Batuk Bhairav sadhna बटुक भैरव साधना – बटुक भैरव मंत्र सिद्धि ph 8528057364

Batuk Bhairav sadhna बटुक भैरव साधना – बटुक भैरव मंत्र सिद्धि ph 8528057364 साथियों आज हम बटुक भैरव जी की साधना के बारे में जानेंगे भैरव बाबा को महाकाली का पुत्र भी माना जाता है काल भैरव बाबा की शनिवार को पूजा की जाती है यानी उनका दिन शनिवार को माना जाता है
अब हम बात करते हैं बटुक भैरव बाबा की बाबा बहुत ही जल्दी खुश होने वाले देवता है भक्तों की मनोकामना बहुत जल्दी पूर्ण करते हैं कोई इंसान इनको अपना इष्ट मानकर यदि साधना करता है तो उनके जीवन के समस्त कष्ट समाप्त हो जाते हैं
बटुक भैरव बाबा को इष्ट मानकर बाबा में आस्था रखते हुए वह मंत्रों का जाप करते हैं मेरे बाबा 24 घंटे उनके साथ रहते हैं वह उनकी रक्षा करते हैं बटुक भैरव बाबा की दो तरह से साधना की जाती है यदि आप गृहस्थ है तो आपको बटुक भैरव बाबा की सात्विक साधना करनी चाहिए और यदि गृहस्थ नहीं है तो तामसिक साधना कर सकते हैं
सात्विक साधना में सात्विक सामग्री का यूज होता है और तामसिक साधना में तामसिक वस्तुओं का उपयोग किया जाता है क्योंकि मैं वेजिटेरियन हूं और सात्विक सिद्धियों में यकीन रखता हूं तो मैं आपको भैरव बाबा की सात्विक साधना के बारे में ही बताऊंगा तामसिक साधना मेरा विषय नहीं है
बटुक भैरव मंत्र
औम बं बटुक भैरवाय नमः
बटुक भैरव साधना विधि
बाबा की साधना में सर्वप्रथम आप स्फटिक या रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें लाल रंग के आसन पर बैठ जाए शनिवार या फिर रविवार के दिन इस प्रयोग को शुरू करें और 21 दिन तक रेगुलर आपको यह साधना करनी है नहा धोकर पूर्व या दक्षिण दिशा में बैठ जाएं बाबा की एक फोटो या फिर मूर्ति अपने सामने रख ले और ध्यान रहे आपको चावल और हल्दी के ऊपर बटुक भैरव यंत्र की स्थापना करनी है
दोनों को पास में रखना है उनके फोटो को और उस यंत्र को फिर उस यंत्र के बीच में एक सुपारी रख दें सुपारी रखने के बाद में एक देसी घी का दीपक बाबा के सामने जला ले छुआरे का प्रसाद बाबा को अर्पित करें और जो प्रसाद आपने बाबा को अर्पित किया है वह पशु पक्षियों को खिला देना है
साधना के 10 या 11 दिन के बाद में आपको अनुभूति होनी शुरू हो जाएगी जो सामग्री आपने बाबा की साधना यूज की है और जिस भैरव यंत्र को आपने यूज किया है उसे आप 21 दिन बाद में बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें मंत्र साधना पूर्ण होने के बाद आप चाहे तो एक माला प्रत्येक दिन कर सकते हैं 21 दिन तक ब्रह्मचर्य का आपको पालन करना है
अपने गुरु के सानिध्य में ही इस साधना को करें और यह साधना आप सात्विक तरीके से करते हैं तो इनका गलत तरीके से दुरुपयोग आपको कभी नहीं करना है क्योंकि यह आपकी अच्छी नियत से और भी ज्यादा फलीप होती है
यदि आप अपनी नियत में जरा सी भी खराबी रखते हैं या फिर किसी का भी अनिष्ट करने के लिए यह साधनाएं करते हैं तो उल्टा आपका अनिष्ट हो जाता है वीडियो पसंद आए तो चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें शेयर सब्सक्राइब और लाइक करें जय माता दी जय बारो बाबा