Author: Rodhar nath

मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/

हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र – हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना

हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना

हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र – हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना

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➡️ परिचय

हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र – हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम 🙏 सागरनाथ जी और आबू जी की गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट में आपका फिर से स्वागत है। राम राम सबसे पहले सबको। राम राम जी। जय माता की भाई। जय माता दी। हाँ जी। आज आप हमें बताने वाले हैं हनुमान जी के भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना। जी।

क्योंकि यह जो साधना करवाने का उद्देश्य यह है क्योंकि बहुत सारे लोग बोलते थे कि हमें कर्म पिशाच नहीं हम कर सकते या और कोई थर्ड पार्टी साधना हम नहीं कर सकते क्योंकि इसका नेगेटिव प्रभाव है, यह है वो है, तो इसीलिए ही हम दैविक साधना लेकर आए हैं।

तो हाँ जी सागरनाथ जी, आप बताएँ इसके फायदे क्या हैं और हर व्यक्ति को यह साधना करनी चाहिए मेरे हिसाब से, क्योंकि हर व्यक्ति को ही एक सच्चे मार्गदर्शन की ज़रूरत है। जी बिल्कुल। अब मैं मुद्दे की बात पे आता हूँ। इस साधना का नाम है हनुमान वीर चलाना यानी कि साबरी वीर की हजरात

➡️ हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र का स्वरूप और लाभ

हजरात जिसको बोला जाता है, जैसे हजरात का मतलब है बच्चे को बिठा के नाखून पे देखा जाता है या बच्चे से पूछा जाता है, लेकिन इस हजरात का ये फायदा है, इस हजरात को आप अपने ऊपर सीधा लगाओगे, मतलब बंदे के ऊपर ही वो लगेगा, बच्चे की भी ज़रूरत नहीं है।

ज़रूरत नहीं। साधक अपने ऊपर खुद लगाएगा और वो सब साधक को ही बताएँगे भूत भविष्य वर्तमान। बिल्कुल। ठीक है। और इस साधना का और क्या-क्या फायदा है? मैं अब बताता हूँ। ये साधना, ये ज़्यादातर पहलवान लोग करते हैं।

जो पहलवान होते हैं ना, दंगल, कुश्ती पहलवान, जो कुश्ती वगैरह करते हैं। कुश्ती करते हैं। बिल्कुल बिल्कुल। मान लो जैसे आपको पचास-साठ आदमियों ने भी घेर लिया है। उनको भी आप अस्त-व्यस्त कर दोगे। ये ऐसी साधना है। अच्छा जी।

अब मैं आपको मंत्र पे आता हूँ। आपको बताता हूँ। नहीं, अभी थोड़ा सा और हमें जानकारी साधकों को चाहिए होंगी ना, तो उसके रिलेटेड मैं और जानना, मतलब साधकों की ही जिज्ञासा मैं आपके सामने रखूँगा, क्योंकि फिर ये लोग ना कमेंट भर देंगे और मैसेज करके पूछते हैं, “ये क्या फायदे हैं और क्या फायदा?” हाँ, फायदे बताता हूँ।

सबसे पहले तो इनके फायदे पहले आप बताइए खुल के, तभी कोई इंटरेस्ट पैदा होता साधक का। जी जी जी। मैं फायदों की बात करता हूँ। इससे क्या होता है?

आप किसी भी शक्ति को हाज़िर कर सकते हो। चाहे वह भूत है, पिशाच है। जैसे उसको पकड़ के लाने के लिए बोलोगे, यह पकड़ के ले आएगी। जिसके ऊपर मान लो किसी के ऊपर भूत की सवारी लानी है। जैसे आपने इसको सिद्ध कर लिया, बैठे हो।

जिसको भूत चढ़ेलाता है जो दुखी करता है, वो उसको सामने बिठाओ। पानी पढ़ो, पानी के ऊपर ये अपनी हजरात का मंत्र पढ़ो। उसके छींटा लगाओ, वो भूत हाज़िर हो जाएगा।

➡️ भूत-प्रेत भगाने की विधि एवं हनुमान जी से संवाद

 

आगे नहीं, मेरा एक सवाल है जी। इसमें क्या वो भूत बोलेगा या हनुमान जी बताएँगे? नहीं, हनुमान जी तो आपके ऊपर होंगे ना हजरात में। अच्छा अच्छा। जो रोगी होगा ना भूत-चुड़ैल से ग्रस्त, उसके ऊपर बोलेगा वो भूत बोलेगा जो भी उसको प्रॉब्लम होगी।

एक छोटा सा सवाल मेरा ये है जी, ये जानना चाहता हूँ, जैसे हनुमान जी की बंदे की बॉडी के ऊपर आएँगे, तो कैसे आएँगे वो और बंदे को क्या महसूस होगा? शरीर में भारीपन आएगा। भारीपन आएगा। उसकी बॉडी वाइब्रेट होने लग जाएगी, जैसे अंदर एक करंट चल रहा है ना? हम्म। ऐसा उसको फील होगा पूरी तरह।

तो उसको गुस्सा-गुस्सा आ जाएगा ज़्यादा बैठे-बैठे। गुस्सा आ जाएगा। दूसरी चीज़ मैं एक चीज़ और पूछना चाहूँगा। जैसे उस सवालों के जवाब हैं, तो फिर उसको कैसे पता चलेंगे? दिमाग में आएँगे या कान में बताएँगे? कैसे होगा ये? उनके मन में बताएँगे।

दिमाग में नहीं, उसके मन में बताएँगे। मतलब मन में ही वो बातें चलनी शुरू हो जाएँगी। उसी समय जैसे अपनी गद्दी पे बैठेगा ना सिद्ध करने के बाद, जैसे उसके सामने किसी शख़्स को बिठा, वो पूछने आया है कि मेरे घर में क्या चल रहा है? मेरे क्या प्रॉब्लम है?

साधक बैठे, उनको याद करें। उसी समय मंत्र का ध्यान करें, मंत्र जाप करें। उसके मन में सवाल आने शुरू हो जाएँगे। “इसको इसके घर में ये प्रॉब्लम है। ये लड़का इस काम के लिए आया है। इसकी रुकावट ऐसे दूर होगी।” बिल्कुल बिल्कुल। रुकावट का हल भी बता देंगे। अच्छा जी।

ठीक है। मैं अब इसके और फायदे बता देता हूँ। मान लो आपके घर में पितृ दोष है। यह वो भी तक बता देंगे कि आपके घर में पितृ दोष है। इसको सही कैसे करना है।

क्या मतलब कि भोग देना है। क्या इनकी पूजा-विचारी है? वो भी बता देंगे। या आपका देवता कोपी है। कुल देवता कोपी है। ठीक है? या किसी ने देवते को छोड़ रखा है, चढ़ाई कर रखी है आपके घर पे। वे भी हनुमान जी साधक को बता देंगे कि “यह प्रॉब्लम तेरे घर में चल रही है।”

➡️ हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना की अवधि, विधि और मंत्र

 

यह तो संन्यासी, ब्रह्मचारी और गृहस्थ सभी कर सकते हैं। लेकिन करने के लिए उनके पास कितना थोड़ा सा टाइम होना चाहिए? कितना? दो दिन का या सात दिन का? बड़े साधक तो इसको दो दिन में भी कर सकते हैं। अच्छा, ये इतने कम समय की साधना है। जी।

बिल्कुल बिल्कुल। यही तो लोग ज़्यादातर माँगते हैं कि हमें 2 दिन, 5 दिन, 7 दिन की ही चाहिए। 40 दिन का ज़्यादा तो ज़्यादा दो दिन, उससे ज़्यादा सात दिन बस। और इसमें अच्छा, अब विधि-विधान क्या रहेगा? मैं बताता हूँ। दो लड्डू लगेंगे, मीठा पान लगेगा, मूँगे की माला होगी, तिल का आप दीपक लगाएँगे। 21 माला करनी है एक दिन में। 21 माला करनी है।

चौकी पर बैठ के। आसन होगा लाल रंग का। वस्त्र होंगे लाल रंग के। ये होगा कंपलसरी। ओके ओके ओके। ठीक है। ओके ओके। मैं मंत्र बताता हूँ। व्रत रखना कि नहीं रखना, ये आपके ऊपर डिपेंड है। मंगलवार का, जैसे आपको अच्छा लगे। बिल्कुल ठीक है।

मंत्र है हज़रत का मंत्र है जो हम अपनी गुरुगद्दी के साथ चलाते हैं, हम आपको बता देते हैं। अगर हम नहीं मंत्र बताएँगे, तो आपका भला कैसे होगा? बिल्कुल बिल्कुल। अब ये चीज़ें लुप्त हो जाएँगी, तो यही उद्देश्य है हमारा। मैं ये चाहता हूँ कि ये चीज़ें लुप्त ना हों।

मंत्र लुप्त ना हों। ये जागृत रहें। साधक अच्छे लेवल पर पहुँचे और दुनिया का भला कर पाएँ। बिल्कुल बिल्कुल। मंत्र जो आपने कहीं पे सुना नहीं होगा, मैं बता देता हूँ। इसका मालिक मैं खुद ही हूँ। ठीक है। बिल्कुल बिल्कुल।

हनुमान जी का त्रिकालदर्शी मंत्र – हनुमान जी की भूत-भविष्य-वर्तमान जानने की साधना

ॐ बाबा हनुमान शेर जवान चले मंत्र फुरे वाचा देखा तेरी इल्म हाजरी दा तमाशा

 में विधि भी डाल दूँगा, मंत्र भी डाल दूँगा। इसको चलाना कैसे, यह भी बता दूँगा। बस ये इतना सा है। इतना छोटा सा मंत्र और कितना बड़ा प्रभाव! जी जी। आप कुछ भी हनुमान जी से पूछ सकते हो। हाँ, दोबारा रिपीट कर देंगे मंत्र एक बार? जी, मैं बोल देता हूँ। एक बार फिर से बोल देता हूँ आपके चैनल पे।

“ओम बाबा हनुमान शेर जवान, चले मंत्र खुरे वाचा, देखा तेरी इल्म हाज़िरी दा तमाशा।” इसको बोला जाता है हनुमान वीर चलाना: साबरी वीर की हज़रत।

अच्छा, ये मंत्र पढ़ते सारी पॉज़िटिविटी फील होती है? पूरा मतलब वो चीज़, वो हाज़िर होते हैं? हाज़िर होते हैं। आत्मा रूप में हाज़िर होते हैं, जिसको वायु रूप बोलते हैं ना, वैसे हाज़िर होते हैं। सबसे बढ़िया दिन है इसको आप दीपावली आने वाली है, दीपावली पे करो, दशहरे पे सिद्ध करो, ग्रहण में सिद्ध करो। इसका प्रभाव बहुत ज़्यादा बढ़ेगा। ओके ओके।

➡️ भूत-प्रेत निकालने का विस्तृत विधान

 

जी, अब मैं यह चीज़ जानना चाहता हूँ, जैसे आप वो भूत-प्रेत का बता रहे थे, वो बताओ वापस कैसे? क्योंकि बात बीच में रह गई थी ना कि अगर किसी के ऊपर आत्मा आती है, आप बता रहे थे। मैं ये बताना भूल ही गया, जैसे एक्सपीरियंस करना हो किसी ने, जैसे आपका सिद्ध हो गया। आप आसन लगाओ लाल रंग का, उसपे बैठो। मंत्र जाप शुरू करो।

अपने सामने एक पानी रख लो। पानी का गिलास रख लो, चाहे लोटा रख लो या कमंडल हो आपका पानी का। आपके पास कमंडल हो पानी का, वो रख लो। जिसको बीमारी है, यानी कि जो रोगी है जिसको भूत-प्रेत सताता है, उसको सामने बिठाओ। अपना जाप करो। 11 बार करो, 21 बार करो। जल को हाथ में लो, उसका छींटा उस पे लगाओ।

उसके ऊपर जो भी प्रॉब्लम है, चीख़ता-चिल्लाता आएगा। फिर आपने क्या करना है? उसकी चोटी पकड़ लेनी है। जो सिर की जो सेंटर में चोटी होती है ना, चाहे औरत है, बच्चा है, बूढ़ा है, जवान है, चोटी पकड़ लेनी है। उसके बाल उखाड़ लेने, जब भूत-प्रेत हाज़िर हो जाए।

उसका क्या करना है? उसको तब तक पढ़ के मंत्र पढ़ते रहना है, जब तक वो खुद अपना बात ना बताए कि “मैं कैसे जाऊँगा? मैं कहाँ से आया हूँ? मेरे को किसने भेजा है?” जब आपका काम हो जाए, मतलब कि आपने उससे उसका पिंड छुड़ाना है।

बाद में इसको जला दे और जो जली होगी उसकी राख होगी, वो बाहर किसी उजाड़ में फेंक दे। गंगा में हम बहा दें या किसी चलते पानी में। हाँ, चलते पानी में बहा दे। उजाड़ में फेंक दे। पीपल के वृक्ष के नीचे रख दे। उससे उसका छुटकारा हो जाएगा। जी जी। इसको बोलते हैं साबरी वीर को चला के लोगों के भूत-प्रेत कैसे निकालना?

बिल्कुल बिल्कुल। ये यहाँ पर मतलब ये मल्टीपल काम करेगा जी भाई। हाज़िरी जो हजरात होती है, ये हजरात का मतलब ही यही होता है किसी वीर को खड़ा करके उससे बात करना। बात कैसे करना? मनोभाव से करनी, मन में। बिल्कुल बिल्कुल। क्योंकि वो बहुत बड़ी शक्ति है। कोई छोटी-मोटी शक्ति थोड़ी है। जी जी जी।

➡️ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1: इस साधना का नाम क्या है?

A1: इस साधना का नाम हनुमान वीर चलाना है, जिसे साबरी वीर की हजरात भी कहते हैं।

Q2: यह साधना कौन-कौन कर सकता है?

A2: यह साधना संन्यासी, ब्रह्मचारी और गृहस्थ सभी कर सकते हैं।

Q3: इस साधना को सिद्ध करने में कितना समय लगता है?

A3: बड़े साधक इसे दो दिन में भी कर सकते हैं। अधिकतम अवधि सात दिन है।

Q4: इस साधना के मुख्य लाभ क्या हैं?

A4: इसके लाभों में भूत-भविष्य-वर्तमान काल जानना, किसी भी शक्ति को हाज़िर करना, पितृ दोष की जानकारी, कुल देवता की स्थिति जानना और शारीरिक बल (पहलवानों जैसा) प्राप्त करना शामिल है।

Q5: साधना में किन चीज़ों की आवश्यकता होगी?

A5: दो लड्डू, मीठा पान, मूँगे की माला, तिल का दीपक, लाल रंग का आसन, और लाल रंग के वस्त्र आवश्यक हैं।

Q6: मंत्र का जाप कितनी बार करना है?

A6: साधना के दौरान एक दिन में 21 माला करनी है।

Q7: भूत-प्रेत निकालने की विधि क्या है?

A7: साधक सिद्ध होने के बाद पानी पढ़कर रोगी पर छींटा लगाता है, जिससे भूत हाज़िर हो जाता है। फिर चोटी पकड़कर मंत्र पढ़ते हैं जब तक भूत अपनी बात न बता दे। बाद में चोटी के बालों को जलाकर राख उजाड़ में फेंक दी जाती है या चलते पानी में बहा दी जाती है।

Q8: इस साधना को सिद्ध करने के लिए सबसे अच्छे दिन कौन से हैं?

A8: दीपावली, दशहरा, ग्रहण के दिन इस साधना का प्रभाव बहुत ज़्यादा बढ़ता है। इसे शुक्ल पक्ष के मंगलवार को करना चाहिए।

➡️ समापन

चलो, 10 मिनट का पोस्ट और वेबसाइट लेख हो गया। इतना लंबा हमें आगे खींचने की ज़रूरत नहीं। ठीक है। मैं पोस्ट और वेबसाइट लेख पर यहीं समाप्त करता हूँ। देखिए, अब मैं थोड़ा परिचय और बताता हूँ। कुछ ऐसी सवाल होते हैं, ठीक है? मेरे सवाल नहीं होते हैं, वो आगे साधकों के सवाल होते हैं। कमेंट करो भाई, लाइक करो, शेयर करो। नीचे जो भी आपको प्रॉब्लम है, बताओ। सभी हल किए जाएँगे। ऐसी कोई बात नहीं है।

बात ये होती है कि वो सवाल जो होते हैं, ठीक है? मैं उनकी जगह रुद्रनाथ… सॉरी। जी जी रुद्रनाथ जी। जी सागरनाथ जी से मैं रखता हूँ। जी जी। ठीक है। तो नॉलेज हमें भी है। लेकिन क्या होता है कि लोगों के जो सवाल हैं, वो रखने पड़ते हैं। एक जिज्ञासु की तरह हम तभी चीज़ें पूछते हैं। जानकार ये भी हैं और हम भी हैं। बिल्कुल।

ना, एक बंदे को तो रखेंगे ही। हाँ, एक बंदे को जिज्ञासु बनना पड़ेगा। जिज्ञासु बनके सवाल पूछने पड़ेंगे। तो इसी हिसाब से मैं ब्रॉडकास्ट बनाता हूँ। जी जी। ये तो सत्संग है भाई। हाँ, तो ये चीज़ें भी बहुत ज़रूरी हैं। दूसरी चीज़ क्या है? जी सागर नाथ जी का भी एक चैनल है, ठीक है? उसका मैं लिंक नीचे छोडूँगा। उसको भी आप सब्सक्राइब कर लीजिएगा, ठीक है?

और दूसरी चीज़ ये जो मंत्र अभी इन्होंने बताया है, साधना विधि बताई है, जी गुरु मंत्र साधना.com पर आपको उपलब्ध करवाई जाएगी, ता जो आपको साधना करने में कोई भी चूक न हो। जी जी। और आराम से कर सकते हैं। जी। ठीक है।

वैसे किस दिन करनी है और जाप इसका कितना करना है, यह तो बताया नहीं। नहीं है अभी तक। मैंने 21 माला बोल तो दिया है। दिन तो मंगलवार ही होता है। मंगलवार ही होता है इनका। मंगलवार के दिन। शुक्ल पक्ष के मंगलवार के।

कृष्ण पक्ष के? भाई, शुक्ल पक्ष की करनी चाहिए। ये तो अभी नवरात्रि के दिन शुभ चल रहे हैं। इसलिए तो साधक को तो देर लगानी नहीं चाहिए। सुबह बैठ, रात को ही बैठ जाना चाहिए। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। तो अभी फिर हम समाप्त करते हैं, क्योंकि 10 मिनट… आप सबका धन्यवाद अगर आपने यहाँ तक पोस्ट और वेबसाइट लेख देखा है तो। जय माता दी। जय श्री महाकाल। जय माता दी।

Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना

Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना

Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना

Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना
Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना

 

Kala Kalwa काला कलवा साधना भैरव वीर शक्ति के साथ साधना  गुरु मंत्र साधना.डॉटकॉम में फिर से स्वागत है। जी। आज का हमारा टॉपिक रहेगा जी भैरव वीर और कलवावीर कंगन साधना। तो सागरनाथ जी आप का फिर से स्वागत है। ये हमें बताएंगे भैरवनाथ भैरव वीर साधना और कलवावीर कंगन साधना।

जी सबसे पहले रुद्रनाथ जी आपका वेबसाइट पे बुलाने के लिए एक बार फिर से धन्यवाद। आपकी जनता को राम राम और जय माता दी। जी बिल्कुल बिल्कुल जी आज मैं आपके लिए वो चीज लेके आया हूं जो आपको तंत्र की दुनिया में ना सुनने को मिली है ना देखने को मिली है। ठीक है? ये सिर्फ आज हमारी वेबसाइट पर ही आपको ये चीजें आपको सुनने के लिए मिलेंगी पूरे प्रूफ के साथ। बिल्कुल इसका मैं परिचय दे देता हूं पहले अपने व्यूवर्स को।

 

भैरव वीर और Kala Kalwa काला कलवा का परिचय

 

इसको बोलते हैं कलवावीर और भैरव वीर जो बावन वीरों के कंगन में चलता है ना जो मैंने अपने वेबसाइट लेख में बताया है आपको कि इस मंत्र का मैं प्रयोग करता हूं जब इन दोनों को चलाना होता है मैंने। हम तो ये क्या करते हैं दुनिया का हर एक कार्य 24 घंटे में पूरा कर देते हैं कार्य अच्छा हो चाहे बुरा हो। ठीक है?

ये दोनों ऐसे वीर है कलवा वीर है ना जो काली माता के आगे चलता हम हम मतलब उनकी ज्यादा अगवाई करता है। वो ज्यादा उल्टेपुल्टे काम ही करता है। सीधे काम नहीं करता है। वो उल्टेपुल्टे काम दुनिया के जितने मर्जी ले लो। हम और जो भैरववीर है ये मीडियम रेंज है इनकी। मीडियम रेंज का मतलब ये अच्छे काम भी करते हैं। बुरे जो करवाने वाले करवाते हैं फिर उनसे जूते भी खाते हैं। ठीक है? ये ऐसा है।

 

Kala Kalwa काला कलवा साधना स्थल और साधकों के लिए निर्देश

 

अब मैं बताता हूं इसका और क्या करना है या कहां-कहां पे इसको साधना करना है। नदी के किनारे कर लो भाई। उजाड़ में कर लो चाहे एकांत कमरे में कर लो। हां अनजाने साधक इस चीज को प्रयोग में मत लें। जिनको अभी ए बी सी डी का नहीं ना पता तंत्र का वो इससे दूर ही रहे। हां अगर उनके पास गुरु है तो गुरु की देखरेख में करें या हमारी देखरेख में करें। हम बताएंगे कैसे सिद्ध करना है। ठीक है?

 

Kala Kalwa काला कलवा का स्वरूप और भोग

 

इसमें क्या होता है? दर्शन क्या होते हैं? काले रंग का जो बाल रूप होता है ना भैरव काले रूप में उनके हाथ में सोटा है। उसके जरूर आपको दर्शन होंगे। दर्शन भी होंगे। वो अपने मंदिर जो प्राचीन मंदिर है उनमें ले ले आपको दर्शन करवाएंगे अपने। हम उनके जो मस्तक में टीका होगा लाल रंग का।

ठीक है? और जो उनके होंठ होंगे वो जैसे सुर्खी लगाती है ना औरत लाल रंग वाली ऐसे लगी होगी। पांव में घूंघरू होंगे सोने के पहने हुए। खड़ाऊ डाल के घूमते हैं भाई वो। काले वस्त्र पहनते हैं। ठीक है? अब इस पे भोग क्या चलेगा वो भी बता देता हूं। पांच लड्डू लगेंगे।

पांच पतासे लगेंगे। तिल का दीपक लगेगा। एक कड़वापान हो जाएगा। दूध और शराब इसमें चलेगी। ठीक है? इसमें मिक्स भोग लगता है। कलवा वीर होता है। इसको शराब और दूध भैरव को होता है पांच लड्डू और दूध। पतासे हो जाते हैं कलवा वीर के। कड़वापान जो है वो भैरव भी लेता है। ठीक है।

 

Kala Kalwa काला कलवा मंत्र और जाप विधि

 

तो अब मैं मंत्र बताता हूं कैसे। इसको वीर कंगन पे कैसे चलाया जाता है मंत्र इस प्रकार है सुनना भाई ध्यान से।

काला कलवा काली रात भैरों चल्ले आधी रात जहां याद करे, वही हाज़िर खड़ा काला कुत्ता साथ, जहां भेजुं वही जाना फिरो मंत्र फिरो वाचा मेरे गुरु का शब्द सांचा

ठीक है? यह मंत्र है इसकी कम से कम पांच माला जरूर करना भाई। जो अच्छा दिन होगा दिवाली पे कर लो, ग्रहण में कर लो, दशहरे पे कर लो, अमावस्या पे कर लो, चाहे नवरात्रों में कर लो। अपने पास एक कड़ा जरूर रखना।

अगर कड़ा कोई मंगवाना चाहता है तो मेरे से संपर्क करें। मैं उसको बावन वीरों का कड़ा भी उपलब्ध करवा दूंगा। थोड़ा सा कॉस्टली होगा। ठीक है ना? 101,000 का नहीं होगा। इससे ऊपर लगा लो। मैं मोटा-मोटी बता देता हूं क्योंकि वो अष्ट धातु का होता है।

उसमें सोना भी डलता है। हम हम ठीक है। वो महंगा जरूर होगा। जी जी। ठीक है। तो उसमें 52 वीर होते हैं। जो मैंने दो वीर तो बता दिए। कैसे इसमें चलाने हैं। उनका मंत्र भी दे दिया प्रमाणिक। ठीक है। कड़ा कैसे जगाया जाता है वो टाइम आने पे बताया जाएगा। इस वेबसाइट लेख में नहीं बताया जाएगा। हम हम ठीक है।

Kala Kalwa काला कलवा की शक्ति और महत्व

तो ये इंटरनेट की दुनिया पे बहुत चाल लाने वाला मंत्र है। पोस्ट ले लो, Instagram ले लो, Facebook ले लो। ये कहीं पे नहीं मिलेगा। लिख के जैसे मर्जी सर्च मार लेना। हम ठीक है। अगर मिल भी जाएगा तो वो मेरे किसी चेले ने डाला होगा। ये भी देख लेना। हम जी।

इसके बारे में आपने और क्या जानना चाहते हो मेरे को बताएं। ये क्या-क्या काम कर सकता है? जी। जी। यह क्या-क्या काम कर सकता है? ये सारे काम करता है। सारे बताया तो है कलवा वीर बुरे से बुरा काम करेगा। भैरववीर इसे जो मर्जी काम दे लो आप। जी जी जी रक्षा भी करता है।

ठोक के करता है। शत्रु को नाश करता है। जड़ से करता है। वशीकरण करता है। ठोक के करता है। मनोकामना भी ठोक के पूरी करता है। छाती ठोक के बजा के दोनों करते हैं।

क्योंकि ये थोड़े ना अड़ियल सब से बाकी है दोनों भी। जी जी जी कलवा वीर और भैरव अड़ियल स्वभाव के लिए आपको मालूम है कि जिनके पास ये होते हैं ना वो जो क्योंकि ये नाथ पंथ में ही मिलते हैं सब कोई अगर मिलेंगे।

आपके द्वारा दिए गए लेख पर आधारित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) नीचे दिए गए हैं:


 

भैरव वीर और कलवा वीर कंगन साधना पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

 

 

साधना का परिचय और स्वरूप

 

प्रश्न (Question) उत्तर (Answer)
Q. आज के वेबसाइट लेख का विषय क्या है? आज का विषय भैरव वीर और कलवावीर कंगन साधना है।
Q. कलवा वीर और भैरव वीर कौन हैं? ये दोनों वीर बावन वीरों के कंगन में चलने वाले प्रमुख वीर हैं।
Q. कलवा वीर और भैरव वीर क्या काम करते हैं? ये दुनिया का हर एक कार्य—अच्छा हो या बुरा—24 घंटे में पूरा कर देते हैं।
Q. कलवा वीर का स्वभाव कैसा है? कलवा वीर काली माता के आगे चलता है और ज़्यादातर उल्टेपुल्टे काम ही करता है।
Q. भैरव वीर का स्वरूप कैसा होता है? भैरव वीर काले रूप में बाल रूप में दिखते हैं। उनके हाथ में सोटा होता है, मस्तक पर लाल टीका, होंठ सुर्खी लगे हुए, और पाँव में सोने के घूंघरू होते हैं। वे काले वस्त्र पहनते हैं।

 

साधना की विधि और नियम

 

प्रश्न (Question) उत्तर (Answer)
Q. इस साधना को कहाँ-कहाँ किया जा सकता है? इस साधना को नदी के किनारे, उजाड़ में, या एकांत कमरे में किया जा सकता है।
Q. क्या कोई भी साधक यह साधना कर सकता है? नहीं, जिनको तंत्र का A B C D भी नहीं पता, वे इससे दूर रहें। इसे केवल गुरु की देखरेख में ही करना चाहिए।
Q. इस साधना में क्या भोग लगाया जाता है? भोग में पांच लड्डू, पांच पतासे, तिल का दीपक, एक कड़वापान, दूध और शराब चलती है।
Q. मंत्र जाप की कितनी माला करनी चाहिए? मंत्र की कम से कम पांच माला ज़रूर करनी चाहिए।
Q. साधना के लिए शुभ दिन कौन से हैं? दिवाली, ग्रहण, दशहरा, अमावस्या या नवरात्रों में साधना की जा सकती है।

 

मंत्र, कंगन और शक्ति

 

प्रश्न (Question) उत्तर (Answer)
Q. क्या यह मंत्र इंटरनेट पर उपलब्ध है? यह मंत्र इंटरनेट की दुनिया पर (पोस्ट, Instagram, Facebook पर) कहीं नहीं मिलेगा, और अगर मिलेगा भी तो वह केवल गुरु मंत्र साधना के किसी चेले ने डाला होगा
Q. यह साधना क्या-क्या काम कर सकती है? यह सारे काम करती है, जैसे- रक्षा, शत्रु का नाश, वशीकरण, और मनोकामना पूरी करना।
Q. वीर कंगन कैसा होता है? कंगन अष्ट धातु का होता है जिसमें सोना भी डलता है, इसलिए वह थोड़ा सा कॉस्टली (महंगा) होगा।
Q. वीर कंगन कहाँ से प्राप्त किया जा सकता है? अगर कोई कड़ा मंगवाना चाहता है, तो वह संपर्क कर सकता है।

Nazar Dosh नज़र दोष का सच और बचने के उपाय – सम्पूर्ण जानकारी

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गुरु मंत्र साधना में स्वागत और नज़र दोष की चर्चा

गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज की जो हमारी चर्चा रहेगी, जो आज के समय बहुत ही ज्यादा जो चलन में चीज है, वो है नज़र दोष। और नज़र दोष एक ऐसी चीज है जो जादू टोने, तंत्र-मंत्र से भी ज्यादा खतरनाक है।

कुछ ही दिनों में ही बंदे का जो डाउनफॉल है, शुरू हो जाता है। तो इसी टॉपिक को रिलेटेड आज हम बात करेंगे। मेरे साथ हैं जी सागरनाथ जी। सागरनाथ जी आपका बहुत-बहुत स्वागत है। जी शुक्रिया भाई। रुद्रनाथ जी, आपका धन्यवाद चैनल पे बुलाने के लिए।

नज़र दोष: जादू-टोने से भी ज़्यादा खतरनाक

 

ठीक है सागरनाथ जी, मैं देखता हूं कि आजकल नज़र और हाए वगैरह आजकल ज्यादा चल रही है। लोगों की हाए जल्दी लगती है और नज़र भी बहुत जल्दी लगती है। जी। ठीक है। इस चीज के रिलेटेड मैंने देखा है कि अपने आसपास में बहुत सारी मैंने चीजें देखी हैं।

जैसे कोई बंदा पड़ोस में मेरे इधर कोई मकान बना रहा था। ठीक है? जी, जब उसका मकान का काम चल रहा था, तो उन्हीं दिनों में कुछ दिन ही बीते हैं, मतलब 5-10 दिन। ठीक है?

