Author: Rodhar nath

मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि
Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि

Panchanguli Sadhana पंचांगुली शाबर मंत्र साधना : काल ज्ञान की सरल विधि दोस्तों, अपने भारत में कालज्ञान की बहुत सारी साधनाएं हैं जो हस्तरेखाओं से लेकर के और एकदम मन की जो अवचेतन शक्तियां होती हैं, वहां तक वह शक्तियां काम करती हैं। थर्ड आई से लेकर के ब्रह्म तक वह शक्तियां काम करती हैं।

यानी कि कुंडली शक्ति से लेकर के और साधारण आ भूतों-प्रेतों तक अब वह शक्तियां काम करती हैं जो कालज्ञान के काम आती हैं जिनसे आप सामने वाले के आगंतुक के यजमान के भूतकाल में घटित हुई कई बातों को, कई रहस्यमई बातों को उनके सामने उजागर कर सकते हैं और उन्हें आश्चर्यचकित कर सकते हैं।

दोस्तों ऐसी साधनाओं में भूतों-प्रेतों की साधनाएं भी होती हैं, बेताल की साधनाएं भी होती हैं। बहुत सारी साधनाएं हैं और इनसे ऊपर जब आप बढ़ोगे तो महाविद्या की साधना होती है जिनके द्वारा आदमी त्रिकाल दर्शी हो जाता है।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली साधना की जटिलता

आज उसी क्रम में मैं आपको एक बात बताता हूं कि हमारे देश में पंचांगुली नाम से एक साधना चलती है जो बड़ी टफ साधना है और आमतौर पर पंचांगुली साधना हर किसी को सफल नहीं होती। पंचांगुली साधना में बहुत सारी ऐसी डिफिकल्टीज़ आती हैं, ऐसी प्रॉब्लम आती है कि करते-करते आदमी की हालत ऐसी हो जाती है कि वह साधना को करने के लायक ही नहीं रहता है।

बहुत ही कोई ऊर्जावान व्यक्ति होता है, वह पंचांगुली साधना को करके पार निकलता है। जो आदमी पंचांगुली साधना को कर लेता है, ज्योतिष में वह नमकनिर्णय हो जाता है। जन्म कुंडली या हस्तरेखा उसके सामने किसी की भी आ जाती है, तो हाथ देखते ही वह यजमान का भूत, भविष्य और वर्तमान सब कुछ ऐसे बता देता है जैसे सब कुछ उसकी आंखों के सामने होकर के गुजरा।

हमारे हाथ पकड़ कर के पंडित जी ने ऐसा कुछ बता दिया। वास्तव में पंडित जी बड़े ज्ञाता हैं। पंडित जी को शास्त्रों का बड़ा अध्ययन है। पकड़ने के लिए बस हाथ को पकड़ लिया और देखते जा रहे हैं।

ऐसी साधनाओं में पंचांगुली साधना टॉप मानी जाती है, बहुत अच्छी मानी जाती है। ज्योतिष का जो लोग काम करते हैं, उनके लिए पंचांगुली साधना बहुत बेहतरीन साधना है। इसमें बहुत सारी चीजें इसमें होती हैं, बहुत सारी ऐसी सावधानियां होती हैं और बहुत सारे ऐसे सूत्र होते हैं जिनको अपनाने के बाद में साधना सफल होती है।

Panchanguli Sadhana  सरल पंचांगुली शाबर साधना

 

लेकिन आज मैं आपको एक ऐसी पंचांगुली साधना बताता हूं जिसमें कोई भी नियम ज्यादा पालन करने की आवश्यकता नहीं है, कोई भी ज्यादा उसमें डिफिकल्टी नहीं है और कुछ भी ऐसा नहीं है कि आपकी साधना खराब हो सके, बीच में रह सके, छूट सके।

आप जो आज मैं साधना बताऊं, यह पंचांगुली की सब्र साधना है और यह एक सरल साधना है। इस साधना के द्वारा आपको पंचांगुली के वही फल मिलेंगे जो वैदिक साधना में मिलते हैं। आप इस साधना को करके भी किसी भी जातक का भूत, भविष्य और वर्तमान देख सकते हो।

पंचांगुली में भविष्य देखने की क्षमता भी होती है, इसलिए आप भूतकाल की बातें बता करके अपने यजमान को आश्चर्यचकित कर सकते हो और भविष्य काल की बातें बता करके उन्हें खतरों से आगाह कर सकते हो कि आपके जीवन में खतरे आने वाले हैं, इन खतरों से आपको इस तरह से बचना चाहिए। यह साधना बड़ी टॉप साधना है और इस साधना में साधक को कुछ भी ज्यादा नहीं करना पड़ता। सिर्फ नियमबद्धता से साधना को करना पड़ता है।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली साधना की विधि और संकल्प

चलिए आगे चलते हैं और देखते हैं कि साधना को किया कैसे जाता है। यह एक बहुत ही गुप्त साधना है जो सब्र साधना है, एक ऋषि की बनाई हुई साधना है। जयपाल जी करके एक नाथ थे, जयपाल नाथ जी, उनकी साधना है यह और यह साधना कैसे की जाएगी, इस पर थोड़ी चर्चा करते हैं।

दोस्तों, कोई भी शुक्ल पक्ष का शनिवार हो, उस दिन से साधना शुरू होती है, लेकिन शनिवार से पहले ही एक दिन पहले ही शुक्रवार के दिन आप संकल्प कर लें कि मैं 108 दिन तक निरंतर इस साधना को करूंगा और इसका मैं संकल्प लेता हूं। संकल्प कैसे लेना है?

आपको एक ही माला का जाप करना है। एक माला मंत्र का जाप का आपको 108 मंत्रों का आपको संकल्प लेना है। एक माला का भी मत बोलना क्योंकि माला इसमें है ही नहीं। तो 108 मंत्रों का संकल्प लेना कि मैं नित्य 108 मंत्रों का संकल्प लेता हूं और 108 दिन तक अब क्या है शनिवार के दिन सुबह प्रातःकाल जब आप उठेंगे, उससे पहले आज मैं मंत्र बताऊंगा, उस मंत्र को अच्छी तरह से याद कर लीजिए।

मंत्र सिद्धि तब मानी जाती है जब आपको रात नींद में उठा करके और कहे मंत्र बोलो, तो उस नींद में उठे हुए परिस्थिति में भी आप उस मंत्र को ऐज़ इट इज़ बोल देते हैं, हूबहू बोल देते हैं, जैसा का तैसा बोल देते हैं, तो उस मंत्र को सिद्ध मंत्र माना जाता है।

आपका यह मंत्र जितना फ़ास्ट निकलेगा, जितना त्वरित गति से निकलेगा, धाराप्रवाह निकलेगा आपके मन से, आपकी ज़बान से, उतना ही मंत्र सिद्ध माना जाएगा और उसी जागृत मंत्र से आपको साधना करनी है। तो पहले इस मंत्र को अच्छी तरह से पढ़कर रटकर तैयार रखें।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली साधना मंत्र जाप और उंगली संचालन

ये आपके पाँच उंगलियां: एक अंगूठा, चार उंगलियां, तो पाँच उंगलियां मानी जाती है। पंचांगुली कैसे करेंगे ? जो यह मंत्र है, इस मंत्र में पाँचों उंगलियों का जिक्र है, यानी अंगूठे सहित पाँचों उंगलियों का जिक्र है। तो जैसे-जैसे जिस-जिस उंगली का जिक्र आता जाए, उस-उस उंगली को आप एक दूसरी उंगली से मिलाते जाएंगे। है न?

तो अब मैं मंत्र बोलता हूं और उंगलियां मिलाकर के आपको दिखाता हूं कि कैसे आपको जाप करना है। इस मंत्र को एक बार  जाप करना है कि  ऐसा बोलकर के आपको कनिष्ठा उंगली को जोड़ना है।

दूसरी  : अनामिका ऊर्जा प्राण संचय शक्ति पदार्थ। मंतर बोलकर के आपको अनामिका जोड़नी है। तीसरा है: एक बार मंत्र  बोल करके आपको मध्यमा उंगली को जोड़ना है। फिर: हरि तट तर्जनी सही दे ये मार्गदर्शक ।

ऐसा बोलकर के आपको ये जो तर्जनी उंगली है, इसको जोड़ना है। अब आपको अंगुष्ठ जोड़ना है और अब मंत्र की बोलना  है। 

जप की गणना और अनुभव

अब क्या है इस मंत्र को जपना कैसे? आपको ऐसा तो कर लिया आपने। मुंह पे फेर लिया। अब आपका गरम हो गया एकदम हाथ गरम हो गया, ऊर्जा चेहरे पर पहुंच गई। अब आपको आंखें खुली बिना ही यह जो हाथ है, इस हाथ में आप देखेंगे कि इन चार उंगलियों में 12 पोर हैं – 1, 2, 3, 4। इन 12 पोरों में आपको 12 मंत्रों का जाप करना है।

एक-एक मंत्र का एक-एक करके जाते जाना, अंगूठा देते जाना, जाप करते जाना, अंगूठा देते जाना, जाप करते रहिए, अंगूठा आगे लगाते रहिए। इस प्रकार से आपका जो 12-12 है, वह पूरा हो जाए। पूरा हो जाए, तो आपको इस हाथ में क्या करना है? इस हाथ में निशान लगा लेना है।

फिर से आपको 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12। आपने फिर दूसरे पोर पर इस प्रकार से दूसरे हाथ में गिनेंगे – 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 पोर गिनेंगे, तो आपके 108 मंत्र पूरे हो जाएंगे। इस प्रकार से आप 108 मंत्रों को पूर्ण कर लीजिए। 108 मंत्रों को पूर्ण करते आपकी एक माला पूर्ण हो गई। एक माला पूर्ण हो गई और वह जो मंत्र आपने पहले जपा था, वह सुमेरु हो गया।

अब इस प्रकार से आपकी यह साधना चलते रहेगी, चलती रहेगी, चलती रहेगी, चलती रहेगी। कुछ दिनों में आपको अपने आप ऐसे आभास होने लगेगा कि कोई भी जो जातक है, आपके सामने आकर के बैठा है।

सामने आकर के बैठते ही उसका हाथ अपने हाथ में पकड़ते हैं, हस्तरेखा देखने के लिए पकड़ते हैं हाथ। हस्तरेखा देखते ही, हाथ पकड़ते ही उसका भूत, भविष्य, वर्तमान धीरे-धीरे धीरे-धीरे आपके सामने प्रकट होना शुरू होगा। इसका अभ्यास करना पड़ेगा। एकदम नहीं होगा, एकदम गड़बड़ हो जाएगी। तो पहले हल्का-हल्का, हल्का-हल्का आपको पता चलेगा कुछ-कुछ-कुछ-कुछ। तो आप श्योर हो जाइए, अब मुझे यह शब्द कहना है।

कई बार क्या होता है कि ऐसी बातें आ जाएंगी जो आपको नहीं भी कहनी होती हैं और वह अगर आप कह देते हैं तो मुश्किल में आ जाते हैं। तो आपको चुनाव करना है।

पहले अभ्यास करना धीरे-धीरे बोल करके और सोच-समझ के बोलना कि कौन सी बात बोलनी है, कौन सी नहीं बोलनी क्योंकि सामने जो जातक बैठा है, उसकी सारी बातें आएंगी आपके दिमाग में। तो सारी बातें अगर बोल दी तो मुसीबत का कारण, मुसीबत मोल लोगे आप। तो इस प्रकार से सोच-समझ के आपको बोलना कि कौन सी बात बोलनी है, कौन सी बात नहीं बोलनी है।

 

पंचांगुली शाबर मंत्र 

ॐ नमो पंचांगुली परशरी माता मयंगल वशीकरणी लोहमय

दंडमाणिनी चौसठ काम विहडनी रणमध्ये राउलमध्ये शत्रुमध्ये

दीपानमध्ये भूतमध्ये प्रेतमध्ये पिशाचमध्ये झोंटिंगमध्ये डाकिनीमध्ये

शंखिनीमध्ये यक्षिणीमध्ये दोषिणीमध्ये गुणीमध्ये गारुडीमध्ये

विनारीमध्ये दोषमध्ये दोषशरणमध्ये दुष्टमध्ये घोर कष्ट मुझ ऊपर बुरो

जो कोई करे करावे जड़े जडावे चिन्ते चिन्तावे तस माथे की माता

पंचांगुली देवी तणो वज्र निर्धार पड़े ॐ ठं ठं ठं स्वाहा ।।

 

गोपनीयता और अभ्यास का महत्व

अब जैसे कोई आदमी आकर बैठा और उसने कोई चोरी की है या उसने कोई मर्डर किया है या उसकी उसकी बीवी के कोई गलत अफेयर चल रहे हैं या उसकी बहन किसी के साथ गलत अफेयर कर रही है, आपके सामने तो सब बातें आ गईं, लेकिन इन बातों को कह दिया आपने, तो कोई बड़ी गड़बड़ हो सकती है।

इसलिए इस साधना में आपको धीरे-धीरे सोच-समझ के एक-एक शब्द बोलने का अभ्यास कर लेना चाहिए। अभ्यास कर लेंगे, तो कुछ दिनों में यह परिपक्वता अपने आप पैदा होना शुरू हो जाएगी और फिर आप किसी का भी हाथ देखेंगे या कुंडली देखेंगे, करोगे, तो उसका सारा भूत, भविष्य, वर्तमान आपके सामने आ जाएगा।

आप अपने जातक को बुराइयों से, बुरे कर्मों से, खतरों से, इन सब से बचा सकते हो। आप अपने जातक को जो पूर्व काल में हो चुका है, वह बातें भी बता सकते हो। बहुत सारी गुप्त बातें, तो उसे भी नहीं पता है, वह भी आप बता करके उसका कल्याण कर सकते हो।

इसे कल्याण की दृष्टि से ही लेना यह साधना को। जो आदमी कल्याण की दृष्टि से लेकर के साधना करता है, वह आदमी पंचांगुली की साधना में प्रवीण हो जाता है।

Panchanguli Sadhana पंचांगुली साधना का निष्कर्ष

इस साधना में न तो कोई भोग है, न कोई माला है, न कोई विधि-विधान है। सिंपल एकदम आसान विधि-विधान, एकदम आसान तरीका। इस प्रकार से इस साधना को करके आप कालज्ञानी बन सकते हो और बिना मेहनत के, बिल्कुल आसान, बिस्तर पर बैठे-बैठे करने की साधना है।

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माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना ,नूरी इल्म की तीक्षण साधना ph.85280 57364

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भारत की विलक्षण साधनाएं: शक्ति और अनुभव

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना ,नूरी इल्म की तीक्षण साधना ph.85280 57364  भारत में कुछ ऐसी विलक्षण साधनाएं हैं, जिन्हें अगर कोई साधक कर लेता है तो वह एक शक्ति का ग़ज़ब का अनुभव करता है। ऐसी शक्ति जो किसी भी काम को पल भर में कर सकती है। ऐसी शक्ति जो किसी का भी सम्मोहन कर सकती है। ऐसी शक्ति जो किसी को भी आकर्षित कर सकती है। ऐसी शक्ति जो घर से कोई भाग गया हो और उसे 24 घंटे के अंदर-अंदर अपने घर में वापस बुला सकती है।

उस शक्ति का प्रयोग करके चले जाओ तो अधिकारी को लगेगा कि बस यह तो सर्वेश्वर है, यही सब कुछ। उसके आदेश मात्र से उसके साइन चल जाएंगे, वह काम हो जाएगा। कोई आदमी अगर बैठा है और उसके बारे में समाचार लेना है कि वह कैसा है, क्या है, सुखी है कि दुखी है, कैसा है, 2 मिनट में उसका सारा समाचार लिया जा सकता है।

ऐसी शक्ति कि किसी के घर में यदि कोई टोना, टोटका, तंत्र-मंत्र, जादू, विचार कर्म, भूत-प्रेत, पिशाच, किसी भी प्रकार की बाधा आ गई और वह लोग बड़े परेशान हो गए तो उनको 2 मिनट में शांत किया जा सकता है।

ऐसी-ऐसी शक्तियां हमारे भारत में कई प्रांतों में अलग-अलग भरी पड़ी हैं। उन्हें खोजना पड़ता है, देखना पड़ता है। क्या है, कैसी शक्ति है।

और अनुनय से, विनय से, दृढ़ता से, निर्भीकता से आप यदि किसी भी साधना को करते हो तो जिस देवी-देवता की शक्ति की आप साधना करते हो, वह भी आपसे प्रसन्न रहता है। यदि आप इस संसार में एक उद्देश्य से लेकर चलते हो कि मुझे भला काम करना, अच्छा काम करना है, सिर्फ यह उद्देश्य लेकर चलते हो तो शक्ति भी आपको सिद्ध होने में अपना गौरव मानती है।

डर तो निश्चित है कि डर तो पहले लगेगा। वह मैंने एक पोस्ट में बताया, डर क्यों लगता है? आप देख रहे हैं जब भैरव बाबा की मैं साधना का मेरा जो पोस्ट है, उसमें आप देख लेना। अष्ट भैरव के साधना में उसमें डर क्यों लगता है, वह आपको मैंने अच्छी तरह से बताया। डर लगेगा साधना में, लेकिन डर को पार करके आपको साधना करनी है।

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना: पंजाब और हरियाणा में चर्चा

ऐसी ही एक साधना हमारे पंजाब प्रांत में काफी चर्चित है। पंजाब, हरियाणा, इन दोनों—पंजाब में ज़्यादा, हरियाणा में थोड़े कम है—लेकिन साधना का बाहरी ले पंजाब में बहुत है, और कई लोगों ने इस साधना को किया है, साक्षात्कार किया है देवी का। और देवी के द्वारा बहुत सारे काम, अच्छे-अच्छे काम भी किए हैं। आप भी यदि चाहो तो उस देवी की साधना कर सकते हो। उस देवी का नाम है श्याम कौर मोहिनी साधना।

श्याम कौर मोहिनी के कई प्रकार के मंत्र हैं। और कई पोस्टों से साधना होती है—कभी पीपल के नीचे होती है, कभी बेसमेंट में, तहख़ाना में होती है, कभी छत पर होती है, कभी नदी के तीर पर होती है।

तो जो सरल-सरल साधनाएं हैं, जिसे आदमी से कर सकता है, वह साधना मैं आपके लिए लेकर आया हूं। आप इस साधना को करके अपना और दुनिया का भला कर सकते हो।

