफ़र करेंगे।
अब जितने भी पंजाबी सिंगर हैं, टोटल चंडीगढ़ में उन्होंने फ़्लैट ले। उनको तो चंडीगढ़ ही चाहिए पंजाबी लोगों को तो। नहीं, इसके पीछे भी एक कारण है। कारण ये है कि अगर वो अपने ही शहर में कोई कुछ करेंगे, तो लोगों की नज़र में आएँगे। उनकी हाए लगेगी। हाँ, लगेगी।
एक तो दूसरी बात, एक वहाँ पे सोसाइटी ऐसी है, उनके पास टाइम नहीं होता किसी से इतना मेलाप रखने का। बिल्कुल-बिल्कुल। घर वालों के साथ मेलाप होता है रखने का। तो मैंने इसीलिए ये चीज देखी कि वो दूसरी जगह इसीलिए बनाते हैं, क्योंकि नज़र में ना आएँ। ठीक है?
अब जैसे सिद्धू मूसे वाला था, जी, बहुत फ़ेमस पर्सनैलिटी था। ठीक है। उसने सोचा कि मैं अपने गाँव में ही एक अच्छा सा घर बनाऊँ, एक महल नुमा। उसने घर बनाया और वो सारी उसकी चल रही थी। कुछ दिन बाद ही उस बेचारे की डेथ हो गई। तो नज़रों में आ गया था ना वो? बहुत ज्यादा, बहुत ज्यादा ही नज़रों में आ गया था।
मतलब जो वहाँ शहर के लोग थे, उनकी नज़र में वो व्यक्ति आया। एक जो लोकल पब्लिक है ना, वो देखती थी। ये पहले गरीब था और अचानक से आज ये हवेली में। भाई, इसको, भाई, इसको हमने खुद देखा है। एमए वन चैनल ये पंजाब में चलता है।
उसके ऊपर इंटरव्यू देता था। धक्के खाता था। बिल्कुल इंटरव्यू देता था। अब आप इसीलिए सबसे बड़ा उदाहरण यही है, जी, आप देख सकते हैं कि वो जितने भी सिंगर थे, सारे चंडीगढ़ चले गए, तो इसीलिए वो बच गए। नज़रों में नहीं आए। दूसरी बात, तो सीधी बात है कि उन्होंने अपना बचाव कैसे किया? मैं बताता हूं। नज़र से बचने का क्या वजह है?
पहले चंडीगढ़, चंडीगढ़ से सीधा कनाडा कोई चला गया। कोई अमरीका चला गया। ज्यादातर तो वो टोरंटो गए हैं कनाडा में। बिल्कुल-बिल्कुल-बिल्कुल। और वहाँ पे भी जब उनका पता है दाना-पानी पूरा हो गया। हम नज़रों में आ रहे हैं सबके, हम तो वहीं से कोई दूसरी साइड पे चला गया, कोई दूसरी साइड पे।
बिल्कुल-बिल्कुल। वो वही, मतलब ये जितने भी सेलिब्रिटी हैं, इनको मैं एक यही चीजें मैं देखता हूं, चाहे वो गुरु रंधावा है, कोई बड़े लेवल के जो सिंगर हैं, तो वो विदेशों में ही ज्यादातर रहते हैं। इसका कारण यही है कि अगर वो यहाँ घर बनाएँगे, तो लोगों की नज़र लगेगी। भाई, मैंने फ़ॉरेन लाइफ देखी हुई है। आप मानते हो, रुद्रनाथ जी, मैंने इतनी डीपली से देखी हुई है फ़ॉरेन लाइफ अमरीका की, इंग्लैंड की।
उनके पास इतना टाइम नहीं होता कि नेबर के साथ हेलो-हाए भी कर लें। जाते-जाते मिल लिया, जैसे रास्ते में कहते हैं ना, देखा-हो गई, तो हो गया। इतना ये लंबा विचार नहीं वो करते। जैसे हमारे यहाँ पे पूरा लेके एक-दो घंटा लेके बैठ, बैठ जाते। हाँ, बैठ-बैठ जाते हैं ना? वैसे नहीं है वहाँ। अब देखिए, जी, मेरे यहाँ पर मेरे भाई के घर बना रखा है। ठीक है?
अच्छा खासा काम कंस्ट्रक्शन का चलना। ठीक है? लोग पता है क्या? मुँह के ऊपर आकर बोलते थे, भ तुमने तो घर बना लिया। तुम्हारे पास तो 2 करोड़ अभी भी पड़ा होगा। जी। ठीक है। ऐसा मुँह के ऊपर बोलते थे। कुछ लोग तो चलो दिल के अंदर से ही वो करते थे चीजें।
और हमें पता चल गया कि ये अब लग रही हैं नज़रें। और हमने अपना बचाव करा, तो इसीलिए हम बच गए हैं। भाई, करना चाहिए। पैसा आपका, टाइम आपका। आपको परमात्मा ने पूरी सपोर्ट दी हुई है कि आप अपने समय को संभालो।
और मेरे हिसाब से ये नज़र की जो बचाव है, इसके लिए हमें काम करना चाहिए। करना चाहिए भाई। रियलिटी है। नहीं तो आपका बिज़नेस और आपका घर इनको तो लोग नज़रें ही खा जाएँगे। सुख जाए, तो इसीलिए क्या है, जी, हमें इन चीजों से बचने के लिए कुछ करना चाहिए।
बगलामुखी कवच और धार्मिक अनुष्ठान
अच्छा, एक चीज मैं और बताता हूं, जी, सागरनाथ जी। ये जितने भी बड़े-बड़े पॉलिटिशियन हैं या हम बोल सकते हैं कि सेलिब्रिटी हैं, ठीक है? इनके पास भी मैंने देखा है कि महंगे-महंगे बगलामुखी माता के कवच होते हैं। इसीलिए ये बचते हैं। भाई, रियलिटी है।
तभी तो बचते हैं। ठीक है। अगर ये सारा खेल कवचों के कारण हो रहा है कि नज़रों से, तो इसीलिए वो बच रहे हैं। भाई, सीधी बात है, जो हमारे धर्म में देवी-देवता हैं ना, जो प्रचंड रूप में चलते हैं, ये उन्हीं की देन है। ये उन्हीं के कारण ही बच रहे हैं।
फ़िल्म इंडस्ट्री आपने बात, आपने बात की ना? मैं भी बताता हूं इस बात का प्रूफ़ देता हूं। जो हनी सिंह है ना, 2009 में आया था गाना लेके, बहुत फ़ेमस हुआ था, रैपर बना था, काम चला। जी, शाहरुख खान के पास गया। टाइम आने पे उसने लुंगी डांस गाना निकाल दिया, पार्टी चलेगी गाना, ऐसा भी कुछ निकाला। ब्लू आईज़ भी गाना निकाल दिया।
उसके बाद उसकी मंजी खड़ी कर दी किसी ने। इंडस्ट्री वालों ने ही खड़ी कर दी कि हमारा काम साला ठप करके ये तो अपने को ऊपर बैठ रहा है। उन्होंने इसकी जब वाट लगाई, तो ये तो साला डिप्रेशन में चला गया। बिल्कुल। इसको मैंने बिल्कुल दाढ़ी, सफ़ेद दाढ़ी नहीं थी जब मैंने इसको देखा था, इसके स्टार को चमकते, ब्लैक थी।
अपने आप को पूरा हीरो बनके रहता था। लेकिन जब दोबारा वापसी हुई है ना, महादेव के कारण, भगवान महादेव के कारण, तो ये इसकी दाढ़ी क्या है? वाइट हो चुकी है।
इतना डिप्रेशन में चला गया था। बिल्कुल। कभी इसकी बायोग्राफ़ी देखना या विकिपीडिया इसका पढ़ना। इसके क्या हालात हुए थे। इतना नशा करने लग पड़ा, लड़कीबाजी इतनी करने लग पड़ा कि मेरा काम भी बंद हो गया। यही तो नज़रों का खेल है। जी, नज़र जब लगती है, बंदे की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। जी।
अब यह सिद्ध पीठ, सिद्ध पीठ जो है ना महादेव जी का, वहाँ पे जाके अपनी तपस्या करता है। यानी कि रुद्राभिषेक करवाता है। उनके वहाँ के जो पुजारी हैं ना, सिद्ध पुजारी, जो मंत्र उच्चारण करते हैं वैदिक रूप में, वहाँ से करवाता है। तब जाके ये सेटअप हुआ है। नहीं तो इतना डॉक्टर, इतना पैसा भी होने के बाद, लगवा लिया, कुछ नहीं इसको मिला।
भाई, आज के टाइम में तो सीधी बात है, दुनिया में लोग परे से परे बैठे हैं। बिल्कुल, जी, बिल्कुल। आप किसी के गले को पकड़ लोगे ना, वो आके गले में हाथ डाल के आपकी आँतें निकाल लेंगे। बिल्कुल, जी। अच्छा, एक चीज आप देखोगे, अब कोई पॉलिटिशियन है या कोई भी आदमी।
ठीक है, जी। अब पॉलिटिशियन के 100 दुश्मन होते हैं। होता है भाई। ठीक है, जी। अब कुछ बहुत सारे ऐसे भी लोग होंगे जो तांत्रिक उससे मिलते होंगे। वो बड़े पहुँचे हुए लोग हैं। तो अपने को जो होता है, अपने आप को सेफ़ रखने के लिए वो महंगे-महंगे कवच पहनते हैं। एक-डेढ़ लाख का कवच, 2 लाख का कवच, इस तरीके से वो कवच बनवाते हैं।
जी, उनका टाइम पीरियड होता है। जो कवच बनवाते हैं ना, वो महीने के लिए चलेगा या छह महीने तक चलेगा। ये नहीं, आपने 2 लाख दे दिया, तो आपको पूरे लाइफ़ टाइम दे दिया। ऐसे नहीं होता। इसकी लिमिट होती है। ये भी कुछ समय के लिए ही इसका प्रभाव रहता है। और ये दोबारा करते रहते हैं ये सारा कुछ। कहने का मतलब, जहाँ तक मेरा मानना है ना, दिवाली के दिवाली ये चेंज करते हैं।
क्योंकि दिवाली के बाद जो आप तांत्रिक चीज करते हो, दिवाली तक चलती है आगे। उसके बाद वो अपनी ऊर्जा छोड़ देती है। बिल्कुल-बिल्कुल, जी। यह आपकी बात बिल्कुल सही है। जैसे मोबाइल फ़ोन है ना, 24 घंटे चलाते रहोगे, वो एक साल मुश्किल से चलेगा, उसके बाद डेड हो जाएगा। बिल्कुल। ये आपकी बात बिल्कुल राइट है।
तो इसीलिए ये पॉलिटिशियन अपने आप को सुरक्षित रखते हैं। ठीक है? और ये इनकी चलो बाहरी रूप से तो चलो इनके पास बॉडीगार्ड हैं। और अंदरूनी खाते में इनका ये सिस्टम चलता है। बिल्कुल। ठीक है। कभी भी आप एक चीज देखना कि पॉलिटिशियन के ऊपर कभी ब्लैक मैजिक नहीं होता है। वो भगवान थोड़ी है वो।
ब्लैक मैजिक नहीं होता। दूसरी बात, सबसे ज्यादा दान-पुण्य यही करते हैं दो नंबर के पैसे का। बिल्कुल। और ये बिल्कुल मैं देखता हूं, जी, बड़े-बड़े ये पॉलिटिशियन बगलामुखी अनुष्ठान चलता है। तो इसीलिए ये सुरक्षित हैं।
ओरा को मज़बूत करने की ज़रूरत
आपके पास मैं एक रियलिटी बताता हूं। जी। अब मैं इसका थोड़ा सॉल्यूशन भी बता देता हूं। आपने ओरा चक्र को कोई व्यक्ति अगर स्ट्रांग कर ले, इतना ज्यादा स्ट्रांग कर ले, तो बाहरी ऊर्जा उसकी कोई काम नहीं करेगी। ठीक है? नहीं करती है। वो टकराएगी और वापस चली जाएगी। ठीक है?
क्योंकि ऊर्जा अगर पीछे से 200 की स्पीड से आ रही है, आपके पास हैंडल करने के लिए भी 200 की स्पीड ही चाहिए। 200% ऊर्जा चाहिए। तभी आप हैंडल कर पाओगे। अगर ऊर्जा है, तो आपको कुछ नहीं कर पाएगी। उड़ा देगी, उड़ा देगी आपको।
तो इसीलिए क्या है कि ओरा को स्ट्रांग करना ही हर एक चीज का सॉल्यूशन होता है। जी, भाई, ओरा करो, जी। हम खुद करते हैं ओरा को स्ट्रांग। अच्छा, लोग अब सागरनाथ जी ये बोलते हैं। जी, ओरा का, ओरा का पता क्या बोलते हैं? जी, हाँ जी, हमने आज इतना जाप कर लिया।
अब ओरा हमारा स्ट्रांग हो गया। ओरा देखिए, एक बार में स्ट्रांग नहीं होता। इसको मेंटेन रखना पड़ता है। ये खर्च होती है ऊर्जा। मान लो, मैं एक दिन मैंने सवा लाख कर लिए। इसका मतलब ये नहीं कि ये अस्थायी रूप के ऊपर रहेगा। इसकी ऊर्जा खर्च होती है साथ-साथ में।
साथ-साथ, जैसे हम रोटी खा रहे हैं ना, रोटी खाने से क्या है, जी, वो ऊर्जा बन रही है हमारी बॉडी के अंदर। क्या वो ऊर्जा हम यूज़ नहीं हो रही? जी। मान लो, आपने तीन टाइम रोटी खाई दबा के। बिल्कुल। अगले दो दिन रोटी नहीं खाई। वो पिछली ऊर्जा चल रही थी ना?