उस व्यक्ति की डेथ हो जाती है। बिल्कुल जवान आदमी, जी 40-45 साल का। ओके। ठीक है। पहले बिल्कुल ठीक था। पहले उसने एक-दो बार सुसाइड करने की कोशिश करी, तभी उस समय भी भगवान ने उसको बचा दिया।

जब सब कुछ लाइफ़ में सही चल रहा था, अचानक से ही उस बंदे का एक्सीडेंट हुआ, डेथ हो गई उसकी। मतलब जब उसने घर बनाया, तब उसके बाद ही उसका डाउनफॉल शुरू हुआ। जी, तो मैंने ऐसी बहुत सारी उदाहरणें देखी अपने आसपास। तो मेरे एक केस मैंने और देखा है कि मेरे ही पड़ोस में एक आदमी ने घर बनाया।

घर की ओपनिंग करी अच्छे तरीके से। कुछ दिन बाद ही उनके फ़ादर साहब खत्म हो गए। ठीक है। जी, जी। तो एक ऐसे ही दूसरे मोहल्ले की बात कर रहा हूं, तो वहां पर भी यही चीज हुई। जैसे उन्होंने घर बनाया, वो खत्म कहानी। जी। उनके घर के दो आदमी खत्म हो गए।

आजकल तो सिचुएशन ऐसी चल पड़ी है। हाँ जी। तो यही चीजें होती हैं। मैंने ये 10-1 उदाहरणें मेरे पास हैं कि आदमी का अच्छा खासा बिज़नेस कारोबार होता है, तो खत्म हो जाता है। ठीक है। किसी का, हाँ, चलते-चलते डाउनफॉल थी, फिर उसके बाद किसी ने घर बनाया।

घर जब बनाते हैं, तो कुछ ही दिन बाद उनके घर के किसी मेंबर की डेथ हो जाती है। घर का कोई आदमी चला जाता है। तो ये बहुत ज्यादा केस मैंने अपनी जिंदगी में देखे हैं कि किसी व्यक्ति की बहुत सारे लोगों की हाए लग जाती है।

जो कि एक जादू टोने से भी ज्यादा खतरनाक। खतरनाक, बहुत ज्यादा खतरनाक है ये। तो एक बंदा था, बहुत ही ज्यादा सेहतमंद था, जी, उसकी अच्छी सेहत थी, उसको देख के लोग बोलते थे कि इसकी बॉडी बहुत अच्छी है और बहुत सुंदर है।

कुछ दिन बाद ही वो व्यक्ति बीमार हुआ, तो कमजोर सा हो गया। अब पहचानते हैं, तो देखने को लगता नहीं कि ये वही आदमी था, जी, जो पहले दिखता था, जो पहले दिखता था। जी। ये चीजें मैं अपनी सोसाइटी के अंदर बहुत ज्यादा देखता हूं। आपने भी ये चीजें देखी होंगी।

नज़र पत्थर फाड़ देती है

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जी, जी। मैं तो पर डे नोट करता हूं। चलो, हम तो इसी केसों में ही रहते हैं। पर डे ही इन चीजों को नोट करता हूं, रुद्रनाथ जी। हाँ, तो ये कितनी ज्यादा खतरनाक है, सागरनाथ जी, ये चीज? जादू से भी ज्यादा खतरनाक चीज है।

आपने भी अपनी जिंदगी में ऐसे कुछ केस देखे होंगे, तो आप भी बताइए जो आपने केस देखा जिंदगी में। जी, जी, जी। सबसे पहले तो आपके व्यूअर को प्यार देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं बोलूंगा पहले राम-राम, फिर बोलूंगा जय माता की।

ठीक है, राम-राम जी। जय माता दी आपका। अब हम अपना टॉपिक शुरू करते हैं। जैसे जो नज़र दोष है, ये इतनी ज़हर है ना, इसको ज़हरीला बोला जा सकता है।

ज़हरीले नाग की तरह ये पत्थर भी फाड़ देती है। हाँ, ये पुरानी कहावत मैंने सुनी है कि नज़र पत्थर फाड़ देती है। पत्थर फाड़ देती है। इंसान तो क्या ही चीज है। हम जैसे आप शुभ काम करते हो, कइयों को होता है हाए, हाए, उसने यह कर लिया, हाए, उसने वो बना लिया, हाए, वो इतना आगे पहुँच गया, तू तो इधर।

ये जो हाए होती है ना, हाए-हाए करते रहता है जो आदमी दूसरों के लिए, उसका बेड़ा ही ठप कर देता है। मेरे हिसाब से एक आदमी की हाए नहीं लगती। मतलब आप देखो, 40-50 आदमी ऐसे होते हैं जिनकी हाए लगती है। मतलब हम, हमें तो कुछ लोगों ने मुँह के ऊपर बोल दिए। कुछ ऐसे भी लोग होंगे जो मुँह के ऊपर नहीं बोलते, दिल में तो सोचते हैं, अभी हाए

दिल में सोचते हैं भाई। बिल्कुल-बिल्कुल। जो दिल में करते हैं ना, जिसको आदत होती है हाए-हाए करने की, जैसे आप जैसे अभी बता रहे थे कि आपके आस-पड़ोस सोसाइटी में किसी ने मकान बनवाया, उनके पिता की डेथ हो गई, मकान की ओपनिंग करने के बाद।

जैसे आपने ये भी बताया एक केस कि जैसे लड़की बहुत सुंदर थी, तो उसकी बॉडी यानी कि कुछ दिन के बाद खराब हो गई। ये सब नज़र दोष इतने होते हैं ना कि जैसे भाई साहब जी, अब मैं आप देखोगे, जवान लड़की मेडिकल की स्टडी कर रही, अच्छा खासा घर बना, जी, उसके एक्सीडेंट हो गए, मौत।

गले दिन कुछ दिन बाद, मतलब साल भी नहीं बीता होगा, छह महीने बाद, उसके दादा जी खत्म हो गए। मतलब कोई रोग नहीं, कुछ नहीं। बताओ आप। नज़र दोष बहुत-बहुत-बहुत ही कितनी खतरनाक चीज है ये। खतरनाक ऐसे है, जैसे-जैसे मैं छोटी बातें बताता हूं कि जैसे जल्दी आपके व्यूअर को समझ आएगा।

जैसे बचपन में होते थे ना, छोटे बच्चे को उठा लिया, ज्यादा उसको बोलते थे, इसको हँसाओ मत, ये रात को रोएगा। बहुत ज्यादा खेलेगा दूसरों के साथ, ये नज़र में आ जाएगा।

हम कभी बोलते थे कि माँ को अपना, जब दूध पिलाती है ये बच्चों को, तो देखना नहीं चाहिए, उनको भी नज़र लग जाती है। ये तो पीछे से चला आ रहा है ना? कोई बात तो नहीं कर रही। नज़र बहुत पुराने टाइम से चली आ रही है।

शो ऑफ़ और दूसरे शहर में काम करने का महत्व

 

अब आप देखिए, जी, हिप्नोटाइज को तो हम झुठला नहीं सकते। हिप्नोटाइज बहुत बड़ी चीज है जो आँखों की प्रैक्टिस एक तरीके से हिप्नोटाइज है। जिसमें अब ऐसे कुछ लोग भी हैं हिप्नोटाइज वाले, जो अपनी आँखों से ही एक सरिए की रोड को मोड़ देते हैं।

अब ऐसे एक्स्पर्ट आदमी भी हमने देखे हैं जिंदगी में। आप देखो, कितनी डेंजर चीज है कि उसने नज़र से ही बहुत मोटी रोड को मोड़ दिया। मैं बताता, मैं बताता हूं कि जैसे जब हमारे गुरुदेव ने हमें कुछ बातें बताई थीं, एक बार उन्होंने हमें मंत्र दिए, जिसको हम इल्म बोलते हैं। जब हमने सी उनको किया ना, उसने ये बोला था कि ये सबसे खतरनाक इल्म है। बिल्कुल।

उसका प्रोसेसिंग बहुत खतरनाक है। मतलब कि जब वो असर करता है ना अपनी ऊर्जा के साथ, बहुत खतरनाक स्वभाव वाला बन जाता है। हाँ जी। एक चीज और मैंने सागरनाथ जी देखी है, आप भी ने आपने भी सुनी होगी, कि पुरानी कहावत है, ठीक है?

कहावत ये है, जी, भजन, भोजन और नारी, पर्दे के अधिकारी। ठीक है? सही क्या है, जी, पर्दे में रखनी चाहिए। भजन भी पर्दे का, पैसा भी पर्दे का, हर चीज, ये तीन से चार चीजें पर्दे की होनी चाहिए। देखो, आजकल तो पर्दा ये नहीं है, नारी पर्दों के बाहर हो रही है, भोजन भी बाहर हो रहे हैं, जो पैसे दिखाए जा रहे हैं कि मेरे पास इतना पैसा है।

मैं इतना ऐशो-आराम करता हूं। बिल्कुल। कहीं ना कहीं जो शो ऑफ़ है, तो यही हमें डुबो रहा है। आपका क्या कहना है? ये रियलिटी है भाई। शो ऑफ़ जो हमें लेकर बैठ जाती है। हाँ। अब आदमी ये सोचता है कि उस बंदे के पास बुलेट मोटरसाइकल है, तो मेरे नीचे भी होनी चाहिए। हाँ, बुलेट होनी चाहिए।

चाहे कहते हैं ना, वो एक कहावत है, जैसे बंदर नहीं होता है, किसी को देख के वो अपनी शेविंग करता है, क्लियर कर लेता है। आदमी तो बंदर देखता है कि बाद में वो आदमी चला गया, सामान तो वही तो उस तरह उठाता है, रगड़ने लगता है, अपने तो मुँह छील देता है।

बिल्कुल-बिल्कुल, बिल्कुल-बिल्कुल। आपने बिल्कुल सही बोला, जी, कि वही आजकल हालात हैं। आजकल की जनता के ना यही हालात हैं। बिल्कुल, जी। आपने मतलब जो आज के लोग समय में लोग सोचते नहीं ये चीजें ना, और यही चीजें लेके डूब जाती है।

 

नज़र से बचने के लिए सुझाव

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अब सबसे बड़ी उदाहरण अब मैं एक इसमें टिप कुछ देना चाहता हूं व्यूअर को। अगर आपके पास पैसा है। ठीक है? पैसा होना बुरी चीज नहीं है। अपने शहर में आप कोई भी काम ना करो।

दूसरे शहर में जाके करो। जहाँ आपको कोई जानता नहीं है। ठीक है? तो उसमें होगा क्या है, जी, अगर आप वहाँ पर मकान बनाओगे, किसी की नज़र नहीं लगेगी। नज़र क्यों नहीं लगेगी? वो वो यह सोचेगा, ये पहले से ही अमीर होगा। बिल्कुल। ठीक है?

मतलब एक मेंटैलिटी होती है। आप आपके शहर में अगर मैं आके कुछ बनाऊंगा, तो किसी को कोई ऐतराज नहीं है। ठीक है। अगर आप ही अपने शहर के अंदर आप ही अपने मोहल्ले के अंदर बनाओगे, तो लोगों की नज़र में आओगे कि ये बंदा पहले कुछ नहीं था। जी।

वही हमारे साथ भी हुआ है। हमारा कंस्ट्रक्शन का काम कभी कभार चलता ही रहता है हमारे बिल्कुल।

घर में, घर में जो आसपास है ना, देखते हैं, देखते हैं कि भाई हम तो कुछ नहीं कर पा रहे इतने सालों से, सागरनाथ-सागरनाथ जी तो महीने-दो महीने, कभी कभार चार महीने में कंस्ट्रक्शन का काम लगे रहते हैं करवाने, घर को अच्छी तरह सेटिंग करवाने, क्योंकि घर तो रिपेयरिंग माँगता ही माँगता है। जब मन में आएगी ऐसी-ऐसी अच्छी चीजें, इसके बीच की कमी है, पूरी करो।

ठीक है? चाहे फ़्लोरिंग की हो, फ़र्नीचर की हो, किसी की भी हो, वो इसी-इसी चीज को देखते हैं। तो जब वो उनका मैं देखता हूं ना कि उनकी एनर्जी जब मेरे घर की तरफ आती है नज़र की, तो फिर मेरे को उसका उपाय करना पड़ता है। बिल्कुल-बिल्कुल-बिल्कुल। कि मेरे काम में रुकावट ना आए। बिल्कुल-बिल्कुल।

सेलिब्रिटीज़ और पॉलिटिशियन: नज़र दोष से बचाव

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एक चीज और है, सागरनाथ जी। इसमें मैंने देखा है, जी, जितने भी बड़े-बड़े सेलिब्रिटी हैं, ठीक है? जिनको हम एक्टर बोलते हैं या बड़े लेवल के प्रोड्यूसर हैं, तो वो कभी भी अपने शहर में घर नहीं बनाते। वो ज्यादातर मुंबई में, मतलब दूसरी जगह जाके बनाना प्रेफ़र करेंगे।

अब जितने भी पंजाबी सिंगर हैं, टोटल चंडीगढ़ में उन्होंने फ़्लैट ले। उनको तो चंडीगढ़ ही चाहिए पंजाबी लोगों को तो। नहीं, इसके पीछे भी एक कारण है। कारण ये है कि अगर वो अपने ही शहर में कोई कुछ करेंगे, तो लोगों की नज़र में आएँगे। उनकी हाए लगेगी। हाँ, लगेगी।

एक तो दूसरी बात, एक वहाँ पे सोसाइटी ऐसी है, उनके पास टाइम नहीं होता किसी से इतना मेलाप रखने का। बिल्कुल-बिल्कुल। घर वालों के साथ मेलाप होता है रखने का। तो मैंने इसीलिए ये चीज देखी कि वो दूसरी जगह इसीलिए बनाते हैं, क्योंकि नज़र में ना आएँ। ठीक है?

अब जैसे सिद्धू मूसे वाला था, जी, बहुत फ़ेमस पर्सनैलिटी था। ठीक है। उसने सोचा कि मैं अपने गाँव में ही एक अच्छा सा घर बनाऊँ, एक महल नुमा। उसने घर बनाया और वो सारी उसकी चल रही थी। कुछ दिन बाद ही उस बेचारे की डेथ हो गई। तो नज़रों में आ गया था ना वो? बहुत ज्यादा, बहुत ज्यादा ही नज़रों में आ गया था।

मतलब जो वहाँ शहर के लोग थे, उनकी नज़र में वो व्यक्ति आया। एक जो लोकल पब्लिक है ना, वो देखती थी। ये पहले गरीब था और अचानक से आज ये हवेली में। भाई, इसको, भाई, इसको हमने खुद देखा है। एमए वन चैनल ये पंजाब में चलता है।

उसके ऊपर इंटरव्यू देता था। धक्के खाता था। बिल्कुल इंटरव्यू देता था। अब आप इसीलिए सबसे बड़ा उदाहरण यही है, जी, आप देख सकते हैं कि वो जितने भी सिंगर थे, सारे चंडीगढ़ चले गए, तो इसीलिए वो बच गए। नज़रों में नहीं आए। दूसरी बात, तो सीधी बात है कि उन्होंने अपना बचाव कैसे किया? मैं बताता हूं। नज़र से बचने का क्या वजह है?

पहले चंडीगढ़, चंडीगढ़ से सीधा कनाडा कोई चला गया। कोई अमरीका चला गया। ज्यादातर तो वो टोरंटो गए हैं कनाडा में। बिल्कुल-बिल्कुल-बिल्कुल। और वहाँ पे भी जब उनका पता है दाना-पानी पूरा हो गया। हम नज़रों में आ रहे हैं सबके, हम तो वहीं से कोई दूसरी साइड पे चला गया, कोई दूसरी साइड पे।

बिल्कुल-बिल्कुल। वो वही, मतलब ये जितने भी सेलिब्रिटी हैं, इनको मैं एक यही चीजें मैं देखता हूं, चाहे वो गुरु रंधावा है, कोई बड़े लेवल के जो सिंगर हैं, तो वो विदेशों में ही ज्यादातर रहते हैं। इसका कारण यही है कि अगर वो यहाँ घर बनाएँगे, तो लोगों की नज़र लगेगी। भाई, मैंने फ़ॉरेन लाइफ देखी हुई है। आप मानते हो, रुद्रनाथ जी, मैंने इतनी डीपली से देखी हुई है फ़ॉरेन लाइफ अमरीका की, इंग्लैंड की।

उनके पास इतना टाइम नहीं होता कि नेबर के साथ हेलो-हाए भी कर लें। जाते-जाते मिल लिया, जैसे रास्ते में कहते हैं ना, देखा-हो गई, तो हो गया। इतना ये लंबा विचार नहीं वो करते। जैसे हमारे यहाँ पे पूरा लेके एक-दो घंटा लेके बैठ, बैठ जाते। हाँ, बैठ-बैठ जाते हैं ना? वैसे नहीं है वहाँ। अब देखिए, जी, मेरे यहाँ पर मेरे भाई के घर बना रखा है। ठीक है?

अच्छा खासा काम कंस्ट्रक्शन का चलना। ठीक है? लोग पता है क्या? मुँह के ऊपर आकर बोलते थे, भ तुमने तो घर बना लिया। तुम्हारे पास तो 2 करोड़ अभी भी पड़ा होगा। जी। ठीक है। ऐसा मुँह के ऊपर बोलते थे। कुछ लोग तो चलो दिल के अंदर से ही वो करते थे चीजें।

और हमें पता चल गया कि ये अब लग रही हैं नज़रें। और हमने अपना बचाव करा, तो इसीलिए हम बच गए हैं। भाई, करना चाहिए। पैसा आपका, टाइम आपका। आपको परमात्मा ने पूरी सपोर्ट दी हुई है कि आप अपने समय को संभालो।

और मेरे हिसाब से ये नज़र की जो बचाव है, इसके लिए हमें काम करना चाहिए। करना चाहिए भाई। रियलिटी है। नहीं तो आपका बिज़नेस और आपका घर इनको तो लोग नज़रें ही खा जाएँगे। सुख जाए, तो इसीलिए क्या है, जी, हमें इन चीजों से बचने के लिए कुछ करना चाहिए।

 

बगलामुखी कवच और धार्मिक अनुष्ठान

 

अच्छा, एक चीज मैं और बताता हूं, जी, सागरनाथ जी। ये जितने भी बड़े-बड़े पॉलिटिशियन हैं या हम बोल सकते हैं कि सेलिब्रिटी हैं, ठीक है? इनके पास भी मैंने देखा है कि महंगे-महंगे बगलामुखी माता के कवच होते हैं। इसीलिए ये बचते हैं। भाई, रियलिटी है।

तभी तो बचते हैं। ठीक है। अगर ये सारा खेल कवचों के कारण हो रहा है कि नज़रों से, तो इसीलिए वो बच रहे हैं। भाई, सीधी बात है, जो हमारे धर्म में देवी-देवता हैं ना, जो प्रचंड रूप में चलते हैं, ये उन्हीं की देन है। ये उन्हीं के कारण ही बच रहे हैं।

फ़िल्म इंडस्ट्री आपने बात, आपने बात की ना? मैं भी बताता हूं इस बात का प्रूफ़ देता हूं। जो हनी सिंह है ना, 2009 में आया था गाना लेके, बहुत फ़ेमस हुआ था, रैपर बना था, काम चला। जी, शाहरुख खान के पास गया। टाइम आने पे उसने लुंगी डांस गाना निकाल दिया, पार्टी चलेगी गाना, ऐसा भी कुछ निकाला। ब्लू आईज़ भी गाना निकाल दिया।

उसके बाद उसकी मंजी खड़ी कर दी किसी ने। इंडस्ट्री वालों ने ही खड़ी कर दी कि हमारा काम साला ठप करके ये तो अपने को ऊपर बैठ रहा है। उन्होंने इसकी जब वाट लगाई, तो ये तो साला डिप्रेशन में चला गया। बिल्कुल। इसको मैंने बिल्कुल दाढ़ी, सफ़ेद दाढ़ी नहीं थी जब मैंने इसको देखा था, इसके स्टार को चमकते, ब्लैक थी।

अपने आप को पूरा हीरो बनके रहता था। लेकिन जब दोबारा वापसी हुई है ना, महादेव के कारण, भगवान महादेव के कारण, तो ये इसकी दाढ़ी क्या है? वाइट हो चुकी है।

इतना डिप्रेशन में चला गया था। बिल्कुल। कभी इसकी बायोग्राफ़ी देखना या विकिपीडिया इसका पढ़ना। इसके क्या हालात हुए थे। इतना नशा करने लग पड़ा, लड़कीबाजी इतनी करने लग पड़ा कि मेरा काम भी बंद हो गया। यही तो नज़रों का खेल है। जी, नज़र जब लगती है, बंदे की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। जी।

अब यह सिद्ध पीठ, सिद्ध पीठ जो है ना महादेव जी का, वहाँ पे जाके अपनी तपस्या करता है। यानी कि रुद्राभिषेक करवाता है। उनके वहाँ के जो पुजारी हैं ना, सिद्ध पुजारी, जो मंत्र उच्चारण करते हैं वैदिक रूप में, वहाँ से करवाता है। तब जाके ये सेटअप हुआ है। नहीं तो इतना डॉक्टर, इतना पैसा भी होने के बाद, लगवा लिया, कुछ नहीं इसको मिला।

भाई, आज के टाइम में तो सीधी बात है, दुनिया में लोग परे से परे बैठे हैं। बिल्कुल, जी, बिल्कुल। आप किसी के गले को पकड़ लोगे ना, वो आके गले में हाथ डाल के आपकी आँतें निकाल लेंगे। बिल्कुल, जी। अच्छा, एक चीज आप देखोगे, अब कोई पॉलिटिशियन है या कोई भी आदमी।

ठीक है, जी। अब पॉलिटिशियन के 100 दुश्मन होते हैं। होता है भाई। ठीक है, जी। अब कुछ बहुत सारे ऐसे भी लोग होंगे जो तांत्रिक उससे मिलते होंगे। वो बड़े पहुँचे हुए लोग हैं। तो अपने को जो होता है, अपने आप को सेफ़ रखने के लिए वो महंगे-महंगे कवच पहनते हैं। एक-डेढ़ लाख का कवच, 2 लाख का कवच, इस तरीके से वो कवच बनवाते हैं।

जी, उनका टाइम पीरियड होता है। जो कवच बनवाते हैं ना, वो महीने के लिए चलेगा या छह महीने तक चलेगा। ये नहीं, आपने 2 लाख दे दिया, तो आपको पूरे लाइफ़ टाइम दे दिया। ऐसे नहीं होता। इसकी लिमिट होती है। ये भी कुछ समय के लिए ही इसका प्रभाव रहता है। और ये दोबारा करते रहते हैं ये सारा कुछ। कहने का मतलब, जहाँ तक मेरा मानना है ना, दिवाली के दिवाली ये चेंज करते हैं।

क्योंकि दिवाली के बाद जो आप तांत्रिक चीज करते हो, दिवाली तक चलती है आगे। उसके बाद वो अपनी ऊर्जा छोड़ देती है। बिल्कुल-बिल्कुल, जी। यह आपकी बात बिल्कुल सही है। जैसे मोबाइल फ़ोन है ना, 24 घंटे चलाते रहोगे, वो एक साल मुश्किल से चलेगा, उसके बाद डेड हो जाएगा। बिल्कुल। ये आपकी बात बिल्कुल राइट है।

तो इसीलिए ये पॉलिटिशियन अपने आप को सुरक्षित रखते हैं। ठीक है? और ये इनकी चलो बाहरी रूप से तो चलो इनके पास बॉडीगार्ड हैं। और अंदरूनी खाते में इनका ये सिस्टम चलता है। बिल्कुल। ठीक है। कभी भी आप एक चीज देखना कि पॉलिटिशियन के ऊपर कभी ब्लैक मैजिक नहीं होता है। वो भगवान थोड़ी है वो।

ब्लैक मैजिक नहीं होता। दूसरी बात, सबसे ज्यादा दान-पुण्य यही करते हैं दो नंबर के पैसे का। बिल्कुल। और ये बिल्कुल मैं देखता हूं, जी, बड़े-बड़े ये पॉलिटिशियन बगलामुखी अनुष्ठान चलता है। तो इसीलिए ये सुरक्षित हैं।

ओरा को मज़बूत करने की ज़रूरत

 

आपके पास मैं एक रियलिटी बताता हूं। जी। अब मैं इसका थोड़ा सॉल्यूशन भी बता देता हूं। आपने ओरा चक्र को कोई व्यक्ति अगर स्ट्रांग कर ले, इतना ज्यादा स्ट्रांग कर ले, तो बाहरी ऊर्जा उसकी कोई काम नहीं करेगी। ठीक है? नहीं करती है। वो टकराएगी और वापस चली जाएगी। ठीक है?

