Author: Rodhar nath

मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/

बगलामुखी 36 अक्षरी मंत्र के लाभ baglamukhi 36 akshari mantra ke laabh ph.85280 57364

बगलामुखी 36 अक्षरी मंत्र के लाभ baglamukhi 36 akshari mantra ke laabh

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बगलामुखी 36 अक्षरी मंत्र के लाभ baglamukhi 36 akshari mantra ke laabh मैं जय माता दी, जय महाकाल।  आप सभी का स्वागत करता हूं। आज मैं आप लोगों के लिए एक शक्तिशाली मंत्र लेकर आया हूं जो अद्भुत है और रहस्यमयी है, जो ब्रह्मांड में समस्त शक्तियों को संचालित करता है। यह साधना बहुत ही अद्भुत और रहस्यमयी है।

इस साधना को संपन्न कर लेने के बाद साधक की समस्त प्रकार की मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं, शत्रुओं का नाश हो जाता है। बहुत ही अद्भुत समय भी है, और किसी भी समय इस साधना को अगर संपन्न कर लिया जाए तो यह समझ लीजिए सोने पर सुहागा है। 

तंत्र की सभी विद्याएं चाहे वह काली, तारा, षोडशी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुरभैरवी, धुमावती, बगलामुखी हों, माँ बगलामुखी को दश महाविद्या माना गया है।

ऐसी मान्यता है कि माता बगलामुखी की शक्तियों के सामने समस्त ब्रह्मांड की कोई भी शक्ति टिक नहीं सकती। 

इसलिए शत्रु पर विजय प्राप्त, शत्रु भय से मुक्ति तथा प्रभावशाली वाक् सिद्धि प्राप्ति के लिए मां बगलामुखी की साधना संपन्न करने पर यह साधना बहुत जल्दी सिद्ध हो जाती है।

इस साधना में एक खास संख्या में बगलामुखी मंत्र का अगर जाप कर लिया जाए तो सामान्य बाधा तो दूर हो ही जाती है और साधक की समस्त प्रकार की मनोकामनाएं भी पूर्ण हो जाती हैं

 लेकिन अगर कोई बहुत बड़ी शत्रु बाधा या शत्रुता आपके जीवन में जीवन-मरण का प्रश्न हो तो ऐसे में कम से कम आपको 36,000 मंत्र का जाप तो करना ही पड़ेगा।

इस मंत्र का जाप करने वाला कभी भी शत्रु से हारता नहीं है। ऐसे साधक को हर प्रकार के वाद-विवाद में विजय मिलती है, वह अपनी बातों को सही सिद्ध कर पाता है क्योंकि उसे वाक् सिद्धि मिल जाती है।

इस मंत्र को अचूक माना गया है इसलिए जो कोई इसकी जप संख्या में जप करके सिद्ध करता है, उसे सभी प्रकार की जीवन में जो भी परेशानियां हैं, वह समाप्त हो जाती हैं और उसको हार का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे व्यक्तियों के किए हुए प्रयत्न कभी निष्फल हो ही नहीं सकते, साथ ही उसकी हर मनोकामना भी पूर्ण होती है।

लेकिन सही मन से, समर्पण से, विश्वास से, श्रद्धा से। उस वक्त खुशी की बात है  इस मंत्र का, जो मैं बताऊंगा, 11 माला मंत्र का जाप करके हवन कर लेना है। हवन कैसे करना है, मैं आपको बताऊंगा।

जब आप इस साधना को संपन्न करेंगे, इसमें पीला वस्त्र लगता है। पीला आसन, पीला वस्त्र पहनकर पीले आसन पर मां बगलामुखी की तस्वीर, यंत्र जो है, स्थापित कर दीजिए।

एक माला हरिद्रा गणपति का, एक माला भैरव का, एक माला गणपति का आपको करके, जाप करके हाथ में जल लेकर अपनी मनोकामनाओं का संकल्प लेकर इस मंत्र का जाप करना है। और मंत्र में कुछ विशेष चीजें हैं जो मैं आप लोगों को बताऊंगा कि आप कैसे करना है और किस चीज से हवन करना है।

अगर आप उससे हवन कर लेंगे, इसका फल जल्दी आपको मिल जाएगा। कुछ विशेष मनोकामना की पूर्ति भी इस हवन से आप कर सकते हैं। धन, प्रसिद्धि, ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए दूध में भिगोए हुए तिल, चावल से हवन डालेंगे तो आपकी मनोकामना प्राप्त हो जाएगी। 

कई प्रकार की चीजें हैं, मैं जो अधिक समय नहीं लेना चाहता हूं क्योंकि मां की जयंती है। कुछ चीजें ऐसी हैं, सावधानियां बरतनी पड़ती हैं।

तो आप उससे अगर कोई दिक्कत परेशानी हो तो संपर्क करके इसकी विधिवत जानकारी ले सकते हैं कि किस प्रकार से करना है। 

इस मंत्र का जाप जो है आपको रात के मध्य करें तो ज्यादा अच्छा है, संभव हो तो 10 से 4 के बीच। इसके अलावा साधना के दौरान पीला वस्त्र धारण करना है, मैंने बता दिया है।

उस दिन ना बाल कटाएं, ब्रह्मचर्य का पालन करें और एक ही टाइम भोजन करना है, वो भी सात्विक। तो यह साधना बहुत सरल है। 

इसमें कुछ मंत्र मैंने रावण संहिता और कुलार्णव तंत्र, मंत्र महोदधि से मैंने प्राप्त किया है, जो मैंने स्वयं अपने लिए भी प्रयोग किया है, लोगों को प्रयोग कराया है और आपको भी बताऊंगा कि इसमें प्रणव और बीज को कैसे लगाकर आप अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति एक दिन में ही जाप करके प्राप्त कर सकते हैं। 

कोई दिक्कत हो, परेशानी हो तो हमसे संपर्क कर सकते हैं या फिर किसी योग्य गुरु से भी संपर्क कर सकते हैं। जय माता दी, जय महाकाल।

मां बगलामुखी: पूजा, मंत्र जप और साधना रहस्य का खजाना ph.85280 57364

बगलामुखी साधना रहस्य Baglamukhi Sadhna Rahsya

 

मां बगलामुखी: पूजा, मंत्र जप और साधना रहस्य का खजाना

बगलामुखी साधना रहस्य Baglamukhi Sadhna Rahsya
बगलामुखी साधना रहस्य Baglamukhi Sadhna Rahsya

सबसे पहले आप मां बगलामुखी के बारे में बताइए।  चमत्कार! पॉलिटिशियन, फिल्म स्टार्स, मूवी स्टार्स, ये मां बगलामुखी के टेम्पल पे बहुत रेगुलरली जाते हैं। इतनी पावर आती है उस टेम्पल में जाके, मतलब वहां पर जाकर आप बाकायदा फील करेंगे कि ये मंदिर की जो एनर्जी है, जो मां बगलामुखी की एनर्जी है, वो एक ऐसी एनर्जी है कि अगर उनकी एनर्जी का एक अंश भी हमारे साथ मिल जाए तो हम बिल्कुल अनबीटेबल हो जाएंगे।

मां बगलामुखी की जो पूजा कर ले या फिर जिससे प्रसन्न हो जाएं मां बगलामुखी, उसका कोई शत्रु नहीं रहता। बिल्कुल। और देखिए, आप बहुत युगों से इनकी पूजा चली आ रही है। रावण का जो बेटा था मेघनाद, उसने मां बगलामुखी को साधने का सोचा।

मां बगलामुखी  को  कैसे प्रसन्न करें ?

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मैं अपनी ऑडियंस के साथ एक उपाय आज शेयर करूंगा । जब हम बगलामुखी माता के मंदिर भी जाते हैं तो वहां पे गुप्त पूजा होती है। ये तो पॉसिबल नहीं है आज की दुनिया में कि लोगों के दुश्मन ना हों और ये भी पॉसिबल नहीं है कि वो दुश्मन आपका कुछ ना करे।

हम सतयुग में नहीं रह रहे। बिल्कुल। कि अगर एक दैविक शक्ति आपके साथ है तो आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, वो है मां बगलामुखी की पावर। जिनके ऊपर कुछ कराया गया है, अगर वह मां बगलामुखी के टेम्पल में जाएं तो उनको बहुत फायदा होगा। बेस्ट टाइम कौन सा है,

कब मां बगलामुखी  साधना  की पूजा करना ?

 

 

 महाविद्याओं पर, उसमें आज जिस महाविद्या पर हम बात करेंगे वह है मां बगलामुखी। मां बगलामुखी को कहा जाता है शत्रुओं का नाश करने वाली, तंत्र मंत्र अगर आपके ऊपर किसी ने किया है तो उसका नाश करने वाली देवी।

यानी कि अगर आप किसी भी तरीके के संकट में हैं तो मां बगलामुखी की पूजा अगर आप करते हैं, उनको प्रसन्न आप कर लेते हैं तो सारी मुसीबत आपके ऊपर से खत्म हो जाती है।

यह मां जितनी सौम्य हैं, यह उतनी ही क्रोध में भी आ जाती हैं जब उनके भक्त पर कोई उंगली भी रख देता है।  हम एक सीरीज कर रहे हैं दश महाविद्याओं पर, उनके साथ आपको आज के पॉडकास्ट में बताएंगे मां बगलामुखी के बारे में।

तो चलिए,  आप तैयार हो जाइए और सीधे हम आपको मिलवाते जो सीरीज हम कर रहे हैं दश महाविद्या पर और वह और आगे बढ़ गई है और आगे बढ़ते हुए अब बगलामुखी की आज हम बात करेंगे। मां बगलामुखी का, के बारे में मैं कहूंगा कि शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसने या तो नाम ना सुना हो या मां बगलामुखी के बारे में थोड़ा बहुत ना जानता हो।

बट आज हम डीप डाइव करेंगे, मां बगलामुखी को बहुत करीब से मैं समझने की कोशिश करूंगा क्योंकि आपने तो समझा ही है और थोड़ा सा हम लोग भी समझ लें। सबसे पहले आप मां बगलामुखी के बारे में बताइए कि यह कैसी देवी हैं और इनका रूप कैसा है, इनको कैसे प्रसन्न कर सकते हैं,

कैसे आप बगलामुखी से कनेक्ट कर सकते हैं?

बगलामुखी एक बहुत ही शक्तिशाली एनर्जी है, 10 महाविद्या में से एक है और बहुत इम्पोर्टेंट डेइटी है। और मैं ये कहूंगी कि अगर एक वर्ड में उनको डिस्क्राइब करना हो तो मैं वो वर्ड यूज करूंगा , चमत्कार। ओके। इतने चमत्कार हुए हैं मां बगलामुखी के उसमें और बहुत मेरे क्लाइंट्स मुझे बताते हैं, मेरे साथ पर्सनली हुए हैं। मां बगलामुखी एक ऐसी एनर्जी है जिसकी शायद आज जो संसार को है, सबसे ज्यादा जरूरत है। 

वो कॉम्पिटिशन में आपको आगे करा सकती हैं, वह एनिमीज के ऊपर प्रिसाइड करती हैं, दुश्मनों का स्तंभन करती हैं और प्रोटेक्शन फ्रॉम इविल, प्रोटेक्शन फ्रॉम ब्लैक मैजिक, आपको तंत्र मंत्र से बचाती हैं अगर किसी गलत तरीके से उसका प्रभाव हो और बहुत ज्यादा आपको शक्ति प्रदान करने वाली हैं और इजीली अप्रोचेबल, अगर आप मानें।

पॉलिटिशियन, फिल्म स्टार्स, मूवी स्टार्स, यह मां बगलामुखी के टेम्पल पर बहुत रेगुलरली जाते हैं। बड़े-बड़े बिजनेसमैन, जितने भी लोग प्रिकॉशन से या किस मोटिव से? बहुत सारे तो अपने दुश्मनों को हराने के लिए जाते हैं, बहुत सारे बिजनेस में तरक्की के लिए जाते हैं।

नेगेटिव एनर्जी, देखिए जितना बड़ा आपका काम, उतनी ज्यादा आपके ऊपर नेगेटिव एनर्जी। बिल्कुल। लोग बिल्कुल नहीं छोड़ते प्रभाव करना, वशीकरण करना। वशीकरण को रिमूव करने के लिए बहुत सारे लोग जाते हैं, पूजा पाठ करवाने के लिए लोग जाते हैं। ऐसा कहते हैं कि गुप्त पूजाएं होती हैं।

जी। मां बगलामुखी के जो टेम्पल्स हैं वो दतिया में हैं, कांगड़ा में हैं और ये जो दो टेम्पल्स हैं ना, मां बगलामुखी के प्रमुख हैं। दतिया में भी बहुत लोग जाते हैं और कांगड़ा में भी बहुत लोग जाते हैं। सोशल मीडिया पर बहुत सारी रील्स आती हैं, शायद हिमाचल के कांगड़ा वाले जो बगलामुखी देवी का, ना बहुत लोग जाते भी हैं वहां पर। हां, मैं भी रेगुलरली जाती हूं।

हमारे, हमारे जो रुद्राक्ष हैं वो भी वहां पे पहले एनर्जाइज्ड होते हैं, उसके बाद ही हम क्लाइंट्स को देते हैं। तो वो एक ऐसी एनर्जी है कि अगर उनकी एनर्जी का एक अंश भी हमारे साथ मिल जाए तो हम बिल्कुल अनबीटेबल हो जाएंगे। और इसीलिए लोग वहां जाते हैं।

और उनको पीतांबरा भी कहते हैं। उनका कलर जो है वो येलो है और जो प्लैनेट को वो गवर्न करती है, वो प्लैनेट है मंगल या मार्स। आपको पता है कि अगर मंगल आपके चार्ट में खराब है तो आपको मां बगलामुखी के पास जाना है।

अगर मंगल की महादशा है, आपको प्रॉब्लम्स आ रही हैं, अगर आपका कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ गया है, अगर आपको लगता है कि लोग आपको छोड़ ही नहीं रहे, हर तरफ से दुश्मन घेरे हुए हैं, ऐसे लोगों को मां बगलामुखी से बहुत इंस्टेंट रिलीफ मिलता है।

अच्छा। यानी कि बगलामुखी को लेकर एक बात तो आपने क्लियर कर दी है कि अगर आप किसी युद्ध की जगह पर हैं या आपकी लाइफ में किसी भी तरीके का आप एक वॉर ज़ोन सा फील कर रहे हैं या फिर आपके शत्रु बन रहे हैं, दुश्मन बन रहे हैं, एनिमी आपके बहुत ज्यादा हो गए हैं तो आपको मां बगलामुखी से कनेक्ट होना चाहिए। बगलामुखी मां आईं कहां से, इनका जो प्राकट्य हुआ वो कैसे हुआ, मां बगलामुखी ने क्यों अवतार लिया?

मां बगलामुखी ने क्यों अवतार लिया ?

कहते हैं कि एक बार धरती पर बहुत ही बड़ा संकट आ गया था, एक ऐसा तूफान आ गया था जो थम ही नहीं रहा था। अच्छा। और श्री हरि विष्णु को लगा कि शायद अब प्रकृति का जो भविष्य है, वो संकट में है। तो उन्होंने मां आदिशक्ति का आह्वान किया और जो पूजा उन्होंने की, जो तप उन्होंने किया, उससे जो शक्ति उत्पन्न हुई, वह मां बगलामुखी हैं। और उन्होंने श्री हरि विष्णु की तपस्या से प्रसन्न होकर संसार को भी बचाया और यह भी कहा कि मैं आगे भी अपने भक्तों की रक्षा करती रहूंगी।

तो मां का जो रूप है, इसको हम उग्र और सौम्य दोनों कह सकते हैं। उनके फेस पर एक स्लाइट सी स्माइल है, लेकिन यह हम बिल्कुल भी यह ना सोचें कि उनके अंदर वो शक्ति नहीं है। क्योंकि उनका जो फॉर्म 10 महाविद्या में दिखाया जाता है, उसमें उन्होंने शत्रु की जीभ या जिह्वा पकड़ी हुई है और एक हाथ से उनके हाथ में जो है वो शस्त्र है।

तो वो ये कहती हैं, स्तंभन की शक्ति रखती हैं और वो यह कहती हैं कि मैं शत्रुओं का विनाश एकदम कर सकती हूं। शी इज एक्सट्रीमली पावरफुल। और मैंने इतने चमत्कार होते हुए देखे हैं। मेरे एक क्लाइंट रिसेंटली गए थे और उनको कोई टेंडर में प्रॉब्लम आ रही थी, काफी बड़ा टेंडर था और उनके फेवर में नहीं जा रहा था, ऐसा उनको सूत्रों से पता चला।

और जब वह वहां पर गए और उनको एक ही लाइन में मां ने बोला कि इस डेट को तुम्हारे फेवर में जाएगा और जा, मैं तुझसे प्रसन्न हुई। और वो क्लाइंट आया, उसने मुझे यह बात बताई और वह डेट आई नहीं थी और सारी चीजें उसके विपरीत होने लग गईं और उसने, उसने बिल्कुल दिल छोड़ दिया और उसने कहा कि अब क्या फायदा, अब तो कुछ नहीं हो सकता।

मैंने उसको फिर भी यही गाइडेंस दिया कि आप ये साधना करते रहो, करते रहो, करते रहो। और जिस दिन उसको टेंडर मिला, जिस डेट पे उन्होंने कहा था, उसको मिला और उसने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता था कि ऐसा हो।

पर चमत्कार, मैंने आपको शुरू में ही कहा था, चमत्कार की देवी है। जितने भी लोग ये पॉडकास्ट देख रहे हैं और उनको अपने जीवन में चमत्कार की उम्मीद है, बिल्कुल, वो बगलामुखी टेम्पल जरूर जाएं।

आप भी गए होंगे बगलामुखी मंदिर ?

मेरे को, एज ऑलवेज, सपनों में उन्होंने बुलाया और मैंने नहीं सुना था जब मैं पहली बार गई और हिमाचल में चार साल पहले। अच्छा। कैसे आया यह सपना और कैसे आपका पहुंचना हुआ वहां? मेरे को स्वप्न में कोई ना कोई फॉर्म मां का दिखता है।

आपको मैं बता ही चुकी हूं कि पहले मेरा जुड़ाव शिवजी के साथ था और फिर शिवजी ने मुझे बोला कि अब आपको मां की शक्ति के साथ जुड़ना है। मां काली के पॉडकास्ट में भी मैंने आपको कहा था कि जब तक हम शिवजी की साथ लेवल तक नहीं लेकर जाते, हम शक्ति तक अपने आप नहीं पहुंच पाते।

भैरव या शिवजी, भैरव के फॉर्म में शक्तियों को जो है, वो गार्ड करते हैं। और जो मां बगलामुखी के टेम्पल में जो कांगड़ा वाला है, उसमें भी बाहर भैरव का बहुत बड़ा स्वरूप है और बहुत पावरफुल एनर्जी। आप वहां पर पैर रखेंगे, आपके अंदर एक अलग सी वाइब्रेशन जागेगी। और वो वाइब्रेशन बिल्कुल सुला देने वाली, शांत वाइब्रेशन नहीं है।

उसको फील करके आपको लगेगा कुछ भी पॉसिबल है, एवरीथिंग इज पॉसिबल। इतनी पावर आती है उस टेम्पल में जाके। और वहां का अगर आप भोग खाएं, जो पीले चावल हैं वहां के, अगर आप वो खाएं, आपको लगेगा अब मैं इन्विंसिबल हूं। अब कुछ भी हो सकता है।

सो शी इज द गॉडेस ऑफ पॉसिबिलिटी। मतलब वहां पर जाकर आप बाकायदा फील करेंगे कि ये मंदिर की जो एनर्जी है, जो मां बगलामुखी की एनर्जी है, बिल्कुल, कहते हैं मां बगलामुखी की जो पूजा कर ले या फिर जिससे प्रसन्न हो जाएं मां बगलामुखी, उसका कोई शत्रु नहीं रहता, उससे कोई जीत नहीं सकता क्योंकि वो फिर अजय हो जाता है। बिल्कुल।

अब इसमें मैं स्पिरिचुअलिटी का एक कांसेप्ट एज ऑलवेज जोडूंगी, तुषार। दुश्मन होता कौन है? हमारी प्रत्यक्ष लाइफ में तो दुश्मन हमारे कॉम्पिटिटर्स हो सकते हैं और आजकल मैंने आपको बोला कि नजर लगाने की प्रवृत्ति और वशीकरण कराने की तो कॉमन ही हो गई है। बिल्कुल।

तो इसलिए हम सबको मां बगलामुखी को जरूर उनकी पूजा अर्चना करनी चाहिए। लेकिन हमारे इंटरनल दुश्मन कौन हैं? हमारा ग्रीड, हमारा एंगर, हमारा डिस्पेयर। तो डेस्प्रिंग भी अपने में एक षड्यंत्र कह सकते हैं जिसमें उम्मीद ही खत्म हो गई, आशा ही खत्म हो गई।

तो जब हम मां बगलामुखी को साधते हैं ना, हमें सिर्फ एक्सटर्नल दुश्मनों की तरफ नहीं देखना, हमें अपने मन के डार्कनेस की तरफ भी देखना है। और मैं हमेशा अपने स्टूडेंट्स को यही समझाती हूं जब हम 10 महाविद्या की वर्कशॉप करते हैं, हम इसको काफी समझते हैं कि इस साल हम कौन से दुश्मन को हराएंगे? क्या हम अपने क्रोध को हराएंगे, क्या हम अपनी निराशा को हराएंगे, क्या हम अपने डिसिप्लिन के प्रॉब्लम को हटाएंगे? किस चीज को हटाएंगे?

यानी खुद को स्ट्रॉन्ग कर लें हम इतना, इतना स्ट्रॉन्ग बना लें खुद को कि हम किसी दुश्मन से फाइट करके जीत सकें। ये भी एक दुश्मन को हराने वाली बात होगी। बिल्कुल, बिल्कुल। और देखिए आप, बहुत युगों से इनकी पूजा चली आ रही है।

रावण का जो बेटा था, उसने मां बगलामुखी को साधने का सोचा जब उसको पता चला कि श्री रामचंद्र और हनुमान जी और उनकी सारी सेना इस तरफ आ रही है। तो उन्होंने यह कहा था अपने सैनिकों को कि मेरा यज्ञ बिल्कुल भी भंग नहीं होना चाहिए।

और आपको पता है कि रावण कितना पंडित था और उसका बेटा भी काफी जानकार था। जब श्री राम को यह बात पता चली तो उनको लगा कि अगर माता इससे प्रसन्न हो गईं तो यह सारी सेना को मार देंगी और हम बिल्कुल भी ये युद्ध जीत नहीं पाएंगे।

तो उन्होंने हनुमान जी को यह आदेश दिया कि आप जाकर इस यज्ञ को तुरंत भंग कीजिए। और वह यज्ञ भंग हुआ। नहीं तो अगर मां प्रकट हो जातीं तो रामायण किस तरफ जाती, ये हमें पता है।

तो आप यह समझ लीजिए कि अगर वो मां बगलामुखी के सहारे ऐसे चल रहे थे तो अगर आज हम, आज हम उनको प्रसन्न कर पाएं… यानी कि युद्ध और महायुद्ध से पहले मां बगलामुखी की पूजा या उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश देवताओं ने भी की या फिर उस स्तर के जो महायोद्धा रहे, उन्होंने भी की है। कृष्ण और अर्जुन ने भी की। अच्छा।

इसीलिए मैं आपको महाभारत बोल बैठी थी। तो कृष्ण और अर्जुन ने भी अपना युद्ध शुरू करने से पहले उन्हीं को साधा था। अच्छा। और वो प्रकट भी हुई थीं। यानी कि बड़े लेवल पर पूजा की गई और तभी शायद वजह है कि ये कहा जाता है कि मां बगलामुखी को अगर आपने प्रसन्न कर लिया तो आप अजय हो जाते हैं। कैसे प्रसन्न करें? कैसे प्रसन्न करें?

देखिए, मां काली के लिए मैंने आपको बोला था कि उनकी मंत्र साधना करें। अब हर महाविद्या के लिए मैं अपनी ऑडियंस के लिए थोड़ा आसान करना चाहूंगी क्योंकि हमारे काम भी हैं, ऑफिस भी है, बच्चे भी हैं, घर भी है और तरह-तरह की जिम्मेवारियां हैं।

मां बगलामुखी का बहुत ही, बहुत ही शक्तिशाली मंत्र है जो अभी मैं स्क्रीन पर दिखा रही हूं। यह मंत्र अगर हम दिन में एक बार भी कर लें, 108 बार कर लें तो आप समझ जाइए कि इससे बेटर कुछ हो ही नहीं सकता। लेकिन अगर एक बार भी कर लें और हम अपने बच्चों को याद करा दें तो ये हमारे अराउंड एक बहुत ही अच्छा प्रोटेक्टिव लेयर बना देता है।

लेकिन ये थोड़ा मुश्किल सा मुझे मंत्र लगता है क्योंकि आसान नहीं होगा किसी भी बच्चे के लिए, किसी भी बड़े के लिए कंठस्थ कर पाना। जी। तो क्योंकि ऐसा है, इसलिए मैं इनके लिए जो आपको बताने जा रही हूं, वो एक बड़ा यूनिक सा उपाय है।

बगलामुखी मां का एक यंत्र आता है। और यंत्र, देखिए यंत्र, तंत्र, मंत्र, ये तीनों चीजें साइड बाय साइड जाती हैं। जब हम मंत्र के प्रभाव को उतना नहीं बढ़ा पाते तो हम यंत्र से उसको बढ़ाते हैं। बगलामुखी मां का जो यंत्र है, हम उसकी बड़ी स्पेशल एनर्जाइजेशन और पूजा करते हैं।

मैं अपने बहुत सारे क्लाइंट्स को वो देती भी हूं ताकि उनकी लाइफ में जो मैंने क्लियर की है, उसके साथ-साथ ये यंत्र भी काम करता रहे। स्पेशली ऐसे लोग जो बहुत ज्यादा पाठ नहीं कर सकते या मंत्र सिद्धि नहीं कर सकते। तो ये जो यंत्र है, ये बहुत स्पेसिफिक यंत्र होता है।

मैं अपनी ऑडियंस के साथ एक उपाय आज शेयर करूंगा । और वो यह है कि अगर आप इस यंत्र को अपने ईस्ट कॉर्नर में लगा लें, अच्छा, ईस्ट की दीवार पर आप इसको लगा लें और यह बहुत ही शक्तिशाली होता है। और जो भी आपके दुश्मन हैं, उनकी फोटोज के छोटे-छोटे प्रिंट आउट लेके एंटी-क्लॉकवाइज डायरेक्शन में इस यंत्र के लगा दें।

जैसे पहला फोटो आपने यंत्र के ऊपर लगाया, ऊपर मतलब यंत्र से दीवार पे लगाया और फिर उसके बाद नेक्स्ट को लेफ्ट पे और फिर लेफ्ट पे। ऐसे एंटी लगाना है। ये आपने करना है अमावस्या वाले दिन और करना सुबह है अमावस्या वाले दिन। और जिस दिन आप ये करेंगे, उस दिन आप 108 बार जरूर मंत्र की चैटिंग करेंगे, चाहे आप उसके बाद ना करें।

और यह यंत्र जो है, इनकी शक्तियों के ऊपर काम करता रहेगा। 60 दिन के अंदर जब उसके थर्ड अमावस्या आएगी, आपको यह जितनी भी पिक्चर्स हैं, उनको जला देना है और अपने घर के बाहर फेंक देना है या बाहर जाकर वीराने में जला देना है। और यंत्र वहीं पर रहेगा।

तो यंत्र क्या करता है? यंत्र अपनी शक्ति का प्रभाव आपके पूरे एरिया में, आपके घर में, आपके बिजनेस में देता रहता है। ये उपाय आप अपनी फैक्ट्री या ऑफिस में भी कर सकते हैं। थोड़ा सा ऑड हो जाएगा अगर किसी ने देखा, तो आप उसको ढक सकते हैं पीले से छोटे से पर्दे के साथ ताकि डे-टू-डे दिखाई ना दे।

और ये आपके दुश्मनों का जो है, वो विनाश कर देगा। अब यहां मैं यह बताना चाहती हूं कि दुश्मनों के विनाश का क्या मतलब है। क्या वो शारीरिक रूप से उनको कोई तंगी आएगी? नहीं, ऐसा नहीं है। जो भी उनके साथ आपके नेगेटिव कॉर्ड हैं, जैसे जो आप पेहाम करने की कोशिश कर रहे हैं या आपको लगता है उनकी इंटेंशन है आपको करने, वो दूर हो जाएगी।

उनको कोई हम तांत्रिकों की तरह कोई ऐसा खत्म नहीं कर रहे। हां, नहीं, फिजिकली उन्हें नहीं कर रहे। तो ये एक जो उपाय है, वो बहुत पावरफुल है। जो यंत्र होता है, वो बहुत पावरफुल होता है। और जब हम देते हैं, हम एक स्पेशल तरीके से उसकी पूजा करके देते हैं।

जब हम बगलामुखी माता के मंदिर भी जाते हैं तो वहां पर गुप्त पूजाएं होती हैं जो आप पहले से बुक करा सकते हैं विद अ वेरी स्पेसिफिक इंटेंशन कि मुझे यह चाहिए। ओके। यह पूजा वो पंडित जी आपको बता देंगे कि आपको एक ही बार आना है या वहां पर आपको 11 दिन लगातार करानी है। ये आपकी प्रॉब्लम की इंटेंसिटी पर डिपेंड करता है।

अब आ गए कि हम डे-टू-डे मां की साधना कैसे करें। बगलामुखी मां की फोटो लगा के, लेकिन ईस्ट फेसिंग ही आपको बैठना है, ईस्ट में उनकी फोटो लगा के। उनको सॉलिड जो हल्दी की गांठें होती हैं, ठोस हल्दी की गांठों की माला बनाकर चढ़ाएं। और यह हर रोज नहीं चढ़ानी है, आपने एक बार चढ़ा दिया तो आप पूर्णिमा की पूर्णिमा उसको चेंज कर सकते हैं। जो उतारी हुई है, वो हम बहा सकते हैं, जल प्रवाह कर सकते हैं।

जल प्रवाह नहीं कर सकते तो हम किसी पीपल के पेड़ के नीचे उसको छोड़ के आ सकते हैं। जो आपने यह पूजा करी, घी के दिए से उनकी पूजा होती है और मीठे चावल, मीठा लड्डू, येलो कलर की कोई भी चीज करें।

जब भी आप मां बगलामुखी, जिनको पीतांबरा भी कहा जाता है, उनकी पूजा अर्चना कर रहे हैं, आपको बिल्कुल पीले वस्त्र पहनने हैं और पीले आसन पर ही बैठना है। और इनकी पूजा दिन में करें। जब भी हम चाहते हैं…

एक और बहुत अच्छा उपाय है मां का। जिनके बच्चे का फोकस एंड कंसंट्रेशन नहीं है, अगर वह बच्चा 13 साल से, मतलब टीनएजर नहीं है, 13 साल से कम है उसकी आयु, 12 वर्ष तक जो है बच्चे, उनके बेडरूम में आप ईस्ट फेसिंग वॉल पे,

वैसे तो आप अपना स्टडी टेबल भी ईस्ट फेसिंग कर लीजिए, बच्चा बैठे तो ईस्ट की तरफ देखे, वहां पर अगर आप मां बगलामुखी का जो यंत्र है, वह लगा देते हैं, वो यंत्र पूरे टाइम काम करेगा आपके बच्चे के फोकस के ऊपर। बच्चे आजकल देखिए, डिस्ट्रैक्ट हो जाते हैं आईपैड में, यू नो, टैबलेट्स में या खेलने जाते हैं तो बहुत आके टेक्नोलॉजी में लग जाते हैं या खेलने में, पढ़ना नहीं चाहते।

ऐसे में अगर आप मां का यंत्र वहां लगाते हैं और उस यंत्र की पूरी एनर्जी उस बेडरूम में जाती है तो इससे आपके बच्चे की कंसंट्रेशन बिल्कुल शार्प हो जाएगी। ओके, ओके। अगर आपका बच्चा 13 साल के ऊपर है तो बेडरूम में यंत्र लगाना सही नहीं होगा। ऐसे में आप मां का एक छोटा सा जो नाम है, उसको लिख के येलो पेपर पे उसके स्टडी टेबल के ऊपर ऐसे करके चिपका दीजिए, लैमिनेट करा लीजिए और चिपका दीजिए।

वो भी एक यंत्र का काम करेगा बिकॉज़ यंत्र एक सर्टेन एज तक ही हम ऐसा कर सकते हैं, उसके बाद हमें उसको मंदिर में रखना होगा। अगर वो भी नहीं, जब भी आपका बच्चा पाठ हो, आप कोशिश कीजिए कि आप मां के आगे रखी हुई हल्दी जिसका मंत्र उच्चारण से आपने जिसको एनर्जाइज्ड किया, अपने बच्चे के माथे पे, नाभी पे और गले पे लगा दीजिए। क्योंकि वाक् सिद्धि की भी मां हैं ये।

वाक् सिद्धि, प्रधान सिद्धि क्या है ?

कि जो हम बोलें वो सच हो और जो हम बोलें वो सबके हित में हो। और जैसे प्रेडिक्शन करते हैं लोग, तो प्रेडिक्शन जो है वो ट्रू हो जाना। जो मैं कह रही हूं, मेरे, मेरी जिह्वापे जो है, मां सरस्वती का वास हो। खासकर वो लोग जो यह चाहते हैं कि मैंने जो कहा, उसे दुनिया सुने या मैं जो कह रहा हूं, उससे लोग इंप्रेस हों, चाहे वो इंटरव्यूज में जाने वाले लोग हों, ग्रुप डिस्कशन में जो लोग रहते हैं, क्या ये जरूरी है कि वो लोग मां बगलामुखी की पूजा करेंगे तो उनकी जो बोलने की प्रभाव है, वो प्रभाव बढ़ेगा? वो प्रभाव बढ़ेगा।

मां बगलामुखी की पूजा करेंगे तो उनकी जो बोलने की प्रभाव है, वो प्रभाव बढ़ेगा ?

लेकिन जैसे बच्चे अब मंत्र नहीं कर सकते हैं तो यहां पर हम जो है, यंत्र का प्रयोग करेंगे। तो अगर आपकी ग्रुप डिस्कशन है, आप उस यंत्र को अपने सामने रखें, ईस्ट की तरफ फेस करें और आप अपनी पढ़ाई वहीं पर करें और फिर उस यंत्र को वापस जो है, मंदिर में प्लेस कर दें। आप उस यंत्र के साथ-साथ काम करें और आपका जो है, बहुत ही, बहुत ही अच्छे रिजल्ट्स आएंगे कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में, स्कूल्स में, ग्रुप डिस्कशन में, इंटरव्यूज में, पोस्ट  में।

बिल्कुल। अच्छा, अक्सर मैं आपसे ये पूछता हूं कि किसी भी देवी का जब आपकी लाइफ में उनकी एनर्जी का आना शुरू होता है तो क्या फील होता है? मां बगलामुखी जब आपकी लाइफ में आना शुरू होती हैं, उनकी कृपा आना शुरू होती है तो किस तरीके के इंडिकेशंस आपकी लाइफ में आना शुरू होते हैं?

मां बगलामुखी जब हमारी लाइफ में एंटर करती हैं, सबसे पहले हमारे में बहुत कॉन्फिडेंस आता है। ओके। आप याद कीजिए, मंगल ग्रह के क्या-क्या एट्रिब्यूट हैं? करेज, बहुत पावर, बहुत कॉन्फिडेंस। आपने पिछले पॉडकास्ट में मुझे बताया है कि ये पर्टिकुलर देवी जो है, वो किसी एक ग्रह से कनेक्टेड है। तो क्या मां बगलामुखी मंगल से हैं?

तो क्या मां बगलामुखी मंगल से हैं ?