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना की विधि और सामग्री

दोस्तों, इस साधना की विधि कुछ इस प्रकार है। इसमें कुछ सामग्री होती है, वह सामग्री आपके पास होनी ज़रूरी है। वह सामग्री लेकर के आप क्या करेंगे, वह मैं बताता हूं।

दोस्तों, इस साधना को करने का न तो कोई दिन है, न कोई आसान है, न कोई दिशा है, ऐसा कुछ भी नहीं है। माला का भी कोई प्रतिबंध नहीं है। कोई भी माला आप ले सकते हो। कोई भी आसन ले सकते हो। किसी भी दिशा में मुंह कर सकते हो। किसी भी दिन किया जा सकता है। साधना इकतालीस दिन की है, की। और 11 माला आपको प्रतिदिन जपनी पड़ती है।

साधनाओं में ऐसा होता है कि यदि रात्रिकाल के साधना हो तो सबसे बढ़िया रहती है, क्योंकि रात्रि में शांति रहती है, और शांति में कोई भी साधना करता, आपका मन भी आपके साथ रहता है। दिन में मन विचलित रहता है। तो टाइम का भी कोई नहीं है वैसे, लेकिन श्याम के बाद में कभी भी या रात्रिकाल में आप इस साधना को कर सकते हैं।

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना के लिए कुछ सामग्री चाहिए:
1. दो लड्डू आपके पास होने चाहिए।
2. पत्तल का दोना आपके पास होना चाहिए।
3. दो मीठे आपके पास होने चाहिए।
4. मीठे चावल पहले बना लेना, वह मीठे चावल भी आप अपने साथ चले जाओगे।
5. और शराब की एक बोतल—देसी हो, अंग्रेजी हो, उसका कोई उल्लेख नहीं। कोई भी शराब की बोतल लो, चलेगी। देसी सबसे बढ़िया रहती है। जब भी कोई साधना हम करते हैं तो देसी शराब जो हाथ से निकाली हुई शराब होती है, हथकड़ी शराब बोलते हैं उसको—वह होती है। महुआ आदि होता है। ऐसी शराब जो होती है, वह इन साधनाओं में प्रयुक्त होती है।
6. दीपक चाहिए।
7. सरसों का तेल चाहिए।

नाम मात्र की सामग्री है, छोटी सी सामग्री है। बस यह सब चाहिए।

 

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना जप से पूर्व की क्रियाएं

अब क्या है? आपको नदी के किनारे जाना है। नदी के किनारे जाकर के जो चावल आपके पास हैं, उन चावलों का क्या करना? नदी में प्रवाहित करना, लेकिन ऐसे ही नहीं करनी। नदी में चावल तो प्रवाहित करने, लेकिन एक मंत्र है—उस मंत्र का सात बार पहले प्रयोग करके, फिर इन चावलों को नदी में प्रवाहित करना। नदी में प्रवाहित करने के समय आप सात बार इस मंत्र का प्रयोग करेंगे।

मंत्र पंजाब का मंत्र है, न तो थोड़ी पंजाबी लैंग्वेज इसमें आएगी। तो पंच पीरों के साथ साधना होती है। इसका भी मैं अलग से एक पोस्ट आपको दूंगा। बहुत बढ़िया साधना है, ग़ज़ब की साधना है, और इसमें बहुत सारी साधनाएं होती हैं, जैसे श्यामकौर माता की साधना।

इसके साथ पंच बावरी की भी साधना होती है। तो ये सब-सब साधना एक से एक बढ़िया से बढ़िया साधना है, जो इन माता के साथ में रहते हैं—सब सहयोगी हैं इनके। तो इस इनके सहयोगी होने से साधना बहुत ज्यादा शक्तिशाली साधना हो गई है। दुनिया में कोई भी प्रकार के परेशानी हो, इस साधना को साधना के द्वारा मिटाया जा सकता है।

तो मंत्र कुछ इस प्रकार: वो मैंने बताया कि सात बार मंत्र बोलकर के—कौन सा मंत्र:

ख्वाजा खिजर जिन्दा पीर

पंजे पीर तेरे मददगीर 

सिद्धां नाथा दा  सरदार

कचिया पकिया कढीया तेरे नाम  

 

इस मंत्र का सात बार प्रयोग करके आपको वह चावल जो है, नदी में प्रवाहित कर देने।

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना में सुरक्षा घेरा और दीप प्रज्वलन

अब आपको क्या करना है? अब आपको अपने चारों तरफ एक सुरक्षा घेरा बना लेना। और सुरक्षा घेरा बनाते समय आपको एक खास मंत्र का प्रयोग करना।

आस कीलूँ पास कीलूँ, 

कीलूँ  अपनी काया 

जागदा मसान कीलूँ 

बैठी कीलूँ छाया     

इसर का कोट बर्मा की थाली 

मेरे घाट पिंड का हनुमान वीर रखवाला!

इस मंत्र का प्रयोग करके आप अपने चारों तरफ एक बहुत बड़ा घेरा बना लेना। ताकि बहुत बड़ा का मतलब है कि बहुत बड़ा जब घेरा रहेगा न, तो उसके अंदर आसानी से आपके हाथ पकड़े नहीं जा सकते हैं किसी शक्ति के द्वारा। तो इसलिए बड़ा घेरा बना लेना।

उसके बाद में घेरा बना लेने के बाद में आपको क्या करना है? दीपक को प्रज्वलित करना, और जो दोना आपके पास में दोना है न? पत्तल का दोना होना चाहिए। दोना प्लास्टिक का भी मिलता है, ध्यान रखना। पत्तल का दोना ही चाहिए आपको। पत्तल का दोना होना चाहिए या फिर पत्तल का दोना नहीं मिले, किसी प्रकार से आपको कोई परेशानी, पत्तल का दोना नहीं मिले, तो आपको क्या करना है? कागज़ लेना है, साफ-सुथरा।

मीठा चलती रहेगी आपकी। और जो प्रसाद—प्रसाद उसके चारों तरफ शराब की बोतल से घेरा बना लें। जो बाकी शराब बचे, उसे अपने पास में रख लें।

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना और आशीर्वाद लेना

और अब आप 11 माला—नहीं-नहीं, उससे पहले, उससे पहले क्या करना है? उससे पहले गणेश जी का मंत्र बोलना है, गुरु जी का मंत्र बोलना है। गणेश मंत्र की एक माला, गुरु मंत्र की एक माला, शिव जी के मंत्र की एक माला जपनी है। और संकल्प लेना है कि मैं मां श्याम  मोहिनी की साधना कर रहा हूं। हे गुरुदेव, हे गणेश भगवान, हे शंकर भगवान, मुझे आशीर्वाद दो, मुझ पर कृपा करो। ऐसा बोलकर के आप उनसे आशीर्वाद लेकर, आज्ञा लेकर के, फिर इस मंत्र को शुरू करेंगे।

अब कोई भी देह रक्षा मंत्र आपको आता हो, शरीर की रक्षा करने का कोई भी मंत्र आपको आता हो तो वह मंत्र पढ़कर, हाथों पर फूंक मार के, जैसे उस मंत्र में विधि बताई गई है, वैसे शरीर रक्षा का कोई भी मंत्र हो, उस मंत्र से आप शरीर रक्षा का मंत्र पढ़कर अपने शरीर को बांध लें।

शरीर को बांधने के बाद में, अब आपको 11 माला—रुद्राक्ष की माला हो, चाहे कोई भी हो—माला का कोई उल्लेख नहीं है, कोई भी माला हो, उस माला से आपको 11 माला इकतालीस दिन तक इसी क्रम में जपते चले जाना है।

 

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना के दौरान के अनुभव और प्रत्यक्षीकरण

15 दिन तक तो आपने जप ली। 15 दिन के बाद में अब आपके साथ क्या होगा, उस बात को थोड़ा सा समझ लें। 15 दिन के बाद में आपको बहुत सारी आकृतियां दिखाई दे सकती हैं, डरावनी-डरावनी। बहुत सरल कपट माया आपके साथ हो सकती है। आपको तो हर हाल में निडर रह करके साधना करनी ही है, क्योंकि जगत का कल्याण इतना आसानी से नहीं होता। अपना कल्याण नहीं होता, जगत का क्या होता है! जगत कल्याण करने जो निकला है $\text{न}$, जो बिल्कुल बजाय जिसने, और जिसने झंडा हाथ में लिया जगत कल्याण का—उसे तो बहुत सारी दुविधाओं को पार करके आगे बढ़ना पड़ता है।

तो आपको जगत कल्याण करना है, दुनिया का कल्याण करना है, भला करना, इस साधना को करना है तो आने 15 दिन के बाद में आपके साथ बहुत सारी क्रियाएं होगी, बहुत सारी घटनाएं होगी, डरावनी-डरावनी, खतरनाक अनुभव होंगे। और आपको एक मोर पर बैठी हुई सुंदर स्त्री आकाश से उतरती हुई नीचे जमीन आती हुई दिखाई दे जाएगी।

डरना मत। वही माता आपसे बात करने की कोशिश करेगी। इकतालीस दिन तक कोई बात नहीं करें किसी से। आप अपना मंत्र जाप करते रहें। और जब तक मंत्र जाप पूर्ण नहीं हो। मंत्र जाप पूर्ण होने के 15 मिनट बाद आप घेरे से बाहर निकलें। मंत्र—यानी मंत्र जाप हो गया। अब चलें। मंत्र जाप पूर्ण होने के बाद भी धैर्यपूर्वक 15 मिनट वहीं बैठे रहें। उसके बाद में आप घेरे से बाहर निकलें।

आपका इकतालीस दिन तक जाप होते-होते माता का प्रत्यक्षीकरण आपको हो जाएगा। हो जाए तो इकतालीस दिन जप करने के बाद, उनको प्रणाम करके, उनके चरण धो करके, उनके चरणों में शरणागत करके, आप माता से प्रार्थना करेंगे, “हे माता, आप हमेशा सम्मान के रूप में मेरे साथ रहोगी।

मुझे सद्बुद्धि दोगी, और संसार में भले-भले अच्छे-अच्छे काम करने—मेरे और संसार के दोनों के काम करने—तो इसमें मेरी सहायता करोगी और अच्छे कर्म मेरे द्वारा करवाओगी। मैं किसी भी काम में संसार के मैं आपको याद करूंगा तो आप आओगी।”

तब आप माताजी, मां-बेटे का आपका रिश्ता बन जाएगा। फिर अब जब भी अपने मां को बुलाओगे, मां आपके सामने प्रकट हो जाएगी—एक माला जाप, मां प्रकट हो गई।

 

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना की सिद्धि के बाद के कार्य

 

अब मां प्रकट होने के बाद में आपके सिद्ध तो पूरी हो गई। अब आप समाज में कैसे-कैसे, किस-किस का काम कैसे करोगे?

मान लो, जैसे कोई बच्चा घर से भाग गया है, तो उसके कपड़ों पर एक माला जाप करो—सिर्फ एक माला जाप—24 घंटे में वह बच्चा कहीं भी होगा, झट से घर लौट आएगा। कोई आदमी का समाचार लेना है, दूर बैठा है, आप एक माला जाप करो। रात में सपने में या दिन में आपके ज़हन में, ख्याल में कैसे भी आपको उसके बारे में सब पता चल जाएगा—वह कहां है, कैसा है।

इसके प्रैक्टिकल करके देख लेना—छोटे-छोटे भाई, आप जिनको जानते हो, आस-पास जानते हो, उनके बारे में समाचार लेकर देख लेना। आपको वही समाचार मिले तो फोन करके पूछ लेना, “क्या भैया, तुम ये क्या ये काम कर रहे हो? क्या यह कर रहे हो?” अभी वहां के वह बोल देगा, “हां, बिल्कुल यही, यार। तुम्हें कैसे पता चला?”

आप जान लेना कि आप जो आपके ख्याल में आ रहा है, वह एकदम सही आ रहा है। इस प्रकार से आप अमेरिका में बैठे आदमी का भी समाचार ले सकते हो, इटली, दुबई, कहीं भी बैठा, उसका समाचार ले सकते हो।

किसी को भी सम्मोहित कर सकते हो इससे। सिंदूर अभिमंत्रित होता है। उस सिंदूर को लगा करके आप बड़े से बड़े ऑफिसर के सामने चले जाओ, वह तुरंत आपसे सम्मोहित हो जाएगा और करके आपका काम कर देगा।

बस यही है कि क्या होता है कि जब कोई चीज पैदा होती है तो उसका  करने वालों की झड़ी लग जाती है—वह हमको यह ऐसा चाहिए, हमको वैसा चाहिए, हमको वैसा चाहिए। सम्मोहन की साधना है, वशीकरण की साधना नहीं है, ध्यान रखना।

यदि किसी लड़की पर, स्त्री पर आपने ज़बरदस्ती वशीकरण करने की कोशिश की साधना से, मारे जाओगे। कुत्ते खीर नहीं खाएंगे आपके हाथ की—ऐसी दुर्गति हो जाएगी, पूछो मत। जो आदमी दुरुपयोग करना चाहता है, उनके लिए मेरी बताई हुई साधना नहीं है, ध्यान रखना इस बात का।

तो इस प्रकार से आप साधना को करके अच्छे-अच्छे काम तो कर सकते हो, बुरे-बुरे काम नहीं कर सकते। क्योंकि श्याम कौर मोहिनी खुद माता सत्यभामा है।

सत्यभामा कौन ? भगवान कृष्ण की आठवीं पत्नी सत्यभामा। और इस विश्व की आठवीं मोहिनी शक्ति, जिसका नाम है श्याम कौर मोहिनी। विश्व में आठ सम्मोहन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन आठ शक्तियों में श्याम कौर आठवीं शक्ति है।

 

श्याम कौर मोहिनी  मंत्र

यह तो सब बातें हुई। अब इसमें जो मंत्र है, वह मैं मंत्र आपको बता देता हूं ताकि आप आराम से साधना को संपन्न कर सको।

माता श्याम कौर मोहिनी मंत्र साधना

दोस्तों, मंत्र यह है:

आई रे श्याम कौर कहां से आई, आई रे  श्याम कौर कहां से आई।
 बगड़ देश से आई।
उड़न खटोला उड़दी  आई, 
लाल परांदा उड़ी आई, हंकारी आई, पसकारी आई,  मेरे कारज  न करे तेनु गुरु दी आन 

इस मंत्र का प्रयोग करके आप इस साधना को सफल कर सकते हो। गुरु से तीन बार सुन लेना। गुरु की हर साधना में आवश्यकता होती है। और इनके साथ में जो पंच बावरी चलते हैं, उनकी साधना भी मैं आगे आपको बताऊंगा। और जिंदा पीर चलते हैं, खिजर पीर चलते हैं, उनकी साधना भी आगे आपको मैं बता दूंगा। और पंच पीरों की और अहमद पठान की सबकी साधनाएं मैं आपको धीरे-धीरे करके बताता जाऊंगा।

ये सब एक-दूसरे के अंग हैं, और इनकी शक्तियां बड़ी ग़ज़ब की हैं। इनकी शक्तियों के सामने अच्छी-अच्छी शक्तियां काम नहीं करती। इनकी शक्तियां जहां चलती है, वहां किसी की दम नहीं है कि इनका काम नहीं करे। ये बहुत शक्तिशाली साधना है। दोस्तों, करके अपना और जगत का कल्याण कर सकते हैं, भला कर सकते हैं।

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जय श्री कृष्ण दोस्तों! जय माता श्याम कौर मोहिनी की !

lal pari sadhna लालपरी साधना सरल और शक्तिशाली ऐश्वर्य और सौंदर्य की साधना

lal pari sadhna लालपरी साधना सरल और शक्तिशाली ऐश्वर्य और सौंदर्य की साधना

lal pari sadhna लालपरी साधना सरल और शक्तिशाली ऐश्वर्य और सौंदर्य की साधना

lal pari sadhna लालपरी साधना सरल और शक्तिशाली ऐश्वर्य और सौंदर्य की साधना
lal pari sadhna लालपरी साधना सरल और शक्तिशाली ऐश्वर्य और सौंदर्य की साधना

परियों की साधना: उत्कृष्ट, आकर्षक और खतरनाक मार्ग

lal pari sadhna लालपरी साधना सरल और शक्तिशाली ऐश्वर्य और सौंदर्य की साधना नमस्कार प्रिय मित्रों, मैं gurumantrasadhna.com में आप सब का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ। दोस्तों, भारत और पूरे विश्व में परियों की साधना बहुत चलती है। बहुत लोगों ने परियों की साधना करके, इनका साक्षात्कार करके, अपने जीवन की विपन्नता को और विषमता को दूर कर लिया। परियाँ हमेशा यौवन में रहती हैं। जब भी उनको देख लो, उनको देखते ही मादकता छाने लगती है, उनको देखते ही सब मंत्र आदमी भूल जाता है। उनको देखते ही वचन, वचन क्या लेने, सब दिमाग से निकल जाती हैं। इतनी सुंदर परी धरती पर किसी ने कभी कोई स्त्री नहीं देखी, किसी ने भी नहीं देखी।

इसलिए मैं अक्सर साधनाओं में कहता हूँ कि परियों की साधना बड़ी खतरनाक होती है। कोई आलिम अपने शिष्य को परी की साधना नहीं सिखाता, वह कहता है कि परी की साधना को मत करो, उल्टा फँस जाओगे, क्योंकि गलती से भी परी के चेहरे की तरफ देख लिया तो परी के चेहरे में वह सम्मोहन होता है जिसके कारण से आदमी उसको सिद्ध करना तो छोड़ो, तुरंत उसके सम्मोहन में आ जाता है और फिर जीवन भर का गुलाम बनके रहता है। परियाँ साधना के द्वारा साधक से वह शक्तियाँ प्राप्त करवा सकती हैं जिसके द्वारा परी हमेशा जिंदा रहती है, यौवन में रहती है, मदमस्त रहती है, आलीशान रहती है और चिरंजीवी रहती है।

 

lal pari sadhna लाल परी साधना के नियम और सावधानी

 

कोई आदमी जब परी की साधना करे तो यह पहला इंस्ट्रक्शन होता है कि आदमी 6 महीने तक कम से कम ब्रह्मचर्य का कठोर पालन करने वाला हो। वही आदमी परी की साधना में उतरे। हर कोई इस तरीके से उतरता है, कोई फायदा नहीं।