अगले जब दो दिन आएँगे, तो आपको रोटी की जरूरत तो पड़ेगी। नहीं तो आप तड़पोगे मछली की तरह। बिल्कुल-बिल्कुल राइट। बिल्कुल, जी। आपने बिल्कुल सही बोला। इसी तरीके से ओरा का भी यही सिस्टम होता है। बार-बार इसको अपडेट करते रहो, जाप करते रहो।
ये ग्रहण, दिवाली, हाँ, ये ग्रहण, दिवाली, सिद्ध योग, नक्षत्र योग, अच्छे योग क्यों परमात्मा ने बनाए हुए हैं? इसलिए बनाए हैं, अपडेट करने के लिए। अपडेट, जैसे अपना सॉफ़्टवेयरअपडेट करना है, आपने मंत्रों का तो होता ही है, वो तो साक्षात जाग्रत है, लेकिन अपने आपको खुद अपडेट आपने करना है। बिल्कुल, जी, बिल्कुल-बिल्कुल।
यही चीजें तो हैं, जी, लोग आज की डेट में पीछे रह गए हैं, तो इसलिए परेशान हैं मेरे हिसाब से। नहीं, परेशान बहुत हैं। इनको पता ही नहीं है कि लाइफ़ में तरक्की कैसे करनी है।
अगर कर भी लेते हैं, तो इनको यह नहीं पता, ये कौन से दोषों से जकड़े जाते हैं। तो मान लो, वो भी पता लग जाए, लेकिन इनको अगला स्टेप नहीं पता है कि इन दोषों को सेट करने के बाद, उसको रेगुलर कैसे रखना है।
साधना में गुरु का महत्व और धूमावती साधना का उदाहरण
अच्छा, जैसे कोई जादू-टोना होता है, तो हम उतारा करके बच जाएँगे। पर नज़र से बचना खतरनाक स्थिति होती है, तो बचना थोड़ा मुश्किल है। जी, नज़र दोष से बचना। भाई, नज़र दोष एक ऐसी चीज बोला है ना कि पत्थर फाड़ देती है। हम बिल्कुल-बिल्कुल। पत्थर फाड़ देती है।
क्योंकि उस लेवल तक बनके रहने के लिए ना दलेरी चाहिए, जिगरा चाहिए। जिगरा चाहिए और आपकी ऊर्जा चाहिए। ओरा चाहिए आपका। ओरा, वही, वही बोल रहा हूं ना। दिल, जिगरा किसको मैं बोलता हूं अपनी लैंग्वेज में? इसी को बोलता हूं ओरा को। ये आपके पास होनी चाहिए।
आपके पास, आपके पास एक अच्छा-अच्छा गुरु होना चाहिए जो आग में तपा हो, हंडा हुआ हो। ये नहीं कि ऐसे किसी को गुरु बना लिया, तो चल पड़ो जंग करने मैदान में। हाँ-हाँ, ये जी। तो ये भी आपकी बात बिल्कुल सही है कि गुरु होगा, तो तभी मार्गदर्शन मिलेगा। जी, बिल्कुल।
गुरु ऐसा होना चाहिए कि मतलब कि जिसने तपस्या इतनी की हो। मतलब वो भी नहीं कि सिद्ध जोगी बनना है। आज के टाइम में सिद्ध जोगी बनने की भी जरूरत नहीं है। बिल्कुल। मतलब इतना होना चाहिए कि आपको कोई छेड़े, तो दोबारा छेड़ने की हिम्मत ना करे।
अच्छा, लोग ना, मैं आपको सागरनाथ जी एक चीज बोलता हूं। जी, लोग ना 20 माला करके ना, कुछ दिन तक 20 माला करके बहुत बड़ा एहसान करते हैं। जी, हमने बहुत कुछ कर लिया। भाई, 100 करने वाले लोग बैठे हैं। हम बैठे हैं। हम बैठे हैं। हम तो खुद बोल, सागरनाथ जी बैठे हैं, 100 माला करने वाले। ठीक है? 100 माला से कम नहीं करना चाहिए।
जब हम 100 माला करके उठते हैं ना, मानते हैं, रुद्रनाथ जी? हाँ जी। सिर्फ मन में एक विचार आता है। ये आज का समय कंप्लीट हुआ। इस प्रोसेस को आगे भी करना है। ये अपने आप से खुद बोलते हैं। किसी से नहीं बोलते। बिल्कुल-बिल्कुल। दूसरों को थोड़ी सुनाऊँगा कि मैंने काली माता की या दुर्गा माँ की या हनुमान जी की या भैरव जी की इतनी माला की है। बिल्कुल, जी।
ठीक है। 100 माला करना कोई खेल नहीं है। पर खेल नहीं है। मुश्किल भी नहीं है। मुश्किल भी नहीं है। बंदे ने अगर मुश्किल भी है, मुश्किल भी नहीं है। आसान भी नहीं है। यानी ये सेंटर वाला काम है। जो इसको संभाल गया, समझ गया, वो आगे बढ़ गया। बिल्कुल-बिल्कुल, जी।
सपोज़ करो। सपोज़ करो, मैं छोटी सी बात बताता हूं। जैसे वही आपकी बात बड़ी कर रहा हूं। जैसे मैं बोल रहा था कि 200 की स्पीड से आ रहा है, आपके पास 200 की थ्क्ज़ होनी चाहिए।
अगर कम हुई, तो उड़ा देंगी। स्पीड यही मैं बात बोल रहा हूं। मान लो, एक शख़्स आया, नया-नया, दिल भी बहुत है, जिगरा भी बहुत है।
गुरु को धारण किया, नहीं, मैं जी 100 माला करूँगा। हम एक, हर दिन, हफ्ता भी कर ले, हम मान ली। जब आठवाँ या नौवाँ या दसवाँ, ग्यारहवाँ दिन आएगा ना, इसके बीच जब वो मंत्र प्रभाव बढ़ाएँगे 100 माला की, जब वो एनर्जी आपके पास आएगी, जिस देवते का नाम ले रहे हो या देवी का नाम ले रहे हो, हम जब वो आपके दिमाग को ट्रिगर करेगी ना, असर डालेगी, हम आपकी मेंटैलिटी है ना, जो तड़फ़ड़ाने लगेगी, जैसे पक्षी नहीं करता है, फड़फड़ाता है, वैसे फड़फड़ाओगे।
अब आपको समझ में नहीं आएगा, मेरे साथ क्या हो रहा है। मैं छोड़ दूं या उठ जाऊँ? पाप बढ़ जाएगा शरीर का। हार्ट, हार्ट अटैक तक की नौबत आ जाती है। गुरु वहाँ पे काम करता है। हम, हम। वो उस ऊर्जा का जो स्थिर होता है ना लेवल, उसको स्थिर करता है।
लेवल में लाता है बॉडी में कि भाई शांत रह। नुकसान नहीं करना, फ़ायदा करना है। बिल्कुल। यही, यही नज़र दोष होती है। हम अच्छा, ये, हाँ, आपकी बात बिल्कुल सही है। जी, ऐसे ही प्रोसेस करती है नज़र भी। नज़र भी ऐसे ही प्रोसेस आपको, आपकी बात बिल्कुल सही है। वही चीज में ही मैं आपको बताने वाला हूं।
सागरनाथ जी, एक बंदा मेरे पास आया, जी, ठीक है? वो कर रहा था, जी, धूमावती की साधना। क्या बात। उसने देखो, जी, आप मानोगे नहीं, उसने 100 माला कर ली, जी, 100 माला प्रति। ठीक है? और बिना किसी गुरु के मार्गदर्शन से। ऐसे ही लग पड़ा, जी।
कोई मार्गदर्शन ही कुछ नहीं। बस, तो उसकी चपेड़े नहीं पड़ी माँ धूमावती से। मैं आपको वही आगे बता रहा हूं, जी। हुआ क्या है, जी, बॉडी के अंदर इतनी, इतनी ज्यादा हीट बढ़ गई।
जी, आज भी बार सर्दियों में, जिसको हम बोलते हैं ना कि दिसंबर और जनवरी का महीना जो होता है, पीक के ऊपर सर्दी होती है। टेंपरेचर बहुत कम हो जाता है। उस समय भी वो आदमी नंगा घूमता है। जी। अरे, नंगे घूमेगा, उसको पागल कर दिया है। क्योंकि उसके अंदर बॉडी के अंदर हीट ही इतनी ज्यादा बढ़ गई। मंत्र की हीट ही इतनी ज्यादा हो गई।
वो मेंटैलिटी, मेंटैलिटी को हिला देती है। जो परमात्मा ने आपको सोचने-समझने की शक्ति दी है ना, वो ट्रिगर ही यानी उसको खींच देती है कि खत्म ही कर देती है।
और वो हीट इतनी ज्यादा जनरेट हो गई, जी, वो सर्दियों में भी नंगा ही घूमता है। सबसे बड़ी बात देखो आप। वो बोलता है, मैं अगर कोई कपड़ा पहनता हूं ना, तो शरीर में जलन होती है। जी, मैं बता रहा हूं ना, जब मैंने कितना बड़ा साइड इफ़ेक्ट है, जी, सागरनाथ, इस चीज का।
मैं बता रहा हूं, जब मैंने धूमावती माता को किया था ना, हम धूमावती माता को जैसे आप प्रोसेस बता रहे, किया था मैंने। उनको बीच में कुछ दिन लिए थे। चंद्र ग्रहण आ रहा था उस टाइम। बड़े बढ़िया सिस्टम में आ रहा था। हम, हम। तो जब उनको वहाँ पे किया मैंने सूप के साथ किया था, जिसको यहाँ पे फटकना भी बोलते हैं या छजनी बोलते हैं पंजाबी लैंग्वेज में।
छज, छज, जिसमें कनक को ऐसे साफ करते हैं। उसके साथ किया था। तो तकरीबन करने के बाद, जैसे आप 100 माला बोल रहे हो, तो हम उसी लेवल पे जा रहे थे उस समय। हम, हम। ग्रहण में पूरा दबाके कर रहा था। मेरे को क्या हुआ था उस समय, ऊर्जा का आभास बताता हूं। जैसे मेरे आसपास कोई सफ़ेद कपड़ों वाला गुजर रहा है।
मेरे को पूरा महसूस हो रहा है। मेरे को झटके दे रहा है, झटके दे रहा है। झटके, मैंने आँख नहीं खोली। झटके दे रहा है। जब मेरी माला पूरी है, जब मैंने आँख खोली है ना, अच्छा जी। भाई साहब, तोते उड़ाने वाला रूप था वहाँ पे। अच्छा, जी, ये बहुत बड़ी चीज है। जी, तोते उड़ाने वाला रूप था, मैं बता रहा हूं। मैं अपनी जगह बात कर रहा हूं। मतलब मेरी जगह कोई और होता ना, तोते उड़ जाते उसके। भाई साहब, आपका तो एक्सपीरियंस था।
इसीलिए आप बच गए, क्योंकि आपने गुरु के साथ काफ़ी सारी चीजें एक्सपीरियंस कर रखे थे। अगर कोई वही नया-नवेला आदमी करता, तो उसके तो तोते उड़ जाते।
आपने तोते बिल्कुल, मतलब कि उसके मर ही जाना था। उसने वो चीज देख के ना, भाई, यही तो चीज होती है। गुरु की बहुत जरूरी है। गुरु जरूरी है, जी। मेंटैलिटी क्यों बोलता हूं?
वहाँ पे गुरु कार्य करता है। असलियत में गुरु वहीं पे ही कार्य करता है अपना पूरा उसी समय। हाँ, ट्रेनिंग भी देता है, आपको करना है कैसे। ठीक है? बिल्कुल। अब आपके पास तो ट्रेनिंग थी, आप इसीलिए बच गए। अगर कोई दूसरा बंदा होता, तो उड़ जाता उसको।
नज़र दोष से बचाव का तरीका: व्यूअर से शर्त
भाई, हमारे साथ कांड भी हुआ था। उसके बाद ग्रहण में, जैसे हम सोए पड़े, मेरे जो बेड है ना, बेड पे जिसे किसी कोई पंजाबी भाषा में कहते हैं ना, ठुंड मारना या एड़ी को ऐसे जोर से मारना, चल भी उठ जा। जैसे हम कुत्ते-कुत्ते को उठाते हैं या साँड को उठाते हैं, गाय को मारके। हम ठुंड पूरा ऐसे बजा, महला पूरा। मैंने कहा, ये भूचाल साला कहाँ से आ गया?