जी, मंगल से कनेक्टेड हैं। और मंगल ग्रह कॉन्फिडेंस का ग्रह है, करेज का ग्रह है, हनुमान जी को याद कीजिए, बिल्कुल। है ना, और भक्ति का ग्रह है। तो जब आपके दिल में ये फीलिंग आने लग जाए, होप आने लग जाए, आपको लगे कि दुश्मन आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं, मां मेरे साथ है, यह सारी जो फीलिंग होती है, वो इसकी होती है।

देखिए, यह तो पॉसिबल नहीं है आज की दुनिया में कि लोगों के दुश्मन ना हों और यह भी पॉसिबल नहीं है कि वो दुश्मन आपका कुछ ना करे। हम सतयुग में नहीं रह रहे, बिल्कुल। तब भी वैसे तो युद्ध होते ही थे। बिल्कुल, बिल्कुल।

लेकिन उनके होते हुए भी अगर आप में कॉन्फिडेंस है कि अगर एक दैविक शक्ति आपके साथ है तो आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, वो है मां बगलामुखी की पावर। तो बहुत ही प्रभावशाली उपाय जो मैंने बताया है, मैंने खुद करके देखा है और बहुत क्लाइंट्स ने भी बताया है। अगर ऑडियंस में किसी के साथ चमत्कार हुए हैं तो कमेंट्स में जरूर बताएं क्योंकि यह एक चमत्कार की मां हैं।

आप गए… अच्छा नहीं, मैं बगलामुखी मंदिर नहीं गया। बट आपकी बात जब मैं सुन रहा था क्योंकि मेरे बहुत सारे फ्रेंड्स हैं जो कि कांगड़ा में जो बगलामुखी मंदिर है, वहां जाते हैं। एक मेरी फ्रेंड है जो सही में, उन्होंने मुझे बहुत सारी चीजें बताईं, उन्होंने मुझे बताया भी कि कई बड़े-बड़े पॉलिटिशियन वहां बगलामुखी के मंदिर में जाते थे और वहां पर पूजा पाठ करके अपने चुनाव जीते हैं वो लोग।

बड़े-बड़े, मैं किसी का नाम नहीं लूंगा लेकिन बहुत ज्यादा मेरे आसपास बहुत सारे ऐसे लोग हैं और आपने आज जो बातें कहीं, मुझे लग रहा है कि मुझे भी बुलाया जा रहा है कि आ जाओ भई, बहुत टाइम हो गया आपको इंडिकेशन देते हुए। तो मैं बहुत जल्द शायद पूरे परिवार के साथ वहां पर जाऊं।

वेल, दश महाविद्याओं में से एक हैं मां बगलामुखी, तो तंत्र से रेलेवेंस इनका होगा, इनका कोई ना कोई कनेक्ट तंत्र के साथ भी होगा।

क्या मां बगलामुखी की कनेक्टिविटी तंत्र के साथ है?

जो तांत्रिक हैं, वो कैसे कनेक्ट करते हैं? तांत्रिक मां बगलामुखी की सिद्धियों को साधते हैं, स्तंभन करते हैं, वशीकरण का भी प्रयोग करते हैं। लेकिन मैं यह सोचती हूं कि जिनके ऊपर कुछ कराया गया है, अगर वो मां बगलामुखी के टेम्पल में जाएं तो उनको बहुत फायदा होगा क्योंकि ये जितना भी करा-कराया होता है, वो मां बगलामुखी के टेम्पल पर उतर जाता है।

अच्छा। और अगर आप अपने पेशेंट को वहां नहीं ले जा पा रहे हैं तो आप उनके साइड पर बैठ के, चाहे मन ही मन इस मंत्र का जाप करते रहें। पॉसिबल ही नहीं है कि जिस जगह पर उनका यंत्र लगा हुआ है, अगर कोई बहुत बीमार है तो आप उसके बेड के ऊपर जो दीवार है, उसके ऊपर यह यंत्र लगा दीजिए।

यह यंत्र उस व्यक्ति को इतना, इतना होप फुल कर देगा कि उसकी बॉडी जो है, रिएक्ट करने लग जाएगी, इतना पॉजिटिवली। क्या ये मार्केट से यंत्र खरीदा और लगा दिया, इतना भर काफी है या इसकी एनर्जी बढ़ानी पड़ेगी?

यंत्र खरीदा और लगा दिया, इतना भर काफी है या इसकी एनर्जी बढ़ानी पड़ेगी?

जैसे आपने कहा कि आपके पास जितने यंत्र होते हैं, आप जो देते हैं लोगों को, वो आप एनर्जाइज्ड करके देते हैं, उसकी पूजा पाठ एक प्रोसेस है जो आपने बताया भी कि मंत्र के थ्रू करते हैं। क्या लाकर लगा देना काफी है या एनर्जाइज्ड करना पड़ेगा?

देखिए, अगर आप नॉर्मल पानी पी रहे हैं तो आप लाकर भी पी सकते हैं। अल्कलाइन वॉटर पीना है तो आपको उसको बना के पीना होगा जिसके और भी फायदे हैं। तो जब हम इसको एनर्जाइज्ड करते हैं मंत्रों के थ्रू, इसका बिल्कुल एक अलग इफेक्ट होता है।

पर मैं ये नहीं कहूंगी कि यंत्र में अपनी पावर में कोई कमी है। लेकिन डेफिनेटली अगर हम उसको और भी शार्प करें, लेजर बीम की तरह बना लें तो असर जो है, वो जल्दी होता है। अच्छा,

बगलामुखी की पूजा करना का बेस्ट टाइम कौन सा है ?

कब मां बगलामुखी की पूजा करना, किन डेज में पूजा करना आपको बहुत जल्दी फल दे सकती है? नवरात्रि आ रहे हैं, आप नवरात्रों में फर्स्ट नवरात्रि से शुरू कर दीजिए और यह सबसे बेस्ट टाइम होगा इनकी साधना शुरू करने के लिए।

और ट्यूसडे इनके लिए बहुत अच्छा माना जाता है और सैटरडे भी इनके लिए बहुत अच्छा माना जाता है। तो ये जो दो डेज हैं, इनमें भी आप शुरू कर सकते हैं। लेकिन अगर नवरात्रों में कर सकें तो नथिंग लाइक इट। कोई खास तरीके का, क्योंकि आपने पिछले पॉडकास्ट में बताया था कि एक पर्टिकुलर भैरव हैं जो हर दश महाविद्याओं के साथ अटैच हैं।

इन देवी के साथ, मां बगलामुखी के साथ अगर हम देखें तो एक भैरव होंगे जो कि अटैच होंगे। तो क्या मां बगलामुखी का जो… क्या जो मतलब आम आदमी जो एक गृहस्थ फैमिली मैन है, वो पूजा करता है तो क्या उनकी पूजा भैरव के साथ या उन देवता के साथ करना जरूरी है?

तो क्या उनकी पूजा भैरव के साथ या उन देवता के साथ करना जरूरी है ?

जैसे आपने शिव की बात की कि पहले शिव की पूजा करो, फिर आप दश महाविद्या से कनेक्ट होगे। तो क्या दश महाविद्याओं में मां बगलामुखी की पूजा करने से पहले भी आपको शिव की पूजा करनी चाहिए? जी। और इसीलिए जो वहां पे कांगड़ा में टेम्पल है, उसके बाहर ही भैरव जी स्थापित हैं। बताया कि हां, बड़ा भव्य, बहुत, बहुत भव्य हैं।

तो जैसे भी आप उनकी पूजा कर सकें, मदिरा से कर सकें, मंत्र से कर सकें, अगर आप वहां जा रहे हैं तो आपको पता चल जाएगा। लेकिन अगर आप घर पे कर रहे हैं तो आप गणेश जी की वंदना से शुरू करें और उसके बाद शिव जी का करें या भैरव जी का करें और उसके बाद ही मां की।

ये एक प्रोसेस आप फॉलो करें तभी आपको बेहतर तरीके से आपको फल मिल पाएगा। अच्छा, एक लास्ट क्वेश्चन मेरा आपसे ये रहेगा, मैंने बहुत जगहों पर सुना है कि मां बगलामुखी का हवन करिए, मां बगलामुखी… तो क्या हवन से खास कनेक्टिविटीमां बगलामुखी की है?

सभी महाविद्या की है। अच्छा। हवन एक अगेन, उग्र फॉर्म है किसी भी चीज को करने का। और हम उसमें आहुति देते हैं, अपनी ऑफरिंग्स देते हैं और प्रे करते हैं कि जो देवता हैं, वो उसको एक्सेप्ट करें, अग्नि देवता और बहुत सारे देवताओं का जब हम आह्वान करते हैं।

मैंने पर्टिकुलर नोटिस किया है कि हवन करके जब हम अपना शुरू करते हैं और जब हम उद्यापन करते हैं तो भी हवन करना… हवन इज अ वेरी पावरफुल प्रोसेस। मैं यह कहूंगी कि अगर आप मंत्र सिद्धि कर रहे हैं किसी भी महाविद्या की तो बहुत जरूरी है कि आप रोज हवन करें। वैसे भी अगर आप हवन करते हैं, आपके घर की ऊर्जा जो है, वो अलग ही लेवल की हो जाती है। किसी के घर में घुसते ही बता सकते हैं कि इनके घर में रोज हवन होता है।

स्पेशली पीपल जो औरा पढ़ सकते हैं, जो एनर्जीज को पढ़ सकते हैं, जी, वो एकदम घुसते ही आपको बता देंगे कि आप बहुत… एक जो स्पेस होती है ना , वो जागृत हो जाती है मंत्र से और हवन से और यंत्र से। बिल्कुल। चलिए, बहुत-बहुत अच्छा लगा मुझे।

आज आपने हवन वाली बात जो कही है, वो तो मेरा पर्सनल क्वेश्चन था आपसे क्योंकि हवन को लेकर बहुत समय से मेरे मन में था कि… क्योंकि मुझे बहुत अट्रैक्ट करता है कहीं पर भी अगर हवन हो रहा है या मैं अगर हवन में शामिल हूं तो बड़ा एक अच्छा सा फील होता है, एक एक्टिवेटेड सा फील होता है। सो दैट वाज माय पर्सनल क्वेश्चन।

 क्योंकि एक सीरीज हम कर रहे हैं, अगर आपने अभी तक पिछले पॉडकास्ट नहीं देखे हैं तो आप जरूर जाकर उनपोस्ट को पढ़े को देखिए क्योंकि हर एक देवी पर हमने कोई ना कोई अलग-अलग तरीके से डीप पोस्ट किया है। 

मां बगलामुखी साधना रहस्य Maa Baglamukhi Sadhana Rahasya PH.85280 57364

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मां बगलामुखी साधना रहस्य Maa Baglamukhi Sadhana Rahasya PH.85280 57364

मां बगलामुखी साधना रहस्य Maa Baglamukhi Sadhana Rahasya PH.85280 57364
मां बगलामुखी साधना रहस्य Maa Baglamukhi Sadhana Rahasya PH.85280 57364

मां बगलामुखी साधना रहस्य Maa Baglamukhi Sadhana Rahasya PH.85280 57364 सबसे पहले आप मां बगलामुखी के बारे में बताइए।  चमत्कार! पॉलिटिशियन, फिल्म स्टार्स, मूवी स्टार्स, ये मां बगलामुखी के टेम्पल पे बहुत रेगुलरली जाते हैं। इतनी पावर आती है उस टेम्पल में जाके, मतलब वहां पर जाकर आप बाकायदा फील करेंगे कि ये मंदिर की जो एनर्जी है, जो मां बगलामुखी की एनर्जी है, वो एक ऐसी एनर्जी है कि अगर उनकी एनर्जी का एक अंश भी हमारे साथ मिल जाए तो हम बिल्कुल अनबीटेबल हो जाएंगे।

मां बगलामुखी की जो पूजा कर ले या फिर जिससे प्रसन्न हो जाएं मां बगलामुखी, उसका कोई शत्रु नहीं रहता। बिल्कुल। और देखिए, आप बहुत युगों से इनकी पूजा चली आ रही है। रावण का जो बेटा था मेघनाद, उसने मां बगलामुखी को साधने का सोचा।

मां बगलामुखी  को  कैसे प्रसन्न करें, ?

मैं अपनी ऑडियंस के साथ एक उपाय आज शेयर करूंगी। जब हम बगलामुखी माता के मंदिर भी जाते हैं तो वहां पे गुप्त पूजा होती है। ये तो पॉसिबल नहीं है आज की दुनिया में कि लोगों के दुश्मन ना हों और ये भी पॉसिबल नहीं है कि वो दुश्मन आपका कुछ ना करे।

हम सतयुग में नहीं रह रहे। बिल्कुल। कि अगर एक दैविक शक्ति आपके साथ है तो आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, वो है मां बगलामुखी की पावर। जिनके ऊपर कुछ कराया गया है, अगर वह मां बगलामुखी के टेम्पल में जाएं तो उनको बहुत फायदा होगा। बेस्ट टाइम कौन सा है,

कब मां बगलामुखी  साधना  की पूजा करना ?

 महाविद्याओं पर, उसमें आज जिस महाविद्या पर हम बात करेंगे वह है मां बगलामुखी। मां बगलामुखी को कहा जाता है शत्रुओं का नाश करने वाली, तंत्र मंत्र अगर आपके ऊपर किसी ने किया है तो उसका नाश करने वाली देवी।

यानी कि अगर आप किसी भी तरीके के संकट में हैं तो मां बगलामुखी की पूजा अगर आप करते हैं, उनको प्रसन्न आप कर लेते हैं तो सारी मुसीबत आपके ऊपर से खत्म हो जाती है।

यह मां जितनी सौम्य हैं, यह उतनी ही क्रोध में भी आ जाती हैं जब उनके भक्त पर कोई उंगली भी रख देता है।  हम एक सीरीज कर रहे हैं दश महाविद्याओं पर, उनके साथ आपको आज के पॉडकास्ट में बताएंगे मां बगलामुखी के बारे में।

तो चलिए,  आप तैयार हो जाइए और सीधे हम आपको मिलवाते जो सीरीज हम कर रहे हैं दश महाविद्या पर और वह और आगे बढ़ गई है और आगे बढ़ते हुए अब बगलामुखी की आज हम बात करेंगे। मां बगलामुखी का, के बारे में मैं कहूंगा कि शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसने या तो नाम ना सुना हो या मां बगलामुखी के बारे में थोड़ा बहुत ना जानता हो।

बट आज हम डीप डाइव करेंगे, मां बगलामुखी को बहुत करीब से मैं समझने की कोशिश करूंगा क्योंकि आपने तो समझा ही है और थोड़ा सा हम लोग भी समझ लें। सबसे पहले आप मां बगलामुखी के बारे में बताइए कि यह कैसी देवी हैं और इनका रूप कैसा है, इनको कैसे प्रसन्न कर सकते हैं,

कैसे आप बगलामुखी से कनेक्ट कर सकते हैं?

बगलामुखी एक बहुत ही शक्तिशाली एनर्जी है, 10 महाविद्या में से एक है और बहुत इम्पोर्टेंट डेइटी है। और मैं ये कहूंगी कि अगर एक वर्ड में उनको डिस्क्राइब करना हो तो मैं वो वर्ड यूज करूंगी, चमत्कार। ओके। इतने चमत्कार हुए हैं मां बगलामुखी के उसमें और बहुत मेरे क्लाइंट्स मुझे बताते हैं, मेरे साथ पर्सनली हुए हैं। मां बगलामुखी एक ऐसी एनर्जी है जिसकी शायद आज जो संसार को है, सबसे ज्यादा जरूरत है।  पैराग्राफ  भी बना दो ३से 4  लाइन के 

वो कॉम्पिटिशन में आपको आगे करा सकती हैं, वह एनिमीज के ऊपर प्रिसाइड करती हैं, दुश्मनों का स्तंभन करती हैं और प्रोटेक्शन फ्रॉम इविल, प्रोटेक्शन फ्रॉम ब्लैक मैजिक, आपको तंत्र मंत्र से बचाती हैं अगर किसी गलत तरीके से उसका प्रभाव हो और बहुत ज्यादा आपको शक्ति प्रदान करने वाली हैं और इजीली अप्रोचेबल, अगर आप मानें।

पॉलिटिशियन, फिल्म स्टार्स, मूवी स्टार्स, यह मां बगलामुखी के टेम्पल पर बहुत रेगुलरली जाते हैं। बड़े-बड़े बिजनेसमैन, जितने भी लोग प्रिकॉशन से या किस मोटिव से? बहुत सारे तो अपने दुश्मनों को हराने के लिए जाते हैं, बहुत सारे बिजनेस में तरक्की के लिए जाते हैं।

नेगेटिव एनर्जी, देखिए जितना बड़ा आपका काम, उतनी ज्यादा आपके ऊपर नेगेटिव एनर्जी। बिल्कुल। लोग बिल्कुल नहीं छोड़ते प्रभाव करना, वशीकरण करना। वशीकरण को रिमूव करने के लिए बहुत सारे लोग जाते हैं, पूजा पाठ करवाने के लिए लोग जाते हैं। ऐसा कहते हैं कि गुप्त पूजाएं होती हैं।

जी। मां बगलामुखी के जो टेम्पल्स हैं वो दतिया में हैं, कांगड़ा में हैं और ये जो दो टेम्पल्स हैं ना, मां बगलामुखी के प्रमुख हैं। दतिया में भी बहुत लोग जाते हैं और कांगड़ा में भी बहुत लोग जाते हैं। सोशल मीडिया पर बहुत सारी रील्स आती हैं, शायद हिमाचल के कांगड़ा वाले जो बगलामुखी देवी का, ना बहुत लोग जाते भी हैं वहां पर।

हां, मैं भी रेगुलरली जाती हूं। हमारे, हमारे जो रुद्राक्ष हैं वो भी वहां पे पहले एनर्जाइज्ड होते हैं, उसके बाद ही हम क्लाइंट्स को देते हैं। तो वो एक ऐसी एनर्जी है कि अगर उनकी एनर्जी का एक अंश भी हमारे साथ मिल जाए तो हम बिल्कुल अनबीटेबल हो जाएंगे।

और इसीलिए लोग वहां जाते हैं। और उनको पीतांबरा भी कहते हैं। उनका कलर जो है वो येलो है और जो प्लैनेट को वो गवर्न करती है, वो प्लैनेट है मंगल या मार्स। आपको पता है कि अगर मंगल आपके चार्ट में खराब है तो आपको मां बगलामुखी के पास जाना है।

अगर मंगल की महादशा है, आपको प्रॉब्लम्स आ रही हैं, अगर आपका कॉम्पिटिशन बहुत बढ़ गया है, अगर आपको लगता है कि लोग आपको छोड़ ही नहीं रहे, हर तरफ से दुश्मन घेरे हुए हैं, ऐसे लोगों को मां बगलामुखी से बहुत इंस्टेंट रिलीफ मिलता है। अच्छा।

यानी कि बगलामुखी को लेकर एक बात तो आपने क्लियर कर दी है कि अगर आप किसी युद्ध की जगह पर हैं या आपकी लाइफ में किसी भी तरीके का आप एक वॉर ज़ोन सा फील कर रहे हैं या फिर आपके शत्रु बन रहे हैं, दुश्मन बन रहे हैं, एनिमी आपके बहुत ज्यादा हो गए हैं तो आपको मां बगलामुखी से कनेक्ट होना चाहिए।

बगलामुखी मां आईं कहां से, इनका जो प्राकट्य हुआ वो कैसे हुआ, मां बगलामुखी ने क्यों अवतार लिया? कहते हैं कि एक बार धरती पर बहुत ही बड़ा संकट आ गया था, एक ऐसा तूफान आ गया था जो थम ही नहीं रहा था। अच्छा। और श्री हरि विष्णु को लगा कि शायद अब प्रकृति का जो भविष्य है, वो संकट में है।

तो उन्होंने मां आदिशक्ति का आह्वान किया और जो पूजा उन्होंने की, जो तप उन्होंने किया, उससे जो शक्ति उत्पन्न हुई, वह मां बगलामुखी हैं। और उन्होंने श्री हरि विष्णु की तपस्या से प्रसन्न होकर संसार को भी बचाया और यह भी कहा कि मैं आगे भी अपने भक्तों की रक्षा करती रहूंगी।

तो मां का जो रूप है, इसको हम उग्र और सौम्य दोनों कह सकते हैं। उनके फेस पर एक स्लाइट सी स्माइल है, लेकिन यह हम बिल्कुल भी यह ना सोचें कि उनके अंदर वो शक्ति नहीं है। क्योंकि उनका जो फॉर्म 10 महाविद्या में दिखाया जाता है, उसमें उन्होंने शत्रु की जीभ या जिह्वा पकड़ी हुई है और एक हाथ से उनके हाथ में जो है वो शस्त्र है।

तो वो ये कहती हैं, स्तंभन की शक्ति रखती हैं और वो यह कहती हैं कि मैं शत्रुओं का विनाश एकदम कर सकती हूं। शी इज एक्सट्रीमली पावरफुल। और मैंने इतने चमत्कार होते हुए देखे हैं। मेरे एक क्लाइंट रिसेंटली गए थे और उनको कोई टेंडर में प्रॉब्लम आ रही थी, काफी बड़ा टेंडर था और उनके फेवर में नहीं जा रहा था, ऐसा उनको सूत्रों से पता चला।

और जब वह वहां पर गए और उनको एक ही लाइन में मां ने बोला कि इस डेट को तुम्हारे फेवर में जाएगा और जा, मैं तुझसे प्रसन्न हुई। और वो क्लाइंट आया, उसने मुझे यह बात बताई और वह डेट आई नहीं थी और सारी चीजें उसके विपरीत होने लग गईं और उसने, उसने बिल्कुल दिल छोड़ दिया और उसने कहा कि अब क्या फायदा, अब तो कुछ नहीं हो सकता।

मैंने उसको फिर भी यही गाइडेंस दिया कि आप ये साधना करते रहो, करते रहो, करते रहो। और जिस दिन उसको टेंडर मिला, जिस डेट पे उन्होंने कहा था, उसको मिला और उसने कहा कि ऐसा हो ही नहीं सकता था कि ऐसा हो।

पर चमत्कार, मैंने आपको शुरू में ही कहा था, चमत्कार की देवी है। जितने भी लोग ये पॉडकास्ट देख रहे हैं और उनको अपने जीवन में चमत्कार की उम्मीद है, बिल्कुल, वो बगलामुखी टेम्पल जरूर जाएं। आप भी गए होंगे बगलामुखी मंदिर? मेरे को, एज ऑलवेज, सपनों में उन्होंने बुलाया और मैंने नहीं सुना था जब मैं पहली बार गई और हिमाचल में चार साल पहले। अच्छा।

कैसे आया यह सपना और कैसे आपका पहुंचना हुआ वहां? मेरे को स्वप्न में कोई ना कोई फॉर्म मां का दिखता है। आपको मैं बता ही चुकी हूं कि पहले मेरा जुड़ाव शिवजी के साथ था और फिर शिवजी ने मुझे बोला कि अब आपको मां की शक्ति के साथ जुड़ना है।

मां काली के पॉडकास्ट में भी मैंने आपको कहा था कि जब तक हम शिवजी की साथ लेवल तक नहीं लेकर जाते, हम शक्ति तक अपने आप नहीं पहुंच पाते। भैरव या शिवजी, भैरव के फॉर्म में शक्तियों को जो है, वो गार्ड करते हैं। और जो मां बगलामुखी के टेम्पल में जो कांगड़ा वाला है, उसमें भी बाहर भैरव का बहुत बड़ा स्वरूप है और बहुत पावरफुल एनर्जी।

आप वहां पर पैर रखेंगे, आपके अंदर एक अलग सी वाइब्रेशन जागेगी। और वो वाइब्रेशन बिल्कुल सुला देने वाली, शांत वाइब्रेशन नहीं है। उसको फील करके आपको लगेगा कुछ भी पॉसिबल है, एवरीथिंग इज पॉसिबल। इतनी पावर आती है उस टेम्पल में जाके।

और वहां का अगर आप भोग खाएं, जो पीले चावल हैं वहां के, अगर आप वो खाएं, आपको लगेगा अब मैं इन्विंसिबल हूं। अब कुछ भी हो सकता है। सो शी इज द गॉडेस ऑफ पॉसिबिलिटी। मतलब वहां पर जाकर आप बाकायदा फील करेंगे कि ये मंदिर की जो एनर्जी है, जो मां बगलामुखी की एनर्जी है, बिल्कुल, कहते हैं मां बगलामुखी की जो पूजा कर ले या फिर जिससे प्रसन्न हो जाएं मां बगलामुखी, उसका कोई शत्रु नहीं रहता, उससे कोई जीत नहीं सकता क्योंकि वो फिर अजय हो जाता है।

बिल्कुल। अब इसमें मैं स्पिरिचुअलिटी का एक कांसेप्ट एज ऑलवेज जोडूंगी, तुषार। दुश्मन होता कौन है? हमारी प्रत्यक्ष लाइफ में तो दुश्मन हमारे कॉम्पिटिटर्स हो सकते हैं और आजकल मैंने आपको बोला कि नजर लगाने की प्रवृत्ति और वशीकरण कराने की तो कॉमन ही हो गई है।

बिल्कुल। तो इसलिए हम सबको मां बगलामुखी को जरूर उनकी पूजा अर्चना करनी चाहिए। लेकिन हमारे इंटरनल दुश्मन कौन हैं? हमारा ग्रीड, हमारा एंगर, हमारा डिस्पेयर। तो डेस्प्रिंग भी अपने में एक षड्यंत्र कह सकते हैं जिसमें उम्मीद ही खत्म हो गई, आशा ही खत्म हो गई।

तो जब हम मां बगलामुखी को साधते हैं ना, हमें सिर्फ एक्सटर्नल दुश्मनों की तरफ नहीं देखना, हमें अपने मन के डार्कनेस की तरफ भी देखना है। और मैं हमेशा अपने स्टूडेंट्स को यही समझाती हूं जब हम 10 महाविद्या की वर्कशॉप करते हैं, हम इसको काफी समझते हैं कि इस साल हम कौन से दुश्मन को हराएंगे ?

क्या हम अपने क्रोध को हराएंगे, क्या हम अपनी निराशा को हराएंगे, क्या हम अपने डिसिप्लिन के प्रॉब्लम को हटाएंगे? किस चीज को हटाएंगे? यानी खुद को स्ट्रॉन्ग कर लें हम इतना, इतना स्ट्रॉन्ग बना लें खुद को कि हम किसी दुश्मन से फाइट करके जीत सकें।

ये भी एक दुश्मन को हराने वाली बात होगी। बिल्कुल, बिल्कुल। और देखिए आप, बहुत युगों से इनकी पूजा चली आ रही है। रावण का जो बेटा था, उसने मां बगलामुखी को साधने का सोचा जब उसको पता चला कि श्री रामचंद्र और हनुमान जी और उनकी सारी सेना इस तरफ आ रही है।

तो उन्होंने यह कहा था अपने सैनिकों को कि मेरा यज्ञ बिल्कुल भी भंग नहीं होना चाहिए। और आपको पता है कि रावण कितना पंडित था और उसका बेटा भी काफी जानकार था। जब श्री राम को यह बात पता चली तो उनको लगा कि अगर माता इससे प्रसन्न हो गईं तो यह सारी सेना को मार देंगी और हम बिल्कुल भी ये युद्ध जीत नहीं पाएंगे।

तो उन्होंने हनुमान जी को यह आदेश दिया कि आप जाकर इस यज्ञ को तुरंत भंग कीजिए। और वह यज्ञ भंग हुआ। नहीं तो अगर मां प्रकट हो जातीं तो रामायण किस तरफ जाती, ये हमें पता है।

तो आप यह समझ लीजिए कि अगर वो मां बगलामुखी के सहारे ऐसे चल रहे थे तो अगर आज हम, आज हम उनको प्रसन्न कर पाएं… यानी कि युद्ध और महायुद्ध से पहले मां बगलामुखी की पूजा या उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश देवताओं ने भी की या फिर उस स्तर के जो महायोद्धा रहे, उन्होंने भी की है।

कृष्ण और अर्जुन ने भी की। अच्छा। इसीलिए मैं आपको महाभारत बोल बैठी थी। तो कृष्ण और अर्जुन ने भी अपना युद्ध शुरू करने से पहले उन्हीं को साधा था। अच्छा। और वो प्रकट भी हुई थीं। यानी कि बड़े लेवल पर पूजा की गई और तभी शायद वजह है कि ये कहा जाता है कि मां बगलामुखी को अगर आपने प्रसन्न कर लिया तो आप अजय हो जाते हैं। कैसे प्रसन्न करें?

कैसे प्रसन्न करें? देखिए, मां काली के लिए मैंने आपको बोला था कि उनकी मंत्र साधना करें। अब हर महाविद्या के लिए मैं अपनी ऑडियंस के लिए थोड़ा आसान करना चाहूंगी क्योंकि हमारे काम भी हैं, ऑफिस भी है, बच्चे भी हैं, घर भी है और तरह-तरह की जिम्मेवारियां हैं।

मां बगलामुखी का बहुत ही, बहुत ही शक्तिशाली मंत्र है जो अभी मैं स्क्रीन पर दिखा रही हूं। यह मंत्र अगर हम दिन में एक बार भी कर लें, 108 बार कर लें तो आप समझ जाइए कि इससे बेटर कुछ हो ही नहीं सकता। लेकिन अगर एक बार भी कर लें और हम अपने बच्चों को याद करा दें तो ये हमारे अराउंड एक बहुत ही अच्छा प्रोटेक्टिव लेयर बना देता है।

लेकिन ये थोड़ा मुश्किल सा मुझे मंत्र लगता है क्योंकि आसान नहीं होगा किसी भी बच्चे के लिए, किसी भी बड़े के लिए कंठस्थ कर पाना। जी। तो क्योंकि ऐसा है, इसलिए मैं इनके लिए जो आपको बताने जा रही हूं, वो एक बड़ा यूनिक सा उपाय है।

बगलामुखी मां का एक यंत्र आता है। और यंत्र, देखिए यंत्र, तंत्र, मंत्र, ये तीनों चीजें साइड बाय साइड जाती हैं। जब हम मंत्र के प्रभाव को उतना नहीं बढ़ा पाते तो हम यंत्र से उसको बढ़ाते हैं। बगलामुखी मां का जो यंत्र है, हम उसकी बड़ी स्पेशल एनर्जाइजेशन और पूजा करते हैं।

मैं अपने बहुत सारे क्लाइंट्स को वो देती भी हूं ताकि उनकी लाइफ में जो मैंने क्लियर की है, उसके साथ-साथ ये यंत्र भी काम करता रहे। स्पेशली ऐसे लोग जो बहुत ज्यादा पाठ नहीं कर सकते या मंत्र सिद्धि नहीं कर सकते। तो ये जो यंत्र है, ये बहुत स्पेसिफिक यंत्र होता है।

मैं अपनी ऑडियंस के साथ एक उपाय आज शेयर करूंगी। और वो यह है कि अगर आप इस यंत्र को अपने ईस्ट कॉर्नर में लगा लें, अच्छा, ईस्ट की दीवार पर आप इसको लगा लें और यह बहुत ही शक्तिशाली होता है। और जो भी आपके दुश्मन हैं, उनकी फोटोज के छोटे-छोटे प्रिंट आउट लेके एंटी-क्लॉकवाइज डायरेक्शन में इस यंत्र के लगा दें।

जैसे पहला फोटो आपने यंत्र के ऊपर लगाया, ऊपर मतलब यंत्र से दीवार पे लगाया और फिर उसके बाद नेक्स्ट को लेफ्ट पे और फिर लेफ्ट पे। ऐसे एंटी लगाना है। ये आपने करना है अमावस्या वाले दिन और करना सुबह है अमावस्या वाले दिन।

और जिस दिन आप ये करेंगे, उस दिन आप 108 बार जरूर मंत्र की चैटिंग करेंगे, चाहे आप उसके बाद ना करें। और यह यंत्र जो है, इनकी शक्तियों के ऊपर काम करता रहेगा। 60 दिन के अंदर जब उसके थर्ड अमावस्या आएगी, आपको यह जितनी भी पिक्चर्स हैं, उनको जला देना है और अपने घर के बाहर फेंक देना है या बाहर जाकर वीराने में जला देना है।

और यंत्र वहीं पर रहेगा। तो यंत्र क्या करता है? यंत्र अपनी शक्ति का प्रभाव आपके पूरे एरिया में, आपके घर में, आपके बिजनेस में देता रहता है। ये उपाय आप अपनी फैक्ट्री या ऑफिस में भी कर सकते हैं। थोड़ा सा ऑड हो जाएगा अगर किसी ने देखा, तो आप उसको ढक सकते हैं पीले से छोटे से पर्दे के साथ ताकि डे-टू-डे दिखाई ना दे।

और ये आपके दुश्मनों का जो है, वो विनाश कर देगा। अब यहां मैं यह बताना चाहती हूं कि दुश्मनों के विनाश का क्या मतलब है। क्या वो शारीरिक रूप से उनको कोई तंगी आएगी? नहीं, ऐसा नहीं है। जो भी उनके साथ आपके नेगेटिव कॉर्ड हैं, जैसे जो आप पेहाम करने की कोशिश कर रहे हैं या आपको लगता है उनकी इंटेंशन है आपको करने, वो दूर हो जाएगी।

उनको कोई हम तांत्रिकों की तरह कोई ऐसा खत्म नहीं कर रहे। हां, नहीं, फिजिकली उन्हें नहीं कर रहे। तो ये एक जो उपाय है, वो बहुत पावरफुल है। जो यंत्र होता है, वो बहुत पावरफुल होता है। और जब हम देते हैं, हम एक स्पेशल तरीके से उसकी पूजा करके देते हैं।

जब हम बगलामुखी माता के मंदिर भी जाते हैं तो वहां पर गुप्त पूजाएं होती हैं जो आप पहले से बुक करा सकते हैं विद अ वेरी स्पेसिफिक इंटेंशन कि मुझे यह चाहिए। ओके। यह पूजा वो पंडित जी आपको बता देंगे कि आपको एक ही बार आना है या वहां पर आपको 11 दिन लगातार करानी है। ये आपकी प्रॉब्लम की इंटेंसिटी पर डिपेंड करता है।

अब आ गए कि हम डे-टू-डे मां की साधना कैसे करें। बगलामुखी मां की फोटो लगा के, लेकिन ईस्ट फेसिंग ही आपको बैठना है, ईस्ट में उनकी फोटो लगा के। उनको सॉलिड जो हल्दी की गांठें होती हैं, ठोस हल्दी की गांठों की माला बनाकर चढ़ाएं।

और यह हर रोज नहीं चढ़ानी है, आपने एक बार चढ़ा दिया तो आप पूर्णिमा की पूर्णिमा उसको चेंज कर सकते हैं। जो उतारी हुई है, वो हम बहा सकते हैं, जल प्रवाह कर सकते हैं। जल प्रवाह नहीं कर सकते तो हम किसी पीपल के पेड़ के नीचे उसको छोड़ के आ सकते हैं।

जो आपने यह पूजा करी, घी के दिए से उनकी पूजा होती है और मीठे चावल, मीठा लड्डू, येलो कलर की कोई भी चीज करें। जब भी आप मां बगलामुखी, जिनको पीतांबरा भी कहा जाता है, उनकी पूजा अर्चना कर रहे हैं, आपको बिल्कुल पीले वस्त्र पहनने हैं और पीले आसन पर ही बैठना है।

और इनकी पूजा दिन में करें। जब भी हम चाहते हैं… एक और बहुत अच्छा उपाय है मां का। जिनके बच्चे का फोकस एंड कंसंट्रेशन नहीं है, अगर वह बच्चा 13 साल से, मतलब टीनएजर नहीं है, 13 साल से कम है उसकी आयु, 12 वर्ष तक जो है बच्चे, उनके बेडरूम में आप ईस्ट फेसिंग वॉल पे, वैसे तो आप अपना स्टडी टेबल भी ईस्ट फेसिंग कर लीजिए

बच्चा बैठे तो ईस्ट की तरफ देखे, वहां पर अगर आप मां बगलामुखी का जो यंत्र है, वह लगा देते हैं, वो यंत्र पूरे टाइम काम करेगा आपके बच्चे के फोकस के ऊपर। बच्चे आजकल देखिए, डिस्ट्रैक्ट हो जाते हैं आईपैड में, यू नो, टैबलेट्स में या खेलने जाते हैं तो बहुत आके टेक्नोलॉजी में लग जाते हैं या खेलने में, पढ़ना नहीं चाहते।

ऐसे में अगर आप मां का यंत्र वहां लगाते हैं और उस यंत्र की पूरी एनर्जी उस बेडरूम में जाती है तो इससे आपके बच्चे की कंसंट्रेशन बिल्कुल शार्प हो जाएगी। ओके, ओके। अगर आपका बच्चा 13 साल के ऊपर है तो बेडरूम में यंत्र लगाना सही नहीं होगा।

ऐसे में आप मां का एक छोटा सा जो नाम है, उसको लिख के येलो पेपर पे उसके स्टडी टेबल के ऊपर ऐसे करके चिपका दीजिए, लैमिनेट करा लीजिए और चिपका दीजिए।

वो भी एक यंत्र का काम करेगा बिकॉज़ यंत्र एक सर्टेन एज तक ही हम ऐसा कर सकते हैं, उसके बाद हमें उसको मंदिर में रखना होगा। अगर वो भी नहीं, जब भी आपका बच्चा पाठ हो, आप कोशिश कीजिए कि आप मां के आगे रखी हुई हल्दी जिसका मंत्र उच्चारण से आपने जिसको एनर्जाइज्ड किया, अपने बच्चे के माथे पे, नाभी पे और गले पे लगा दीजिए।

क्योंकि वाक् सिद्धि की भी मां हैं ये। वाक् सिद्धि, प्रधान सिद्धि क्या है? कि जो हम बोलें वो सच हो और जो हम बोलें वो सबके हित में हो। और जैसे प्रेडिक्शन करते हैं लोग, तो प्रेडिक्शन जो है वो ट्रू हो जाना। जो मैं कह रही हूं, मेरे, मेरी जिह्वापे जो है, मां सरस्वती का वास हो।

खासकर वो लोग जो यह चाहते हैं कि मैंने जो कहा, उसे दुनिया सुने या मैं जो कह रहा हूं, उससे लोग इंप्रेस हों, चाहे वो इंटरव्यूज में जाने वाले लोग हों, ग्रुप डिस्कशन में जो लोग रहते हैं, क्या ये जरूरी है कि वो लोग मां बगलामुखी की पूजा करेंगे तो उनकी जो बोलने की प्रभाव है, वो प्रभाव बढ़ेगा? वो प्रभाव बढ़ेगा।

लेकिन जैसे बच्चे अब मंत्र नहीं कर सकते हैं तो यहां पर हम जो है, यंत्र का प्रयोग करेंगे। तो अगर आपकी ग्रुप डिस्कशन है, आप उस यंत्र को अपने सामने रखें, ईस्ट की तरफ फेस करें और आप अपनी पढ़ाई वहीं पर करें और फिर उस यंत्र को वापस जो है, मंदिर में प्लेस कर दें। आप उस यंत्र के साथ-साथ काम करें और आपका जो है, बहुत ही, बहुत ही अच्छे रिजल्ट्स आएंगे कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स में, स्कूल्स में, ग्रुप डिस्कशन में, इंटरव्यूज में, पॉडकास्ट में।

बिल्कुल। अच्छा, अक्सर मैं आपसे ये पूछता हूं कि किसी भी देवी का जब आपकी लाइफ में उनकी एनर्जी का आना शुरू होता है तो क्या फील होता है ? मां बगलामुखी जब आपकी लाइफ में आना शुरू होती हैं, उनकी कृपा आना शुरू होती है तो किस तरीके के इंडिकेशंस आपकी लाइफ में आना शुरू होते हैं ?