परी की साधना किसी आलिम के देखरेख में की थी। बहुत पहले सबसे पहले उद्घाटन किया था भारत में और वह किताब और उनकी दुर्घटना में मृत्यु हो गई और वो किताब जहाँ की तहाँ रह गई। कुछ उसकी प्रतियाँ बाजार में आईं, उसके बाद छापाखाना था उसमें आग लग गई, राख हो गई। जो पहले प्रतियाँ थी वो राख हो गई और जो बाद में छपाई गई थी, वह कुछ प्रतियाँ जो बाजार में आई थीं, अर्षद पर्वों की छोटी सी किताब थी। उसमें कुछ परियों के बारे में स्पष्ट और बहुत विवरण से लिखा हुआ था।

ये जो लाल परी की साधना है, ये विश्व में विख्यात साधना है और मिस्र में इस साधना को बहुत लम्बे काल से किया जाता था। भारत में साधना आई तो भारतीय मनुष्य ने भी इस साधना को अपने साबर मंत्र से जोड़ करके अपने हिसाब से परी को बुला लिया और आगे वही मंत्र विकसित हुआ। आज मैं आपको लाल परी की साधना बताता हूँ जिसके कारण से बड़ी से बड़ी बीमारी को एक सेकंड में दूर किया जा सकता है। जिसके साक्षात्कार से मनुष्य का जीवन स्वर्ग जैसा खूबसूरत हो जाता है। लाल परी की साधना अपने आप में बड़ी ही उत्कृष्ट साधना है।

 

lal pari sadhna लाल परी साधना  की विधि

 

लाल परी की साधना परियों की दुनिया में सर्वश्रेष्ठ साधनाओं में मानी जाती है। लाल परी परियों की दुनिया में बहुत ही महत्वपूर्ण और सबसे ज्यादा खूबसूरत परी है।

यह साधना आपको रात्रि 11:00 बजे के बाद में करनी पड़ती है। साधना में पश्चिम दिशा की तरफ आप अपना मुख रख करके लाल वस्त्र पहन करके या फिर एकदम ढीले-ढाले वस्त्र पहन करके, सर्प सुलेमान टोपी लगा करके, फिर इस साधना को करना पड़ता है।

साधना में लाल रंग की दरी रहेगी, लाल रंग का एक बाजोठ रखें। बाजोठ पर लाल रंग का वस्त्र बिछा लें। वस्त्र बिछा करके उस बाजोठ के ऊपर खाली थाली के अंदर फिर एक लाल वस्त्र बिछा लें। लाल वस्त्र पर फिर एक शुद्ध घी का सजा हुआ सुंदर दीपक लगा लें। अब दीपक लगाने के बाद में उसके पास चारों तरफ गुलाब की पंखुड़ियाँ रखें। बाद में गुलकंद का भोग लगाएँ, लाल गुलाब के फूल चढ़ाएँ, गुलाब का इत्र अपने शरीर पर लगाएँ, गुलाब की धूप करें। इस प्रकार से सारा सामान रखने के बाद में अब आपको कुछ पूजाएँ करनी हैं।

पाकिस्तान के बादशाह, कमल खाँ (जो आगरा के पीर हैं), अपने गुरु की और परी की—इन चारों की आपको यथावत् पूजा करनी पड़ती है। इस्लाम में पूजा वर्जित है लेकिन साधना का इस्लाम से या किसी धर्म से कोई मतलब नहीं। परी है, उसका किसी धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।

अगर कोई हिंदू यह साधना कर रहा है तो इन चारों की पूजा करने के बाद में आपके पास लाल हक़ीक़ की माला होनी चाहिए। उस लाल हक़ीक़ की 100 दानों की माला से 17 माला मंत्रों का जाप करें। यह साधना 3 दिन, फिर 9 दिन, फिर 21 दिन, फिर 31 दिन तक चलती है। इसमें जो नियम हैं, वे जलाली और जमाली दोनों परहेज आपको करने पड़ेंगे। गुरु से अच्छी तरह से सीख करके पूरी तरह से दीक्षित हो करके, फिर आप लाल परी की साधना करें। लाल परी आपके जीवन में ज़रूर दस्तक देगी, प्रकट होगी और आपकी सारी समस्याओं का समाधान करेगी।

इसका मंत्र है: “अल्लाह के वास्ते, मोहम्मद के वास्ते, लाल परी हो हाज़िर हमारे वास्ते। सुलेमान के दुहाई  परी ना  आई । सतनाम आदेश गुरु का

इस मंत्र का जाप करके आप लाल परी का साक्षात्कार कर सकते हैं, उनका दर्शन कर सकते हैं, उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इसे मित्र के रूप में, बहन के रूप में, प्रेमिका के रूप में—किसी भी रूप में आप अपने जीवन में स्वीकार कर सकते हो, जगह दे सकते हो।

 जय श्री कृष्णा।

Mohini Pari Sadhana: मोहिनी परी साधना, विधि, नियम और फायदे

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Mohini Pari Sadhana: मोहिनी परी साधना, विधि, नियम और फायदे

Mohini Pari Sadhana: मोहिनी परी साधना, विधि, नियम और फायदे
Mohini Pari Sadhana: मोहिनी परी साधना, विधि, नियम और फायदे

परिचय: Mohini Pari Sadhana क्या है?

अरे वाह पाठक दोस्तों, आजकल लोगों का अध्यात्मिक साधनाओं की तरफ़ बहुत झुकाव देखने को मिल रहा है। हर कोई जीवन में कुछ खास पाना चाहता है, चाहे वो प्यार हो, सक्सेस हो, या फिर कोई गाइडेंस। भाईसाहब, ऐसी ही एक साधना है मोहिनी परी साधना। जी, आपने बिलकुल सही सुना। यह एक बहुत ही पुरानी और पावरफुल साधना मानी जाती है।

देखो, मोहिनी परी, एक तरह की अलौकिक शक्ति है जिसे देवीय या दिव्य शक्तियों में गिना जाता है। यह साधना करने वाले को न केवल प्यार और सुंदरता देती है बल्कि जीवन में एक दोस्त और पार्टनर का फील भी देती है। ये साधना उस इंसान के लिए है जो दिल से सच्चा और पाक हो।

मोहिनी परी साधना के फायदे (Benefits of Mohini Pari Sadhana)

 

क्या बताऊँ जनाब, इस साधना के फायदे बहुत हैं। जरा सोचो, जब आपको कोई पावरफुल एनर्जी सपोर्ट करे तो आपकी लाइफ कितनी बदल सकती है।

  • आकर्षण शक्ति (Attraction Power): मानते हो न? इस साधना से साधक में एक खास आकर्षण आ जाता है। वो जिस किसी से भी मिलता है, लोग उससे इंप्रेस हो जाते हैं।
  • सक्सेस (Success): भाई, हर काम में सफलता मिलती है। जहाँ भी जाओ, काम बन जाता है।
  • प्रोटक्शन (Protection): यह साधना साधक को हर तरह की बुरी एनर्जी से बचाती है।
  • गाइडेंस (Guidance): तुम देखो, साधना के दौरान या बाद में मोहिनी परी आपको सही रास्ता दिखाती है। अगर आप कहीं कन्फ्यूज्ड हैं, तो आपको सही गाइडेंस मिलता है।
  • शांति और खुशी (Peace and Happiness): कहो तो, इस साधना से मन को बहुत शांति और खुशी मिलती है।

सच कहूँ तो, ये सिर्फ फायदे नहीं, बल्कि लाइफ को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर देते हैं।

साधना के लिए ज़रूरी नियम और बातें (Important Rules for Sadhana)

 

किसी भी साधना को करने के लिए कुछ रूल्स होते हैं और इसमें भी हैं। जरा सोचो, अगर तुम रूल फॉलो नहीं करोगे तो रिजल्ट कैसे मिलेगा?

  • पवित्रता (Purity): देखो, सबसे पहले आपको शरीर और मन से पवित्र होना पड़ेगा। रोज़ सुबह नहाकर साफ़ कपड़े पहनें।
  • सच्चाई (Honesty): जनाब, यह साधना सच्ची नीयत से ही करनी चाहिए। कोई गलत इंटेंशन (इरादा) नहीं होना चाहिए।
  • ब्रह्मचर्य (Celibacy): साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत ज़रूरी है।
  • सात्विक भोजन (Sattvic Food): तुम मानो, सिर्फ़ सात्विक खाना ही खाएं। मांस, शराब, और लहसुन-प्याज से दूर रहें।

अगर तुम इन नियमों का पालन करोगे, तो रिजल्ट मिलने की पॉसिबिलिटी बढ़ जाती है, है ना?

मोहिनी परी साधना करने की विधि (Process of Mohini Pari Sadhana)

 

यह साधना करने के लिए, आपको कुछ चीज़ों की ज़रूरत पड़ेगी। ये वो चीज़ें हैं जो पूजा को सही से करने में हेल्प करेंगी।

  • सामग्री (Samagri):
    • एक साफ़ आसन (बैठने के लिए)।
    • एक दीपक जिसमें घी या तेल हो।
    • लाल गुलाब के फूल।
    • धूप या अगरबत्ती।
    • एक माला (मंत्र जाप के लिए)।
    • थोड़ा सा प्रसाद, जैसे कोई मिठाई।
    • सिंदूर।
  • समय और जगह (Time and Place):
    • वैसे तो यह साधना रात के 10 बजे के बाद शुरू की जाती है, जब चारों तरफ शांति हो।
    • जगह बिलकुल साफ़ और शांत होनी चाहिए। कोई आपको डिस्टर्ब न करे।
साधना में ध्यान और मंत्र का महत्व (Importance of Meditation and Mantra)

 

भाई, इस साधना में सबसे ज़रूरी है मंत्र और ध्यान। इसी से आप मोहिनी परी की एनर्जी से कनेक्ट हो पाओगे।

मंत्र:

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं मोहिन्ये सर्वकामिन्यै मम कार्यं सिद्धयै नमः

  • यह मंत्र बहुत पावरफुल है। इसका जाप पूरी श्रद्धा के साथ करना चाहिए।
  • रोज़ाना कम से कम 11 माला जाप करें।

ध्यान (Meditation):

जरा सोच के देखो, जब तुम जाप कर रहे हो, तो तुम पूरी तरह से अपनी आँखें बंद करके मोहिनी परी की एक सुंदर इमेज अपने मन में बनाओ। इमेजिन करो कि वो तुम्हारे सामने है। इस तरह ध्यान करने से तुम्हारी एनर्जी बहुत स्ट्रांग हो जाएगी।

साधना के दौरान आने वाले अनुभव (Experiences during Sadhana)

 

क्या बताऊँ, साधना के दौरान कई तरह के अनुभव हो सकते हैं। अरे देखो ना, कभी-कभी तो साधक को एक खास फील आने लगता है।

  • सुगंध (Fragrance): तुम समझो, साधना के दौरान आपको गुलाब या किसी और मीठी चीज़ की खुशबू आ सकती है।
  • आभास (Feeling): आपको लगेगा कि आपके पास कोई है। ये मोहिनी परी की प्रेजेंस का एहसास हो सकता है।
  • सपने (Dreams): आपको सपने में मोहिनी परी दिख सकती है जो आपको कोई मैसेज दे रही हो।

ये सब पॉजिटिव साइंस हैं, जो बताते हैं कि साधना सही ट्रैक पर है। लेकिन अगर आपको कोई नेगेटिव फील आता है तो तुरंत साधना रोक दें।

कुछ ज़रूरी सावधानियाँ (Some Important Precautions)

 

  • डरें नहीं: अगर आपको कोई अजीब अनुभव हो तो डरना नहीं। पॉजिटिव सोचें।
  • लालच न करें: ये साधना किसी को गलत इस्तेमाल करने के लिए नहीं है।
  • किसी को न बताएं: अपनी साधना के बारे में हर किसी को न बताएं।
  • गुरु का सहारा (Support of a Guru): सच कहूँ तो, किसी गुरु की गाइडेंस में ये साधना करना सबसे बेस्ट है।

निष्कर्ष: साधना का सही अर्थ

 

देख रहे हो न? मोहिनी परी साधना सिर्फ़ किसी को अट्रैक्ट करने के लिए नहीं है, बल्कि यह अपने आप को बेहतर बनाने का एक तरीका है। जब आप सच्चे मन से यह साधना करते हो, तो आपकी लाइफ में एक पॉजिटिव चेंज आता है। यह आपके मन को शांत करती है और आपको एक सच्चा साथी भी मिलती है।

तो भाई, अगर तुम भी अपने जीवन में कुछ अच्छा फील करना चाहते हो, तो इस साधना के बारे में सोचो। पर याद रखना, इसका मकसद हमेशा अच्छा होना चाहिए। वरना कोई फायदा नहीं, समझे? सही है न?

 

साधना मे सिर्फ सफेद वस्त्र,आसन,मिठाई का प्रयोग करे।सर के बाल ढके हुए हो इसलिए सफेद रुमाल सर पर बांधे और गुलाब का इत्र वस्त्रो पर लगाना है। साधना हेतु पच्छिम दिशा के तरफ मुख करके बैठना है। जाप के समय बिच मे उठना नही चाहिये और साधना करने के बाद ही आप आसन से उठ सकते है।

परी साधनाओं के नियम :-

1.परी साधना में वज्रासन का प्रयोग किया जाता है,जैसे नमाज अदा करने के लिए बैठते है ।

2. वस्त्र स्वच्छ एवं धुले हुए इस्तेमाल करने चाहिए ।

आकाश परी साधना: Aakash Pari Sadhana Kya Hai?

आकाश परी साधना: Aakash Pari Sadhana Kya Hai?

आकाश परी साधना: Aakash Pari Sadhana Kya Hai?

 

आकाश परी साधना: Aakash Pari Sadhana Kya Hai?
आकाश परी साधना: Aakash Pari Sadhana Kya Hai?

आकाश परी साधना: Aakash Pari Sadhana Kya Hai? एक खूबसूरत, रहस्यमय और जादुई फोटो। बैकग्राउंड में रात का आसमान दिख रहा है, जिसमें तारे चमक रहे हैं और हल्का सा चाँद भी है। बीच में, एक खूबसूरत सी लड़की है, जिसे आप परी या अप्सरा मान सकते हैं। वह हवा में हल्के से उड़ रही है। उसके बाल बिखरे हुए हैं और चेहरे पर एक शांत सी स्माइल है।

उसके चारों ओर एक हल्की सी नीली-सुनहरी रोशनी है, जो उसकी डिवाइन एनर्जी को दिखा रही है। उसके एक हाथ में कोई जादुई चीज़ है, जिससे थोड़ी सी चमकीली एनर्जी निकल रही है। नीचे की ओर, एक व्यक्ति ध्यान मुद्रा में बैठा है, जिसकी आँखों पर हल्की सी रोशनी पड़ रही है। यह फोटो आध्यात्मिक और रहस्यमयी दोनों फील दे रही है।

आकाश परी साधना क्या है? (What is Aakash Pari Sadhana?)

 

देखो पाठकों, आज हम एक बहुत ही इंटरेस्टिंग और मिस्टीरियस टॉपिक पर बात करेंगे – आकाश परी साधना। अच्छा तो, बहुत से लोग यह सोचते हैं कि यह कोई जादुई या फिल्म जैसी चीज है। सच कहूँ तो, यह एक बहुत ही पुरानी और पावरफुल स्पिरिचुअल प्रैक्टिस है, जिसमें लोग एक खास तरह की एनर्जी, जिसे हम परी या अप्सरा कहते हैं, उससे कनेक्ट होने की कोशिश करते हैं।

अरे वाह भाई, आप सोच रहे होंगे कि यह सब क्या है। दरअसल, वैदिक और पौराणिक कथाओं में अप्सराओं का जिक्र बहुत होता है। वे स्वर्ग की बहुत ही सुंदर और अट्रैक्टिव एंटिटी थीं, जो देवों और गंधर्वों के साथ रहती थीं। ये कोई आम एंटिटी नहीं थीं, बल्कि इनके पास बहुत सी सुपरनेचुरल पावर थीं। जब हम आकाश परी साधना की बात करते हैं, तो हम इन्हीं अप्सराओं से कनेक्शन बनाने की कोशिश करते हैं ताकि हमें जीवन में सक्सेस और ब्लेसिंग्स मिल सकें।

इस साधना का मेन गोल यह है कि साधक अपने और उस परी के बीच एक डीप कनेक्शन बनाए। यह कोई फिजिकल कनेक्शन नहीं होता, बल्कि एक मेंटल और स्पिरिचुअल कनेक्शन होता है। यार, यह साधना करके लोग धन, प्यार, सक्सेस, और ब्यूटी जैसी चीज़ें अपनी लाइफ में अट्रैक्ट करना चाहते हैं, क्योंकि मानते हैं कि परियां ये सब दे सकती हैं।

 

आकाश परी साधना: क्यों और कैसे करें? (Aakash Pari Sadhana: Why and How to do it?)