जब मैं यहाँ से, जी, ये चीज मैं आपको बताता हूं। ये अलग वीडियो में करेंगे। वीडियो काफ़ी लम्बा हो गया, जी। अब मैं ये चीज बोलना चाहूँगा, सागरनाथ जी, अगर किसी व्यक्ति ने, ठीक है, जी, हमें कम से कम, ज्यादा नहीं मैं बोल रहा हूं, जी, जी, 150 लाइक कर दिए इस वीडियो को। नहीं, कम से कम मैं बोल रहा हूं, जी, 150 लाइक हो गए।
उसके बाद आप नज़र से बचने का तरीका बताना। नहीं तो हम नहीं बताएँगे। नहीं, मैं पूरी तरह बताऊंगा, जो घर में कर सकते हो, फ़्री में कर सकते हो, इतना खर्चा भी नहीं है आपका। ये ऐसे नहीं बताना। इनको नहीं बताऊंगा। इनको ऐसे बताएँगे कि 150 लाइक करना पड़ेगा।
जी, बात है। बिल्कुल-बिल्कुल। भाई, 150 लाइक इस वीडियो के ऊपर करना ही पड़ेगा आपको। आपके लिए तो हम फ़्री सेवा इतनी दे रहे हैं। कोई नहीं देता, यार। इतना तो आपका हक बनता ही है। 150 कमेंट हो जाएँ। दो चीजें हैं, जी, बस। और उसमें लिखना पड़ेगा, जी, बहुत अच्छा वीडियो। अपना राय दो। अच्छा है तो अच्छा बोलो, बुरा है तो बुरा बोलो।
राय ज़रूर देखने के बाद राय ज़रूर आपकी देनी पड़ेगी। राय ज़रूर दो, जी। हम इतना ही बोल देंगे। जब यह चीज हो गई, तो हम आपको अगले दिन ही नज़र से बचने का तरीका भी बता देंगे। पूरी तरह बताएँगे। परफ़ेक्ट तरीके बताएँगे। ये अनलिमिटेड तरीके होंगे।
आप बोलोगे कि ये ना कहीं पे सुने, ना देखें। और दूसरी चीज क्या है, जी, इसको हम कैसे परखें कि लगी है या नहीं लगी है। उस चीज को भी पहचान करने का भी तरीका बताऊँगा। जी, बताऊँगा। पूरी तरह बताऊँगा। ये भी कैसे लगती है, क्या हो रहा है, क्या नहीं हो रहा है, वो पॉइंट आप नोट करते जाना। कैसे उतारना है, क्या करना है, वो भी पॉइंट नोट करते जाना। देखिए, सबसे बड़ी बात क्या है, जी, सागरनाथ जी ने अपने भंडारे खोल दिए हैं।
बिल्कुल पूरी तरह खुले पड़े, भाई। जैसे चार दरबार होते हैं ना, पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, चारों दिशाएँ खोल दी मैंने सभी के लिए। मैं तो उनको बोल रहा था, आप मत दो नेट के ऊपर। ये बोल रहे हैं कि अगर हम नहीं देंगे, तो कौन देगा फिर आपको? कौन देगा? सीधी बात है।
तो लाभ कौन उठाएगा? मैं तो सीधा ही बात बोल रहा हूं। लोग ना काफ़ी ज्यादा सनातन से टूट के, अनादर धर्म के अंदर कन्वर्ट हो रहे हैं। कन्वर्ट भी हो रहे हैं। दूर चले गए हैं। उनको अपना धर्म भूल रहे हैं वो कि हमारा धर्म है क्या है? कैसे चल रहा है?
इसीलिए हमारी मजबूरी है कि हम ये चीजें बताएँ। हाँ। मैं पूरी तरह मजबूर हूँ। अब मतलब खुल के बताने के लिए। मेरे को मेरी विद्या में कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा। ना जीरो होगी, ना खत्म होगी। हाँ जी। ठीक है। जो इनका इलाका है ना, इन्होंने देखा कि धर्मांतरण बहुत बड़े लेवल के ऊपर हो रहा है।
सनातन को लोग छोड़ के बिल्कुल, भाई, सनातन को मान रहे हैं, भाई। सनातन होगा, तभी तो हम होंगे। अगर भाई, हम तो सीधी बात है, हम जो लड़ाई लड़ रहे हैं ना, वो किसके लिए लड़ रहे हैं? अपने धर्म के लिए। धर्म है हमारा मानवता का। सबसे बड़ी बात है, जो हमें सनातन धर्म सिखाता है, मानवता। वो सबसे पहले, उसके बाद बाकी नियम लागू होंगे जितने ने। बिल्कुल।
समापन और लाइव चर्चा का प्रस्ताव
तो यहीं पर हम समाप्त करते हैं। तो फिर हम दूसरे टॉपिक के ऊपर करेंगे। अलग जानकारी लेके आएँगे। ठीक है? तो अब मैं एक चीज और बोलना चाहूँगा, मैं एक चीज बोल रहा था। मैं थोड़ा सा ऐड करना चाहता था इस बात को। जैसे कभी हमारे जो व्यूअर हैं, इतने ललाहित हो जाएँ कि हम उनको लाइव उनसे सीधी बात करें दोनों। हाँ, बिल्कुल।
मैं ये भी चाहता हूं कि जो लाइव में मजा आए ना, लाइव में एक चीज बैठ पता क्या है? जैसे हम बात कर रहे हैं ना, तो किसी को अगर कोई जानकारी चाहिए लाइव के अंदर ही, डायरेक्ट वो पूछ सकता है। अब से बैस्ट चीज ये है। और वहीं पर ही उनको आंसर मिलेगा।
उसी समय। मैं बोल रहा हूं कि खड़े हो, आपकी क्या मजबूरी, कैसे? हल फटाफट बताऊँगा। सेकंड के हिसाब से ये कर, सीधा जा, इतने दिन को पकड़ के कर। बस, बस। फिर अगेन बात फिर आती है। जी, इनको सपोर्ट करना पड़ेगा। तभी ही हम इनको सपोर्ट कर पाएँगे। भाई, मैं तो पूरा देखो, तो ना जी, रेडी बैठा हुआ हूं कि इनको पूरी तरह फ़ुल्ली से सपोर्ट करूँ।
भंडारे खोल दिए मैंने अपने। बिल्कुल। ठीक है ना? अब इनका भी हक बनता है, इनका भी धर्म बनता है। जिनके मन में है सीखने का, सीखें। बात करें। किसी को मनाई नहीं है। हम हाँ, एक लिमिटेशन में रहकर हमेशा बात की जाती है। वो आपको भी सीखना पड़ेगा कि ये इधर-उधर की बातें ना मैं करता हूँ, ना मैं करूँगा। बिल्कुल राइट। ठीक है?
जो लिमिट में रह के बात करेगा, सबसे बढ़िया है। देखो, अब किससे बात करोगे? अपने गुरु से बात करोगे। बिल्कुल-बिल्कुल। और मर्यादा का पालन जरूरी है। किस हिसाब से बात करनी है? क्या लैंग्वेज है आपकी? क्या लैंग्वेज है?
भाई, हम भी मर्यादा में रहके बात करते हैं सबसे। आपको भी करनी पड़ेगी। बिल्कुल-बिल्कुल-बिल्कुल-बिल्कुल। तो ये चीजें हैं, जी। सागरनाथ जी, आपका फिर से धन्यवाद करता हूँ। जी, आपने फिर से आके जानकारी दी। ठीक है? जी, जी, जी। तो आज के लिए बस इतना ही। फिर हम नए टॉपिक को लेके बात करेंगे। जी, बिल्कुल। ठीक है, रुद्रनाथ जी। जय श्री महाकाल। जय माता दी। हाँ, जी, हाँ, जय माता।
Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग
Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग गुरु मंत्र साधना.कॉम में आप सबका फिर से स्वागत है। जी। आज हमारे साथ हैं जी फिर से सागरनाथ जी। जी सागरनाथ जी आज हमारे लिए एक साधना लेकर आए हैं। वो साधना है लंकाधिपति रावण साधना। ठीक है। रावण एक ऐसा व्यक्ति रहा है जो वेदों का जानकार था, आयुर्वेद का जानकार था, ज्योतिष का जानकार था, तंत्र का जानकार था।
तंत्र का तो उसको बोला जाता था महा एक्सपर्ट। क्या बात है? मायावी विद्याओं का अच्छा जानकार था। ठीक है। तो उसी लंकाधिपति रावण की एक साधना दशहरे के ऊपर की जाती है। नहीं सा ये मैं आपको रोकना चाहूंगा। ये साधना नहीं है। ये उसका एक उपाय है।
जो साधना से भी ऊपर काम करेगा सबके लिए। कोई भी कर सकता है। हां उसका उपाय हम बोल सकते हैं। सिंपल वर्ड में अगर हम बात करें तो साधना भी इसकी की जा सकती है।
जी तो आज लंकाधिपति रावण की कुछ साधना आप बताइए उपाय बताइए। जी जी जी जो उससे क्या फायदे हैं और क्या जीवन के अंदर लाभ हो सकता है उस साधना का आप बताइए। जी जी जी आपका स्वागत है फिर से सागरनाथ जी।
Dussehra 2025 रावण उपाय की आवश्यकता और लाभ
Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग
जी रुद्रनाथ जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हर पोस्ट में आप मेरे को बुलाते हो और मेरा इतना धन्यवाद करते हो और करवाते हो अपने व्यूअर्स से। इतना प्यार करते हैं भाई आप हर पोस्ट में हमें लेके आते। देखिए हमारा जो लक्ष्य है जी कुछ चीजों की जानकारी आप दो।
आपके जिम्मे हम दे रहे हैं। कुछ चीजों की जानकारी हम देंगे। हम मिल बाँट के जानकारियाँ लोगों को बाँटेंगे। पंथ हमारा एक ही है, नाथ पंथ। आपका भी नाथ पंथ है, हम भी नाथ पंथ ही। हम तो भाई गुरु भाई हैं। बिल्कुल गुरु भाई हैं और कुछ चीजें आप बताएँगे कुछ मैं बताऊंगा। ठीक है? मिलजुल के हम अपना साधना का प्रचार करेंगे। अब ठीक है।
तो आज हम पहले आप बताइए जी लंकाधिपति रावण की साधना के लाभ क्यों करनी चाहिए साधना? सबसे पहले मैं सबको बोलूँगा राम राम, जय माता की। एक बार फिर से। अब मैं आपके लिए व्यूअर्स जो हैं हमारे दर्शक हैं उनके लिए लेके आया लंका का पति महाबली रावण का वह उपाय जो किसी ने आपको आज तक नहीं बताया होगा। जो मैंने खुद किया है।
मैं अपने मित्रों को भी करवाता हूँ। उनके पास अब इतना धन इकट्ठा हो गया जैसे छप्पड़ फाड़ के धन आता है चारों तरफ से। ये इतनी बढ़िया उपाय है जो आज तक ग्रह भी नहीं कर पाते। तीन नौ ग्रह इतने मतलब को बाँधने वाला भी लंकाधिपति। बिल्कुल भाई वो महाबली है।
काल को के साथ। बिल्कुल। उसको महाबली इसलिए बोला जाता है जो पंडित है आधा पंडित है आधा राक्षस है। तो वो महाबली बनेगा। ज्ञान में वो पंडित है, बल में। टॉपिक में आगे बढ़ते हैं आप मेरे को लाभ बताइए क्या लाभ? अभी अभी अभी बताते हैं भाई।
सबसे पहले बड़ा लाभ तो यह है कि जैसे ये उपाय करोगे जो आपके साथ टक्कर रखेगा आपका शत्रु गुप्त हो चाहे बाहर का हो चाहे सामने का हो, सर्वनाश कर देगा उसका तहसनहस कर देगा। पहला उपाय। दूसरा उपाय यह कि यह धन चारों दिशाओं से ऐसे लाएगा, छप्पड़ फाड़ के धन लाएगा।
इतने रास्ते खोल देगा धन के कि आप इकट्ठा इकट्ठा धन करते थक जाओगे। ये देता नहीं थकेगा। ये वर्ष में टंका सोने की थी। इतना धन उनके पास। बिल्कुल। नौ ग्रह नहीं इतना किसी जीवन को बलवान बना पाते किसी व्यक्ति के व्यक्ति के जीवन को जितना यह बलवान बना देता है। यह तो सीधा मित्र बनता है उस उपाय से। आज मैं आपको बताऊंगा वह उपाय क्या है।
Dussehra 2025 रावण उपाय की संपूर्ण विधि
ठीक है जी। उपाय ऐसे भाई ध्यान से सुनना। एक-एक पॉइंट नोट करते जाना भाई। क्योंकि दशहरा सिर पे यह उपाय झटपट कर लेना आप जिसने भी करना है। ठीक है ना? इसमें टालमटोल मत करना।
सबसे पहले आपने क्या करना है? वहाँ पर जाना है जहाँ पर रावण दहन होता है। दहन होने के बाद जाना है आपने। ठीक है? दहन होने से पहले नहीं, बाद में जहाँ पे रावण जलाया जाता है। आपने क्या करना है? अपने साथ सात रंग की मिठाई ले जानी है। हम ठीक है?