क्योंकि ऊर्जा अगर पीछे से 200 की स्पीड से आ रही है, आपके पास हैंडल करने के लिए भी 200 की स्पीड ही चाहिए। 200% ऊर्जा चाहिए। तभी आप हैंडल कर पाओगे। अगर ऊर्जा है, तो आपको कुछ नहीं कर पाएगी। उड़ा देगी, उड़ा देगी आपको।

तो इसीलिए क्या है कि ओरा को स्ट्रांग करना ही हर एक चीज का सॉल्यूशन होता है। जी, भाई, ओरा करो, जी। हम खुद करते हैं ओरा को स्ट्रांग। अच्छा, लोग अब सागरनाथ जी ये बोलते हैं। जी, ओरा का, ओरा का पता क्या बोलते हैं? जी, हाँ जी, हमने आज इतना जाप कर लिया।

अब ओरा हमारा स्ट्रांग हो गया। ओरा देखिए, एक बार में स्ट्रांग नहीं होता। इसको मेंटेन रखना पड़ता है। ये खर्च होती है ऊर्जा। मान लो, मैं एक दिन मैंने सवा लाख कर लिए। इसका मतलब ये नहीं कि ये अस्थायी रूप के ऊपर रहेगा। इसकी ऊर्जा खर्च होती है साथ-साथ में।

साथ-साथ, जैसे हम रोटी खा रहे हैं ना, रोटी खाने से क्या है, जी, वो ऊर्जा बन रही है हमारी बॉडी के अंदर। क्या वो ऊर्जा हम यूज़ नहीं हो रही? जी। मान लो, आपने तीन टाइम रोटी खाई दबा के। बिल्कुल। अगले दो दिन रोटी नहीं खाई। वो पिछली ऊर्जा चल रही थी ना?

अगले जब दो दिन आएँगे, तो आपको रोटी की जरूरत तो पड़ेगी। नहीं तो आप तड़पोगे मछली की तरह। बिल्कुल-बिल्कुल राइट। बिल्कुल, जी। आपने बिल्कुल सही बोला। इसी तरीके से ओरा का भी यही सिस्टम होता है। बार-बार इसको अपडेट करते रहो, जाप करते रहो।

ये ग्रहण, दिवाली, हाँ, ये ग्रहण, दिवाली, सिद्ध योग, नक्षत्र योग, अच्छे योग क्यों परमात्मा ने बनाए हुए हैं? इसलिए बनाए हैं, अपडेट करने के लिए। अपडेट, जैसे अपना सॉफ़्टवेयर अपडेट करना है, आपने मंत्रों का तो होता ही है, वो तो साक्षात जाग्रत है, लेकिन अपने आपको खुद अपडेट आपने करना है। बिल्कुल, जी, बिल्कुल-बिल्कुल।

यही चीजें तो हैं, जी, लोग आज की डेट में पीछे रह गए हैं, तो इसलिए परेशान हैं मेरे हिसाब से। नहीं, परेशान बहुत हैं। इनको पता ही नहीं है कि लाइफ़ में तरक्की कैसे करनी है।

अगर कर भी लेते हैं, तो इनको यह नहीं पता, ये कौन से दोषों से जकड़े जाते हैं। तो मान लो, वो भी पता लग जाए, लेकिन इनको अगला स्टेप नहीं पता है कि इन दोषों को सेट करने के बाद, उसको रेगुलर कैसे रखना है।

साधना में गुरु का महत्व और धूमावती साधना का उदाहरण

 

अच्छा, जैसे कोई जादू-टोना होता है, तो हम उतारा करके बच जाएँगे। पर नज़र से बचना खतरनाक स्थिति होती है, तो बचना थोड़ा मुश्किल है। जी, नज़र दोष से बचना। भाई, नज़र दोष एक ऐसी चीज बोला है ना कि पत्थर फाड़ देती है। हम बिल्कुल-बिल्कुल। पत्थर फाड़ देती है।

क्योंकि उस लेवल तक बनके रहने के लिए ना दलेरी चाहिए, जिगरा चाहिए। जिगरा चाहिए और आपकी ऊर्जा चाहिए। ओरा चाहिए आपका। ओरा, वही, वही बोल रहा हूं ना। दिल, जिगरा किसको मैं बोलता हूं अपनी लैंग्वेज में? इसी को बोलता हूं ओरा को। ये आपके पास होनी चाहिए।

आपके पास, आपके पास एक अच्छा-अच्छा गुरु होना चाहिए जो आग में तपा हो, हंडा हुआ हो। ये नहीं कि ऐसे किसी को गुरु बना लिया, तो चल पड़ो जंग करने मैदान में। हाँ-हाँ, ये जी। तो ये भी आपकी बात बिल्कुल सही है कि गुरु होगा, तो तभी मार्गदर्शन मिलेगा। जी, बिल्कुल।

गुरु ऐसा होना चाहिए कि मतलब कि जिसने तपस्या इतनी की हो। मतलब वो भी नहीं कि सिद्ध जोगी बनना है। आज के टाइम में सिद्ध जोगी बनने की भी जरूरत नहीं है। बिल्कुल। मतलब इतना होना चाहिए कि आपको कोई छेड़े, तो दोबारा छेड़ने की हिम्मत ना करे।

अच्छा, लोग ना, मैं आपको सागरनाथ जी एक चीज बोलता हूं। जी, लोग ना 20 माला करके ना, कुछ दिन तक 20 माला करके बहुत बड़ा एहसान करते हैं। जी, हमने बहुत कुछ कर लिया। भाई, 100 करने वाले लोग बैठे हैं। हम बैठे हैं। हम बैठे हैं। हम तो खुद बोल, सागरनाथ जी बैठे हैं, 100 माला करने वाले। ठीक है? 100 माला से कम नहीं करना चाहिए।

जब हम 100 माला करके उठते हैं ना, मानते हैं, रुद्रनाथ जी? हाँ जी। सिर्फ मन में एक विचार आता है। ये आज का समय कंप्लीट हुआ। इस प्रोसेस को आगे भी करना है। ये अपने आप से खुद बोलते हैं। किसी से नहीं बोलते। बिल्कुल-बिल्कुल। दूसरों को थोड़ी सुनाऊँगा कि मैंने काली माता की या दुर्गा माँ की या हनुमान जी की या भैरव जी की इतनी माला की है। बिल्कुल, जी।

ठीक है। 100 माला करना कोई खेल नहीं है। पर खेल नहीं है। मुश्किल भी नहीं है। मुश्किल भी नहीं है। बंदे ने अगर मुश्किल भी है, मुश्किल भी नहीं है। आसान भी नहीं है। यानी ये सेंटर वाला काम है। जो इसको संभाल गया, समझ गया, वो आगे बढ़ गया। बिल्कुल-बिल्कुल, जी।

सपोज़ करो। सपोज़ करो, मैं छोटी सी बात बताता हूं। जैसे वही आपकी बात बड़ी कर रहा हूं। जैसे मैं बोल रहा था कि 200 की स्पीड से आ रहा है, आपके पास 200 की थ्क्ज़ होनी चाहिए।

अगर कम हुई, तो उड़ा देंगी। स्पीड यही मैं बात बोल रहा हूं। मान लो, एक शख़्स आया, नया-नया, दिल भी बहुत है, जिगरा भी बहुत है।

गुरु को धारण किया, नहीं, मैं जी 100 माला करूँगा। हम एक, हर दिन, हफ्ता भी कर ले, हम मान ली। जब आठवाँ या नौवाँ या दसवाँ, ग्यारहवाँ दिन आएगा ना, इसके बीच जब वो मंत्र प्रभाव बढ़ाएँगे 100 माला की, जब वो एनर्जी आपके पास आएगी, जिस देवते का नाम ले रहे हो या देवी का नाम ले रहे हो, हम जब वो आपके दिमाग को ट्रिगर करेगी ना, असर डालेगी, हम आपकी मेंटैलिटी है ना, जो तड़फ़ड़ाने लगेगी, जैसे पक्षी नहीं करता है, फड़फड़ाता है, वैसे फड़फड़ाओगे

अब आपको समझ में नहीं आएगा, मेरे साथ क्या हो रहा है। मैं छोड़ दूं या उठ जाऊँ? पाप बढ़ जाएगा शरीर का। हार्ट, हार्ट अटैक तक की नौबत आ जाती है। गुरु वहाँ पे काम करता है। हम, हम। वो उस ऊर्जा का जो स्थिर होता है ना लेवल, उसको स्थिर करता है।

लेवल में लाता है बॉडी में कि भाई शांत रह। नुकसान नहीं करना, फ़ायदा करना है। बिल्कुल। यही, यही नज़र दोष होती है। हम अच्छा, ये, हाँ, आपकी बात बिल्कुल सही है। जी, ऐसे ही प्रोसेस करती है नज़र भी। नज़र भी ऐसे ही प्रोसेस आपको, आपकी बात बिल्कुल सही है। वही चीज में ही मैं आपको बताने वाला हूं।

सागरनाथ जी, एक बंदा मेरे पास आया, जी, ठीक है? वो कर रहा था, जी, धूमावती की साधना। क्या बात। उसने देखो, जी, आप मानोगे नहीं, उसने 100 माला कर ली, जी, 100 माला प्रति। ठीक है? और बिना किसी गुरु के मार्गदर्शन से। ऐसे ही लग पड़ा, जी।

कोई मार्गदर्शन ही कुछ नहीं। बस, तो उसकी चपेड़े नहीं पड़ी माँ धूमावती से। मैं आपको वही आगे बता रहा हूं, जी। हुआ क्या है, जी, बॉडी के अंदर इतनी, इतनी ज्यादा हीट बढ़ गई।

जी, आज भी बार सर्दियों में, जिसको हम बोलते हैं ना कि दिसंबर और जनवरी का महीना जो होता है, पीक के ऊपर सर्दी होती है। टेंपरेचर बहुत कम हो जाता है। उस समय भी वो आदमी नंगा घूमता है। जी। अरे, नंगे घूमेगा, उसको पागल कर दिया है। क्योंकि उसके अंदर बॉडी के अंदर हीट ही इतनी ज्यादा बढ़ गई। मंत्र की हीट ही इतनी ज्यादा हो गई।

वो मेंटैलिटी, मेंटैलिटी को हिला देती है। जो परमात्मा ने आपको सोचने-समझने की शक्ति दी है ना, वो ट्रिगर ही यानी उसको खींच देती है कि खत्म ही कर देती है।

और वो हीट इतनी ज्यादा जनरेट हो गई, जी, वो सर्दियों में भी नंगा ही घूमता है। सबसे बड़ी बात देखो आप। वो बोलता है, मैं अगर कोई कपड़ा पहनता हूं ना, तो शरीर में जलन होती है। जी, मैं बता रहा हूं ना, जब मैंने कितना बड़ा साइड इफ़ेक्ट है, जी, सागरनाथ, इस चीज का।

मैं बता रहा हूं, जब मैंने धूमावती माता को किया था ना, हम धूमावती माता को जैसे आप प्रोसेस बता रहे, किया था मैंने। उनको बीच में कुछ दिन लिए थे। चंद्र ग्रहण आ रहा था उस टाइम। बड़े बढ़िया सिस्टम में आ रहा था। हम, हम। तो जब उनको वहाँ पे किया मैंने सूप के साथ किया था, जिसको यहाँ पे फटकना भी बोलते हैं या छजनी बोलते हैं पंजाबी लैंग्वेज में।

छज, छज, जिसमें कनक को ऐसे साफ करते हैं। उसके साथ किया था। तो तकरीबन करने के बाद, जैसे आप 100 माला बोल रहे हो, तो हम उसी लेवल पे जा रहे थे उस समय। हम, हम। ग्रहण में पूरा दबाके कर रहा था। मेरे को क्या हुआ था उस समय, ऊर्जा का आभास बताता हूं। जैसे मेरे आसपास कोई सफ़ेद कपड़ों वाला गुजर रहा है।

 

मेरे को पूरा महसूस हो रहा है। मेरे को झटके दे रहा है, झटके दे रहा है। झटके, मैंने आँख नहीं खोली। झटके दे रहा है। जब मेरी माला पूरी है, जब मैंने आँख खोली है ना, अच्छा जी। भाई साहब, तोते उड़ाने वाला रूप था वहाँ पे। अच्छा, जी, ये बहुत बड़ी चीज है। जी, तोते उड़ाने वाला रूप था, मैं बता रहा हूं। मैं अपनी जगह बात कर रहा हूं। मतलब मेरी जगह कोई और होता ना, तोते उड़ जाते उसके। भाई साहब, आपका तो एक्सपीरियंस था।

इसीलिए आप बच गए, क्योंकि आपने गुरु के साथ काफ़ी सारी चीजें एक्सपीरियंस कर रखे थे। अगर कोई वही नया-नवेला आदमी करता, तो उसके तो तोते उड़ जाते।

आपने तोते बिल्कुल, मतलब कि उसके मर ही जाना था। उसने वो चीज देख के ना, भाई, यही तो चीज होती है। गुरु की बहुत जरूरी है। गुरु जरूरी है, जी। मेंटैलिटी क्यों बोलता हूं?

वहाँ पे गुरु कार्य करता है। असलियत में गुरु वहीं पे ही कार्य करता है अपना पूरा उसी समय। हाँ, ट्रेनिंग भी देता है, आपको करना है कैसे। ठीक है? बिल्कुल। अब आपके पास तो ट्रेनिंग थी, आप इसीलिए बच गए। अगर कोई दूसरा बंदा होता, तो उड़ जाता उसको।

नज़र दोष से बचाव का तरीका: व्यूअर से शर्त

 

भाई, हमारे साथ कांड भी हुआ था। उसके बाद ग्रहण में, जैसे हम सोए पड़े, मेरे जो बेड है ना, बेड पे जिसे किसी कोई पंजाबी भाषा में कहते हैं ना, ठुंड मारना या एड़ी को ऐसे जोर से मारना, चल भी उठ जा। जैसे हम कुत्ते-कुत्ते को उठाते हैं या साँड को उठाते हैं, गाय को मारके। हम ठुंड पूरा ऐसे बजा, महला पूरा। मैंने कहा, ये भूचाल साला कहाँ से आ गया?

जब मैं यहाँ से, जी, ये चीज मैं आपको बताता हूं। ये अलग वीडियो में करेंगे। वीडियो काफ़ी लम्बा हो गया, जी। अब मैं ये चीज बोलना चाहूँगा, सागरनाथ जी, अगर किसी व्यक्ति ने, ठीक है, जी, हमें कम से कम, ज्यादा नहीं मैं बोल रहा हूं, जी, जी, 150 लाइक कर दिए इस वीडियो को। नहीं, कम से कम मैं बोल रहा हूं, जी, 150 लाइक हो गए।

उसके बाद आप नज़र से बचने का तरीका बताना। नहीं तो हम नहीं बताएँगे। नहीं, मैं पूरी तरह बताऊंगा, जो घर में कर सकते हो, फ़्री में कर सकते हो, इतना खर्चा भी नहीं है आपका। ये ऐसे नहीं बताना। इनको नहीं बताऊंगा। इनको ऐसे बताएँगे कि 150 लाइक करना पड़ेगा।

जी, बात है। बिल्कुल-बिल्कुल। भाई, 150 लाइक इस वीडियो के ऊपर करना ही पड़ेगा आपको। आपके लिए तो हम फ़्री सेवा इतनी दे रहे हैं। कोई नहीं देता, यार। इतना तो आपका हक बनता ही है। 150 कमेंट हो जाएँ। दो चीजें हैं, जी, बस। और उसमें लिखना पड़ेगा, जी, बहुत अच्छा वीडियो। अपना राय दो। अच्छा है तो अच्छा बोलो, बुरा है तो बुरा बोलो।

राय ज़रूर देखने के बाद राय ज़रूर आपकी देनी पड़ेगी। राय ज़रूर दो, जी। हम इतना ही बोल देंगे। जब यह चीज हो गई, तो हम आपको अगले दिन ही नज़र से बचने का तरीका भी बता देंगे। पूरी तरह बताएँगे। परफ़ेक्ट तरीके बताएँगे। ये अनलिमिटेड तरीके होंगे।

आप बोलोगे कि ये ना कहीं पे सुने, ना देखें। और दूसरी चीज क्या है, जी, इसको हम कैसे परखें कि लगी है या नहीं लगी है। उस चीज को भी पहचान करने का भी तरीका बताऊँगा। जी, बताऊँगा। पूरी तरह बताऊँगा। ये भी कैसे लगती है, क्या हो रहा है, क्या नहीं हो रहा है, वो पॉइंट आप नोट करते जाना। कैसे उतारना है, क्या करना है, वो भी पॉइंट नोट करते जाना। देखिए, सबसे बड़ी बात क्या है, जी, सागरनाथ जी ने अपने भंडारे खोल दिए हैं।

बिल्कुल पूरी तरह खुले पड़े, भाई। जैसे चार दरबार होते हैं ना, पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, चारों दिशाएँ खोल दी मैंने सभी के लिए। मैं तो उनको बोल रहा था, आप मत दो नेट के ऊपर। ये बोल रहे हैं कि अगर हम नहीं देंगे, तो कौन देगा फिर आपको? कौन देगा? सीधी बात है।

तो लाभ कौन उठाएगा? मैं तो सीधा ही बात बोल रहा हूं। लोग ना काफ़ी ज्यादा सनातन से टूट के, अनादर धर्म के अंदर कन्वर्ट हो रहे हैं। कन्वर्ट भी हो रहे हैं। दूर चले गए हैं। उनको अपना धर्म भूल रहे हैं वो कि हमारा धर्म है क्या है? कैसे चल रहा है?

इसीलिए हमारी मजबूरी है कि हम ये चीजें बताएँ। हाँ। मैं पूरी तरह मजबूर हूँ। अब मतलब खुल के बताने के लिए। मेरे को मेरी विद्या में कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा। ना जीरो होगी, ना खत्म होगी। हाँ जी। ठीक है। जो इनका इलाका है ना, इन्होंने देखा कि धर्मांतरण बहुत बड़े लेवल के ऊपर हो रहा है।

सनातन को लोग छोड़ के बिल्कुल, भाई, सनातन को मान रहे हैं, भाई। सनातन होगा, तभी तो हम होंगे। अगर भाई, हम तो सीधी बात है, हम जो लड़ाई लड़ रहे हैं ना, वो किसके लिए लड़ रहे हैं? अपने धर्म के लिए। धर्म है हमारा मानवता का। सबसे बड़ी बात है, जो हमें सनातन धर्म सिखाता है, मानवता। वो सबसे पहले, उसके बाद बाकी नियम लागू होंगे जितने ने। बिल्कुल।

समापन और लाइव चर्चा का प्रस्ताव

तो यहीं पर हम समाप्त करते हैं। तो फिर हम दूसरे टॉपिक के ऊपर करेंगे। अलग जानकारी लेके आएँगे। ठीक है? तो अब मैं एक चीज और बोलना चाहूँगा, मैं एक चीज बोल रहा था। मैं थोड़ा सा ऐड करना चाहता था इस बात को। जैसे कभी हमारे जो व्यूअर हैं, इतने ललाहित हो जाएँ कि हम उनको लाइव उनसे सीधी बात करें दोनों। हाँ, बिल्कुल।

मैं ये भी चाहता हूं कि जो लाइव में मजा आए ना, लाइव में एक चीज बैठ पता क्या है? जैसे हम बात कर रहे हैं ना, तो किसी को अगर कोई जानकारी चाहिए लाइव के अंदर ही, डायरेक्ट वो पूछ सकता है। अब से बैस्ट चीज ये है। और वहीं पर ही उनको आंसर मिलेगा।

उसी समय। मैं बोल रहा हूं कि खड़े हो, आपकी क्या मजबूरी, कैसे? हल फटाफट बताऊँगा। सेकंड के हिसाब से ये कर, सीधा जा, इतने दिन को पकड़ के कर। बस, बस। फिर अगेन बात फिर आती है। जी, इनको सपोर्ट करना पड़ेगा। तभी ही हम इनको सपोर्ट कर पाएँगे। भाई, मैं तो पूरा देखो, तो ना जी, रेडी बैठा हुआ हूं कि इनको पूरी तरह फ़ुल्ली से सपोर्ट करूँ।

भंडारे खोल दिए मैंने अपने। बिल्कुल। ठीक है ना? अब इनका भी हक बनता है, इनका भी धर्म बनता है। जिनके मन में है सीखने का, सीखें। बात करें। किसी को मनाई नहीं है। हम हाँ, एक लिमिटेशन में रहकर हमेशा बात की जाती है। वो आपको भी सीखना पड़ेगा कि ये इधर-उधर की बातें ना मैं करता हूँ, ना मैं करूँगा। बिल्कुल राइट। ठीक है?

जो लिमिट में रह के बात करेगा, सबसे बढ़िया है। देखो, अब किससे बात करोगे? अपने गुरु से बात करोगे। बिल्कुल-बिल्कुल। और मर्यादा का पालन जरूरी है। किस हिसाब से बात करनी है? क्या लैंग्वेज है आपकी? क्या लैंग्वेज है?

भाई, हम भी मर्यादा में रहके बात करते हैं सबसे। आपको भी करनी पड़ेगी। बिल्कुल-बिल्कुल-बिल्कुल-बिल्कुल। तो ये चीजें हैं, जी। सागरनाथ जी, आपका फिर से धन्यवाद करता हूँ। जी, आपने फिर से आके जानकारी दी। ठीक है? जी, जी, जी। तो आज के लिए बस इतना ही। फिर हम नए टॉपिक को लेके बात करेंगे। जी, बिल्कुल। ठीक है, रुद्रनाथ जी। जय श्री महाकाल। जय माता दी। हाँ, जी, हाँ, जय माता।

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कौन हैं मां बगलामुखी ? स्तंभन की देवी का रहस्य

सबसे पहले आपसे जानना चाहूंगी कि मां बगलामुखी स्तंभन की देवी कहा जाता है उन्हें। इसका क्या अर्थ है? देखिए मां बगलामुखी स्तंभन की देवी उनको इसलिए कहा जाता है कि सतयुग में एक ऐसा बहुत ही भयानक तूफान आया था।

ब्रह्मा जी से एक राक्षस ने तपस्या करके ऐसी सिद्धि प्राप्त कर ली थी कि उसने एक ऐसा तूफान बवंडर टाइप का प्रकट कर दिया था। वो सारी सृष्टि को निगल रहा था। तो जब वो सारी सृष्टि को निगल रहा था तो विष्णु भगवान जो कि सृष्टि के पालनहार हैं उनको चिंता हुई कि भाई हमारी सृष्टि खत्म हो रही है।

तो उन्होंने भगवान शिव से पूछा तो भगवान शिव ने कहा इस बवंडर को शक्ति के अतिरिक्त कोई नहीं रोक सकता। फिर उन्होंने सौराष्ट्र में हरिद्रा सरोवर के किनारे 10,000 वर्ष तक तपस्या की थी। मां त्रिपुर सुंदरी की। उनकी तपस्या से मां त्रिपुर सुंदरी प्रसन्न हुई और उनके हृदय से एक ज्योति पुंज निकला जिससे मां बगलामुखी माता प्रकट हुई।

अर्धरात्रि में माता का अवतरण हुआ था। पीत वस्त्र धारण किए स्वर्ण के आभूषण और सबसे बड़ी बात यह थी कि मां बगलामुखी माता स्तंभन की देवी इसलिए भी कही जाती है क्योंकि जब वो राक्षस के सामने आई उन्होंने उस बवंडर को स्तंभन कर दिया यानी रोक दिया। इसलिए उनको स्तंभन की देवी कहा जाता है। वो बवंडर जो पूरी पृथ्वी को निगल रहा था उनके एक इशारे से उनके हाथ के हिलाने मात्र से वो वहीं का वहीं रुक गया।

बगलामुखी साधना की उग्रता और नियम

Maa Baglamukhi Sadhna मां बगलामुखी की साधना: रहस्य, प्रयोग और सावधानियां
Maa Baglamukhi Sadhna मां बगलामुखी की साधना: रहस्य, प्रयोग और सावधानियां

10 महाविद्याओं में बगलामुखी जी को सबसे उग्र कहा जाता है। इसका क्या रहस्य है? बगलामुखी माता को उग्र इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह श्मशान वासिनी हैं।

इनकी साधना बहुत तीव्र होती है। इनकी साधना बिना गुरु के कभी नहीं करनी चाहिए। और इनकी साधना से अर्थ का अनर्थ भी हो जाता है। अगर आपने गलती करी।

उच्चारण मंत्रों का बहुत महत्वपूर्ण रहता है। अगर मंत्र का उच्चारण आपने गलत कर दिया तो अर्थ का अनर्थ होने की संभावना पूरी रहती है। इसलिए कहा जाता है कि इनकी साधना बहुत तीव्र होती है।

जैसे कि आपने बताया कि श्मशान वासिनी यानी कि सिर्फ श्मशान में ही इनकी साधना होती है या फिर कोई साधक अपने घर पे या फिर अन्य किसी सुनसान जगह पर भी इनकी साधना कर सकता है। देखिए हर किसी के रहने का एक स्थान होता है।

जैसे मां बगलामुखी माता श्मशान वासिनी हैं ना। श्मशान में उनका वास है। लेकिन उनकी साधना जरूरी नहीं कि आप श्मशान में ही करें। सात्विक रूप से भी उनकी साधना की जाती है और घर में भी आप इनकी साधना कर सकते हैं।

लेकिन मैं बार-बार यही बोलूंगा कि इनकी साधना बहुत तीव्र होती है। बिना गुरु के इनकी साधना नहीं करनी चाहिए।

क्या घर में सात्विक बगलामुखी की साधना  संभव है ?

Maa Baglamukhi Sadhna मां बगलामुखी की साधना: रहस्य, प्रयोग और सावधानियां
Maa Baglamukhi Sadhna मां बगलामुखी की साधना: रहस्य, प्रयोग और सावधानियां

जी जैसा कि आपने बताया कि बहुत तीव्र और बहुत गुस्से वाली देवी जी भी माना कहा जा सकता है। तो क्या तंत्र में बगलामुखी जी की साधना वो सात्विक तरीके से भी की जाती है ? जी हां बिल्कुल तंत्र में बगलामुखी माता की साधना सात्विक रूप से भी की जा सकती है। बगला अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र माता को बहुत प्रिय है।

उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए अगर इसका कोई पाठ करता है और इसका अनुष्ठान करता है तो यह सात्विक रूप से उनकी साधना की जा सकती है। लेकिन जब हम मंत्रों में जाते हैं तो मंत्र उनके सौम्य मंत्र भी हैं, तीव्र मंत्र भी हैं और अति तीव्र मंत्र भी हैं।

तो इस प्रकार तंत्र में अगर आपको साधना करनी है तो सौम्य रूप से भी आप साधना कर सकते हैं। और यह जो सौम्य रूप वाली आप साधना बता रहे हैं क्या यह बिना गुरु के संभव है ? सौम्य रूप की साधना में गुरु की ऐसी आवश्यकता नहीं है। इसको आप कोई भी व्यक्ति घर में कर सकता है। इसके लिए आप उनकी चालीसा पढ़ सकते हैं।

उनका स्तोत्र कर सकते हैं। इसके बाद ॐ ह्रीं बगलामुखी देव्यै नमः इस मंत्र का जाप कोई भी साधक घर में कर सकता है। यानी दर्शकों आपने देखा कि बगलामुखी देवी जी के नाम से ही एक कहना चाहिए कि एक डर सभी साधकों के मन में रहता है।

जन सामान्य के मन में रहता है। तो उत्कर्ष जी ने जैसा कि बताया कि आप साधारण तरीके से भी इसका घर में प्रयोग कर सकते हैं। मां बगलामुखी को प्रसन्न कर सकते हैं।

बगलामुखी की साधना – तंत्र-मंत्र और मारण प्रयोग की सच्चाई

 

उत्कर्ष जी एक बात और जानना चाहूंगी कि बगलामुखी जी की जो साधना है वह बहुत उग्र है। तो क्या इस साधना के फल स्वरूप जो साधक हैं और जब वह सिद्धि प्राप्त कर लेते हैं तो क्या उसमें मारण जैसी क्रियाओं का भी प्रयोग किया जाता है ? अवश्य मारण प्रयोग भी इस क्रिया में होता है।

बगलामुखी साधना में कई तरह की साधनाएं होती हैं। अलग-अलग साधनाएं अलग-अलग फल प्राप्त करने के लिए की जाती हैं। जिसमें मारण भी एक है। तो ये जो मारण जैसे मान लीजिए किसी ने प्रयोग किसी पर किया।

मारण के बारे में यदि मैं बात करूं तो यह मेरा एक निजी अनुभव है। जब मैं बहुत छोटी थी मान लीजिए शायद सिक्स्थ या सेवंथ क्लास में होगी और मैं मेरठ में थी मेरे मामा जी के यहां तब तो हमें ये सब चीजें पता नहीं थीं कि ऐसा कुछ होता है।

तो हम लोग ऐसे आसमान में देख रहे थे मामा जी के बच्चे थे और मैं तो वहां हमको कुछ आसमान में चलता हुआ दिखा एक हांडी टाइप की और ऐसे खुले आसमान में वो वैसे चल रही थी तो फिर हम लोगों ने पूछा मामा जी वगैरह और मामी से तब उन्होंने यह बताया कि ये किसी के नाम की हांडी छोड़ी हुई है।

उस समय हमें समझ में नहीं आया लेकिन आज जैसे कि वर्तमान में स्थितियां देखते हैं और जब पता चला कि तंत्र और यह सब कुछ बहुत तीव्र रूप में काम करता है।

मारण क्रियाएं भी होती हैं। तो यह जो हांडी वाला प्रयोग है क्या यह मारण का ही एक स्वरूप है? यह मारण का ही एक स्वरूप होता है। बेसिकली तंत्र जो है भगवान शिव का वरदान है। तो उसमें इस मतलब कई प्रकार की साधनाएं होती हैं।

कई प्रकार के प्रयोग होते हैं। लेकिन भगवान शिव ने सबको कीलित करके रखा हुआ है। क्योंकि कोई शक्ति का दुरुपयोग ना कर ले। तो इसके लिए साधना करनी पड़ती है। अनुष्ठान करने पड़ते हैं। अनुष्ठान होते हैं। फिर हवन होते हैं। फिर गुरु भोज होता है। पूरा प्रोसेस जब कंप्लीट होता है तब जाके वो मंत्र आपके लिए जागृत होता है। फिर वो आपके लिए काम करता है।

बगलामुखी की साधना  – मारण क्रिया का तोड़

 

तो जैसा कि अभी हम अभी हमने बात की मारण की तो क्या यह क्रिया जैसे किसी ने किसी के ऊपर कर दी तो क्या उसे वो रिवर्स कर सकते हैं या उसे वो खत्म कर सकते हैं। कोई यदि किसी के पास कोई सशन के पास जाता है जैसे कोई पीड़ित व्यक्ति है।

वो किसी और तांत्रिक या जानकार के पास गया तो क्या वो बगलामुखी से किया गया प्रयोग है तो क्या वह रिवर्स हो सकता है या वह उसको खत्म भी कर सकते हैं? जैसे स्टार्टिंग में ही मैंने आपको बताया कि बगलामुखी माता का प्रादुर्भाव जो हुआ है वह जगत के कल्याण के लिए हुआ है।

तो कोई व्यक्ति यदि शक्ति का दुरुपयोग करता है और ऐसे में कोई दूसरा बगलामुखी साधक उसको काटने की बात करता है तो माता उस व्यक्ति का साथ देती हैं और उसको काटा जा सकता है। मतलब कहा जा सकता है कि न्याय की देवी हैं और मां तो ममतामई ही होती हैं।

पर कलयुग में कि साधनाओं और सिद्धियों का गलत तरीके से कहीं ना कहीं हम कहें तो प्रयोग किया जा रहा है और यही आपसे मैं जानना चाहूंगी कि सिद्धि और साधना में क्या अंतर है?

सिद्धि और बगलामुखी की साधना में अंतर

 

सिद्धि और साधना में यह अंतर को इस तरीके से समझिए कि जो साधना है हम जो साधना करते हैं वह एक कारण है और उसको किसी चीज को जो हम प्राप्त करने के लिए साधना करते हैं जब वो चीज हमें प्राप्त हो जाती है उसका परिणाम है दैट इज सिद्धि।

मान लीजिए कि हम कोई चीज चाहते हैं कि भगवान के दर्शन करना चाहते हैं तो उसकी साधना अलग होगी। कोई चाहता है कि हमको मनोवांछित फल प्राप्त हो जाए। उसकी साधना अलग होगी। तो जो साधना हम करते हैं उसमें हमें तप श्रम परिश्रम करना पड़ता है।

हमारे तपोबल को बढ़ाना पड़ता है। संयम रखना पड़ता है। ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है। यानी साधना के समय हमको नियम और अनुशासन का पूरी तरीके से पालन करना पड़ता है। जब हम लगातार ये करते हैं तब हमें कहीं जाकर सिद्धि प्राप्त होती है। जी।

 

बगलामुखी की साधना  – कोर्ट-कचहरी के मामलों में बगलामुखी हवन

 

बगलामुखी जी के बारे में सबसे ज्यादा जो प्रचलित बात है वो यह कही जाती है कि जो कोर्ट कचहरी या लड़ाई झगड़े के मामले होते हैं उनके लिए उनके हवन कराए जाते हैं। जैसे कि नलखेड़ा मध्य प्रदेश में जो जगह है वहां पर उनके हवन बहुत ज्यादा प्रचलित हैं।

इसके साथ ही दतिया में जो पीतांबरा माई हैं उनके यहां पे भी उनके हवन किए जाते हैं। तो इस बात में कितनी सत्यता है क्योंकि बहुत हजारों और लाखों की संख्या में लोग वहां जाकर हवन कराते हैं। तो वास्तविकता में क्या है इसके बारे में आप थोड़ा बताइए।

नलखेड़ा में जो बगलामुखी माता के हवन होते हैं उसमें यह सच्चाई है कि व्यक्ति यदि सत्य की तरफ है सही है तो मां उसका साथ देती है भले उसे किसी भी प्रकरण में फंसा दिया गया है। मां की कृपा से वो मुक्त हो जाता है।

यानी कि यहां यह कहा जा सकता है कि यदि गलत व्यक्ति है जिसने अपराध किया है और वो जाके हवन करा रहा है तो उसका हवन बिल्कुल भी सफल नहीं होगा। यानी न्याय की देवी माता है। वो जो सही व्यक्ति है उसका साथ अवश्य देती हैं। जी।

इसके साथ ही जैसे वहां पे हवन की बात कर रहे हैं अभी हम तो अलग-अलग और प्रकार से भी हवन किए जाते हैं और काफी लोगों ने देखा है और वहां पे जैसे हवन करते समय बहुत लोगों को जिनको जिनके शरीर में देवी जी का कुछ रहता है अंश या फिर अन्य चीजें तो वो भी वहां पर एकदम से प्रकट होती हैं।

तो वास्तविकता में इसका थोड़ा सा अर्थ आप समझाइए। देखिए देवी नलखेड़ा में स्वयंभू हैं। साक्षात विराजमान हैं। जब कोई साधक उनका वहां पर जाकर साधना करता है या हवन करता है तो मां प्रसन्न होती है। मां जब प्रसन्न होती है तो वो अपना एहसास कराती है, प्रकट हो जाती है। यानी कि यह कहा जा सकता है कि कुछ अनुभव जो हैं जो लोगों को होते हैं वो वास्तविकता में वो बिल्कुल सत्य अनुभव होते हैं।

एक साधक के अलौकिक  अनुभव – बगलामुखी की साधना

 

अच्छा यही इन्हीं अनुभवों के साथ बात हमारी हो रही है। तो मैं यह जानना चाहूंगी कि क्योंकि आप बगलामुखी जी के साधक हैं और अपनी कुछ साधना के बारे में यदि आप हमारे दर्शकों के साथ बात करना चाहे या बताना चाहें तो बताइए कि आपका कैसा अनुभव रहा ?

आप कब से साधना कर रहे हैं और इस साधना में क्या-क्या चीजों का आपने अनुभव किया है ? देखिए इस लेख के माध्यम से ज्यादा हम बता नहीं सकते हैं। यह चीजें गुप्त रहती है।

गुरु की आज्ञा से ही की जाती है साधना और जितना बताया जा सकता है मैं कुछ अनुभव आपको बताता हूं कि गुरु जी के ही अनुभव थे जो उन्होंने हमको शेयर किए थे कि मैं आपको यह बताना चाह रहा हूं कि बगलामुखी माता क्या-क्या कर सकती हैं उसको समझने की कोशिश कीजिए।

 

बगलामुखी की साधना – ब्रह्म राक्षस से सामना

 

एक व्यक्ति को ब्रह्म राक्षस लग गया था जो कि सबसे खतरनाक होता है। जी बिल्कुल। ब्रह्म राक्षस मतलब यह है कि अगर आप मंदिर के अंदर बैठ के जाप कर रहे हैं वो भी आपके बाजू में बैठ के जाप करेगा। इतना पावरफुल ब्रह्म राक्षस होता है।

मतलब आप उसको काट नहीं सकते कि आप सोचो कि मैं यह मंत्र कर रहा हूं तो उसको हटा दूं इससे तो वो भी बैठ के वही जाप कर रहा है। वो इतना पावरफुल होता है। लेकिन वो तो नकारात्मक है।

तो वो सकारात्मकता के बीच में बैठ के कैसे ब्राह्मण जो है जो गलत काम करके वो होते हैं वो ब्रह्म राक्षस में कन्वर्ट हुए हैं। तो इसलिए उनके अंदर वह पुरानी सिद्धियां तो हैं। वो तपोबल तो है कि वो वहां जा सकते हैं।

पर ये ब्रह्म राक्षस क्या-क्या कर सकते हैं किसी पे भी यदि किसी व्यक्ति के पीछे यदि पीछे अगर पड़ जाए तो उसकी पूरा जीवन बर्बाद कर देता है। सब कुछ खत्म कर देता है। तो मैं ये बता रहा था कि ब्रह्म राक्षस जो था वो किसी के पीछे पड़ गया था। तो गुरु जी ने साधना करी और उन्होंने बगला कल्प विधान का अनुष्ठान लिया।

बगला कल्प विधान उन्होंने एक पाठ किया। बगला कल्प विधान के एक पाठ को उन्होंने 1000 बार किया। यानी कि 1000 पाठ उन्होंने कंप्लीट किए। उसके बाद भी उनको कोई रिजल्ट नहीं मिला। उन्होंने दोबारा से अनुष्ठान किया बगला कल्प विधान का।

दोबारा हजार पाठ किए। उसके बाद भी जब उनको उसका कोई रिजल्ट नहीं मिला। तीसरी बार फिर उन्होंने संकल्प लिया। संकल्प लेकर अनुष्ठान किया। हजार पाठ का तो जब तीसरी बार उनके हजार पाठ पूरे हुए तो मां जो यंत्र है बगलामुखी माता का यंत्र है उसके सामने मां ने उसको प्रकट कर दिया।

उस ब्रह्म राक्षस को प्रकट कर दिया प्रकट हो गए मां ने सामने प्रकट कर दिया और गुरु जी और ब्रह्म राक्षस दोनों आमने सामने तो गुरु जी ने पूछा भाई तुम मेरे पीछे क्यों पड़े हो क्या कारण है तो उसने बताया कि आपके ही गांव के किसी व्यक्ति ने मुझे आपके पीछे लगाया था. 

अच्छा यानी कि ये जो इस तरीके के भूत प्रेत ब्रह्म राक्षस जिन्न होते हैं ये पीछे भी लगा दिए जाते हैं ये पीछे लगा दिए जाते हैं बिल्कुल और ज्यादातर ये पीछे लगाने का कारण आपसी आपसी जलन द्वेष किंतु यदि हम बात करें तो यह सब जो भी माहौल है क्या यह सही है? यह क्या सिद्धियों का सही प्रयोग है?

 

यदि किसी विषय में हमारी काफी अच्छी समझ है लेकिन हम उसका गलत प्रयोग कर रहे हैं तो यह तो ईश्वर भी देख रहा है। तो यह सब तो उचित नहीं है मेरे ख्याल से। देखिए कलयुग है, साधनाएं सब प्रकार की है। यहां पर सात्विक भी है, तामसिक भी है।

इच्छाएं भी लोगों की असीमित है, अलग-अलग हैं। सब अपनी-अपनी इच्छाओं के हिसाब से अपनी साधना का चयन करते हैं। तो ये कहना तो मुश्किल है कि मतलब यह साधना गलत है। कोई भी चीज अगर संसार में है तो भगवान की इच्छा से है। जी।

भगवान ने अगर पॉजिटिव दिया तो नेगेटिव भी दिया। सात्विक लोग हैं सात्विक साधना करेंगे। तामसिक लोग हैं तामसिक साधना करेंगे। अब जो अघोर की साधना करते हैं वो तो सात्विक साधना नहीं कर सकते ना। लेकिन उद्देश्य तो यही है ना भगवान की प्राप्ति। तो वो किसी भी माध्यम से जाएं साधनाएं अलग-अलग है लेकिन सबका रिजल्ट एक ही रहता है।

 

बगलामुखी की साधना सात्विक और तामसिक साधना का टकराव

 

अच्छा यहां पे हम जब साधनाओं की बात कर रहे हैं तो एक सात्विक साधक यदि एक तामसिक साधक के सामने आता है तो कैसी स्थिति होती है? देखिए सात्विक साधक जो होता है वह सौम्यता रहती है उसके अंदर और तामसिक जो साधक रहता है

उसके अंदर उग्रता रहती है लेकिन जब साधना एक अच्छे लेवल पर आ जाती है तो एक चेहरे पे आभा मंडल एक अलग अच्छा दिखने लगता है एक तेज दिखने लगता है वो तेज से पता चलता है कि ये साधक है जिसने साधना की है साधना तपोबल से आती है कि आपका कितना तपोबल है तो जब आपका तपोबल बहुत बढ़ जाता है तब आपके अंदर एक ऐसा तेज आ जाता है जिसको देख देख के कोई भी कह देता है यह साधक है।

गृहस्थों के लिए सरल बगलामुखी की साधना  विधि

 

या साधनाओं की हम जब बात कर रहे हैं तो कोई एक सामान्य जनसामान्य व्यक्ति घर में रह के ही साधना करना चाहता है। उसके पास ना कोई गुरु है ना उसे ज्यादा चीजों का ज्ञान है। तो कुछ सरल सा मार्ग बताइए कि वो साधना में भी खुद को तटस्थ रख सके और मां की प्राप्ति कर सके। जैसे आपने पूछा कि घर में साधना कर सकते हैं क्या?

तो घर में सौम्य रूप से साधना होती है। मां बगलामुखी माता की आप चालीसा पढ़ सकते हैं। उनके स्तोत्र पढ़ सकते हैं। जो मैं अभी बता रहा था बगला अष्टोत्तर शतनाम मां को अति प्रिय है। बहुत तेजी से उनकी कृपा प्राप्त होती है। कोई व्यक्ति यदि संकल्प लेके इनके पाठ को करता है तो डेफिनेटली वो यह साधना कर सकता है।

 

बगलामुखी की साधना  संकल्प लेने की सही प्रक्रिया

 

इसमें संकल्प का क्या सही तरीका होता है साधनाओं को करते समय? क्योंकि जब हम साधारण अपने घर की पूजा करते हैं और जो संकल्प लेते हैं और जब हम इस तरीके की कोई खास विशेष साधना में रत होते हैं तब के संकल्प में दोनों में क्या अंतर है ?

देखिए जो नॉर्मल हम संकल्प करते हैं वो नॉर्मल संकल्प पूजा पाठ में क्या होता है कि लोटे से हमने दाहिने हाथ में जल लिया उसमें अक्षत डाले एक पुष्प डाला एक का सिक्का रखा और बोला कि यह हमारी इच्छा पूर्ण हो।

इसके लिए हम इतने पाठ का संकल्प कर रहे हैं और वो जल जमीन पर छोड़ देते हैं। जी लेकिन जब हम विशेष साधना करते हैं जैसे मां बगलामुखी माता की हम साधना की बात कर रहे हैं। जिनको सब कुछ पीला पसंद है। पीला ही उनको प्रिय है। पीला ही भोग लगता है। यहीं पे मेरा सवाल है कि बगलामुखी जी को पीला ही क्यों इतना प्रिय है?

मां मां बगलामुखी माता को पीला इसलिए प्रिय है कि जब उनका अवतरण हुआ था तो वो पीत वस्त्र में आई थी। पूरी स्वर्ण के आभूषण थी। मतलब उनको पीला पसंद है। हल्दी उनको सबसे प्रिय है। उनके भोग में किशमिश लगती है। बेसन के लड्डू लगते हैं।

कोई भी पीली चीज का भोग लगाते हैं। तो मैं अब उसी प्रश्न पे आता हूं जो अभी आपने पूछा था कि संकल्प कैसे करते हैं? तो संकल्प करने का अलग तरीका होता है। यह संकल्प करने का जो तरीका होता है, उसमें क्या रहता है कि एक पीला कपड़ा लिया आपने।

उसके अंदर एक नारियल का गोला रखा। ठीक है ? उसमें पीली सरसों डाल दी, लौंग डाल दी। जी और कुछ दक्षिणा रख दी और उसको बांध के आपने रख दिया। ठीक है ? माता के चित्र के सामने। उसके बाद फिर आपने हाथ में जल ले संकल्प लिया कि मां मैं आपकी प्रसन्नता के लिए आपके इतने पाठ करने का संकल्प कर रहा हूं।

नॉर्मली हम जल कहां डालते हैं ? जमीन पे। यह हम उस नारियल के गोले के ऊपर डालते हैं। यह अंतर होता है। और वह जो नारियल का गोला है, जब हम साधना करते हैं, उसमें वो शक्ति आती है कि नकारात्मक शक्ति को रोकता है आप तक आने से।

 

बगलामुखी की साधना नकारात्मक ऊर्जाओं से बचाव

 

यही साधनाओं के बीच में हमेशा देखा गया है कि नकारात्मक ऊर्जाएं भी डिस्टर्ब करने के लिए कहना चाहिए कि आती हैं। तो इनको रोकने का क्या तरीका होता है ? किसी भी साधना में? देखिए नकारात्मक शक्ति को रोकने से पहले आपको जब कोई भी साधना की आप शुरुआत करें अपने ओरा को लॉक करना होता है। ठीक है ?

आप अपने ओरा को लॉक करेंगे और दूसरा जो प्रोसेस मैंने बताया नारियल का गोला रखते हैं। तो जो नारियल का गोला हम रख रहे हैं इसमें हम शक्ति समाहित हो रही है। यह शक्ति ही रोकती है नकारात्मक शक्ति को आप तक आने से।

और ओरा लॉक करना भी बता दीजिए कि किस तरीके से किया जाता है। देखिए ओरा लॉक करने का सिंपल सा प्रोसेस यह होता है कि आप इस तरीके से ऐसे क्रॉस टाइप का बनाइए यूं और ये आपका पूरा ओरा लॉक हो गया कि जो भी नेगेटिविटी सर पे ऐसे ले ऐसे लेके हृदय तक और लेफ्ट से राइट तक चली गई और मन में ये बोलना है कि जो भी मेरे आसपास चीजें हैं वो मेरे प्रवेश ना कर पाए मेरे शरीर में और मेरा अपना ओरा लॉक करता हूं।

सिर्फ इतना छोटा सा एक कार्य बिल्कुल ये आप मैं घर की साधना के लिए आपको बता रहा हूं नॉर्मल अगर हम घर में साधना करते हैं इतने से काम चल जाएगा और हम साधारण ध्यान पे बैठ रहे हैं यदि तो ये जो ओरा लॉक करने का आपने तरीका बताया है ये भी क्या हम रोज प्रयोग कर सकते हैं बिल्कुल कर सकते हैं आप तो इससे किसी भी प्रकार की नकारात्मक या अन्य जैसी भी ऊर्जाएं होती हैं वो आपके संपर्क में नहीं आ पाती हैं।

36 अक्षरीय बगलामुखी मंत्र: क्यों है गुरु की आवश्यकता ? 

 

सबसे महत्वपूर्ण सवाल एक मैं आपसे करना चाहती हूं। 36 अक्षरीय जो मंत्र होता है मां बगलामुखी का तो क्या उसकी पूजा या उसका जप साधारण लोग भी कर सकते हैं ? देखिए 36 अक्षरीय मंत्र जो है माता बगलामुखी को बहुत प्रिय है और दतिया वाले गुरु जी ने भी अपने जो बगलामुखी रहस्य उसमें इसी का वर्णन किया गया है। यह मंत्र इतना शक्तिशाली है। मूल मंत्र इसे कहा जाता है बेसिकली।

तो जो मूल मंत्र होता है मूल यानी जिसमें समूल सब कुछ समाहित है उस मंत्र को करने के लिए आपको गुरु की आवश्यकता होती है। बिना गुरु के इस मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए। क्योंकि इस मंत्र के उच्चारण में अगर आप कहीं कोई त्रुटि करते हैं तो अर्थ का अनर्थ हो सकता है।

जैसे मैं दर्शकों को बता देता हूं। बगलामुखी मंत्र है। ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभ जिह्वां कील बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा। अब इसमें अगर आपने कहीं भी कोई भी त्रुटि कर दी तो वह चीज आपके लिए प्रॉब्लम क्रिएट कर सकती है।

तो दर्शकों आपकी जानकारी के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है कि 36 अक्षरीय बगलामुखी जी का जो यह जप किया जाता है मंत्र का इसे आप बिना गुरु के कभी भी घर में ना करें। अन्यथा अर्थ का अनर्थ हो सकता है।

कई साधक ऐसे होते हैं जो जिन्हें साधना का शुरू शुरू में कहना चाहिए कि एक मन होता है या शौक सवार होता है और वो खुद से गुरु मंत्र साधना डॉट कॉम से देखकर या आजकल बहुत गुरु बताते भी हैं तो वो गुरु मंत्र साधना डॉट कॉम से देखकर सारी साधनाएं करने लगते हैं।

तो ये कितना हानिकारक हो सकता है किसी के? यह डिपेंड करता है कि वह कौन सी साधना कर रहे हैं। अगर वह सात्विक साधना कर रहे हैं तो वह बिल्कुल कर सकते हैं। नहीं है। लेकिन अगर वह तामसिक साधना कर रहे हैं या माता की कोई उग्र साधना कर रहे हैं तो फिर बिना गुरु के नहीं करनी चाहिए।

क्योंकि नकारात्मक शक्ति जब वार करती है ऐसे में तो उसको संभालने के लिए गुरु की शक्ति ही काम आती है। जी यहां हम गुरु की बात कर रहे हैं और गुरु होना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

लेकिन यह भी कहा जाता है कि जब तक समय नहीं आता तब तक हमें हमारे गुरु से हम मिल नहीं पाते हैं। तो गुरु का चुनाव करना या गुरु से मिलना ये सब कैसे संभव हो पाता है ?

गुरु का चुनाव हम नहीं कर सकते क्योंकि हमारी इतनी बुद्धि नहीं है कि हम गुरु को पहचान सके। समय आने पर गुरु खुद हमें चुनता है। जी यानी कि आपको जहां से गुरु दीक्षा प्राप्त हो गई स्वयं ही वही आपके गुरु हैं और आप आपको उनको स्वयं से स्वीकार कर लेना चाहिए।

साधना का फल क्यों नहीं मिलता? प्रारब्ध का प्रभाव

 

उत्कर्ष जी कई साधक जो जाप करते हैं साधना करते हैं। जैसे सवा लाख मंत्रों का जाप किया। किसी ने 10,000 लाख मंत्रों का जाप किया। अपनी-अपनी कैपेसिटी के अनुसार। लेकिन कई बार वो ऐसा कहते हैं कि हम इतनी आराधना पूजा कर रहे हैं उसके बाद भी इसका फल नहीं मिल रहा है। तो उसका क्या कारण होता है ?

बहुत ही बढ़िया क्वेश्चन आपने किया और मैं आपके माध्यम से दर्शकों को बताना चाहूंगा कि जो भी साधक साधना करता है जैसे मंत्र जाप उसने सवा लाख किए। एक मंत्र के सवा लाख किए। उसके बाद दूसरे मंत्र के सवा लाख किए। ऐसे कई प्रकार की साधनाएं उसने करी।

और उसका क्वेश्चन ये रहता है कि उसको रिजल्ट नहीं मिल रहा। तो उसका मेन कारण ये रहता है कि जो साधना से उसने तप अर्जित किया है वो तप जो साधना का अर्जित किया तप है वो उसके ओरा को क्लीन करने में जा रहा है ठीक है और ऊपर से सामने वाले के प्रारब्ध भी रहते हैं.

जब प्रारब्ध कटते हैं रिजल्ट उसके बाद मिलता है साधनाएं हम कर रहे हैं पूरे भाव से कर रहे हैं पूरी श्रद्धा से कर रहे हैं लेकिन आप किस किस मतलब कितने जन्मों से कौन-कौन से प्रारब्ध ले आए हैं ये नहीं पता तो जब वो प्रारब्ध आपके समाप्त होते हैं।

मां क्या कृपा करती है? ऐसा नहीं कि आपने साधना करी है, आप जप कर रहे हो और मां आपको कुछ नहीं दे रही। मां दे रही है लेकिन आपको दिखाई नहीं दे रहा। मां आपके उस प्रारब्ध को क्षीण कर रही है। वो एनर्जी वहां लग रही है जब वो आपका प्रारब्ध बिल्कुल क्षीण हो जाता है। उसके बाद जब आप एक साधना करते हैं क्वांटम जंप कर जाते हैं।

बगलामुखी वशीकरण: क्या इसका कोई तोड़ है ?

 

उत्कर्ष जी बगलामुखी साधना में जो भी तंत्रों का प्रयोग होता है उसके द्वारा जो वशीकरण का प्रयोग किया जाता है। क्या उसके कोई काट है ? देखिए मां बगलामुखी माता को ब्रह्मास्त्र विद्या कहते हैं। सबसे पहले तो यह समझिए।

ब्रह्मास्त्र मतलब त्रिलोक की अंतिम शक्ति। जब कोई भी पूजा पाठ करने के बाद रिजल्ट नहीं मिलता तो अंत में व्यक्ति बगलामुखी माता की शरण में जाता है और कोई यदि बगलामुखी माता का वशीकरण करता है तो उसकी कोई काट नहीं होती।

Maa Baglamukhi Sadhna बगलामुखी की साधना का निष्कर्ष

 

तो दर्शकों आज हमने बात की बगलामुखी मां के ऊपर उनकी साधना के ऊपर आपने जैसा देखा कि उत्कर्ष जी ने अपने भी कुछ अनुभव बताए उनके गुरु जी के भी कुछ अनुभव बताए तो मां की साधना करने वाले व्यक्ति के पास ढेर सारे अनुभवों का भंडार होता है और आज के कलयुग के युग में भी मां बगलामुखी बहुत ही जागृत देवी हैं।

और सच्चे मन से जो भी साधक जिस भी प्रकार से यानी कि सात्विक या तामसिक जो भी उनकी इच्छा अनुसार भक्ति करते हैं, उनकी साधना करते हैं, मां साक्षात आकर उनको दर्शन भी देती हैं और उनके सारे मनोरथ को पूर्ण भी करती हैं।

तो आज हमारी चर्चा बगलामुखी मां के बारे में थी। अगले लेख में एक नए विषय और एक नए मेहमान के साथ मैं फिर उपस्थित होऊंगी। तब तक के लिए जय माता दी। जय माता दी।

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Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग

Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग

 

Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग

Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग गुरु मंत्र साधना.कॉम में आप सबका फिर से स्वागत है। जी। आज हमारे साथ हैं जी फिर से सागरनाथ जी। जी सागरनाथ जी आज हमारे लिए एक साधना लेकर आए हैं। वो साधना है लंकाधिपति रावण साधना। ठीक है। रावण एक ऐसा व्यक्ति रहा है जो वेदों का जानकार था, आयुर्वेद का जानकार था, ज्योतिष का जानकार था, तंत्र का जानकार था।

तंत्र का तो उसको बोला जाता था महा एक्सपर्ट। क्या बात है? मायावी विद्याओं का अच्छा जानकार था। ठीक है। तो उसी लंकाधिपति रावण की एक साधना दशहरे के ऊपर की जाती है। नहीं सा ये मैं आपको रोकना चाहूंगा। ये साधना नहीं है। ये उसका एक उपाय है।

जो साधना से भी ऊपर काम करेगा सबके लिए। कोई भी कर सकता है। हां उसका उपाय हम बोल सकते हैं। सिंपल वर्ड में अगर हम बात करें तो साधना भी इसकी की जा सकती है।

 जी तो आज लंकाधिपति रावण की कुछ साधना आप बताइए उपाय बताइए। जी जी जी जो उससे क्या फायदे हैं और क्या जीवन के अंदर लाभ हो सकता है उस साधना का आप बताइए। जी जी जी आपका स्वागत है फिर से सागरनाथ जी।

Dussehra 2025 रावण उपाय की आवश्यकता और लाभ

Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग
Dussehra 2025 रावण उपाय- धन और शक्ति प्राप्ति का अचूक मार्ग

जी रुद्रनाथ जी आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हर पोस्ट में आप मेरे को बुलाते हो और मेरा इतना धन्यवाद करते हो और करवाते हो अपने व्यूअर्स से। इतना प्यार करते हैं भाई आप हर पोस्ट में हमें लेके आते। देखिए हमारा जो लक्ष्य है जी कुछ चीजों की जानकारी आप दो।

आपके जिम्मे हम दे रहे हैं। कुछ चीजों की जानकारी हम देंगे। हम मिल बाँट के जानकारियाँ लोगों को बाँटेंगे। पंथ हमारा एक ही है, नाथ पंथ। आपका भी नाथ पंथ है, हम भी नाथ पंथ ही। हम तो भाई गुरु भाई हैं। बिल्कुल गुरु भाई हैं और कुछ चीजें आप बताएँगे कुछ मैं बताऊंगा। ठीक है? मिलजुल के हम अपना साधना का प्रचार करेंगे। अब ठीक है।

तो आज हम पहले आप बताइए जी लंकाधिपति रावण की साधना के लाभ क्यों करनी चाहिए साधना? सबसे पहले मैं सबको बोलूँगा राम राम, जय माता की। एक बार फिर से। अब मैं आपके लिए व्यूअर्स जो हैं हमारे दर्शक हैं उनके लिए लेके आया लंका का पति महाबली रावण का वह उपाय जो किसी ने आपको आज तक नहीं बताया होगा। जो मैंने खुद किया है।

मैं अपने मित्रों को भी करवाता हूँ। उनके पास अब इतना धन इकट्ठा हो गया जैसे छप्पड़ फाड़ के धन आता है चारों तरफ से। ये इतनी बढ़िया उपाय है जो आज तक ग्रह भी नहीं कर पाते। तीन नौ ग्रह इतने मतलब को बाँधने वाला भी लंकाधिपति। बिल्कुल भाई वो महाबली है।

काल को के साथ। बिल्कुल। उसको महाबली इसलिए बोला जाता है जो पंडित है आधा पंडित है आधा राक्षस है। तो वो महाबली बनेगा। ज्ञान में वो पंडित है, बल में। टॉपिक में आगे बढ़ते हैं आप मेरे को लाभ बताइए क्या लाभ? अभी अभी अभी बताते हैं भाई।

सबसे पहले बड़ा लाभ तो यह है कि जैसे ये उपाय करोगे जो आपके साथ टक्कर रखेगा आपका शत्रु गुप्त हो चाहे बाहर का हो चाहे सामने का हो, सर्वनाश कर देगा उसका तहसनहस कर देगा। पहला उपाय। दूसरा उपाय यह कि यह धन चारों दिशाओं से ऐसे लाएगा, छप्पड़ फाड़ के धन लाएगा।

इतने रास्ते खोल देगा धन के कि आप इकट्ठा इकट्ठा धन करते थक जाओगे। ये देता नहीं थकेगा। ये वर्ष में टंका सोने की थी। इतना धन उनके पास। बिल्कुल। नौ ग्रह नहीं इतना किसी जीवन को बलवान बना पाते किसी व्यक्ति के व्यक्ति के जीवन को जितना यह बलवान बना देता है। यह तो सीधा मित्र बनता है उस उपाय से। आज मैं आपको बताऊंगा वह उपाय क्या है।

Dussehra 2025 रावण उपाय की संपूर्ण विधि

ठीक है जी। उपाय ऐसे भाई ध्यान से सुनना। एक-एक पॉइंट नोट करते जाना भाई। क्योंकि दशहरा सिर पे यह उपाय झटपट कर लेना आप जिसने भी करना है। ठीक है ना? इसमें टालमटोल मत करना।

सबसे पहले आपने क्या करना है? वहाँ पर जाना है जहाँ पर रावण दहन होता है। दहन होने के बाद जाना है आपने। ठीक है? दहन होने से पहले नहीं, बाद में जहाँ पे रावण जलाया जाता है। आपने क्या करना है? अपने साथ सात रंग की मिठाई ले जानी है। हम ठीक है?

थोड़ा सा कच्चा दूध ले जाना है। हम ठीक है। वहाँ रावण को आवाज लगानी है कि ए रावण आज तू जल चुका है। खड़ा हो, जाग जा और मेरे साथ चल। मेरे घर चल। मेरे काम बना। मेरा मित्र बन। जो कहूँगा वैसा पूरा करना है। यह इतनी बात उसको बोल कर आनी है।

जगा कर आना है। जैसे मुर्दा जगाते हो ना आप हम शमशान में, वैसे उसको जगा कर आना है। आवाज देकर आनी है। और भोग वहाँ पे अर्पित कर देना है जहाँ पे रावण जला होगा। उसकी राख के ऊपर अगर आपको वहाँ से उसकी लकड़ी मिल जाए उस समय, रस्सी मिल जाए तो सोने पे सुहागा है।

उसी समय जलने के बाद अगर ना मिले तो वहाँ की जो राख है ना हम हम वो घर लेके आ जानी है उस समय। हम ठीक है। मुट्ठी भर सिला लेकर आनी है। उसको क्या करना है आपने एक केस बनवा लेना है या कटोरी में रख लेना है। ठीक है? जहाँ पे आपका पूजा स्थान होगा वहाँ पे उसको रखना है और उसको प्रतिदिन कच्चे दूध का भोग लगाना है उस माटी को।

क्योंकि जो माटी होती है ना उसमें वह उसकी जो शक्ति होती है जली हुई वह वश में हो जाता है। इस उपाय से रावण। हम माटी को घर पर लाना है। पूजा स्थान पर रखना है। सुबह उठकर कच्चा दूध चढ़ाना है। रात को भी कच्चा दूध चढ़ाना है।

उसको सुबह और रात को यही बोलना है कि हे रावण, महाबली रावण, मेरे समस्त कार्य कर। जो मेरा धन रुका हुआ है वो मेरे को लाकर दे। वो क्या करेगा? आपके लिए नए-नए धन के मार्ग खोलता जाएगा। आपका जो काम रुका है, काम चलने चलने लग पड़ेगा।

हम ठीक है? आप में उसके जैसे गुण आने लग पड़ेंगे। आपको खुद पता लगेगा। आवाज़ भारी हो जाएगी आपकी। अब जैसे बात वैसे करोगे जैसे एक टशन व्यक्ति नहीं करता है कि जैसे अपनी धौंस जमा के बात करता है, वैसे करोगे आप। हम मतलब इतना बलवान रावण है।

Dussehra 2025 रावण उपाय – अमावस्या का विशेष भोग और नियम

 

और जब अमावस्या आए उस माटी को नारियल का भोग ज़रूर दें। पानी के नारियल का और साथ में क्या करना है? दूध के साथ क्या ऐड करना है? एक पान के पाँच पत्ते ऐड करने हैं। उस पे क्या करना है? दो लौंग रखने हैं, दो इलायची रखनी है।

एक-एक सुपारी रखनी है पाँच पान के पत्तों के ऊपर। और उसके ऊपर क्या लगवाना है? कत्था। हम कत्था। पहले दिन जब लेकर आओगे वो भोग पड़ा रहने देना है उसके लिए। और अगला भोग कब देना है? उसको अमावस्या पे देना है। हम ठीक है।

यह आपने पूरे साल करना है ऐसा काम भाई। एक महीने के अंदर-अंदर आपकी तकदीर बदल जाएगी। धन धन को लेके गरीब से यानी जिसको बोलते हैं ना रंक रंक से राजा बन जाओगे। आप देखोगे कि आपका समाज में रुतबा इतना बढ़ जाएगा। किसी का इतना बड़ा ही नहीं होगा।

मतलब कि ये ऐसा उपाय मेरे मैंने अपने मित्रों को करवाया है। वो तो चलो कहीं से लकड़ी भी ले आते उसी समय जैसे ये विधि करने के बाद रस्सी भी उनको मिल जाती थी। आज भाई उनके पास टूटे फूटे मकान में रहता था। बढ़िया शानदार कोठी डाली हुई है।

धन इतना है वो खर्चने में परवाह नहीं करता। खड़े पांव मतलब कि इतना धनवान हो चुका है वो। मतलब कइयों को मैं कइयों को मैंने बताया जो रावण के उपासक मैंने बताए हैं ना कइयों को बताया वह इस समय रावण के उपासक बन चुके हुए हैं। वो बोलते रावण तो हमारा बड़े भाई जैसा है।

भाई एक आवाज लगाओ माटी के सामने जाके जब घर में जाते हैं, भाई काम उसको बोल दो, काम कर देता है। यहाँ तक कि स्वप्न में भी दर्शन देता है और हमें खुद बोलता है कि यह विधि अपनाओ ये विधि अपनाओ। खुद बोलता है अपने मुँह से, यह विधि अपनाओ, तुम्हारा काम ऐसे होगा।

हम कइयों को तो उसने यह बताया हुआ है कि जो शिवलिंग होता है ना कइयों को, जिनको मैंने साधकों को सिद्ध करवाया इस उपाय से कि वहाँ पे जो पेठा होता है ना पेठा, पेठे का फल हम भाई काट के शिवलिंग पे मेरा नाम ले, ये अर्पण करो।

हम आपके समस्त चाहे जितना भी आपकी लाइफ में बोझ आया हुआ है। बोझ कहने का मतलब है रोग है, शत्रु है, चाहे आपका पारिवारिक क्लेश है, वो सब खत्म कर देता है।

हाँ इस उपाय को करने के बाद या करोगे मीट और दारू मत इसका सेवन मत करना। नहीं मेरा एक सवाल है तो रावण तो ये चीजें खुद सेवन करता था तो सेवन क्यों?

मैं बोल रहा हूँ क्योंकि वो सेवन करने के बाद आप में क्रोध बहुत बढ़ जाएगा। आप इस चीज के ऊपर आ जाएगा आ जाएगा। हाज़िरी जैसे जैसे बोलते हैं ना उसका तेज़ हाज़िरी आ जाएगी। वो आपसे सँभली नहीं जाएगी। आप पागल हो जाओगे। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल।

मैं इसलिए बोल रहा हूँ इस चीजों का मत सेवन करना क्योंकि हम खुद उपाय करते हैं लेकिन हम जिस चीज को बोलते हैं कि मनुष्य के लिए हानिकारक है वो वो मत करें क्योंकि मनुष्य को ज्ञान उतना ही ज़रूरी है जो उसको लाभ दे सके।

ज़्यादा ट्रीटमेंट करेगा ना उस ज्ञान पे तो वो उसके लिए हानिकारक हो जाएगा। जी जी मैं दावे के साथ बोलता हूँ ये उपाय करो।

किसी टोटके को करने की ज़रूरत नहीं। किसी भी दुनिया में टोटके को करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी आपको। यानी कि यही साधनाओं में भी आपको बलवान बना देता है।

तंत्र में इतना महान होने के बाद भी जो आप साधनाएँ करेंगे ना हम उसको भी ये आपको सिद्ध करवा के देगा। हम ठीक है भाई ये इतना उपाय जो हम करते हैं हम करवाते आ रहे हैं। हम ठीक है। बस इतना ही है रुद्रनाथ जी। इससे ज़्यादा मैं और कुछ नहीं आगे बोल सकता।

Dussehra 2025 रावण उपाय – दर्शकों के प्रश्न और समाधान

 

जी जी बिल्कुल बिल्कुल। कोई भी अगर आप लोगों का सवाल है तो नीचे कमेंट बॉक्स में आप लिख सकते हैं। ठीक है? रावण जी का यह उपाय आप ज़रूर करिए। ठीक है? तो आपकी ज़िंदगी में अवश्य लाभ प्राप्त होगा। भाई जीवन सुधर जाएगा। जीवन खुशहाल हो जाएगा। और क्या चाहिए आपको? जी बिल्कुल बिल्कुल।

अच्छा एक सवाल और है। कुछ लोग बोलेंगे तो जी सवाल आएगा कि बात वह यह बोलते हैं कि रावण तो सनातन धर्म के खिलाफ था और हमें क्या यह अधर्म की साधना करने के लिए बोल रहे हैं? तो क्या ये करनी चाहिए? क्योंकि बोलेंगे बेवकूफ लोग हैं।

बहुत सारे बेवकूफ लोग हैं। मैं एक और बात बताता हूँ। जो इतना अपना ज्ञान पेलते हैं जब उनको बाण लगने के बाद वो अपने प्राण छोड़ रहे थे ना तब उन्होंने श्री राम जी के आगे हाथ जोड़ के उनको परमेश्वर मान के कि आप ब्रह्मांड के परमेश्वर हो जो सबसे शक्तिशाली हो। आपने मुझे मुक्ति दी। जो मेरे से गलती हुई उसके लिए मैं क्षमा माँगता हूँ

मेरी मृत्यु नहीं हुई। मेरे को आपने मुक्ति दी। आप मेरे लिए परमात्मा समान हो। बिल्कुल। सबसे बड़ी बात ये है। जब प्राण ही चले जब निकलते तो आदमी सच बोलता है। अब दूसरा चीज के ऊपर मैं आता हूँ कि जो रावण था मैं बहुत लंबी स्टोरी तो नहीं बताऊंगा। रावण भी विष्णु भगवान जी का पिछले जन्म में द्वारपाल द्वारपाल रह चुके हैं। जया और विजय द्वारपाल ही तो थे। बिल्कुल बिल्कुल। उनको और रावण तो हिरण्यकश्यप हिरण्यकश्यप। बिल्कुल बिल्कुल।

सब यही चीज और दूसरी मैं ये बताना चाहता हूँ। आप भगवान के द्वारपाल की साधना कर रहे हैं। कोई गलत चीज तो नहीं है। गलत चीज नहीं कर रहे भाई। मेरा तो काम वो है जो चीजें लुप्त हो रही है आपको बतानी।

मैं जो मंत्र बता रहा हूँ इस वेबसाइट लेख में बता रहा हूँ वो 100% हमने किए हुए हैं। हम कोई किताबी ज्ञान नहीं पेलने आ रहे यहाँ से मंत्र उठाया यह बता दिया। विधि कुछ ज्ञान बिलकुल बिलकुल। तो हम चाइना का माल नहीं बेच रहे यहाँ पे।

एक सवाल और है जी जी लोगों का कि जो हम पूजा पाठ सिंपल करते हैं प्रभु श्री राम जी का या फिर हम हनुमान जी का तो वो साथ में कर सकते हैं या उनको छोड़ना पड़ेगा? कर सकते हो, कर सकते हो। करोगे, कर सकते हो। जो मैंने आपको विधि बताई बिल्कुल सिंपल सात्विक विधि। हम जो पूजा पाठ कर रहे हैं तो वो भी हम कर सकते हैं। कर सकते हो भाई।

आप करोगे आप करोगे। क्यों करोगे? आपके मन में वो इतना प्रेम जगाएगा। आप जितने मेरे यार दोस्तों को मैंने सिद्ध करी। हज़ार से ऊपर के लोगों को लगा लो। मैंने ये उपाय बताए। मैंने तो उनके घर में कोई क्लेश आलतू-फालतू का नहीं। चलो घरों में छोटा-मोटा क्लेश चलता है। लेकिन जैसा बताते हैं रावण बन गया। रावण का असर हो गया। कोई नहीं।

वो पाँव पड़कर बोलते हैं कि आपने हमारा जीवन सँवार दिया। जी बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। इससे बड़ा तो नहीं और कोई दान होता। दूसरी चीज मैं आपको यहाँ और चीज बताता हूँ। रावण जितना शिव भक्त कोई भी नहीं था। जी कोई नहीं हुआ।

भगवान उनके उसने तो सिर काट के शिव जी के आगे रख दिए थे। बताता हूँ भगवान शंकर थे उनके गुरु। गुरु तो भगवान शंकर ने बोला था, तू मेरा चेला है।

ऐसा चेला मैंने कभी किसी को बनाया नहीं लेकिन तू बनेगा। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। बहुत सारी विद्याएँ उन्होंने सिखाई। लाल किताब उनसे तो निकली है। लाल किताब के जनक कौन थे? भगवान सूर्य के जो सारथी थे वो थे। उन्होंने आगे कहाँ से ली? रावण से तो ली।

रावण ने उनसे आगे ली है। कहाँ से? जब वो ब्राह्मण था। ब्राह्मण रूप को धारण किए हुए था। राक्षस नहीं था वो सब। ये बातें बहुत बड़ी होती। इसके लिए कभी और टॉपिक करेंगे। दशहरे पे उपाय करो। बिल्कुल।

यहीं पर समाप्त करते हैं। जी सागरनाथ जी। जी रुद्रनाथ जी बहुत-बहुत धन्यवाद। आपका धन्यवाद जी आपका। जय माता की। जय श्री महाकाल जी। जय माता दी।

दिवाली की रात्रि में लक्ष्मी साधना कैसे करे (Diwali Ki Ratri Mein Lakshmi Sadhana Kaise Kare)

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दिवाली की रात्रि में लक्ष्मी साधना का महत्व (Diwali Ki Ratri Mein Lakshmi Sadhana Ka Mahatva)

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अरे भाई, दीपावली की रात, जिसे महानिशा भी कहते हैं, वो टाइम है जब हम सब माँ लक्ष्मी को अपने घर वेलकम करते हैं। सच कहूँ, यह दिवाली की रात पूरे साल में सबसे ज्यादा इम्पोर्टेन्ट (Important) रात होती है, खासकर उन लोगों के लिए जो धन और समृद्धि को अपने जीवन में अट्रैक्ट (Attract) करना चाहते हैं।

आप मानो या न मानो, इस रात की गई साधना का रिजल्ट (Result) बहुत जल्दी और बहुत ज्यादा मिलता है। जनाब, यह सिर्फ पूजा नहीं है, यह एक तरह का एनर्जी (Energy) चैनल है जिसके जरिए हम पॉजिटिविटी और वेल्थ (Wealth) को फील (Feel) करते हैं।

इसीलिए हर कोई चाहता है कि वो इस स्पेशल (Special) रात पर सही तरीके से माँ लक्ष्मी की आराधना करें। हम आपको यहाँ बिल्कुल सरल तरीका बता रहे हैं, जिससे आप भी इस मैजिकल (Magical) रात का पूरा बेनिफिट (Benefit) उठा सकें। भई देख, तुम अगर फुल फोकस (Full Focus) के साथ ये साधना करोगे, तो तुम्हारा घर खुशियों से भर जाएगा, सही है न?

साधना की तैयारी और सही समय (Sadhana Ki Taiyari Aur Sahi Samay)

 

 

तैयारी की लिस्ट (Preparation List)

 

सुनो जरा, साधना स्टार्ट (Start) करने से पहले कुछ चीजें रेडी (Ready) रखना बहुत जरूरी है। हमारा मकसद है कि आपको बिल्कुल सिम्पल (Simple) और आसानी से मिलने वाली चीजों का यूज़ करना है, ताकि किसी तरह की टेंशन न हो।

सामग्री (Samagri) विवरण (Details)
माँ लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति/फोटो नई या साफ़ की हुई मूर्ति/फोटो।
पूजा का आसन (Seat) लाल या पीला रंग का आसन बिछाएँ।
दीपक (Lamp) शुद्ध घी या तिल के तेल का एक बड़ा और 11 छोटे दीपक।
अक्षत और कुमकुम रोली और चावल (साबुत चावल, टूटे नहीं)।
फूल और माला कमल का फूल (सबसे बेस्ट), या लाल गुलाब।
प्रसाद (Sweet Offerings) खीर, मिठाई, या बताशे/खील।
दक्षिणा कुछ कॉइन (Coin) और नोट (Note)।
शुद्ध जल गंगा जल या साफ पानी।
इत्र और धूप/अगरबत्ती सुगंध (Fragrance) बहुत ज़रूरी है।

 

पूजा का शुभ मुहूर्त (Auspicious Time for Puja)

 

वैसे तो पूरी रात ही लक्ष्मी साधना के लिए बहुत अच्छी होती है, तो भी मान लो कि आपको एक निश्चित टाइम पर बैठना है, तो सबसे इम्पोर्टेन्ट (Important) टाइम होता है प्रदोष काल (शाम) और महानिशा काल (आधी रात)।

  • प्रदोष काल: यह सूर्य अस्त होने के लगभग 2 घंटे बाद शुरू होता है। अक्सर लोग इसी टाइम में फैमिली (Family) के साथ पूजा करते हैं।
  • महानिशा काल: यह आधी रात के आसपास का टाइम होता है। साधकों (Sadhaks) के लिए यह टाइम सबसे बेस्ट (Best) माना जाता है। इस टाइम पर की गई साधना का पॉवर (Power) सबसे ज्यादा फील होता है। भाई, मान लो कि अगर आप देर रात तक जाग सकते हैं, तो यह टाइम मत छोड़ना, ठीक है न?

लक्ष्मी साधना की पूरी विधि (Lakshmi Sadhana Ki Poori Vidhi)

 

1. शुद्धिकरण और संकल्प (Purification and Vow)

 

अच्छा सुनो, साधना शुरू करने से पहले आप स्नान (Bath) करके साफ क्लॉथ (Clothes) पहन लें। मैं हमेशा कहता हूँ कि मन की शुद्धि सबसे जरूरी है।

  • जगह साफ करें: पूजा का स्थान अच्छी तरह से साफ करें।
  • आसन पर बैठें: लाल या पीले आसन पर ईस्ट (East) या नॉर्थ (North) की तरफ फेस (Face) करके बैठें।
  • संकल्प लें: आप हाथ में जल, फूल, और चावल लेकर संकल्प (Vow) करें कि आप किसलिए (For what reason) यह साधना कर रहे हैं। उदाहरण के लिए: “हे माँ लक्ष्मी, मैं (अपना नाम) धन, समृद्धि, और सुख के लिए यह साधना कर रहा हूँ।” जरा सोचो, जब तुम संकल्प लेते हो, तो तुम अपनी एनर्जी को एक डाइरेक्शन (Direction) देते हो।

 

2. गणेश वन्दना (Ganesh Worship)

 

तुम देखो, किसी भी पूजा को स्टार्ट करने से पहले गणेश जी की पूजा सबसे जरूरी है। तो आप सबसे पहले गणेश जी को जल, रोली, चावल, और दूर्वा (घास) ऑफर (Offer) करें।

  • उनका ध्यान करें और मन्त्र (Mantra) बोलें: ‘वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।
  • यार, हम गुरू को और गणेश जी को पहले इसलिए याद करते हैं, ताकि साधना में कोई प्रॉब्लम (Problem) न आए, समझे?

 

3. कलश स्थापना और दीपक प्रज्वलन (Kalash Sthapana and Lighting the Lamp)

 

  • कलश: एक कलश में जल भरें, उसमें सिक्का, सुपारी, और हल्दी डालें। ऊपर आम के पत्ते रखकर एक नारियल रखें।
  • दीपक: घी का एक बड़ा दीपक जलाएँ। यह दीपक पूरी रात जलते रहना चाहिए। यह दीपक आपकी वेल्थ (Wealth) और एनर्जी का सिम्बल (Symbol) है।

 

4. माँ लक्ष्मी की पूजा (Maa Lakshmi Puja)

 

अब सुनो, यह मेन (Main) पार्ट है।

  • आवाहन (Calling): माँ लक्ष्मी को इनवाइट (Invite) करें और आसन दें।
  • स्नान (Bath): माँ की मूर्ति या फोटो को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से स्नान कराएँ।
  • वस्त्र और आभूषण: उन्हें लाल वस्त्र (Red Clothes) और आभूषण (Jewellery) ऑफर करें।
  • कुमकुम और अक्षत: रोली और साबुत चावल (अक्षत) चढ़ाएँ।
  • पुष्प और माला: कमल का फूल या लाल फूल जरूर चढ़ाएँ।
  • इत्र (Perfume): माँ लक्ष्मी को इत्र बहुत पसंद है, तो इत्र लगाना न भूलें।
  • प्रसाद: खीर, मिठाई, और खील-बताशे चढ़ाएँ।
शक्तिशाली लक्ष्मी मंत्र और जाप (Shaktishali Lakshmi Mantra Aur Jaap)

 

क्या बताऊँ, साधना का कोर (Core) पार्ट है मंत्र जाप (Mantra Jaap)। जरा सोच के देखो, तुम अगर सही मंत्र को सही फीलिंग (Feeling) के साथ बोलते हो, तो पॉजिटिव एनर्जी (Positive Energy) कितनी बढ़ जाती है।

 

मुख्य लक्ष्मी मंत्र (The Main Lakshmi Mantra)

 

आप यह सरल और सबसे पावरफुल (Powerful) मंत्र यूज (Use) कर सकते हैं:

या इससे भी सरल:

 

जाप की विधि (Mala Jaap Method)

 

  • माला (Rosary): कमल गट्टे की माला (Lotus Seed Rosary) सबसे शुभ (Auspicious) मानी जाती है। अगर यह न हो, तो स्फटिक (Crystal) की माला यूज कर सकते हैं।
  • जाप संख्या: कम से कम एक माला (108 बार) जाप करना चाहिए। लेकिन अगर आप पूरी महानिशा में फोकस करके 11 माला या 21 माला जाप करते हैं, तो अरे वाह भई, आपको बहुत अच्छे रिजल्ट (Good Results) मिलेंगे।
  • ध्यान (Dhyan): तुम जाप करते समय सिर्फ माँ लक्ष्मी के स्वरूप (Form) का ध्यान करें। प्रभु की कृपा तभी मिलती है जब हमारा ध्यान फिक्स (Fixed) होता है।

भाई देख, तुम यह मंत्र जाप पूरी शांत जगह पर करो और मन में कोई डाउट (Doubt) मत रखना, ठीक बोला न?

साधना के बाद के जरूरी काम (Sadhana Ke Baad Ke Zaroori Kaam)

 

1. आरती (Aarti)

 

साधना पूरी होने के बाद, आप गणेश जी और माँ लक्ष्मी की आरती करें। आरती करते टाइम पूरे घर में एक पॉजिटिव (Positive) वाइब (Vibe) फील होना चाहिए। तुम बोलो तो सही, आरती के बिना पूजा कंप्लीट (Complete) नहीं होती।

 

2. दक्षिणा और प्रसाद (Donation and Offerings)

 

  • दक्षिणा: आप अपने सामने रखे कॉइन (Coin) और नोट (Note) को माँ के आशीर्वाद के रूप में उठा लें। इसे अगले दिन अपनी तिजोरी में रख दें। माना न?
  • प्रसाद: प्रसाद को पहले घर के मेम्बर्स (Family Members) में बाँटें, और फिर गरीबों को भी जरूर देंदेखा आपने, जब हम देते हैं, तभी हमें मिलता है।

 

3. साधना की समाप्ति (Conclusion of Sadhana)

 

अगले दिन, आप कलश के जल को पूरे घर में छिड़क दें। फूल और पुराने दीपक को किसी पवित्र जगह या बहते पानी में विसर्जन कर दें। यूँ कहें तो, तुम ने जो पॉजिटिविटी रात भर कलेक्ट की है, उसे अब चारों तरफ फैलाना है।

लक्ष्मी साधना के लिए जरूरी टिप्स (Lakshmi Sadhana Ke Liye Zaroori Tips)

 

अरे वाह भई, यह कुछ टिप्स (Tips) हैं जो तुम्हारी साधना को और ज्यादा सक्सेसफुल (Successful) बना सकते हैं:

  1. सफाई (Cleanliness): पूरे घर की सफाई बहुत जरूरी है। माँ लक्ष्मी को गंदगी बिल्कुल पसंद नहीं है। खासकर घर का नॉर्थ-ईस्ट (North-East) कोना बिल्कुल साफ होना चाहिए।
  2. सात्विक आहार (Simple Food): साधना से पहले और उस दिन आप लहसुन, प्याज, या नॉन-वेज (Non-Veg) फूड से दूर रहें। तुम्हें सात्विक भोजन ही करना है।
  3. श्रद्धा और विश्वास (Faith and Belief): यह सबसे इम्पोर्टेन्ट (Important) टिप है। अगर तुम्हारा विश्वास पक्का है, तो कोई भी मंत्र या विधि फेल नहीं हो सकती।
  4. एकाग्रता (Concentration): जाप करते टाइम इधर-उधर की बातें मत सोचो। सिर्फ और सिर्फ माँ लक्ष्मी पर फोकस (Focus) करो।

क्या ख़याल है? तुम अगर इन सिम्पल टिप्स को फॉलो (Follow) करोगे, तो तुम्हारी दिवाली की रात की साधना जरूर सक्सेसफुल (Successful) होगी। तो चलिए, आप अभी से तैयारी कर लीजिए

दीपावली और माँ लक्ष्मी के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया पर जाएँ।

अधिक धन प्राप्ति के शास्त्रों के बारे में पढ़ें।

तुम सोचो न, यह सब करोगे न? मज़ा आया न?

दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)

दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)

दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)

दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)
दिवाली की रात में तंत्र क्रिया से कैसे बचें (Diwali Ki Raat Mein Tantra Kriya Se Kaise Bachen)

अरे दोस्त, सबसे पहले तो आपको दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ! यह फेस्टिवल (त्यौहार) है माँ लक्ष्मी की कृपा और खुशियों का। लेकिन, इस पवित्र रात का एक दूसरा पहलू भी है, जिसके बारे में जानना जरूरी है।

भाईसाहब, बहुत से लोग मानते हैं कि दिवाली की रात को तांत्रिक शक्तियाँ (Tantric Powers) बहुत एक्टिव (सक्रिय) हो जाती हैं। सच कहूँ, तो कुछ साधकों के लिए यह रात सिद्धि पाने का सबसे खास (Special) टाइम (समय) होता है।

हमारा मकसद आपको डराना नहीं, बल्कि सही जानकारी देकर आपको जागरूक (Aware) करना है, ताकि आप डर से नहीं, बल्कि समझदारी से अपनी और अपने परिवार की प्रोटेक्शन (सुरक्षा) कर सकें। जी, आपको यह जानना चाहिए कि इन नेगेटिव (नकारात्मक) एनर्जी (ऊर्जा) से आप कैसे सेफ (सुरक्षित) रह सकते हैं।

अच्छा तो, चलो शुरू करते हैं और जानते हैं कि इस रात आपको कौन से उपाय (Remedies) करने चाहिए, जिससे आपका दिवाली का फील (अनुभव) पॉजिटिव (सकारात्मक) बना रहे। अरे वाह भई, यह पोस्ट (लेख) आपकी बहुत मदद करेगा, समझे?

दिवाली और तंत्र क्रिया (Diwali Aur Tantra Kriya): क्यों है यह खास (Kyon Hai Yah Khaas)?

 

भई, दिवाली की रात को महानिशा भी कहते हैं। इस रात को माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और हर घर में शुभता आती है। लेकिन, इसी समय कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो अपनी तंत्र विद्या के लिए इस एनर्जी (ऊर्जा) का इस्तेमाल करते हैं। यार, माना जाता है कि इस रात को किए गए तंत्र प्रयोग (Tantra Experiments) बहुत जल्दी फल देते हैं, चाहे वो अच्छे हों या बुरे

तो, इस शक्तिशाली रात में आपको डिफेंस (बचाव) के लिए तैयार रहना चाहिए। हम बस इतना ही चाहते हैं कि आप और आपका परिवार खुश और सुरक्षित रहे, है ना?

तंत्र से बचने के लिए तुरंत करें यह प्रोटेक्शन (Protection) (Turant Karein Yah Protection)

 

सुनो, प्रोटेक्शन के कुछ सीधे और सिंपल (सरल) तरीके हैं, जिन्हें अपनाना बहुत आसान है।

1. सुरक्षा चक्र (Suraksha Chakra) का निर्माण

देखो ना, घर के एंट्रेंस (प्रवेश द्वार) पर आपको कुछ खास चीजें रखनी चाहिए।

  • सरसों का तेल: घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर सरसों के तेल का दीपक जलाएँ। इससे नेगेटिव (नकारात्मक) एनर्जी दूर रहती है।
  • हल्दी और कुमकुम: दरवाजे पर हल्दी और कुमकुम का स्वस्तिक बनाएँ। यह एक शील्ड (ढाल) का काम करता है।
  • नमक के पानी का पोंछा: पूरे घर में नमक मिला हुआ पानी से पोंछा लगवाएँ। यह बुरी ऊर्जा को सोख लेता है। अरे मान लो न, यह उपाय बहुत पावरफुल (शक्तिशाली) है।

2. हनुमान चालीसा का पाठ (Path)

भाई, सच बताऊँ, अगर किसी भी नकारात्मक शक्ति से बचना है, तो हनुमान जी से बेहतर कोई नहीं। आप दिवाली की रात को कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करें। मुझे फील होता है कि यह आपको एक अदृश्य (Invisible) सुरक्षा कवच देता है।

3. ‘कील’ लगाने की क्रिया

मान लो, यह एक पुरानी और असरदार (Effective) टिप है। घर के चारों कोनों में और मुख्य द्वार के सामने एक-एक लोहे की कील गाड़ दें। यह एक तरह का बैरीकेड (Boundary) बना देता है, जिसे कोई भी बुरी शक्ति पार नहीं कर पाती। करोगे न?

घर की सुरक्षा (Ghar Ki Suraksha): तंत्र बाधा को दूर रखने के आसान टिप्स (Tips)

जरा सोचो, आपका घर आपका टेंपल (मंदिर) है। तुम्हें इसे सेफ रखना है।

1. पूजा घर को मजबूत करें (Puja Ghar Ko Majboot Karein)

  • अखंड दीपक: दिवाली की रात को पूजा घर में एक ऐसा दीपक जलाएँ जो पूरी रात जलता रहे (इसे अखंड दीपक कहते हैं)। यह पॉजिटिविटी (सकारात्मकता) का सोर्स (स्रोत) है।
  • मंत्र जाप: कमरे को खाली न छोड़ें। आप या परिवार का कोई सदस्य ओम नमः शिवाय या ओम महालक्ष्म्यै नमः का जाप (Chanting) करते रहें। यार, ध्यान की शक्ति को अंडरएस्टीमेट (कम आंकना) मत करना।
  • कपूर का धुआँ: पूरी रात घर में कपूर जलाएँ। इसकी खुशबू और धुआँ वातावरण को शुद्ध करता है। (आप कपूर के गुणों के बारे में विकिपीडिया पर पढ़ सकते हैं)।

2. बाहर रखी चीजों का ध्यान

वैसे तो, हमें पड़ोसियों पर भरोसा रखना चाहिए, लेकिन दिवाली की रात को अजनबी चीजें जो आपके घर के बाहर रखी हों, उन्हें इग्नोर (नजरअंदाज) न करें।

  • अगर आपको कोई अजीब (Strange) सी चीज, जैसे नींबू, मिर्च, या कोई गंदा कपड़ा आपके डोरस्टेप (देहलीज़) पर मिले, तो उसे सीधे हाथ से न छुएँयार, दस्ताने (Gloves) पहनकर उसे किसी पेपर में लपेटकर फेंक दें। तुम मानो न, यह बेस्ट प्रैक्टिस (तरीका) है।

अपनी एनर्जी (Energy) को पॉजिटिव (Positive) कैसे रखें (Apni Energy Ko Positive Kaise Rakhein)

ओहो जी, सबसे बड़ा प्रोटेक्शन तो आपकी अपनी एनर्जी (ऊर्जा) है। अगर आप अंदर से पॉजिटिव और स्ट्रांग (मजबूत) हैं, तो कोई भी नेगेटिविटी (नकारात्मकता) आपको टच (छू) नहीं कर पाएगी।

1. सात्विक भोजन और विचार

दिवाली के दिन पूरी तरह से सात्विक (पवित्र) भोजन करें। मांस, शराब (Alcohol) और प्याज-लहसुन से दूर रहें। तुम सोचो न, जब शरीर शुद्ध होता है, तो मन भी शुद्ध रहता है। तुम्हारी सोच ही तुम्हारा कवच है।

2. पूजा में लीन रहें

पूरे मन से पूजा करें। हमारा ध्यान पैसों और रोशनी पर ज्यादा होता है, लेकिन ध्यान पूजा में होना चाहिए। जितना टाइम (समय) आप भगवान को देंगे, उतनी ही आपकी एनर्जी हाई रहेगी।

3. काले कपड़े न पहनें

देखो, हो सके तो दिवाली की रात को काले कपड़े पहनने से बचेंकाला रंग कुछ नेगेटिव एनर्जी को अट्रैक्ट (आकर्षित) कर सकता है। हमेशा चमकदार, नए, और शुभ रंगों के कपड़े ही पहनें। क्या कहते हो?

क्या न करें: कुछ कॉमन मिस्टेक्स (Common Mistakes) जिससे बचना ज़रूरी है

 

भाई मान लो न, कुछ छोटी-छोटी गलतियाँ हैं जो हम अक्सर कर देते हैं, जिससे प्रॉब्लम (समस्या) हो सकती है।

1. रात में अकेले बाहर न निकलें

दिवाली की रात को देर रात तक अकेले घर से बाहर निकलने से बचें। अगर निकलना बहुत जरूरी हो, तो किसी पॉजिटिव व्यक्ति को साथ लें। यह एक सेफ्टी (सुरक्षा) टिप है, समझे?

2. किसी की दी हुई ‘चीज’ न लें

हे ईश्वर, अगर कोई अजनबी आपको दिवाली की रात कोई मीठी चीज, मिठाई, या पैसे दे, तो उसे लेने से बचेंतुम सोचो न, ऐसे टाइम (समय) पर सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। तुम्हें रिस्क (जोखिम) नहीं लेना चाहिए।

3. शमशान घाट या खाली जगह पर न जाएं

जरा सोच के देखो, शमशान घाट और एकदम खाली या वीरान जगहें तंत्र क्रिया के लिए खास स्पॉट (जगह) होते हैं। आप दिवाली की रात को इन जगहों से दूर रहें। यहाँ जाने का सवाल ही नहीं उठता। सही है न?

निष्कर्ष (Conclusion)

अरे दोस्त, दिवाली की रात डरने के लिए नहीं, बल्कि खुशी और उत्साह के साथ सेलिब्रेट (मनाने) के लिए है। आप बस ऊपर दिए गए आसान टिप्स को फॉलो (पालन) करें, पॉजिटिव रहें, और अपने ईष्ट देव पर भरोसा रखें। तो, कोई भी नकारात्मक शक्ति आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। क्या ख़याल है?

दीजिए मुझे इजाजत कि मैं आपकी दिवाली को शुभ बना सकूँ। हमारा उद्देश्य आपको पॉजिटिव फील कराना है।

आपकी दिवाली मंगलमय हो!

(आप तंत्र शास्त्र और प्राचीन भारतीय परंपराओं के बारे में विश्वसनीय स्रोतों पर अधिक जान सकते हैं)।

यह पोस्ट आपको केवल सामान्य जानकारी देने के लिए लिखा गया है। हम किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते हैं।

दिवाली की रात और तंत्र: Tantra Sadhana on Diwali Night

दिवाली की रात और तंत्र: Tantra Sadhana on Diwali Night

दिवाली की रात और तंत्र: Tantra Sadhana on Diwali Night

दिवाली की रात और तंत्र: Tantra Sadhana on Diwali Night
दिवाली की रात और तंत्र: Tantra Sadhana on Diwali Night

अरे दोस्त, दिवाली का नाम सुनते ही हमारे माइंड में क्या आता है? दीये, लक्ष्मी पूजा, मिठाइयाँ और ढेर सारी खुशियाँ, है ना? लेकिन, जनाब, दिवाली की रात का एक और पहलू (aspect) भी है जो थोड़ा गहरा और रहस्यमय (mysterious) है—वो है तंत्र!

सच बताऊँ, यह सिर्फ एक त्यौहार नहीं है, बल्कि एनर्जी का एक ऐसा ‘महापर्व’ है जब ब्रह्मांड (universe) की शक्तियाँ एक ख़ास तरीके से काम करती हैं। भई, इस रात को तंत्र साधकों (Tantra practitioners) के लिए ‘सिद्ध काल’ कहा जाता है। हमें इसकी पॉवर को फील करना चाहिए। सुनो, मैं तुम्हें बताऊंगा कि यह रात इतनी स्पेशल क्यों है और तंत्र में इसका क्या महत्व (importance) है।

दिवाली की रात और तंत्र (Diwali Ki Raat Aur Tantra)

 

दिवाली की रात, जिसे महानिशा भी कहते हैं, सिद्धियों (spiritual attainments) को प्राप्त करने के लिए सबसे उत्तम टाइम मानी जाती है। तुम सोचो न, यह रात अमावस्या की होती है, जब चाँद की रोशनी (light) बिल्कुल नहीं होती।

वैसे, अमावस्या को तंत्र में बहुत शक्तिशाली (powerful) माना जाता है, और जब यह दिवाली के साथ मिलती है, तो इसकी एनर्जी कई गुना बढ़ जाती है।

साधकों (Sadhaks) के लिए, यह रात शुभ (auspicious) मानी जाती है क्योंकि महालक्ष्मी और महाकाली दोनों की पूजा का टाइम होता है। हम यह सब क्यों करते हैं? ताकि हम आर्थिक (financial) और आध्यात्मिक (spiritual) दोनों तरह की पॉवर और संपत्ति (wealth) को प्राप्त कर सकें।

दिवाली क्यों है तंत्र साधना के लिए ख़ास? (Diwali Kyon Hai Tantra Sadhana Ke Liye Khaas?)

 

अरे वाह, यह सवाल हर किसी के माइंड में आता है! जरा सोचो, दिवाली अमावस्या की रात को पड़ती है। ठीक है न?

  • अमावस्या की ऊर्जा (Amavasya Ki Urja): तंत्र में माना जाता है कि अमावस्या की रात को पृथ्वी (Earth) पर एक ख़ास एनर्जी लेवल होता है। यह लेवल इतना पॉजिटिव (positive) होता है कि साधकों को उनके ध्यान (meditation) और मंत्र जप (mantra chanting) में जल्दी सक्सेस (success) मिलती है।
  • महानिशा काल (Mahanisha Kaal): दिवाली की रात को महानिशा कहते हैं। इसका मतलब है ‘महान रात’। यह वो टाइम है जब देवी शक्ति सबसे ज्यादा जागृत (awakened) होती हैं।
  • लक्ष्मी का आगमन (Lakshmi Ka Aagman): भाई, हम सब जानते हैं कि दिवाली पर महालक्ष्मी धरती पर भ्रमण (travel) करती हैं। तंत्र का एक हिस्सा (part) धन और समृद्धि (prosperity) से भी जुड़ा है, जिसके लिए लक्ष्मी की साधना की जाती है। आप भी फील करेंगे कि इस रात में कुछ तो खास है, मानते हो न?

महालक्ष्मी, काली और अन्य ‘देवी शक्ति’ का कनेक्शन (Mahalakshmi, Kali Aur Anya ‘Devi Shakti’ Ka Connection)

 

वैसे तो, लोग दिवाली को लक्ष्मी पूजा तक ही सीमित (limited) रखते हैं, लेकिन तंत्र साधकों के लिए यह शक्ति (Shakti) के कई रूपों की पूजा का टाइम है।

  1. महालक्ष्मी (Mahalakshmi): क्या बताऊँ, इनकी पूजा सिर्फ धन के लिए नहीं होती, बल्कि ज्ञान (knowledge), वीरता (bravery), और मोक्ष (salvation) जैसी आठों सिद्धियों के लिए भी होती है।
  2. महाकाली (Mahakali): तुम देखो ना, दिवाली के आस-पास ही काली पूजा भी होती है, ख़ासकर पूर्वी (Eastern) भारत में। महाकाली को नकारात्मकता (negativity), शत्रुओं (enemies) और बुरी एनर्जी को खत्म करने वाली शक्ति माना जाता है। तंत्र में, यह साधना सुरक्षा (protection) और बुराई पर जीत (victory over evil) के लिए की जाती है।
  3. अन्य देवियाँ (Other Goddesses): जरा मानो, सरस्वती (ज्ञान), कुबेर (धन के देवता), और गणेश (बाधाओं को हटाने वाले) की पूजा भी इसी रात की जाती है ताकि साधना में कोई बाधा न आए।

साधकों का मानना है कि इस रात इन देवताओं की पूजा से जल्दी रिजल्ट (result) मिलता है। (अधिक जानकारी के लिए आप विकिपीडिया पर लक्ष्मी पूजा का आर्टिकल देख सकते हैं)।

 तंत्र साधना के लिए कौन सा ‘टाइम’ सही है ? (Tantra Sadhana Ke Liye Kaun Sa ‘Time’ Sahi Hai ?)

 

भाई जरा, टाइमिंग (timing) बहुत ज़रूरी होती है। जैसे कि, साधना हमेशा शुभ मुहूर्त (auspicious time) में ही करनी चाहिए

  • निशीथ काल (Nishith Kaal): सच कहूँ, तंत्र के लिए सबसे उत्तम टाइम रात के मध्य (middle) का होता है, जिसे निशीथ काल कहते हैं। यह टाइम करीब आधी रात (midnight) के आस-पास शुरू होता है। इस टाइम में वायुमंडल (atmosphere) सबसे शांत (calm) होता है और साधकों का ध्यान (concentration) आसानी से लग जाता है।
  • चौघड़िया और लगन (Choghadiya Aur Lagan): तुम समझो, कई साधक चौघड़िया और लग्न (planetary positions) देखकर भी साधना का टाइम तय करते हैं। शुभ और अमृत के चौघड़िया को पूजा के लिए अच्छा माना जाता है, जबकि रोग और काल के चौघड़िया से बचना चाहिए

मान लो न, निशीथ काल में किया गया हर जाप (chanting) कई गुना ज्यादा पॉवरफुल होता है। इसीलिए, साधक इस टाइम का इंतजार करते हैं।

‘साधकों’ के लिए ज़रूरी चीज़ें और ‘टिप्स’ (Sadhakon Ke Liye Zaruri Cheezein Aur ‘Tips’)

 

अरे भाई, साधना कोई मजाक नहीं है, इसके लिए पूरा प्रिपरेशन (preparation) चाहिए! हम सबको कुछ बेसिक टिप्स का ध्यान रखना पड़ेगा

  1. शुद्धता (Purity): सबसे पहले तो शारीरिक और मानसिक शुद्धता ज़रूरी है। स्नान (bath) करें और साफ (clean) कपड़े पहनेंयार, मन में भी कोई बुरा विचार नहीं होना चाहिए
  2. आसन (Aasan): साधना के लिए आसन बहुत मायने (matter) रखता है। तुम मानो न, लाल या काला ऊनी आसन (wool mat) उत्तम माना जाता है, क्योंकि यह पृथ्वी की एनर्जी को संतुलित (balance) रखता है।
  3. यंत्र और माला (Yantra Aur Mala): लक्ष्मी या काली यंत्र (mystic diagram) को स्थापित (establish) करें। पूजा में सही माला (rosary) का इस्तेमाल करें, जैसे कमल गट्टे की माला लक्ष्मी के लिए। जरा सोच के देखो, सही सामान से काम आसान हो जाएगा
  4. दिशा (Direction): पूजा करते टाइम मुँह (face) पूर्व (East) या उत्तर (North) की तरफ होना चाहिए

अरे सुनो, मंत्र का सही उच्चारण (pronunciation) और पूरी श्रद्धा (devotion) के साथ जाप करना ही सच्ची साधना है।

क्या ‘सेफ्टी’ ज़रूरी है? ‘नॉर्मल’ लोग क्या करें? (Kya ‘Safety’ Zaruri Hai? ‘Normal’ Log Kya Karein?)

 

तो क्या तंत्र सिर्फ साधकों के लिए है ? नॉर्मल (normal) लोग क्या करें ?

देखो ना, तंत्र साधना एक गहरा और संवेदनशील (sensitive) विषय है। अगर आपको ज्ञान और गुरु का आशीर्वाद नहीं है, तो खुद से गहरी साधना शुरू नहीं करनी चाहिए

  • सावधानी (Caution): हे ईश्वर, गलत साधना या गलत इरादों (intentions) से की गई साधना नुकसान (harm) दे सकती है। इसलिए सेफ्टी बहुत ज़रूरी है। देखा आपने, साधक हमेशा किसी गुरु की शरण (shelter) में ही साधना करते हैं।
  • नॉर्मल लोगों के लिए (For Normal People): चलो अच्छा है, हम नॉर्मल लोग दिवाली की रात को सात्विक (pure) तरीके से महालक्ष्मी की पूजा करें। घर को साफ रखें, दीये जलाएं, और महालक्ष्मी मंत्रों का जप करेंयह भी तो एक तरीके की साधना है, जो आपको शांति (peace) और समृद्धि देगीआपका यह छोटा सा प्रयास भी बहुत शक्तिशाली होगा

सच में, दिवाली की रात एक वरदान (blessing) है। इसे समझदारी और सकारात्मकता (positivity) के साथ यूज करना चाहिए। (आप ट्रस्टेड वेबसाइट पर तंत्र और साधना के बारे में और पढ़ सकते हैं।)

अरे वाह भई, तो यह थी दिवाली की रात और तंत्र की पूरी जानकारीयह रात पॉवर और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरी है। तुम सोचो न, अगर हम सही तरीके से इस एनर्जी का इस्तेमाल करें तो जीवन में कितना बड़ा बदलाव (change) आएगा

हम बस यही कहेंगे कि आप भी इस रात को सिर्फ पार्टी (party) में ही वेस्टकरेंथोड़ा टाइम ध्यान या पूजा को भी दीजिए

क्या ख़याल है? मज़ा आया न? समझ गए न कि दिवाली की रात क्यों इतनी खास है? मान लोगे न?

kali satta mantra sadhna मां काली का सट्टे का मंत्र साधना PH.85280 57364

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kali satta mantra sadhna मां काली का सट्टे का मंत्र साधना PH.85280 57364  गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम पर आपका हार्दिक स्वागत है! जय गुरुदेव! और दोस्तों, मेरे गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम वेबसाइट लेख में आपका एक बार फिर से हार्दिक स्वागत है। और देखिए, आज आपके सामने जो मैं साधना आपको बताने वाला हूँ, वह एक सबर मंत्र है और केवल एक दिन की साधना है।

एक दिन में ही आपको सट्टा जीतने का सरल मंत्र जो सबर मंत्र है और उसका प्रयोग, वह सभी केवल एक ही दिन की साधना है। यह एक दिन में आपको सट्टे का नंबर आपको जरूर मिलेगा। और देखिए, कहते हैं की सट्टा एक बहुत ही खतरनाक खेल है।

थोड़ा सा पहले बताऊंगा, फिर उसके बाद में मैं आपको इसके मंत्र के बारे में बताऊंगा कि जो सिद्ध सबर मंत्र है, सरल इसका प्रयोग है, सरल ही इसकी साधना है।

कोई इसमें ज्यादा बड़ा विधि-विधान नहीं है, बिल्कुल एकदम सरल है, और आपको यह जो सट्टे का नंबर है, यह आपको रात्रि के टाइम आपको स्वप्न में प्राप्त होगा।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना –  सट्टा खेलने के बारे में कुछ बातें

तो देखिए, पहली बात तो यह कि जो लोग सट्टा खेलते हैं, उनके बारे में मैं कुछ थोड़ा सा बताऊंगा। और दूसरा, अगर आप सट्टे का नंबर जानना चाहते हैं, तो इस मंत्र का प्रयोग आपको जरूर करना होगा, और केवल एक ही दिन आपको प्रयोग करना है।

क्योंकि मेरे पास में बहुत ज्यादा मैसेज और कमेंट भी आते रहते हैं कि जी, सट्टे का नंबर बताइए, सट्टे के नंबर कैसे पता करें? तो फिलहाल तो मैं पहले इसके बारे में थोड़ा सा कुछ आपको बता देता हूँ।

देखिए, जहाँ तक बात की जाए सट्टा खेलने की, तो आपको यह पता ही है कि यह एक प्रकार से गलत काम होता है, और कई लोग यह सब खेलते ही हैं। असल में, एक बात मैं आपसे कहूँ तो इंसान को यदि एक बार सट्टे की लत लग जाए, तो उसके बाद वह आसानी से छूट नहीं पाती है।

सट्टे का पैसा ही कुछ इस प्रकार का होता है। एक बार जो व्यक्ति थोड़ा बहुत कमा लेता है, तो उसे बार-बार खेलने का उसका मन करता है। आप इस बात को खुद समझ सकते हैं।

सट्टा खेलना पूरी तरीके से गैरकानूनी है, और आपको मैं यह बता दूँ कि भारत के अंदर सट्टा जो है, पूरी तरीके से गैरकानूनी होता है। यदि आप सट्टा खेलते हैं, तो हो सके इसके बाद में यदि आपको कोई, आपके पुलिस वग़ैरह आपको पकड़ कर ले जाए, तो फिर आपको बहुत अधिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ जाता है।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना – सट्टे के नुकसान और लालच

असल में, सट्टे के अंदर क्या होता है कि लोभ और लालच जैसी कुछ समस्याएँ होती हैं, और ऐसी स्थिति के अंदर यदि आपका पैसा डूब जाता है, तो उसके बाद आपके मन के अंदर बहुत अधिक और पैसा कमाने का भाव पैदा होता है। आप इस बात को समझ सकते हैं कि यह लालच आगे चलकर के काफी ज्यादा ख़तरनाक भी हो जाता है।

इसके अलावा, मैं आपको एक बात और भी बता दूँ कि सट्टे की वजह से आपकी जीवन भर की जो कमाई है ना, वह डूब भी सकती है। इसके बारे में भी आपको बिल्कुल पता होना चाहिए। इसलिए, बेहतर यही होगा कि आप सट्टा नहीं खेलें। एक बार अगर आपकी कमाई डूब जाती है, तो फिर इसको पाना काफी अधिक कठिन भी हो जाता है।

इसके अलावा, सट्टा अगर आप खेलते हैं, तो ऐसा करने से रोज़ आपके अंदर लालच काफी अधिक बढ़ जाता है, जिसकी वजह से काफी नुकसान भी हो सकता है। इसके बारे में यह भी पता होना चाहिए कि लालच के चक्कर में कई बार इंसान मार खा जाता है

 

असल में, क्या होता है ना जो लोग सट्टा जो खेलते हैं, अमीर बनने के लिए खेलते हैं, उसे अमीर बनने का ख्वाब देखते हैं, और ऐसा नहीं है कि लोग सट्टे में अमीर नहीं होते, अमीर होते हैं, लेकिन इसके अंदर कुछ किस्मत वाले व्यक्ति होते हैं, जो सट्टे से अमीर होते हैं।

आप इस बात को भली प्रकार से समझ लेना कि यदि आप यह सोच कर के सट्टा खेल रहे हैं कि आप अमीर हो जाएँ, तो हो सकता है कि आपकी सोच गलत हो, क्योंकि इसकी कोई गारंटी नहीं है कि आप अमीर हो जाएँगे। इसके अंदर समय लगता है, और हो सकता है कि आप पूरी तरीके से फेल भी हो जाएँ।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना – मानसिक और सामाजिक दुष्परिणाम

इसके अलावा, जो लोग सट्टा खेलते हैं, उनकी एक प्रकार की प्रवृत्ति होती है कि उनको अच्छा या फिर बुरा कुछ समझ में नहीं आता, और यही कारण होता कि एक बार हार जाने के बाद वह जीत के चक्कर में दोबारा से धन को लगा करके फिर अपना लॉस कर लेते हैं।

यदि आप सट्टा खेलते हैं और हार जाते हैं, तो इसकी वजह से आप तनाव में भी आ सकते हैं, और तनाव में आ जाने के कारण कई बार ऐसी समस्याओं को एक साथ आपको सामना करना पड़ सकता है।

आप अगर सट्टा खेलते हैं, तो घर में परिवार में, आपकी बीवी है, भाई है, बहन है, आपको किसी से भी लगाव नहीं होगा। यह 100% सत्य है।

और अगर मानसिक स्थिति खराब हो गई, तो आत्महत्या भी सट्टा खेलने वाले करते हैं। किसी की हत्या भी कर सकते हैं दूसरे की, यह उनके अंदर प्रवृत्ति बन जाती है।

और दूसरा, अगर आप सट्टा खेलते हैं और धन हार गए, तो फिर उसके बाद में आप उधार लेकर के भी धन लगाते हैं। आप फिर बुरी तरीके से कर्ज में भी फँस जाते हैं। तो देखिए, ऐसा सट्टा खेलने से बचना ही चाहिए

इसके अलावा, मैं आपको एक बात और बता दूँ कि भाई, अगर आपका पैसा डूब जाएगा, तो पूरा परिवार तो प्रभावित होगा ही होगा। इस बात को तो आप समझ सकते हैं।

एक बहुत बड़ा नुकसान होता है इस जुए को खेलने से। कर्ज तो हम अपने ऊपर लगा ही लेते हैं, साथ में अपनी जिंदगी भी खराब कर लेते हैं।

नशे की आदत भी सट्टा खेलने वालों को लग जाती है, आप समझ रहे? नशे की आदत, और सारी जितनी भी उसके अंदर बुराइयाँ होती हैं, जो एक इंसान के अंदर नहीं होनी चाहिए, वह बुराइयाँ सट्टा खेलने वाले के अंदर आ जाती हैं।

देखो, सट्टे से क्या कि रिश्तों का सामान्य होना तो तय होता, लेकिन इसके कारण यह है कि रिश्तों का आप सही तरीके से भरण-पोषण भी नहीं कर पाते हैं।

आपके सामने समस्याएँ आने लगती हैं। आपकी पत्नी है, बच्चे हैं, धन नहीं होने की वजह से काफी परेशान भी हो जाते हैं। तो इसलिए, सट्टा खेलने से आपको हमेशा बचना ही चाहिए, और अगर नहीं बचेंगे, तो भाई, यह तो देखो आपकी समस्या है।

 शाबर मां काली का सट्टे का मंत्र साधना  की विधि

हालाँकि, लोग कहते हैं जी, हमें सट्टे का नंबर बता दो। तो देखिए, मैं किसी को गलत सलाह तो मैं दूँगा नहीं, लेकिन हाँ, फिर भी जब लोग कहते हैं कि भाई, आप ऐसी कोई साधना डालिए जो सरल साधना हो, तो मैं आज एक ऐसी ही साधना आपके सामने डाल रहा हूँ, जो कि बहुत ही ज्यादा सरल साधना है।

अब इसका प्रयोग आपको कैसे करना है? आपको यहाँ पर मैं एक बात बता दूँ कि इस मंत्र का प्रयोग आप तभी करें जब आपके गुरु हैं, या तो आपने किसी को गुरु बनाया हुआ है, गुरु मंत्र आपके पास है, या फिर भगवान शिव को आपने गुरु माना हुआ है, गुरु मंत्र का आप जप करते हैं, तो फिर आपको प्रयोग करना चाहिए।

अब देखिए, इसमें इस प्रयोग को करने के लिए, इस मंत्र को साधन करने के लिए आपको जो एक सामग्री की आवश्यकता होगी, वह है रुद्राक्ष की माला

रुद्राक्ष की माला प्राण-प्रतिष्ठित चैतन्य होनी चाहिए साबरी मंत्रों से, और अगर आपको ऐसी माला चाहिए, तो मैंने आपको व्हाट्सएप नंबर दिया हुआ है, पोस्ट में आप वहाँ से मुझे व्हाट्सएप करके और वह माला प्राप्त कर सकते हैं।

उस माला से आप भगवान शिव का मंत्र जप, किसी भी सबर मंत्र को सिद्ध कर सकते हैं, गायत्री मंत्र जप, गुरु मंत्र जप, उस एक अकेली सबर माला से ही कर सकते हैं, और यह माला आपको कहीं पर भी विसर्जित नहीं करनी है, इसको अपने पास ही रखना है।

यह जीवन भर आपके साथ ही रहेगी, और इसको साथ रखने में किसी प्रकार का कोई दोष भी नहीं है।

तो देखिए, जब आपको यह माला प्राप्त हो जाए, तो फिर आप किसी भी शनिवार से यह साधना शुरू करें।

अब मैं आपको इसमें बता देता हूँ कि आपको यह जो मंत्र है, सबर मंत्र है, तो यह सिद्ध सबर मंत्र, लेकिन फिर भी आपको इसका जप उस रात्रि में करना ही पड़ेगा, जिस रात्रि में आप चाहते हैं कि मुझे सट्टे का नंबर पता लग जाए।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना   का समय और स्थान

अब इसको करना कैसे है? एकांत स्थान में, अपने घर में, पूजा घर में आप यह मंत्र जप कर सकते हैं। इसके लिए आपको रात्रि को 9:00 बजे के आस-पास या 10:00 बजे के आस-पास स्नान आदि करके और स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें, और दक्षिण दिशा की तरफ मुँह करके अपने कमरे में या पूजा घर में आप बैठ जाएँ।

सामने चौकी लगा लें, उस पर जो अपने गुरु, पर जो चित्र है, वह रख लें, और भगवान शिव का चित्र, और साथ में ही माता कालका का चित्र, क्योंकि यह काली का सबर मंत्र है, और आप जानते हैं, कालिका जो है, एक महाविद्या हैं, और दक्षिण दिशा की तरफ मुँह करके आपको बैठना है।

सामने एक तेल का दीपक लगा लें। सिंदूर आपके पास होगा या कुमकुम होगी, तो उसको घोल करके पानी बनाकर, मैं घोल करके उसको गाढ़ा सा कर लें, जिससे टीका वग़ैरह लगे। लाल रंग के पुष्प पहले से ही लेकर के आ जाएँ। ठीक है?

आसन बिछा लें, किसी भी कलर का हो, लाल हो या काला हो, कोई भी हो, उस पर बैठ करके आपको साधना करनी है। सामने जो चौकी है, उस पर भी आप कोई सा भी वस्त्र बिछा सकते हो, जो भी आपके पास है।

मां काली का सट्टे का मंत्र साधना  गुरु पूजन और मंत्र जप

 

अब आपको करना क्या है कि सबसे पहले आपको अपने गुरु मंत्र का जप करना है। ठीक है? पहले गुरु जी का पूजन करना है, फिर उसके बाद गुरु मंत्र का जप करना है।

तेल आपका सरसों का होना चाहिए। सरसों के तेल का आपको दीपक लगाना है। अगर सरसों का तेल न है, तो तिल के तेल का भी आप लगा सकते हैं इसमें। ठीक है?

और किसी भी शनिवार को आप यह साधना करें, शनिवार के दिन से कर सकते हैं। अब एक ही दिन आपको करना है, केवल शनिवार। शनिवार तो सबसे पहले आपको अपने गुरु जी का पूजन करना है।

गुरुजी के सिंदूर का टीका लगाएँगे, पुष्प चढ़ाएँगे, धूप-दीप दिखाएँगे, और गुरु जी से आपको प्रार्थना करनी है कि, “गुरुदेव, मैं यह सट्टे का नंबर जानना चाहता हूँ।

आज रात्रि में मुझे आपकी कृपा से सट्टे का नंबर प्राप्त हो जाए, तो आपकी बड़ी कृपा होगी। आप मेरी साधना में मुझे सहयोग करें और मुझे आशीर्वाद करें।”

मान लिया कि आपने भगवान शिव को गुरु मान कर के साधना करते हैं, तो फिर आप “ओम नमः शिवाय” इस मंत्र का आपको जप करना है।

दिग-बंधन और सर्वार्थ साधक सबर मंत्र

अपने गुरु मंत्र का जप करने के बाद फिर आपको एक छोटा सा दिग-बंधन आपको जरूर लगाना है इसमें। अब दिग-बंधन मंत्र मैं आपको बता देता हूँ।

उल्टे हाथ में चावल रख करके और सीधे हाथ से सभी दिशाओं में चावल फेंकते हुए आपको मंत्र जप करना है:

ॐ अपसर्पन्तु ये भूता ये भूता: भूमि संस्थिताः

ये भूताः बिघ्नकर्तारस्ते नश्यन्तु शिवाज्ञया

अपक्रामन्तु भूतानि पिशाचाः सर्वतो दिशम

सर्वेषामविरोधेन पूजा कर्मसमारभ्भ

इस मंत्र का जप करके आपको पूरे कमरे में या बाहर जहाँ तक भी चावल जाएँ आपके, वहाँ तक चावल आप बिखेर दें अपने चारों तरफ।

इससे क्या होगा कि आपकी साधना में किसी प्रकार का कोई विघ्न पैदा नहीं होगा। मान लिया कि कोई नेगेटिव एनर्जी अगर आपकी साधना में आना चाहती है, आपको परेशान करना चाहती है, तो वह नहीं आ पाएगी। यह शिव की आज्ञा का उल्लंघन होगा अगर वह आती है। ठीक है? तो आप सुरक्षित होकर के साधना कर सकते हैं।

अब इसके बाद में फिर आपको 21 बारसर्वार्थ साधक सबर मंत्र का जप करना है। क्योंकि अगर आप कोई भी सबर मंत्र सिद्ध करते हैं, तो आपको इस मंत्र का 21 बार जप करना ही चाहिए।

इससे क्या होता है कि आप जो साधना कर रहे हैं, जिस सबर मंत्र की, वह जल्दी सरलता से आपको सिद्ध हो जाता है, और किसी प्रकार का कोई विघ्न भी उसमें नहीं आता है।

अब जो वह मंत्र है, मैं आपको बता देता हूँ, और लिख करके भी दिया दूँगा सभी मंत्रों को, आप वहाँ से नोट कर लेना:

गुरु सेट गुरु सेट गुरु है

मां काली का सट्टे का मंत्र

और साथ में भगवान शिव की तस्वीर भी जरूर होनी चाहिए। अब माता के सामने आपको सिंदूर का टीका लगाना है, उनको पुष्प चढ़ाने, धूप-दीप दिखाना, एक नॉर्मल छोटा सा पूजन आप करेंगे, और हाथ जोड़कर के माता से प्रार्थना करेंगे कि, “हे माँ, मैं आज आपके इस मंत्र का जप कर रहा हूँ।

कृपया आप मुझे आज रात्रि में सट्टे का नंबर बताने की कृपा करें। आपकी मेरे ऊपर बहुत कृपा होगी।”

और जब आप पूजन कर लेंगे, माता से प्रार्थना कर लेंगे, तो फिर आपको जो रुद्राक्ष की माला है, उस रुद्राक्ष की माला से फिर आपको सबर मंत्र जो है, उसका आपको जप शुरू कर देना है।

अब जो मंत्र है, मैं आपको बता देता हूँ, उसको मंत्र इस प्रकार से है: 

चेतमासी  चेत माई कालका चेतावे तेरा बालका

सोते को जगाके बैठे को उठाके रोते को हँसाके

सट्टे का नंबर बताओ दुहाई गुरु गोरखनाथ जी की

आदेश गुरु जी

इस मंत्र का आपको अब जो जप शुरू कर देना है रुद्राक्ष की माला से, और देखिए, इस मंत्र का जितना हो सके उतना जप आपको करते रहना है।

स्वप्न में नंबर की प्राप्ति

इसके बाद यदि आप जपते-जपते आपको नींद आने लगे, आप देखिए, यहाँ पर मैं क्या बोल रहा हूँ? अगर आपको मंत्र जप करते-करते नींद आनी शुरू हो जाए, और नींद आएगी आपको, क्योंकि माता की कृपा होगी, तो नींद आएगी, तो आपको क्या करना है?

वहीं पर आपको सो जाना है, मतलब कि जहाँ पूजा कर रहे हैं, वहीं पर अपना बिछौना पहले ही बिछा करके रखें जमीन पर, और वहीं पर फिर आपको सो जाना है।

जब आप सो जाएँगे, तो इसके बाद जो स्वप्न है, वह आपका पूरा होगा। यह बहुत अच्छा मंत्र है, इसका आप प्रयोग कर सकते हैं। केवल एक ही दिन आपको प्रयोग करना है। इस रात्रि में आपको स्वप्न में सट्टे का नंबर आपको मालूम हो जाएगा और आपको याद भी रहेगा।

देखिए, मैं आपको एक बात बताऊँ कि कोई भी साधना है, गुरु जरूरी है उस साधना में। हालाँकि, कुछ मंत्र ऐसे होते हैं, कुछ साधनाएँ ऐसी होती हैं, जिनमें गुरु की आवश्यकता नहीं है, लेकिन कुछ ऐसी होती हैं, जिनमें गुरु की आवश्यकता होती है।

तो इसलिए, गुरु चाहे भगवान शिव को ही बना करके चलें, उनका ही मंत्र जप करके चलें, उनसे ही आप आशीर्वाद लेकर के चलें, लेकिन होना जरूर चाहिए। ठीक है?

तो ये जो मंत्र है, ये स्वयंसिद्ध मंत्र है, लेकिन इस मंत्र का जप आपको उतना करना है, जब तक नींद न आ जाए आपको। अब उसमें चाहे आप 1 घंटा जप आपका लगे या 2 घंटा लगे या 3 घंटा लगे। जब आपको नींद आने शुरू हो जाए, फिर आप सो जाइए।

बस, माला को चौकी पर वहीं रख दें, माता को हाथ जोड़कर के प्रणाम करें, और उनसे एक बार फिर निवेदन करें कि मुझे रात्रि में सट्टे का सटीक नंबर आप मुझे बताइए, जो कल मुझे लाभ हो।

इस प्रकार से आप यह साधना करें। अगर मान लिया कि आपको एक रात्रि में सट्टे का नंबर नहीं मालूम होता है, तो फिर आप अगले दिन भी इसी प्रकार से करें, यह मंत्र जप इसी प्रकार से फिर अगले दिन करें, तो आपको 100% आपको सट्टे का जो नंबर है, वह आपको जरूर पता लगेगा, जो लॉटरी है, लॉटरी हो या सट्टा हो, आपको जरूर पता लगेगा।

अंतिम अनुरोध: सट्टे से बचें

 

ठीक है, कि सट्टा खेलना बुरी बात है। अगर आप सट्टा खेलते हैं, तो आप सट्टा छोड़ दें, तो आपका जीवन सुखमय होगा। मैं बार-बार आपसे प्रार्थना करता हूँ, क्योंकि मैंने देखा है, बहुत से लोगों को मैंने देखा है, जब वह मुझे मैसेज करते हैं, उनकी आवाज, उनकी बातें इतनी होती है, इतने वह परेशान होते हैं .

मानसिक रूप से, कि मैं कुछ कह नहीं सकता, लेकिन मैं उनकी कोई सहायता भी नहीं करूँगा इसमें, क्योंकि मैं इसलिए नहीं करता कि भाई, आज अगर इनकी सहायता हो गई, तो यह कल फिर इस काम को करेंगे।

यहाँ तक कि यह लोग तो मुझे लोभ भी देते हैं, देखो कितनी बड़ी बात है, लोभ देते हैं कि हम आपको इतना पैसा देंगे। अरे भाई, मुझे आपका पैसा नहीं चाहिए, मुझे ऐसी कमाई नहीं चाहिए कि जो इस तरह की कमाई हो, और फिर दूसरी बात, अपना परिवार चलाने के लिए काफी है, मुझे कोई दिक्कत नहीं है।

भगवान के भरोसे मैं बिल्कुल एकदम ठीक हूँ, गुरुदेव के अपने भरोसे बिल्कुल ठीक हूँ, कोई दिक्कत नहीं है। ज्यादा पैसे का मुझे करना भी क्या है? सब यहीं छोड़ कर चले जाना है, सबको, कुछ किसी के साथ में जाता है?

हाँ, इतनी बात जरूर है कि भाई, अगर आपको अपने परिवार का भरण-पोषण करना है, तो किसी ठीक तरह से आप पैसा लीजिए, ऐसे नहीं।

भगवान आपकी सहायता करेंगे, क्योंकि इन बातों को कोई समझता नहीं है, जो सट्टा खेलता है, उसकी समझ में नहीं आती है ना यह बात। उसकी समझ में सिर्फ इतना आता है कि उसको जीतना है, किसी तरीके से उसको अमीर बनना है, बस।

लेकिन फिर भी मैं यह कहूँगा कि अगर छोड़ सको तो छोड़ देना। आपका घर परिवार, आप सुख-चैन की नींद सोएँ, दो पैसा मेहनत करके कमा लेना, तो उसे खा करके आपको नींद बहुत अच्छी आएगी, यह तो गारंटी है मेरी। ठीक है? इसी के साथ में पोस्ट को आप यहीं पर समाप्त करता हूँ।

मेरे साथ बोलिए, वीर बजरंगबली हनुमान जी महाराज की जय! बोलिए, मेरे परमहंस गुरुदेव की जय!

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kaal bhairav satta mantra काल भैरव सट्टा मंत्र साधना   गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज का जो हमारा टॉपिक रहने वाला है काल भैरव सट्टा मंत्र साधना को लेकर रहेगा। देखिए, बहुत सारे लोगों के मेरे को कॉल आती है। पैसे को लेकर वो परेशान है। किसी के ऊपर करोड़ों का कर्जा है।

किसी को अपने बच्चे की एजुकेशन के लिए पैसा चाहिए। तो उसी चीज के रिलेटेड ही मैं आज ले आया हूँ यह साधना। इस साधना से आपका कर्जा भी खत्म होगा। आप बच्चे को अच्छी एजुकेशन भी दे सकते हैं। जिनके पास कोई जॉब नहीं है या कुछ करना चाहते हैं तो वो भी इस साधना को करके अपने घर का गुजारा अच्छे तरीके से चला सकते हैं।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  सागरनाथ जी से चर्चा

तो इसी टॉपिक को लेके आज मेरे साथ हैं सागरनाथ जी। सागरनाथ जी आपका स्वागत है हमारे चैनल में फिर से। शुक्रिया भाई आपका भी और जनता का भी बहुत-बहुत शुक्रिया।

सबसे पहले सबको राम-राम और जय माता जी। हाँ जी। हाँ जी। सागरनाथ जी मेरे पास बहुत सारे लोगों के फोन आते हैं। पैसे के संबंधित परेशान हैं वो। ठीक है। किसी का कोई कारोबार नहीं चल रहा है।

किसी का करियर बनाना चाह रहा है तो उसके लिए पैसा नहीं है। किसी को अपनी बेटी की शादी करनी है तो उसके लिए पैसा नहीं है। करोड़ों के कर्जे भी हैं लोगों के ऊपर और वो परेशान हैं, हताश हैं और वो किस ओर जाएँ और क्या करें उनको समझ में नहीं आ रहा।

अभी समझा देते हैं सारा। तो इसीलिए मैं ये चाहूँगा कि आज कोई आप ऐसी साधना बताइए, सट्टे की ऐसी साधना बताइए जिससे लोगों की जो पैसे की समस्या है वो खत्म हो जाए और उनको सोचना न पड़े। ठीक है। माता रानी का नाम लेके फिर मैं बात शुरू करता हूँ। एक बार बोलूँगा फिर से जय माता की। जय माता।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना का रहस्य

अब बात अब बात बताता हूँ। अनुसारी सट्टे को कैसे सिद्ध किया जाता है? ये सिम्पल सी बात है। इतनी लंबी चौड़ी भी नहीं है जितनी बताई जाती है न दूसरे साधकों के द्वारा या गुरुओं के द्वारा। बिल्कुल बिल्कुल जब मैं अपना प्रैक्टिकल के बारे में बताऊँगा जब मैंने इसको सिद्ध किया था।

तकरीबन हाँ इसको मैंने काले इल्म से सिद्ध किया था। काला इल्म यानी कि तामसी रूप में सिद्ध किया था। ये शब्द जो है न ये काल भैरव की साधना रहेगी न? ये काल भैरव की साधना है।

मनो मनोकामना पूरी करती है। पॉइंट टू पॉइंट बोलता जाऊँगा। मनोकामना पूर्ण करेगी। आपकी जो मनोकामना होगी उसको पूरा भी करेगी। सट्टे का नंबर भी देगी। अगर आपके काम में रुकावट आ रही है वो भी दूर करेगी। शत्रु बाधा भी दूर करेगी। ज्यादा आप इसको परपस के लिए किसके लिए यूज करोगे? सट्टे के लिए करोगे।

बिल्कुल बिल्कुल मतलब एक ही मंत्र से हम बहुत सारी दिक्कतों को भी दूर कर सकते हैं। मल्टीपर्पस काम आती है। स्टेबल धन भी हमें हासिल होगा। बिल्कुल बिल्कुल धन मिलता है।

हमने खुद कमाया है। हम खुद कमाते हैं। इसमें कौन सी बड़ी बात है? क्योंकि ये हमारी गद्दी के साथ चलती है साधना सीधी बात है। बिल्कुल बिल्कुल।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना आश्रमों का संचालन और सट्टे का उपयोग

अच्छा एक चीज मैं और कहना चाहता हूँ कि मेरे को पता है कुछ ऐसे आश्रम हैं जो सट्टे के सिर के ऊपर ही चल रहे हैं क्योंकि आश्रम को चलाने के लिए काफी खर्चे की जरूरत पड़ती है तो ज्यादातर जो साधु हैं तो इसी तरीके से ही वो अपने आश्रम को चलाते हैं।

मैं बताता हूँ जो 99% साधु होते हैं न जिनका गुरु बोल देता है कि चल तू अपना आश्रम खोल ले अपना डेरा चलाना है तो धन कहाँ से लेगा?

बिल्कुल बिल्कुल तो फिर ऐसे तरीके से ही चलता है क्योंकि हमने साधक ऐसे भी देखे हैं और गुरु भी देखे हैं कि जो उनके पास जाते हैं हमें दे दो तो वो बोलते हैं कि फलाने दिन पे फलाना खुलेगा, नंबर खुलेगा तो वो आ भी जाता है।

बिल्कुल और जो उनको चढ़ावा मिलता है तकरीबन उसमें से जो उनकी इच्छा होती है वो दे जाते हैं उनको। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना अनुभव पर आधारित चर्चा

अब हम अपने टॉपिक पे आते हैं। अपने एक्सपीरियंस पे सारी बात करेंगे। टोटली पोस्ट जितनी होगी एक्सपीरियंस पे होगी न कि ऊपर की बात बिल्कुल जो हम वही साधना डालेंगे जो हमने खुद कर रखी है कर रखी है।

इधर-उधर की बातें करना हमें न तो पसंद है न तो हम करते हैं। तो माता रानी की कृपा से जय माता की बोल-बोलकर मैं थकूंगा नहीं कि ये उनकी कृपा से ही सब कुछ होगा भाई। यही आदि-शक्ति ही मेन चीज है जो सारा कुछ सृष्टि में कर रही है।

कर्ता धर्ता तो वही है। बिल्कुल। अब मैं अपने टॉपिक रहता हूँ। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल जी बिल्कुल।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  की विधि और विधान

इसको कैसे करना है? विधि विधान इसका क्या है बताता हूँ। यह रात को 12:00 बजे से लेके 1:00 बजे और 2:00 बजे के बीच-बीच है। बिल्कुल अपने घर पे कर सकते हो। आराम से कर सकते हो। डरने की कोई बात नहीं।

अलग कमरा लेना है जिसमें कोई आपको डिस्टर्ब मत करे उस समय। बिल्कुल बिल्कुल। ठीक है। और साथ में आपके पास क्या होना चाहिए? दही होना चाहिए, बड़ा होना चाहिए, मदिरा होनी चाहिए थोड़ी सी।

हम ज्यादा बोतल लेने की जरूरत नहीं जिसको पाई आदत पा भी बोलते हैं इतनी चलेगी। थोड़ी सी कलेजी होनी चाहिए बकरे की चलेगी। हम ठीक है जो उन्होंने हमें बताया है काल भैरव जी ने कैसे लेना है, विधि कैसे चलानी है। इसमें चेंजेज़ कुछ नहीं करनी है नहीं तो कुछ भी नहीं मिलेगा। मेहनत करोगे खाली हो जाओगे, कोई फायदा नहीं मिलेगा।

बाद में दुखी होगे कि मंत्र भी बता दिया, विधि बता दी, काम नहीं करता। बिल्कुल। ठीक है। उसके बाद आपने क्या करना है, हवन कुंड में इसका हवन हवन घेरना है, हवन लगाना जाना है। हवन जैसे सिम्पल करते हो वैसे सामग्री लेनी है और एक माला जाप करनी है रुद्राक्ष की माला से। आसन जो होगा काले कंबल का होगा। हम ठीक है।

अपने पास दो नींबू रखने हैं जो भावना के बीच आहुति देनी है। नींबू की काटने नहीं है, सीधे डालने हैं जब आपका मंत्र पूरा हो जाएगा 108। हम ठीक है। तो इसको सात दिन या 11 दिन करना है।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना का समय और भोग

तो इसको किस टाइम से करना है? कृष्ण पक्ष में करना है जिसमें अमावस्या के दिन 11 जुड़ जाए। जैसे आज अमावस्या है न पितरों की बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। लास्ट दिन आपका अमावस्या का होना चाहिए सातवाँ या 11वाँ दिन बिल्कुल। ठीक है जी जी।

और आपको सट्टे का नंबर कैसे मिलेगा? जैसे आपने अपना 11 दिन या सात दिन का जाप कर लिया, पूरा कम्प्लीट हो गया। पूरा प्रोसेस पर दिन करना है। हर दिन करना है चाहे 11 दिन करो चाहे सात दिन करो। ठीक है। भोग भी रोज लगेगा, हवन भी रोज गिराया जाएगा इनका और उसके बाद आपने क्या करना करना है।

आखिरी दिन जब आपका होगा आपने दोबारा अपने आसन पर बैठना है। ज्योत लगानी है। शब्द को पढ़ना शुरू करना है। और इनसे यह विनती करनी है कि मेरे को सट्टे का नंबर सपने में देना है। जो आपके उधर चलता है। मटका जो भी चलता है नाम का चलता है।

जो उसका नाम होगा वो नाम लेना है कि इस नाम में जो नंबर खुलने वाला है मेरे को साक्षात उसके दर्शन देने हैं। स्वप्न में। हम ठीक है? तो वो आपको स्वप्न में बता बताएँगे।

 

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना सागरनाथ जी का व्यक्तिगत अनुभव

अब कैसे हुआ था जब मेरे साथ हुआ था जब मैंने इस साधना को किया था 11 दिन किया था तकरीबन ऐसे रात को 12:00 बजे बैठ के मैं 2 घंटे दो घंटे लगाता था तकरीबन 2:00 बजे तक। हम हवन गिरता था। हम जो विधि मैंने आपको अभी बताई वही सेम प्रोसेस करता था और जो सुबह भोग होता था जो कलेजी और मदिरा था इनके मंदिर में चढ़ाता जाके।

काली माता के मंदिर में चढ़ाओ तभी वो एक्सेप्ट कर लेंगे या भैरव के मंदिर में चढ़ाओ तभी एक्सेप्ट कर लेंगे। अगर आपके तरफ इधर मंदिर अलाउ नहीं करता तो आप एक पीपल के पेड़ के नीचे रख सकते हो। हम हम हाँ और साथ में बीच में दो लड्डू जरूर देने भाई। मैं भूल गया था।

दो लड्डू ऐड कर लेना इनके। हम ठीक है। जो मोटी बूंदी के लड्डू होते हैं न वो ऐड कर लेना। हम हम और उसके बाद हमने क्या करना है? हाँ आपने नहीं अभी मैंने जो अपना एक्सपीरियंस बता रहा हूँ उसके बारे में बोलता हूँ। तो जब मैंने तकरीबन डाल लिए मेरे को चाहिए थे पैसे।

हम थोड़े से शॉर्टेज हो रही थी। हाथ थोड़ा सा टाइट चल रहा था। तो मैंने इनको बोला कि भाई आप तो सिद्ध तो कर लिया। अब थोड़ा सा चमत्कार भी दिखा दो। इन्होंने भाई क्या दिखाया? सुबह के 4:00 बजे थे। टाइट नींद में सो रहा था। सपना क्या आया है?

एक ब्लैक बोर्ड होता है। हम ब्लैक बोर्ड के ऊपर लिखा होता है फरीदाबाद की गेम चलती है हमारे इधर। हम वहाँ पे लिखा हुआ था फरीदाबाद। ब्रेकेट में दिया हुआ था नंबर कितना? 04 लिखा हुआ था। हम 04 यानी कि 04 मुंडा चार बोल सकते हो लैंग्वेज में। हम हम सट्टे बाज़ों की लाइन भेजे मैंने भाई।

ठीक है सुबह उठा नहाया प्रणाम किया इनको कि धन्यवाद आपका प्रसाद देने के लिए मेरे को। उसके बाद क्या किया एक यार दोस्त था मेरा वो इसका बहुत चस्का है इस चीज का उसको दे दिया कि भाई ये लगाना है तो तकरीबन ये ले पैसे ले जा मेरे से।

हम मतलब इसको मोटा खेलना है। ये कितने दिन में आएगा वो बोल रहा था। मैंने कहा फरीदाबाद में लगाना है जो शाम को 6:00 बजे आता है उसका रिजल्ट। हम हम ठीक है? तो इसको तूने तकरीबन तीन तीन या पाँच दिन लगाना है लगातार।

हम हम मिस नहीं करना है। पहले दिन लगाया नहीं आया, रोने लग पड़ा, नहीं आया। मैंने कहा पैसे मैं दे रहा हूँ कि तू दे रहा है सीधी बात है। दूसरे दिन लगा नहीं आया फिर तीसरे दिन छट से आ गया। उस दिन बारिश हो रही थी। मैं जैसे बाहर से आया था।

हम बाहर गया था। बारिश बहुत तेज हो रही थी। घर पे पहुँचा तो देखा टाइम हो गया चल मैंने कहा देखते हैं इनका काम आज आ ही गया होगा जो दिया था।

जब देखा तो सीधा ही इंटरनेट के ऊपर रियलिटी की रियलिटी आ गई जो दिया था जीरो फोर। हमारा मन खुश। हम उस जिस मूर्ख को दिए थे वो भी खुश। वो बोल रहा है भाई आ गया जो आपने प्रसाद दिया था। मैं कहा मौज करो जो हमारा बनता है हमें दे दो।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना से कमाई और दान

जब तूने लगा उस समय आपने फिर कितना कमाया थोड़ा यह भी मैं जानना चाहता हूँ। कमाया तो यार मैं क्या बोलूँ अब।

तकरीबन मैंने उस समय मेरे को इतना लालच नहीं था कि मेरे को पता है मैंने दोबारा भी ले ही लेना है। सीधी बात है। मैंने कौन सा एक दिन में कमाना है। उस समय उस समय तकरीबन मेरे को 45,000 मिला था। 45,000 बहुत बड़ी रकम है।

हाँ मेरे को अपना मिला था। तो सेकंड बार जब लिया था मैं जितनी जरूरत थी उतना रखा। बाकी दान पुण्य कर दिया। हम सारा का सारा मैंने अपने पास न रखा।

जितनी जरूरत थी भाई उसका शुक्रिया किया। उतना रख लिया। बाकी दान पुण्य कर दिया। बाकी उनका जो भोग बनता था हम पेटी मदिरा की ले आए। हम पेटी एक मदिरा की पूरी। हम वो उनके मंदिर में दान कर दी उनको बोल के कि भाई ये तेरा है।

हम हमें जितना चाहिए हमने उतना रख लिया। ज्यादा लालच नहीं किया। सेकंड बार भी सेकंड बार भी जरूरत पड़ी थी। उस समय हमने तकरीबन उनसे कितना लिया था 25,000 लिया था। वो कहाँ पे लिया था? दिल्ली में लिया था। हम दिल्ली की जो सुबह गेम खुलती है उसमें लिया था। यानी जितनी जरूरत थी उतना ही उसमें से भी हमने…

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना से लोगों के जीवन पर प्रभाव

आप मेरे को कुछ दिन पहले बता रहे थे कि कुछ लोग आपसे ही ये चीजें सीख के उनके घर के गुजारे हो रहे हैं। बढ़िया तरीके से बढ़िया तरीके से। कैसे हो रहे भाई?

एक का फोन आया हरियाणा का था। हम हम वो जाट था। वो बोला कि आपका नीचे नंबर दिया था कहीं पे तो मैंने ले लिया। मैंने एक्चुअली कमेंट किया था किसी की पोस्ट के नीचे।

वो विधि वो विधि और कुछ बता रहा था अपने नंबर बनाने के लिए कि ये करो वो करो हमको तुमको करो। मैं कहा जिसको जरूरत है सीधे तरीके से मेरे से कॉन्टैक्ट करे। मैं इसकी विधि बताऊँगा। ये करेगा। भाई वो कर्जाई था सिरे का। हम इस चीज मैं कर्जाई हो गया था मान रहा है। हम कर्जाई हो गया था बोल रहा था 30 लाख का कर्जा है मेरे ऊपर। अच्छा।

मैं कहा अच्छा जी 30 लाख का कर्जा है। तब क्या करना है? कहता है आपने बोला था कॉल करूँगा तुम्हें आप सब बताओगे। मैं कहा देख भाई विधि बता दूँगा सब कुछ कर लियो। हम लालच लालच में मत पड़ियो। वो तुम्हारा रिश्तेदार नहीं है भैरव काल भैरव। हम हम ठीक है?

वो तो तेरे सिर्फ परिवार को देख के तेरी इतनी हेल्प करेगा कि ये इसका परिवार आज के टाइम में डोले न। हम ठीक है? कहते हैं ठीक है जैसे बोलोगे। उसने क्या बोला कि मैं जाट लोग हूँ मैं तो खाता पीता हूँ। आपने जो विधि बताई हवन तो नहीं भाई कर सकता। मैं कहा करना पड़ेगा। चेंजेज़ नहीं करनी पड़ेगी।

जो हमें पीछे से बताया गया वही करेंगे। हम ये तो थोड़ी तेरे को मंत्र दे दिया तू मालिक बन जाएगा विधि का। जो विधि बताई जाएगी वही कर। नहीं कहता इसमें एक और ऐड करूँगा मैं। क्या? कहता मैं मुर्गे की पल्ली दूँगा सफेद रंग के। हम अच्छा। मैं कहा भाई क्यों जान से मारने को आया है उसको? कहता नहीं मैंने देनी है।

मैंने कहा उसके नाम का खुला छोड़ देना मारियो मत उसको। हम हम ये हरकत मत करना। हम कहता ठीक है। मैं कहा देख सीधी बात है किसी प्राणी की जान नहीं ली जाती। बिल्कुल बिल्कुल। ठीक है न। उनको तो वासना चाहिए।

वासना मतलब जैसे हमें स्मेल चाहिए होती है न किसी चीज को बिल्कुल। वो तो वासना के भूखे होते हैं। कहते ठीक है, ठीक है। ऐसे ही करूँगा भाई। उसने 11 दिन ऐसे किया। दारू लेके आता था जो देसी लेके आता था फुल बोतल।

हम रोज मेरे को बताता था कि मैं ये कर रहा हूँ ये कर रहा हूँ। मेरे को सपने आ रहे हैं। मेरे को नंबर दिखा रहे हैं कि ये नंबर लगेगा वो नंबर लगेगा। मैं कहा सात और 11वें दिन तक कोई पंगा नहीं लेना। कहता मैं 11 दिन तक करूँगा।

सात दिन नहीं 11 दिन तक। वो कहता मैं पाँच माला कर रहा हूँ। अच्छा। मैं कहा बेस्ट है। कहता मेरे को कितना टाइम रात को 12:00 बजे बैठ मैं 4:00 बजे उठ जाता हूँ। अच्छा। मैं कहा ठीक। कहता है 4:00 बजे सुबह तो उठ जाता हूँ रात को 12:00 बजे बैठ के।

भाई वो बोला मैं छ: महीने के भीतर-भीतर जो जितना मेरा था न कर्जा सारा मैंने उतार लिया। अब मेरा घर अच्छा चल रहा है। यानी मैं लालच नहीं कर रहा आपके कहने पे।

हम 30 लाख का कर्जा ऐसे नहीं होता कि उतर जाता है। 30 लाख का कर्जा बहुत बड़ी चीज है कि उतर जाना वो भी भाई आजकल के छ: महीने में। भाई आजकल के रिश्तेदार नहीं हेल्प करते। दूर क्या बात है भाई भाई की नहीं हेल्प करता भाई साहब जी।

गुरु का मार्गदर्शन और काल भैरव सट्टा मंत्र साधना

बात यह है मैं इसलिए यह चीज डाल रहा हूँ क्योंकि बहुत लोग दुखी आते हैं जिनका पैसे के रिलेटेड कर्जा है। ठीक है? वो चुकाना चाहते हैं। इसीलिए मैं ये चीज चाहता था कि मैं कोई ऊपर बात करूँ उसके लिए साधना कोई लेके आऊँ। दूसरी चीज क्या है जी ये जो सट्टे-सट्टे की साधना है, ठीक है? ये सट्टे की एक अपने आप में विद्या है। ठीक है?

ये जो विद्या है अगर गुरु की देखरेख में करोगे, गुरु से जानकारी लेके करोगे तो फिर तो आप बोलना बोलना भूल ही गया। हाँ जी अपना सागरनाथ जी मैं थोड़ा सा बताना चाहता हूँ और उसके बाद फिर आप भी बोलना।

 

जी गुरु के मार्गदर्शन में अगर करोगे तभी आपको समझ में आएगा और तब ही आप ये चीजें लगा पाओगे सही तरीके से। बिल्कुल। ठीक है?

गुरु के मार्गदर्शन में नहीं चलोगे। समझ में नहीं आएगा किस तरीके से इसको लगाना है, क्या करना है, कैसे मैंने अपने गुरु के अंडर रह के ही सब कुछ किया। नहीं मैं गुरु के बिना करता तो मेरे को इतना ज्ञान न मिलता जो सच्चाइयाँ छोटी छोटी बहुत सारी चीजें हैं जो रह जाती है।

उसके बाद क्या है कि ये अपने आप में भी सट्टे की जो एक तरीके से विद्या है ये कोई चीज नहीं है, कोई साधारण साधना नहीं है, ये विद्या है। सीखना पड़ता है तब जाके आप लगा पाओगे।

इसमें जो आजकल के साधक हैं न बैठते हैं छ: महीने की अपनी जो मेहनत है न बेकार कर लेते हैं। छ: महीने जो वो साल लगाते हैं न पूरा साल। लोगों को मैं आपको पता होगा।

लोगों को पता ही नहीं इसकी विधि क्या है। जी। दूसरी चीज मेरे को न सागरनाथ जी बहुत सारे ऐसे लोगों के कॉल आते हैं। वो बोलते हैं जी हम ये साधना कर रहे हैं।

नंबर आता नहीं है। नंबर दिखता है पर आता नहीं है। तो हम क्या करें? ठीक है? क्योंकि क्योंकि उसमें क्या है जी सागरनाथ जी? कोई चीजें होती हैं, कोई कमियाँ होती है, वो दूर करनी बहुत जरूरी है।

इसमें देखिए कोई गुरु ही एक चीज इस चीज को कर सकता है। बिना गुरु के न करे बंदा न बिल्कुल। इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें नंबर सीधा मिलता है।

तोड़-मरोड़ो के नहीं मिलता है। जैसे ये नहीं बनाना पड़ता। सीधा मिलेगा। सीधा मतलब जो जैसे आप अपनी आँखों से सब कुछ देखते हो न रियलिटी वही रियलिटी मिलेगी। लेकिन उसके लिए सब्र करना पड़ेगा। थोड़ा सा न अगर कोई व्यक्ति गुरु के मार्गदर्शन में करें। नहीं गुरु के मार्गदर्शन में करने पड़े। हम किस लिए बैठे हैं? हम किस लिए आए हैं?

पहले यह बताओ। हाँ हम कौन सा दुखी करेंगे किसी को कि न करो। भाई अपना जीवन सवारो, करो। हमने तो सवारा है। तुम भी सवारो। हमें कौन सा फर्क पड़ने लगा है?

क्योंकि बहुत सारी चीजें मैंने बिगड़ती देखी है। जी। एक चक्कर में लोग खुद ही करने बैठ जाते हैं। बहुत सारी चीजें तो नुकसान करा बैठ। भाई मैं तो ये बोलता हूँ अपना लॉस जो ऐसे है न कर्जे में या शादी किसी ने करनी है या अपनी स्टडी करनी है अपनी करो एक तरफ हो जाओ।

इसके ऊपर डिपेंड नहीं रहना। डिपेंड का मतलब कि रोज नहीं करना है। महीने में दो बार हो जाए तीन बार हो जाए चलता है। महीने में दो बार ही आप अगर लाखों रुपया कमा लेते हो तो बहुत है। क्या चाहिए? जो छ: महीने में 30 लाख का कर्जा उतार लिया तो आप महीने में सब्र नहीं कर सकते 30 दिन। परमात्मा ने आपको दिए हैं हर महीने।

लाइफ के लाइफ में कितने आपके 24 घंटे देता है न आपको पर डे के। उस हिसाब से आपको महीने में सैलरी एक बार मिलती है वो भी रो-रो के आप लेते हो। अगर सब्र करके करते हो भाई अगर आपको बैठे-बैठे 500 मिल रहा है, ठीक है।

बसों में धक्के खा के अगर आपको 15,000 की नौकरी मिलती है उससे ज्यादा तो आपका रास्ते में खर्चा हो जाता। भाई इस पैसे को जितना अच्छे काम में लगाओगे न यह दुगना होगा।

दुगना कहने का मतलब है अपना तो काम-धंधा खोल लो अपना बिजनेस चला लो कोई नया बिजनेस। एक तरीके से जो लोग चुंगल में फँसे हैं न पैसे के संबंधित उस चुंगल से निकालने के लिए है।

दूसरी चीज क्या है जी अगर कोई बंदा बिजनेस करना चाह रहा है तो उसके पास पैसा नहीं हो रहा है कहीं से अरेंजमेंट। मैं बात करता हूँ इसके बीच तो उसके लिए भी आदमी यूज कर सकता है। जी मैं क्या इसके बीच में आपकी बात रोक रहा हूँ।

सबसे बड़ी बात ये है मान लो कि जैसे ये नंबर किसी को मिल जाता है लगातार मिलना भी शुरू हो जाता है। अगर वो बोले मैं माँस खाऊँ, मीट खाऊँ, दारू पीऊँ तो ये भैरव है न जो काल भैरव उजाड़ के रख देगा तुम्हें और तुम्हारे परिवार को।

 

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  के दुरुपयोग के दुष्परिणाम

एक चीज और है सागरनाथ जी अगर मैंने बहुत सारे ऐसे लोग देखे हैं जिनको मेरे से इन चीजों को लिया उन्होंने। ठीक है? खूब इसका यूज करा और गलत कामों में यूज करा। ठीक है?

उसके बाद मैं आपको क्या बता रहा हूँ? जी सागरनाथ जी उनके पास जो कुछ बना था जो पहले भी बना हुआ था वो सारा कुछ जीरो हो गई पहले से। वही बंदे मेरे पास आते हैं कि दोबारा करा दो। मैं नहीं करवाता भाई।

हाँ ऐसे क्योंकि गलत कामों के ऊपर पैसा लगाओगे तो लक्ष्मी भी खुश नहीं होती। अरे भाई हम मेरे को इतने साल हो गए गुरुगद्दी चलाते हुए न मैं दारू पीता हूँ, सुनो न मैं माँस खाता हूँ, ठीक है न। मैं सिर्फ अपने देवी देवता है न जो मेरे बड़े लेवल उनको भोग देता हूँ।

वो प्रसन्न है तो मेरा भी मूड प्रसन्न है। आत्मा प्रसन्न है। बिल्कुल जी बिल्कुल बिल्कुल। ठीक है न? ये राक्षस बनने की जरूरत नहीं है। अच्छा आदमी बनो।

काल भैरव सट्टा मंत्र 

मंत्र

अब मैं मंत्र बताता हूँ। मंत्र पे आता हूँ। बाद में बोलेंगे मंत्र कहाँ पे है? बिल्कुल मंत्र सुनो मेरे से।

“ॐ काला भैरू, कपिला केश। काना कुंडल भगवा वेष। तीर पतर लियो हाथ, चौसठ जोगनिया खेले पास। आस माई, पास माई। पास माई सीस माई। सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे। राजा को बनाऊ कुकडा। प्रजा बनाऊ गुलाम। शब्द सांचा, पींड कांचा । गुरु का बचन जुग जुग सांचा

 

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  मंत्र प्राप्ति का अनुभव

बहुत अकबर ये शब्द ये शब्द हमें कैसे मिला था मैं बताता हूँ अभी इसके भी बीच में एक माहौल है। माहौल क्या है? भोले शंकर से हमने बोला था कि हमें भी कोई ऐसी तुरी में अपना कोई बांध रखने के लिए दे दो जो हमारे आगे चल के काम आए पैसे के लिए।

उन्होंने मेरे को तीन-चार दिन में ऐसे सुबह सपना आया भाई ये मंत्र मेरे पास पड़ा हुआ था। हम लेकिन मैंने इसको कभी यूज नहीं किया था। जब उन्होंने मेरे को ये ए टू जेड एक एक स्टेप करके जिनके ये शब्द दिखाए न हम मैं हैरान हो गया। मैंने कहा उसको ढूँढो जहाँ पे ये मैंने रखा था।

फिर मैंने वो अपना किताब जहाँ पर गुरु ने लिखवाया था ये रखना देखा। हम हम कि इसकी अब जरूरत पड़ गई। इन्होंने बता दिया। जगत गुरु ने खुद बता दिया है। बिल्कुल बिल्कुल।

मैं इसका इसके फट्टे उठा दो और चख दो। पकड़ो लेंटर गार्डर जो है न सब डाल दो एक साथ ही। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। क्योंकि उन्होंने बता दिया तो काम करना चाहिए। बिल्कुल जी करना चाहिए जी बिल्कुल सट्टा साधना गौरव।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना  दीक्षा और साधना की शुरुआत

 

और एक चीज मैं और जानना चाहता हूँ लास्ट और यह चीज जानना चाहता हूँ जी क्या कोई बंदा बिना दीक्षा के तो नहीं कर सकता न इसको? नहीं कर सकता। 99% नहीं कर सकता। जो विधि बताई है करके देख ले। उल्टा भैरव उसको लटका देगा। कैसे? रात को 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच कर रहे हो। सामने आके खड़ा हो जाएगा।

साया काली माता का खड़ा हो जाएगा। जिसमें लिखा है आसमाई पासमाई सीसमाई। साया दिख गया तो वो तो डर जाएगा वैसे ही। वो तो भाग जाएगा।

कोई ऐसा नुकसान हो जाएगा भाई तुम भरपाई नहीं कर पाओगे। इसीलिए क्या सोच समझ के ही करना। मेरी देखरेख में करो। कोई डरने की बात नहीं। हम दोनों में से किसी के भी कॉल करके आप कर सकते हैं। एक ही बात है।

ठीक है ? दूसरी चीज क्या है जी मैं और चीज बोलना चाहता हूँ। ये किस वार से शुरू करना है ये बता दीजिए। ये मैंने बताया तो है कृष्ण पक्ष के कृष्ण पक्ष जो होगा उसमें शनिवार ले लो।

शनिवार। ठीक है जी। सॉरी मैं विधि पहले नहीं बताया हुआ है। कुछ बातें ऐसी होती है पहले बतानी जरूरी होती हैं। क्योंकि क्योंकि मैं अपना सारा टॉपिक कवर कर जाता हूँ। बिल्कुल बिल्कुल।

अच्छा लोग अब बोलेंगे दिशा कौन सी, कपड़े कौन से? ये दो चीज। इसमें दिशा पूर्व रहेगी। अब तीसरा सवाल ये है कि इसका जो हवन है, ठीक है। रात को करना है या दिन में करना है? भाई रात को ही करना है। रात को 12:00 बजे बोल तो रहा हूँ मैं। ठीक है। ठीक है। रात को 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच-बीच काम निपटाना है अपना। हफ्ते की बात है। लाइफ तो साली सारी पड़ी है जीने के लिए।

हफ्ता या 11 दिन नहीं कर सकते। ना है भी ये बिल्कुल शॉर्टकट रास्ता 11 दिन का। तो बहुत बड़ी बात तो है ही नहीं। 11 दिन के अंदर-अंदर आपको कुछ बड़ी चीज मिल रही है तो मेरे हिसाब से ये करना चाहिए।

हर बंदे को करना चाहिए। यार जो 7 दिन और 11 दिन मेरी विधि करके सब्र कर लेगा न वो खुद हाथ जोड़कर बोलेगा कि भाई मेरी जो पैसे दूसरी जरूरत है पूरी लाइफ टाइम तक काम आने वाली चीज है। जी ऐसा नहीं है कि ये लाइफ टाइम तक काम आएगी।

भैरव का देखिए मैंने 10 पोस्ट डाल चुका हूँ। किसी बंदे को मैंने बोल दिया भाई तू जाके काल भैरव की घर पर तस्वीर लगा लेना काम तुम्हारा चालू हो जाएगा। उसके ऊपर मैंने पोस्ट बना के डाला उस बंदे की जिंदगी बदल गई।

खुद बोल रहा है जी। भाई ये खुद बताएगा ये ये मंत्र जहाँ तक वशीकरण करता है न इस शब्द की एक एक लड़के की लाइन को समझना समझना जो लिखा है। एक साथ जोगनिया चलती है। जोगनिया चलती है इस शब्द में। बिल्कुल बिल्कुल।

देखने में जब मंत्र एक एक शब्द को समझना इसका मतलब क्या निकलता है तब पता लगेगा। सुनने में ही पॉजिटिव वाइब आ रही है। पूरा अंदर से वो ऊर्जा से भर रहा है बॉडी। न कुछ कर रहे हैं। जनता बहुत ब्रॉडकास्ट करती है।

काल भैरव सट्टा मंत्र साधना – समापन और गुरु मंत्र साधना.com

बहुत सी दूसरी चीज हम यहीं के ऊपर सागरनाथ जी बंद करना चाहेंगे टॉपिक क्योंकि बहुत लंबा हो गया। दूसरी चीज क्या है? हमारी गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट है। अपना एक नया चैनल बता दो उनको नए चैनल के ऊपर भी बता दो कि डिस्क्रिप्शन में सारा कुछ बताऊँगा। जी हाँ हाँ तो देखिए क्या है जी गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट है हमारी।

उसके अंदर क्या है बहुत सारे आपको आने वाले समय में मंत्र साधनाएँ मिलेंगे। ठीक है? धांसू से धांसू भाई जो देखी नहीं होगी न सुनी। क्योंकि मैंने अपना सागरनाथ जी बहुत लंबे समय से मैंने जो प्राचीन मंत्र देखे थे ब्लॉग के ऊपर वो ब्लॉग ही लोगों ने डिलीट कर दिए और वो चीजें अलोप हो रही है धीरे-धीरे। अच्छी चीजें हैं। अब करके दिखाएँ।

मैं तो बात बोलता हूँ सच्चाई कितनी देर दबा लोगे तुम। दुकान चलाते हो मैं दुकान नहीं चलाता। बिल्कुल। ये भी बात है जी। जो दुकान चला रहे हैं लोग तो वो भी इस चीज को समझेंगे।

तो दूसरी चीज अब मैं दूसरे टॉपिक के ऊपर आता हूँ। सागरनाथ जी का भी एक चैनल है। उनका मैं लिंक नीचे डाल दूँगा। ठीक है? इनके साथ भी आप स्पेशल जुड़ सकते हैं। बिल्कुल। दबा के दोनों चैनलों को लाइक करो, शेयर करो। बिल्कुल बिल्कुल। और इनके साथ भी आप जुड़िए और हमारे साथ भी जुड़िए। ठीक है? बिल्कुल। तो हम दोनों ही नाथ संप्रदाय से हैं। ठीक है?

ये भी नाथ संप्रदाय से। मैं भी नाथ संप्रदाय से। इसीलिए हम मिलके काम कर रहे हैं। ठीक है? इनको भी अच्छी नॉलेज है और हमें भी अच्छी नॉलेज है। ठीक है? पर मेरे को माता रानी की मेरे को ये तो लोगों के लिए… हाँ जी जी हाँ जी बोलिए सागरनाथ जी।

मैं मैं कहा ये तो सारी माता रानी की कृपा है। उन्होंने भगवान की कृपा है जी बस। उन्होंने अपना दूध नहीं हमें पिलाया। वो तो हमें दूसरी माँ दे दी जन्म में।

नहीं तो हमें पता है हम उनके पास कैसे रहते हैं। बिल्कुल बिल्कुल। ये भी माता रानी की कृपा बोल दी है जी ये सागरनाथ जी आपके मुख से। जी अभी फिर हम समाप्त करते हैं। यहीं पर जिस किसी को भी चाहिए नीचे लिंक दे दूँगा। पूरी विधि पढ़ के कर लेना। ठीक है? बिना गुरु के मत करना।

ठीक है? अगर गरीब हो, अगर पैसा नहीं है तो कम पैसों में मैं सिखा दूँगा आपको। कोई टेंशन लेने वाली बात नहीं है कि हाँ जी हजारों रुपए ही चाहिए। कम से कम जितना हो सके उतने में मैं सिखा दूँगा। पर इसका गलत प्रयोग करोगे तो कुछ नहीं बचेगा।

जो कुछ पैसा पहले भी कमाया हुआ वह भी चला जाएगा। दवाइ हाँ उल्टा जाएगा भाई। उल्टा लगा देगा। ये मेरे को मालूम है। मैंने ऐसे कइयों को सिखाई है। वो गलत इस्तेमाल उन्होंने कर लिया। बाद में बोलते बड़े भाई सिखा दो। मैंने कहा बड़ा भाई गया तेल लेने। बिल्कुल।

लोगों को न तो हम सपोर्ट करते हैं न हम करेंगे भाई। करेंगे भाई अपना घर घर की तरफ देखो। सबसे पहले आपके लिए घर है। उसके बाद ही सब कुछ है। चलो ठीक है  हम दूसरे टॉपिक में फिर से मिलेंगे फिर नए टॉपिक में। ठीक है। जय माता दी। जय श्री महाकाल। जय माता दी। आप सब माँ का।