पाठक दोस्तों, अब हम बात करेंगे कि यह आकाश परी साधना क्यों की जाती है। भई, हर साधना का कोई न कोई पर्पस होता है, ठीक उसी तरह इस साधना का भी। लोग इसे अपनी ज़िंदगी में सुख-समृद्धि पाने के लिए करते हैं। मान लो, किसी की लाइफ में फाइनेंशियल प्रॉब्लम चल रही है या फिर कोई अपने लव लाइफ में सक्सेस चाहता है, तो वे लोग यह साधना कर सकते हैं। यह बहुत ही सीरियस काम है, और इसे करने से पहले आपको खुद को पूरी तरह से रेडी करना पड़ता है।

यह एक बहुत ही सेंसिटिव और सीक्रेट साधना है। इसे करने के लिए आपको एक शांत जगह चाहिए, जहाँ कोई आपको डिस्टर्ब न करे। सच बताऊँ तो, यह साधना बिना किसी गुरु के गाइडेंस के नहीं करनी चाहिए। अगर आप अकेले करना चाहते हैं, तो आपको बहुत ही केयरफुल रहना पड़ेगा। इस साधना में धैर्य (पेशेंस) और डिसिप्लिन की बहुत जरूरत होती है। तुम सोचो न, यह कोई 1-2 दिन का काम नहीं है, इसमें लंबा टाइम लगता है।

 

आकाश परी साधना के लिए ज़रूरी चीज़ें (Aakash Pari Sadhana ke liye Zaroori Cheezein)

 

जनाब, किसी भी साधना को करने के लिए कुछ सामान की जरूरत होती है। आकाश परी साधना के लिए भी कुछ जरूरी चीज़ें चाहिए, जिन्हें हम पूजा सामग्री कहते हैं।

  • साधना का स्थान: सबसे पहले आपको एक साफ़-सुथरी जगह चाहिए। यह आपका कमरा भी हो सकता है, बस शर्त ये है कि कोई आपको डिस्टर्ब न करे।
  • आसन: एक साफ और नया आसन चाहिए। लाल, गुलाबी या सफ़ेद रंग का आसन अच्छा माना जाता है।
  • परी यंत्र: यह सबसे इम्पोर्टेंट आइटम है। यह एक स्पेशल यंत्र होता है, जिस पर परी को बुलाया जाता है। यह आपको किसी स्पिरिचुअल स्टोर में मिल जाएगा।
  • माला: स्फटिक या रुद्राक्ष की माला से मंत्र जप कर सकते हैं।
  • फूल: सफेद या गुलाबी रंग के फूल, खासकर गुलाब के फूल बहुत अच्छे होते हैं।
  • धूप और अगरबत्ती: अच्छी क्वालिटी की धूप और अगरबत्ती लें। इसकी खुशबू से पूरा एनवायरमेंट पॉजिटिव फील होता है।
  • मिठाई: मिश्री या दूध से बनी मिठाई अच्छी मानी जाती है।
  • दीपक: घी का दीपक जलाएँ, जो पूरी साधना के दौरान जलता रहे।

 

आकाश परी साधना मंत्र और विधि (Aakash Pari Sadhana Mantra aur Vidhi)

 

अरे भाई, साधना का सबसे इम्पोर्टेंट पार्ट है इसका मंत्र और विधि। बिना सही तरीके से मंत्र जप किए, कोई भी साधना सफल नहीं होती।

। बिस्मिल्लाह रहेमाने रहिम आकाश परि के पाव मे  घुंगरु,नाचति आवे-बजाती आवे,सोति हो तो जागकर आवे,जागती हो तो जल्द आवे,छमा छम करे-बादल मे घोर करे,मेरा हुकुम नही माने तो परि लोक से जमीन पर  गीरे,हज साल जहन्नुम भोगे,लाख लाख बिच्छुन कि पिडा भोगे,दुहाई सुलेमान पैगम्बर कि,दुहाई हसन-हुसैन साहब की,मेरी भक्ति गुरु कि शक्ति,फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा ।।

इस मंत्र को एक दिन में 108 बार या उससे ज्यादा जप करना होता है। ‘अमुक’ की जगह आप उस परी का नाम ले सकते हैं, जिसे आप बुलाना चाहते हैं। पर ये एक सिंपल मंत्र है, असली साधना में और भी पावरफुल मंत्र होते हैं, जो गुरु बताते हैं।

साधना की विधि:

  1. तैयारी: साधना के दिन, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ़-सुथरे कपड़े पहनें। अगर हो सके, तो लाल या गुलाबी रंग के कपड़े पहनें।
  2. स्थान: साधना के लिए जो जगह आपने चुनी है, उसे साफ करके एक चौकी रखें। उस पर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछाएँ।
  3. यंत्र स्थापना: चौकी पर परी यंत्र रखें। यंत्र के सामने फूल, मिठाई और दीपक रखें।
  4. संकल्प: साधना शुरू करने से पहले एक छोटा सा संकल्प लें। मन में कहें कि आप किस मकसद के लिए यह साधना कर रहे हैं।
  5. मंत्र जप: अब माला लेकर मंत्र जप करना शुरू करें। यह मंत्र जप आपको रोज़ाना करना पड़ेगा, बिना किसी ब्रेक के। जरा सोच के देखो, यह कितना डिसिप्लिन मांगता है।
  6. ध्यान: मंत्र जप करते हुए, आपको परी का ध्यान करना है। उसकी एक खूबसूरत इमेज अपने दिमाग में बनाएं। मानो जरा, कि वो आपके सामने ही है।

आकाश परी साधना: साधना के फायदे (Aakash Pari Sadhana: Sadhana ke Fayde)

 

भाई, अगर यह साधना सक्सेसफुल हो जाती है, तो इसके बहुत सारे फायदे हो सकते हैं। लोग मानते हैं कि इस साधना से उनकी ज़िंदगी में पॉजिटिव चेंज आता है।

  • सुख-समृद्धि: कहते हैं कि परी के आशीर्वाद से आपकी लाइफ में धन की कमी नहीं रहती।
  • लव लाइफ में सुधार: अगर आप किसी से प्यार करते हैं और अपनी लव लाइफ में प्रॉब्लम फेस कर रहे हैं, तो यह साधना हेल्प कर सकती है।
  • सफलता: हर काम में सक्सेस मिलती है। आप जो भी करते हैं, उसमें आपको फेवर मिलता है।
  • ब्यूटी और अट्रैक्शन: कुछ साधक मानते हैं कि इस साधना से उनकी पर्सनैलिटी में अट्रैक्शन बढ़ता है। लोग उनसे अपने आप अट्रैक्ट होने लगते हैं।
  • मन की शांति: यह साधना आपके माइंड को भी शांत करती है और आपको एक अंदरूनी शांति फील होती है।

 

आकाश परी साधना के दौरान ध्यान देने वाली बातें (Aakash Pari Sadhana ke Dauran Dhyan Dene Wali Baatein)

 

पाठक भाइयों, यह साधना बहुत ही पावरफुल है, और इसीलिए इसमें कुछ बातों का खास ध्यान रखना पड़ता है।

  • ब्रह्मचर्य: इस साधना के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत जरूरी है।
  • शांति: साधना के समय आपको पूरी तरह से शांत रहना है। नेगेटिव थॉट्स को अपने दिमाग में नहीं आने देना है।
  • विश्वास: सबसे इम्पोर्टेंट बात है, आपका विश्वास (फेथ) और श्रद्धा (डिवोशन)। अगर आपका फेथ स्ट्रांग नहीं होगा, तो साधना सक्सेसफुल नहीं होगी।
  • साफ-सफाई: अपने शरीर की और साधना के स्थान की साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दें।
  • खान-पान: साधना के दौरान सात्विक भोजन ही करें। नॉन-वेज और शराब से दूर रहें।

 

आकाश परी साधना के लिए ज़रूरी नियम (Aakash Pari Sadhana ke Liye Zaroori Niyam)

 

अरे देखो, यह साधना कोई बच्चों का खेल नहीं है। इसके कुछ कड़े नियम होते हैं, जिनका पालन करना ही पड़ता है।

  1. गुरु की गाइडेंस: अगर हो सके, तो किसी एक्सपर्ट गुरु की देखरेख में ही यह साधना करें।
  2. गुप्त रखें: इस साधना के बारे में किसी को न बताएं। इसे गुप्त रखना ही बेहतर होता है।
  3. ईमानदारी: आप इस साधना को क्यों कर रहे हैं, इसके प्रति पूरी तरह से ईमानदार रहें। आपका मकसद अच्छा होना चाहिए।
  4. धैर्य: आपको धैर्य रखना पड़ेगा। हो सकता है, आपको जल्दी रिजल्ट न मिले।
  5. अहिंसा: किसी भी जीव को कोई नुकसान न पहुंचाएं। जानवरों और इंसानों के प्रति दया का भाव रखें।

 

आकाश परी साधना से जुड़ी कुछ बातें (Aakash Pari Sadhana se Judi Kuch Baatein)

 

देखो ना, पौराणिक कथाओं में अप्सराओं का जिक्र कई बार आता है। जैसे कि उर्वशी, मेनका, रंभा और तिलोत्तमा। ये सब स्वर्ग की अप्सराएँ थीं, जो अपनी खूबसूरती और डांस के लिए जानी जाती थीं। इनकी कहानियाँ बहुत इंटरेस्टिंग हैं, आप विकिपीडिया पर इनके बारे में और भी पढ़ सकते हैं।

सच कहूँ तो, यह साधना आज के मॉडर्न वर्ल्ड में भी काफी पॉपुलर हो रही है, लेकिन इसका सही तरीका बहुत कम लोगों को पता है। बहुत से लोग इसे गलत तरीके से करते हैं और फिर उन्हें प्रॉब्लम हो सकती है। इसलिए, हमेशा ध्यान रखें कि अगर आप यह साधना कर रहे हैं, तो सारे नियम और डिसिप्लिन को फॉलो करें।

यह साधना सिर्फ कुछ पाने के लिए नहीं है, बल्कि यह आपके इनर सेल्फ को भी बदल देती है। आप ज्यादा पॉजिटिव और फोकस्ड महसूस करने लगते हैं। यह एक तरह की स्पिरिचुअल जर्नी है, जिसे आप अपने आप से कनेक्ट होने के लिए भी कर सकते हैं।

तो भाई, यह थी आकाश परी साधना के बारे में कुछ जानकारी। मुझे उम्मीद है कि आपको यह पढ़कर अच्छा लगा होगा। अगर आपका कोई सवाल है, तो कमेंट में पूछ सकते हो। क्या कहते हो?

दौलत परी साधना: मंत्र, विधि और नियम

दौलत परी साधना: मंत्र, विधि और नियम (Daulat Pari Sadhana: Mantra, Vidhi Aur Niyam)

दौलत परी साधना: मंत्र, विधि और नियम (Daulat Pari Sadhana: Mantra, Vidhi Aur Niyam)

दौलत परी साधना: मंत्र, विधि और नियम (Daulat Pari Sadhana: Mantra, Vidhi Aur Niyam)
दौलत परी साधना: मंत्र, विधि और नियम (Daulat Pari Sadhana: Mantra, Vidhi Aur Niyam)

अरे वाह भाई, क्या आप भी ज़िंदगी में बहुत सारा धन (wealth) और सक्सेस (success) पाना चाहते हैं? क्या आपको भी लगता है कि आपकी मेहनत का पूरा फल आपको नहीं मिल पा रहा है? तो भई, आज हम जिस विषय पर बात करेंगे, वो शायद आपकी इस फील को खत्म कर दे।

मैं आपको एक बहुत ही ख़ास और powerful साधना के बारे में बताऊँगा, जिसका नाम है दौलत परी साधना। पाठक दोस्तों, यह साधना सिर्फ़ धन की नहीं, बल्कि जीवन में खुशहाली और सफलता लाने की भी है।

आपको लगेगा कि ये सब कहानियों की बातें हैं, लेकिन भाई, इसमें बहुत गहराई है। क्या कहते हो? आपने भी कभी परी साधना के बारे में सुना होगा, है ना? अच्छा सुनो, ये एक बहुत ही pure और सही रास्ता है अपनी financial problems को दूर करने का। तो चलिए, बिना किसी देरी के इस पूरे प्रोसेस को detail में समझते हैं।

दौलत परी साधना क्या है ? (Daulat Pari Sadhana Kya Hai ?)

 

दौलत परी साधना एक तरह का spiritual practice है जो दौलत परी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। मान लो, जैसे हम किसी भी देवी-देवता की पूजा करते हैं, ठीक वैसे ही इस साधना में दौलत परी का आह्वान किया जाता है ताकि उनकी कृपा से हमें धन, समृद्धि (prosperity) और ऐश्वर्य मिल सके। देखो, ये कोई जादू नहीं है, बल्कि एक spiritual process है जिसमें आपकी श्रद्धा (faith) और मेहनत बहुत जरुरी है। क्या आपको पता है, जब कोई भी काम दिल से किया जाता है तो उसका result कितना अच्छा होता है? बस, इसमें भी यही बात है।

वैसे तो, हर इंसान अमीर बनना चाहता है, लेकिन सबको सही रास्ता नहीं मिलता। दौलत परी साधना आपको वह रास्ता दिखाती है। यह आपके लिए positive energy create करती है जिससे आपकी ज़िंदगी में धन के नए-नए रास्ते खुलने लगते हैं। कहो तो, यह आपके भाग्य को जागृत करती है।

दौलत परी कौन हैं ? (Who Is Daulat Pari ?)

 

अब आप सोच रहे होंगे कि ये दौलत परी कौन हैं? क्या वो सच में exist करती हैं? जनाब, दौलत परी एक celestial being यानी एक दिव्य शक्ति हैं। उन्हें धन और समृद्धि की देवी (goddess of wealth) माना जाता है। वो angels की तरह बहुत ही दयालु और कोमल हृदय वाली होती हैं। उनका काम उन लोगों की help करना है जो सच्चे मन से और पूरी श्रद्धा के साथ उन्हें पुकारते हैं। सच बताऊँ, उन्हें ‘angels of fortune’ भी कहते हैं। जब आप अपनी ज़िंदगी में परेशानी महसूस करते हैं और आपको लगता है कि आप अकेले हैं, तब आप इनका आशीर्वाद पा सकते हैं।

एक बात समझो, वो सिर्फ़ उन लोगों को पसंद करती हैं जिनका दिल साफ़ होता है। अगर आपका मकसद सिर्फ़ लालच है, तो शायद आपको उतना फ़ायदा न हो। इसीलिए, मन को शुद्ध रखना सबसे जरूरी है।

दौलत परी साधना के फ़ायदे (Benefits of Daulat Pari Sadhana)

 

दौलत परी साधना के सिर्फ़ एक नहीं, बल्कि बहुत सारे फ़ायदे हैं। क्या बताऊँ, ये साधना आपकी पूरी ज़िंदगी को बदल सकती है। तो, आइए जानते हैं इसके क्या फ़ायदे हैं:

  • धन में वृद्धि: सबसे बड़ा फ़ायदा तो यही है कि आपकी financial condition improve होने लगेगी। व्यापार में फ़ायदा (profit) होगा, job में promotion मिलेगा और रुके हुए पैसे वापस आने लगेंगे।
  • सफलता: आपको हर काम में सफलता मिलेगी। चाहे वो कोई नया business start करना हो, या फिर कोई project पूरा करना हो, आपको success मिलेगी।
  • ख़ुशी और शांति: जब आपके पास पैसे की टेंशन नहीं होगी तो आप automatically खुश और शांत महसूस करेंगे। इससे आपके परिवार में भी खुशहाली आएगी।
  • अच्छी क़िस्मत: इस साधना से आपकी किस्मत भी चमक उठेगी। आपको हर जगह से good news मिलेगी।
  • नकारात्मकता से मुक्ति: ये साधना आपके आस-पास की सारी negative energy को दूर करती है और एक positive aura बनाती है।

जरा सोचो, ये सब कितना अच्छा है, है ना?

साधना के लिए ज़रूरी चीज़ें (Required Items for Sadhana)

 

किसी भी पूजा या साधना को शुरू करने से पहले हमें कुछ सामान की ज़रूरत पड़ती है। दौलत परी साधना के लिए भी कुछ ख़ास चीज़ें चाहिए। तो, देखो जरा, आपको क्या-क्या चाहिए होगा:

  1. लाल आसन: एक साफ़ लाल रंग का कपड़ा या आसन जिस पर बैठकर आप साधना करेंगे।
  2. दौलत परी यंत्र: यह यंत्र इस साधना का सबसे important part है। इसे किसी विश्वसनीय दुकान से लें।
  3. दौलत परी माला: मंत्र जाप के लिए एक ख़ास तरह की माला चाहिए।
  4. मूर्ती या फोटो: दौलत परी की एक छोटी मूर्ती या एक सुंदर photo.
  5. सामान:
    • घी का दीपक (diya)
    • अगरबत्ती या धूप (incense sticks)
    • लाल रंग के फूल (red flowers)
    • मिठाई (sweets) या खीर
    • एक साफ़ पानी का बर्तन (pitcher of clean water)

दौलत परी साधना की विधि (Method of Daulat Pari Sadhana)

 

अब हम आते हैं सबसे ज़रूरी हिस्से पर, यानी साधना करने के तरीके पर। क्या कहूँ, ये विधि बहुत ही सरल है, लेकिन इसे पूरी sincerity के साथ करना बहुत ज़रूरी है।

साधना का समय और स्थान:

  • इस साधना को शुक्रवार (Friday) के दिन शुरू करना सबसे अच्छा माना जाता है।
  • साधना का समय रात 10 बजे के बाद का हो।
  • कोई शांत कमरा (quiet room) चुनें जहाँ कोई आपको disturb न करे।

विधि के चरण:

  • 1. तैयारी: सबसे पहले, नहा-धोकर साफ़ कपड़े पहन लें। अपने पूजा-स्थल को साफ़ कर लें।
  • 2. आसन और दिशा: लाल आसन बिछाकर उस पर बैठें। आपका मुँह (face) पूरब (east) या उत्तर (north) दिशा की ओर होना चाहिए।
  • 3. संकल्प: एक हाथ में थोड़ा पानी लेकर मन ही मन संकल्प लें कि “मैं (अपना नाम) यह साधना धन और समृद्धि प्राप्त करने के लिए कर रहा हूँ।” फिर उस पानी को ज़मीन पर छोड़ दें।
  • 4. स्थापना: आसन पर दौलत परी यंत्र स्थापित करें। इसके पास दीपक जलाएँ और अगरबत्ती लगाएँ। दौलत परी की फोटो या मूर्ती भी रखें।
  • 5. पूजा: सबसे पहले गणपति जी का ध्यान करें। फिर फूल और मिठाई दौलत परी को अर्पित करें।
  • 6. मंत्र जाप: अब माला लेकर मंत्र का जाप शुरू करें। आपको कम से कम 108 बार मंत्र का जाप करना है, लेकिन अगर हो सके तो 51 माला या 101 माला का जाप करें। यह साधना 21 दिनों की होती है, तो आपको रोज यही विधि करनी पड़ेगी।

मंत्र का सही उच्चारण और जाप (Correct Pronunciation and Chanting of the Mantra)

 

दौलत परी साधना का मंत्र बहुत ही powerful है। इसे सही तरीक़े से जाप करना बहुत ज़रूरी है।

मंत्र:

“ॐ ह्रीं श्रीं दौलत परी मम गृहे आगच्छ आगच्छ स्वाहा”

(Om Hreem Shreem Daulat Pari Mam Grihe Aagachchha Aagachchha Swaha)

  • यह मंत्र बहुत simple है, लेकिन इसके शब्दों का बहुत गहरा मतलब है।
  • “ॐ” सृष्टि की सबसे बड़ी ध्वनि है।
  • “ह्रीं” और “श्रीं” माया और धन से जुड़े बीज मंत्र हैं।
  • “दौलत परी” देवी का नाम है।
  • “मम गृहे” का मतलब है ‘मेरे घर में’।
  • “आगच्छ आगच्छ” का मतलब है ‘आओ, आओ’।
  • “स्वाहा” का मतलब है ‘मैं अर्पण करता हूँ’।

जरा सोच के देखो, इस मंत्र का मतलब है ‘हे दौलत परी, धन और समृद्धि के साथ मेरे घर में आओ’। जब आप इस मंत्र को पूरे दिल से बोलेंगे तो क्या कहते हो, वो ज़रूर आएंगी।