थोड़ा सा कच्चा दूध ले जाना है। हम ठीक है। वहाँ रावण को आवाज लगानी है कि ए रावण आज तू जल चुका है। खड़ा हो, जाग जा और मेरे साथ चल। मेरे घर चल। मेरे काम बना। मेरा मित्र बन। जो कहूँगा वैसा पूरा करना है। यह इतनी बात उसको बोल कर आनी है।
जगा कर आना है। जैसे मुर्दा जगाते हो ना आप हम शमशान में, वैसे उसको जगा कर आना है। आवाज देकर आनी है। और भोग वहाँ पे अर्पित कर देना है जहाँ पे रावण जला होगा। उसकी राख के ऊपर अगर आपको वहाँ से उसकी लकड़ी मिल जाए उस समय, रस्सी मिल जाए तो सोने पे सुहागा है।
उसी समय जलने के बाद अगर ना मिले तो वहाँ की जो राख है ना हम हम वो घर लेके आ जानी है उस समय। हम ठीक है। मुट्ठी भर सिला लेकर आनी है। उसको क्या करना है आपने एक केस बनवा लेना है या कटोरी में रख लेना है। ठीक है? जहाँ पे आपका पूजा स्थान होगा वहाँ पे उसको रखना है और उसको प्रतिदिन कच्चे दूध का भोग लगाना है उस माटी को।
क्योंकि जो माटी होती है ना उसमें वह उसकी जो शक्ति होती है जली हुई वह वश में हो जाता है। इस उपाय से रावण। हम माटी को घर पर लाना है। पूजा स्थान पर रखना है। सुबह उठकर कच्चा दूध चढ़ाना है। रात को भी कच्चा दूध चढ़ाना है।
उसको सुबह और रात को यही बोलना है कि हे रावण, महाबली रावण, मेरे समस्त कार्य कर। जो मेरा धन रुका हुआ है वो मेरे को लाकर दे। वो क्या करेगा? आपके लिए नए-नए धन के मार्ग खोलता जाएगा। आपका जो काम रुका है, काम चलने चलने लग पड़ेगा।
हम ठीक है? आप में उसके जैसे गुण आने लग पड़ेंगे। आपको खुद पता लगेगा। आवाज़ भारी हो जाएगी आपकी। अब जैसे बात वैसे करोगे जैसे एक टशन व्यक्ति नहीं करता है कि जैसे अपनी धौंस जमा के बात करता है, वैसे करोगे आप। हम मतलब इतना बलवान रावण है।
Dussehra 2025 रावण उपाय – अमावस्या का विशेष भोग और नियम
और जब अमावस्या आए उस माटी को नारियल का भोग ज़रूर दें। पानी के नारियल का और साथ में क्या करना है? दूध के साथ क्या ऐड करना है? एक पान के पाँच पत्ते ऐड करने हैं। उस पे क्या करना है? दो लौंग रखने हैं, दो इलायची रखनी है।
एक-एक सुपारी रखनी है पाँच पान के पत्तों के ऊपर। और उसके ऊपर क्या लगवाना है? कत्था। हम कत्था। पहले दिन जब लेकर आओगे वो भोग पड़ा रहने देना है उसके लिए। और अगला भोग कब देना है? उसको अमावस्या पे देना है। हम ठीक है।
यह आपने पूरे साल करना है ऐसा काम भाई। एक महीने के अंदर-अंदर आपकी तकदीर बदल जाएगी। धन धन को लेके गरीब से यानी जिसको बोलते हैं ना रंक रंक से राजा बन जाओगे। आप देखोगे कि आपका समाज में रुतबा इतना बढ़ जाएगा। किसी का इतना बड़ा ही नहीं होगा।
मतलब कि ये ऐसा उपाय मेरे मैंने अपने मित्रों को करवाया है। वो तो चलो कहीं से लकड़ी भी ले आते उसी समय जैसे ये विधि करने के बाद रस्सी भी उनको मिल जाती थी। आज भाई उनके पास टूटे फूटे मकान में रहता था। बढ़िया शानदार कोठी डाली हुई है।
धन इतना है वो खर्चने में परवाह नहीं करता। खड़े पांव मतलब कि इतना धनवान हो चुका है वो। मतलब कइयों को मैं कइयों को मैंने बताया जो रावण के उपासक मैंने बताए हैं ना कइयों को बताया वह इस समय रावण के उपासक बन चुके हुए हैं। वो बोलते रावण तो हमारा बड़े भाई जैसा है।
भाई एक आवाज लगाओ माटी के सामने जाके जब घर में जाते हैं, भाई काम उसको बोल दो, काम कर देता है। यहाँ तक कि स्वप्न में भी दर्शन देता है और हमें खुद बोलता है कि यह विधि अपनाओ ये विधि अपनाओ। खुद बोलता है अपने मुँह से, यह विधि अपनाओ, तुम्हारा काम ऐसे होगा।
हम कइयों को तो उसने यह बताया हुआ है कि जो शिवलिंग होता है ना कइयों को, जिनको मैंने साधकों को सिद्ध करवाया इस उपाय से कि वहाँ पे जो पेठा होता है ना पेठा, पेठे का फल हम भाई काट के शिवलिंग पे मेरा नाम ले, ये अर्पण करो।
हम आपके समस्त चाहे जितना भी आपकी लाइफ में बोझ आया हुआ है। बोझ कहने का मतलब है रोग है, शत्रु है, चाहे आपका पारिवारिक क्लेश है, वो सब खत्म कर देता है।
हाँ इस उपाय को करने के बाद या करोगे मीट और दारू मत इसका सेवन मत करना। नहीं मेरा एक सवाल है तो रावण तो ये चीजें खुद सेवन करता था तो सेवन क्यों?
मैं बोल रहा हूँ क्योंकि वो सेवन करने के बाद आप में क्रोध बहुत बढ़ जाएगा। आप इस चीज के ऊपर आ जाएगा आ जाएगा। हाज़िरी जैसे जैसे बोलते हैं ना उसका तेज़ हाज़िरी आ जाएगी। वो आपसे सँभली नहीं जाएगी। आप पागल हो जाओगे। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल।
मैं इसलिए बोल रहा हूँ इस चीजों का मत सेवन करना क्योंकि हम खुद उपाय करते हैं लेकिन हम जिस चीज को बोलते हैं कि मनुष्य के लिए हानिकारक है वो वो मत करें क्योंकि मनुष्य को ज्ञान उतना ही ज़रूरी है जो उसको लाभ दे सके।
ज़्यादा ट्रीटमेंट करेगा ना उस ज्ञान पे तो वो उसके लिए हानिकारक हो जाएगा। जी जी मैं दावे के साथ बोलता हूँ ये उपाय करो।
किसी टोटके को करने की ज़रूरत नहीं। किसी भी दुनिया में टोटके को करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी आपको। यानी कि यही साधनाओं में भी आपको बलवान बना देता है।
तंत्र में इतना महान होने के बाद भी जो आप साधनाएँ करेंगे ना हम उसको भी ये आपको सिद्ध करवा के देगा। हम ठीक है भाई ये इतना उपाय जो हम करते हैं हम करवाते आ रहे हैं। हम ठीक है। बस इतना ही है रुद्रनाथ जी। इससे ज़्यादा मैं और कुछ नहीं आगे बोल सकता।
Dussehra 2025 रावण उपाय – दर्शकों के प्रश्न और समाधान
जी जी बिल्कुल बिल्कुल। कोई भी अगर आप लोगों का सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में आप लिख सकते हैं। ठीक है? रावण जी का यह उपाय आप ज़रूर करिए। ठीक है? तो आपकी ज़िंदगी में अवश्य लाभ प्राप्त होगा। भाई जीवन सुधर जाएगा। जीवन खुशहाल हो जाएगा। और क्या चाहिए आपको? जी बिल्कुल बिल्कुल।
अच्छा एक सवाल और है। कुछ लोग बोलेंगे तो जी सवाल आएगा कि बात वह यह बोलते हैं कि रावण तो सनातन धर्म के खिलाफ था और हमें क्या यह अधर्म की साधना करने के लिए बोल रहे हैं? तो क्या ये करनी चाहिए? क्योंकि बोलेंगे बेवकूफ लोग हैं।
बहुत सारे बेवकूफ लोग हैं। मैं एक और बात बताता हूँ। जो इतना अपना ज्ञान पेलते हैं जब उनको बाण लगने के बाद वो अपने प्राण छोड़ रहे थे ना तब उन्होंने श्री राम जी के आगे हाथ जोड़ के उनको परमेश्वर मान के कि आप ब्रह्मांड के परमेश्वर हो जो सबसे शक्तिशाली हो। आपने मुझे मुक्ति दी। जो मेरे से गलती हुई उसके लिए मैं क्षमा माँगता हूँ।
मेरी मृत्यु नहीं हुई। मेरे को आपने मुक्ति दी। आप मेरे लिए परमात्मा समान हो। बिल्कुल। सबसे बड़ी बात ये है। जब प्राण ही चले जब निकलते तो आदमी सच बोलता है। अब दूसरा चीज के ऊपर मैं आता हूँ कि जो रावण था मैं बहुत लंबी स्टोरी तो नहीं बताऊंगा। रावण भी विष्णु भगवान जी का पिछले जन्म में द्वारपाल द्वारपाल रह चुके हैं। जया और विजय द्वारपाल ही तो थे। बिल्कुल बिल्कुल। उनको और रावण तो हिरण्यकश्यप हिरण्यकश्यप। बिल्कुल बिल्कुल।
सब यही चीज और दूसरी मैं ये बताना चाहता हूँ। आप भगवान के द्वारपाल की साधना कर रहे हैं। कोई गलत चीज तो नहीं है। गलत चीज नहीं कर रहे भाई। मेरा तो काम वो है जो चीजें लुप्त हो रही है आपको बतानी।
मैं जो मंत्र बता रहा हूँ इस वेबसाइट लेख में बता रहा हूँ वो 100% हमने किए हुए हैं। हम कोई किताबी ज्ञान नहीं पेलने आ रहे यहाँ से मंत्र उठाया यह बता दिया। विधि कुछ ज्ञान बिलकुल बिलकुल। तो हम चाइना का माल नहीं बेच रहे यहाँ पे।
एक सवाल और है जी जी लोगों का कि जो हम पूजा पाठ सिंपल करते हैं प्रभु श्री राम जी का या फिर हम हनुमान जी का तो वो साथ में कर सकते हैं या उनको छोड़ना पड़ेगा? कर सकते हो, कर सकते हो। करोगे, कर सकते हो। जो मैंने आपको विधि बताई बिल्कुल सिंपल सात्विक विधि। हम जो पूजा पाठ कर रहे हैं तो वो भी हम कर सकते हैं। कर सकते हो भाई।
आप करोगे आप करोगे। क्यों करोगे? आपके मन में वो इतना प्रेम जगाएगा। आप जितने मेरे यार दोस्तों को मैंने सिद्ध करी। हज़ार से ऊपर के लोगों को लगा लो। मैंने ये उपाय बताए। मैंने तो उनके घर में कोई क्लेश आलतू-फालतू का नहीं। चलो घरों में छोटा-मोटा क्लेश चलता है। लेकिन जैसा बताते हैं रावण बन गया। रावण का असर हो गया। कोई नहीं।
वो पाँव पड़कर बोलते हैं कि आपने हमारा जीवन सँवार दिया। जी बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। इससे बड़ा तो नहीं और कोई दान होता। दूसरी चीज मैं आपको यहाँ और चीज बताता हूँ। रावण जितना शिव भक्त कोई भी नहीं था। जी कोई नहीं हुआ।
भगवान उनके उसने तो सिर काट के शिव जी के आगे रख दिए थे। बताता हूँ भगवान शंकर थे उनके गुरु। गुरु तो भगवान शंकर ने बोला था, तू मेरा चेला है।
ऐसा चेला मैंने कभी किसी को बनाया नहीं लेकिन तू बनेगा। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। बहुत सारी विद्याएँ उन्होंने सिखाई। लाल किताब उनसे तो निकली है। लाल किताब के जनक कौन थे? भगवान सूर्य के जो सारथी थे वो थे। उन्होंने आगे कहाँ से ली? रावण से तो ली।
रावण ने उनसे आगे ली है। कहाँ से? जब वो ब्राह्मण था। ब्राह्मण रूप को धारण किए हुए था। राक्षस नहीं था वो सब। ये बातें बहुत बड़ी होती। इसके लिए कभी और टॉपिक करेंगे। दशहरे पे उपाय करो। बिल्कुल।
यहीं पर समाप्त करते हैं। जी सागरनाथ जी। जी रुद्रनाथ जी बहुत-बहुत धन्यवाद। आपका धन्यवाद जी आपका। जय माता की। जय श्री महाकाल जी। जय माता दी।
दिवाली की रात और तंत्र: Tantra Sadhana on Diwali Night
दिवाली की रात और तंत्र: Tantra Sadhana on Diwali Night
अरे दोस्त, दिवाली का नाम सुनते ही हमारे माइंड में क्या आता है? दीये, लक्ष्मी पूजा, मिठाइयाँ और ढेर सारी खुशियाँ, है ना? लेकिन, जनाब, दिवाली की रात का एक और पहलू (aspect) भी है जो थोड़ा गहरा और रहस्यमय (mysterious) है—वो है तंत्र!
सच बताऊँ, यह सिर्फ एक त्यौहार नहीं है, बल्कि एनर्जी का एक ऐसा ‘महापर्व’ है जब ब्रह्मांड (universe) की शक्तियाँ एक ख़ास तरीके से काम करती हैं। भई, इस रात को तंत्र साधकों(Tantra practitioners) के लिए ‘सिद्ध काल’ कहा जाता है। हमें इसकी पॉवर को फील करना चाहिए। सुनो, मैं तुम्हें बताऊंगा कि यह रात इतनी स्पेशल क्यों है और तंत्र में इसका क्या महत्व (importance) है।
दिवाली की रात और तंत्र (Diwali Ki Raat Aur Tantra)
दिवाली की रात, जिसे महानिशा भी कहते हैं, सिद्धियों (spiritual attainments) को प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम टाइम मानी जाती है। तुम सोचो न, यह रात अमावस्या की होती है, जब चाँद की रोशनी (light) बिल्कुल नहीं होती।
वैसे, अमावस्या को तंत्र में बहुत शक्तिशाली (powerful) माना जाता है, और जब यह दिवाली के साथ मिलती है, तो इसकी एनर्जी कई गुना बढ़ जाती है।
साधकों (Sadhaks) के लिए, यह रात शुभ (auspicious) मानी जाती है क्योंकि महालक्ष्मी और महाकाली दोनों की पूजा का टाइम होता है। हम यह सब क्यों करते हैं? ताकि हम आर्थिक (financial) और आध्यात्मिक (spiritual) दोनों तरह की पॉवर और संपत्ति (wealth) को प्राप्त कर सकें।
दिवाली क्यों है तंत्र साधना के लिए ख़ास? (Diwali Kyon Hai Tantra Sadhana Ke Liye Khaas?)
अरे वाह, यह सवाल हर किसी के माइंड में आता है! जरा सोचो, दिवाली अमावस्या की रात को पड़ती है। ठीक है न?
अमावस्या की ऊर्जा (Amavasya Ki Urja):तंत्र में माना जाता है कि अमावस्या की रात को पृथ्वी (Earth) पर एक ख़ास एनर्जीलेवल होता है। यह लेवल इतना पॉजिटिव (positive) होता है कि साधकों को उनके ध्यान (meditation) और मंत्र जप (mantra chanting) में जल्दी सक्सेस (success) मिलती है।
महानिशा काल (Mahanisha Kaal):दिवाली की रात को महानिशा कहते हैं। इसका मतलब है ‘महान रात’। यह वो टाइम है जब देवी शक्ति सबसे ज्यादा जागृत (awakened) होती हैं।
लक्ष्मी का आगमन (Lakshmi Ka Aagman):भाई, हम सब जानते हैं कि दिवाली पर महालक्ष्मीधरती पर भ्रमण (travel) करती हैं। तंत्र का एक हिस्सा (part) धन और समृद्धि (prosperity) से भी जुड़ा है, जिसके लिए लक्ष्मी की साधना की जाती है। आप भी फील करेंगे कि इस रात में कुछ तो खास है, मानते हो न?
महालक्ष्मी, काली और अन्य ‘देवी शक्ति’ का कनेक्शन (Mahalakshmi, Kali Aur Anya ‘Devi Shakti’ Ka Connection)
वैसे तो, लोग दिवाली को लक्ष्मीपूजा तक ही सीमित (limited) रखते हैं, लेकिन तंत्र साधकों के लिए यह शक्ति (Shakti) के कई रूपों की पूजा का टाइम है।
महालक्ष्मी (Mahalakshmi):क्या बताऊँ, इनकी पूजा सिर्फ धन के लिए नहीं होती, बल्कि ज्ञान (knowledge), वीरता (bravery), और मोक्ष (salvation) जैसी आठों सिद्धियों के लिए भी होती है।
महाकाली (Mahakali):तुम देखो ना, दिवाली के आस-पास ही काली पूजा भी होती है, ख़ासकर पूर्वी (Eastern) भारत में। महाकाली को नकारात्मकता (negativity), शत्रुओं (enemies) और बुरी एनर्जी को खत्म करने वाली शक्ति माना जाता है। तंत्र में, यह साधनासुरक्षा (protection) और बुराई पर जीत (victory over evil) के लिए की जाती है।
अन्य देवियाँ (Other Goddesses):जरा मानो, सरस्वती (ज्ञान), कुबेर (धन के देवता), और गणेश (बाधाओं को हटाने वाले) की पूजा भी इसी रात की जाती है ताकि साधना में कोई बाधा न आए।
साधकों का मानना है कि इस रात इन देवताओं की पूजा से जल्दी रिजल्ट (result) मिलता है। (अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया पर लक्ष्मी पूजा का आर्टिकल देख सकते हैं)।
तंत्र साधना के लिए कौन सा ‘टाइम’ सही है ? (Tantra Sadhana Ke Liye Kaun Sa ‘Time’ Sahi Hai ?)
भाई जरा, टाइमिंग (timing) बहुत ज़रूरी होती है। जैसे कि, साधना हमेशा शुभ मुहूर्त (auspicious time) में ही करनी चाहिए।
निशीथ काल (Nishith Kaal):सच कहूँ, तंत्र के लिए सबसे उत्तम टाइमरात के मध्य (middle) का होता है, जिसे निशीथ काल कहते हैं। यह टाइम करीब आधी रात (midnight) के आस-पासशुरू होता है। इस टाइम में वायुमंडल (atmosphere) सबसे शांत (calm) होता है और साधकों का ध्यान (concentration) आसानी से लग जाता है।
चौघड़िया और लगन (Choghadiya Aur Lagan):तुम समझो, कई साधकचौघड़िया और लग्न (planetary positions) देखकर भी साधना का टाइमतय करते हैं। शुभ और अमृत के चौघड़िया को पूजा के लिए अच्छा माना जाता है, जबकि रोग और काल के चौघड़िया से बचना चाहिए।
मान लो न, निशीथ काल में किया गया हर जाप (chanting) कई गुना ज्यादा पॉवरफुल होता है। इसीलिए, साधक इस टाइम का इंतजार करते हैं।
‘साधकों’ के लिए ज़रूरी चीज़ें और ‘टिप्स’ (Sadhakon Ke Liye Zaruri Cheezein Aur ‘Tips’)
अरे भाई, साधना कोई मजाक नहीं है, इसके लिए पूरा प्रिपरेशन (preparation) चाहिए! हम सबको कुछ बेसिक टिप्स का ध्यान रखना पड़ेगा।
शुद्धता (Purity):सबसे पहले तो शारीरिक और मानसिक शुद्धताज़रूरी है। स्नान (bath) करें और साफ (clean) कपड़ेपहनें। यार, मन में भी कोई बुरा विचार नहीं होना चाहिए।
आसन (Aasan):साधना के लिए आसन बहुत मायने (matter) रखता है। तुम मानो न, लाल या काला ऊनी आसन (wool mat) उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह पृथ्वी की एनर्जी को संतुलित (balance) रखता है।
यंत्र और माला (Yantra Aur Mala):लक्ष्मी या काली यंत्र (mystic diagram) को स्थापित (establish) करें। पूजा में सही माला (rosary) का इस्तेमालकरें, जैसे कमल गट्टे की मालालक्ष्मी के लिए। जरा सोच के देखो, सही सामान से कामआसान हो जाएगा।
दिशा (Direction):पूजा करते टाइममुँह (face) पूर्व (East) या उत्तर (North) की तरफ होना चाहिए।
अरे सुनो, मंत्र का सही उच्चारण (pronunciation) और पूरी श्रद्धा (devotion) के साथ जापकरना ही सच्ची साधना है।
तो क्यातंत्र सिर्फ साधकों के लिए है ? नॉर्मल (normal) लोग क्या करें ?
देखो ना, तंत्र साधना एक गहरा और संवेदनशील (sensitive) विषय है। अगर आपको ज्ञान और गुरु का आशीर्वाद नहीं है, तो खुद से गहरी साधनाशुरू नहीं करनी चाहिए।
सावधानी (Caution):हे ईश्वर, गलत साधना या गलत इरादों (intentions) से की गईसाधनानुकसान (harm) दे सकती है। इसलिए सेफ्टी बहुत ज़रूरी है। देखा आपने, साधक हमेशा किसी गुरु की शरण (shelter) में ही साधना करते हैं।
नॉर्मल लोगों के लिए (For Normal People):चलो अच्छा है, हम नॉर्मल लोगदिवाली की रात को सात्विक (pure) तरीके से महालक्ष्मी की पूजा करें। घर को साफ रखें, दीयेजलाएं, और महालक्ष्मी मंत्रों का जपकरें। यहभी तो एक तरीके की साधना है, जो आपकोशांति (peace) और समृद्धिदेगी। आपका यह छोटा सा प्रयासभी बहुत शक्तिशालीहोगा।
सच में, दिवाली की रात एक वरदान (blessing) है। इसेसमझदारी और सकारात्मकता (positivity) के साथ यूजकरना चाहिए। (आप ट्रस्टेड वेबसाइट पर तंत्र और साधना के बारे में और पढ़ सकते हैं।)
अरे वाह भई, तो यह थी दिवाली की रात और तंत्र की पूरी जानकारी। यह रात पॉवर और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी है। तुम सोचो न, अगर हम सही तरीके से इस एनर्जी का इस्तेमाल करें तो जीवन में कितना बड़ाबदलाव (change) आएगा।
हम बस यही कहेंगे कि आप भी इस रात को सिर्फपार्टी (party) में ही वेस्ट न करें। थोड़ा टाइमध्यान या पूजा को भीदीजिए।
क्या ख़याल है? मज़ा आया न? समझ गए न कि दिवाली की रात क्यों इतनी खास है? मान लोगे न?
लिंग भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life)
लिंग भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life)
पाठक दोस्तों,
लिंग भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life) अरे वाह भई, आज हम एक बहुत ही खास और पावरफुल टॉपिक पर बात करने वाले हैं – लिंग भैरवी यंत्र। देखो, इस मॉडर्न दुनिया में हम सब बहुत बिजी रहते हैं। स्ट्रेस, टेंशन और नेगेटिविटी हमारी लाइफ का हिस्सा बन गई है। ऐसे में, हमें कुछ तो ऐसा चाहिए जो हमें इन सब से दूर रख सके, है ना?
यह जो लिंग भैरवी यंत्र है, भाई, यह सिर्फ कोई नॉर्मल चीज नहीं है। यह एक ऐसी ज्योमेट्री है, एक ऐसा टूल है जो सीधे देवी लिंग भैरवी की शक्ति से जुड़ा है। यह आपको एक पॉजिटिव एनर्जी देता है और आपकी जिंदगी की प्रॉब्लम्स को कम करने में हेल्प करता है। सच कहूँ तो, यह एक तरह का पर्सनल डिवाइन कनेक्शन है जो आप अपने घर में स्थापित कर सकते हैं।
तो चलिए, आज इस यंत्र के बारे में डिटेल में जानते हैं, ठीक है क्या?
Linga Bhairavi Yantra Kya Hai ? (लिंग भैरवी यंत्र क्या है ?)
अरे भाई, देखो, लिंग भैरवी यंत्र देवी लिंग भैरवी का ही एक रूप है, जिसे एक खास ज्योमेट्रिकल डिज़ाइन में कैद किया गया है। यह यंत्र एक तरह का कॉपर प्लेट है जिस पर देवी की ऊर्जा को स्थापित किया जाता है। कहोगे तो, इसे एक तरह का एनर्जी डिवाइस भी कह सकते हैं। यह यंत्र आपकी लाइफ में एक फोकस और बैलेंस लाता है।
यह यंत्र उन लोगों के लिए बहुत हेल्पफुल है जो देवी की कृपा चाहते हैं लेकिन मंदिर जाकर रोजाना पूजा नहीं कर सकते। तुम समझो ना, यह एक तरह से देवी को अपने घर पर इनवाइट करने जैसा है। यह आपके घर के माहौल को ही बदल देता है, उसमें एक शांति और शक्ति भर देता है।
Devi Linga Bhairavi Ka Parichay (देवी लिंग भैरवी का परिचय)
जरा सोचो, यह यंत्र जिस देवी का है, वो कौन हैं? वैसे तो, देवी लिंग भैरवी को आदि शक्ति, यानी प्राइमल फेमिनिन एनर्जी का एक रूप माना जाता है। वह त्रिमूर्ति – ब्रह्मा, विष्णु, महेश – की तरह ही सृष्टि, स्थिति और संहार (क्रिएशन, प्रिजर्वेशन और डिस्ट्रक्शन) की शक्ति रखती हैं।
सच बताऊँ, देवी भैरवी को जीवन के सभी पहलुओं को छूने वाली शक्ति के रूप में देखा जाता है। वह भौतिक खुशियां भी देती हैं और आध्यात्मिक ग्रोथ भी। उनका रूप जितना उग्र है, उतना ही करुणामय भी है। तो, अगर आप उनकी शरण में जाते हैं, तो वह आपको हर तरह से सपोर्ट करती हैं।
Yantra Ka Mahatva Aur Uddeshya (यंत्र का महत्व और उद्देश्य)
अरे देखो, कोई भी यंत्र सिर्फ एक डिज़ाइन नहीं होता। यह एक साइंटिफिक टूल होता है, जो कॉस्मिक एनर्जी को अट्रैक्ट करके उसे एक जगह पर फोकस करता है। तुम मानो ना, यह एक तरह का एंटीना है जो ब्रह्मांड की शक्तियों को ग्रहण करता है।
लिंग भैरवी यंत्र का मुख्य उद्देश्य आपके घर या ऑफिस को एक पॉजिटिव एनर्जी फील्ड में बदलना है। यह नेगेटिव एनर्जी और बुरी नजर से बचाता है। जैसे कि, अगर आपके घर में अक्सर लड़ाई-झगड़े होते हैं, या कोई बीमारी ठीक नहीं हो रही, तो यह यंत्र एक शील्ड की तरह काम करता है।
Linga Bhairavi Yantra Ke Adbhut Labh (लिंग भैरवी यंत्र के अद्भुत लाभ)
क्या बताऊँ, इस यंत्र के बेनिफिट्स इतने सारे हैं कि शायद एक पोस्ट में पूरे कवर न हो पाएँ। लेकिन, कुछ मेन बेनिफिट्स मैं जरूर बताऊँगा।
1. आध्यात्मिक लाभ (Spiritual Benefits):
मेडिटेशन (Meditation) में सहायता: यह यंत्र ध्यान करने वालों के लिए बहुत फायदेमंद है। यह आपके माइंड को शांत करके फोकस करने में मदद करता है।
आध्यात्मिक ग्रोथ: यह आपकी आध्यात्मिक जर्नी को तेज करता है। आपको अपने हायर सेल्फ से कनेक्ट होने में हेल्प फील होगी।
अवेयरनेस (Awareness) में वृद्धि: यह आपको और ज्यादा जागरूक बनाता है, जिससे आप लाइफ को एक नए पर्सपेक्टिव से देख पाते हैं।
2. भौतिक लाभ (Material Benefits):
समृद्धि और धन (Prosperity and Wealth):यह यंत्र धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। बहुत से लोगों ने इसका अनुभव किया है कि उनके फाइनेंशियल ब्लॉकेजेस दूर हो गए।
संबंधों में सुधार: अगर आपके रिलेशनशिप्स में प्रॉब्लम है, तो यह यंत्र उन प्रॉब्लम्स को ठीक करने में भी मदद कर सकता है।
स्वास्थ्य में सुधार:अरे मानते हो, यह आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ को भी बेहतर बनाता है।
3. भावनात्मक लाभ (Emotional Benefits):
शांति और सुकून: यह यंत्र घर में एक पॉजिटिव वाइब और शांति लाता है। आपको एक सुकून फील होगा।
कॉन्फिडेंस (Confidence) में वृद्धि: यह आपकी हिम्मत और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
नेगेटिविटी (Negativity) से बचाव:यार, यह हर तरह की नेगेटिव एनर्जी से एक मजबूत दीवार की तरह बचाता है।
Linga Bhairavi Yantra Ko Sthapit Karne Ka Tarika (लिंग भैरवी यंत्र को स्थापित करने का तरीका)
तो, इस यंत्र को बस खरीदकर रख नहीं देना है, बल्कि इसे सही तरीके से स्थापित करना पड़ेगा। मान लो, इसका एक सिंपल सा प्रोसेस है।
1. जगह का चुनाव: इसे अपने घर के पूजा स्थान या लिविंग रूम में किसी साफ-सुथरी जगह पर रखें। कोशिश करें कि यह नॉर्थ-ईस्ट डायरेक्शन में हो, जो वास्तु के हिसाब से बेस्ट माना जाता है।
2. साफ-सफाई: इसे हमेशा साफ रखें। इसे गीले कपड़े से पोंछने के बजाय, साफ, सूखे कपड़े से साफ करें।
3. मंत्र जप: भाई सोचो, जब भी आप इसे स्थापित करें, तो कुछ देर देवी का ध्यान करें या उनके मंत्र “ॐ लिंग भैरवी” का जप करें। यह यंत्र को और ज्यादा चार्ज करता है।
Linga Bhairavi Yantra Ke Vibhinn Prakar (लिंग भैरवी यंत्र के विभिन्न प्रकार)
जरा देख लो, Linga Bhairavi Yantra भी कई तरह के होते हैं, ताकि हर कोई अपनी जरूरत के हिसाब से इसे ले सके।
1. Linga Bhairavi Avighna Yantra:
यह एक छोटा यंत्र है, जो अक्सर लोग अपने डेस्क, ऑफिस या दुकान में रखते हैं। कहने का मतलब, यह रुकावटों को दूर करता है और काम में सक्सेस लाता है।
2. Linga Bhairavi Gudi:
यार, यह एक तरह का एनर्जी फॉर्म है जो घर के मुख्य द्वार पर लगाया जाता है। यह घर में नेगेटिव एनर्जी को आने से रोकता है और पॉजिटिविटी को बढ़ाता है।
3. Linga Bhairavi Yantra:
यह सबसे कॉमन और पावरफुल फॉर्म है, जिसे घर में पूजा स्थान पर स्थापित किया जाता है। भाई मान लो, यह आपके घर के एनर्जी फील्ड को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर देता है।
Linga Bhairavi Yantra Ke Bare Mein Galatfahami (लिंग भैरवी यंत्र के बारे में गलतफहमी)
तुम समझो, कुछ लोग सोचते हैं कि यह कोई जादू है। नहीं, ऐसा नहीं है। यह कोई मैजिक नहीं है जो पलक झपकते ही आपकी सारी प्रॉब्लम्स सॉल्व कर देगा। यह एक टूल है जो आपकी लाइफ में सही एनर्जी लाता है। आपको भी अपनी तरफ से एफर्ट्स करते रहना पड़ेगा। तो, बस यंत्र लगाकर बैठ मत जाना, काम करते रहिए।
जैसे कि, यह कोई ऐसा लॉकेट नहीं है जो आपको किसी भी मुश्किल से बचा लेगा। बल्कि, यह आपकी इंटरनल स्ट्रेंथ को बढ़ाता है ताकि आप खुद अपनी प्रॉब्लम्स को फेस कर सकें।
Linga Bhairavi Yantra vs. Murti (लिंग भैरवी यंत्र बनाम मूर्ति)
जरा बताओ तो, बहुत से लोग सोचते हैं कि यंत्र और मूर्ति में क्या फर्क है। वैसे तो, दोनों ही देवी की शक्ति का रूप हैं, लेकिन उनमें एक अंतर है।
यंत्र एक ज्योमेट्रिकल फॉर्म में एनर्जी को चैनल करता है। यह ज्यादा साइंटिफिक और स्ट्रक्चर्ड है।
मूर्ति देवी के एक खास रूप को दर्शाती है। यह ज्यादा इमोशनल और भक्ति वाली होती है।
सच कहूँ, कुछ लोग यंत्र से ज्यादा कनेक्ट कर पाते हैं, जबकि कुछ मूर्ति से। यह आपकी पर्सनल फीलिंग पर डिपेंड करता है, क्या कहते हो?
Linga Bhairavi Yantra Kahan Se Prapt Karein? (लिंग भैरवी यंत्र कहाँ से प्राप्त करें?)
देखो ना, इस यंत्र को आप ईशा फाउंडेशन की ऑफिशियल वेबसाइट या उनके सेंटर्स से ले सकते हैं। यह बहुत जरूरी है कि आप इसे किसी ट्रस्टेड सोर्स से ही लें ताकि यह असली हो और उसमें सही एनर्जी स्थापित हो। अरे मान लो न, किसी भी लोकल स्टोर से लिया गया यंत्र उतना असरदार नहीं होगा।
सारांश और अंतिम विचार
तो भाई, आखिर में मैं यही कहूँगा कि लिंग भैरवी यंत्र सिर्फ एक तांबे की प्लेट नहीं है। यह एक ऐसी शक्ति का प्रतीक है जो आपकी लाइफ को पूरी तरह से पॉजिटिव बना सकती है। यह आपको सही दिशा दिखाने में हेल्प करता है, आपकी प्रॉब्लम्स को कम करता है और आपको अंदर से स्ट्रांग बनाता है।
यह एक ऐसा इन्वेस्टमेंट है जो आपकी आध्यात्मिक और भौतिक दोनों तरह की ग्रोथ में काम आता है। तो क्या, अगर आपको अपनी लाइफ में कुछ अच्छा बदलाव चाहिए, तो इस यंत्र को अपनाना एक बहुत अच्छा डिसीजन हो सकता है।
लिंग भैरवी यंत्र: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)
अरे वाह भई, देखो, Linga Bhairavi Yantra के बारे में लोगों के मन में बहुत सारे सवाल होते हैं। यहाँ हमने 30 ऐसे सवालों के जवाब दिए हैं जो आप अक्सर फील करते होंगे या सोचते होंगे, ठीक है क्या?
Q: लिंग भैरवी यंत्र क्या है ?
A: अरे भाई, यह देवी लिंग भैरवी की ऊर्जा से चार्ज किया हुआ एक खास ज्योमेट्रिकल डिज़ाइन है जो एक कॉपर प्लेट पर बना होता है। यह एक एनर्जी टूल है।
Q: यह किस काम आता है?
A: देखो ना, यह आपके घर या ऑफिस में पॉजिटिव एनर्जी लाता है और नेगेटिविटी को हटाता है, जिससे जीवन में शांति और संतुलन आता है।
Q: देवी लिंग भैरवी कौन हैं?
A: यार, देवी लिंग भैरवी को आदि शक्ति का एक रूप माना जाता है, जो जीवन के हर पहलू को छूने वाली शक्ति हैं।
Q: यंत्र और मूर्ति में क्या फर्क है?
A: मान लो, यंत्र एक ज्योमेट्रिकल डिज़ाइन में एनर्जी को फोकस करता है, जबकि मूर्ति देवी का एक विजुअल (देखने वाला) रूप है। दोनों में से आप जिससे भी ज्यादा कनेक्ट करें।
Q: क्या यह सबके लिए है?
A: सच कहूँ, हाँ, कोई भी इंसान इसे ले सकता है, किसी भी धर्म या विश्वास का हो।
Q: यंत्र को कहाँ रखना चाहिए?
A: इसे घर के पूजा स्थान, या किसी साफ और शांत जगह पर, खास करके नॉर्थ-ईस्ट दिशा में रखना सही है न?
Q: क्या इसे साफ करना जरूरी है?
A: हाँ भाई, इसे हमेशा साफ रखना चाहिए। इसे सूखे कपड़े से या हल्के गीले कपड़े से पोंछ सकते हैं।
Q: क्या इसके लिए कोई खास पूजा करनी पड़ती है?
A: नहीं, कोई खास पूजा की जरूरत नहीं है। बस इसे श्रद्धा और सम्मान से रखना काफी है।
Q: क्या यंत्र से जल्दी रिजल्ट मिलता है?
A: तुम देखो ना, यह कोई जादू नहीं है। यह आपकी मदद करता है, लेकिन एफर्ट आपको ही करना पड़ेगा, समझे?
Q: इसके क्या फायदे हैं?
A: क्या बताऊँ, बहुत फायदे हैं। यह शांति, समृद्धि, अच्छी हेल्थ और बेहतर रिलेशनशिप्स लाने में मदद करता है।
Q: क्या यह फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स दूर करता है?
A: अरे मानते हो, यह धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। कई लोगों के ब्लॉकेजेस दूर हुए हैं।
Q: क्या यह हेल्थ में भी मदद करता है?
A: बिलकुल, यह आपके माइंड और शरीर में संतुलन लाता है, जिससे आपकी हेल्थ बेहतर होती है।
Q: क्या इसे ऑफिस में रख सकते हैं?
A: बिल्कुल, आप इसे अपने ऑफिस डेस्क या दुकान में रख सकते हैं, ताकि काम में फोकस बना रहे।
Q: लिंग भैरवी यंत्र कितने प्रकार के होते हैं?
A: जरा देख लो, यह मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं – यंत्र, गुड़ी और अविघ्न।
Q: गुड़ी यंत्र क्या होता है?
A: यार, यह एक ऐसा यंत्र है जिसे घर के मेन गेट पर लगाते हैं, ताकि नेगेटिव एनर्जी घर में न आ सके।
Q: अविघ्न यंत्र क्या है?
A: यह खास करके उन लोगों के लिए है जिनके काम में रुकावटें आती हैं। यह सक्सेस के लिए होता है।
Q: यंत्र को कैसे चार्ज किया जाता है?
A: इसे देवी के मंदिर में खास तरह से चार्ज किया जाता है। आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है।
Q: क्या इसे मंदिर में रखना जरूरी है?
A: नहीं, आप इसे अपने घर में कहीं भी साफ जगह पर रख सकते हैं।
Q: क्या इसे पर्स में रख सकते हैं?
A: नहीं, इसे पर्स में नहीं रखते। इसके लिए खास साधना यंत्र या लॉकेट होते हैं।
Q: क्या इसके लिए कोई खास मंत्र है?
A: हाँ, देवी का मंत्र है “ॐ लिंग भैरवी”। आप इसका जप कर सकते हैं।
Q: इसे कहाँ से खरीदें?
A: देखो जरा, सबसे अच्छा है कि आप इसे ईशा फाउंडेशन की ऑफिशियल वेबसाइट से खरीदें ताकि यह असली हो।
Q: क्या यह महंगा है?
A: इसकी कीमत इसके प्रकार और साइज पर निर्भर करती है। वैसे तो, यह एक वन-टाइम इन्वेस्टमेंट है।
Q: क्या यह कोई जादू-टोना है?
A: अरे बाप रे, बिलकुल नहीं! यह कोई जादू या टोना नहीं है। यह एक साइंटिफिक टूल है जो एनर्जी पर काम करता है।
Q: क्या महिलाएं पीरियड्स के दौरान इसे छू सकती हैं?
A: हाँ, इसे छूने में कोई समस्या नहीं है। यह सिर्फ एक एनर्जी फॉर्म है।
Q: क्या इसे गिफ्ट कर सकते हैं?
A: हाँ, यह किसी को भी एक बहुत अच्छा और मीनिंगफुल गिफ्ट हो सकता है।
Q: क्या इससे डरना चाहिए?
A: नहीं, बिलकुल नहीं। देवी भैरवी उतनी ही करुणामय हैं, जितनी शक्तिशाली। यह सिर्फ आपकी भलाई के लिए है।
Q: अगर यंत्र टूट जाए तो क्या करें?
A: तो, अगर यह टूट जाए, तो उसे किसी पवित्र नदी या झील में प्रवाहित कर सकते हैं।
Q: क्या इसे बच्चों के कमरे में रख सकते हैं?
A: हाँ, बच्चों के कमरे में रखने से उनका फोकस और मन शांत रहता है।
Q: क्या इसे किसी और पूजा के लिए यूज कर सकते हैं?
A: यह खुद में ही एक पूर्ण शक्ति है। इसे किसी और पूजा के लिए मिक्स न करें।
Q: क्या यंत्र को साफ करने का कोई खास दिन है?
A: नहीं, कोई खास दिन नहीं है। जब भी आपको गंदा लगे, उसे साफ कर सकते हैं। क्या समझे?
