Homeदैविक साधनाguru gorakhnath sadhna नाथ पंथ की प्राचीन गुरु गोरखनाथ साधना ph. 8528057364

guru gorakhnath sadhna नाथ पंथ की प्राचीन गुरु गोरखनाथ साधना ph. 8528057364

guru gorakhnath sadhna  गुरु गरोखनाथ साधना के नियम 

गोरखनाथ gorakhnath जी की सिद्धि अगर आप करना चाहते हैं तो सबसे पहले तो आपको लंगोट का पक्का होना चाहिए अगर आप लंगोट के पक्के नहीं है, तो गुरु गोरखनाथ guru gorakhnath जी की सिद्धि आप नहीं कर पाएंगे धोने के देवता हैं और बगैर धोने के   सिद्धि संभव नहीं हो पाती  ब्रह्मचर्य बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है ,गुरु गोरखनाथ guru gorakhnath जी की साधना में जो व्यक्ति ब्रह्मचर्य को नहीं धारण करता ब्रह्मचर्य का पालन नहीं कर पाता सही से वह व्यक्ति गुरु गोरखनाथ guru gorakhnath जी को सिद्ध नहीं कर पाता और दूसरा ढूंढ यह दो चीजें इनकी साधना में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होती है । 

आपको बिल्कुल सात्विक भोजन लेना प्याज लहसुन का सेवन आपको नहीं करना बिल्कुल सात्विक आहार होना चाहिए और हां वह भोजन अगर कोई स्तरीय रजस्वला है ,अपने मासिक धर्म में तो उस समय पर भी उस स्त्री के हाथ का पका हुआ भोजन आपको नहीं खाना है ठीक है और इस जमीन पर आपको सोना  होगा    । 

उन दिनों में आप या तो फल फ्रूट खाइए नहीं तो अपने हाथ से भोजन पका करके खाइए और बाकी जमीन पर सोना है आपको ब्रम्हचर्य का पालन करना है गुस्सा लड़ाई झगड़ा क्लेश गाली देना फालतू की चीजें से   दूर रहना है अंडा मीट 

इन सारी चीजों का परहेज  बिल्कुल आपको एक किस संत की तरह बन जाना है । 41 दिनों के लिए जैसे संत है जो बिल्कुल ना किसी से फालतू बोलते हैं ना कि बिना फालतू की कोई चीज करते हैं बस खाली अपनी साधना में लीन रहते तो उसे 41 दिनों में भी आपको अपनी साधना में ही लीन  रहना है

 

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मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/
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