Homeदैविक साधनाguru gorakhnath sadhna नाथ पंथ की प्राचीन गुरु गोरखनाथ साधना ph. 8528057364

guru gorakhnath sadhna नाथ पंथ की प्राचीन गुरु गोरखनाथ साधना ph. 8528057364

guru gorakhnath sadhna गुरु गरोखनाथ साधना विधि    

आप 1 दिन में भी प्राप्त कर सकते हो ठीक है 11 तो 1 दिन की सिद्धि का विधान है और एक विधान है इसका 41 डेज गाया ने की 41 दिनों तक 

 

अगर आप 1 दिन में सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं इस मंत्र की जो गुरु गोरखनाथ guru gorakhnath जी का शाबर मंत्र है तो आपको होली या दीपावली दिन में आपको काम आएंगे या तो होली पर या दीपावली पर या फिर महाशिवरात्रि पर होली दीपावली महाशिवरात्रि ग्रहण काल में करोगे लेकिन ग्रहण काल एक डेढ़ घंटे का ही ज्यादा से ज्यादा मिल पाता कभी 2 घंटे का मिल पाता है तो उतने में बात बनी पाएगी ठीक है इसके लिए आपको और समय थोड़ा सा देना पड़ेगा जो आपके लिए तो होली दीपावली सबसे बेस्ट है उसके बाद में शिवरात्रि का महाशिवरात्रि का जो पर्व  उस पर भी आपसे भी कर सकते हो ठीक है आपको करना क्या है और इसके अलावा

जो दूसरे रा 41 दिनों की वह आप कभी भी कर सकते हो कभी भी शुरू कर सकते हो यानी कि शुक्ल पक्ष की शुरू कर सकते हो अमावस्या के बाद का जो पक्ष आता है अमावस्या के बाद के जो 15 दिन होते हैं वह शुक्ल पक्ष होते हैं तो उनमें आप अगर 41 दिन की सेवा उठाना चाहते हो 40 दिन की साधना उठाना चाहते तो वहां पर पर आप उठा सकते हो के लिए आप शुक्ल पक्ष का जो पहला दिन होता है जो याने की प्रतिपदा यानी कि पहला पहला दिन जो आता है

उस दिन से आपको साधना का  संकल्प लेना है और 41 दिनों तक साधना करनी है जब तक भी आपकी साधना चले जाने की 40 दिनों तक 41 दिन की साधना उठा रहे हो तो उसमें आप अगर आप अखंड दीपक जला सकते हो गुरु गोरखनाथ guru gorakhnath जी के लिए देसी घी का बहुत ही ज्यादा अच्छा है

अगर अखंड दीपक नहीं जला सकते तो सुबह शाम का दीपक जला करके आपको जप करना है ठीक है उसके बाद में आपको वही पर सो जाना जहां पर आप ने अखंड दीपक जलाया वहीं पर अपना बिस्तर लगा कर के पास में थोड़ा सा दूर थोड़ा सा गया करके ठीक है मंदिर को छूना नहीं है आपको जहां भी आप बैठे हो लेटे हो और मंत्र मैं आपको बताता हूं मंत्र में मंत्र सुनिए मंत्र छोटा सा मंत्र बहुत ही छोटा मंत्र मित्रों ठीक है संप्रदाय में गुरु मंत्र के रूप में बीए मंत्र चलता है और मंत्र सुनिए

Rodhar nathhttp://gurumantrasadhna.com
मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/
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