दुकान में बरकत के उपाय: 10+ अचूक टोटके और मंत्र (Dukan me Barkat ke Upay: 10+ Achuk Totke aur Mantra)
दुकान में बरकत के उपाय: 10+ अचूक टोटके और मंत्र (Dukan me Barkat ke Upay: 10+ Achuk Totke aur Mantra)
दुकान में बरकत के उपाय: 10+ अचूक टोटके और मंत्र (Dukan me Barkat ke Upay: 10+ Achuk Totke aur Mantra) अरे यार, क्या आपका बिजनेस ठीक से नहीं चल रहा? क्या आपको महसूस (Feel) हो रहा है कि दुकान पर ग्राहक नहीं आ रहे और बिक्री एकदम डाउन (Down) हो गई है? भाईसाहब, टेंशन (Tension) लेने की कोई बात नहीं है।
देखो, कभी-कभी ऐसा होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम हार मान लें। जनाब, आज हम आपको कुछ ऐसे जबरदस्त उपाय, मंत्र और टोटके बताएंगे, जिनसे आपकी दुकान में बरकत ही बरकत होगी और आपका बिजनेस (Business) रॉकेट की तरह चल पड़ेगा। तो चलिए, बिना किसी देरी के शुरू करते हैं।
दुकान में बरकत के उपाय (Dukan me Barkat ke Upay)
अच्छा तो, सबसे पहले बात करते हैं दुकान में बरकत लाने के कुछ अचूक उपायों की। देखो, ये उपाय बहुत सिंपल (Simple) हैं लेकिन इनका असर बहुत पावरफुल (Powerful) होता है।
साफ-सफाई का रखें खास ध्यान:
भाई, सबसे पहली और जरूरी चीज है दुकान की साफ-सफाई। मानते हो न? एक साफ-सुथरी जगह पर पॉजिटिव एनर्जी (Positive Energy) का फ्लो (Flow) बना रहता है और माँ लक्ष्मी को भी साफ-सफाई बहुत पसंद है। अपनी दुकान को हमेशा एकदम क्लीन (Clean) रखें। रोजाना सुबह दुकान खोलने के बाद अच्छे से झाड़ू-पोंछा लगाएं। जाले वगैरह बिल्कुल न लगने दें। सच बताऊँ, अगर दुकान का एंट्रेंस (Entrance) ही गंदा होगा तो कस्टमर (Customer) अंदर आने से पहले ही दस बार सोचेगा।
पूजा-पाठ का नियम बनाएं:
जी, दुकान में एक छोटा सा मंदिर जरूर बनाएं। आप अपने इष्टदेव की फोटो (Photo) या मूर्ति स्थापित कर सकते हैं। रोज सुबह दुकान खोलने के बाद धूप-दीप जलाकर पूजा करें। इससे एक पॉजिटिव माहौल बनता है। आप चाहें तो गायत्री मंत्र या कोई और मंत्र का जाप भी कर सकते हैं। इससे मन को शांति मिलती है और काम में भी मन लगता है, सही है न?
कैश बॉक्स (Cash Box) या गल्ले का उपाय:
अरे सुनो, आपका गल्ला या कैश बॉक्स कभी खाली नहीं रहना चाहिए। उसमें हमेशा कुछ न कुछ पैसे जरूर रखें। रात को दुकान बंद करते समय गल्ले में एक રૂપિયા का सिक्का जरूर छोड़कर जाएं। इसके अलावा, आप अपने गल्ले में एक श्री यंत्र, गोमती चक्र या लाल कपड़े में बंधी कौड़ियां भी रख सकते हैं। कहते हैं कि ये चीजें पैसे को अपनी ओर खींचती हैं।
मुख्य द्वार (Main Gate) का उपाय:
दुकान का मेन गेट (Main Gate) बहुत इंपॉर्टेंट (Important) होता है। इसके दोनों तरफ सिंदूर से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं। यह बहुत शुभ माना जाता है। आप चाहें तो दरवाजे पर आम के पत्तों का तोरण भी लगा सकते हैं। इससे नेगेटिव एनर्जी (Negative Energy) दुकान में एंटर (Enter) नहीं कर पाती।
दुकान में ग्राहक बढ़ाने के मंत्र (Dukan me Grahak Badhane ke Mantra)
दुकान पर किसी ने कुछ किया है कैसे पता करें (Dukan par kisi ne kuch kiya hai kaise pata kare)
भाई देख, कभी-कभी उपायों के साथ-साथ मंत्रों का जाप भी बहुत इफेक्टिव (Effective) होता है। ये मंत्र एक तरह की कॉस्मिक एनर्जी (Cosmic Energy) को अट्रैक्ट (Attract) करते हैं, जिससे आपके ग्राहक बढ़ने लगते हैं।
लक्ष्मी बीज मंत्र:
यह मंत्र माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्रों में से एक है।
मंत्र है –
ॐह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः॥
(Om Hreem Shreem Lakshmibhyo Namah)
आपको बस रोज सुबह दुकान में पूजा के समय इस मंत्र का 108 बार जाप करना है। जरा सोचो, अगर माँ लक्ष्मी की कृपा हो गई तो ग्राहकों की लाइन (Line) लग जाएगी, है ना?
व्यापार वृद्धि मंत्र:
यह मंत्र खास बिजनेस (Business) में तरक्की के लिए ही है।
इस मंत्र का जाप भी आप रोज कर सकते हैं। शुरुआत में थोड़ा मुश्किल लगेगा, लेकिन धीरे-धीरे आदत पड़ जाएगी।
ग्राहक आकर्षण मंत्र:
यह मंत्र ग्राहकों को आपकी दुकान की तरफ खींचने का काम करता है।
मंत्र है –
ॐ महालक्ष्मी चविद्महे विष्णुपत्नी च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्॥
(Om Mahalakshmi Cha Vidmahe Vishnupatni Cha Dhimahi Tanno Lakshmi Prachodayat)
इस मंत्र का जाप करते समय मन में यह भाव रखें कि ज्यादा से ज्यादा कस्टमर आपकी दुकान पर आ रहे हैं। पॉजिटिव सोच बहुत मैटर (Matter) करती है, समझे?
दुकान में टोटका (Dukan me Totka)
अरे भाई, अब कुछ लोग इन चीजों को मानते हैं, कुछ नहीं मानते। लेकिन सच बताऊँ, ये टोटके सदियों से चले आ रहे हैं और बहुत से लोगों को इनसे फायदा भी हुआ है। इन्हें आजमाने में कोई हर्ज नहीं है, क्या कहते हो?
नींबू-मिर्च का टोटका:
यह सबसे कॉमन (Common) और जाना-माना टोटका है। आपको शनिवार के दिन एक नींबू और सात हरी मिर्च को एक धागे में पिरोकर अपनी दुकान के मेन गेट पर लटकाना है। माना जाता है कि यह नजर दोष से बचाता है और नेगेटिव एनर्जी को दूर रखता है। जब यह सूख जाए तो इसे बदल दें।
सरसों के तेल का दीया:
शनिवार की शाम को दुकान बंद करने के बाद, एक पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीया जलाएं। दीया जलाने के बाद पीछे मुड़कर न देखें और सीधे घर आ जाएं। यह उपाय बिजनेस में आ रही बाधाओं को दूर करता है।
घोड़े की नाल:
अगर आपको कहीं से घोड़े की नाल मिल जाए, खासकर काली घोड़े की, तो उसे शनिवार के दिन अपनी दुकान के मेन गेट के ऊपर ‘U’ शेप (Shape) में लगा दें। माना जाता है कि इससे शनिदेव की कृपा बनी रहती है और दुकान बुरी नजर से बची रहती है।
दुकान में फिटकरी के उपाय (Dukan me Fitkari ke Upay)
दुकान में बरकत के उपाय: 10+ अचूक टोटके और मंत्र (Dukan me Barkat ke Upay: 10+ Achuk Totke aur Mantra)
ओहो जी, फिटकरी सिर्फ पानी साफ करने के काम ही नहीं आती। वास्तु और ज्योतिष में इसके कई कमाल के उपाय बताए गए हैं, जो दुकान की तरक्की के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।
नजर दोष के लिए:
अगर आपको लगता है कि आपकी दुकान को किसी की नजर लग गई है, तो एक काले कपड़े में थोड़ी सी फिटकरी बांधकर उसे दुकान के मेन गेट पर लटका दें। यह हर तरह की नेगेटिव एनर्जी और नजर दोष को सोख लेती है।
वास्तु दोष दूर करने के लिए:
अगर आपकी दुकान में कोई वास्तु दोष है, तो एक कांच की कटोरी में फिटकरी के कुछ टुकड़े भरकर उसे दुकान के किसी कोने में रख दें। इस फिटकरी को हर महीने बदलते रहें। यह उपाय दुकान के वास्तु दोष को कम करने में हेल्प (Help) करता है।
धन वृद्धि के लिए:
बुधवार के दिन फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा लेकर उसे पान के पत्ते में लपेटें और फिर इसे कलावे से बांध दें। इसके बाद इसे अपने गल्ले या कैश बॉक्स में रख दें। इससे पैसों में बरकत होती है और बिक्री भी बढ़ती है। क्या ख़याल है?
दुकान में बिक्री कैसे बढ़ाए (Dukan me Bikri Kaise Badhaye)
भाईसाहब, टोटकों और उपायों के साथ-साथ कुछ प्रैक्टिकल (Practical) तरीके भी अपनाने पड़ते हैं। आखिर बिजनेस चलाने के लिए स्मार्ट वर्क (Smart Work) भी तो जरूरी है, सही है न?
कस्टमर सर्विस पर ध्यान दें:
जनाब, कस्टमर भगवान का रूप होता है। हमेशा अपने ग्राहकों से प्यार से और इज्जत से बात करें। उनकी जरूरतों को समझें और उन्हें बेस्ट प्रोडक्ट (Best Product) और सर्विस (Service) दें। अगर कस्टमर खुश होकर जाएगा, तो वह दोबारा भी आएगा और चार लोगों को और बताएगा।
डिस्काउंट और ऑफर्स (Discount and Offers):
समय-समय पर अपनी दुकान में कुछ डिस्काउंट या ऑफर्स चलाते रहें। जैसे ‘बाय वन गेट वन फ्री’ (Buy One Get One Free) या ‘20% ऑफ’ (20% Off)। इससे नए ग्राहक आपकी दुकान की तरफ अट्रैक्ट होते हैं।
ऑनलाइन बनें (Go Online):
आजकल जमाना डिजिटल (Digital) है। अपनी दुकान को ऑनलाइन ले जाएं। आप व्हाट्सएप (WhatsApp), फेसबुक (Facebook) या इंस्टाग्राम (Instagram) पर अपना पेज (Page) बना सकते हैं। अपने प्रोडक्ट्स की अच्छी-अच्छी फोटो डालें और लोगों तक पहुंचाएं। इससे आपकी पहुंच बढ़ेगी।
दुकान का डिस्प्ले (Display) सुधारें:
आपकी दुकान का डिस्प्ले ऐसा होना चाहिए कि ग्राहक उसे देखकर ही अंदर आने पर मजबूर हो जाए। अपनी बेस्ट सेलिंग (Best Selling) आइटम्स को सामने रखें। दुकान में अच्छी लाइटिंग (Lighting) का इस्तेमाल करें।
मेरी दुकान नहीं चल रही है कोई उपाय बताइए / बंधी दुकान खोलने के उपाय (Meri Dukan Nahi Chal Rahi Hai Koi Upay Bataiye / Bandhi Dukan Kholne ke Upay)
अरे दोस्त, अगर आपको लगता है कि आपकी दुकान किसी ने बांध दी है या किसी की बुरी नजर की वजह से बिल्कुल नहीं चल रही है, तो घबराएं नहीं। कुछ उपाय हैं जो इस ‘बंधन’ को तोड़ सकते हैं।
गोमती चक्र का उपाय:
11 गोमती चक्र लेकर उन्हें लाल कपड़े में बांधें। फिर इसे दुकान के मेन गेट पर ऐसी जगह लटकाएं कि ग्राहक उसके नीचे से होकर गुजरें। माना जाता है कि इससे दुकान पर लगी नजर या किया-कराया दूर हो जाता है।
राई का उपाय:
रविवार के दिन थोड़ी सी पीली सरसों या राई लेकर उसे पूरे दुकान में छिड़क दें। फिर अगले दिन सुबह झाड़ू से उसे इकट्ठा करके दुकान से बाहर फेंक दें। यह प्रक्रिया कुछ हफ्तों तक करें। इससे दुकान का बंधन खुल जाता है।
हनुमान जी की शरण:
मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर जाएं और हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें और उनसे अपनी समस्या दूर करने की प्रार्थना करें। हनुमान जी हर संकट को हर लेते हैं, मानते हो न?