मां बगलामुखी जब हमारी लाइफ में एंटर करती हैं, सबसे पहले हमारे में बहुत कॉन्फिडेंस आता है। ओके। आप याद कीजिए, मंगल ग्रह के क्या-क्या एट्रिब्यूट हैं ? करेज, बहुत पावर, बहुत कॉन्फिडेंस। आपने पिछले पॉडकास्ट में मुझे बताया है कि ये पर्टिकुलर देवी जो है, वो किसी एक ग्रह से कनेक्टेड है। तो क्या मां बगलामुखी मंगल से हैं ? जी, मंगल से कनेक्टेड हैं।

और मंगल ग्रह कॉन्फिडेंस का ग्रह है, करेज का ग्रह है, हनुमान जी को याद कीजिए, बिल्कुल। है ना, और भक्ति का ग्रह है। तो जब आपके दिल में ये फीलिंग आने लग जाए, होप आने लग जाए, आपको लगे कि दुश्मन आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं, मां मेरे साथ है, यह सारी जो फीलिंग होती है, वो इसकी होती है।

देखिए, यह तो पॉसिबल नहीं है आज की दुनिया में कि लोगों के दुश्मन ना हों और यह भी पॉसिबल नहीं है कि वो दुश्मन आपका कुछ ना करे। हम सतयुग में नहीं रह रहे, बिल्कुल। तब भी वैसे तो युद्ध होते ही थे। बिल्कुल, बिल्कुल।

लेकिन उनके होते हुए भी अगर आप में कॉन्फिडेंस है कि अगर एक दैविक शक्ति आपके साथ है तो आपका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, वो है मां बगलामुखी की पावर। तो बहुत ही प्रभावशाली उपाय जो मैंने बताया है, मैंने खुद करके देखा है और बहुत क्लाइंट्स ने भी बताया है।

अगर ऑडियंस में किसी के साथ चमत्कार हुए हैं तो कमेंट्स में जरूर बताएं क्योंकि यह एक चमत्कार की मां हैं। आप गए… अच्छा नहीं, मैं बगलामुखी मंदिर नहीं गया। बट आपकी बात जब मैं सुन रहा था क्योंकि मेरे बहुत सारे फ्रेंड्स हैं जो कि कांगड़ा में जो बगलामुखी मंदिर है, वहां जाते हैं।

एक मेरी फ्रेंड है जो सही में, उन्होंने मुझे बहुत सारी चीजें बताईं, उन्होंने मुझे बताया भी कि कई बड़े-बड़े पॉलिटिशियन वहां बगलामुखी के मंदिर में जाते थे और वहां पर पूजा पाठ करके अपने चुनाव जीते हैं वो लोग।

बड़े-बड़े, मैं किसी का नाम नहीं लूंगा लेकिन बहुत ज्यादा मेरे आसपास बहुत सारे ऐसे लोग हैं और आपने आज जो बातें कहीं, मुझे लग रहा है कि मुझे भी बुलाया जा रहा है कि आ जाओ भई, बहुत टाइम हो गया आपको इंडिकेशन देते हुए।

तो मैं बहुत जल्द शायद पूरे परिवार के साथ वहां पर जाऊं। वेल, दश महाविद्याओं में से एक हैं मां बगलामुखी, तो तंत्र से रेलेवेंस इनका होगा, इनका कोई ना कोई कनेक्ट तंत्र के साथ भी होगा। क्या मां बगलामुखी की कनेक्टिविटी तंत्र के साथ है? जो तांत्रिक हैं, वो कैसे कनेक्ट करते हैं?

तांत्रिक मां बगलामुखी की सिद्धियों को साधते हैं, स्तंभन करते हैं, वशीकरण का भी प्रयोग करते हैं। लेकिन मैं यह सोचती हूं कि जिनके ऊपर कुछ कराया गया है, अगर वो मां बगलामुखी के टेम्पल में जाएं तो उनको बहुत फायदा होगा क्योंकि ये जितना भी करा-कराया होता है, वो मां बगलामुखी के टेम्पल पर उतर जाता है।

अच्छा। और अगर आप अपने पेशेंट को वहां नहीं ले जा पा रहे हैं तो आप उनके साइड पर बैठ के, चाहे मन ही मन इस मंत्र का जाप करते रहें। पॉसिबल ही नहीं है कि जिस जगह पर उनका यंत्र लगा हुआ है, अगर कोई बहुत बीमार है तो आप उसके बेड के ऊपर जो दीवार है, उसके ऊपर यह यंत्र लगा दीजिए।

यह यंत्र उस व्यक्ति को इतना, इतना होप फुल कर देगा कि उसकी बॉडी जो है, रिएक्ट करने लग जाएगी, इतना पॉजिटिवली। क्या ये मार्केट से यंत्र खरीदा और लगा दिया, इतना भर काफी है या इसकी एनर्जी बढ़ानी पड़ेगी ?

जैसे आपने कहा कि आपके पास जितने यंत्र होते हैं, आप जो देते हैं लोगों को, वो आप एनर्जाइज्ड करके देते हैं, उसकी पूजा पाठ एक प्रोसेस है जो आपने बताया भी कि मंत्र के थ्रू करते हैं। क्या लाकर लगा देना काफी है या एनर्जाइज्ड करना पड़ेगा ? देखिए, अगर आप नॉर्मल पानी पी रहे हैं तो आप लाकर भी पी सकते हैं।

अल्कलाइन वॉटर पीना है तो आपको उसको बना के पीना होगा जिसके और भी फायदे हैं। तो जब हम इसको एनर्जाइज्ड करते हैं मंत्रों के थ्रू, इसका बिल्कुल एक अलग इफेक्ट होता है। पर मैं ये नहीं कहूंगी कि यंत्र में अपनी पावर में कोई कमी है। लेकिन डेफिनेटली अगर हम उसको और भी शार्प करें, लेजर बीम की तरह बना लें तो असर जो है, वो जल्दी होता है।

अच्छा, बेस्ट टाइम कौन सा है? कब मां बगलामुखी की पूजा करना, किन डेज में पूजा करना आपको बहुत जल्दी फल दे सकती है? नवरात्रि आ रहे हैं, आप नवरात्रों में फर्स्ट नवरात्रि से शुरू कर दीजिए और यह सबसे बेस्ट टाइम होगा इनकी साधना शुरू करने के लिए।

और ट्यूसडे इनके लिए बहुत अच्छा माना जाता है और सैटरडे भी इनके लिए बहुत अच्छा माना जाता है। तो ये जो दो डेज हैं, इनमें भी आप शुरू कर सकते हैं। लेकिन अगर नवरात्रों में कर सकें तो नथिंग लाइक इट। कोई खास तरीके का, क्योंकि आपने पिछले पॉडकास्ट में बताया था कि एक पर्टिकुलर भैरव हैं जो हर दश महाविद्याओं के साथ अटैच हैं।

इन देवी के साथ, मां बगलामुखी के साथ अगर हम देखें तो एक भैरव होंगे जो कि अटैच होंगे। तो क्या मां बगलामुखी का जो… क्या जो मतलब आम आदमी जो एक गृहस्थ फैमिली मैन है, वो पूजा करता है तो क्या उनकी पूजा भैरव के साथ या उन देवता के साथ करना जरूरी है ?

जैसे आपने शिव की बात की कि पहले शिव की पूजा करो, फिर आप दश महाविद्या से कनेक्ट होगे। तो क्या दश महाविद्याओं में मां बगलामुखी की पूजा करने से पहले भी आपको शिव की पूजा करनी चाहिए? जी।

और इसीलिए जो वहां पे कांगड़ा में टेम्पल है, उसके बाहर ही भैरव जी स्थापित हैं। बताया कि हां, बड़ा भव्य, बहुत, बहुत भव्य हैं। तो जैसे भी आप उनकी पूजा कर सकें, मदिरा से कर सकें, मंत्र से कर सकें, अगर आप वहां जा रहे हैं तो आपको पता चल जाएगा।

लेकिन अगर आप घर पे कर रहे हैं तो आप गणेश जी की वंदना से शुरू करें और उसके बाद शिव जी का करें या भैरव जी का करें और उसके बाद ही मां की।

ये एक प्रोसेस आप फॉलो करें तभी आपको बेहतर तरीके से आपको फल मिल पाएगा। अच्छा, एक लास्ट क्वेश्चन मेरा आपसे ये रहेगा, मैंने बहुत जगहों पर सुना है कि मां बगलामुखी का हवन करिए, मां बगलामुखी… तो क्या हवन से खास कनेक्टिविटीमां बगलामुखी की है ?

सभी महाविद्या की है। अच्छा। हवन एक अगेन, उग्र फॉर्म है किसी भी चीज को करने का। और हम उसमें आहुति देते हैं, अपनी ऑफरिंग्स देते हैं और प्रे करते हैं कि जो देवता हैं, वो उसको एक्सेप्ट करें, अग्नि देवता और बहुत सारे देवताओं का जब हम आह्वान करते हैं।

मैंने पर्टिकुलर नोटिस किया है कि हवन करके जब हम अपना शुरू करते हैं और जब हम उद्यापन करते हैं तो भी हवन करना… हवन इज अ वेरी पावरफुल प्रोसेस। मैं यह कहूंगी कि अगर आप मंत्र सिद्धि कर रहे हैं किसी भी महाविद्या की तो बहुत जरूरी है कि आप रोज हवन करें।

वैसे भी अगर आप हवन करते हैं, आपके घर की ऊर्जा जो है, वो अलग ही लेवल की हो जाती है। किसी के घर में घुसते ही बता सकते हैं कि इनके घर में रोज हवन होता है। स्पेशली पीपल जो औरा पढ़ सकते हैं, जो एनर्जीज को पढ़ सकते हैं, जी, वो एकदम घुसते ही आपको बता देंगे कि आप बहुत… एक जो स्पेस होती है ना तुषार, वो जागृत हो जाती है मंत्र से और हवन से और यंत्र से। बिल्कुल। चलिए, बहुत-बहुत अच्छा लगा मुझे।

आज आपने हवन वाली बात जो कही है, वो तो मेरा पर्सनल क्वेश्चन था आपसे क्योंकि हवन को लेकर बहुत समय से मेरे मन में था कि… क्योंकि मुझे बहुत अट्रैक्ट करता है कहीं पर भी अगर हवन हो रहा है या मैं अगर हवन में शामिल हूं तो बड़ा एक अच्छा सा फील होता है, एक एक्टिवेटेड सा फील होता है। सो दैट वाज माय पर्सनल क्वेश्चन।

थैंक यू, आपने हम… हर एक सवाल का जवाब दिया और हमारे जो व्यूवर्स हैं, क्योंकि एक सीरीज हम कर रहे हैं, अगर आपने अभी तक पिछले पॉडकास्ट नहीं देखे हैं तो आप जरूर जाकर उन पॉडकास्ट को देखिए क्योंकि हर एक देवी पर हमने कोई ना कोई अलग-अलग तरीके से डीप डाइव किया है। सो थैंक यू आज के लिए इस पॉडकास्ट के लिए। थैंक यू।

महामृत्युंजय मंत्र के नुकसान – भूल से भी न करें ये 6 गलती ph.85280 57364

महामृत्युंजय मंत्र के नुकसान - भूल से भी न करें ये 6 गलती ph.85280 57364

महामृत्युंजय मंत्र के नुकसान – भूल से भी न करें ये 6 गलती ph.85280 57364

 

महामृत्युंजय मंत्र के नुकसान - भूल से भी न करें ये 6 गलती ph.85280 57364
महामृत्युंजय मंत्र के नुकसान – भूल से भी न करें ये 6 गलती ph.85280 57364

महामृत्युंजय मंत्र के नुकसान – भूल से भी न करें ये 6 गलती ph.85280 57364 प्राण कुछ देर के लिए रोक सकता है, वो महामृत्युंजय के मंत्र में वो बल है। इसलिए ब्राह्मण कहते महामृत्युंजय का जाप कर, इसका अनुष्ठान कर लीजिए, जप कर लीजिए, उस जप को धारण कर लीजिए। पर एक बात आपसे हम कहना चाहेंगे — थोड़ा सा भले आपको बुरा लगे, चाहे भला लगे।

जितने website के माध्यम से पढ़ रहे हो, आस्था के माध्यम से सुन रहे हो, चाहे महामृत्युंजय मंत्र बजता रहता या गायत्री मंत्र आपने अपने मोबाइल में डाल लिया, हनुमान चालीसा आपने अपने मोबाइल में डाल ली — चलते-फिरते, खाते-पीते आप जप पर।

शिव महापुराण की कथा कहती है — महा मृत्युंजय वो मंत्र है जिस मंत्र के बल पर स्वयं भगवान शंकर सामने आकर खड़े हो जाते हैं मृत्यु को जीतने के लिए। और उस मंत्र को आप गलत काम कर रहे हो — उसमें भी बज रहा है, रिंगटोन में चालू कर दिया है।

मालूम पड़े — सोच, कर्म के लिए बैठे हो, कहीं वॉशरूम में गए हो, कहीं मुंह धो रहे हो, उल्लंघन कर रहे हो, गलत — किसी से झूठ बोल रहे हो, बात कर रहे हो और वो मंत्र तुम्हारे मोबाइल में बज रहा है। उसका दोष तुमको सहन करना पड़ेगा, उसका कष्ट तुमको सहना पड़ेगा। कोई दूसरा नहीं सहेगा।

मंत्र का प्रयोग, मंत्र का उपयोग आप करो — मना नहीं है, परंतु उस मंत्र का प्रयोग जब आपको लगे कि मुझे इस मंत्र की ज़रूरत है — तब उस मंत्र को छोड़ा जाए। भगवान राम के उस तरकश के अंदर कितने बाण थे, पर भगवान ने समय-समय पर छोड़े — कि हां, इस बाण की ज़रूरत है — छोड़ दिया जाए। अब इसकी ज़रूरत है — छोड़ दिया जाए। अब इसकी ज़रूरत — छोड़ दिया जाए।

लक्ष्मण जी ने बार-बार भगवान राम से कहा — एक मिनट में निपटा दो इस रावण को। भगवान कहते — नहीं, पहले छोटे-छोटे बाण छोड़े जाएंगे। डॉक्टर भी अगर टैबलेट देता है, डॉक्टर भी दवाई देता है, तो पहले छोटी-छोटी देता है — कि ये काम कर जाएगी, यह काम कर जाएगी, यह काम कर जाएगी।

जब इतने एमजी की काम नहीं करती — 60 एमजी, 70 एमजी, 200 एमजी की काम न करे, फिर 500 एमजी पर पहुँचता है कि हां, अब यह दवाई काम करेगी। 500 से फिर आगे बढ़ेगा — 550 एमजी की, 600 एमजी की।

जब ये काम न करे, तब दिया जाता है। उस मंत्र का प्रयोग करो, जपो — और जब हम किसी कष्ट में हो, तब किसी ब्राह्मण देवता के पास जाकर निवेदन कर कहें — ब्राह्मण देवता, हे ब्राह्मण देव, आपकी कृपा हो — हमें महामृत्युंजय मंत्र का अनुष्ठान करवाना है। मेरे दादा, मेरे पिता, मेरी माता, मेरी बहन, मेरा भाई — उसकी स्वास्थ्य। ब्राह्मण देवता संकल्प लें — और संकल्प लेकर फिर वो महामृत्युंजय मंत्र का स्मरण करे। उसका जो फल हो, उसका जो सुख हो — वह एक आनंद देने वाला है, उसका एक आनंद है — जीवन की शरणागति का पथ है, सुख देने वाला आनंद।

शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव

gray concrete statue under blue sky during daytime

sawan maas mein shiv sadhana शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव 

शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव
शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव

सावन मास शिव साधना शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव sawan maas mein shiv sadhana जय सियाराम प्यारे साधकों हर हर महादेव। आज की यह लेख बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाली है। आज मैं जानकारी ले आया हूं सावन के इस पवित्र महीने में हम भगवान भोलेनाथ की किस प्रकार से साधना कर सकते हैं। 

क्या हमारा प्रोसेस रहेगा और किस प्रकार से हम भगवान शिव के मंत्र का जाप करके अपनी कुंडलिनी शक्ति को अनुभव कर सकते हैं।

अपनी दिव्य दृष्टि से सूक्ष्म जगत के हम दर्शन कर सकते हैं और अपनी वाक् सिद्धि को बहुत ज़्यादा प्रबल कर सकते हैं और बहुत ज़्यादा अपनी सिद्धि शक्तियों को प्राप्त करके लोक कल्याण का कार्य भी कर सकते हैं।

तो प्यारे साधकों यह पोस्ट आप ही के लिए है। यदि आप एक बेसिक साधक हैं, एक न्यू साधक हैं और आप भी मंत्रों का जाप करना चाहते हैं। आप भी अपने देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं या आप एक एडवांस लेवल के साधक हैं।

काफी समय से आप प्रयासरत हैं अपनी सिद्धि शक्ति को प्राप्त करने के लिए, अपनी दिव्य दृष्टि को एक्टिवेट करने के लिए या कुंडलिनी शक्ति को जागृत करने के लिए। तो प्यारे साधकों अब आपको किस प्रकार से प्लान करना है, वो मैं बता देता हूं।

sawan maas mein shiv sadhana चातुर्मास का महत्व और भोलेनाथ की कृपा

सावन मास शिव साधना शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव
सावन मास शिव साधना शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव

जैसे आप सभी जानते हैं 6 जुलाई से हमारे 1 नवंबर तक विष्णु भगवान पूर्ण रूप से योग निद्रा में चले गए हैं। अब इन चातुर्मास का जो अपने हमारे ग्रंथों के अंदर बहुत ज़्यादा महत्व होता है कि इस दौरान यदि कोई भी व्यक्ति अपने इष्ट की सेवा करता है या किसी भी देवी-देवता की सेवा भाव करता है तो 100% उसे पुण्यों की प्राप्ति होती है।

तो उसी प्रकार से अब इन चार महीनों को जो होल्ड करेंगे वह करेंगे हमारे भगवान भोलेनाथ शिव शंकर भोलेनाथ। तो शिव भगवान इन चार महीनों में आपकी सिद्धि साधनाओं को सफल करने वाले देवता बनेंगे।

sawan maas mein shiv sadhana सावन मास में साधना की योजना

a table with a bunch of items on top of it

तो इन चातुर्मास के अंदर आपको बोला जाता है तीर्थों के आप दर्शन कर सकते हैं। तीर्थों पे आप जाकर अपने गुरु मंत्र का जाप कर सकते हैं या कोई भी सिद्धि साधना करते हैं तो उसका पुण्य बहुत ज़्यादा मिलता है।

तो, इसी प्रकार से अभी सावन का जो महीना चालू होने वाला है, 11 जुलाई से चालू हो रहा है जो कि 9 अगस्त तक हमारा चलेगा। अब आप एक एडवांस लेवल के साधक हैं तो आप एक साधना उठा सकते हैं जो कि 11 तारीख से लेकर 9 अगस्त तक 30 दिन की एक साधना को भी आप उठा सकते हैं कि पूरा सावन के महीने में आप भगवान भोलेनाथ की सेवा करने जा रहे हैं।

यदि आप कोई जॉब करते हैं, कोई बिज़नेस करते हैं, ज़्यादा समय नहीं होता है, तो पूर्ण रूप से आप साप्ताहिक भी कर सकते हैं कि हर सोमवार के दिन चारों सोमवार जैसे 14 जुलाई, 21 जुलाई, 28 जुलाई और 4 अगस्त — इन चार महाशिवरात्रि का एक तरीके से जो पर्व है उसको सेलिब्रेट कर सकते हैं।

sawan maas mein shiv sadhana सावन मास शिव साधना  – साधना के विविध तरीके

a statue of a person sitting in a lotus position

इस दिन आप फलाहार ले सकते हैं या इस दिन आप फास्टिंग भी कर सकते हैं या कोई किसी भी जैसे शिव पुराण का पाठ करना हो इस प्रकार के पाठों को भी कर सकते हैं। यदि आप राम भक्त हैं, शिव या बालाजी के भक्त हैं तो आप रामायण जी का भी पाठ कर सकते हैं और भगवान भोलेनाथ को सुना सकते हैं।

तो इस प्रकार से भी आप प्लान करते हैं। किसी भी साधना को करने से पहले सबसे पहले हम भगवान गणेश जी का ध्यान करते हैं। उनका हम नमन करते हैं और गणेश जी का हम पंचोपचार से पूजन करते हैं।

कोई भी हम चौकी स्थापित कर सकते हैं। चौकी के ऊपर गणेश जी का पीले चावल छोड़कर हम पंचोपचार से पूजन करेंगे सर्वप्रथम। उसके बाद में आपने यदि गुरु दीक्षा ली हुई है तो आप गुरु का अपना पूजन करेंगे।

गुरु का पूजन करने के उपरांत यदि आपके कोई शरीरधारी गुरु नहीं हैं, आपने अपने इष्ट देवी-देवता या भगवान भोलेनाथ को ही अपना गुरु मान रखा है तो आप भगवान भोलेनाथ का पंचोपचार से पूजन करेंगे।

sawan maas mein shiv sadhana सावन मास शिव साधना –  मुख्य पूजन विधि और मंत्र जाप

a statue of a person sitting on top of a rock

उसके उपरांत आप अपने मेन मंत्र के ऊपर आएंगे। मतलब अपने मेन इष्ट के ऊपर आएंगे। आप भगवान भोलेनाथ के एक सुंदर से चित्र को रख सकते हैं। यदि आपके मंदिर में पहले से ही कोई मूर्ति है तो उसी मूर्ति को आप स्नान करा के बढ़िया तरीके से उनकी स्थापना कर सकते हैं।

पंचोपचार से पूजन करने के बाद में उनकी आरती करने के बाद में आप उनको मिष्ठान्न का भोग लगा सकते हैं। प्रसाद चढ़ा सकते हैं। फल फूल जो भी आप समर्पित करना चाहते हैं आप भगवान भोलेनाथ को समर्पित कर सकते हैं।

अब जब यह आपका पूजन क्रम कंप्लीट हो जाता है, तो सबसे पहले हमारा जो सबसे प्रभावी मंत्र होता है, शिव साधना के लिए पंचाक्षरी मंत्र है और शिव मंत्र यह इतना ज़्यादा पावरफुल होता है कि किसी भी व्यक्ति की कुंडलिनी शक्ति को बिना किसी पेन के उठाने का दम रखता है।

सबसे पावरफुल मंत्र बोला जाता है। क्योंकि कहीं ना कहीं हमारी जो कुंडलिनी शक्ति है वह माता पार्वती का ही स्वरूप है और जो हमारे शिव हैं जो ब्रह्म रंध्र से हमारे कुंडलिनी के साथ में जो मिलन होता है एक तरीके से बोला जाता है शिव शक्ति का मिलन — इसे ही हम कुंडलिनी शक्ति का जागरण कहते हैं।

तो इस हमारे शिव मंत्र का जो कि “नमः शिवाय” का मंत्र होता है जिसमें पांच अक्षर मंत्र होते हैं। यह अपने आप में बहुत ज़्यादा पावरफुल है। यदि हम इसमें आगे और पीछे प्रणव लगा देते हैं “ॐ” तो यह षडाक्षरी या षडक्षरी मंत्र बन जाता है।

sawan maas mein shiv sadhana सावन मास शिव साधना – कुंडलिनी जागरण की प्रक्रिया

सावन मास शिव साधना शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव
सावन मास शिव साधना शिव मंत्र साधना से कुंडलिनी जागरण | सावन मास में पाएं दिव्य अनुभव

अब जब कोई भी साधक शिव मंत्र का जाप करता है तो उसके शरीर की 72,000 नाड़ियां पूर्ण रूप से एक्टिवेट होकर उसके शरीर के अंदर में कॉस्मिक एनर्जी को भरने लग जाती है और पूरा ओरा उसका ब्लूइश कलर का दिखाई देने लगता है।

और शिव मंत्र एक बहुत ज़्यादा सौम्य मंत्र है। इसके जाप से हमारे शरीर के ऊपर कोई भी दुष्परिणाम नहीं आते हैं। तो कोई भी साधक अपने इस मंत्र का जाप करके कुंडलिनी शक्ति को आसानी से फील कर सकता है और सिद्धि शक्तियों को तुरंत से आकर्षित कर सकता है।

अब हमारा सबसे अहम पड़ाव जो होने वाला है इस साधना में वो रहेगा — संकल्प।

sawan maas mein shiv sadhana सावन मास शिव साधना – संकल्प और न्यास की विधि

सावन मास शिव साधना - संकल्प और न्यास की विधि
सावन मास शिव साधना – संकल्प और न्यास की विधि

कोई भी साधना की जाती है तो हम देवी-देवता से अपना संकल्प लगाते हैं। तो आप संकल्प लगाना सभी जानते हैं। आपको देवता का आह्वान करना होता है और उनसे प्रार्थना करनी होती है कि मेरा यह नाम है। मेरे पिता का यह नाम है, एड्रेस यह है, गोत्र यह है और मैं भगवान भोलेनाथ आपकी साधना करने जा रहा हूं।

कृपया करके आपकी जो भी मनोकामना है, वह आपको बोल देनी है और संकल्प में बोलना है कि मैं कम से कम इन 11 दिन के अंदर सवा लाख मंत्रों का जाप करूंगा या मैं इस पूरे सावन के महीने में 30 दिन के अंदर सवा पांच लाख मंत्रों का जाप करूंगा।

सबसे पहले तो आपको अपना बढ़िया तरीके से बैठ जाना है। न्यास करना है। मंत्र की ऊर्जा को अपने संपूर्ण शरीर के अंदर स्थापित करना है।

अब आपको सबसे पहले न्यास कर लिया कि यह मंत्र “ॐ नमः शिवाय” के न्यास का हिस्सा है, जो भगवान शिव को समर्पित है। “अंगुष्ठाभ्यां समर्पयामि” का अर्थ है “अंगूठे से स्पर्श करता हूँ”, “तर्जनीभ्यां समर्पयामि” का अर्थ है “तर्जनी उंगली से स्पर्श करता हूँ”, और “मध्यमाभ्यां समर्पयामि” — पूरे शरीर के अंगों को स्पर्श करके मंत्र की ऊर्जा को हम समाहित कर लेते हैं।

अब हम यहां पे प्रोटेक्शन हो गया है हमारा। ऊर्जा हम शिव तुल्य हो गए हैं शिव के मंत्र को जप करने के लिए।

sawan maas mein shiv sadhana सावन मास शिव साधना – ध्यान और इमेजिनेशन की महत्ता

अब आपको सबसे पहले थर्ड आई मतलब आंखों को भी आप बंद करके जाप कर सकते हैं ताकि आपका कंसंट्रेशन लेवल ज़्यादा से ज़्यादा बने। यदि आप आंख खोल के करते हैं तो आपकी आंखों की वजह से आपका ध्यान भटक सकता है।

तो आप आज्ञा चक्र पर इमेजिनेशन करेंगे कि आपका जो मंत्र है “ॐ नमः शिवाय” — वह पीले अक्षरों में गोल्डन कलर में आपकी थर्ड आई के पटल पर लिखा जा रहा है।

मन ही मन इस मंत्र का जाप करेंगे, और हार्ट के अंदर से उसकी गूंज सुननी है कि मंत्र की आवाज कैसी है।

जब आप आराम से, धीरे-धीरे मंत्र को फील करते हुए, सुनते हुए जाप करते हैं तो मंत्र की वाइब्रेशन आपके शरीर के अंदर गहराई तक जाती है।

sawan maas mein shiv sadhana बाधाएँ, अनुभव और अंतिम रहस्य

जब आपकी फ्रीक्वेंसी मंत्र से मेल खा जाती है तो आपकी कुंडलिनी शक्ति ऊपर की ओर चलना प्रारंभ कर देती है।

50% जाप के बाद आपको लग सकता है कि यह सब व्यर्थ है, छोड़ दूं। लेकिन यही समय है जब साधना परीक्षा लेती है।

आपको डरावने सपने आ सकते हैं, शरीर में दर्द हो सकता है — लेकिन ये संकेत हैं कि आपकी शक्ति जागृत हो रही है।

80% के बाद आपका मन उचाट हो सकता है। लेकिन नियम का पालन करना आवश्यक है। यदि कुंडलिनी किसी चक्र पर फंसी हो तो वह वहां से निकल कर ऊपर चढ़ती है।

अनुभवी साधकों की प्रेरणा

कुछ साधकों ने वर्षों तक सवा लाख पार्थिव शिवलिंग बनाकर सिद्धि प्राप्त की है। उनकी इच्छाएं स्वतः पूर्ण होती हैं।

सावन मास शिव साधना –  ध्यान का अंतिम चरण और निष्कर्ष

अब आपको ध्यान में कम से कम 40 मिनट से 1 घंटे तक बैठना है और मन ही मन शिव से संवाद करना है।जब आप इस प्रकार से जाप और ध्यान करते हैं तो 100% आपकी साधना सफल होती है। 

निष्कर्ष

तो प्यारे साधकों, इस सावन में आप अपनी साधना प्रारंभ कर सकते हैं। ध्यान करें, जाप करें और अपनी दिव्यता को प्राप्त करें।

https://www.youtube.com/watch?v=kl9Z0_ZXEj0&pp=ygUKc2hpdiB2aWRlbw%3D%3D

शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र – जो जीवन प्रदान करेगा साधक को shukracharya mrit sanjeevani mantra

शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र - जो जीवन प्रदान करेगा साधक को

शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र – जो जीवन प्रदान करेगा साधक को shukracharya mrit sanjeevani mantra 

शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र - जो जीवन प्रदान करेगा साधक को
शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र – जो जीवन प्रदान करेगा साधक को

शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र – जो जीवन प्रदान करेगा साधक को shukracharya mrit sanjeevani mantra गुरु मंत्र साधना डाट  कॉम में  आपका स्वागत है। श्री गुरु चरणों में नमन कर, श्री गणेश की वंदना करता हूँ। सर्वप्रथम मैं वेबसाइट के उन सभी प्रबुद्ध और मुखर पाठको का हार्दिक अभिनंदन करना चाहता हूँ।

आज के पोस्ट में हम चर्चा करते हैं मृत संजीवनी मंत्र के ऊपर। आपने नाम अवश्य सुना होगा। असुरों के गुरु शुक्राचार्य के पास यह विद्या थी। इस विद्या के दम पर, इस मंत्र के दम पर, वह देवासुर संग्राम में असुरों को पुनर्जीवित कर दिया करते थे।

जो असुर युद्ध में मारे जाते, वे सब पुनर्जीवित हो जाते। परिणाम स्वरूप, ये असुर देवताओं पर भारी पड़ते थे। यह विद्या केवल शुक्राचार्य के पास थी, देवगुरु बृहस्पति के पास नहीं थी। 

एक मंत्र है महामृत्युंजय मंत्र, भगवान शिव का मंत्र, बहुत प्रसिद्ध है। नाम से ही प्रकट होता है, महामृत्युंजय, मृत्यु को जीतने में सक्षम, महामृत्युंजय है।

और यह मंत्र क्या है? मृतसंजीवनी। जो मृत व्यक्ति को भी संजीवनी प्रदान कर उन्हें पुनर्जीवित कर दे, वह है मृत संजीवनी मंत्र। एक व्यक्ति को मरने से बचाता है, उसकी मृत्यु पर विजय प्राप्त कराता है और मृत व्यक्ति को पुनर्जीवित कर देता है।

तो आज का विषय है कि विभिन्न ग्रंथों में मृत संजीवनी विद्या के नाम पर, मंत्र के नाम पर, कई मंत्र मिलते हैं। मैं इस मंत्र की बात कर रहा हूँ। अनुभूत। 

कई मंत्रों के बारे में पढ़ा है, मृत संजीवनी विद्या के नाम पर कई पुस्तकें हैं मेरे पास। ‘त्रिपुर सुंदरी साधना’ में देवदत्त शास्त्री एक बहुत प्रतिष्ठित नाम हैं। यह तंत्र के क्षेत्र में, तंत्र साहित्य में, उनकी लिखी हुई पुस्तकें हैं।

स्मृति प्रकाशन, 134 चेतना बाग, इलाहाबाद से प्रकाशित यह पुस्तक, ‘त्रिपुर सुंदरी साधना’ इस पुस्तक का नाम है। इस पुस्तक के पेज नंबर 90 पर एक घटना का उल्लेख है इस मंत्र के बारे में कि स्वामी दिव्यानंद आश्रम जी महाराज, जो पुणे के थे, उनको यह मंत्र सिद्ध था। वैसे आज के समय में यह बहुत जटिल है, इसका साधन सरल नहीं है। हर व्यक्ति नहीं कर सकता।

लेकिन उनको यह विद्या सिद्ध थी कि उन्होंने सैकड़ों व्यक्तियों के सामने मृत कंकाल को पुनर्जीवित किया था। ऐसा इस पुस्तक में उल्लेख है। 

साथ में यह लिखा है इसमें कि यह तो बात हुई उनकी जिनको यह विद्या सिद्ध हो जाए, और आज के समय में यह बहुत जटिल, आम व्यक्ति के लिए असंभव-सी है। लेकिन फिर भी यह मंत्र आम व्यक्ति के लिए बहुत उपयोगी है। वह कैसे?

अल्पायु योग हो, कोई जटिल बीमारी हो, मृत्युतुल्य कष्ट हो, किसी भी प्रकार से कोई संकट, ऐसी बीमारी जो जानलेवा, प्राणलेवा हो, उसमें इस मंत्र का प्रयोग किया जा सकता है। 

shukracharya mrit sanjeevani mantra vidhi शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र साधना विधि –

108 बार यानी एक माला प्रतिदिन, 31 दिन तक जप करके और अभिमंत्रित जल उस रोगी को दिया जाए।

इस मंत्र से अभिमंत्रित जल उस व्यक्ति को पिलाया जाए। तो रोगी को, यदि कर सके, तो स्वयं रोगी को भी इस मंत्र का अनुष्ठान, जप करना चाहिए। मेरे एक मित्र की धर्मपत्नी को मस्तिष्क में ट्यूमर हो गया। उन सज्जन ने आकर अपनी समस्या बताई। मैंने इसी मंत्र का प्रयोग उनके लिए किया। वह सकुशल हैं, आज भी हैं।

तो इस मृतसंजीवनी मंत्र का प्रयोग, आज के इस पोस्ट में, किसी भी प्रकार की समस्या आपकी परिस्थितियों में, अपनों में किसी को हो, तो आप प्रयोग करके देख सकते हैं।

भगवती परांबा की कृपा हुई तो वह रोगमुक्त होंगे। आचार्य शंकर, अर्थात् जगद्गुरु शंकराचार्य, उनके गुरु श्री गोविंद पाद महाराज ने बद्रिकाश्रम में बैठकर उन्होंने ‘शुभोदय’ ग्रंथ की रचना की और उसी ‘शुभोदय’ के आधार पर आचार्य भगवत्पाद श्री शंकर ने ‘सौन्दर्यलहरी’ की रचना की।

यह स्तुतिपरक काव्य ‘सौन्दर्यलहरी’, उसमें कुल 103 श्लोक हैं। इस पुस्तक के अनुसार, श्लोकों से मंत्र बनते हैं। विशिष्ट लक्ष्मीधर, रमेश प्रकाशन, मद्रास की एक पुस्तक की टीका है, ‘सौन्दर्यलहरी’ पर। उसमें प्रत्येक श्लोक से यंत्र भी बनता है, मंत्र प्रयोग भी है, सब उसमें प्रत्येक मंत्र के विधान हैं।

लेकिन इस पुस्तक के अनुसार, देवदत्त शास्त्री जी के अनुसार, उनको इन 103 श्लोकों में से कुछ श्लोकों में मंत्र मिले। तो ‘सौन्दर्यलहरी’ के बीसवें श्लोक से यह मंत्र, जिसकी हम चर्चा कर रहे हैं, उद्धृत होता है।

यह मंत्र उस ‘सौन्दर्यलहरी’ के बीसवें श्लोक से बनता है। ‘सौन्दर्यलहरी’ संस्कृत में देखा जाए तो मूल रूप से वह भगवती त्रिपुरसुंदरी की ही आराधना है। दशमहाविद्याओं में तीसरी महाविद्या षोडशी, त्रिपुरसुंदरी, एक ही बात है।

तो हमें यदि इस मंत्र का प्रयोग करना है, तो सबसे पहले विनियोग।

shukracharya mrit sanjeevani mantra  शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र  विनीयोग

औंग् अस्य श्री मृत्संजीवनी विद्या मंत्रस्य भृगुर्ऋषिः , विराट छन्दः , चिदानन्द लहरी देवता , ह्रीं सर्वव्यापिनी प्राणेश्वरी बीजं , क्लीं कीलकम् , ह स क ह ल ह्रीं शक्तिः मृत्संजीवने विनीयोगः |

shukracharya mrit sanjeevani mantra शुक्राचार्य मृत संजीवनी मंत्र  

ओंग् ऐं श्रीं ह्रीं ह्सोः सर्वतत्त्वव्यापिनी जीव जीव प्राण प्राणे मृतामृते क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं हुं हुं मृत विद्रावणे प्राण तत्त्वे तत्त्वाति तत्त्वे सर्वेश्वरि वेदगुह्ये ह स क ह ल गर्भे सावित्रि ऐं वाचम्भरि काली क्लींग् जीवय जीवय स्वाहा ।

‘सौन्दर्यलहरी’ के बीसवें श्लोक से यह बनता है, जो मृतसंजीवनी मंत्र के नाम से जाना जाता है। और इसी मंत्र के प्रयोग से, जैसा उन्होंने उल्लेख किया, देवदत्त जी ने, स्वामी ब्रह्माश्रम जी महाराज ने एक कंकाल को जीवित किया था।

वह बहुत बड़ी बात है। हम उसे लेकर कोई कल्पना और कोई लक्ष्य न रखकर चलें। हमारा है, लेकिन यदि इस मंत्र के प्रयोग से कोई असाध्य रोगी रोगमुक्त हो सकता है, कोई व्यक्ति जीवन भर स्वस्थ रह सकता है, मृत्यु भय से मुक्त होकर जी सकता है, तो यह भी अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है, बहुत बड़ा काम है। नियमित रूप से इस मंत्र का, कभी भी किसी सिद्ध पर्व में, इस मंत्र का अधिकतम जप कर लेना चाहिए।

और 21 दिनों तक नियमित रूप से, 21 दिन एक माला प्रतिदिन जप करके, फिर न्यूनतम भी कम से कम 21 बार या 27 बार प्रतिदिन इस मंत्र के जप का, नियमित जप का, रूटीन या नियम रखा जाए, तो व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है।

मृतसंजीवनी में और महामृत्युंजय में यही फर्क है। एक, आपका महामृत्युंजय, वह टॉनिक का काम करता है। वह स्वस्थ रहने में मदद करता है। लेकिन मृतसंजीवनी, वह तो मृत्यु के भय को टालने में, जो मृत हो चुका हो, उसे भी पुनर्जीवन प्रदान करने की क्षमता रखता है।

वह मृतसंजीवनी विद्या के नाम से और भी कई मंत्र मिलते हैं, लेकिन इस मंत्र का प्रयोग मैंने कई लोगों पर किया है, करवाया है। इसके अनुभूत, बहुत संतोषजनक परिणाम मिले हैं। इसलिए मैंने आज के पोस्ट में इस मंत्र की चर्चा की है।

उन्हीं प्रयोगों की चर्चा करने से… क्या होता है कि एक वैद्य हैं, उन्होंने आयुर्वेद की बहुत अच्छी शिक्षा प्राप्त की, बहुत विद्वान हैं आयुर्वेद के, लेकिन प्रैक्टिस नहीं की, कहीं रोगियों का उपचार करने का काम नहीं पड़ा, तो उनको, जो भी कुछ उनका अध्ययन है, उस पर उतना अधिकार, उतना कॉन्फिडेंस नहीं आ पाएगा, जितना एक कम पढ़े-लिखे को, उनसे, लेकिन जिसने उपचार किया हो, उसको अनुभव है इस बात का कि मैंने इस रोगी को इस रोग में यह औषधि दी और वह ठीक हुआ।

मैं कोई अधिक विद्वान व्यक्ति नहीं हूँ। मेरी ज्यादा किसी तरह की कोई गति इन विषयों में नहीं, लेकिन लगभग 50 वर्षों से मैं जिन विषयों से जुड़ा हूँ, ज्योतिष से। 

मेरे पास लोग कई तरह की समस्याएँ लेकर आते थे और उन समस्याओं के जो समाधान मैंने बताए और उनके समाधानों से लोगों का जो हित-साधन हुआ था, उन्हीं की चर्चा मैं इस चैनल के माध्यम से करने का प्रयास कर रहा हूँ।

आपके, आपके किसी भी इष्ट-मित्र की उसी तरह की समस्याएँ हों और जो समाधान मैं बता रहा हूँ, यदि उनको आप देखते हैं, निश्चित रूप से उनका हित-साधन होगा। यही एक ध्येय और यही एक उद्देश्य इस चैनल का है।

तो आप कोशिश करें, इस मंत्र को यदि देखना चाहें तो आप इस पुस्तक को, ‘त्रिपुर सुंदरी साधना’, देवदत्त शास्त्री की, इस पुस्तक को मँगा करके, जो मैंने अभी कहा, वह सब आप देख सकते हैं इसमें। 

आप बहुत धैर्य से सुनते हैं और वेबसाइट  को सहयोग करते हैं, इसके लिए आपका पुनः बहुत-बहुत आभार, बहुत-बहुत धन्यवाद। भगवती आप सब पर कृपा करें, इसी प्रार्थना के साथ मैं आपको नमन करता हूँ। नमस्कार।

रंजिनी अप्सरा साधना।केवल 5 दिन में होगी सिद्ध।करेंगे सभी कामranjani apsara sadhana. keval 5 din mein hoga siddh.karenge sabhee kaam PH.85280 57364

रंजिनी अप्सरा साधना।केवल 5 दिन में होगी सिद्ध।करेंगे सभी कामranjani apsara sadhana. keval 5 din mein hoga siddh.karenge sabhee kaam.

रंजिनी अप्सरा साधना।केवल 5 दिन में होगी सिद्ध।करेंगे सभी काम  ranjani apsara sadhana. keval 5 din mein hoga siddh.karenge sabhee kaam.

 

रंजिनी अप्सरा साधना – केवल 5 दिन में होगी सिद्ध।करेंगे सभी काम Ranjani apsara sadhana. keval 5 din mein hoga siddh.karenge sabhee kaam.  जय श्री महाकाल। सभी साधक एवं साधिकाओं को मेरा सादर प्रणाम। दोस्तों, आज मैं आपके लिए एक साधना लेकर आया हूं, जिसका नाम है रंजनी अप्सरा। दोस्तों, यह सिंपल अप्सरा, इसमें साधारण साधना है कि कोई भी साधक, सामान्य साधक भी इसको कर सकता है। 

 इसका पूर्ण विस्तार से जानकारी बहुत अच्छा है और बहुत अच्छे से मैं जानकारी दूंगा इसकी। तो जो भी साधक या साधिका इस साधना को करना चाहते हैं, तो दोस्तों, रंजनी अप्सरा क्या है कि साधारण अप्सराओं की शास्त्रों के भीतर कुछ थोड़ा सा परिवर्तन है इसमें। सुगंधित द्रव्य एवं विविध इत्रों में तीव्र रूचि रखने वाली, साधना शाम के पहर में की जाती है। इसकी साधना सौम्य है, यह शाम के समय में की जाती है। 

3da357b2 1ab2 473f aa87 63c4a2d1f036 https://gurumantrasadhna.com/author/gurumantrasadhna-comgmail-com/page/13/

रंजिनी अप्सरा मंत्र  

“ॐ ऐं रंजिनी मम प्रियाय वश्य आज्ञा पालय फट् ”

रंजिनी अप्सरा साधना विधि 


जिसमें साधक को  लिए आवश्यक है कि वह अपने साधना स्थल को भली-भांति सजा-संवार कर रखें। अगर आप चाहें तो आप कमरे में कर सकते हैं। इसके लिए कोई निर्जन कमरे में कर सकते हैं। कमरे में आपको एक केवड़े के पत्ते बिछा लेने हैं। केवड़े का जल का छिड़काव करें कमरे में जिससे कमरा थोड़ा सुगंधित रहे, क्योंकि उसको केवड़े की खुशबू बहुत पसंद है।

और इसमें हल्का रंग, हल्के हरे रंग का बहुत महत्व है। इसमें हरे रंग के कपड़े पहनें, यह शुभ रहेगा और जो कुछ भी रहेगा आपका, हरे कलर का वस्त्र है। दोस्तों, आपका कोई बंधन नहीं है। किसी भी प्रकार के वस्त्र पहन सकते हैं, लेकिन साफ-स्वच्छ होने चाहिए। 

आप पजामा-कुर्ता, पैंट-शर्ट, जो भी आप चाहें, पहन सकते हैं। और जैसे स्त्रियां चाहें, अपना श्रृंगारित होकर बैठ सकती हैं। अपना पूरा श्रृंगार करके बैठ सकती हैं। आसन आपका है और सामने एक बाजोट रखना है, मतलब लकड़ी का पटरा रखना है। 

उस पर आपको हल्का सा हरा, सॉरी माफ करना, हल्का सा हरा रंग का कपड़ा बिछाना है। और अगर वह कपड़ा रेशमी हो, तो बहुत अच्छा। और रेशमी हो तो उस पर चारों ओर गोटा लगा दें। इससे बहुत अच्छा माना गया है।

चंदन या फिर केवड़े की सुगंध वाली अगरबत्ती लगाएं, जिससे वातावरण को जो सुगंधित करेगा और रंजनी अप्सरा का आवाहन करना है। और प्रतिष्ठा का जो विशिष्ट उपाय है, सुगंधित रंजनी यंत्र को भोजपत्र पर या लकड़ी के बाजोट पर स्थापित करना है और जो मंत्र है, उसका 11 माला जप करना है। यंत्र पर किसी सुगंधित मतलब फूल की पंखुड़ियां बिखेर दें। 

जैसे बेला और हिना का इत्र या गुलाब की पंखुड़ियां, या चमेली का फूल हुआ, जो भी आपको चाहिए सुगंधित, उसकी पंखुड़ियां आप उस यंत्र पर बिखेर दें। और इतना ध्यान रहे कि इसमें दीपक की आवश्यकता नहीं है। जब मंत्र जप करते समय अप्सरा प्रकट हो, तो उसके साक्षात उपस्थित होने पर उसे कोई आभूषण भेंट करें। आभूषण ना हो तो आप उसे जो माला आपने रखी है, वह माला आपको पहना सकते हैं।

तो सुगंधित पुष्प के, जैसे गुलाब की और चमेली के फूल की माला आप उसको उसके गले में पहनाएं। और यह एक बार में ही सिद्ध हो जाएगी। इतनी ताकतवर शक्ति है यह। तो बहुत ही आसानी पूर्वक आपको पहली बार में सिद्ध हो जाएगी। 

लेकिन दोस्तों, उतावलापन नहीं होना चाहिए साधना में, इस चीज का विशेष ध्यान रखें। दिशा का कोई विधान नहीं है इसमें। और यह साधना केवल 5 दिनों की है।

और अगर किसी कारणवश आपका साधना में प्रकटीकरण नहीं हो पाए, तो इसलिए हताश ना हों। 5 दिनों की साधना है, जो सप्ताह के किसी भी दिन प्रारंभ कर सकते हैं। इसमें दिन का भी कोई बंधन नहीं है कि आप इस दिन से, किसी भी दिन प्रारंभ कर सकते हैं।

अनुभवी साधकों का यह कहना है कि वास्तव में अप्सरा साधना प्रथम बार में ही सिद्ध हो जाती है। मेरा मानना है कि रंजनी अप्सरा प्रथम बार में ही आपको सिद्ध हो जाएगी और हर एक कार्य आपका पूर्ण करेगी। 

तो जो भी साधक-साधिका इस साधना को लेना चाहते हैं, जल्द से जल्द संपर्क कर लें और अपने आने वाले जीवन की हर एक समस्या का समाधान इस साधना से पा सकते हैं। और आपकी जो रहेगी रंजनी अप्सरा, यह आप इसको मित्र के रूप में भी ले सकते हैं, अपनी प्रेमिका के रूप में भी ले सकते हैं, अपनी मां के रूप में ले सकते हैं, अपनी बहन के रूप में ले सकते हैं। 

तो मैं कहूंगा कि आप अगर अविवाहित हैं, आपकी शादी नहीं हुई है, तो प्रेमिका के रूप में रखें तो ज्यादा आपके लिए उत्तम रहेगी, अच्छे से कार्य करेगी आपके लिए। तो बाकी कोई जानकारी चाहिए तो चैनल पर दिए गए नंबर से संपर्क करें व्हाट्सएप पर। जय श्री महाकाल, जय श्री महाकाल

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Apsara Sadhna anubhav अप्सरा संभोग क्यों करती है – अप्सरा कैसे करती है संभोग 💘 Apsara Sadhna Why does an Apsara mate – How does an Apsara mate गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। देखिए आज का जो टॉपिक रहने वाला है क्या अप्सरा से संभोग किया जा सकता है? क्या अप्सरा संभोग करती है? ठीक है तो किस प्रकार करती है? तो इसी टॉपिक के बारे में आज मैं बात करने वाला हूं। देखिए ऐतिहासिक तथ्यों के मुताबिक पुराणों के मुताबिक ग्रंथों के मुताबिक अप्सरा से आप संभोग भी कर सकते हैं। अप्सरा से आप संतान भी हासिल कर सकते हैं। ठीक है

 

मतलब अप्सरा गर्भवती हो सकती है। ऐसा ऐतिहासिक तथ्य हमें मिलता है। जैसे विश्वामित्र जो ऋषि थे। ठीक है उन्होंने मेनका के साथ प्रेम करा और उससे एक बच्ची उत्पन्न हुई जिसका नाम शकुंतला था। शकुंतला के बारे में आप सबको पता है।

ठीक है तो इसी तरीके से आप अप्सरा को सिद्ध करके आप उनसे विवाह कर सकते हैं। विवाह करके आगे संतान भी प्राप्त की जा सकती है। जो अप्सरा से संतान की प्राप्ति होगी वह बहुत ही खूबसूरत संतान होगी और दैविक शक्तियों से संपन्न होगी।

तो यह है आप इसे कर सकते हैं संभोग और आगे संतान की इच्छा भी हासिल कर सकते हैं। कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। ठीक है? इतिहास में चीजें आई हैं तो इसका मतलब हम शादी भी कर सकते हैं और संभोग भी कर सकते हैं। ठीक है अब टॉपिक यह आता है कि अप्सरा किसके साथ संभोग करेगी और किसके साथ शादी करेगी। ठीक है

तो वह व्यक्ति भी ऐसा होना चाहिए जिसके साथ वो प्रेम कर सके या उसके साथ वो संभोग कर सके। देखिए यह चीजें एक तो होता है बंदे के कर्म  चक्र । ठीक है जैसे अगर आपका पिछले जन्म में कुछ भक्ति है जिससे आपका जो ओरा है काफी स्ट्रांग है। ठीक है

तो आपकी ओर अप्सरा आकर्षित हो सकती है। ठीक है दूसरा जो ब्रह्मचर्य का पालन करता है। ठीक है वह एक तेजस्वी व्यक्ति होता है। तेज से परिपूर्ण होता है। उसकी ब्रह्मचर्य का भी पालन करता है। और जो एक जो धार्मिक चीजों को भी फॉलो करता है। भगवान का पूजा पाठ भी करता है और ब्रह्मचर्य का पालन भी करता है।

तो उसकी ओर भी अवसर आकर्षित हो सकती है। ठीक है? क्योंकि आपका जो तेज है उसी से ही शक्तियां मोहित होती हैं। आपके ओरा से ही शक्तियां मोहित होती हैं। ठीक है? अगर आपका ओरा नहीं है तो तेज नहीं है तो कौन सी अप्सरा आपकी ओर मोहित हो सकती है? ठीक है