 

दौलत परी साधना के नियम और सावधानियाँ (Rules and Precautions of Daulat Pari Sadhana)

 

कोई भी साधना बिना नियमों के पूरी नहीं हो सकती। भाईसाहब, अगर आप सच में चाहते हैं कि आपको फ़ायदा हो तो इन नियमों का पालन करना बहुत ज़रूरी है।

  • पवित्रता: साधना के दौरान आपको पूरी तरह पवित्र रहना है। किसी भी तरह के बुरे काम या विचार से दूर रहें।
  • शाकाहार: आपको साधना के 21 दिनों तक non-veg food और alcohol से दूर रहना होगा।
  • साफ़-सफ़ाई: आपका शरीर, मन, और कपड़े सब कुछ साफ़ होने चाहिए।
  • ब्रह्मचर्य: 21 दिनों तक ब्रह्मचर्य का पालन करना बहुत ज़रूरी है।
  • विश्वास: सबसे ज़रूरी बात, आपको अपनी साधना पर पूरा विश्वास होना चाहिए। शक़ करोगे तो कुछ भी फ़ायदा नहीं होगा।

सच कहूँ तो, ये नियम बहुत strict नहीं हैं, लेकिन इन्हें मानना पड़ेगा।

साधना के दौरान अनुभव और परिणाम (Experiences and Results During the Sadhana)

 

भई देख, जब तुम साधना करोगे तो तुम्हें कुछ अलग-अलग तरह के अनुभव हो सकते हैं। मान लो, तुम्हें अचानक से हल्कापन फील हो सकता है, या फिर कमरे में एक अच्छी सी सुगंध आ सकती है। कुछ साधकों को सपनों में दौलत परी के दर्शन भी होते हैं। यह सब आपकी spiritual journey का हिस्सा है। तुम देखोगे कि धीरे-धीरे तुम्हारी ज़िंदगी में छोटे-छोटे positive बदलाव आने लगेंगे। हो सकता है, तुम्हें कहीं से रुका हुआ पैसा मिल जाए या कोई नया काम मिल जाए।

वैसे तो, हर किसी का experience अलग होता है, लेकिन एक बात पक्की है – तुम्हारी ज़िंदगी में खुशहाली और prosperity जरूर आएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

 

  • क्या दौलत परी साधना कोई भी कर सकता है?
    • जी, कोई भी व्यक्ति जो इस साधना को पूरी श्रद्धा और साफ़ मन से करना चाहता है, वो कर सकता है।
  • क्या ये साधना सिर्फ़ पैसे के लिए है?
    • नहीं, ये साधना overall happiness और prosperity के लिए भी है।
  • साधना का सबसे अच्छा समय क्या है?
    • रात 10 बजे के बाद, विशेषकर शुक्रवार से शुरू करना अच्छा है।

निष्कर्ष (Conclusion)

तो, पाठक भाइयों, दौलत परी साधना एक बहुत ही powerful और असरदार practice है। अगर आप इसे पूरे दिल से, सच्चाई और dedication के साथ करेंगे, तो आपको ज़रूर फ़ायदा मिलेगा। ये कोई magic नहीं है, बल्कि आपकी खुद की मेहनत और faith का परिणाम है।

अच्छा भई, अब आपको दौलत परी साधना के बारे में सब कुछ पता चल गया है। तो क्या आप तैयार हैं इस spiritual journey पर जाने के लिए? मान लिया न? बोलो तो सही, क्या सोचते हो?

काला जादूगर रुद्रनाथ: तंत्र-मंत्र का एक अनोखा सफर (Kala Jadugar Rudharnath: Tantra-Mantra Ka Anokha Safar)

Kala Jadugar Rudharnath रुद्रनाथ का परिचय: तंत्र-मंत्र की दुनिया का एक महान नाम

Kala Jadugar Rudharnath रुद्रनाथ का परिचय: तंत्र-मंत्र की दुनिया का एक महान नाम

man wearing cloak and holding a wooden cane with white skull ornament

Kala Jadugar अरे वाह पाठक दोस्तों, क्या आपने कभी किसी ऐसे इंसान के बारे में सुना है जिसका नाम सुनते ही अच्छे-अच्छे लोगों को डर का फील हो जाए? आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही पर्सनैलिटी (personality) की, जिनका नाम है काला जादूगर रुद्रनाथ।

भई, इनका नाम भले ही ‘काला जादूगर’ हो, लेकिन इनका नॉलेज (knowledge) इतना गहरा है कि उसके बारे में जानकर आप सच में सरप्राइज (surprise) हो जाएंगे। ये कोई मामूली तांत्रिक नहीं हैं, जनाब। ये तंत्र-मंत्र विद्या के ऐसे मास्टर (master) हैं कि इन्हें इस फील्ड (field) का किंग (king) माना जाता है।

इनकी शक्ति, इनका कंट्रोल (control) और इनकी साधना का लेवल (level) कोई सोच भी नहीं सकता। देखो, इनका पॉवर (power) सिर्फ जादू टोना करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ये षट्कर्म जैसी मुश्किल साधनाओं को भी इतनी आसानी से कर लेते हैं कि देखने वाले हैरान हो जाते हैं। मुझे लगता है, उनका ज्ञान बहुत ही डीप (deep) है और वो इसे सिर्फ फायदा (faida) उठाने के लिए नहीं, बल्कि डिस्कवरी (discovery) और अंडरस्टैंडिंग (understanding) के लिए भी यूज (use) करते हैं। अरे मान लो न, वो एक ऐसे इंसान हैं जिन्होंने अपनी लाइफ (life) को इस रास्ते पर पूरी तरह से डेडिकेट (dedicate) कर दिया है। क्या कहते हो?

 

Kala Jadugar Rudharnath ज्ञान की खोज: बड़े-बड़े साधुओं के बीच सीखा गया तंत्र-मंत्र

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अच्छा तो, अब जरा जानते हैं कि रुद्रनाथ ने यह सब ज्ञान कहाँ से पाया। भाईसाहब, उनका एक्सपीरियंस (experience) एकदम अलग है। उन्होंने कोई साधारण तांत्रिकों से ट्रेनिंग (training) नहीं ली, बल्कि उन्होंने अपना ज्ञान हिमालय के उन बड़े-बड़े साधुओं के बीच रहकर हासिल किया, जो आम लोगों की पहुँच से बहुत दूर रहते हैं।

जरा सोचो, वो कैसे एन्वायरनमेंट (environment) में रहे होंगे। उन साधुओं का लाइफस्टाइल (lifestyle) और उनकी सोच (soch) बिल्कुल अलग होती है। रुद्रनाथ ने उन साधुओं की सेवा की, उनके साथ सालों तक रहे और उनकी डिसिप्लिन (discipline) को फॉलो (follow) किया।

इसी तरह, उन्होंने तंत्र-मंत्र के डीप सेक्रेट्स (deep secrets) सीखे। तुम सोचो न, इतना पेशेंस (patience) और डिटरमिनेशन (determination) चाहिए होता है ऐसी विद्या पाने के लिए। वैसे तो, उन्होंने गुरुओं के बताए हर नियम का पालन किया और खुद को पूरी तरह से इस प्रैक्टिस (practice) में डुबो दिया।

मुझे नहीं पता कि कितने लोगों में इतनी स्ट्रेंथ (strength) होती है। क्या बताऊँ, उनका स्ट्रगल (struggle) कोई आम स्ट्रगल नहीं था। यही वजह है कि आज उन्हें तंत्र की दुनिया का सबसे पावरफुल इंसान माना जाता है। सही है न?

Kala Jadugar Rudharnath षट्कर्म साधना और उनका मास्टरी (Mastery)

 

तुम समझो, तंत्र विद्या सिर्फ जादू टोने तक सीमित नहीं है, इसमें षट्कर्म भी आते हैं। षट्कर्म का मतलब है छह तरह के कर्म, जो तांत्रिक साधना का एक बहुत ही इंपोर्टेंट पार्ट (important part) हैं। ये कर्म हैं: शांति कर्म, वशीकरण, स्तंभन, विद्वेषण, उच्चाटन और मारणदेखो ना, ये सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि हर एक कर्म का अपना एक खास मकसद होता है।

रुद्रनाथ इन सभी षट्कर्मों के प्रो (pro) हैं। तो क्या, वो हर सिचुएशन (situation) के हिसाब से इनका यूज करते हैं। मान लो, अगर उन्हें किसी को शांत करना है तो वे शांति कर्म का इस्तेमाल करते हैं, और अगर उन्हें किसी को अपने कंट्रोल में लाना है तो वे वशीकरण कर सकते हैं। यार, ये सब करना बच्चों का खेल नहीं है।

इसके लिए बहुत डीप नॉलेज और कंसंट्रेशन (concentration) चाहिए होता है। सच बताऊँ, रुद्रनाथ को इसमें एक्सपर्टाइज (expertise) हासिल है। उन्होंने सालों की प्रैक्टिस से इन सभी कर्मों पर कंट्रोल (control) कर लिया है। आप मानते हो न कि ऐसे लोग सच में स्पेशल (special) होते हैं? अरे सही कह रहा हूँ न?

[षट्कर्म के बारे में और जानने के लिए आप विकिपीडिया पर जा सकते हैं: https://hi.wikipedia.org/wiki/षट्कर्म]

Kala Jadugar Rudharnath शक्ति का उपयोग: क्या रुद्रनाथ सिर्फ काला जादूगर है ?

 

अरे भाई, बहुत से लोगों को लगता है कि काला जादूगर रुद्रनाथ सिर्फ नेगेटिव (negative) काम करते हैं। लेकिन क्या फर्क पड़ता है, उनकी असली स्टोरी (story) कुछ और है। तुम देखो ना, उन्होंने अपनी पावर का इस्तेमाल सिर्फ बुराई के लिए नहीं किया।

जैसे कि, उन्होंने कई लोगों की प्रॉब्लम्स (problems) को भी सॉल्व (solve) किया है। मुझे लगता है, उनका नाम ‘काला जादूगर’ इसलिए पड़ा क्योंकि वे डार्क (dark) आर्ट्स को भी हैंडल (handle) कर सकते हैं, पर इसका ये मतलब नहीं कि वे सिर्फ बुराई ही करते हैं।

कहो तो, उन्होंने कई बार लोगों को प्रोटेक्ट (protect) भी किया है और उन्हें मुश्किल सिचुएशंस से बाहर निकाला है। देखा आपने? वो एक ऐसे इंसान हैं जो पावर को समझते हैं और उसे सही तरीके से बैलेंस (balance) करना जानते हैं। सही पकड़ा न?

Kala Jadugar Rudharnath रुद्रनाथ का लेगेसी (Legacy) और उनका प्रभाव

 

अब अब बस, बात करते हैं रुद्रनाथ के लेगेसी (legacy) की। उनका नाम सिर्फ तंत्र-मंत्र की दुनिया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आज भी लोग उनकी स्टोरी से इंस्पायर (inspire) होते हैं। जरा सोच के देखो, उन्होंने हमें एक बात सिखाई है कि नॉलेज और पावर का कोई अंत नहीं होता, अगर आपके पास उसे पाने का विल पावर (will power) हो तो।

लगता है उनका इफेक्ट (effect) बहुत गहरा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर कोई जी-जान लगा दे तो वह असंभव को भी संभव बना सकता है। मुझे लगता है कि वे एक आईकॉनिक फिगर (iconic figure) बन चुके हैं, जो लोगों को यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या सच और झूठ सिर्फ वही है जो हमें दिखाई देता है? नहीं, बिल्कुल नहीं।

उनके बारे में पढ़कर हमें फील होता है कि दुनिया में अभी भी बहुत कुछ ऐसा है जो हमारी समझ से परे है। समझ गए न?

ज़रूर, यहाँ उस लेख को और भी विस्तार से लिखा गया है। हम इसमें कुछ नए पहलू जोड़ रहे हैं ताकि रुद्रनाथ की कहानी और भी गहरी लगे।

Kala Jadugar Rudharnath तंत्र की सिद्धियाँ और रुद्रनाथ का अनुभव (Experience)

 

अरे वाह भई, अब हम बात करते हैं उस चीज की जो रुद्रनाथ को बाकियों से अलग बनाती है। कहो तो, वो हैं सिद्धियाँसिद्धियाँ का मतलब है कुछ ऐसी स्पेशल पावर्स (special powers) जो बहुत ही डीप मेडिटेशन (deep meditation) और साधना से मिलती हैं।

जरा मानो, ये कोई जादू नहीं, बल्कि एक तरह का स्पिरिचुअल डेवलपमेंट (spiritual development) है। तुम्हें बताऊँ, रुद्रनाथ ने अपनी साधना से कई तरह की सिद्धियाँ हासिल कर ली हैं। जैसे कि, अणिमा, गरिमा, लघिमा, और प्राप्ति

ये नाम सुनने में थोड़े मुश्किल लग सकते हैं, लेकिन इनका मतलब बहुत सीधा है। अणिमा का मतलब है अपने शरीर को बहुत छोटा कर लेना, जबकि गरिमा से शरीर का वजन बहुत बढ़ा लिया जाता है। भाई, मान लो न, ये सब करना इमेजिन (imagine) भी नहीं किया जा सकता।

सच कहूँ, रुद्रनाथ ने इन सिद्धियों का एक्सपीरियंस (experience) लिया है और उन पर कंट्रोल करना सीखा है। उनका कहना है, कि ये सिर्फ एक टूल (tool) हैं, जिसे सही तरीके से यूज करना ही असली कला है। क्या कहते हो?

 

Kala Jadugar Rudharnath रुद्रनाथ और उसके शिष्य: ज्ञान की परंपरा (Legacy of Knowledge)

 

अच्छा सुनो, एक और बात। क्या आपको लगता है कि इतना सारा ज्ञान और पावर सिर्फ एक इंसान तक ही सीमित रहेगा? अरे नहीं, ऐसा नहीं है। तुम्हें बताऊँ, रुद्रनाथ ने भी कुछ शिष्य चुने हैं, जो उनके लेगेसी (legacy) को आगे लेकर जाएंगे।

वे बहुत केयरफुली (carefully) अपने शिष्यों को चुनते हैं, क्योंकि यह ज्ञान बहुत खतरनाक भी हो सकता है। यार, अगर यह गलत हाथों में चला गया तो बहुत बड़ा डेंजर (danger) हो सकता है। तो क्या, वो अपने शिष्यों को सिर्फ तंत्र की विद्या नहीं सिखाते, बल्कि उन्हें सही और गलत का डिफरेंस (difference) भी बताते हैं।

देख रहे हो ना, ये सिर्फ एक ट्रेनिंग प्रोग्राम (training program) नहीं है, बल्कि एक मोराल साइंस (moral science) की क्लास (class) भी है। मुझे लगता है, वे चाहते हैं कि उनके शिष्य भी उनकी तरह पावरफुल होने के साथ-साथ जिम्मेदार (responsible) भी बनें। सही है न?

Kala Jadugar Rudharnath शक्ति का उपयोग: क्या रुद्रनाथ सिर्फ काला जादूगर है?

अरे भाई, बहुत से लोगों को लगता है कि काला जादूगर रुद्रनाथ सिर्फ नेगेटिव (negative) काम करते हैं। लेकिन क्या फर्क पड़ता है, उनकी असली स्टोरी (story) कुछ और है। तुम देखो ना, उन्होंने अपनी पावर का इस्तेमाल सिर्फ बुराई के लिए नहीं किया। जैसे कि, उन्होंने कई लोगों की प्रॉब्लम्स (problems) को भी सॉल्व (solve) किया है।

मुझे लगता है, उनका नाम ‘काला जादूगर’ इसलिए पड़ा क्योंकि वे डार्क (dark) आर्ट्स को भी हैंडल (handle) कर सकते हैं, पर इसका ये मतलब नहीं कि वे सिर्फ बुराई ही करते हैं। कहो तो, उन्होंने कई बार लोगों को प्रोटेक्ट (protect) भी किया है और उन्हें मुश्किल सिचुएशंस से बाहर निकाला है। देखा आपने? वो एक ऐसे इंसान हैं जो पावर को समझते हैं और उसे सही तरीके से बैलेंस (balance) करना जानते हैं। सही पकड़ा न?

 

Kala Jadugar Rudharnath  रुद्रनाथ का लेगेसी (Legacy) और उनका प्रभाव

 

अब बस, बात करते हैं रुद्रनाथ के लेगेसी (legacy) की। उनका नाम सिर्फ तंत्र-मंत्र की दुनिया तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आज भी लोग उनकी स्टोरी से इंस्पायर (inspire) होते हैं। जरा सोच के देखो, उन्होंने हमें एक बात सिखाई है कि नॉलेज और पावर का कोई अंत नहीं होता, अगर आपके पास उसे पाने का विल पावर (will power) हो तो।

लगता है उनका इफेक्ट (effect) बहुत गहरा है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर कोई जी-जान लगा दे तो वह असंभव को भी संभव बना सकता है। मुझे लगता है कि वे एक आईकॉनिक फिगर (iconic figure) बन चुके हैं, जो लोगों को यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या सच और झूठ सिर्फ वही है जो हमें दिखाई देता है? नहीं, बिल्कुल नहीं। उनके बारे में पढ़कर हमें फील होता है कि दुनिया में अभी भी बहुत कुछ ऐसा है जो हमारी समझ से परे है। समझ गए न?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

 

काला जादूगर रुद्रनाथ कौन हैं ? 

रुद्रनाथ एक बहुत ही नॉलेजेबल (knowledgeable) तांत्रिक हैं, जिन्हें तंत्र-मंत्र विद्या और षट्कर्म का गहरा ज्ञान है। वो कोई आम तांत्रिक नहीं, बल्कि एक मास्टर हैं।

उन्होंने अपना ज्ञान कहाँ से हासिल किया?

उन्होंने अपना ज्ञान हिमालय के उन बड़े-बड़े साधुओं के बीच रहकर सीखा है, जो आम दुनिया से दूर रहते हैं। उन्होंने सालों तक उनकी सेवा की और उनकी ट्रेनिंग ली।

षट्कर्म क्या होता है?

षट्कर्म का मतलब है छह तरह के कर्म, जो तंत्र साधना का एक अहम हिस्सा हैं। इसमें शांति कर्म, वशीकरण, और मारण जैसे कर्म शामिल हैं। रुद्रनाथ इन सभी को बहुत अच्छी तरह से कंट्रोल (control) करना जानते हैं।

क्या रुद्रनाथ सिर्फ काला जादू करते हैं?

नहीं, ऐसा नहीं है। भले ही उनका नाम ‘काला जादूगर’ है, लेकिन उन्होंने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल लोगों की हेल्प (help) करने के लिए भी किया है। उनके लिए पावर सिर्फ एक टूल (tool) है, जिसे वह सही इंटेंशन (intention) के साथ यूज करते हैं।

क्या रुद्रनाथ के कोई शिष्य भी हैं?

हाँ, उन्होंने कुछ शिष्यों को चुना है। वो उन्हें बहुत ही केयरफुली (carefully) चुनते हैं, क्योंकि ये ज्ञान बहुत पावरफुल (powerful) होता है और इसे सिर्फ जिम्मेदार लोगों को ही देना चाहिए।

शिव पार्वती मंत्र फॉर लव मैरिज (Shiv Parvati Mantra For Love Marriage)

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प्रेम विवाह के लिए शिव पार्वती मंत्र (Shiv Parvati Mantra For Prem Vivah)

शिव पार्वती मंत्र फॉर लव मैरिज (Shiv Parvati Mantra For Love Marriage) अरे वाह पाठक दोस्तों, आप सब का स्वागत है इस नए आर्टिकल में। क्या आप भी किसी से प्यार लव करते हैं और उससे शादी मैरिज करना चाहते हैं, लेकिन कोई ना कोई प्रॉब्लम आ रही है? शायद आपके घरवाले नहीं मान रहे हैं या फिर आपके प्यार और शादी के रास्ते में कोई और रुकावट है? भई, ये तो बहुत कॉमन प्रॉब्लम है।

लेकिन क्या आपको पता है, इस तरह की मुश्किलों से निकलने का एक बहुत ही पावरफुल तरीका है? जी, हम बात कर रहे हैं शिव-पार्वती जी के उस मंत्र की, जो लव मैरिज को पॉसिबल बना सकता है।

शिव पार्वती मंत्र फॉर लव मैरिज (Shiv Parvati Mantra For Love Marriage)
शिव पार्वती मंत्र फॉर लव मैरिज (Shiv Parvati Mantra For Love Marriage)

देखो, जब हमारी लव लाइफ में कोई भी दिक्कत आती है, तो हमें एक इमोशनल सपोर्ट और एनर्जी की जरूरत फील होती है। और इस एनर्जी के लिए भगवान शिव और माता पार्वती से बेहतर और कौन हो सकता है? उनकी जोड़ी तो प्रेम और समर्पण का सबसे बड़ा सिंबल है। इसीलिए, आज हम इस पोस्ट में इसी मंत्र के बारे में डिटेल में जानेंगे।

अरे भाई, आप चिंता मत करो, हम आपको मंत्र के साथ-साथ उसको जाप करने का सही तरीका, उसके फायदे और कुछ जरूरी बातें भी बताएंगे। क्या कहते हो? चलें? तो चलिए, शुरू करते हैं।

प्रेम विवाह क्या है? (Prem Vivah Kya Hai?)

यार, पहले ये समझो कि प्रेम विवाह होता क्या है। प्रेम विवाह, मतलब जब कोई लड़का और लड़की एक-दूसरे से प्यार लव करते हैं और फिर अपनी मर्जी से शादी करने का फैसला लेते हैं। यह पारंपरिक, अरेंज्ड मैरिज से अलग होता है।

भारत में अब ये बहुत कॉमन हो गया है, लेकिन फिर भी बहुत से लोग अपनी पसंद के पार्टनर से शादी करने में कई प्रॉब्लम्स फेस करते हैं। मान लो, तुम्हारे परिवार वाले इसके लिए राजी नहीं हैं, या फिर आपके और आपके पार्टनर के बीच में कोई मिसअंडरस्टैंडिंग हो गई है। ऐसे में, मन बहुत उदास हो जाता है, सच बताऊँ।

भाई, प्रेम विवाह को सक्सेसफुल बनाने के लिए सिर्फ प्यार लव ही काफी नहीं होता। इसमें पेशेंस, विश्वास, और कई बार तो ईश्वर का आशीर्वाद भी बहुत जरूरी हो जाता है। और यही वो जगह है, जहाँ शिव और पार्वती जी का मंत्र हमारी मदद करता है। जब सब रास्ते बंद लगते हैं, तो एक स्पिरिचुअल रास्ता खुल जाता है, समझे? यह मंत्र आपके मन को शांति देता है और आपको वो एनर्जी देता है, जिससे आप इन मुश्किलों का सामना कर सको।

शिव पार्वती मंत्र फॉर लव मैरिज – शिव-पार्वती की कृपा क्यों जरूरी है? (Shiv-Parvati Ki Kripa Kyun Jaruri Hai?)

 

देखो ना, शिव और पार्वती जी की जोड़ी को सबसे आदर्श कपल माना जाता है। उनकी कहानी एक सच्चे प्यार, त्याग और समर्पण की कहानी है। पार्वती जी ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए बहुत तपस्या की थी। उन्होंने ठंडी बर्फ में भी तप किया और अपने प्रेम की शक्ति को साबित किया। सच कहूँ तो, यह कहानी हमें सिखाती है कि सच्चा प्यार हर मुश्किल को पार कर सकता है।

यही वजह है कि लव मैरिज के लिए उनकी कृपा इतनी जरूरी मानी जाती है। जब आप उनका मंत्र जाप करते हैं, तो आप न सिर्फ उनकी शक्ति को बुलाते हैं, बल्कि उनके प्रेम और विश्वास को भी अपने जीवन में इन्वाइट करते हैं। वो आपकी लव लाइफ से सभी रुकावटों को हटाते हैं और आपके रिश्ते को उनके जैसा मजबूत बनाते हैं। तुम देखो, उनका आशीर्वाद एक कपल के लिए बहुत खास होता है। यह रिश्ता सिर्फ एक दिन के लिए नहीं, बल्कि हमेशा के लिए होता है। मानो जरा, उनकी कृपा से आपका रिश्ता और भी ज्यादा सच्चा और प्योर हो जाएगा।

प्रेम विवाह के लिए महा शक्तिशाली शिव पार्वती मंत्र (Prem Vivah Ke Liye Maha Shaktishali Shiv Parvati Mantra)

 

अरे भाई, अब हम आते हैं उस सबसे जरूरी पार्ट पर जिसके लिए आप सब यहां आए हैं। वो मंत्र जो आपकी लव मैरिज की विश को पूरा कर सकता है। यह मंत्र बहुत पावरफुल है और इसे पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ जपना चाहिए।

मंत्र:

ॐ श्रीं पार्वती पतये नमः

(Om Shreem Parvati Pataye Namah)

मंत्र का मतलब:

  • ॐ: यह एक यूनिवर्सल साउंड है जो सारी सृष्टि का सार है।
  • श्रीं: यह शक्ति और शुभता का बीज मंत्र है।
  • पार्वती: माता पार्वती जो प्रेम, शक्ति और समर्पण का प्रतीक हैं।
  • पतये: पति के लिए, पति के रूप में।
  • नमः: नमन करना, प्रणाम करना।

इस मंत्र का पूरा मतलब है, “मैं देवी पार्वती के पति, भगवान शिव को नमन करता हूँ।” इस मंत्र का जाप करने से आप शिव और पार्वती जी दोनों का आशीर्वाद पाते हैं। यह मंत्र आपके रिश्ते में एक नई एनर्जी लाता है और उसे और भी मजबूत करता है।

मंत्र जाप की सरल विधि (Mantra Jap Ki Saral Vidhi)

 

मंत्र का सही फल पाने के लिए उसे सही तरीके से जपना बहुत जरूरी होता है। भाई देख, इसमें कोई जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। यहां मैं तुम्हें कुछ आसान स्टेप्स बता रहा हूँ, तुम इन्हें फॉलो करो।

  1. सुबह उठें: ब्रह्म मुहूर्त में, यानी सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच उठना सबसे अच्छा होता है। अगर यह पॉसिबल नहीं है, तो सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
  2. साफ-सुथरे कपड़े पहनें: नहाने के बाद साफ और धुले हुए कपड़े पहनें। हो सके तो सफेद या हल्के रंग के कपड़े चुनें।
  3. पूजा की तैयारी करें: एक शांत जगह पर बैठें। सामने शिव-पार्वती की तस्वीर या मूर्ति रखें। उनके सामने एक घी का दीपक जलाएं, धूप जलाएं और कुछ फूल चढ़ाएं।
  4. मंत्र जाप शुरू करें: रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का 108 बार जाप करें। तुम सोचो न, हर एक मनके के साथ आपका ध्यान और भी ज्यादा फोकस होता है।
  5. ध्यान करें: मंत्र जाप के बाद कुछ देर आंखें बंद करके बैठें और शिव-पार्वती जी का ध्यान करें। यह महसूस फील करें कि वो आपको आशीर्वाद दे रहे हैं।
  6. अपनी इच्छा बताएं: आखिरी में अपनी लव मैरिज की इच्छा को उनसे कहें और उनसे प्रार्थना करें कि वो आपकी मदद करें।

यह काम कब तक करना है?

इसे आप रोजाना 21 दिनों तक लगातार करें। अगर आप किसी वजह से एक दिन छूट जाते हैं, तो अगले दिन से फिर शुरू कर सकते हैं। कहते हैं कि मंगलवार, गुरुवार और सोमवार को यह जाप शुरू करना बहुत शुभ माना जाता है।

 

शिव पार्वती मंत्र के लाभ (Shiv Parvati Mantra Ke Labh)

 

अरे मान लो न, इस मंत्र के जाप से आपको सिर्फ लव मैरिज ही नहीं, बल्कि कई और फायदे भी मिलते हैं।

  • बाधाएं दूर होती हैं: इस मंत्र के जाप से आपकी लव मैरिज के रास्ते में जो भी रुकावटें हैं, वो दूर हो जाती हैं। जैसे कि फैमिली की नाराजगी, सोशल इशू, या कोई और दिक्कत।
  • रिश्ता मजबूत होता है: यह मंत्र आपके और आपके पार्टनर के बीच के रिश्ते को बहुत मजबूत बनाता है। उसमें प्यार, विश्वास और समझ बढ़ती है।
  • मानसिक शांति मिलती है: जब आप मंत्र जाप करते हैं, तो आपका मन शांत होता है। आपको स्ट्रेस और नेगेटिविटी से छुटकारा मिलता है।
  • आकर्षण बढ़ता है: इस मंत्र के जाप से आपके अंदर एक पॉजिटिव एनर्जी आती है, जिससे आप अपने पार्टनर को और भी ज्यादा अट्रैक्ट करते हैं।
  • सही पार्टनर मिलता है: अगर आपकी लाइफ में अभी तक कोई नहीं आया है, तो यह मंत्र आपको सही जीवनसाथी ढूंढने में भी मदद करता है।

सच कहूँ तो, यह मंत्र सिर्फ एक मंत्र नहीं है, यह एक प्रोसेस है जो आपके दिल और दिमाग को आपके लक्ष्य के साथ अलाइन करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

 

  • क्या लड़कियां भी यह मंत्र जाप कर सकती हैं?जी बिलकुल। यह मंत्र लड़के और लड़कियां, दोनों जाप कर सकते हैं। यह सबके लिए है जो सच्चे प्यार की तलाश में हैं।
  • क्या मैं मासिक धर्म के दौरान यह मंत्र जाप कर सकती हूँ?नहीं। सनातन धर्म के अनुसार, इस समय पूजा-पाठ और मंत्र जाप नहीं करना चाहिए। आप उन दिनों के बाद फिर से जाप शुरू कर सकती हैं।
  • कितने दिन में रिजल्ट मिलेगा?देखो भाई, इसका कोई फिक्स टाइम नहीं है। यह आपकी श्रद्धा, विश्वास और मंत्र जाप की रेगुलैरिटी पर डिपेंड करता है। कुछ लोगों को जल्दी रिजल्ट मिल जाता है, तो कुछ को थोड़ा टाइम लगता है।
  • अगर मेरे पास शिव-पार्वती की मूर्ति नहीं है, तो क्या करूँ?कोई बात नहीं। आप इंटरनेट से उनकी फोटो डाउनलोड करके या किसी किताब में उनकी फोटो देखकर भी ध्यान लगा सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

तो दोस्तों, प्रेम विवाह के लिए शिव-पार्वती मंत्र एक बहुत ही पावरफुल टूल है। अगर आप इसे पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ जाप करते हैं, तो आपको महादेव और माता पार्वती का आशीर्वाद जरूर मिलेगा। बस याद रखें, मंत्र जाप सिर्फ एक पूजा नहीं है, यह एक कमिटमेंट है। आपको अपने पार्टनर के साथ अपने रिश्ते में भी विश्वास रखना होगा।

क्या कहते हो? आज से ही शुरू करोगे न? हमें कमेंट करके जरूर बताओ कि आप कब से इस मंत्र का जाप शुरू कर रहे हो। ठीक है क्या?

संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)

A man and woman cuddling together in bed.

संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)

संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)
संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)

अरे वाह पाठक दोस्तों! आज हम जिस टॉपिक पर बात करने वाले हैं, वह बहुत ही खास और इंट्रेस्टिंग (interesting) है। भाईसाहब, बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या सच में किसी को अपनी ओर अट्रैक्ट (attract) करने का कोई मंत्र होता है? जनाब, आज हम इसी सवाल का जवाब डीटेल (detail) में जानेंगे। मैं आपको संभोग वशीकरण मंत्र और उसकी साधना की पूरी विधि के बारे में बताऊंगा।

देखो, यह कोई जादू नहीं है। यह एक तरह की एनर्जी (energy) है जो आपके माइंड (mind) और कॉन्सेंट्रेशन (concentration) से काम करती है। यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है। किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल से आपको बचना चाहिए, ठीक है न?

 

संभोग वशीकरण मंत्र: एक परिचय (Sambhog Vashikaran Mantra: Ek Parichay)

संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)
संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)

अरे देखो, वशीकरण का मतलब होता है किसी को अपने वश में करना। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी पर जबरदस्ती करें। असल में, यह आपकी अपनी पावर (power) को बढ़ाने और अपनी चाहत को पूरा करने का एक तरीका है। संभोग वशीकरण मंत्र का उपयोग आमतौर पर किसी ऐसे व्यक्ति को अपनी ओर अट्रैक्ट करने के लिए किया जाता है, जिससे आप प्यार करते हैं और जिससे आप एक गहरा रिलेशन (relation) बनाना चाहते हैं।

भाई, लोग अक्सर सोचते हैं कि ये सब सिर्फ जादू-टोना है। सच बताऊँ तो ये एक साइंटिफिक (scientific) और स्पिरिचुअल (spiritual) प्रोसेस (process) है। आप अपने मन की शक्ति का उपयोग करके ब्रह्मांड की एनर्जी से जुड़ते हैं। यह पूरी तरह से आपके इंटेंशन (intention) पर डिपेंड (depend) करता है। अगर आपका इंटेंशन सच्चा है तो इसका पॉज़िटिव (positive) रिजल्ट (result) मिलेगा, वरना नहीं। क्या कहते हो?

 

वशीकरण मंत्र का असली मतलब (Vashikaran Mantra Ka Asli Matlab)

संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)
संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)

भाई, अगर तुम ध्यान से सोचो तो हर चीज में एक वाइब्रेशन (vibration) होती है। हमारे शब्द भी एनर्जी से भरे होते हैं। जब हम किसी मंत्र का जप करते हैं, तो हम एक खास तरह की वाइब्रेशन पैदा करते हैं। यह वाइब्रेशन हमारे चारों ओर एक ऐसा ऑरा (aura) बनाती है, जिससे हम जो चाहते हैं, उसे अपनी ओर खींच पाते हैं। वशीकरण का मतलब किसी को गुलाम बनाना नहीं होता, बल्कि अपनी लव एनर्जी को इतना पावरफुल बनाना है कि सामने वाला आपकी ओर खुद ही खींचा चला आए। समझे?

अगर आपका इरादा सच्चा है, तो ये काम करेगा, वरना नहीं। तो, भाई, ये सोचकर ही आगे बढ़ो। गलत इरादों से इसका इस्तेमाल कभी मत करना, ठीक है न?

 

शक्तिशाली संभोग वशीकरण मंत्र (Shaktishali Sambhog Vashikaran Mantra)

संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)
संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)

यार, इंटरनेट (internet) पर बहुत सारे मंत्र मिल जाएंगे, लेकिन हर मंत्र सही नहीं होता। जो मंत्र मैं आपको बता रहा हूँ, वह बहुत ही पावरफुल है, लेकिन इसका सही से यूज (use) करना जरूरी है। इस मंत्र को किसी अच्छे गुरु से ही लेना चाहिए, ताकि आपको सही गाइडेंस (guidance) मिले।

यहां मैं एक सामान्य मंत्र दे रहा हूँ जो वशीकरण के लिए यूज होता है:

“ॐ कामदेवाय (नाम) अमुक वश्यं कुरु कुरु स्वाहा।”

इस मंत्र में, ‘(नाम)’ की जगह आपको उस व्यक्ति का नाम लेना है, जिसे आप अपनी ओर अट्रैक्ट करना चाहते हैं। और ‘अमुक’ की जगह उस व्यक्ति का गोत्र, अगर आपको पता है तो, और अगर नहीं पता तो भी कोई बात नहीं।

वैसे, ये मंत्र सिर्फ एक उदाहरण है। हर इंसान की सिचुएशन (situation) अलग होती है, इसलिए मंत्र भी अलग हो सकता है। इसीलिए, किसी एक्सपर्ट (expert) की सलाह लेना बहुत जरूरी है।

 

साधना की पूरी विधि (Sadhna Ki Poori Vidhi)

 

ठीक है, अब हम आते हैं सबसे जरूरी पार्ट (part) पर—साधना की विधि। ये सिर्फ मंत्र बोलने से काम नहीं चलेगा। इसके लिए आपको कुछ नियमों का पालन करना होगा। जरा ध्यान से सुनिए, ये बहुत जरूरी है।

 

साधना के लिए जरूरी सामान (Sadhna Ke Liye Jaruri Saman)

 

  • रुद्राक्ष की माला: मंत्र जप करने के लिए 108 दानों वाली रुद्राक्ष की माला लें।
  • आसन: लाल या सफ़ेद रंग का ऊनी आसन।
  • दीपक और अगरबत्ती: घी का दीपक और कुछ खुशबूदार अगरबत्ती।
  • उस व्यक्ति की फोटो: जिसे आप वश में करना चाहते हैं, उसकी एक क्लियर (clear) फोटो।
  • गंगाजल: शुद्धता के लिए।

तुम देखो, ये सब चीजें आसानी से मिल जाती हैं। लेकिन, इनकी क्वालिटी (quality) अच्छी होनी चाहिए, समझे?

 

साधना का समय और जगह (Sadhna Ka Samay Aur Jagah)

 

साधना हमेशा शांत और साफ जगह पर करें। एक ऐसा कमरा चुनें, जहां कोई आपको डिस्टर्ब (disturb) न करे। रात का समय इसके लिए सबसे अच्छा माना जाता है, खासकर शुक्रवार की रात। वैसे तो, कोई भी एकांत जगह जहां आप शांति फील (feel) करें, वहां साधना कर सकते हैं।

 

मंत्र का जप कैसे करें (Mantra Ka Jap Kaise Karen)

 

अब आते हैं मेन स्टेप्स (steps) पर।

  1. सबसे पहले, सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  2. अब, अपने आसन पर बैठें और दीपक जलाएं।
  3. अपने सामने उस व्यक्ति की फोटो रखें और उसे ध्यान से देखें।
  4. अब अपने मन को पूरी तरह से शांत करें।
  5. तीन बार लंबी और गहरी सांस लें।
  6. अब रुद्राक्ष की माला से मंत्र का जप करना शुरू करें। आपको 108 बार जप करना है।
  7. जप करते समय अपनी पूरी एनर्जी और माइंड को उस व्यक्ति पर फोकस करें।

 

ध्यान और फीलिंग का महत्व (Dhyan Aur Feeling Ka Mahatva)

 

भाई, सिर्फ मंत्र बोलने से कुछ नहीं होगा। सबसे जरूरी है मंत्र के साथ अपनी फीलिंग को जोड़ना। जब आप मंत्र जप कर रहे हों, तो उस व्यक्ति को अपने साथ महसूस करो। मानो कि वह आपके साथ है, आपसे बातें कर रहा है। यह विजुअलाइज़ेशन (visualization) बहुत पावरफुल होता है।

जरा सोचो, आप अपने मन में जो सोचते हैं, वही होता है। तो, अपनी सोच को पॉज़िटिव रखो। मान लो न कि आपका काम हो चुका है। ऐसा करने से आपकी एनर्जी और भी बढ़ जाएगी, जानते हो न?

 

वशीकरण साधना के खास नियम (Vashikaran Sadhna Ke Khas Niyam)

 

ये साधना करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। अगर आप इन नियमों को फॉलो नहीं करेंगे, तो रिजल्ट नहीं मिलेगा।

  1. शुद्धता: साधना के दिनों में शुद्ध रहना बहुत जरूरी है। मांस-मदिरा से दूर रहें।
  2. ब्रह्मचर्य: साधना के दिनों में ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  3. सच्चा इरादा: आपका इरादा साफ और सच्चा होना चाहिए। किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल कभी न करें।
  4. गुरु: अगर हो सके तो किसी सिद्ध गुरु से ही मंत्र की दीक्षा लें।

सच कहूँ तो, ये नियम आपको सेल्फ-कंट्रोल (self-control) सिखाते हैं। जब आप अपनी फीलिंग्स पर कंट्रोल कर सकते हैं, तभी आप किसी और को अपनी ओर अट्रैक्ट कर सकते हैं। मानोगे?

 

सावधानियां और जरूरी बातें (Savdhaniya Aur Jaruri Baatein)

 

अरे भाई, ये मंत्र बहुत पावरफुल होते हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल बहुत सावधानी से करना चाहिए।

  • गलत इस्तेमाल से बचें: अगर आप किसी का बुरा करने के लिए इसका यूज करेंगे, तो इसका उल्टा असर भी हो सकता है।
  • सब्र रखें: वशीकरण साधना में तुरंत रिजल्ट नहीं मिलता। आपको सब्र रखना पड़ेगा और कंटिन्यू (continue) साधना करनी होगी।
  • भरोसा रखें: मंत्र पर और खुद पर पूरा भरोसा रखें। अगर आपका विश्वास कमजोर होगा तो कुछ नहीं होगा।
  • पर्सनल मैटर (Personal Matter): इस साधना के बारे में किसी को मत बताना। इसे पूरी तरह से सीक्रेट (secret) रखें।

 

संभोग वशीकरण मंत्र का प्रभाव (Sambhog Vashikaran Mantra Ka Prabhav)

 

यार, जब आप इस मंत्र का सही तरीके से इस्तेमाल करते हैं, तो इसका असर बहुत ही कमाल का होता है। यह सिर्फ सामने वाले पर ही नहीं, बल्कि आप पर भी काम करता है। आपका कॉन्फिडेंस (confidence) बढ़ता है, आपमें एक अलग तरह की पॉजिटिविटी (positivity) आ जाती है। सामने वाला व्यक्ति आपकी ओर अट्रैक्ट फील करने लगता है।

ये सब सिर्फ फिजिकल (physical) अट्रैक्शन (attraction) नहीं है, बल्कि एक स्पिरिचुअल (spiritual) कनेक्शन (connection) भी बन जाता है। क्या ख़याल है?

 

वशीकरण मंत्र के फायदे और नुकसान (Vashikaran Mantra Ke Fayde Aur Nuksan)

 

  • फायदे:
    • अगर आप सच्चे दिल से किसी को प्यार करते हैं, तो ये मंत्र आपकी मदद कर सकता है।
    • आपका रिलेशनशिप (relationship) मजबूत हो सकता है।
    • आप अपनी खुद की एनर्जी को बूस्ट (boost) कर सकते हैं।
  • नुकसान:
    • अगर आप इसका गलत इस्तेमाल करते हैं, तो यह उल्टा पड़ सकता है।
    • गलत इरादे से किए गए काम का अंजाम बुरा हो सकता है।

जरा सोच के देखो, हर चीज के दो साइड (side) होते हैं। यह आपके ऊपर है कि आप किस साइड को चुनते हैं।

 

सच्चे लव के लिए मंत्र (Sacche Love Ke Liye Mantra)

संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)
संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)

कहने को तो ये मंत्र किसी को भी अपनी ओर अट्रैक्ट कर सकता है, लेकिन अगर आप इसे सच्चे लव के लिए यूज करेंगे, तो इसका असर सौ गुना बढ़ जाएगा। मान लो, अगर आप और आपका पार्टनर (partner) अलग हो गए हैं और आप उसे वापस पाना चाहते हैं, तो यह मंत्र आपकी हेल्प कर सकता है।

प्रभु की लीला तो देखो, वह भी सच्चे प्यार करने वालों की मदद करते हैं। हमें बस अपनी फीलिंग्स को सही डायरेक्शन (direction) देनी है।

 

मंत्र साधना में गुरु का महत्व (Mantra Sadhna Mein Guru Ka Mahatva)

संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)
संभोग वशीकरण मंत्र और साधना विधि (Sambhog Vashikaran Mantra Aur Sadhna Vidhi)

वैसे तो, मैंने आपको सारी डीटेल्स बता दी हैं, लेकिन गुरु का इंपॉर्टेंस (importance) हमेशा रहेगा। गुरु आपको सही रास्ता दिखा सकता है और आपको उन गलतियों से बचा सकता है जो आप अकेले कर सकते हैं। अगर आपको किसी अच्छे गुरु का पता है, तो उनकी शरण में जाएं और उनसे गाइडेंस लें।

सच कहूँ तो, गुरु के बिना ज्ञान अधूरा है। वे आपके मेंटर (mentor) और गाइड दोनों होते हैं।

 

अंतिम बात (Antim Baat)

 

पाठक दोस्तों, संभोग वशीकरण मंत्र और इसकी साधना कोई खेल नहीं है। यह एक गंभीर और स्पिरिचुअल प्रैक्टिस है। इसे पूरी श्रद्धा और सच्चे इरादे के साथ करें। अगर आप किसी को सच्चे दिल से चाहते हैं और आपके मन में कोई बुराई नहीं है, तो यह मंत्र आपकी हेल्प कर सकता है।

लेकिन याद रखना, यह सब आपकी अपनी एनर्जी और विश्वास पर निर्भर करता है। हमें किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना है, बल्कि अपनी लव एनर्जी को पॉजिटिव तरीके से यूज करना है। बताओ ज़रा, क्या ख़याल है? सही कहा न मैंने?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

 

अरे देखो, आर्टिकल पढ़ने के बाद आपके मन में कुछ सवाल तो आए होंगे, है ना? क्या बताएं, यह नॉर्मल (normal) है। तो चलिए, आपके कुछ सबसे जरूरी सवालों के जवाब देते हैं ताकि आपके सारे डाउट (doubt) क्लियर (clear) हो जाएं।

 

1. क्या यह संभोग वशीकरण मंत्र सच में काम करता है? (Kya yeh Sambhog Vashikaran Mantra Sach Mein Kaam Karta Hai?)

 

भाई, सच कहूँ तो यह पूरी तरह से आपकी श्रद्धा, विश्वास और आपके इरादे पर डिपेंड (depend) करता है। अगर आप सच्चे मन से और सही इंटेंशन (intention) के साथ यह साधना करते हैं, तो इसका रिजल्ट (result) जरूर मिलेगा। यह कोई जादू नहीं, बल्कि आपके मन की एनर्जी (energy) और कॉन्सेंट्रेशन (concentration) की पावर (power) है, क्या कहते हो?

 

2. रिजल्ट दिखने में कितना टाइम लगेगा? (Result Dikhne Mein Kitna Time Lagega?)

 

यार, इसका कोई फिक्स (fixed) टाइम (time) नहीं है। यह हर इंसान के लिए अलग-अलग हो सकता है। किसी को कुछ दिनों में फील (feel) होने लगता है, तो किसी को ज्यादा टाइम लग सकता है। तो, भाई, आपको सब्र रखना पड़ेगा और साधना को लगातार करते रहना होगा। मानते हो न?

 

3. क्या इस साधना को करते समय गलती हो सकती है? (Kya Is Sadhna Ko Karte Samay Galti Ho Sakti Hai?)

 

हाँ, गलती हो सकती है, जरा सोचो। इसीलिए, मैंने आपको बताया है कि साधना के नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। अगर कोई छोटी-मोटी गलती हो भी जाए, तो परेशान मत होइए। आप भगवान से माफी मांगकर फिर से शुरू कर सकते हैं। लेकिन, अगर बड़ी गलती हो तो आपको गुरु से बात करनी चाहिए। समझे?

 

4. अगर हमारे पास गुरु न हों तो क्या करें? (Agar Hamare Paas Guru Na Ho To Kya Karen?)

 

ठीक है, अगर आपको कोई सिद्ध गुरु नहीं मिल पा रहे हैं, तो आप अपने इष्ट देवता को ही अपना गुरु मान लें। उनका ध्यान करके उनसे आशीर्वाद मांगें। भाई, यह भी एक तरीका है। गुरु का होना बहुत जरूरी है, लेकिन अगर न हों तो आप अपने मन में उनका स्थान दे सकते हैं। देख रहे हो न?

 

5. क्या यह मंत्र किसी को नुकसान पहुंचा सकता है? (Kya Yeh Mantra Kisi Ko Nuksan Pahuncha Sakta Hai?)

 

नहीं, नहीं, बिल्कुल नहीं। यह मंत्र किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं है। यह सिर्फ लव (love) और अट्रैक्शन (attraction) के लिए है। अगर आप इसका इस्तेमाल किसी को जबरदस्ती कंट्रोल (control) करने या बुरा करने के लिए करेंगे, तो क्या बताऊँ, इसका उल्टा असर हो सकता है। इसीलिए, अपने इरादे हमेशा साफ और अच्छे रखें। क्या सोचते हो?

 

6. क्या यह काला जादू है? (Kya Yeh Kala Jadu Hai ?)

 

नहीं, सच कहूँ तो यह काला जादू नहीं है। काला जादू वो होता है जिससे किसी को नुकसान पहुंचाया जाता है। यह तो एक पॉजिटिव (positive) एनर्जी का साइंस (science) है जो आपके और सामने वाले के बीच एक अच्छा कनेक्शन (connection) बनाने का काम करता है। यह आपके मन की शक्ति पर निर्भर करता है। ठीक है क्या?

 

7. क्या यह सिर्फ शादीशुदा लोगों के लिए है? (Kya Yeh Sirf Shadi-Shuda Logo Ke Liye Hai?)

 

नहीं, ऐसा नहीं है। यह मंत्र किसी भी सच्चे रिलेशनशिप के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, फिर चाहे वह लव हो या शादी। लेकिन, यह पर्सनल लाइफ का बहुत सेंसिटिव (sensitive) मामला है, इसलिए इसे बहुत ही सावधानी से यूज (use) करना चाहिए। क्या कहते हो?

वाह रे! क्या बात है! पाठक दोस्तों, आप लोगों का रिस्पॉन्स देखकर मुझे बहुत फील (feel) हुआ। आप लोगों को और भी डीटेल (detail) चाहिए, यह जानकर अच्छा लगा। तो चलिए, हम इस टॉपिक को थोड़ा और डीप (deep) में समझते हैं और कुछ ऐसी बातें जानते हैं जो शायद आपको पहले पता न हों।

साधना के लिए सही दिन और समय (Sadhna Ke Liye Sahi Din Aur Samay)

 

जनाब, साधना के लिए सही दिन और समय बहुत मायने रखता है। मान लो, अगर आपको कोई काम करना है, तो आप सही टाइम देखते हो ना? बिल्कुल उसी तरह, इस साधना के लिए भी कुछ खास दिन और समय होते हैं।

वैसे तो मैंने पहले बताया था कि शुक्रवार की रात सबसे बेस्ट (best) है। ऐसा इसलिए क्योंकि शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह से जुड़ा है, जो लव (love), ब्यूटी (beauty) और अट्रैक्शन (attraction) का ग्रह है। इस दिन की एनर्जी बहुत ही पावरफुल (powerful) होती है।

लेकिन, सिर्फ यही एक दिन नहीं है। आप पूर्णिमा (full moon) की रात या किसी भी शुभ मुहूर्त में भी यह साधना कर सकते हैं। रात 10 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक का टाइम सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इस वक्त चारों ओर शांति होती है और आपकी कॉन्सेंट्रेशन (concentration) अच्छी बनती है। जरा सोचो, जब कोई डिस्टर्ब (disturb) नहीं होगा, तो आपका ध्यान कितना गहरा होगा। है ना?

 

मंत्र से जुड़े खास देवता (Mantra Se Jude Khas Devta)

 

भाई, हर मंत्र किसी न किसी देवता से जुड़ा होता है। इस वशीकरण मंत्र का कनेक्शन सीधे कामदेव से है। कामदेव को प्यार और कामेच्छा का देवता माना जाता है। तो, मंत्र जप से पहले कामदेव का ध्यान करना बहुत जरूरी है। आप उन्हें प्रणाम करके उनसे इस साधना में सफलता की प्रार्थना कर सकते हैं।

लेकिन, जानते हो क्या? बहुत से वशीकरण मंत्रों का संबंध भगवान शिव से भी है। महादेव को मंत्रों का देवता भी कहा जाता है। इसीलिए, साधना शुरू करने से पहले आप हर हर महादेव का जप करके उनका आशीर्वाद भी ले सकते हैं। ये सब आपके इंटेंशन (intention) को और भी पावरफुल बना देता है, मानते हो न?

साधना में फेलियर के कारण और उपाय (Sadhna Mein Failure Ke Karan Aur Upay)

 

अरे भाई, मान लो अगर आपको तुरंत रिजल्ट (result) नहीं मिला तो क्या करोगे? क्या बताऊँ, लोग अक्सर हिम्मत हार जाते हैं। लेकिन, आपको ऐसा नहीं करना। अगर साधना में सफलता नहीं मिल रही है, तो उसके कुछ कारण हो सकते हैं:

  • इरादे की कमी: अगर आपका इरादा सच्चा नहीं है या आप सिर्फ किसी को तंग करने के लिए यह कर रहे हैं, तो यह कभी काम नहीं करेगा।
  • नियमों का पालन न करना: अगर आपने साधना के दौरान ब्रह्मचर्य या शुद्धता के नियमों को तोड़ा है, तो यह फेल हो सकती है।
  • विश्वास की कमी: अगर आपको खुद पर और मंत्र पर विश्वास नहीं है, तो आप अपनी एनर्जी को सही डायरेक्शन (direction) नहीं दे पाएंगे।
  • मंत्र का गलत उच्चारण: अगर आपने मंत्र का सही से जप नहीं किया, तो उसका पूरा असर नहीं हो पाएगा।

तो क्या करना चाहिए? आप फिर से शुद्ध मन से साधना शुरू करें। अगर कोई गलती हुई है तो उसे ठीक करें। कहोगे न, कि आप कोशिश करते रहेंगे?

कर्म और सावधानी (Karma Aur Savdhani)

 

देखो, यह सबसे जरूरी बात है। कर्म (karma) का सिद्धांत बहुत गहरा है। अगर आप किसी की पर्सनल फ्रीडम (freedom) को छीनने की कोशिश करते हो, तो इसका असर आपके अपने जीवन पर भी पड़ेगा। यह मंत्र किसी की मर्जी के खिलाफ काम करने के लिए नहीं है। यह सिर्फ एक पॉज़िटिव एनर्जी को अपनी ओर अट्रैक्ट करने का तरीका है।

यार, सच्चा प्यार तो दोनों तरफ से होता है। अगर आपका इरादा सामने वाले को गुलाम बनाना है, तो इसका रिजल्ट बहुत बुरा हो सकता है। इसीलिए, साधना करते समय हमेशा अपने दिल को साफ रखें। अपने मन में कोई बुराई मत आने देना। ये ठीक है न?

अगर आपको लगता है कि आप सही रास्ते पर नहीं हो, तो साधना को वहीं रोक दो। याद रखो, ये सब आपके अच्छे के लिए ही है। क्या समझे?


लिंग भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life)

लिंगा भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life)

लिंग भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life)

लिंगा भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life)
लिंग भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life)

पाठक दोस्तों,

लिंग भैरवी यंत्र: जीवन में शक्ति और कृपा लाने का अद्भुत तरीका (Linga Bhairavi Yantra: An Amazing Way to Bring Shakti and Grace into Life) अरे वाह भई, आज हम एक बहुत ही खास और पावरफुल टॉपिक पर बात करने वाले हैं – लिंग भैरवी यंत्र। देखो, इस मॉडर्न दुनिया में हम सब बहुत बिजी रहते हैं। स्ट्रेस, टेंशन और नेगेटिविटी हमारी लाइफ का हिस्सा बन गई है। ऐसे में, हमें कुछ तो ऐसा चाहिए जो हमें इन सब से दूर रख सके, है ना?

यह जो लिंग भैरवी यंत्र है, भाई, यह सिर्फ कोई नॉर्मल चीज नहीं है। यह एक ऐसी ज्योमेट्री है, एक ऐसा टूल है जो सीधे देवी लिंग भैरवी की शक्ति से जुड़ा है। यह आपको एक पॉजिटिव एनर्जी देता है और आपकी जिंदगी की प्रॉब्लम्स को कम करने में हेल्प करता है। सच कहूँ तो, यह एक तरह का पर्सनल डिवाइन कनेक्शन है जो आप अपने घर में स्थापित कर सकते हैं।

तो चलिए, आज इस यंत्र के बारे में डिटेल में जानते हैं, ठीक है क्या?

Linga Bhairavi Yantra Kya Hai ? (लिंग भैरवी यंत्र क्या है ?)

 

अरे भाई, देखो, लिंग भैरवी यंत्र देवी लिंग भैरवी का ही एक रूप है, जिसे एक खास ज्योमेट्रिकल डिज़ाइन में कैद किया गया है। यह यंत्र एक तरह का कॉपर प्लेट है जिस पर देवी की ऊर्जा को स्थापित किया जाता है। कहोगे तो, इसे एक तरह का एनर्जी डिवाइस भी कह सकते हैं। यह यंत्र आपकी लाइफ में एक फोकस और बैलेंस लाता है।

यह यंत्र उन लोगों के लिए बहुत हेल्पफुल है जो देवी की कृपा चाहते हैं लेकिन मंदिर जाकर रोजाना पूजा नहीं कर सकते। तुम समझो ना, यह एक तरह से देवी को अपने घर पर इनवाइट करने जैसा है। यह आपके घर के माहौल को ही बदल देता है, उसमें एक शांति और शक्ति भर देता है।

Devi Linga Bhairavi Ka Parichay (देवी लिंग भैरवी का परिचय)

 

जरा सोचो, यह यंत्र जिस देवी का है, वो कौन हैं? वैसे तो, देवी लिंग भैरवी को आदि शक्ति, यानी प्राइमल फेमिनिन एनर्जी का एक रूप माना जाता है। वह त्रिमूर्ति – ब्रह्मा, विष्णु, महेश – की तरह ही सृष्टि, स्थिति और संहार (क्रिएशन, प्रिजर्वेशन और डिस्ट्रक्शन) की शक्ति रखती हैं।

सच बताऊँ, देवी भैरवी को जीवन के सभी पहलुओं को छूने वाली शक्ति के रूप में देखा जाता है। वह भौतिक खुशियां भी देती हैं और आध्यात्मिक ग्रोथ भी। उनका रूप जितना उग्र है, उतना ही करुणामय भी है। तो, अगर आप उनकी शरण में जाते हैं, तो वह आपको हर तरह से सपोर्ट करती हैं।

Yantra Ka Mahatva Aur Uddeshya (यंत्र का महत्व और उद्देश्य)

 

अरे देखो, कोई भी यंत्र सिर्फ एक डिज़ाइन नहीं होता। यह एक साइंटिफिक टूल होता है, जो कॉस्मिक एनर्जी को अट्रैक्ट करके उसे एक जगह पर फोकस करता है। तुम मानो ना, यह एक तरह का एंटीना है जो ब्रह्मांड की शक्तियों को ग्रहण करता है।

लिंग भैरवी यंत्र का मुख्य उद्देश्य आपके घर या ऑफिस को एक पॉजिटिव एनर्जी फील्ड में बदलना है। यह नेगेटिव एनर्जी और बुरी नजर से बचाता है। जैसे कि, अगर आपके घर में अक्सर लड़ाई-झगड़े होते हैं, या कोई बीमारी ठीक नहीं हो रही, तो यह यंत्र एक शील्ड की तरह काम करता है।

Linga Bhairavi Yantra Ke Adbhut Labh (लिंग भैरवी यंत्र के अद्भुत लाभ)

 

क्या बताऊँ, इस यंत्र के बेनिफिट्स इतने सारे हैं कि शायद एक पोस्ट में पूरे कवर न हो पाएँ। लेकिन, कुछ मेन बेनिफिट्स मैं जरूर बताऊँगा।

1. आध्यात्मिक लाभ (Spiritual Benefits):

  • मेडिटेशन (Meditation) में सहायता: यह यंत्र ध्यान करने वालों के लिए बहुत फायदेमंद है। यह आपके माइंड को शांत करके फोकस करने में मदद करता है।
  • आध्यात्मिक ग्रोथ: यह आपकी आध्यात्मिक जर्नी को तेज करता है। आपको अपने हायर सेल्फ से कनेक्ट होने में हेल्प फील होगी।
  • अवेयरनेस (Awareness) में वृद्धि: यह आपको और ज्यादा जागरूक बनाता है, जिससे आप लाइफ को एक नए पर्सपेक्टिव से देख पाते हैं।

2. भौतिक लाभ (Material Benefits):

  • समृद्धि और धन (Prosperity and Wealth): यह यंत्र धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। बहुत से लोगों ने इसका अनुभव किया है कि उनके फाइनेंशियल ब्लॉकेजेस दूर हो गए।
  • संबंधों में सुधार: अगर आपके रिलेशनशिप्स में प्रॉब्लम है, तो यह यंत्र उन प्रॉब्लम्स को ठीक करने में भी मदद कर सकता है।
  • स्वास्थ्य में सुधार: अरे मानते हो, यह आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ को भी बेहतर बनाता है।

3. भावनात्मक लाभ (Emotional Benefits):

  • शांति और सुकून: यह यंत्र घर में एक पॉजिटिव वाइब और शांति लाता है। आपको एक सुकून फील होगा।
  • कॉन्फिडेंस (Confidence) में वृद्धि: यह आपकी हिम्मत और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
  • नेगेटिविटी (Negativity) से बचाव: यार, यह हर तरह की नेगेटिव एनर्जी से एक मजबूत दीवार की तरह बचाता है।
Linga Bhairavi Yantra Ko Sthapit Karne Ka Tarika (लिंग भैरवी यंत्र को स्थापित करने का तरीका)

 

तो, इस यंत्र को बस खरीदकर रख नहीं देना है, बल्कि इसे सही तरीके से स्थापित करना पड़ेगा। मान लो, इसका एक सिंपल सा प्रोसेस है।

1. जगह का चुनाव: इसे अपने घर के पूजा स्थान या लिविंग रूम में किसी साफ-सुथरी जगह पर रखें। कोशिश करें कि यह नॉर्थ-ईस्ट डायरेक्शन में हो, जो वास्तु के हिसाब से बेस्ट माना जाता है।

2. साफ-सफाई: इसे हमेशा साफ रखें। इसे गीले कपड़े से पोंछने के बजाय, साफ, सूखे कपड़े से साफ करें।

3. मंत्र जप: भाई सोचो, जब भी आप इसे स्थापित करें, तो कुछ देर देवी का ध्यान करें या उनके मंत्र “ॐ लिंग भैरवी” का जप करें। यह यंत्र को और ज्यादा चार्ज करता है।

Linga Bhairavi Yantra Ke Vibhinn Prakar (लिंग भैरवी यंत्र के विभिन्न प्रकार)

 

जरा देख लो, Linga Bhairavi Yantra भी कई तरह के होते हैं, ताकि हर कोई अपनी जरूरत के हिसाब से इसे ले सके।

1. Linga Bhairavi Avighna Yantra:

  • यह एक छोटा यंत्र है, जो अक्सर लोग अपने डेस्क, ऑफिस या दुकान में रखते हैं। कहने का मतलब, यह रुकावटों को दूर करता है और काम में सक्सेस लाता है।

2. Linga Bhairavi Gudi:

  • यार, यह एक तरह का एनर्जी फॉर्म है जो घर के मुख्य द्वार पर लगाया जाता है। यह घर में नेगेटिव एनर्जी को आने से रोकता है और पॉजिटिविटी को बढ़ाता है।

3. Linga Bhairavi Yantra:

  • यह सबसे कॉमन और पावरफुल फॉर्म है, जिसे घर में पूजा स्थान पर स्थापित किया जाता है। भाई मान लो, यह आपके घर के एनर्जी फील्ड को पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर देता है।

Linga Bhairavi Yantra Ke Bare Mein Galatfahami (लिंग भैरवी यंत्र के बारे में गलतफहमी)

 

तुम समझो, कुछ लोग सोचते हैं कि यह कोई जादू है। नहीं, ऐसा नहीं है। यह कोई मैजिक नहीं है जो पलक झपकते ही आपकी सारी प्रॉब्लम्स सॉल्व कर देगा। यह एक टूल है जो आपकी लाइफ में सही एनर्जी लाता है। आपको भी अपनी तरफ से एफर्ट्स करते रहना पड़ेगा। तो, बस यंत्र लगाकर बैठ मत जाना, काम करते रहिए।

जैसे कि, यह कोई ऐसा लॉकेट नहीं है जो आपको किसी भी मुश्किल से बचा लेगा। बल्कि, यह आपकी इंटरनल स्ट्रेंथ को बढ़ाता है ताकि आप खुद अपनी प्रॉब्लम्स को फेस कर सकें।

Linga Bhairavi Yantra vs. Murti (लिंग भैरवी यंत्र बनाम मूर्ति)

 

जरा बताओ तो, बहुत से लोग सोचते हैं कि यंत्र और मूर्ति में क्या फर्क है। वैसे तो, दोनों ही देवी की शक्ति का रूप हैं, लेकिन उनमें एक अंतर है।

  • यंत्र एक ज्योमेट्रिकल फॉर्म में एनर्जी को चैनल करता है। यह ज्यादा साइंटिफिक और स्ट्रक्चर्ड है।
  • मूर्ति देवी के एक खास रूप को दर्शाती है। यह ज्यादा इमोशनल और भक्ति वाली होती है।

सच कहूँ, कुछ लोग यंत्र से ज्यादा कनेक्ट कर पाते हैं, जबकि कुछ मूर्ति से। यह आपकी पर्सनल फीलिंग पर डिपेंड करता है, क्या कहते हो?

Linga Bhairavi Yantra Kahan Se Prapt Karein? (लिंग भैरवी यंत्र कहाँ से प्राप्त करें?)

 

देखो ना, इस यंत्र को आप ईशा फाउंडेशन की ऑफिशियल वेबसाइट या उनके सेंटर्स से ले सकते हैं। यह बहुत जरूरी है कि आप इसे किसी ट्रस्टेड सोर्स से ही लें ताकि यह असली हो और उसमें सही एनर्जी स्थापित हो। अरे मान लो न, किसी भी लोकल स्टोर से लिया गया यंत्र उतना असरदार नहीं होगा।

सारांश और अंतिम विचार

तो भाई, आखिर में मैं यही कहूँगा कि लिंग भैरवी यंत्र सिर्फ एक तांबे की प्लेट नहीं है। यह एक ऐसी शक्ति का प्रतीक है जो आपकी लाइफ को पूरी तरह से पॉजिटिव बना सकती है। यह आपको सही दिशा दिखाने में हेल्प करता है, आपकी प्रॉब्लम्स को कम करता है और आपको अंदर से स्ट्रांग बनाता है।

यह एक ऐसा इन्वेस्टमेंट है जो आपकी आध्यात्मिक और भौतिक दोनों तरह की ग्रोथ में काम आता है। तो क्या, अगर आपको अपनी लाइफ में कुछ अच्छा बदलाव चाहिए, तो इस यंत्र को अपनाना एक बहुत अच्छा डिसीजन हो सकता है।

क्या ख़याल है?

External Links

 

 

लिंग भैरवी यंत्र: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions)

 

अरे वाह भई, देखो, Linga Bhairavi Yantra के बारे में लोगों के मन में बहुत सारे सवाल होते हैं। यहाँ हमने 30 ऐसे सवालों के जवाब दिए हैं जो आप अक्सर फील करते होंगे या सोचते होंगे, ठीक है क्या?

Q: लिंग भैरवी यंत्र क्या है ?

A: अरे भाई, यह देवी लिंग भैरवी की ऊर्जा से चार्ज किया हुआ एक खास ज्योमेट्रिकल डिज़ाइन है जो एक कॉपर प्लेट पर बना होता है। यह एक एनर्जी टूल है।

Q: यह किस काम आता है?

 

A: देखो ना, यह आपके घर या ऑफिस में पॉजिटिव एनर्जी लाता है और नेगेटिविटी को हटाता है, जिससे जीवन में शांति और संतुलन आता है।

Q: देवी लिंग भैरवी कौन हैं?

 

A: यार, देवी लिंग भैरवी को आदि शक्ति का एक रूप माना जाता है, जो जीवन के हर पहलू को छूने वाली शक्ति हैं।

Q: यंत्र और मूर्ति में क्या फर्क है?

A: मान लो, यंत्र एक ज्योमेट्रिकल डिज़ाइन में एनर्जी को फोकस करता है, जबकि मूर्ति देवी का एक विजुअल (देखने वाला) रूप है। दोनों में से आप जिससे भी ज्यादा कनेक्ट करें।

Q: क्या यह सबके लिए है?

A: सच कहूँ, हाँ, कोई भी इंसान इसे ले सकता है, किसी भी धर्म या विश्वास का हो।

Q: यंत्र को कहाँ रखना चाहिए?

A: इसे घर के पूजा स्थान, या किसी साफ और शांत जगह पर, खास करके नॉर्थ-ईस्ट दिशा में रखना सही है न?

Q: क्या इसे साफ करना जरूरी है?

A: हाँ भाई, इसे हमेशा साफ रखना चाहिए। इसे सूखे कपड़े से या हल्के गीले कपड़े से पोंछ सकते हैं।

Q: क्या इसके लिए कोई खास पूजा करनी पड़ती है?

A: नहीं, कोई खास पूजा की जरूरत नहीं है। बस इसे श्रद्धा और सम्मान से रखना काफी है।

Q: क्या यंत्र से जल्दी रिजल्ट मिलता है?

A: तुम देखो ना, यह कोई जादू नहीं है। यह आपकी मदद करता है, लेकिन एफर्ट आपको ही करना पड़ेगा, समझे?

Q: इसके क्या फायदे हैं?

A: क्या बताऊँ, बहुत फायदे हैं। यह शांति, समृद्धि, अच्छी हेल्थ और बेहतर रिलेशनशिप्स लाने में मदद करता है।

Q: क्या यह फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स दूर करता है?

A: अरे मानते हो, यह धन और समृद्धि को आकर्षित करता है। कई लोगों के ब्लॉकेजेस दूर हुए हैं।

Q: क्या यह हेल्थ में भी मदद करता है?

A: बिलकुल, यह आपके माइंड और शरीर में संतुलन लाता है, जिससे आपकी हेल्थ बेहतर होती है।

Q: क्या इसे ऑफिस में रख सकते हैं?

A: बिल्कुल, आप इसे अपने ऑफिस डेस्क या दुकान में रख सकते हैं, ताकि काम में फोकस बना रहे।

Q: लिंग भैरवी यंत्र कितने प्रकार के होते हैं?

A: जरा देख लो, यह मुख्य रूप से तीन प्रकार के होते हैं – यंत्र, गुड़ी और अविघ्न।

Q: गुड़ी यंत्र क्या होता है?

A: यार, यह एक ऐसा यंत्र है जिसे घर के मेन गेट पर लगाते हैं, ताकि नेगेटिव एनर्जी घर में न आ सके।

Q: अविघ्न यंत्र क्या है?

A: यह खास करके उन लोगों के लिए है जिनके काम में रुकावटें आती हैं। यह सक्सेस के लिए होता है।

Q: यंत्र को कैसे चार्ज किया जाता है?

A: इसे देवी के मंदिर में खास तरह से चार्ज किया जाता है। आपको कुछ करने की जरूरत नहीं है।

Q: क्या इसे मंदिर में रखना जरूरी है?

A: नहीं, आप इसे अपने घर में कहीं भी साफ जगह पर रख सकते हैं।

Q: क्या इसे पर्स में रख सकते हैं?

A: नहीं, इसे पर्स में नहीं रखते। इसके लिए खास साधना यंत्र या लॉकेट होते हैं।

Q: क्या इसके लिए कोई खास मंत्र है?

A: हाँ, देवी का मंत्र है “ॐ लिंग भैरवी”। आप इसका जप कर सकते हैं।

Q: इसे कहाँ से खरीदें?

A: देखो जरा, सबसे अच्छा है कि आप इसे ईशा फाउंडेशन की ऑफिशियल वेबसाइट से खरीदें ताकि यह असली हो।

Q: क्या यह महंगा है?

A: इसकी कीमत इसके प्रकार और साइज पर निर्भर करती है। वैसे तो, यह एक वन-टाइम इन्वेस्टमेंट है।

Q: क्या यह कोई जादू-टोना है?

A: अरे बाप रे, बिलकुल नहीं! यह कोई जादू या टोना नहीं है। यह एक साइंटिफिक टूल है जो एनर्जी पर काम करता है।

Q: क्या महिलाएं पीरियड्स के दौरान इसे छू सकती हैं?

A: हाँ, इसे छूने में कोई समस्या नहीं है। यह सिर्फ एक एनर्जी फॉर्म है।

Q: क्या इसे गिफ्ट कर सकते हैं?

A: हाँ, यह किसी को भी एक बहुत अच्छा और मीनिंगफुल गिफ्ट हो सकता है।

Q: क्या इससे डरना चाहिए?

A: नहीं, बिलकुल नहीं। देवी भैरवी उतनी ही करुणामय हैं, जितनी शक्तिशाली। यह सिर्फ आपकी भलाई के लिए है।

Q: अगर यंत्र टूट जाए तो क्या करें?

A: तो, अगर यह टूट जाए, तो उसे किसी पवित्र नदी या झील में प्रवाहित कर सकते हैं।

Q: क्या इसे बच्चों के कमरे में रख सकते हैं?

A: हाँ, बच्चों के कमरे में रखने से उनका फोकस और मन शांत रहता है।

Q: क्या इसे किसी और पूजा के लिए यूज कर सकते हैं?

A: यह खुद में ही एक पूर्ण शक्ति है। इसे किसी और पूजा के लिए मिक्स न करें।

Q: क्या यंत्र को साफ करने का कोई खास दिन है?

A: नहीं, कोई खास दिन नहीं है। जब भी आपको गंदा लगे, उसे साफ कर सकते हैं। क्या समझे?