दुकान में बरकत के उपाय Islam (Dukan me Barkat ke Upay in Islam)
जी, इस्लाम में भी कारोबार में बरकत के लिए कई दुआएं और तरीके बताए गए हैं।
कुरान की आयतों का इस्तेमाल:
आप अपनी दुकान में ‘आयतुल कुरसी’ या ‘चारों कुल’ की आयतें फ्रेम (Frame) कराकर लगा सकते हैं। इन्हें बहुत पावरफुल माना जाता है और यह हर तरह की बुरी नजर और बला से हिफाजत करते हैं।
दुआ करें:
अल्लाह से अपने कारोबार में बरकत के लिए दुआ करें। हर नमाज के बाद अपनी दुकान और रोजी-रोटी के लिए खास दुआ मांगें। सच बताऊँ, सच्ची दिल से की गई दुआ जरूर कबूल होती है।
सदका (दान) निकालें:
अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें। इस्लाम में सदका देने की बहुत अहमियत है। माना जाता है कि इससे बलाएं टलती हैं और अल्लाह आपकी रोजी में और बरकत अता करता है।
दुकान बढ़ाने के उपाय (Dukan Badhane ke Upay)
भाई, हर कोई चाहता है कि उसका बिजनेस बढ़े, एक दुकान से दो हों, दो से चार हों। इसके लिए भी कुछ उपाय हैं।
उत्तर दिशा को रखें साफ:
वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा होती है। इसलिए, अपनी दुकान की उत्तर दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और खाली रखें। यहां कोई भारी सामान न रखें।
पानी का फव्वारा (Water Fountain):
अगर संभव हो, तो दुकान के उत्तर-पूर्व कोने में एक छोटा सा पानी का फव्वारा रखें। पानी का बहना पैसे के फ्लो को सिंबलाइज (Symbolize) करता है।
सही हिसाब-किताब:
अपने बिजनेस का हिसाब-किताब हमेशा मेंटेन (Maintain) रखें। कितना माल आया, कितना बिका, कितना प्रॉफिट (Profit) हुआ, इन सब का रिकॉर्ड (Record) रखें। इससे आपको अपने बिजनेस को समझने और उसे आगे बढ़ाने की प्लानिंग (Planning) करने में आसानी होगी।
दुकान चलाने के टोटके (Dukan Chalane ke Totke)
चलो, आखिर में कुछ और छोटे-छोटे लेकिन काम के टोटके जान लेते हैं जो दुकान चलाने में आपकी मदद करेंगे।
कर्पूर जलाएं:
रोज शाम को दुकान में कर्पूर (कपूर) जलाएं। इसकी सुगंध से वातावरण शुद्ध होता है और नेगेटिव एनर्जी खत्म होती है।
झाड़ू को छिपाकर रखें:
दुकान में इस्तेमाल होने वाली झाड़ू को कभी भी ऐसी जगह न रखें जहां से वह ग्राहकों को दिखे। इसे हमेशा छिपाकर रखना चाहिए।
मकड़ी का जाला न लगने दें:
दुकान में मकड़ी का जाला लगना बहुत अशुभ माना जाता है। यह गरीबी और दरिद्रता को न्योता देता है। इसलिए, समय-समय पर दुकान की अच्छे से सफाई करते रहें।
निष्कर्ष (Conclusion):
तो भाईसाहब, यह थे कुछ उपाय, मंत्र और टोटके जो आपकी दुकान में बरकत लाने और बिक्री बढ़ाने में आपकी मदद कर सकते हैं। देखो, इन उपायों पर विश्वास करना या न करना आपकी अपनी मर्जी है। लेकिन एक बात तो पक्की है, मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। आप पूरी लगन और ईमानदारी से अपना काम करते रहिए और साथ में इन उपायों को भी आजमाइए। मुझे पूरा यकीन है कि आपको पॉजिटिव रिजल्ट (Positive Result) जरूर मिलेंगे। क्या कहते हो? ठीक बोला न?
घर में किसी ने कुछ किया है कैसे पता करें (Ghar me kisi ne kuch kiya hai kaise pata kare)
घर में किसी ने कुछ किया है कैसे पता करें (Ghar me kisi ne kuch kiya hai kaise pata kare)
घर में किसी ने कुछ किया है कैसे पता करें (Ghar me kisi ne kuch kiya hai kaise pata kare) ph.85280 57364 अरे यार, कभी-कभी घर में सब कुछ अजीब सा लगने लगता है, है ना? मतलब, सब कुछ ठीक चलते-चलते अचानक से प्रॉब्लम्स आने लगती हैं। ऐसे में कई बार मन में यह सवाल आता है कि कहीं घर में किसी ने कुछ किया तो नहीं है? देखो, यह एक बहुत ही सेंसिटिव मामला है और इस पर यकीन करना या न करना आपकी अपनी सोच पर निर्भर करता है। भाई, आज हम इसी टॉपिक पर खुलकर बात करेंगे और जानेंगे कि ऐसी सिचुएशन में क्या-क्या लक्षण हो सकते हैं और आपको क्या करना चाहिए। तो चलिए, शुरू करते हैं।
घर में नेगेटिव एनर्जी के संकेत (Ghar me Negative Energy ke Sanket)
भाईसाहब, अगर आपको ऐसा फील हो रहा है कि घर में कुछ गड़बड़ है, तो कुछ कॉमन बातें हैं जिन पर आप ध्यान दे सकते हैं। ये सिर्फ संकेत हैं, कोई पक्का सबूत नहीं, समझे?
1. परिवार के सदस्यों के व्यवहार में अचानक बदलाव (Family members ke behaviour me achanak badlav)
जी, सबसे पहला और बड़ा साइन यही होता है। मान लो, जो लोग कल तक एक-दूसरे से प्यार से बात करते थे, वो अचानक छोटी-छोटी बातों पर लड़ने-झगड़ने लगें। घर में क्लेश का माहौल बन जाए, तो यह सोचने वाली बात है। अरे देखो, घर के सदस्य एक-दूसरे से कटे-कटे रहने लगें, उनमें चिड़चिड़ापन आ जाए, या वो हर समय स्ट्रेस में और थका हुआ महसूस करें। क्या बताऊँ, यह एक बड़ा इंडिकेशन हो सकता है।
2. हेल्थ प्रॉब्लम्स का अचानक बढ़ जाना (Health problems ka achanak badh jana)
अरे दोस्त, एक और बात पर गौर करना। अगर घर के लोगों की सेहत अचानक से खराब रहने लगे, डॉक्टर को दिखाने पर भी बीमारी पकड़ में न आए या इलाज का कोई असर न हो, तो मन में शंका होना नेचुरल है। मतलब, एक के बाद एक कोई न कोई बीमार पड़ रहा है, और यह सिलसिला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा। तुम सोचो, ऐसा क्यों हो रहा है?
3. फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स और काम में रुकावटें (Financial problems aur kaam me rukavatein)
अच्छा तो, सब कुछ सही चल रहा था, बिज़नेस अच्छा था, नौकरी ठीक थी, लेकिन अचानक से सब कुछ डाउन जाने लगा। पैसे आते तो हैं, लेकिन कहाँ जाते हैं, पता ही नहीं चलता। यूं कहें तो, बरकत रुक सी गई है। हर काम में रुकावटें आने लगती हैं, बनते-बनते काम बिगड़ जाते हैं। भाई, यह भी एक सोचने वाली बात है, सही है न?
H3: घर में महसूस होने वाले अजीब अनुभव (Ghar me mehsus hone wale ajeeb anubhav)
अब जरा कुछ और बातों पर आते हैं जो सीधे तौर पर घर के माहौल से जुड़ी हैं।
1. घर में अजीब सी गंध या आवाजें आना (Ghar me ajeeb si gandh ya aawazein aana)
सुनो, कई बार लोगों को अपने घर में अजीब सी स्मेल आने की शिकायत होती है, जैसे कहीं कुछ जल रहा हो या कोई परफ्यूम जैसी खुशबू, जबकि उसका कोई सोर्स न हो। इसके अलावा, कभी-कभी अजीब आवाजें सुनाई देना, जैसे किसी के चलने की, दरवाजा खटखटाने की या कुछ गिरने की आवाज, जबकि वहाँ कोई होता ही नहीं। अरे मान लो न, ऐसी सिचुएशन में कोई भी डर जाएगा।
2. घर में रखी चीजों का गायब होना या अपनी जगह से हिलना (Ghar me rakhi cheezon ka gayab hona ya apni jagah se hilna)
क्या कहूँ, कभी-कभी ऐसा भी होता है कि आपने कोई चीज कहीं रखी और वो वहाँ से गायब हो गई और फिर किसी ऐसी जगह मिली जहाँ आप उसे रखने का सोच भी नहीं सकते। या फिर, चीजें अपने आप गिर जाती हैं। यह सब थोड़ा डरावना हो सकता है, मानते हो?
3. तुलसी के पौधे का बार-बार सूख जाना (Tulsi ke paudhe ka baar-baar sukh jana)
भाई देख, हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत पवित्र माना जाता है। कहते हैं कि यह घर की नेगेटिव एनर्जी को सोख लेता है। अगर आप पूरी देखभाल कर रहे हैं, फिर भी तुलसी का पौधा बार-बार सूख जाता है, तो यह भी एक संकेत माना जाता है कि घर में कुछ ठीक नहीं है।
वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक नजरिया क्या कहता है? (Scientific aur Psychological Nazariya kya kehta hai?)
देखो भाई, हर चीज का एक दूसरा पहलू भी होता है। हो सकता है जो आप महसूस कर रहे हैं, उसके पीछे कुछ साइंटिफिक या साइकोलॉजिकल कारण हों। जरा सोच के देखो।
तनाव और चिंता (Stress aur Chinta): आजकल की लाइफस्टाइल में स्ट्रेस बहुत कॉमन है। हो सकता है कि काम के प्रेशर या पर्सनल रिश्तों में तनाव के कारण घर का माहौल खराब हो। इसी वजह से चिड़चिड़ापन और लड़ाई-झगड़े हो रहे हों।
कंफर्मेशन बायस (Confirmation Bias): जब हम किसी चीज पर यकीन करने लगते हैं, तो हमें उससे जुड़ी बातें ही नजर आने लगती हैं। इसे ‘कंफर्मेशन बायस’ कहते हैं। मतलब, अगर आपने सोच लिया कि किसी ने कुछ किया है, तो आपको हर नॉर्मल घटना भी उसी से जुड़ी हुई लगेगी।
घर की बनावट और आवाजें: कई बार घर के पुराने होने या उसकी बनावट के कारण भी अजीब आवाजें आ सकती हैं, जैसे पाइपलाइन से या लकड़ी के फैलने-सिकुड़ने से।
अगर शक हो तो क्या करना चाहिए? (Agar shak ho to kya karna chahiye?)
ओहो जी, अगर आपको सच में लगता है कि कुछ गड़बड़ है, तो घबराने की बजाय शांति से काम लेना चाहिए। यहाँ कुछ स्टेप्स दिए गए हैं जिन्हें आप फॉलो कर सकते हैं।
1. घर में पॉजिटिव माहौल बनाएं (Ghar me positive mahaul banaye)
भाई, सबसे पहले तो घर में पॉजिटिविटी लाने की कोशिश कीजिए।
पूजा-पाठ और ध्यान: आप अपने धर्म के अनुसार पूजा-पाठ, आरती या ध्यान कर सकते हैं। इससे मन को शांति मिलती है और घर में एक पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बनता है। आप रोज सुबह-शाम घर में कपूर जला सकते हैं, इसकी खुशबू से वातावरण शुद्ध होता है।
साफ-सफाई: घर को हमेशा साफ-सुथरा रखें। माना जाता है कि गंदगी नेगेटिव एनर्जी को अट्रैक्ट करती है।
नमक के पानी का पोछा: हफ्ते में एक या दो बार पानी में समुद्री नमक डालकर पोछा लगाएं। साइंस भी मानता है कि नमक में नेगेटिव आयन्स को खत्म करने की प्रॉपर्टी होती है।
2. आपस में बातचीत करें (Aapas me baatcheet kare)
तुम देखो, कई बार प्रॉब्लम्स की जड़ कम्युनिकेशन गैप होता है। परिवार के सदस्यों के साथ बैठें, उनसे बात करें और उनकी परेशानियों को समझने की कोशिश करें। हो सकता है कि लड़ाई-झगड़े की वजह कोई बाहरी शक्ति नहीं, बल्कि आपसी मनमुटाव हो, समझे?
3. किसी विशेषज्ञ या जानकार से सलाह लें (Kisi expert ya jaankar se salah lein)
अगर इन सब चीजों से भी आपको कोई फर्क महसूस न हो, तो आप किसी ऐसे व्यक्ति से सलाह ले सकते हैं जिस पर आपको भरोसा हो। वो कोई आध्यात्मिक गुरु, पंडित या कोई ज्ञानी व्यक्ति हो सकता है। लेकिन हाँ, ऐसे मामलों में अंधविश्वास और ढोंगी लोगों से बचना बहुत जरूरी है। किसी पर भी आँख बंद करके भरोसा न करें।
अंधविश्वास से कैसे बचें? (Andhvishwas se kaise bachein?)
अरे बाबा, यह सबसे इम्पोर्टेंट पॉइंट है। इन सब चक्करों में पड़कर किसी पर शक करना या किसी को बिना सबूत के दोषी मान लेना बहुत गलत है।
सोच-समझकर फैसला लें: किसी के कहने पर कोई भी ऐसा कदम न उठाएं जिससे किसी और को नुकसान हो।
तर्क का प्रयोग करें: हर घटना के पीछे का लॉजिकल कारण ढूंढने की कोशिश करें।
धैर्य रखें: समय के साथ बहुत सी चीजें अपने आप ठीक हो जाती हैं। धैर्य और पॉजिटिव सोच बनाए रखें।
भाई, अंत में मैं यही कहूँगा कि आपका घर आपकी अपनी जगह है। वहाँ शांति और पॉजिटिविटी बनाए रखना आपकी जिम्मेदारी है। किसी भी नतीजे पर पहुँचने से पहले हर पहलू पर विचार करना बहुत जरूरी है। क्या कहते हो?
उम्मीद है कि यह जानकारी आपके काम आएगी और आप किसी भी सिचुएशन को बेहतर तरीके से हैंडल कर पाएंगे। ठीक है न?