अप्सरा उन्हीं साधकों की ओर मोहित होती हैं जो तेजस्वी होते हैं। ठीक है? जिनका तेज होता है ब्रह्मचर्य का पालन करोगे तो शरीर में तेज उत्पन्न होगा ओज उत्पन्न होगा उसी ओज से जो अप्सरा है आपकी ओर आकर्षित हो गया ठीक है तो यह चीज है तो आप तेजस्वी बनिए ठीक है

अप्सरा के साथ आप विवाह भी कर सकती हैं और जो आपको चाहिए वह सारा कुछ हासिल होगा अब दूसरी चीज और आती है ब्रह्म ब्रह्मचर्य के पालन के साथसाथ शराब, मीट, अंडा जो ये चीजें हैं, गुटका लोग खाते हैं, बीड़ी पीते हैं। तो ये चीजें भी छोड़नी पड़ेगी। ठीक है

केवल आपने वो ब्रह्मचर्य का पालन ही नहीं करना है। साथ में यह सारी चीजें छोड़नी है। साफ सुथरे रहना है। ठीक है ब्रह्मचर्य का पालन करना है। आपकी ओर अप्सरा जरूर आकर्षित होगी। ठीक है। अप्सरा की दो तरीके से साधना होती है। एक तो अप्सरा को अपनी ओर वशीकरण के मंत्रों से वशीकरण किया जाता है। ठीक है

वो साधना अलग है आकर्षित करने वाली। दूसरी साधना है केवल आप मंत्रों से उसको जाप कर रहे हैं। ठीक है एक तरीके से वह आराधना होती है। मंत्रों से आप जाप करते हो। अब इसमें क्या रहता है अप्सरा का फैसला रहता है कि आपके पास आए या ना आए। ये दो तरीके की साधनाएं होती हैं। इसको अप्सरा का वशीकरण आकर्षण करना है तो उसकी अलग विद्या है।

जिसको अप्सरा की आराधना करनी है तो उसके लिए अलग विद्या है। ठीक है? दोनों ही लाभदायक होती हैं। जो आकर्षण वाली है वह थोड़ा सा जल्दी इफेक्ट करती है और अफरा को आना ही पड़ता है। तो आज के लिए बस इतना ही। अगर कोई आपका सवाल है नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। फोन नंबर भी दे रखा है तो फोन भी कर सकते हैं। जय श्री महाकाल।

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karna pishachini sadhna कर्ण पिशाचिनी साधना के नुकसान विस्तार सहित बात करेंगे ph 8528057364 गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है आज का जो हम हमारा विषय है वह है कर्म पिशाचनी साधना के नुकसान वैसे तो साधना के किसी भी प्रकार का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता है

आप कोई भी साधना कर लो कोई उसका साइड इफेक्ट नहीं कुछ नहीं लेकिन कोई साधना अगर गुरु बिना किसी गुरु दीक्षा के या बिना किसी गुरु मार्गदर्शन से की जाए तो उसके बहुत सारे साइड इफेक्ट हो सकते हैं बहुत सारे होते हैं साइड इफ़ेक्ट तो उसी तरीके से मैं आपको बताने वाला हूं कर साधना क्या नुकसान है ठीक है

क्योंकि ऐसे हमारे पास बहुत सारे कॉल आते हैं डेली बेसिस के ऊपर कि हमें यह हो गया वह हो गया अगर आपको साइड इफेक्ट पता होंगे तो तब आप थोड़ा सोच के काम करोगे सोच समझ के तब बंदे का जो माइंड है वह रेडी हो जाता है

उन चीजों को करने के लिए देखिए जब भी आप साधना करिए तो एक चीज मैं आपको बताता हूं आपके इष्ट देव की कृपा होना अति अनिवार्य है चाहे कोई भी आप साधना करें इष्ट देव की कृपा होगी तो वह बीच में आके आपकी रक्षा कर देगा नहीं तो दूसरी शक्ति आपकी वाट लगा देगी गलती हो गई तो भी या आपने कुछ गलती से भी कुछ भी कर दिया

वहां पर बाट लगा देगी शक्ति तो पहली बात यह है इष्ट देव की कृपा आप हासिल कर लो उनकी आराधना कर लो वो बीच में आपके खड़े हो जाए ठीक है इष्ट देव की ऐसी कृपा होनी चाहिए वह आपकी सुरक्षा भी करें इष्टदेव वह होने चाहिए जिसके ऊपर आपकी श्रद्धा है श्रद्धा है विश्वास है किसी के कहे मुताबिक सुनी सुनाई बातों से इष्ट नहीं बनाना चाहिए

इसके ऊपर आपका विश्वास है श्रद्धा है उसी को ही इष्ट बनाइए आप ठीक है फिर आप करो हर उनकी साधना फिर आपके जो इष्ट देव हैं आपकी रक्षा करेंगे क्योंकि ऐसा ही एक मेरे पहचान में एक मेरे साथी है जो साधना वह करते थे किसी ने उनको ऐसी साधना बता दी प्रेत की साधना कर लो आप बिना किसी गुरु मार्गदर्शन के उन्होंने शुरू कर दी जैसे उन्होंने शुरू करी वह तो प्रेत उनके सामने आ गया और उनके जो इष्ट देव है

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karna pishachini sadhna कर्ण पिशाचिनी साधना के नुकसान विस्तार सहित बात करेंगे ph 8528057364

वह भी आ गए तो इष्ट देव ने उनको रोका नहीं तो प्रेत उनको मार ही देता तो इसीलिए मैं आपको चीज बोलता हूं जब भी आप कोई साधना करें आपकी इष्ट देव की कृपा होना अति अनिवार्य है साथ में गुरु की कृपा तो चाहिए साथ में इष्ट देव की भी चाहिए गुरु गोरखनाथ जी ने स्वयं शंकर जी की तपस्या करी है उनकी कृपा हासिल करी है ठीक है वो भी उनकी कृपा से ही चलते थे जो मछेंद्र नाथ जी थे उन्होंने बोला कि आप तपस्या करो शिव जी की ठीक है

 

उनकी कृपा हासिल करो मैं यह नहीं बोलता हूं कि आप भी शिव जी की करो जिसको आप मानते हो उनकी आप भक्ति करो तपस्या करो तपस्या भी करने की जरूरत नहीं भक्ति करो साधना करो और उनसे आप यह गुहार लगाओ हर समय आपको ही मेरी सुरक्षा करना है और फिर विश्वास भी रखो कि यह मेरी सुरक्षा करेंगे ऐसा विश्वास मन के अंदर होना चाहिए तब फिर आप कोई साधना में आगे बढ़ो चलो मैं आगे बढ़ता हूं अब इन साधनाओं के नुकसान के कारण पिछा इतनी साधना की देखिए सबसे पहला जो नुकसान है ठीक है

जो हाई लेवल का नुकसान होता है लोगों को कुछ लोगों को होता है सबको नहीं होता है ठीक है नुकसान यह होता है कि जब कर्ण पिशाचनी आपकी बिगड़ती है ठीक है बिगड़ने का पर्पस यह है कि जैसे कर्ण पिशाचनी आपसे नाराज है या आपने बड़ी गलती करी है तो फिर होगा क्या कर्ण पिशाचनी साधना के दौरान आएगी और कान में भयंकर आवाज मारेगी कूक  मारेगी

जिससे कान के पदे फट जाएंगे और कान से रक्त बहना शुरू हो जाएगा ये सबसे कम नुकसान होता है कम लोगों को होता है पर होता है एक कॉमन नुकसान और देखा गया जो सबसे ज्यादा पाया गया लोगों के बीच में कानों में शाश की आवाज आती है हल्की हल्की सी रहती है

कानों में आवाज आती रहती है आती रहती है लगातार डॉक्टरों से इलाज करवाते हैं कोई ट्रीटमेंट लेते हैं कोई फायदा ही नहीं मतलब जो 90% लोगों के बीच में पाई जाती है एक प्रॉब्लम और होती है वो कान के अंदर दर्द होना लगातार दर्द उठता है बार-बार दर्द उठता है

अब कोई डॉक्टरों से ट्रीटमेंट कराते हैं रिपोर्ट बिल्कुल ओके कुछ नहीं आता है डॉक्टर को कुछ समझ में नहीं आता वो एक गोली दे देता है पेन किलर दे देता है पेन किलर धीरे-धीरे खाने से आपके जो लिवर है उसके ऊपर किडनियों के ऊपर इफेक्ट पड़ता है तो यह प्रॉब्लम भी मेन देखी गई है

एक व्यक्ति तो ऐसा मेरे पास राजस्थान से व्यक्ति आया बोला कि मैंने साधना करी थी एक हनुमान जी की जिसमें हनुमान जी कान में भूत  भविष्य वर्तमान काल बताते हैं 

उस व्यक्ति ने उस साधना को शुरू करा कुछ दिन तक साधना करी उसने पूरी कंप्लीट कर ली फिर भी उसको कोई रिजल्ट नहीं मिला अच्छा एक चीज और होती है जब भी आप कोई साधना करते हैं

दैविक साधना करते हैं तो उसका अधिकारी होना बंदा बहुत जरूरी है आप किसी साधना के अधिकारी नहीं है आपके पास अथॉरिटी नहीं है कि वह आप साधना कर सको तो उसके साइड इफेक्ट भी देखे गए हैं इसीलिए उस बंदे ने वह साधना करी तो जिंदगी भर उसके कान में दर्द होता रहा फिर उसने मेरे को कॉल करा

फिर मैंने उसको आगे का मार्गदर्शन करा इस तरीके से कर तुम्हारा जो दर्द है खत्म हो जाएगा उस तरीके से करा उसने दर्द बिल्कुल खत्म तो कोई भी अगर आप दैविक साधना करते हैं तो उसमें आपका अधिकारी होना बहुत जरूरी है उस साधना से आप अधिकारी नहीं होते फिर भी आप करते हैं तो वह चीज भी गलत है ठीक है तो ये चीजों का आप खास ख्याल रखें जो मैंने आपको बताई है बिना गुरु दीक्षा के ना करें अगर आपकी कर्ण पिशाचिनी बिगड़ चुकी है

कोई भी कान में बताने वाली शक्ति बिगड़ चुकी है तो आप मेरे को कांटेक्ट कर सकते हैं समाधान पाने के लिए ठीक है तो ज्यादातर लोगों को कानों की समस्या आती है सो नहीं पाते हैं रात भर में चीजें चिल्लाती है करन बिछाने की साधना करोगे तो चिल्लाएगी कान के अंदर ठीक है बुरे सपने आते हैं बहुत ही डरावनी स्थितियां नजर आती है ठीक है

समझ लो कि यह आपके बिगड़ चुकी है इसीलिए क्या है जब भी आप साधना करो गुरु के मार्ग से करें इसको आप बुलाओगे तो वह तो चीज आएगी ही आएगी आप उसको रोक नहीं सकते ठीक है वो बिना विधि विधान के करोगे तो साइड इफेक्ट भी होगा ठीक है

लोगों की रातों की नींद उड़ जाती है आज के लिए बस इतना ही कोई सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं नंबर दे रखा है उसके ऊपर फोन कर सकते हैं जय श्री महाकाल 

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stri vashikaran स्त्री वशीकरण मंत्र कामदेव का सबसे शक्तिशाली मंत्र – 24 घंटे में लड़की वश में होगी ph.85280 57364 गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका स्वागत है देखिए जो आज का जो प्रयोग है बहुत ही प्रभावशाली है ठीक है जो भी लड़की को आप पसंद करते हो 24 घंटे के अंदर-अंदर ही उसका वशीकरण होगा

वह आपको सामने से कॉल करेगी अगर आपके पास उस लड़की के पास अगर आपका WhatsApp नंबर है ठीक है तो WhatsApp के ऊपर आपको 100% मैसेज आ जाएगा ठीक है जिन लड़कियों के साथ आपका ब्रेकअप हो चुका है तो आप उनके ऊपर भी यह प्रयोग कर सकते हैं ठीक है

चाहे कितना भी उसके अंदर नाराजगी हो कुछ भी हो वो आपको 24 घंटे के अंदर-अंदर ही फोन लगाएगी इतना खतरनाक प्रयोग है ये और यह प्रयोग है कामदेव का ठीक है कामदेव को बोला गया है वशीकरण के देवता ठीक है

अंदर वह आप उस लड़की के इतना जबरदस्त वशीकरण करेंगे कि सामने वाली लड़की आपको स्वयं मैसेज करेगी WhatsApp के ऊपर अगर नंबर दे रखा है आपने तो अगर नंबर नहीं है कोई बात नहीं आप उसको जानते नहीं है तो केवल आपको छोटा सा यह प्रयोग करना प्रयोग मैं बताने वाला हूं

पहली बार ही यह प्रयोग बता रहा हूं ठीक है मैं यही चीज चाहता हूं कि जिन जिन लोगों को उस चीज का फायदा हो मेरे को एक ही चीज मेरे को चाहिए कि वह अपना अनुभव जरूर शेयर करें ना तो उनका नाम भी गोपनीय रखा जाएगा एक अपना नाम भी बताने की कोशिश बताने की जरूरत नहीं है केवल वो हमें अपना छोटा सा अनुभव बताएगा जिससे और लोगों को प्रेरणा मिले ठीक है

स्त्री वशीकरण मंत्र साधना विधि 

चलो मैं अपने टॉपिक की ओर बढ़ता हूं सिंपल बात करता हूं के देखिए यह जो प्रयोग रहेगा ठीक है उसके लिए आपको चाहिए होगी लड़की की फोटो ठीक है अगर लड़की की फोटो आपके पास अवेलेबल है तो आप यह प्रयोग कर सकते हैं ठीक है आपको उस लड़की की फोटो का प्रिंट आउट निकालना है ठीक है मतलब फोटो फिजिकल फॉर्म में चाहिए ठीक है

अगर आप वो करने में असमर्थ हैं मतलब फोटो निकालने में आपको दिक्कत आ रही है या कुछ भी है ठीक ठीक है फिर आप आसान सा एक काम और कर सकते हैं उस लड़की की जो फोटो है मोबाइल में होनी चाहिए ठीक है

मोबाइल में आप वो फोटो सामने रखिए ठीक है और लगातार उसकी ओर उस फोटो को सामने रखते हुए उसके आज्ञा चक्कर की ओर आपको देखना है ठीक है आज्ञा चक्कर की ओर आप देखते हुए “ॐ कामदेवाय नमः”ठीक है एक कामदेव गायत्री है उसका भी आपको साथ में ही जाप करते जाना है

अगर आपको कामदेव गायत्री मंत्र चाहिए या साधना का विधि विधान चाहिए तो मैं  आप उसके ऊपर क्लिक करोगे और हमारी वेबसाइट के ऊपर पहुंच जाओगे तो वहां से पढ़ के आप इजीली इन चीजों को कर सकते हैं ठीक है   

ॐ कामदेवाय विद्महे पुष्पबाणाय धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात्

अगर आप ऐसे करोगे तो हो सकता है कि कुछ गलती हो जाए कुछ चीज आपको समझ में ना आए ठीक है इसलिए मैं नीचे लिंक दे रहा हूं कामदेव गायत्री मंत्र और कामदेव का जो मंत्र है दोनों चीजें आपको वही मिल जाएंगी ठीक है 

ये सिर्फ 2 घंटे आपको 10:00 बजे से लेके 12:00 बजे तक करना है ठीक है और मन ही मन में यह चीज दोहरानी है कि लड़की मेरी ओर अट्रैक्ट हो रही है ठीक है मेरे से प्रेम कर रही है ठीक है इस तरीके से आपको उसके आज्ञा चक्र को भी संदेश देना है और कलीम कामदेवाय नमः इसका भी प्रयोग करना है एक चीज मैं आपको बता दूं रात को आप करोगे सुबह उस लड़की का WhatsApp के ऊपर मैसेज पाओगे ठीक है

इतना ज्यादा प्रभावशाली प्रयोग है ये ठीक है दूसरी चीज सुनिए आप किसी गलत अटेंशन से मत करना ठीक है तो देखो लोभ लालच के अंदर आकर तुम करने लगो प्रयोग ठीक है वह चीजें भी करना गलत है ठीक है अगर सच्चा प्रेम है

तभी यह प्रयोग आपका काम करेगा प्रेम सच्चा नहीं है स्वार्थवश आप करने वाले हो तो तब क्या काम करेगा लोभ लालच में या गलत अटेंशन से करोगे तो भाई उस चीज की कोई गारंटी नहीं है ठीक है

सच्चा प्रेम करते हो उसके साथ शादी करना चाहते हो आगे बढ़ना चाहते हो तब ही यह प्रयोग काम करेगा ठीक है अपने मन से पूछिए आप क्यों ये कर रहे हैं ठीक है अगर आपकी अटेंशन सही है तो आप इसको करिए ठीक है

दूसरी चीज मैं आपको और बताता हूं ठीक है जब भी यह प्रयोग आपका सिद्ध हो जाए तो आप मेरे को जरूर कंफर्म करिएगा कि मैंने यह जो प्रयोग करा उसका मेरे को बहुत अच्छा रिजल्ट मिला है अगर बुरा रिजल्ट मिला है तब भी आप फोन कर सकते हैं ठीक है

तो यह प्रयोग बहुत बेस्ट है ठीक है हर शुक्रवार यह प्रयोग आप कर सकते हैं जितने शुक्रवार आप करते जाओगे उतना ही स्ट्रांग रिलेशन होता जाएगा ठीक है तो आज के लिए बस इतना ही छोटा सा वीडियो था इंफॉर्मेशन अगर अच्छी लगी हो तो आप लाइक जरूर कर देना बिल्कुल खतरनाक प्रयोग है उसके बाद मैं एक शाबर मंत्र भी दूंगा

आपको ठीक है जो बहुत ही शक्तिशाली होगा मेरे को केवल एक चीज चाहिए आप लोगों से मेरे को रिजल्ट चाहिए ठीक है आप मेरे को लाइक कर दीजिए वीडियो को मेरे को थोड़ी अंदर से प्रेरणा मिले ना कि मैं कुछ कर रहा हूं किसी के लिए तो मेरे उस चीज की सराहना लोग कर रहे हैं कितने लोग मेरी उस चीज को देख रहे हैं

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मेरे को उस बदले में सिर्फ यही चाहिए कोई पैसासा तो मैं मांग नहीं रहा हूं ठीक है सिंपल सी चीज मैं बोल रहा हूं कि मेरे को यह चीज चाहिए ठीक है आज के लिए बस इतना ही जय श्री महाकाल