Homeयंत्र मंत्र तंत्र ज्ञानहांडी मारण प्रयोग रहस्य - हांडी तंत्र -हांडी कैसे उड़ती है...

हांडी मारण प्रयोग रहस्य – हांडी तंत्र -हांडी कैसे उड़ती है ph.85280 57364

हांडी मारण प्रयोग रहस्य – हांडी तंत्र -हांडी कैसे उड़ती है ph.85280 57364

हांडी मारण प्रयोग रहस्य - हांडी तंत्र -हांडी कैसे उड़ती है ph.85280 57364
हांडी मारण प्रयोग रहस्य – हांडी तंत्र -हांडी कैसे उड़ती है ph.85280 57364

हांडी मारण प्रयोग रहस्य – हांडी तंत्र -हांडी कैसे उड़ती है ph.85280 57364 हांडी मारण  के बारे में बात करेंगे यह कैसे चलती है किस लिए इस का प्रयोग किया जाता है  इस के बारे में बात करूँगा इस का प्रयोग दिवाली के दिन जायदातर किया जाता है इस दिन जो भी क्रिया तंत्र साधनाएं टोना टोटका किया जाता है ना वह पूर्ण रूप से फलित होता है इन दिनों से ध्यान रखना चाहिए हांडी का प्रयोग बाकी  दिन भी किया जा सकता है 

यह किसी भी दिन मारण प्रयोग कर सकते हैं , जहां फिर बोलो कि मारन हांडी प्रयोग छोड़ सकते हैं। किसी भी रात्रि को लेकिनउ न्हें कई बार देखा होगा कि जो सिद्ध शमशान है बड़े शमशान है जागृत शमशान है। 

 इन दोनों दिवाली या होली की रात्रि आपने देखा होगा की बहुत सारी हड्डियां उड़ती हैं।  इधर से उधर जा रही होती है। वह अपने लक्ष्य की ओर जा रही होती है, तो ज्यादातर अपने इन्हीं दो दिनों में देखी होगी ,या फिर असम में गुवाहाटी में जो अंबुबाची मेला लगता है। वहां पर अपने उड़ती हुई देखी होगी या फिर अन्य किसी भी दिन आपको यह देखने के लिए मिल जाए देखो हांडी जब ऊपर को जाती है तभी दिखाई पड़ती है। 

लेकिन जब यह लक्ष्य की ओर चलती है ,और धीरे-धीरे जो है बहुत तीव्र हो जाती है.  और बहुत तीव्र गति से लक्ष्य की ओर बढ़ती है फिर यह धीरे-धीरे दिखाई देना बंद कर जाती है। और जिस व्यक्ति के लिए भेजी गई होती है। वहां पर जाकर जब फटती है तो तुरंत उसे व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है और जितना खतरनाक प्रयोग होता है कि साथ में ही जैसे ही चलती है।  तुरंत व्यक्ति अपने प्राण जो है वह त्याग देता है। 

तो यह प्रयोग काफी खतरनाक होता है लेकिन जो छोटे तांत्रिक होते हैं। वह किसी ऐसे मौके का किसी ऐसे समय का इंतजार करते हैं जब शक्तियां बहुत ही उग्र होती हैं। बहुत ही प्रकार होती हैं और यह होली या दिवाली की रात्रि को हीजो छोटे तांत्रिक हैं चलते हैं। ताकि उनकी शक्तियों को बल मिल सके। 

कई लोग इन दोनों मा शमशानों में आशु मेहतरानी देवी है अपने नाम सुना है या नहीं सुना है।  मैं नहीं जानता हूं ,उनका आह्वान करते हैं यानी हांडीया  चलाने में होता है जो हवा में हांडीया  उड़ती हुई जाती है। 

तो यही कारण है की होली या दिवाली की रात्रि का बहुत सारे तांत्रिक इंतजार करते हैं लेकिन बड़े तांत्रिकों को इससे फर्क नहीं पड़ता की होली की रात्रि है दिवाली की रात्रि है या फिर कोई अन्य रात्रि है कोई साधारण रात्रि है कोई भी रात्रि को वह कोई भी प्रयोग बड़ा कर सकते हैं 

इसलिए बड़े तांत्रिक में और छोटे तांत्रिक में जमीन आसमान का अंतर होता है क्योंकि बड़े तांत्रिक जब भी मरण हांडी भेजते हैं तो बहुत ही बड़ी शक्तियां लगा करके भेजते हैं सबसे पहले शक्तियों को बलि दी जाती है फिर उसे उपरांत जो है वह हांडी में बिठाया जाता है हांडी में बिठाकर के हांडी संचालित करके जो है भेजी जाती है 

उसे व्यक्ति के नाम की जैसे ही वह पास जाकर पड़ती है जैसे कि हमने बताया तुरंत के तुरंत जो है उसे व्यक्ति का काम तमाम कर देती हैतो यह एक खतरनाक प्रयोग है तंत्र का ऐसे और भी बहुत खतरनाक प्रयोग हैं तंत्र में जिनके हम बारी-बारी से जो है 

आगे आने वाले समय में आपको बताएंगे और हम एक बार फिर से बता दें कि यह जो प्रयोग है जैसे कि मान हांडी प्रयोग जिनके बारे में अभी हमने बात की है यह उसे व्यक्ति पर छोड़ा जाता है 

हांडी मारण प्रयोग ऐसे होता है 

कच्चा मटका होता है ,ठीक है उसमें कई तरह के भोग रखे जाते हैं ,अग्नि प्रचलित होती है। फिर देवी को आवाहन होता है , देवी लेकर चलती है और वह जब चलती है और जिसके नाम से चलती है।  वह उसका आखिरी दिन होता है यह परम सत्य है। 

  अगर आप के घर पर या ऑफिसमें कोई  सुरक्षा कवच लगा है तो  मेरे को कोई जान पहचान वाला ऐसा लगेगा आवाज मार रहा है तीन आवाज मरती है।  वह मटकी नाम से और मैं जैसे दरवाजा खोलो इस समय  फटेगी फिर उस व्यक्ति का अंत हो जाएगा। 

मेडिकल रिपोर्ट में भी  नॉर्मम  मौत शो  करेगा इस से बचने के लिए  अच्छे गुरु को पकड़ो 

Rodhar nathhttp://gurumantrasadhna.com
मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments