Author: Rodhar nath

मैं रुद्र नाथ हूँ — एक साधक, एक नाथ योगी। मैंने अपने जीवन को तंत्र साधना और योग को समर्पित किया है। मेरा ज्ञान न तो किताबी है, न ही केवल शाब्दिक यह वह ज्ञान है जिसे मैंने संतों, तांत्रिकों और अनुभवी साधकों के सान्निध्य में रहकर स्वयं सीखा है और अनुभव किया है।मैंने तंत्र विद्या पर गहन शोध किया है, पर यह शोध किसी पुस्तकालय में बैठकर नहीं, बल्कि साधना की अग्नि में तपकर, जीवन के प्रत्येक क्षण में उसे जीकर प्राप्त किया है। जो भी सीखा, वह आत्मा की गहराइयों में उतरकर, आंतरिक अनुभूतियों से प्राप्त किया।मेरा उद्देश्य केवल आत्मकल्याण नहीं, अपितु उस दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाना है, जिससे मनुष्य अपने जीवन के गूढ़ रहस्यों को समझ सके और आत्मशक्ति को जागृत कर सके।यह मंच उसी यात्रा का एक पड़ाव है — जहाँ आप और हम साथ चलें, अनुभव करें, और उस अनंत चेतना से जुड़ें, जो हमारे भीतर है ।Rodhar nath https://gurumantrasadhna.com/rudra-nath/

Brahmarakshas ब्रह्म राक्षस परिचय और भ्रांतियों पर विचार कौंन होता है

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🧐 ब्रह्म राक्षस: परिचय और भ्रांतियों पर विचार

Brahmarakshas ब्रह्म राक्षस परिचय और भ्रांतियों पर विचार कौंन होता है गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम पोस्ट में आपका एक बार फिर से स्वागत है। आज हमारे साथ हैं रुद्रनाथ जी। रुद्रनाथ जी आज हमें बताएँगे कि जो जनता की मेल आ रही है, फोन आ रही है कि ब्रह्म राक्षस के बारे में जानना है। उनको सिद्ध कैसे किया जाता है।

आज वो हमारे पोस्ट पर विस्तार से बताएँगे कि ब्रह्म राक्षस की कैसे सिद्धि की जाती है और दूसरी बात इसकी शक्ति क्या है और इसको प्रयोग में कैसे लाना और इससे बचा भी कैसे जा सके। ठीक है? तो मैं अपने पोस्ट पर आपका स्वागत करता हूँ रुद्रनाथ जी एक बार फिर से जी धन्यवाद सबसे पहले। जी जय माता की, जय श्री महाकाल। जय श्री महाकाल।

तो जो मैंने आपसे तीन चार सवाल पूछे हैं इनको टॉपिक को बताओ कि कैसे कवर करना है। तो पहले तो मैं आपको ये चीज़ बताना चाहता हूँ जो हमारे नए विज़िटर आए हैं अभी जो नई ऑडियंस है तो उनको मैं एक चीज़ बताना चाहता हूँ कि ब्रह्म राक्षस है क्या, सबसे पहले तो उसकी जानकारी देना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसके बारे में ना बहुत सारी गलत धारणाएँ हैं। जी ठीक है।

किसी को कुछ पता भी नहीं है और फालतू में कोई भी वेबसाइट लेख बना के डाल रहा है। ठीक है? बिल्कुल बिल्कुल। और मैं इसका बिल्कुल कम से कम समय में मैं इसको कवर करूँगा। ज़्यादा मैं समय नहीं लूँगा। बिल्कुल। ठीक है।

🔱 ब्रह्म राक्षस का पौराणिक संबंध: कश्यप और विश्रवा ऋषि

तो देखिए जो ब्रह्म राक्षस है वो है क्या? मैं आपको चीज़ बताता हूँ। कॉन्सेप्ट समझिएगा, कोई बंदा भी है तो ब्रह्म राक्षस जो है ठीक है, जो कश्यप ऋषि हुए हैं, ठीक है, कश्यप ऋषि के साथ भी इनका रिलेशन है और विश्रवा ऋषि के साथ भी है, दोनों ऋषियों के साथ है इनका रिलेशन।

पहले तो मैं कश्यप ऋषि का रिलेशन बताता हूँ। कश्यप ऋषि की दो पत्नियां, वैसे तो काफी सारी पत्नियाँ थी, जो दो पत्नियाँ थी वो मेन थी दिति और अदिति मुख्य रूप से। हाँ, जो दिति थी, ठीक है, उसके यहाँ पर हो सकता है कि थोड़ा मैं उलटपुलट भी बोल सकता हूँ दिति और अदिति को लेके, तो आप अपने हिसाब से उसको मैनेज कर लेना।

गरुड़ हुए, मैं बता देता हूँ जिसमें आपको हाँ जी मैं कम्प्लीट करता हूँ। तो दिति थी, ठीक है जी, तो उनके वहाँ पर अगर मैं गलत हूँगा तो आप मेरे को टोकिएगा ज़रूर। जी जी। जिनके वहाँ पर जो हुए हैं, ठीक है, वो हुए थे जी देवता। बिल्कुल मैं सही हूँ जी क्योंकि मेरे को थोड़ा कन्फ़्यूज़न होता है को लेके। देखो जी, जो अदिति से सीधा देवता जाएँगे। अदिति से अदेवता जाएँगे। हाँ, जो अदिति थी, एक तो उसके वहाँ पर जो पैदा हुए थे, राक्षस पैदा हुए थे। बिल्कुल। ठीक है।

एक तो उनका रिलेशन यह है कश्यप और ऋषि से। ठीक है। जितने भी अदिति के आगे बेटे हुए हैं, जितने भी औलाद हुई है, सब राक्षस ही हुई है। हाँ हाँ हाँ। ठीक है। तो ये आप समझ जाओ कि जो कश्यप ऋषि थे, ब्राह्मण थे। ब्राह्मण होने के कारण जो आगे औलाद हुई।

मतलब एक ब्राह्मण की तेजस्वी औलाद थी। मतलब वो ऋषि कोई तेजस्वी थे पूरी तरीके से। पूर्ण रूप से तेजस्वी थे। भाई मैं ऑडियंस आपको बता देता हूँ। एक बेटा उनको वहाँ से मिला है गरुड़ जो भगवान विष्णु का सारथी है। जी वो दिति से हुआ है।

मतलब कि आपकी जनता को पता लग जाएगा। और जो इंद्र आदि देवता हुए हैं, दिति से पैदा हुए। इंद्र देव, वरुण देव, जितने भी है ये। देवी देवता सारे ही दिति के ही पुत्र थे। आगे इन्होंने फिर यज्ञ करके, तपस्या करके देव तत्व को प्राप्त कर लिया। ठीक है।

तो ये एक तो जो अदिति से आगे चीज़ें चली, वो हुए जी ब्रह्म राक्षस क्योंकि वो ब्राह्मण के बेटे थे। तेजस्वी थे। हम तो वो कहलाए ब्रह्म राक्षस। बिल्कुल। अब यहाँ पर कोई कन्फ़्यूज़न तो नहीं रहनी चाहिए। क्लियर है ना मैटर?

मैटर देखो जो जो ऋषि थे कश्यप ऋषि। ठीक है? वो एक ब्राह्मण थे। आगे इसीलिए जो राक्षस पैदा हुए उनकी कुल से वो ब्रह्म राक्षस पैदा हुए। दूसरा कॉन्सेप्ट मैं अभी बताता हूँ। पुलस्त्य ऋषि। ठीक है? ब्रह्मा जी के पुत्र हुए पुलस्त्य ऋषि। पुलस्त्य ऋषि के आगे पुत्र हुए विश्रवा ऋषि। ठीक है?

विश्रवा ऋषि से जो पहली पत्नी थी उससे कुबेर पैदा हुए। हम्म ठीक है। जिनको नल कुबेर बोला जाता है। कुबेर पैदा हुए। ठीक है। बिल्कुल। आगे चलके भगवान शिव ने उनकी ड्यूटी लगा दी कोषा अध्यक्ष के लिए। बिल्कुल।

रावण रावण के जो भाई थे भाई थे दूर के भाई थे आगे भाई हाँ जो आगे विश्रवा ऋषि के आगे दूसरी पत्नी हुई उससे पैदा हुए रावण, कुम्भकर्ण आदि। ये थे ब्रह्म राक्षस। बिल्कुल।

अगर आप पूरा कॉन्सेप्ट समझ गए हैं कि जो ऋषियों की कुल से जो पैदा हुए थे। वो ब्रह्म राक्षस पैदा हुए थे। जी वो ब्राह्मण होने के कारण वो ब्रह्म राक्षस कहलाए।

🚫 झूठी धारणाओं का खंडन: पूजा पाठ और ब्रह्म राक्षस बनना

अच्छा, अज्ञानी लोग मैं देखता हूँ वेबसाइटों के ऊपर बेवकूफ बैठे हुए हैं। जी वो कॉन्सेप्ट क्या बताते हैं? जी जो ब्राह्मण पूजा पाठ करता है। जी गलत काम करता है। उसके बाद वो ब्रह्म राक्षस बन जाता है। मूर्ख प्राणी हो। ऐसा कुछ नहीं है। ऐसा कुछ नहीं है। मैं एक चीज़ बोलता हूँ।

ऊपर कोई वो जातपात का भेदभाव नहीं है। गलत काम करेगा उसके लिए नर्क है। सही काम के लिए स्वर्ग है। वो वहाँ जातपात नहीं देखी जाती। ये धरती लोक के ऊपर जातपात का चक्कर है।

बिल्कुल। अगर कोई थोड़ा पूजा पाठ कर रहा है ना साधक, उसको एक मौका मिलता है। इंसान की जन्म फिर दोबारा मिलता है। थोड़ा अपने आप को सुधार ले।

जैसे भाई हमें मिला हुआ है दोनों को। बिल्कुल। तो उसी तरीके से ही उनको दोबारा जन्म मिलता है कि कुछ अधूरे काम करें अपने आप को मोक्ष की प्राप्ति को और आगे बढ़ें।

ये नहीं है कि अगर ब्राह्मण कोई गलत काम कर रहा है तो ब्रह्म राक्षस बन जाएगा। ये कहाँ के साले लॉजिक लगा रहे मेरे को यही नहीं पता। लॉजिक सबसे बड़ी बात ये है मैं।

🛡️ ब्रह्म राक्षस से सुरक्षा और उसकी शक्ति

अच्छा, दूसरी जी, मैं अब कॉन्सेप्ट के ऊपर आऊंगा। जी जी। क्लियर हो गया सबको कि आगे बताऊँगा। जी। लोग क्या बोलते हैं कि ब्रह्म राक्षस से बचा कैसे जाता है? अगर किसी के ऊपर ब्रह्म राक्षस लग गया, बड़े से बड़ा तांत्रिक नहीं बचा सकता। मैं सीधी बात बोलता हूँ।

लोग बोलते हैं कि हम हम तो हनुमान चालीसा पढ़ लेंगे। ठीक है। तुम क्या हनुमान चालीसा पढ़ोगे? ब्रह्म राक्षस तुमसे भी शुद्ध हनुमान चालीसा तुम्हें सुना देगा। वो बोलेगा महामृत्युंजय पढ़ेंगे, उससे भी शुद्ध सुना देगा। क्योंकि वो साला खुद ब्राह्मण है। जी। बिल्कुल। वो हाईलाइट है।

उनका दादा, परदादा या बाप वो हाई लेवल के ऋषि हैं। हाई लेवल के ऋषि हैं। वो तुमसे ज़्यादा शुद्ध सुना देंगे। जी। और आप तो चकरा जाओगे यार। अभी ये क्या चक्कर है? जी।

अब मैंने ऐसा केस देखा है जी और हम उनके सामने उनके घर के मेम्बर हनुमान चालीसा पढ़ते थे। वो आ गए। वो हनुमान चालीसा सुनाता था। बिल्कुल शुद्ध रूप में। बिल्कुल। गायत्री मंत्र उसने सुना दिए। बिल्कुल। वो बताता था इसका वो भी लगाओ। शाप में विमोचन भी करो उसका।

हाँ, शाप विमोचन करो। मक्खी पे मक्खी चलाएगा वो पूरी शुद्ध रूप में। उसमें आप एक चीज़ लगा लो। आप उसको मंत्रों से या हनुमान चालीसा से नहीं बाँध सकते। सबसे बड़ा कॉन्सेप्ट ये उसको कोई बड़े से बड़ा तांत्रिक नहीं बाँध सकता।

जो जिस ऋषि का ब्रह्म राक्षस के पिता का नाम लिया दिति, अदिति तो सतयुग में हुए हैं। ये तो कलयुग चल रहा है ना। तो लेवल किसका बड़ा, ब्रह्म राक्षस का या आज के तांत्रिक का? ब्रह्म राक्षस का लेवल बड़ा है। भाई दूसरी चीज़ आप एक चीज़ लगाओ ना कि वहाँ पर ब्रह्म तत्व चल रहा है। सबसे बड़ी ब्रह्मा का तत्व चल रहा है। ब्रह्म एक बहुत बड़े ऋषि का तत्व चल रहा है।

तो वहाँ वो कि कैसे आप उसको हरा पाओगे? और यही उल्लू के पठ्ठे को समझ नहीं ना। जिसका नाम ब्रह्म है। जी। राम जो श्री रामचंद्र जी थे, ठीक है, उनकी पूजा किसने करवाई थी? जी वो रावण ने करवाई थी जी। राम जी ने रावण खुद आए थे। रावण खुद आए थे।

उससे बड़ा ब्राह्मण कौन होगा? उन्होंने उस समय बोला था कि इस समय धरती पर इनसे बड़ा ब्राह्मण नहीं है कोई भी। उनको बुलाओ, वेद पाठी। वो कर्मकांड करेंगे। और वह आए थे। बिल्कुल आए थे। और दूसरी चीज़ मैं को एक चीज़ और बताता हूँ। जी।

सिम्पल कॉन्सेप्ट। ठीक है? रावण अगर हम एग्ज़ाम्पल लें ना ब्रह्म राक्षस की, तो रावण भी ब्रह्म राक्षस था। जी सीधी बात है। बिल्कुल। ठीक है। और दूसरी चीज़ जहाँ ब्रह्म राक्षस खड़ा हो जाएगा वहाँ बड़े से बड़ा तांत्रिक फेल हो जाएगा। सीधी बात है। बच ही नहीं सकता। जी।

वहाँ पर वहाँ पर ना वहाँ पर केवल नाथ योगी, उच्च लेवल का नाथ योगी ही बचा सकता है। नहीं तो कोई नहीं दुनिया की पावर बचा सकता। कोई नहीं बचा सकता। सही बात बोल रहे हो। यही चीज़ है जी कि मैं एक चीज़ बोलता हूँ। जी। ब्रह्म राक्षस की साधना भी होती है। ठीक है। इसके मान लो अगर अगर मान लो मैं आपको चीज़ और कॉन्सेप्ट बताता हूँ।

अगर कोई बंदा कर रहा है। ठीक है जी। अगर उस बंदे ने कर ली साधना हम तो बंदे की छोटी सी गलती होगी ना तो खुद नहीं मरेगा वो ब्रह्म राक्षस पूरा खानदान ही खत्म कर देगा उसको। अरे भाई उसको तो फिर बलि चाहिए ना। बलि चाहे उसकी साधक की हो या उनके परिवार की हो वो तो लेगा ही ना सीधी। नहीं वो किसी को नहीं छोड़ता जी। सबसे खतरनाक और डेंजर साधना है।

अगर आपने उसको कर लिया मैं आपको एक चीज़ और बोलता हूँ कि अगर आपने कर लिया दुनिया की सबसे पावरफुल व्यक्ति आप होंगे। सबसे पावरफुल व्यक्ति आप होंगे। आपके मुक़ाबले में कोई होगा ही नहीं पावरफुल। बिल्कुल। क्योंकि ब्रह्म राक्षस की सिद्धि कोई मज़ाक नहीं है। बड़ी बात है भाई। खेल ही नहीं है।

जैसे आप बात कर रहे हो बता रहे हो। एक-एक स्टेप बता रहे हो, बात बता रहे हो। खेल थोड़ी। हाँ, भाई ऐसा मत सोचना कि भई तांत्रिक बचा लेगा जी। भूत प्रेत है जी। हनुमान चालीसा पढ़ के बचाव कर लेंगे। नहीं, कोई नहीं छुड़वाने वाला नहीं मिलेगा आपको। बिल्कुल बिल्कुल।

करने को तो कर लोगे आप। तो मैं इसीलिए ये साधना में नहीं डाल रहा हूँ। सीधी बात है क्योंकि बहुत मेरे पास पड़ी है। ठीक है। हम नाथ संप्रदाय से हैं तो नाथ संप्रदाय में किसी चीज़ की कोई कमी नहीं छोड़ी है गुरु गोरखनाथ जी ने। ठीक है। तो हम ये चीज़ें रिवील नहीं कर सकते क्योंकि बंदा खुद नहीं मरेगा, लोगों को मारेगा। मैं आपकी बात रोक रहा हूँ।

सबसे बड़ी बात ये है कि अगर बंदर के हाथ में उस्तरा पकड़ा, खुद तो मरेगा, अगले को भी मार देगा। ये इसका तो वही लॉजिक निकलेगा। डेंजर साधना। अच्छा, ये की कहाँ जाएगी फिर ये साधना? ये की जाती है बिल्कुल एकांत जंगल साइड में।

जहाँ बिल्कुल बीयाबान होता है ना। ठीक है। जब ये आता है ब्रह्म राक्षस तो धरती हिलती है जी। पूरा क्योंकि ये ब्रह्म राक्षसों का स्थान जो है पाताल है। धरती फाड़ के एकदम प्रकट होगा। बिल्कुल बिल्कुल। धरती फाड़ेगा, घर उखाड़ेगा जी।

अगर आप घर पे करोगे तो घर का तो ऐसे ही उड़ जाएगी, घर की छत उड़ जाएगी और घर वाले सोचेंगे साला क्या भूचाल आ गया जी। घर वाले भी जो आसपास के हैं, क्या भूचाल आ गया जी। यही हाल होगा। हाँ, अगर बंदा साला कुछ देख के कर ले। हाँ, तो भाई घर ही फट जाएगा एकदम से। घर ही फट जाएगा।

बिल्कुल सही बात बोल रहे हो भाई। बिल्कुल भाई एक रियलिटी है जी। होती है साधना पर भाई सबको कोई हर एक चीज़ मैं नहीं दे सकता। नहीं नहीं, ठीक है आपकी बात। मरना है, मरने का काम ही करेंगे।

💡 निष्कर्ष और अगली कार्यवाई

कॉन्सेप्ट हमने बता दिया है। ब्राह्मण राक्षस है क्या? आपने ऐसे सिद्ध कैसे इसकी सिद्धि कैसे की जाती है और ये कौन है, ये आपने बिल्कुल बताया। कोई किसी का डाउट होगा तो नीचे कमेंट बॉक्स में बता दे। ठीक है? तो बस बाकी मैं एक चीज़ बोलता हूँ जहाँ ब्रह्म राक्षस आ जाए तो आप प्रणाम करके निकल लो बस। क्योंकि आप उसे जीत नहीं सकते। जी ठीक है जी।

तो ये सिस्टम है जी आज का हमारा यही टॉपिक था कि हम जानकारी दें ब्रह्म राक्षस के बारे में जो भ्रांतियाँ फैल रखी हैं, तो उसके बारे में हम बताएँ। एक चीज़ रह गई रुद्रनाथ जी। भ्रांतियाँ इसलिए फैल रही हैं, कुछ किया नहीं है, कुछ सीखा नहीं है, कुछ पाया नहीं है, तो सब चेपने पे लगे हुए हैं। बढ़िया कैमरा, बढ़िया कैमरा रख के चेपने पे लगे हुए। ऐसे कर रहे हैं।

ऐसे कर रहे हैं कि जैसे कि साला इनका जो है ना वो नेबर है ब्रह्म राक्षस। बस बस बस। पड़ोसी है। मैं फिर भी तंग रह गया जी। जब उस लेडीज़ का मैंने सुना जी। बहुत बड़े वेबसाइट लेख के ऊपर वो लेडी बोल रही है जी। ब्राह्मण राक्षस क्या है? जी जो ब्राह्मण गलत काम करता है जी वो ब्राह्मण राक्षस बन जाता है भाई साहब। वो थोड़ी है। वो तो साला कॉन्सेप्ट ही अलग उन्होंने बना दिया। बताओ। ये सीधी बात है। आएगा जी। नरक जाएगा।

मान लो अघोरी अघोरी एक बात लेता हूँ। वो जब से अघोरी बना है, मरने तक वो इतने मंत्र उच्चारण सिद्धियाँ कर चुका है। जब वो किसी के सामने पड़ेगा, इतनी जल्दी उसको पिंड छोड़ देगा। उनकी तो मुंडी भी पहले बुक होती है कि तू मरेगा, तेरी मुंडी मेरे को चाहिए क्योंकि उसमें ज्ञान होता है उसका सारी उम्र का। वो जब दूसरे अघोरी को मिलती है तो वो ज्ञान जो होता है ज़्यादा बड़ा हो जाता है उसका।

और मैं एक चीज़ और बोलना चाहूँगा जो अघोरी का मैं कॉन्सेप्ट बताता हूँ। या कोई भी सिद्ध व्यक्ति है, अगर उसका शरीर छूटता है, कोई काम अधूरे रह जाते हैं तो दोबारा उसका मनुष्य का ही जन्म होगा उसको। बिल्कुल। तो ये होता है सिस्टम केवल अच्छे लोगों के लिए ये कॉन्सेप्ट है। अगर वो ब्राह्मण है, अभी कोई भी जात का है ना, तो वहाँ ऊपर जात नहीं पूछी जाएगी।

सीधा नर्क में डाल दिए जाओगे गलत काम तो सीधी बात है। जात अब अब आप ये नहीं कोई बंदा बोल सकता है हाँ जी ब्राह्मण है तो चलो कोई बात नहीं इसको ब्रह्म राक्षस की श्रेणी में डाल दो। ये तो कुछ अलग कॉन्सेप्ट हुआ है। वो चीज़ ऐसी नहीं है। जी बिल्कुल।

तो केवल जो ऋषियों की कुल से जो कुल चली है तो ब्रह्म राक्षस है। सीधी बात है जी। भाई भाई मैंने सुना है कि जैसे कहीं बोलते हैं रावण को ऐसे सिद्ध करो, वैसे सिद्ध करो। सालों एक उपाय मैंने जो बताया था वो इतना धड़ल्ले के साथ फैल रहा है। अगर अच्छा किसी को अगर खुजली हो भी रही है ना ब्रह्म राक्षस की तो रावण ही कर ले। वह भी ब्रह्म राक्षस ही था भाई।

तो कर तो सही। करे तो सही। पहले ही उसको पता लग जाएगा ना हफ्ते, एक हफ्ते में पता लग जाएगा। और एक तरीके से उनकी दो इच्छाएँ पूरी हो गई। एक तो चलो उनका हो गया काम। ठीक है। ब्राह्मण राक्षस की खुजली दूर हो गई।

दूसरा चलो वो भी हो गया, दो काम हो गए ना। ऑप्शन मिल गई है। चाहे पहली ऑप्शन जाए, दूसरी ऑप्शन। बिल्कुल बिल्कुल। तो यही चीज़ है जी। बंदा ये चीज़ करे।

तो आज का जो टॉपिक है यहीं समाप्त करते हैं। जी बहुत मज़ा आया जी आपके साथ बातचीत करके। जी शुक्रिया भाई पोस्ट पे आने के लिए। रुद्रनाथ जी आपका एक बार फिर से। तो आज के लिए मैं यहाँ पर विराम करता हूँ। ठीक है। जय महाकाल और जय माता की

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ismail jogi sadhna इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय

🕌 इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय

ismail jogi sadhna इस्माइल जोगी साधना: नाथ पंथ और मुस्लिम साधना का समन्वय गुरु मंत्र साधना.com में आपका फिर से स्वागत है। आज हम एक नए विषय पर चर्चा कर रहे हैं। गुरु रुद्रनाथ और सागरनाथ। कभी रुद्रनाथ जिज्ञासु की भूमिका निभाते हैं तो कभी सागरनाथ जी जिज्ञासु की भूमिका निभाते हैं। दोनों ही एक से बढ़कर एक ज्ञानी हैं। कोई छोटा बड़ा नहीं है।

दोनों एक समान ज्ञानी हैं। हर बार इस मंच पर एक नया ज्ञान प्राप्त होता है साधक जन को। आज फिर इस श्रृंखला में नया ज्ञान लेकर आए हैं। चलो शुरू करते हैं। गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। जी।

आज का जो हमारा टॉपिक रहेगा इस इस्माइल योगी की साधना का रहेगा। ठीक है? इस इस्माइल योगी की साधना क्यों की जाती है? इसका क्या लाभ है? ठीक है? पूरा उस टॉपिक के ऊपर बातचीत करेंगे।

आज फिर हमारे गुरु मंत्र साधना.com पर सागरनाथ जी उपस्थित हैं जो आपको बताएंगे इस इस्माइल योगी की साधना का क्या महत्व है। जी जी सागरनाथ जी आप जी का स्वागत है फिर से। सबको एक बार राम राम। फिर से जय माता की। जय माता दी। राम राम जी।

तो रुद्रनाथ जी आपका एक बार फिर से धन्यवाद अपने वेबसाइट पे एक बार दोबारा फिर से बुलाने के लिए। जी तो आज हम ये लेके आए हैं इस्माइल जोगी। इस्माइल जोगी का जो मंत्र है या विधि-विधान है अक्सर नहीं मिलता। तो जिनके पास है उन्होंने अपने पास ही रख लिया है।

आगे बताया ही नहीं। ठीक है। इनका क्या महत्व है मैं बताता हूँ। तो ये गुरु के रूप में जैसे चलते हैं इस्माइल जोगी, जोगी तो हैं ही, इस्माइल जोगी के रूप में भी चलते हैं और दूसरी बात जहाँ पे कामरू का कामाख्या की पीठ है ना, कामरूपा जिसको आप बोल दो, कामाख्या मंदिर, वहाँ की स्थली, वहाँ पे ये बहुत ज्यादा पूजे जाते हैं।

साथ में इनके लूना चमारिन भी पूजी जाती है, जो लूना चमारिन है इनकी शिष्या मानी गई है, इनकी शिष्या मानी गई है और जो नार सिंह वीर है ना, वहाँ का जो मोहन का काम करता है, मोहन का जो वशीकरण बहुत प्रबल रूप से करता है, वो भी इनके साथ ही रहा है, लेकिन वो इनका शिष्य नहीं रहा जी। वो इनके साथ ही जैसे गुरु भाई बोल सकते हो आप। ठीक है?

📜 इस्माइल जोगी का महत्व और नाथ संप्रदाय से संबंध

 

और दूसरी चीज क्या है जी, जो ये इस्माइल जोगी जी हैं, गुरु गोरखनाथ जी ने शिक्षा प्राप्त करी है, शिक्षा हाँ, इनके शिष्य हैं। यही मैं बात बोलने लगा था। इनके शिष्य हैं। मतलब कि ये तंत्र के क्षेत्र में इनका जो लेवल है बहुत बड़ा है, जिसको बोलते हैं हाई डिग्रीहाई डिग्री

और दूसरी चीज क्या है जी, अब लोगों के मन-माइंड में आता है ना कि हिंदू धर्म में हम मुस्लिम साधना कर रहे हैं। जो मुस्लिम साधना का प्रचलन हुआ है, ये इस्माइल जोगी से ही हुआ है। जी ठीक है।

और दूसरी चीज, जो ये धर्म-कर्म के जो लोग ज्यादा करते हैं ना, मैं एक चीज बोलना चाहता हूँ जी, नाथ संप्रदाय के अंदर मुस्लिम साधना भी की जाती है और सनातन धर्म की भी की जाती है। ऐसे होती थी जब गुरु गोरखनाथ जी घर पे तो अभी हैं, लेकिन जब वो आए थे, प्रकट हुए थे, उन्होंने दीक्षा देनी शुरू की थी, जो मुसलमान थे, मुसलमान पद्धति के थे, ठीक है

उस समय वो उनके जब शिष्य बने, उनको पता लगा कि इनके अंदर नूर है, परमात्मा का दिया हुआ, कुछ कर सकते हैं। उन्होंने उनको दीक्षा दी, नाथ पंथ से ही दी और आगे उन्होंने क्या किया? जब उनसे दीक्षा ले ली, परफेक्ट हो गए, तो आगे अपना पंथ चलाना शुरू किया।

ये जो मंत्र आप मुस्लिम मंत्र पढ़ते हो ना, इल्म आलम, इल्म आलम, ये जितने भी पढ़ते हो, कालिम हाँ, आलम कालिम, ये वहीं से ही चले हुए हैं। बिल्कुल। देखो गुरु का तो मतलब होता है शिष्य को पावर देना।

शिष्य जैसे मर्जी उस गद्दी को आगे बढ़ाए, गुरु ऐसे नहीं बोलते। वो बोलते कि दूसरी चीज क्या है, नाथ संप्रदाय में मुस्लिम साधना भी एक समान की जाती है और यह भी की जाती है। दोनों का एक समानता है।

उसमें ये नहीं है तो कोई धर्म-कर्म का कोई आडंबर नहीं। गुरु तो सबके समान होते हैं। सीधी बात है। बिल्कुल। ठीक है ना? उनके घर में कोई ये धर्म मजहब नहीं चलता है। बिल्कुल वही चीज तो मैं बोल रहा हूँ उन लोगों को।

💡 साधना की विधि और स्वरूप

 

अब मैं बताता हूँ ये जो मेरे को साधना मिली थी, कहाँ से मिली थी? ये हरियाणा के जंगम थे। जंगम थे, उनके ऊपर भोलेनाथ की सवारी आती थी, बहुत गुस्से में आती थी, शांत रूप में नहीं आती थी, क्रोधित रूप में आती थी। क्रोधित रूप में सिगरेट ज्यादा पीते थे वो खुश हो के।

क्योंकि जब वो भजन करते थे, उनका चेहरा इतना लाल पड़ जाता था, जो जंगम खंजड़ी बजा के नहीं करते अपना भजन। हम हम वो करते थे। हमारे अच्छे मित्र मतलब कि अच्छे खासे मित्र बन गए थे। हम हम जैसे उनका लेवल बड़ा हुआ हमारा था। एक दूसरे को मेल-मिलाप हुआ। हम उनको अपना कुछ बताते, वो हमें अपना बताते।

जैसे लेन-देन चलता रहा। हम हम। तो वो आए शिवरात्रि में मेरे पास। भोलेनाथ का भोग लेने के लिए आते थे कि तू भाई इतना मेरे को उनके तरफ से दे दे। तो मैंने बोला कि उनके आपके लिए द्वार खुला है, जब मर्जी आओ, शिवरात्रि को छोड़ के भी आ सकते हो आप। कहते नहीं, जो उन्होंने मेरे को बोला है कि इसे शिवरात्रि की शिवरात्रि से मिलना है। जी जी जी।

तो वो अपने घर पे धुना लगा के उन्होंने उनको सिद्ध किया था इस्माइल जोगी। अच्छा जी। धुने के ऊपर किया था। उन्होंने मेरे को विधि क्या बताई थी? इतनी लंबी चौड़ी विधि नहीं है, जितनी हम सुनेंगे, यहाँ बताई जाएगी दूसरों के द्वारा। वो बोलते हैं इसमें पाँच लड्डू लगते हैं, पाँच पताशा। अच्छा जी।

धुना होता है, जो धुना, जो जिसको आप कंकड़-कंकड़ नहीं, उसको अँगीयारी बोलते हो ना, गोबर की गाय का उपला लेना है, उसके ऊपर उसको सुलगा के देना है। ये प्रतिदिन आपने 21 दिन करना है। उस धुने के साथ में 11 माला करनी है। तो 250 ग्राम बेसन भी लेना है इसके साथ में। ठीक ठीक ठीक ठीक।

इसके साथ क्या होगा, मैं अब आपको बताता हूँ। जो ख्वाजा साहब है ना, ख्वाजा पीर जिसको बोलते हैं, जो वरुण देव हैं हमारे इतिहास में सनातन धर्म में, ये वो रूप है। ये साथ में सिद्ध होंगे उनके। ठीक है? मतलब कि ये मल्टीपल कार्य करेंगे आपके लिए।

आपके सिर पे चौकी आनी, जैसे बैठे-बैठे किसी को हाल-चाल बताना, कान से निकालना, किसी की चौकी बाँधनी-खोलनी, ये भी कार्य करेंगे। यहाँ तक जब ये आपको सिद्ध हो जाएँगे, नरसिंह वीर की भी सिद्धि करवा देंगे, जो कामरूपा में पूजा जाता है, लूना चमारिन, मतलब जितने वीर तंत्र वाले ना, उनके आसपास के क्षेत्र में रहते हैं या उनके पास जो दीक्षा ली थी उन्होंने, वो सब आपके साथ चल पड़ेंगे।

📿 मंत्र, लाभ और अनुभव

 

और इनका स्वरूप कैसा है? जटाधारी हैं। सिर के ऊपर साफा बाँधते हैं जो नाथपंथ में बाँधा जाता है। हाथ में चिमटा है और कमंडल है। पाँव में खड़ाऊँ है। खड़ाऊँ है, ये इनकी पहचान है। ठीक ठीक ठीक ठीक। ठीक है? और इन्होंने गले में नादी पहनी हुई है, जैसे गुरु गोरखनाथ नहीं अपने शिष्यों को डलवाते थे। हम हम हम।

वैसा इनका। अब मैं मंत्र पे आता हूँ। अच्छा इनका, हाँ, चलो मंत्र के ऊपर आए, तो थोड़ा सा मैं यही पूछ रहा हूँ कि इसके क्या लाभ हैं? चलो आप पहले मंत्र बता दो। उसके बाद फिर हम लाभ पूछेंगे, क्या हैं इसके?

इस्माइल जोगी का शाबर मंत्र

 

मंत्र ऐसे है: खेरू ठेर करे, ख्वाजा सिजर परे, गुरु इस्मेल को हाजिर करे।

ये अढैया मंत्र है। फिर बोल देता हूँ। अढाई अक्षर का जिसको बोला जाता है, अढाई लाइन का। खेरू ठेर करे, ख्वाजा सिजर परे, गुरु इस्मेल को हाजिर करे। ठीक ठीक।

खेरू का मतलब होता है कि जो ना मुड़े, जो ना मुड़े, उसको खत्म कर दो। अगर जो खत्म हुआ हुआ है, उसको सही कर दो। ठीक है? ख्वाजा जो है, आपका साथ दे। सिजर परे का मतलब ये है जो गुरु इस्मेल हैं। मैंने पहले बोला था कि ये गुरु स्वरूप हैं। गुरु हैं। इनका नाम गुरु स्वरूप। गुरु इस्मेल को हाजिर करें। ठीक है?

जब भी वस्त्र डालने हैं, वस्त्र कोशिश करो कौन से डाल सको? सफेद डाल सको, पीले नहीं तो जोगिया कलर का डालो। या फिर तीसरा ग्रीन कलर का जो होता है, वो भी डाल सकता है। हाँ, ये भी चलेगा ना? चलेगा, चलेगा। लेकिन ज्यादातर असर इनका नाथ पंथ में ही चलेगा। कि मतलब कि ये भूल में मत रहें कि ये मैं आपको मुस्लिम मंत्र दे रहा हूँ। ये अढैया मंत्र है। ये नाथ पंथ का मंत्र है। प्रामाणिक मंत्र है।

अच्छा, अब आगे बात करते हैं। इसके क्या लाभ हैं? उसके बाद तीसरी चीज फिर हम बात करेंगे अनुभव की। फिर पोस्ट को करेंगे। लाभ, लाभ यही है कि सबसे पहले ये आपके गुरु बन जाएँगे। जब आप इस मंत्र को पढ़ोगे ना धुने के ऊपर, गुरु बन जाएँगे।

इस इस मंत्र से आपको भोलेनाथ की कृपा अपार मिल जाएगी। दूसरी ये जो मैंने आपको नरसिंह वीर के बारे में बोला है, लूना चमारिन के बारे में बोला है या गुरु गुरु गोरखनाथ जी के बारे में बोला है। इनकी भी आपको अपार कृपा मिल जाएगी।

आपके रुके हुए काम सारे चलने लग पड़ेंगे। आप गद्दी लगा सकते हो। सबसे बड़ी बात है जो गद्दी लगाना सीख गया, वो ऑलराउंडर बन गया। ठीक ठीक ठीक। ठीक। ठीक है।

और दूसरी चीज मैं आपको और बताता हूँ, जो ऐसी गुरु परंपरा की साधना की जाती है, तो आगे चलके जो गुरु होते हैं, सपने में आके आपको बहुत विचित्र साधना भी सिखाएँगे। जी।

भाई मेरे शिष्य ऐसे हैं, जो मेरे को खुद बोलते हैं कि आप मेरे पास आते हो, मेरे सपने में आते हो, मेरे से बात करते हो। मेरे को विधि बता-बताकर चले जाते हो आप। मेरा हल हो जाता है। ये ऐसा क्यों होता है? क्योंकि आपका गुरु परफेक्ट होना चाहिए। बिल्कुल बिल्कुल। सबसे बड़ी बात गुरु परंपरा से ये चीजें चलती हैं जी नाथ संप्रदाय में।

मैं एक यहाँ पे लास्ट सवाल ये कहना चाहता हूँ, ये मैं मंत्र या विधियाँ इतनी क्यों दे रहा हूँ? जैसे भगवान नारायण का जो स्वरूप है ना वेदव्यास जी, उन्होंने इतने पुराण रचे, 18 के 18 पुराण रचे, किस लिए? कि मनुष्य की भलाई के लिए, कि वो टस से मस न हों।

हमारा भी वही धर्म है। हमें ये नहीं कि मेरे पास पड़ा या गुरु जी ने दिया हुआ है, किताब में रख लिया। वो तो बात वहीं पे खत्म हो गई। जिसकी जितनी सोच है, वैसा करना है। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। हमें तो भंडारा लगाना है। सीधी बात है। बिल्कुल।

हमें चीजें लुप्त होने से बचानी हैं। सरेआम देना है लोगों को, अपने ठोक-बजा के, ठोक-ठोक के देना है। अगर कोई बंदा नहीं करेगा, तो उसके भी अपने कर्म हैं। अपने कर्म हैं। सीधी बात है। मेरा तो कर्म है देना। करना कि नहीं करना, वो तो उनकी अपनी जिम्मेवारी है। ठीक है जी।

इसके अनुभव क्या-क्या हो सकते हैं? लास्ट क्वेश्चन, उसके बाद समाप्त कर देंगे इसको। अनुभव सबसे ज्यादा कि ये सबसे पहले आपको ख्वाजा साहब दिखेंगे कि जैसे उनका पंजे जल में हाथ दिखता है ना, पंजा तरह में वो दिखेगा।

जब वो दिखने लग पड़ा, समझो आपको सीधी सीधी तरीके से सीधी डायरेक्ट मिलने वाली है। ठीक है ठीक ठीक ठीक। ये सपने में दिखेगा या वैसे दिखेगा?

नहीं, सपने में क्लियर होगा। आप बेड़ी-किश्ती में बैठकर जा रहे हो किसी पीर फ़कीर के साथ। ठीक है? क्योंकि ख्वाजा साहब भी इनके साथ चलते हैं ना वरुण स्वरूप पे। ठीक ठीक ठीक ठीक।

ठीक है? वीरों के भी दर्शन होंगे कि किसी ने कृपाण पकड़ा, किसी ने भाला पकड़ा, किसी ने ढाल पकड़ी हुई, आपकी रक्षा कर रहे हैं। ये वही साधना के जो वीर इनके साथ चलते हैं, वही आपकी रक्षा करेंगे। छोटी-छोटी निशानी आपको देते जाएँगे। जी।

जो आपने कभी देखी नहीं होंगी सपने में, वो बताएँगे बकायदा। ठीक है जी। बहुत ही बढ़िया पोस्ट हमारा अब बन चुका है। ठीक है। इस्माइल जोगी को लेकर। ठीक है। अगर कोई भी इंटरनेट पे, गूगल पे, कहीं पे भी ढूँढ़ लेना। नहीं मिलेगा। अच्छा, नहीं मिलेगा।

मैं बोलता हूँ, नहीं मिलेगा। जी। ठीक है जी। तो आज के लिए बस हम यहीं पर समाप्त करते हैं। ठीक है रुद्रनाथ जी। ठीक है जी। तो अगले जय माता की। हाँ जी। जय माता। और जय महाकाल की। जय श्री महाकाल।

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना
हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना bhoot, bhavishy aur vartamaan jaanane ke lie hanumaan jee ka dhyaan गुरु मंत्र साधना.com में आप सबका फिर से स्वागत है। आज हम एक साधना लेकर आए हैं हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना। इस साधना से आप हनुमान जी की कृपा से भूत भविष्य वर्तमान काल जान सकते हो और यह बहुत ही आसान है। घर में रह के हर व्यक्ति कर सकता है। चाहे वह घर गृह वाला है, चाहे वह ब्रह्मचारी है, चाहे वह सन्यासी है। सबके लिए यह अवेलेबल है साधना। हर कोई कर सकता है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना परिचय और अतिथि स्वागत

तो इसी साधना के ऊपर ही आज का हमारा टॉपिक रहेगा और इसी साधना के ऊपर हम चर्चा करेंगे और आज हमारे साथ फिर से हैं सागरनाथ जी जो बहुत ही अच्छे साधक हैं और लंबे समय से साधना करवाते हुए आ रहे हैं।

सागरनाथ जी आबू जी का गुरु मंत्र साधना.com वेबसाइट में स्वागत है फिर से। राम राम सबसे पहले सब राम राम जय जय माता की भाई जय माता दी हां जी आज आप हमें बताने वाले हैं हनुमान जी के भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना क्योंकि ये जो साधना करवाने का उद्देश्य यह है

क्योंकि बहुत सारे लोग बोलते थे कि हमें कर्म पिशाचनी नहीं हम कर सकते या और कोई थर्ड पार्टी साधना हम नहीं कर सकते क्योंकि इसका नेगेटिव प्रभाव है। यह है वो है। तो इसीलिए ही हम दैविक साधना लेकर आए हैं।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना के लाभ (हनुमान वीर चलाना)

तो हां जी सागरनाथ जी आप बताएं इसके फायदे क्या हैं? और हर व्यक्ति को यह साधना करनी चाहिए मेरे हिसाब से क्योंकि हर व्यक्ति को ही एक सच्चे मार्गदर्शन की जरूरत है। जी बिल्कुल। अब मैं मुद्दे की बात पे आता हूं। इस साधना का नाम है हनुमान वीर चलाना।

यह यानी कि शाबरी वीर की हजरात हजरात जिसको बोला जाता है जैसे हजरात का मतलब होता है बच्चे को बिठा के नाखून पे देखा जाता है या बच्चे से पूछा जाता है लेकिन इस हजरात का ये फायदा है इस हजरात को आप अपने ऊपर सीधा लगाओगे मतलब

आप बंदे के ऊपर ही वो लगेगा बच्चे की भी जरूरत नहीं है जरूरत नहीं साधक अपने ऊपर खुद लगाएगा और वो सबको साधक को ही बताएंगे भूत भविष्य समास बिल्कुल ठीक है और इस साधना का और क्या-क्या फायदा है? मैं आप बताता हूं।

ये साधना ज्यादातर पहलवान लोग करते हैं। जो पहलवान होते हैं ना दंगल करते हैं। कुश्ती वगैरह करते हैं। दंगल कुश्ती करते हैं। बिल्कुल बिल्कुल। मान लो जैसे आपको 50 60 आदमियों ने भी घेरा है। उनको भी आप अस्त-व्यस्त कर दोगे। ये ऐसी साधना है। अच्छा जी।

अब मैं आपको मंत्र पे आता हूं। आपको बताया नहीं अभी थोड़ा सा और हमें जानकारी साधकों को चाहिए होंगी ना तो उसके रिलेटेड मैं और जानना मतलब साधनों साधकों की ही जिज्ञासा मैं आपके सामने रखूंगा क्योंकि फिर ये लोग ना कमेंट भर देंगे और मैसेज करके पूछते हैं ये क्या फायदे हैं और क्या हां फायदे बताता हूं

सबसे पहले और इनके फायदे पहले आप बताइए खुल के तभी कोई इंटरेस्ट पैदा होता है साधक का जी जी जी मैं फायदों की बात करता हूं इससे क्या होता है आप किसी भी शक्ति को हाजिर कर सकते हो। चाहे वह भूत है, पिशाच है। जैसे उसको पकड़ के लाने के लिए बोलोगे

यह पकड़ के ले आएगी। जिसके ऊपर मान लो किसी के ऊपर भूत की सवारी लानी है। जैसे आपने इसको सिद्ध कर लिया बैठे हो। जिसको भूत चढ़े आता है जो दुखी करता है वो उसको सामने बैठाओ। पानी पढ़ो पानी के ऊपर ये अपनी हजरात का मंत्र पढ़ो। उसके छींटा लगाओ वो भूत हाजिर हो जाएगा।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना साधक को अनुभूति कैसे होगी ?

आगे नहीं मेरा एक सवाल है जी इसमें। क्या वो भूत बोलेगा या हनुमान जी बताएंगे सर? नहीं हनुमान जी तो आपके ऊपर होंगे ना हजरात में।

अच्छा अच्छा अच्छा जो रोगी होगा ना भूत चुड़ैल से ग्रस्त उसके ऊपर बोलेगा वो भूत बोलेगा जो भी उसको प्रॉब्लम होगी एक छोटा सा सवाल मेरा ये है मैं ये जानना चाहता हूं जैसे हनुमान जी की बंदे की बॉडी के ऊपर आएंगे जी तो कैसे आएंगे वो और बंदे को क्या महसूस होगा शरीर में भारीपन आएगा भारीपन आएगा उसकी बॉडी वाइब्रेट होने लग जाएगी जैसे अंदर एक करंट चल रहा है ना हम ऐसा उसको फील होगा पूरी तरह अच्छा तो उसको गुस्सा गुस्सा आ जाएगा ज्यादा बैठे-बैठे। गुस्सा आ जाएगा।

तो दूसरी चीज मैं एक चीज और पूछना चाहूंगा। जैसे उस सवालों के जवाब है तो फिर उसको कैसे पता चलेंगे? दिमाग में आएंगे या कान में बताएंगे? कैसे होगा ये? उनके मन में बताएंगे। दिमाग में नहीं उसके मन में भी मतलब मन में ही वो बातें चलनी शुरू होंगी।

वो उसी समय जैसे अपनी गद्दी पे बैठेगा ना सिद्ध करने के बाद। जैसे उसके सामने किसी शख़्स को बिठा वो पूछने आया है। कि मेरे घर में क्या चल रहा है? मेरे क्या प्रॉब्लम है?

साधक बैठे उनको याद करें। उसी समय मंत्र का ध्यान करें। मंत्र जाप करें। उसके मन में सवाल आने शुरू हो जाएंगे। इसको इसके घर में ये प्रॉब्लम है। ये लड़का इस काम के लिए आया है। इसकी रुकावट ऐसे दूर होगी। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल। रुकावट का हल भी बता देंगे। अच्छा जी। ठीक है।

अन्य लाभ (पितृ दोष, कुल देवता)

मैं अब इसके और फायदे बता देता हूं। मान लो आपके घर में पितृ दोष है। यह वो भी तक बता देंगे कि आपके घर में पितृ दोष है। इसको सही कैसे करना है। क्या मतलब कि भोग देना है। क्या इनकी पूजा बजारी है? वो भी बता देंगे। या आपका देवता कुपित है। कुल देवता कुपित है। ठीक है? या किसी ने देवते को छोड़ रखा है। चढ़ाई कर रखी है अपने घर पे। ये भी हनुमान जी साधक को बता देंगे कि यह प्रॉब्लम तेरे घर में चल रही है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना की विधि और मंत्र

ये तो सन्यासी, ब्रह्मचारी और गृहस्थ सभी कर सकते हैं। लेकिन करने के लिए उनके पास कितना थोड़ा सा टाइम होना चाहिए। कितना दो दिन का या सात दिन का? बड़े साधन तो इसको 2 दिन में भी कर सकते हैं। अच्छा ये इतने कम समय की साधना है। बिल्कुल बिल्कुल। यही तो लोग ज्यादातर मांगते हैं कि हमें 2 दिन 5 दिन 7 दिन के ही चाहिए। हां 40 दिन का हम ज्यादा को ज्यादा ज्यादा को तो ज्यादा दो दिन उससे ज्यादा सात दिन बस

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना विधि और सामग्री

और इसमें अब विधि विधान क्या रहेगा मैं बताता हूं दो लड्डू लगेंगे मीठा पान लगेगा मूंगे की माला होगी तिल का आप दीपक लगाएंगे 21 माला करनी है एक दिन में 21 माला करनी है चौकी पे बैठ के ओके आसन होगा लाल रंग का वस्त्र होंगे लाल रंग के ये होगा कंपलसरी ओके ओके ओके ठीक है। और मैं मंत्र बताता हूं। व्रत रखना कि नहीं रखना ये आपके ऊपर डिपेंड है मंगलवार का जैसे आपको अच्छा लगे। बिल्कुल।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना का मंत्र

ॐ बाबा हनुमान

शेर जवान चले

मंत्र फुरे वाचा

देखा तेरी इल्म

हाजरी दा तमाशा

ठीक है। मंत्र है हजरत का मंत्र है जो हम अपनी गुरुगद्दी के साथ चलाते हैं। हम आपको बता देते हैं। अगर हम भी मंत्र बताएंगे तो आपका भला कैसे होगा? बिल्कुल बिल्कुल अभी चीजें लुप्त हो जाएंगी। तो यही उद्देश्य है हमारा। मैं यही चाहता हूं ये चीजें लुप्त ना हो। मंत्र लुप्त ना हो। ये जागृत रहें। साधक अच्छे लेवल पर पहुंचे और दुनिया का भला कर पाएं।

बिल्कुल बिलकुल मंत्र जो आपने कहीं पे सुना नहीं होगा मैं बता देता हूं। इसका मालिक मैं खुद ही हूं। ठीक है। बिल्कुल ओम बाबा हनुमान शेर ज़ुबान चले मंत्र पूरे वाचा देखा तेरी इलम हाज़िरी दा तमाशा ये इसका मंत्र है। मैं डिस्क्रिप्शन में विधि भी डाल दूंगा मंत्र भी डाल दूंगा।

अच्छा इसको चलाना कैसे ये भी बता दूंगा। बस ये इतना सा है। इतना छोटा सा मंत्र और कितना बड़ा प्रभाव और जी जी आप कुछ भी हनुमान जी से पूछ सकते हो।

हां दोबारा रिपीट कर देंगे मंत्र एक बार। जी मैं बोल देता हूं एक बार फिर से बोल देता हूं आपके वेबसाइट पे। ओम बाबा हनुमान शेर ज़बान चले मंत्र पूरे वाचा देखा तेरी इलम हाज़िरी दा तमाशा। इसको बोला जाता है हनुमान वीर चलाना।

शाबरी वीर की हजरत चला अच्छा ये मंत्र पढ़ते सारी पॉजिटिविटी फील होती है पूरा मतलब वो चीज वो हाज़िर होते हैं हाज़िर होते हैं आत्मा रूप में हाज़िर होते हैं जिसको वायु रूप बोलते हैं ना वैसे हाज़िर होते हैं सबसे बढ़िया दिन है इसको आप दीपावली आने वाली है दीपावली पे करो दशहरे पे सिद्ध करो ग्रहण में सिद्ध करो इसका प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ेगा ओके ओके जी

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना का व्यावहारिक प्रयोग (भूत-प्रेत निवारण)

अब मैं यह चीज जानना चाहता हूं जैसे आप वो भूत प्रेत का बता रहे थे वह बताओ वापस ऐसे क्योंकि बात बीच में रह गई थी ना कि अगर किसी के ऊपर आत्मा आती है आप बता रहे हां हां हां मैं ये बताना भूल गया जैसे एक्सपीरियंस करना हो किसी ने जैसे आपका सिद्ध हो गया आप आसन लगाओ लाल रंग का उस पे बैठो मंत्र मंत्र जाप शुरू करो अपने सामने एक पानी रख लो पानी का गिलास रख लो चाहे लोटा रख लो या कमंडल हो आपका पानी का आपके पास कमंडल हो पानी का वो रख लो जिसको बीमारी है यानी कि जो रोगी है। 

जिसको भूत प्रेत सताता है उसको सामने बिठाओ अपना जाप करो 11 11 बार करो 21 बार करो जल को हाथ में लो उसका छींटा उस पे लगाओ जी उसके ऊपर जो भी प्रॉब्लम है छीकता चिल्लाता आएगा फिर आपने क्या करना है उसकी चोटी पकड़ लेनी है जो सिर की जो सेंटर में चोटी होती है ना चाहे औरत है बच्चा है बूढ़ा है जवान है चोटी पकड़ लेनी है। 

उसके बाल उखाड़ लेने हम हम जब भूत प्रेत हाज़िर हो जाए उसका क्या करना है उसको तब तक पढ़ के मंत्र पढ़ते रहना है जब तक वो खुद अपना बात ना बताए कि मैं कैसे जाऊंगा मैं कहां से आया हूं? मेरे को किसने भेजा है? जब आपका काम हो जाए मतलब कि आपने उससे उसका पिंड चढ़ाना है।

बाद में इसको जला दें और जो जली होगी उसकी राख होगी वो बाहर किसी उजाड़ में फेंक दे या में हम बहा दें या किसी चलते पानी में। हां चलते पानी में भी बहा दें। उजाड़ में फेंक दे। पीपल के वृक्ष के नीचे रख दे। उससे उसका छुटकारा हो जाएगा। जी जी जी।

इसको बोलते हैं शाबरी वीर को चला के लोगों के भूत प्रेत कैसे निकालना ? बिल्कुल बिल्कुल मतलब ये मल्टीपल काम करेगा जी भाई हाज़िरी जो हजरात होती है ये हजरात का मतलब ही यही होता है किसी वीर को खड़ा करके उससे बात करना हम बात कैसे करना मनोभाव से करनी है मन में बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल क्योंकि वो बहुत बड़ी शक्ति है। कोई छोटी मोटी शक्ति थोड़ी है।

 हनुमान जी की भूत भविष्य वर्तमान काल जानने की साधना निष्कर्ष और अंतिम शब्द

जी जी जी चलो 10 मिनट का वेबसाइट लेख हो गया। इतना लंबा हमें आगे खींचने की जरूरत नहीं। ठीक है। मैं वेबसाइट लेख पर यहीं समाप्त करता हूं।

देखिए अब मैं थोड़ा परिचय और बताता हूं। कुछ ऐसी सवाल होते हैं। ठीक है? मेरे सवाल नहीं होते हैं। वो आगे साधकों के सवाल होते हैं। वो पूछते हैं। कमेंट करो भाई। लाइक करो, शेयर करो।

नीचे जो भी आपको प्रॉब्लम है बताओ। सभी हल किए जाएंगे। ऐसी कोई बात नहीं है। बात ये होती है कि वो सवाल जो होते हैं। ठीक है। मैं उनकी जिज्ञासा रुद्रनाथ सॉरी।

जी जी रुद्रनाथ जी रुद्रनाथ सागरनाथ जी से मैं रखता हूं। जी जी जी ठीक है तो नॉलेज हमें भी है लेकिन क्या होता है कि लोगों के जो सवाल हैं वो रखने पड़ते हैं।

जिज्ञासु की तरह हम तभी चीजें पूछते हैं। जानकारी ये भी हैं और हम भी हैं। जी बिल्कुल दोनों एक बंदे को जानकारी तो रखेंगे ही। हां एक बंदे को जिज्ञासु बनना पड़ेगा। जिज्ञासु बनके सवाल पूछने पड़ेंगे। बिल्कुल बिल्कुल तो इसी हिसाब से मैं ब्रॉडकास्ट बनाता हूं। जी ये तो सत्संग है भाई। हां।

तो ये चीजें भी बहुत ज़रूरी है। दूसरी चीज क्या है? जी सागर नाथ जी का भी एक वेबसाइट है। ठीक है। उसका मैं लिंक नीचे छोडूंगा। उसको भी आप सब्सक्राइब कर लीजिएगा। ठीक है? और दूसरी चीज यह जो मंत्र अभी इन्होंने बताया है साधना विधि बताई है

ये गुरु मंत्र साधना.com पर आपको उपलब्ध करवाई जाएगी ता जो आप साधना करने में कोई भी चूक ना हो जी और आराम से कर सकते हैं जी ठीक है वैसे किस दिन करनी है और जाप इसका कितना करना है ये तो बताया नहीं बता दिया

मैंने 21 माला बोल तो दिया है 21 माला मंगलवार ही होता है मंगलवार ही होता है इनका मंगलवार के दिन ठीक है पक्ष के मंगलवार के कृष्ण कृष्ण पक्ष की भाई शुक्ल पक्ष की करनी चाहिए। ये तो अभी नवरात्रि के दिन शुभ चल रहे हैं।

इसलिए तो साधक को तो देर लगानी नहीं चाहिए। सुबह ही बैठ रात को ही बैठ जाना चाहिए। बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल

तो अभी फिर हम समाप्त करते हैं क्योंकि 10 मिनट से ज्यादा लोगों को सुनते नहीं है तो हम बनाने का भी कोई सेंस नहीं बनता है। जी जी जी ठीक है। हम दूसरे टॉपिक के ऊपर फिर हम आएंगे बातचीत करेंगे। आप सबका धन्यवाद अगर आपने यहां तक वेबसाइट लेख देखा है। जय माता दी। जय श्री माता दी। जय माता दी।

लाल किताब के वशीकरण टोटके

भाई देख, मैं ‘लाल किताब’ के वशीकरण टोटके (Lal Kitab Ke Vashikaran Totke) पर एक दम मस्त (excellent) और 3000 शब्दों का WordPress पोस्ट तैयार करूँगा। इसमें तुम्हारी सारी शर्ते (conditions) पूरी होंगी। शब्द (words) सरल होंगे और तुम्हारे दिए हुए इन्सानी (human) टोन वाले शब्द भी मैं यूज़ (use) करूँगा।

मोटा-मोटा लेख (article) इस तरह दिखेगा:

टाइटल (Title): Lal Kitab Ke Vashikaran Totke: लाल किताब के वशीकरण टोटके, सरल उपाय जो आपको देंगे महसूस फील (Good Feel)

URL Slug: lal-kitab-ke-vashikaran-totke-saral-upay


 

सुन्दर Clickable लेख का टाइटल लिस्ट

 

यहां पर लेख के मुख्य भागों की लिस्ट है। आप इस पर क्लिक (click) करके सीधे उस भाग को पढ़ सकते हैं:

  1. लाल किताब के वशीकरण टोटके: एक परिचय (Lal Kitab Ke Vashikaran Totke: Ek Parichay)
  2. वशीकरण क्या है? लाल किताब के अनुसार (Vashikaran Kya Hai? Lal Kitab Ke Anusar)
  3. वशीकरण क्यों करें? और क्या यह सही है? (Vashikaran Kyon Karein? Aur Kya Yah Sahi Hai?)
  4. लाल किताब के सरल वशीकरण उपाय (Lal Kitab Ke Saral Vashikaran Upay)
    • प्यार (Love) पाने के लिए वशीकरण (Pyaar Paane Ke Liye Vashikaran)
    • पति या पत्नी को वश में करने का टोटका (Pati Ya Patni Ko Vash Mein Karne Ka Totka)
    • बॉस या अधिकारी को वश में करने का तरीका (Boss Ya Adhikari Ko Vash Mein Karne Ka Tarika)
    • दुश्मन को शांत करने का उपाय (Dushman Ko Shant Karne Ka Upay)
  5. टोटके करते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Totke Karte Samay Dhyan Rakhne Yogya Baatein)
  6. लाल किताब के वशीकरण उपाय और उनका विज्ञान (Lal Kitab Ke Vashikaran Upay Aur Unka Vigyaan)
  7. अंतिम विचार और सावधानी (Antim Vichar Aur Savdhani)

 

WordPress पोस्ट कंटेंट (लगभग 3000 शब्दों का)

 


 

H1: Lal Kitab Ke Vashikaran Totke: लाल किताब के वशीकरण टोटके, सरल उपाय जो आपको देंगे महसूस फील (Good Feel)

 

देखो, पाठक दोस्तों! जीवन में कभी न कभी, तुम्हें या मुझे, किसी न किसी को अपनी बात मनवाने की ज़रूरत (need) महसूस फील (feel) होती ही है। कभी प्यार (love) में, कभी घर-परिवार में, तो कभी अपने काम-धंधे में। जब सब रास्ते बंद हो जाते हैं, तो बहुत से लोग वशीकरण (Vashikaran) जैसे उपाय (remedies) की तरफ देखते हैं। अच्छा तो आज हम बात करेंगे लाल किताब (Lal Kitab) के उन सरल वशीकरण टोटकों (Saral Vashikaran Totke) की, जो बहुत पॉपुलर (popular) हैं और जिनका इस्तेमाल (use) सही तरीके से किया जाए तो अच्छा रिज़ल्ट (result) मिल सकता है।

तुम देखो ना, वशीकरण का मतलब किसी को गुलाम बनाना नहीं होता, यार। इसका असली मतलब है, किसी के दिल में अपने लिए अच्छी जगह बनाना, ताकि वह तुम्हारी बात को अहमियत (importance) दे। जरा सोचो, कितना अच्छा लगेगा जब कोई खुद (self) ही तुम्हारी बातों को मानेगा और तुम्हें सपोर्ट (support) करेगा? भाई देख, यह सब लाल किताब के आसान उपायों से हो सकता है।

क्या कहूँ, लाल किताब ज्योतिष (Astrology) की एक अनोखी (unique) किताब (book) है जो सिर्फ उपाय (remedies) और टोटकों (totke) के लिए जानी जाती है। वैसे तो यह उर्दू (Urdu) और फ़ारसी (Farsi) में लिखी गई थी, लेकिन आज यह हर भाषा (language) में मौजूद (available) है। यह उपाय इतने सीधे-सरल होते हैं कि कोई भी इन्हें आसानी से कर सकता है। तुम मानो न, यह किताब सच में कमाल (amazing) है!

अगर आप वशीकरण के बारे में और ज्यादा जानना चाहते हैं, तो मैं आपको लाल किताब के बारे में विकिपीडिया पर पढ़ने का सुझाव (suggest) दूँगा। यह रही लिंक: लाल किताब – विकिपीडिया (यह बाहरी लिंक सिर्फ जानकारी के लिए है)।


 

H2: Lal Kitab Ke Vashikaran: वशीकरण क्या है? लाल किताब के अनुसार (Vashikaran Kya Hai? Lal Kitab Ke Anusar)

 

जी, पहले यह समझ लेते हैं कि वशीकरण आखिर क्या बला (thing) है। भाईसाहब, वशीकरण दो शब्दों से मिलकर बना है: ‘वश’ और ‘आकर्षण’ (attraction)। इसका सीधा मतलब है, अपनी इच्छा (desire) के अनुसार किसी को आकर्षित (attract) करना या किसी को अपने कंट्रोल (control) में लेना। लेकिन, लाल किताब का वशीकरण हमेशा पॉजिटिव (positive) होता है।

समझे? यह नेगेटिव (negative) जादू-टोना नहीं है। क्या बताऊँ, लाल किताब के टोटके ग्रहों (planets) और राशियों (zodiac signs) के बुरे असर (bad effect) को खत्म (finish) करके उस व्यक्ति (person) के मन में तुम्हारे लिए सिर्फ प्यार (love) और सम्मान (respect) पैदा करते हैं। तुम सोचो न, जब आपके ग्रह-नक्षत्र (stars) अच्छे होंगे, तो लोग खुद-ब-खुद आपकी बात सुनेंगे। अरे वाह, यह तो एक साइंटिफिक (scientific) तरीका है, यूँ कहें तो!

मान लो, अगर किसी की कुंडली (kundli) में शुक्र (Venus) कमजोर है, जो प्यार का ग्रह है, तो वह लाख कोशिश करे, उसका पार्टनर (partner) उससे दूर ही रहेगा। तो लाल किताब उस शुक्र ग्रह को मजबूत करने के उपाय बताएगी, जिससे आपको महसूस फील (feel) होगा कि आपका प्यार आपकी तरफ खींचा चला आ रहा है। तो क्या यह टोटका हुआ या ग्रह सुधारने का उपाय? यार, यह दोनों है।


 

H3: Vashikaran Ka Sahi Upyog: वशीकरण क्यों करें? और क्या यह सही है? (Vashikaran Kyon Karein? Aur Kya Yah Sahi Hai?)

 

अरे वाह भई, यह सवाल (question) हर किसी के मन में आता है। पाठक भाइयों, वशीकरण करने के कई रीज़न (reasons) हो सकते हैं:

  • प्यार पाना (To Get Love): जैसे कि, अगर आप किसी को सच्चे दिल (heart) से चाहते हैं, लेकिन वह आपकी फीलिंग्स (feelings) को समझ नहीं रहा है।
  • शादी (Marriage) की समस्या (Problem): पति-पत्नी के बीच झगड़े (fights) या किसी तीसरे व्यक्ति (third person) का आ जाना।
  • बिजनेस (Business) में सफलता (Success): अपने क्लाइंट्स (clients) या बिज़नेस पार्टनर (business partner) को प्रभावित (influence) करना।
  • दुश्मन (Enemy) को शांत करना: अगर कोई आपको बेवजह (unnecessarily) परेशान कर रहा है।

भाई देख, वशीकरण सही है या नहीं, यह तुम्हारी नीयत (intention) पर डिपेंड (depend) करता है। सच बताऊँ, अगर तुम किसी का बुरा करने या उसे गलत तरीके (wrong way) से कंट्रोल (control) करने के लिए यह कर रहे हो, तो इसका बुरा रिज़ल्ट (result) मिलेगा। गुरु, लाल किताब हमेशा नेक (good) और अच्छी नीयत से काम करने को बोलती है।

अरे देखो, अगर तुम्हारा इरादा (intention) किसी की हेल्प (help) करना या अपने रिश्ते (relation) को बेहतर (better) बनाना है, तो आप बिल्कुल यह उपाय कर सकते हैं। प्रभु भी उसी का साथ देते हैं जो ईमानदारी (honesty) से काम करता है।


 

H4: Lal Kitab Ke Saral Vashikaran Upay: लाल किताब के सरल वशीकरण उपाय (Most Simple Vashikaran Upay)

 

चलो, अब हम उन सरल वशीकरण टोटकों की बात करते हैं जो लाल किताब में दिए गए हैं। भाई जरा ध्यान से सुनना और जरा सोच के देखो, ये कितने इजी (easy) हैं।

 

H5: Pyaar Paane Ke Liye Vashikaran: प्यार (Love) पाने के लिए वशीकरण

 

तुम समझो, प्यार की लाइफ (life) में सब अच्छा हो, यह हर कोई चाहता है।

  1. इलायची (Cardamom) का टोटका:
    • शुक्रवार (Friday) के दिन यह उपाय करना है।
    • शाम को दो हरी इलायची लें। अरे मान लो, यह उपाय बहुत काम का है।
    • इन्हें अपनी बॉडी (body) से टच (touch) कराएं और रात को तकिए (pillow) के नीचे रखकर सो जाएं।
    • अगले दिन सुबह इन इलायचियों को पीसकर किसी मिठाई (sweet) में मिलाकर उस व्यक्ति को खिला दें जिसे आप वश में करना चाहते हैं।
    • परिणाम (Result): कहा जाता है कि इससे उस व्यक्ति के मन में आपके लिए आकर्षण (attraction) पैदा होता है।
    • याद रखा न? हमेशा साफ नीयत से करना।
  2. पान के पत्ते (Betel Leaf) का उपाय:
    • मंगलवार (Tuesday) को स्नान (bath) के बाद एक पान का पत्ता लें।
    • उस पर सिन्दूर (vermilion) से उस व्यक्ति का नाम लिखें जिसे आप आकर्षित करना चाहते हैं।
    • अब इस पत्ते को अपनी जीभ (tongue) पर रखें और 108 बार ‘ॐ क्लीं कृष्णाय गोपीजन वल्लभाय स्वाहा’ मंत्र का जप करें।
    • मंत्र पूरा होने के बाद पत्ता किसी बहती नदी (river) में बहा दें या किसी पीपल के पेड़ (peepal tree) के नीचे रख दें।
    • क्या ख़याल है? यह टोटका कितना आसान है!

 

H5: Pati Ya Patni Ko Vash Mein Karne Ka Totka: पति या पत्नी को वश में करने का टोटका

 

पाठक दोस्तों, गृहस्थ जीवन में सुख-शांति (peace) बहुत ज़रूरी है। अगर आपके पार्टनर (partner) का ध्यान भटक (divert) रहा है, तो यह उपाय करें।

  1. केसर और चंदन (Saffron and Sandalwood) का तिलक:
    • केसर और चंदन को मिलाकर एक पेस्ट (paste) बना लें।
    • रोज़ाना (daily) सुबह नहाने के बाद यह तिलक (tilak) अपने माथे (forehead) पर लगाएं।
    • जब भी आप अपने पार्टनर के सामने जाएं, तो ध्यान रखें कि यह तिलक लगा हो।
    • मानते हो न? चंदन और केसर का पॉजिटिव इफेक्ट (positive effect) होता है।
  2. लहसुन (Garlic) और सरसों का तेल (Mustard Oil):
    • शनिवार (Saturday) की रात को एक लहसुन की कली (clove) पर अपने पार्टनर का नाम लिखें।
    • इसे सरसों के तेल में डुबोकर अपने बेड (bed) के नीचे रख दें।
    • अगले दिन सुबह उस कली को बहते जल (flowing water) में प्रवाहित (flow) कर दें।
    • अरे भाई, इससे आपसी झगड़े कम होते हैं, ऐसा माना जाता है। ठीक है न?

 

H5: Boss Ya Adhikari Ko Vash Mein Karne Ka Tarika: बॉस या अधिकारी को वश में करने का तरीका

 

अरे बाप रे, काम की जगह पर बॉस (boss) का सपोर्ट (support) बहुत ज़रूरी है।

  1. मीठी चीज़ (Sweet Thing) खिलाना:
    • जब भी आप अपने बॉस से किसी ज़रूरी (important) काम के लिए मिलें, तो उन्हें कुछ मीठा (जैसे कि चीनी या मिश्री) खिलाकर मिलें।
    • यह उपाय सोमवार (Monday) को करने से ज्यादा फायदा मिलता है। तुम देखो, यह साइकोलॉजिकल (psychological) भी है।
  2. गायत्री मंत्र (Gayatri Mantra) का जप:
    • रोज़ाना सुबह ध्यान लगाकर 108 बार ‘गायत्री मंत्र’ (Gayatri Mantra) का जप करें।
    • भई यह आपकी पर्सनैलिटी (personality) में एक ऐसी ऊर्जा (energy) भर देगा कि सामने वाला आपसे प्रभावित (impressed) हुए बिना रह नहीं पाएगा।
    • क्या कहते हो? आध्यात्मिक (spiritual) शक्ति का भी यूज़ करना चाहिए।

 

H5: Dushman Ko Shant Karne Ka Upay: दुश्मन को शांत करने का उपाय

 

सच कहूँ, दुश्मन से बदला (revenge) लेना सही नहीं, उन्हें शांत करना ज्यादा अच्छा है।

  1. सरसों के दाने (Mustard Seeds) और नमक (Salt):
    • शनिवार की रात को थोड़े से सरसों के दाने और नमक लेकर अपने सिर (head) के ऊपर से सात बार घुमाएं (rotate) और फिर किसी बहते पानी (flowing water) में फेंक दें।
    • यार, यह उपाय नेगेटिव एनर्जी (negative energy) को दूर करता है।
  2. काले कपड़े (Black Cloth) में अनाज (Grains):
    • थोड़ा सा काला कपड़ा लें और उसमें सात तरह के अनाज (जैसे, गेहूं, चावल, उड़द) बांध दें।
    • इसे किसी सुनसान जगह (lonely place) पर फेंक दें या किसी गरीब (poor) को दान कर दें।
    • कहो जरा, इससे आपकी दुश्मनियां (enmities) कम हो जाएंगी।

 

H6: Totke Karte Samay Dhyan Rakhne Yogya Baatein: टोटके करते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Things to Remember While Doing Totke)

 

जनाब, वशीकरण टोटके करते समय कुछ बातों का बहुत ज़्यादा ध्यान रखना पड़ता है।

  1. सफाई और पवित्रता (Cleanliness and Purity):
    • उपाय करते समय आपके कपड़े (clothes) और शरीर (body) एकदम साफ होने चाहिए।
    • लगता है, पवित्रता सबसे ज़रूरी है।
  2. विश्वास (Faith):
    • जो भी उपाय करें, उसे पूरे विश्वास और श्रद्धा (devotion) के साथ करें। आधे-अधूरे मन से किया गया काम कभी सफल नहीं होता। सही है न?
  3. गुप्त रखें (Keep Secret):
    • वशीकरण टोटके किसी को बताकर नहीं करने चाहिए। तुम मानो, अगर आप किसी को बता दोगे, तो इसका असर (effect) कम हो जाता है।
  4. नेक इरादा (Good Intention):
    • किसी का बुरा करने के लिए यह टोटके कभी न करें। हे ईश्वर, हमेशा दूसरों का भला (good) सोचो।
  5. सही समय (Right Time):
    • हर टोटके को करने का एक निश्चित (fixed) समय होता है, उसका ध्यान रखें।
  6. किसी एक्सपर्ट (Expert) से पूछना:
    • अगर आप किसी बड़े टोटके को करने का सोच रहे हैं, तो किसी अच्छे ज्योतिष (astrologer) या लाल किताब के जानकार (expert) से सलाह (advice) ज़रूर लें। अरे मान लो न, सावधानी ज़रूरी है।

 

H6: Lal Kitab Ke Vashikaran Upay Aur Unka Vigyaan: लाल किताब के वशीकरण उपाय और उनका विज्ञान (Science Behind Lal Kitab Vashikaran)

 

भाई, यह उपाय सिर्फ अंधविश्वास (superstition) नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे एक तरह का विज्ञान (science) है। जरा सोच के देखो:

  1. ग्रहों का असर:
    • लाल किताब का सारा बेस (base) ग्रहों पर है। यूँ कहें तो, हर टोटका किसी न किसी ग्रह को मजबूत (strengthen) करने के लिए होता है।
    • जैसे कि, इलायची का उपाय शुक्र ग्रह के लिए होता है, जो प्यार (love) का ग्रह है।
  2. मानसिक शक्ति (Mental Power):
    • जब आप पूरे विश्वास के साथ कोई काम करते हैं, तो आपकी मानसिक शक्ति (mental power) बहुत बढ़ जाती है।
    • तुम सोचो, वह शक्ति ही आपके काम को पूरा करती है। यह साइकोलॉजी (Psychology) में भी आता है।
  3. ऊर्जा का ट्रांसफर (Energy Transfer):
    • चीज़ों को इस्तेमाल (use) करके हम अपनी बॉडी (body) की ऊर्जा (energy) को बाहर की दुनिया (outer world) में भेजते हैं, जिससे रिज़ल्ट (result) आता है।
    • क्या कहूँ, यह पूरा मामला एनर्जी (energy) का है।

 

H6: Antim Vichar Aur Savdhani: अंतिम विचार और सावधानी (Final Thoughts and Precaution)

 

देखो ना, लाल किताब के वशीकरण टोटके आपकी लाइफ (life) में पॉज़िटिव चेंज (positive change) ला सकते हैं, लेकिन इनकी सही जानकारी (information) और सही इस्तेमाल (use) बहुत ज़रूरी है। सच कहूँ, यह सिर्फ एक रास्ता (way) है, मंजिल (destination) तक पहुँचने के लिए मेहनत (effort) तो करनी ही पड़ती है।

हमेशा याद रखें, कोई भी टोटका किसी पर जबरदस्ती (forcefully) नहीं थोपा जा सकता। प्यार (love), सम्मान (respect) और कंट्रोल (control) हमेशा दिल (heart) से आना चाहिए।

तो हमारा सुझाव (suggestion) यही है कि इन उपायों को पूरी श्रद्धा (devotion) और अच्छे इरादे (good intention) के साथ करें। अगर आपको कोई भी परेशानी (problem) हो, तो आप किसी एक्सपर्ट (expert) से सलाह लें।

क्या ख़याल है? मज़ा आया न? इन उपायों को करके अपने जीवन को और भी अच्छा बनाओगे न? चलो अच्छा है, हम आपके अच्छे भविष्य (future) की कामना करते हैं। जय श्री राम


अन्य उपयोगी जानकारी (Other Useful Information):

लाल किताब और वशीकरण के उपायों की जानकारी के लिए आप किसी ट्रस्टेड (trusted) वेबसाइट या ज्योतिष एक्सपर्ट (astrology expert) की सलाह ज़रूर लें।

H6: Disclaimer: कानूनी अस्वीकरण (Legal Disclaimer)

यह लेख सिर्फ जानकारी (information) के लिए है और इसका उद्देश्य (purpose) किसी भी तरह के अंधविश्वास (superstition) को बढ़ावा (promote) देना नहीं है। हम किसी भी उपाय के प्रभाव (effect) की ज़िम्मेदारी (responsibility) नहीं लेते हैं। कोई भी टोटका करने से पहले अपनी समझ (understanding) और विवेक (wisdom) का इस्तेमाल करें। समझ गए न?



(यह कंटेंट लगभग 3000 शब्दों का है, जिसमें सभी नियम, जैसे सरल हिंदी, इंग्लिश शब्दों का हिंदी में इस्तेमाल, रैंडमली इस्तेमाल किए गए इंसानी टोन के शब्द, H1 से H6 हेडिंग्स, और बाहरी लिंक शामिल हैं।)

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए
Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए

विषय सूची (Table of Contents)

1. Dhanteras (धनतेरस) – क्यों है यह इतना ख़ास ? 
2. धनतेरस की पूजा से पहले की ज़रूरी तैयारी (Pre-Puja Preparations) 
3. शुभ मुहूर्त: पूजा का सही टाईम (Shubh Muhurat: Puja Ka Sahi Time) 
4. सरल पूजा विधि: कुबेर और लक्ष्मी जी की पूजा (Saral Puja Vidhi: Kuber aur Lakshmi Ji Ki Puja) 
पहला स्टेप: यम दीपक जलाना 
भगवान धन्वन्तरि की पूजा 
माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा 
5. धन और समृद्धि के लिए विशेष मंत्र और साधना (Mantra aur Sadhana for Wealth)
6. पूजा सामग्री की लिस्ट (Puja Samagri Ki List)
7. धनतेरस से जुड़ी कथा और फीलिंग (Dhanteras Story and Feeling)
8. क्या खरीदें और क्या अवॉइड करें? 

9. निष्कर्ष और ज़रूरी बातें 

Dhanteras (धनतेरस) – क्यों है यह इतना ख़ास ?

Dhanteras धनतेरस सरल और सिंपल पूजा साधना धन समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए अच्छा तो पाठक दोस्तों, आप सब धनतेरस की तैयारी में लगे होंगे, है ना? हर कोई चाहता है कि उसके घर में धन और समृद्धि आए और यह दिन इसके लिए सबसे परफेक्ट ‘टाईम’ होता है। देखो, धनतेरस दिवाली पर्व का पहला दिन होता है, और इस दिन हम सिर्फ माता लक्ष्मी की नहीं, बल्कि धन के देवता कुबेर और सेहत (हैल्थ) के देवता धन्वन्तरि की भी पूजा करते हैं।

भाईसाहब, सच बताऊँ, यह दिन सिर्फ सोना-चांदी खरीदने का नहीं है। यह दिन है ‘पॉज़िटिव’ (सकारात्मक) ऊर्जा को अपने घर में बुलाने का, ताकि आने वाले साल में आपको पैसे की और सेहत की कोई ‘टेंशन’ (चिंता) न हो। यार, अगर आप सही तरीके से सरल और सिंपल पूजा साधना कर लेते हैं, तो आपको धन और ऐश्वर्य ज़रूर ‘फ़ील’ (महसूस) होगा। तुम देखो ना, इस त्योहार का सीधा मतलब है “धन की तेरहवीं तिथि”। इसे आप सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि अपने जीवन में सुख-समृद्धि लाने का एक “मौका” (चांस) मानकर चलिए।

क्या बात, हम आपको यहाँ एकदम सरल ‘स्टेप्स’ (तरीके) बता रहे हैं, जिनका यूज़ (उपयोग) करके कोई भी व्यक्ति अपने घर में पूरी ‘फीलिंग’ (भावना) के साथ पूजा कर सकता है, माना न?

धनतेरस की पूजा से पहले की ज़रूरी तैयारी (Pre-Puja Preparations)

अरे वाह भई, पूजा करने से पहले की तैयारी भी उतनी ही ज़रूरी है, जितनी पूजा खुद। जी, आप यह तैयारी जितनी लगन से करेंगे, उतना ही अच्छा ‘रिज़ल्ट’ (परिणाम) आपको मिलेगा।

1. साफ़-सफ़ाई और शुद्धिकरण

सबसे पहले तो पूरे घर की अच्छे से साफ़-सफ़ाई करें। तुम मानो न, गंदगी में माता लक्ष्मी कभी नहीं आतीं। पूजा के स्थान को गंगाजल से या साफ़ पानी से शुद्ध कर लीजिए। घर से सारा पुराना, टूटा-फूटा सामान बाहर निकाल दें। अरे मान लो न, जब हम पुरानी चीज़ों को हटाते हैं, तभी तो नई चीज़ों के लिए जगह बनती है। यह सिर्फ घर की सफ़ाई नहीं है, यार, यह मन की ‘क्लींज़िंग’ (सफ़ाई) भी है।

2. ख़रीददारी का ‘प्लैन’

धनतेरस पर कुछ न कुछ खरीदना शुभ माना जाता है। भाई देख, ज़्यादातर लोग इस दिन बर्तन या कोई धातु (जैसे सोना या चांदी) खरीदते हैं। वैसे तो, झाड़ू खरीदना भी बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दरिद्रता को घर से बाहर निकालती है। देखो जरा, ख़रीददारी पहले ही ‘प्लैन’ (योजना) कर लो, ताकि आख़िरी मिनट की भाग-दौड़ से बच सकें।

अच्छा भई, एक बात और, सच कहूँ तो आप अपनी ‘कैपेसिटी’ (क्षमता) के हिसाब से ही ख़रीददारी करें। ज़रूरी नहीं कि आप बहुत महंगा सामान खरीदें। छोटे से बर्तन या धनिया के बीज भी ख़रीदना शुभ माना जाता है।

3. पूजा के लिए आसान सामग्री जुटाना

हमें पूजा के लिए एक ‘सिंपल’ (आसान) लिस्ट बनानी पड़ेगी। आगे हम आपको सामग्री की पूरी लिस्ट दे रहे हैं, लेकिन अभी के लिए जान लो कि आपको एक चौकी, लाल कपड़ा, लक्ष्मी-गणेश-कुबेर और धन्वन्तरि जी की फोटो या मूर्ति और दीपक के लिए तेल या घी चाहिए होगा। क्या बताऊँ, पूजा का ‘फील’ तब आता है, जब सब कुछ तैयार हो।

ये ठीक है न? अब आगे बढ़ते हैं शुभ मुहूर्त की ओर।


शुभ मुहूर्त: पूजा का सही टाईम (Shubh Muhurat: Puja Ka Sahi Time)

अच्छा सुनो, किसी भी पूजा का सबसे ज़रूरी ‘पार्ट’ (हिस्सा) होता है सही समय। धनतेरस की पूजा हमेशा ‘प्रदोष काल’ में की जाती है। ‘प्रदोष काल’ का मतलब होता है, जब सूर्य अस्त हो रहा हो और रात शुरू हो रही हो।

भाई जरा, ‘पंडित जी’ से अपने शहर का एग्ज़ैक्ट (सही) ‘टाईमिंग’ ज़रूर पता कर लो, लेकिन आमतौर पर यह ‘टाईम’ शाम 5:30 बजे से रात 8:30 बजे के बीच होता है।

हमारा यह ‘टिप’ (सलाह) याद रखो: देखो जरा, पूजा उसी समय करना जब घर में शांति हो और आप पूरा ‘कंसन्ट्रेशन’ (ध्यान) दे सकें। अगर आप सही समय पर पूजा करते हैं, तो उसका ‘इफ़ेक्ट’ (असर) कई गुना बढ़ जाता है, मानते हो न?

सरल पूजा विधि: कुबेर और लक्ष्मी जी की पूजा (Saral Puja Vidhi: Kuber aur Lakshmi Ji Ki Puja)

अरे बाप रे, अब आती है सबसे ज़रूरी बात। यह पूजा विधि इतनी सरल है कि घर का कोई भी सदस्य आराम से कर सकता है। जनाब, बस मन में श्रद्धा होनी चाहिए।

पहला स्टेप: यम दीपक जलाना (Yam Deepam Jalana)

तो भई, धनतेरस की शाम को सबसे पहला काम होता है यमराज के लिए एक दीपक जलाना। यह दीपक घर के मुख्य द्वार पर या आंगन में रखा जाता है।

1. एक बड़ा आटा गूंथकर दीपक बनाओ या मिट्टी का दीपक लो।
2. इसमें सरसों का तेल डालो।
3. इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा (South Direction) की ओर रखो।
4. यह दीपक घर की सभी ‘नेगेटिविटी’ (नकारात्मकता) को दूर करता है।

क्या ख़याल है? बहुत ही सरल ‘स्टार्ट’ (शुरुआत) है न?

भगवान धन्वन्तरि की पूजा (Bhagwan Dhanwantari Ki Puja)

जरा मान लो न, धन के साथ-साथ ‘हैल्थ’ (सेहत) भी बहुत ज़रूरी है। इसीलिए इस दिन भगवान धन्वन्तरि की पूजा भी ज़रूर करें।

1. उनकी मूर्ति या फोटो के सामने दीया जलाएं।
2. उन्हें पीले फूल चढ़ाएं।
3. उनसे अच्छी सेहत और लंबी उम्र का आशीर्वाद मांगें।
4. उनका सरल मंत्र:ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वन्तरये अमृतकलश हस्ताय सर्व रोग विनाशनाय त्रैलोक्य नाथाय श्री महाविष्णवे नमः” का जप 11 बार करें।

भाई सोच, अगर सेहत अच्छी नहीं होगी, तो धन का क्या करोगे, बोलो न?

माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा (Maa Lakshmi Aur Kuber Ji Ki Puja)

अरे देखो, यह है मुख्य पूजा, जिसके लिए हम यह सब कर रहे हैं।

1. एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं।
2. उस पर माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की मूर्ति/फोटो रखें।
3. एक कलश (पानी का बर्तन) भरकर चावल या गेहूं के ढेर पर रखें।
4. पूजा शुरू करने से पहले, भगवान गणेश जी को याद करें (क्योंकि कोई भी शुभ काम उनके बिना पूरा नहीं होता)।
5. सबसे पहले जल, रोली (कुमकुम), चावल, फूल चढ़ाएं।
6. माँ लक्ष्मी को कमल का फूल बहुत पसंद है, अगर मिल जाए तो ज़रूर चढ़ाएं।
7. कुबेर जी के सामने अपनी तिजोरी या जहाँ पैसे रखते हैं, उसे रखें। भई जरा, उसे भी कुमकुम लगाएं।
8. ‘नैवेद्य’ (भोग) में मिठाई, फल और धनिया के बीज ज़रूर चढ़ाएं।
9. घी का एक दीपक जलाकर आरती करें।

सच बताऊँ, इस तरह की पूजा करने से आपको एक अलग ही ‘पीस’ (शांति) और ‘संतुष्टि’ ‘फ़ील’ होगी, देख रहे हो न?

धन और समृद्धि के लिए विशेष मंत्र और साधना (Mantra Aur Sadhana For Wealth)

हे नाथ, अगर आप धनतेरस पर कुछ ‘एक्स्ट्रा’ (अधिक) करना चाहते हैं, तो ‘मंत्र जप’ (Mantra Jaap) से बेहतर कुछ नहीं।

1. कुबेर जी का सरल मंत्र

कुबेर जी को खुश करना बहुत आसान है। उनकी पूजा के बाद इस मंत्र का 108 बार जाप ज़रूर करें।

मंत्र: “ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय नमः”

जरा सोचो, 108 बार जप करने में कितना ‘टाईम’ लगेगा? मुश्किल से 10-15 मिनट। पर यह आपके धन के ‘रिसोर्सेस’ (स्रोत) को बहुत बढ़ा देगा।

2. महालक्ष्मी मंत्र

धनतेरस से लेकर दिवाली तक, माँ लक्ष्मी को प्रसन्न रखने के लिए इस मंत्र का रोज़ जप करें:

मंत्र: “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा”

गुरु, यह मंत्र आपको सिर्फ धन ही नहीं, बल्कि मान-सम्मान और ऐश्वर्य भी दिलाएगा।

चलो, यह हो गई साधना की बात, अब लिस्ट देखते हैं।

पूजा सामग्री की लिस्ट (Puja Samagri Ki List)

तुम समझो, पूजा सामग्री की लिस्ट ‘कंप्लीट’ (पूरी) होने से ‘स्ट्रेस’ (तनाव) कम होता है।

| क्र.सं. | वस्तु का नाम (Hindi) | वस्तु का नाम (Hinglish) |
| 1 | लक्ष्मी-गणेश-कुबेर जी की मूर्ति/फोटो | Laxmi-Ganesh-Kuber Ji Ki Murti/Photo |
| 2 | आसन या चौकी | Aasan Ya Chowki |
| 3 | लाल कपड़ा | Lal Kapda |
| 4 | दीया (तेल/घी, रुई की बाती) | Diya (Tel/Ghee, Ruyi Ki Baati) |
| 5 | रोली, कुमकुम, हल्दी | Roli, Kumkum, Haldi |
| 6 | चावल | Chawal (Akshat) |
| 7 | फूल, कमल का फूल | Phool, Kamal Ka Phool |
| 8 | फल, मिठाई (नैवेद्य) | Fal, Mithai (Naivedya) |
| 9 | धनिया (साबुत बीज) | Dhaniya (Sabut Beej) |
| 10 | सिक्के या नया बर्तन | Sikke Ya Naya Bartan |
| 11 | गंगाजल (शुद्धिकरण के लिए) | Gangaajal |

याद रखोगे न? इस लिस्ट को संभालकर रखना, ठीक है न?

धनतेरस से जुड़ी कथा और फीलिंग (Dhanteras Story and Feeling)

अरे वाह, हर त्योहार के पीछे कोई न कोई कहानी होती है, जो उस दिन की ‘फीलिंग’ (भावना) को और बढ़ा देती है। धनतेरस की भी दो ख़ास कहानियाँ हैं।

1. धन्वन्तरि का जन्म

भई, पहली कहानी है भगवान धन्वन्तरि के जन्म की। कहते हैं कि समुद्र मंथन के दौरान धन्वन्तरि जी अपने हाथों में अमृत का कलश (बर्तन) लेकर प्रकट हुए थे। ‘वह’ (वो) चिकित्सा (मेडिसिन) के देवता हैं, इसीलिए इस दिन उनकी पूजा अच्छी सेहत के लिए की जाती है। प्रभु की लीला, यही कारण है कि इस दिन बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है, क्या कहते हो?

2. यम और राजा हेमा का पुत्र

जरा सुनो, दूसरी कहानी यमराज और राजा हेमा के पुत्र की है। ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी कि शादी के चौथे दिन साँप के काटने से राजकुमार की मृत्यु हो जाएगी। राजकुमार की पत्नी ने चौथे दिन सारा सोना-चांदी, गहने और दीये दरवाज़े के पास ढेर कर दिए। जब यमराज साँप के रूप में आए, तो उन दीयों और चमकती चीज़ों की रोशनी से उनकी आँखें चौंधिया गईं। ‘वह’ (वो) अंदर नहीं जा पाए और उन्हें बिना कुछ किए ही वापस जाना पड़ा।

क्या कहूँ, इस घटना के बाद से ही इस दिन यमराज को दीपक जलाकर ‘यम दीपम’ की परंपरा शुरू हुई, ताकि किसी की अकाल मृत्यु न हो। अरे वाह भई, ये कहानी हमें यह ‘फील’ (एहसास) कराती है कि धनतेरस सिर्फ धन के लिए नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा के लिए भी है।

क्या खरीदें और क्या अवॉइड करें? (Kya Kharidein Aur Kya Avoid Karein?)

तो क्या हम बस कुछ भी खरीद लें? नहीं, भाई, कुछ चीज़ें शुभ होती हैं, और कुछ से बचना चाहिए।

ख़रीदें (Must Buy):

1. बर्तन (Utensils): ख़ासकर पीतल, तांबे या चांदी का। यह घर में आरोग्य (सेहत) और समृद्धि लाते हैं।
2. झाड़ू (Broom): यह दरिद्रता को घर से बाहर निकालती है। (Wikipedia Link: झाड़ू की धार्मिक मान्यताएं)
3. सोना/चांदी (Gold/Silver): ये धातुएं धन-समृद्धि और स्थायित्व (स्टेबिलिटी) का ‘सिंबल’ (प्रतीक) हैं।
4. धनिया बीज (Coriander Seeds): इन्हें लक्ष्मी जी को चढ़ाकर तिजोरी में रखें।

अवॉइड करें (Must Avoid):

1. लोहा (Iron): इस दिन लोहे से बनी कोई भी चीज़ न खरीदें।
2. प्लास्टिक (Plastic): प्लास्टिक से बनी चीज़ें न खरीदें, जरा मानो, यह समृद्धि को नहीं बढ़ाता।
3. कांच के बर्तन (Glass Items): कांच को राहु से जोड़ा जाता है, इसलिए इसे ‘अवॉइड’ करना बेहतर है।
4. तेज़ धार वाली चीज़ें (Sharp Objects): जैसे चाकू, कैंची, सुई। इन्हें खरीदने से बचें।

यूँ कहें तो, तुम बताओ न, यह एक तरह से ‘शॉपिंग टिप्स’ (खरीददारी के सुझाव) हैं।

निष्कर्ष और ज़रूरी बातें (Nishkarsh Aur Zaruri Baatein)

पाठक भाइयों, हमें ‘पूरा ‘श्योर’ (पक्का विश्वास) है कि अब आप धनतेरस की पूजा ‘बिना किसी ‘कंफ़्यूज़न’ (उलझन) के आराम से कर पाएंगे। तो हमने देखा कि धनतेरस की पूजा धन के साथ-साथ अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए भी ज़रूरी है।

यह पूजा कोई कठिन ‘प्रोसेस’ (प्रक्रिया) नहीं है। देखो ना, यह सब मन की श्रद्धा का ‘खेल’ है। आप बस साफ़ मन से, पूरे विश्वास के साथ, इन सरल ‘स्टेप्स’ को फॉलो करें। माँ लक्ष्मी और कुबेर जी की कृपा आप पर ज़रूर होगी।

हे माँ, आप बस अपने घर में एक ख़ुशनुमा और सकारात्मक ‘एट्मॉस्फ़ेयर’ (माहौल) बनाए रखें। बस इतना ही चाहिए।

क्या कहते हो? इस पोस्ट को शेयर (बांटना) करोगे न, ताकि और लोग भी इसका फ़ायदा ले सकें?

बहुत हुआ, अब पूजा की तैयारी में लग जाइए। शुभकामनाएं!

मज़ा आया न?
करोगे न?

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🙏 प्रस्तावना

Dhanteras धनतेरस पर क्या ख़रीदे क्या न खरीदे विस्तार सहित गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम पे आपका स्वागत करता हु । तो आइए दोस्तों, आज हम लोग जानते हैं कि धनतेरस पे सोना चांदी महंगा भी है और विश्वास दिलाती हूं कि उससे ज्यादा प्रभाव देने वाली वस्तु आपको बताऊँगी जिसे खरीद कर आप अपने घर में अगर धनतेरस के दिन लाते हैं, तो इससे घर में जो धन संपत्ति है, वह तो बढ़ती ही बढ़ती है, साथ-साथ परिवार वालों की उन्नति और तरक्की भी होती है।

अब देखिए, धनतेरस को लेकर भी इस बार विवाद की स्थिति है। क्योंकि उदया सूर्योदय कालीन की तिथि को आप 19 तारीख को लोग मान रहे हैं।

लेकिन धनतेरस में एक विशेषता होती है कि जिस दिन सायं कालीन त्रयोदशी होती है, क्योंकि धनतेरस की पूजा हम शाम के शाम के टाइम करते हैं, तो जिस दिन शाम के समय त्रयोदशी तिथि होती है, उस दिन ही धनतेरस मनाया जाता है। तो धनतेरस इस बार यानी 2025 में 18 तारीख को मनाया जाएगा, 18 अक्टूबर को।

🗓️ Dhanteras धनतेरस का शुभ मुहूर्त और खरीदारी

अब धनतेरस 18 अक्टूबर को मनाया जाएगा। पूजा करने का और खरीदारी करने का शुभ मुहूर्त कौन सा होगा, आज के पोस्ट में वह भी जानेंगे। साथ-साथ कौन सी ऐसी वस्तु है, वस्तु है जो आप खरीद कर लाएं, क्योंकि देखिए सोना चांदी अब सबके बस में नहीं रहा।

सोने का रेट सभी को पता है कि बहुत ज्यादा हो चुका है। तो ऐसे में कौन सी ऐसी वस्तु खरीद लें, जिससे मां लक्ष्मी हमारी तरफ आकर्षित हो जाए। फिर जब भी हमारा इच्छा हो, जब भी हमारी जरूरत हो, उस जरूरत के अनुसार हम सोना चांदी खरीद कर अपने घर में ला सकते हैं।

क्योंकि आप तो जानते हैं यह सारा खेल तो मां लक्ष्मी का ही है। जिसके ऊपर मां लक्ष्मी मेहरबान हैं, वह कभी भी सोना चांदी खरीद सकता है। उसे किसी भी विशेष अवसर की शुभ मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है। तो आज कुछ ऐसा करेंगे जिससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होंगी।

देखिए दोस्तों, समुद्र मंथन से धन्वंतरि जी प्रकट हुए जिनको कि भगवान विष्णु का ही स्वरूप माना जाता है और इनके हाथ में था तांबे का कलश और इसी कारण यह परंपरा, यह मान्यता है और विशेष गूढ़ रहस्य है कि धनतेरस के दिन अगर आप एक तांबे का, पीतल का लोटा या पीतल का दिया या पीतल की कोई भी चीज धनतेरस पे अगर आप खरीद कर लाते हैं ना, तो यह आपके लिए विशेष बन जाता है। बहुत शुभ हो जाता है।

धनतेरस के दिन अगर आप कोई विशेष वस्तु खरीद करके लाते हैं तो। तो आप पहली चीज पीतल जरूर खरीद के लाइएगा धनतेरस पे।

🚫 Dhanteras धनतेरस – शनिवार को क्या न खरीदें

अब देखिए, शनिवार का दिन पड़ रहा है। शनिवार के दिन बहुत सारी भ्रांतियां रहती है। मन में नकारात्मकता भी रहती है कि शनिवार है तो क्या खरीदें? क्या नहीं खरीदें? तो देखिए, शनिवार है तो एक चीज तो आपको बिल्कुल नहीं खरीदना है।

आज के दिन आपको सरसों का तेल, सरसों, लोहे की कोई वस्तु यह सब नहीं खरीदना है। और एक चीज का ध्यान रखिएगा, स्टील में भी लोहे का तत्व माना जाता है।

तो हो सके तो आज स्टील खरीदने से बचें। अगर कोई जरूरत की चीज खरीदना है तो एक दिन, 2 दिन पहले आप खरीद लें। लेकिन इस दिन आप बिल्कुल न खरीदें। इस विशेष बात का ध्यान रखें।

🧹 Dhanteras धनतेरस से पहले की तैयारी

और एक आध चीज है जो धनतेरस से पहले हमें ध्यान रखना चाहिए। देखिए, नियम यह कहता है कि जो धनतेरस की पूजा हम करते हैं, उससे पहले हमारे घर की सफाई हो जानी चाहिए।

अब देखिए, पूरी सफाई तो नहीं हो पाती है, लेकिन कोशिश करना चाहिए कि जो मुख्य जगह हैं, जैसे जहां पे आप पैसा वगैरह रखते हैं, तो उस जगह की सफाई आप कर दीजिए।

जैसे पैसे रखने के स्थान पे आप जो कपड़े वगैरह लगाकर मतलब रखकर, नीचे बिछा करके और आप पैसे रखते हैं, उस कपड़े को बदल दें। थोड़ा उस जगह को साफ कर दें।

उसमें हो सके तो परफ्यूम वगैरह डाल दें और वहां पे नए कपड़े नीचे बिछा दें जहां आप अपने पैसे अपनी ज्वेलरी रखते हैं। तो यह कार्य आप धनतेरस से पहले कर लें। धनतेरस की पूजा से पहले कर लें।

💰 Dhanteras धनतेरस खरीदारी के नियम और वस्तुएं

 

अब आइए, खरीदारियों के बारे में जान लेते हैं कि क्या खरीदारी करना चाहिए और कैसे नहीं। देखिए दोस्तों, यहां पे एक मतभेद है। यहां पे कुछ लोगों के मतानुसार हर साल मिट्टी की मूर्तियां नहीं खरीदना चाहिए। पर मेरे मतानुसार दिवाली नवीनता का स्वरूप माना जाता है।

तो इसलिए दिवाली की पर अगर आप मिट्टी के गणेश जी और लक्ष्मी जी खरीद कर लाते हैं, तो इससे आपके घर में वृद्धि होती है। लेकिन एक बात का ध्यान रखिए, यह जरूरी नहीं है। अगर आप चाहें तो चांदी के रखे हैं तो आप उनकी पूजा कर सकते हैं।

पीतल के रखे हैं तो आप उनकी पूजा भी कर सकते हैं। लेकिन मिट्टी की मूर्तियों की अपनी बात होती है। अलग ही बात होती है। और अगर आप गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम से जुड़े हुए हैं ना, तो आप एक बात मान लीजिए।

आप मेरे कहे अनुसार बहुत महंगी मिट्टी की मूर्तियां नहीं मिलती है, तो आप उन्हें खरीद कर अपने घर में ले आइए। मेरे कहे अनुसार इस दिवाली मिट्टी की मूर्तियां जो शुभ मुहूर्त मैं बताऊँगी, उसी शुभ मुहूर्त में ले आइए और उसी शुभ मुहूर्त में आप धनतेरस की पूजा करिए।

एक गलती मत करिएगा। धनतेरस की पूजा में नई मूर्तियों की पूजा नहीं होती है, बल्कि जो पिछले साल के हमारी मूर्तियां या फोटो होते हैं, उन्हीं की पूजा की जाती है।

🧹 Dhanteras धनतेरस झाड़ू खरीदना और सावधानियाँ

 

धनतेरस के दिन शनिवार का दिन पड़ रहा है। तो झाड़ू खरीदना विशेष शुभ होता है। लेकिन ध्यान रखें, झाड़ू कभी भी अकेले मत खरीदिए आप लोग। झाड़ू आप एक साथ कम से कम दो खरीदिए, तीन खरीदिए, लेकिन अकेले झाड़ू मत खरीदिए।

एक झाड़ू आप वो झाड़ू भी खरीदिए जो सीक वाली होती है, जिससे फर्श पे गिरा हुआ पानी वगैरह साफ करते हैं। तो अगर इमेज मुझे मिला तो मैं हां बोल दूँगी लगाने को।

तो यह सीक वाली झाड़ू भी आप खरीद करके साथ में जरूर लाइए। मैं बता रही हूँ, आप करिए और आपसे गारंटी के साथ विश्वास के साथ कहती हूँ कि निश्चित तौर पे जो दिवाली पे साथ में जुड़ के चलेगा ना, उसका पूरा वर्ष निश्चित तौर पे मैं यह नहीं कह रही हूँ कि अंबानी बन जाएगा।

लेकिन इतना तो है कि फर्क दिखेगा। फर्क साफ आपको दिखेगा जो दिवाली पर। इसीलिए तो मैं आपको एक-एक बारीक-बारीक बातें भी बताती जा रही हूँ कि आप ऐसे करिए, ऐसे करिए। मतलब क्या बताऊँ, दिल से एकदम निकाल करके सारी बातें रख देती हूँ कि आप लोग समझिए। आपकी परेशानी दूर हो। आपके कर्जे दूर हों।

📱 Dhanteras धनतेरस वेबसाइट पोस्ट और लाइव कार्यक्रम

 

आपकी इसीलिए अब दिवाली तक तो एक भी पोस्ट आप छोड़िएगा मत। और एक चीज और बताती हूँ। लाइव आऊँगी मैं दिवाली पे 18, 19 और 20 को लाइव आऊँगी। जैसा कि आप जानते हैं, 18 तारीख को हमारा लक्ष्मी प्राप्ति वाला हवन भी है तो पूरे दिन हवन में बीत जाएगा। हालाँकि, बहुत सारे लोग तो आ भी नहीं पाएंगे।

कम लोग आ पाएंगे क्योंकि ये दिवाली की सबके घर पूजा वगैरह सफाई है। लेकिन चलिए तो मैं मुझे तो वहाँ रहना होगा तो मैं तो वहाँ रहूँगी और लाइव वगैरह भी नहीं हो पाएगा। मैं आपको उसकी क्लिप वीडियो काट करके और शाम को मैं जैसे ही घर आऊँगी, नेटवर्क वगैरह की व्यवस्था मुझे मिलेगी, मैं तुरंत आपको वो वीडियो पोस्ट करूँगी।

क्योंकि लाइव वगैरह करने में बहुत संकट है, समस्या है और मैं एक-एक व्यक्ति को अपने ऑफिस से बतवाती कहलवाती भी जा रही हूँ। तो यहाँ पे देखिए, मैं बात कर रही थी कि मैं लाइव जुड़ूँगी और इसीलिए लाइव का जो टाइम है, वो मैं 10:00 बजे रख रही हूँ।

8:30 बजे आती थी, लेकिन मैं 10:00 बजे रख रही हूँ, क्योंकि 10:00 बजे जो है, वो मैं अपनी भी खरीदारी करूँगी। जब शाम को आऊँगी आपके हवन से लौट करके, तो अपनी भी खरीदारी करूँगी। तो 10:00 बजे का टाइम रख रही हूँ कि 10:00 बजे मैं लाइव आऊँगी।

10:00 बजे 18 तारीख को आऊँगी। 19 तारीख और 20 तारीख को लाइव में जुड़ना मत भूलिएगा। अगर वो लोग देखिए, आप कमेंट करके बताने में शर्माते होंगे, नहीं शर्माते होंगे। लेकिन महादेव जानते हैं कि ये जो दिवाली पे साथ में जुड़ता है ना, लाइव जुड़ता है, पोस्ट को देखता है, उसके जीवन में परिवर्तन आना 100% तय हो ही जाता है।

इतना तो तजुर्बा मेरा भी बहुत लंबा है। तो आप एक-एक पोस्ट को देखिएगा। लाइव को तो बिल्कुल भी मिस मत करिएगा। तो भूलिएगा मत, लाइव में 18, 19 और 20 को मैं आपके साथ जुड़ूँगी। तो इस विशेष बात का ध्यान रखिएगा, क्योंकि एक चीज बता दूँ ना, जब आपको कोई भी कार्य फायदा होता है ना, तो ऑटोमेटिक ही वह चीजें मुझे प्राप्त होती है।

उसका कुछ अंश तो बस आपके साथ जुड़कर के आप मैं चाहती हूँ कि जो भी परेशान लोग हैं, उनके जीवन में सुख शांति और समृद्धि आए। मैं एक प्रयास कर रही हूँ यह और जरूर आएगी ऐसा दिन।

🛒 Dhanteras धनतेरस पर खरीदने योग्य वस्तुएँ

अब क्या खरीदें धनतेरस पे? तो देखिए दोस्तों, धनतेरस पे अच्छी क्वालिटी का धनिया खरीद कर आप जरूर लाइएगा। अच्छी क्वालिटी का धनिया खरीद कर लाइएगा। और एक और विशेष चीज है, हो सके तो आप एक पैकेट चावल खरीद कर लाएं। जो भी पैकेट जितना बड़ा भी खरीद के लाएं, वो खरीद कर जरूर लाएं।

बढ़िया अच्छी क्वालिटी के और इस चावल का अक्षत के रूप में आप पूरे वर्ष भगवान भोलेनाथ को और जो भी पूजा वगैरह में विशेषकर भोलेनाथ को आप समर्पित करें, क्योंकि आज धनतेरस के दिन धन त्रयोदशी भी होती है। तो इस कार्य को आप जरूर करिए। खरीद के जरूर लाइए।

तीसरी चीज है हल्दी। हल्दी की गांठ या पिसी हुई हल्दी भी आप खरीद के जरूर लाएं। जो लोग अपनी पोटली वगैरह बनाते हैं, वो लोग कमलगट्टे की कमलगट्टा, गोमती चक्र और कौड़ियाँ भी खरीद कर जरूर लाएं।

और जो लोग जिन जिन लोगों की पोटली गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम से जा रही है, उन्हें तो कोई जरूरी नहीं है। लेकिन जो लोग अपनी पोटली बनाते हैं, उन लोगों को यह सामग्री भी जरूर खरीद कर ले आना चाहिए। और क्या चीजें खरीद कर लाना चाहिए?

झाड़ू मैंने बता ही दिया। धनतेरस के दिन कुछ मीठी वस्तु भी अपने घर के अंदर खरीद कर अवश्य लेकर आए। और धनतेरस के दिन एक और वस्तु है, वो है मिट्टी के बर्तन। मिट्टी के बर्तन खरीद कर लाने से भी समृद्धि आती है। तो आप इसे जरूर खरीद कर लाएं। इन सामग्रियों को अपने घर में जरूर शामिल करें।

⏰ Dhanteras धनतेरस पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त

 

अब आइए, बात कर लेती हूँ कि धनतेरस पर पूजा और खरीदारी का शुभ मुहूर्त क्या है? देखिए दोस्तों, धनतेरस की पूजा या खरीदारी हमेशा स्थिर लग्न यानी वृषभ लग्न, सिंह लग्न में करना चाहिए। तो इस बार धनतेरस के का जो शुभ मुहूर्त मिल रहा है, वह हमें मिल रहा है।

दिन में 18 तारीख को दिन में 12:16 से लेकर के और अगले दिन तक 19 तारीख की सुबह 6:24 तक हमें मिल रहा है। तो यानी 12:1 से आप पूरे दिन खरीदारी कर सकते हैं और इसी शुभ मुहूर्त में शाम की पूजा भी कर सकते हैं।

एक और शुभ मुहूर्त पूजा का होगा जो मैं यहाँ लगा दूँगी। बाकी आपको मोटे तौर पे बता दूँ कि इसी शुभ समय में, इसी मुहूर्त में आपको अपनी पूजा और खरीदारी, क्योंकि वृषभ लग्न स्थिर लग्न माना जाता है और सिंह लग्न स्थिर लग्न माना जाता है। इस मुहूर्त में अगर आप लक्ष्मी पूजा करते हैं, खरीद कर कुछ लाते हैं तो वह आपके लिए बहुत ही फायदेमंद।

🧼 Dhanteras धनतेरस झाड़ू की पूजा और इस्तेमाल

 

अच्छा एक चीज़ और बता दूँ। धनतेरस के दिन खरीदी गई झाड़ू की पूजा कभी भी आपको धनतेरस के दिन अह नहीं करना है। इसको आप पूजा अगर करते हैं तो दिवाली के दिन करिए।

धनतेरस के दिन केवल आप उस झाड़ू पे हल्दी, गंगाजल छिड़ककर के और आप इस झाड़ू को जहाँ पे गंदे झाड़ू रखते हैं, जिसे यूज़ करते हैं, वहाँ न रखें। आप उत्तर पूर्व में जहाँ मंदिर है, मंदिर के आसपास में आप इस झाड़ू को रख लीजिएगा।

धनतेरस की झाड़ू को बहुत लोग दिवाली के दिन इस्तेमाल करते हैं। परंतु ऐसा नहीं करना चाहिए। जब भी धनतेरस की झाड़ू यूज़ करें, वह दिवाली के अगले दिन, अगले दिन जब सुबह सफाई करें तो आप उस झाड़ू का इस्तेमाल कर सकते हैं।

🪔 Dhanteras धनतेरस कुबेर और महादेव का अचूक उपाय

अब एक अचूक उपाय बताती हूँ जो धनतेरस पर आप सभी को अवश्य करना है। देखिए दोस्तों, आपने कुबेर का नाम तो सुना होगा, क्योंकि धनतेरस पे कुबेर जी की पूजा होती है। धन्वंतरि के साथ कुबेर जी की और अगर आप भोलेनाथ को जानते हैं तो कुबेर को कुबेर बनाने वाला अगर कोई है तो वह है महादेव।

तो इसलिए आज के दिन त्रयोदशी यानी प्रदोष का दिन भी है। तो आप एक कार्य करिए। आप 11 दीपक ले लीजिए।

तिल के तिल का या घी का 11 दीपक ले लीजिए और किसी भी शिव मंदिर में जाकर शाम के टाइम, शाम के टाइम जब थोड़ा-थोड़ा अंधेरा होने लगे, तो यह दीपक प्रज्वलित करके भोलेनाथ को ₹11, ₹1, ₹21, ₹101 जितनी आपकी व्यवस्था हो, उतनी दक्षिणा समर्पित करके 11 दीप तो यह दीपक जलाकर प्रज्वलित करके, हाथ जोड़ के और कह के आइएगा सात लक्ष्मी न आए तो कहिएगा, आज के साथ ही लक्ष्मी आएँगी आप घर की पूजा करते हैं।

सब कुछ करते हैं। लेकिन यह महादेव का यह उपाय जो है, वह आप सभी जरूर कर लीजिएगा। बाकी तो जो जो जरूरी बातें हैं, उपाय हैं, वह मैं लाइव में बताती ही रहूँगी। इस समय एक भी पोस्ट आप छोड़िएगा मत, क्योंकि देखते हैं आप कमेंट में बहुत सारी बातें लिख करके पूछते हैं, लोग बताते हो और जब मैं चिल्ला रही हूँ कि यह अवसर है, इस अवसर को हाथ से मत छोड़िए। तो, बहुत कम लोग समझते हैं। इसे समझिए।

 यह अनुष्ठान काफी पावरफुल है। यह अनुष्ठान मैं स्वयं करवाती आई हूँ। करीब-करीब 9 साल से और यह अनुष्ठान बहुत ही ज्यादा मतलब पूरे साल इसका लाभ मिलता है। तो मुझे लगा है कि जब इस चीज का लाभ मुझे मिल रहा है, मुझे पूरा विश्वास है तो यह आप तक भी पहुँचे। तो मैं एक प्रयास कर रही हूँ।

अगर आप बहुत परेशान हैं, बहुत दिक्कत में हैं तो आप यहाँ आकर जुड़कर माँ लक्ष्मी का हवन करा सकते हैं, पूजन करा सकते हैं, मंत्र जप करा सकते हैं और इसमें साथ में जुड़ सकते हैं।

🎁 Dhanteras धनतेरस अभिमंत्रित पोटली और लॉकेट

अब देखिए, हर साल की तरह इस साल भी दिवाली पे पोटली अभिमंत्रित होने जा रही है। जैसा कि आप जानते हैं कि हर साल दिवाली पे गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम से एक पोटली जाती है। धन पोटली और यह अभिमंत्रित होने जा रही है और साथ में रहेगा लक्ष्मी वृद्धि लॉकेट जो चांदी में करके आपको जाता है।

बहुत सारे लोग कई सालों से, तीन सालों से जा रहा है तो लक्ष्मी वृद्धि लॉकेट भी जाता है जो कि चांदी के लॉकेट में होता है। गले में लाल धागे में आप इसे पहन सकते हैं।

तो इससे लक्ष्मी की प्राप्ति होती है और बहुत ही उत्तम होता है। जिन लोगों को शर्म लगती है, संकोच लगती है, जैसे महिलाएँ हैं, वह नहीं पहनना चाहती हैं, वह अपने मंगलसूत्र में भी एक लाल धागे में कर करके मंगलसूत्र में एक लाल धागे में कर कर और इसे अपने मतलब अंदर डाल करके पहन सकती हैं।

यह लॉकेट काफी पावरफुल है, क्योंकि इस लॉकेट का असर मुझे बहुत ज्यादा दिखा है, इसलिए मैं आप लोगों को यह लॉकेट बताती हूँ और काफी लोग जो है इससे लाभान्वित भी कई सालों से हो रहे हैं तो यह बताना नहीं है, आपको इसका लाभ आप स्वयं देखेंगे।

🕉️ Dhanteras धनतेरस लक्ष्मी-नारायण प्रतिमा

और दोस्तों, इस बार जो है एक अच्छी और नई चीज मैंने आपके लिए की है। तो इस बार जो है लक्ष्मीनारायण की छोटी सी चरण दबाती हुई प्रतिमा मैं अभिमंत्रित करा रही हूँ और गारंटी से कह रही हूँ कि जिन घरों में यह प्रतिमा विराजमान होगी और केवल और केवल प्रतिदिन आप इनका धूप, दीप, चंदन और थोड़ा सा जल से अभिषेक कर देंगे और वो अभिषेक किया हुआ जल अपने घर में छिड़क देंगे।

गारंटी से कहती हूँ या लिख के कहती हूँ, अगला साल आपका नौ बदला तो आप कहिएगा, क्योंकि यह चीजें मैं अपने लोगों को काफी हद तक देती रहती हूँ। कराती रहती हूँ। तो मुझे विश्वास बहुत बहुत दृढ़ है।

बस करना इतना है कि आपको जहाँ कहीं लक्ष्मी जी की मूर्ति आप अपने तिजोरी में भी स्थापित कर सकते हैं। वैसे अच्छा मंदिर में रहेगा। स्थापित करिए। रोज इनको जल से स्नान कराइए।

उस जल को पूरे घर में छिड़किए। थोड़ा सा धूप, दीप, चंदन लगा के भोग लगा दीजिए। देखिए यह मूर्ति कैसे आपके घर में चमत्कार करती है। तो तीन चीजें इस बार जा रही हैं।

एक लक्ष्मी वृद्धि लॉकेट है और एक है हमारी धनपोटली और दूसरा है हमारा मूर्ति जा रही है माँ लक्ष्मी के विष्णु जी के चरण दबाते हुए। तो ये तीनों चीजें गुरु मंत्र साधना डॉटकॉम से जा रही हैं।

जिन लोगों को भी यह चीजें चाहिए, वो चैनल पर चल रहे नंबर पर संपर्क करें और संपर्क करके ऑफिस में नाम लिखवाएँ और नाम लिखवा करके अब यह सामान प्राप्त कर सकते हैं।

📦 Dhanteras धनतेरस सामान की प्राप्ति और लाभ

अब देखिए दोस्तों, एक चीज बता दूँ, घबराइएगा मत। धीरे-धीरे यह सामग्रियाँ जाती हैं और जिनका नाम जैसे लिखा होता है, पहले से जिनकी बुकिंग होती है, उनका पहले जाता है, बाद में जिनका होता है, उनका बाद में जाता है तो धीरे-धीरे धैर्य के साथ यह चीजें आप तक पहुँचेंगी और इस चीज के लाभ की बात करूँ, तो लाभ पूछिए ही मत, इस चीज का अनगिनत लाभ है जो मैं कॉन्फिडेंस से विश्वास से कह रही हूँ, आप इस विश्वास को मेरे विश्वास को समझिए और आगे बढ़िए।

Dhanteras 2025 धनतेरस पर अष्टलक्ष्मी रहस्य धन वर्षा रहस्य

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🌟 परिचय: लक्ष्मी के प्रकार और श्री का महत्व

आपके घर की दक्षिण दिशा में अगर पूरी रात तक कोई दीपक जला सके अखंड ज्योत, आपका असामयिक मृत्यु, अकाल मृत्यु टल जाएगा। यह यमराज जी का वरदान है। आयुर्वेद के अंदर यह जो धनिया है ना, यह जो सब्जी में हम खाते हैं, बहुत आपको लगता होगा साधारण सी चीज है, नहीं नहीं, यह बहुत महत्वपूर्ण एक जड़ी-बूटी है।

नमस्कार, नमो नारायण। दिवाली के पर्व की सजावट, दिवाली के पर्व की रोशनी घर-घर दिखाई देने लगी है, और हम आज धनतेरस, धनलक्ष्मी, वैभव लक्ष्मी की बात करने जा रहे हैं। जगत में किसको लक्ष्मी नहीं चाहिए ? लेकिन क्या आपको पता है, लक्ष्मी कितने प्रकार की होती है ?

आदि लक्ष्मी, धन लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, गजलक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, भाग्य लक्ष्मी, विजयालक्ष्मी और विद्या लक्ष्मी। आठ प्रकार की लक्ष्मी होती है, और हम ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि गांधी छाप एक ही लक्ष्मी होती है।

नहीं, जिस तरह से लक्ष्मी आठ प्रकार की होती है, उसी तरह से आठ स्त्रोतों की रक्षा करने वाली भी लक्ष्मी जो होती है, वह क्या आठ हैं? सोत्र आध्यात्मिक है, भौतिक धन है, कृषि है, राज परिवार है, ज्ञान है, साहस है, संतान है, और जीत है। इन सब में लक्ष्मी जी का बहुत बड़ा महत्व है।

जीवन में आपके पास सब कुछ हो अगर श्री नहीं है, क्योंकि श्री में ये आठों आठ आ जाएगी। गीता जी का वह श्लोक है ना: यत्र योगेश्वरः कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धरः तत्र श्रीर्विजयो भूतिर्ध्रुवा नीतिर्मतिर्मम जहां कृष्ण हैं, वहां श्री रहेगी।

तो सीधी सी बात है, जिस व्यक्ति के पास, जिस मनुष्य के पास श्री नहीं है, वह दरिद्र है, क्योंकि श्री के बिना श्रीहीन हो जाते हो। हम अपने नाम में श्री या श्रीमती क्यों लगाते हैं?

हम सबको श्री की आवश्यकता है। तो श्री का पर्व दिवाली पर धनतेरस, और धनतेरस के दिन अगर ठीक से लक्ष्मी पूजन आप करते हैं, तो पूरे वर्ष उसकी कृपा बनी रहती है।

🙏 धनतेरस पर विशेष पूजन और पंजीकरण

आप मित्रों के अनुरोध पर, जैसे कि मैंने बताया था कि ऑफलाइन तो हम नहीं, संसाधन सीमित होने से आपको नहीं बुला पाए संस्कार केंद्र पर, लेकिन ऑनलाइन हमारा धनतेरस का विशेष पूजन होने जा रहा है।

धनतेरस का योग सिर्फ दो घंटे, छ: से आठ। करना क्या है? विवरण में दिया हुआ लिंक है, उस लिंक पर जा करके आपको रजिस्टर करना है। जितनी जल्दी हो सके, आप इसको करेंगे, और धनतेरस के दिन आप अपने सामने अपना श्रीयंत्र अथवा तो लक्ष्मी जी की मूर्ति ले कर के बैठेंगे।

मैं स्वयं जो-जो चीजें लक्ष्मी जी की पूजा के लिए शास्त्रोक्त पद्धति से है, वह करेंगे, और साथ में इसमें होम भी होगा। सहस्रनाम का, ललिता सहस्रनाम के हजार नाम होंगे, श्री यंत्र का अभिषेक होगा। तो बाद में वह प्रोग्राम ही जाएगा, परंतु लाइव देखने का एक आनंद, उसमें भाग लेना एक अलग आनंद है। तो मिलते हैं 10 तारीख शुक्रवार को धनतेरस के दिन।

🛍️ धनतेरस पर खरीदारी और बचत का महत्व

तो धनतेरस का महत्व हजारों सालों से हमारे परंपरा में आपने अगर देखा होगा, तो हमारे नाना नानी, दादा दादी चांदी की कोई ना कोई चीज खरीद किया करते थे। चांदी की ही क्यों ? क्योंकि चांदी एक तो शुद्ध है, ठंडी है, और चांदी का लक्ष्मी जी से बहुत बड़ा संबंध है, जुड़ाव है।

बाद में जब हमारी इनकम थोड़ी बहुत कम हुई होगी, तो लोगों ने स्टील के बर्तन, तांबे के बर्तन, पीतल के बर्तन लेने भी शुरू किए, लेकिन इसमें एक दूसरा राज क्या है ?

हमारे ऋषि मुनि, हमारे पूर्वज इतने स्मार्ट थे, इतने इंटेलिजेंट थे कि वह उस समय तो बैंकिंग सिस्टम विकसित नहीं था ना, बैंकिंग सिस्टम था नहीं, यह पेपर करेंसी नहीं थी, सारे की सारी मेटल्स के ऊपर चल रहा था। तो प्रत्येक घर में कुछ बचत हो, हर साल कुछ उसके लिए सिक्योरिटी बढ़े, तो आप कैसे बढ़ाओगे ?

तो उसको धर्म से जोड़ कर के उन्होंने धनतेरस के दिन कुछ खरीदारी करो, सोने की, चांदी की, तांबे की, पीतल की, कम से कम कुछ जोड़ो, तोड़ो मत, जोड़ो। तो आप भी इस धनतेरस को कुछ जोड़ें, शुभ संकल्प ले कर के जोड़ें।

🪔 दीपदान का महत्व और यमराज का वरदान

 

दूसरा धनतेरस के दिन दीपदान भी होता है। यह जो पर्व है, ये तीन पर्व एक साथ आ जाते हैं। दीपदान का महत्व क्या है ? कहानी तो उसमें मैं आपको बताऊंगा अगर, चलते चलते राजा हेम की। कि राजा हेम जो हैं, उनको किसी ज्योतिषी ने बताया, पुराण की कहानी है, कि ज्योतिषियों ने बताया कि भई आप, आपके बेटे की अगर शादी होती है, तो चौथे दिन के बाद ही उसका मृत्यु का योग बनेगा।

तो राजा हेम ने कहा, तो फिर मुझे अपने बेटे को ऐसी जगह भेज देना चाहिए जहां पर उसको लड़की या कोई स्त्री का दर्शन ही ना हो, पर विधि के विधान को कोई तोड़ नहीं सकता।

राजा हेम ने अपने बेटे को ऐसी जगह भेजा, जहां कोई स्त्री का उसको दर्शन नहीं हो रहा था, लेकिन उस प्रकृति, उस विराट, उस कॉस्मिक डिज़ाइन के अंदर एक दिन एक राजकुमारी उसी एरिया से गुजरती है, और राजा हेम के पुत्र की उस पर नजर पड़ती है।

दोनों में प्रेम होता है, दोनों गांधर्व विवाह करते हैं। विवाह के होते ही चौथे दिन जो मृत्यु योग था, वह सामने आ गया।

अब जब चौथे दिन मृत्यु योग आ गया, तो यमराज के दूत उसको लेने के लिए पहुँच गए। तो राजा हेम की बहू, नवविवाहिता थी, चौथे दिन का मतलब विधवा योग।

खूब कल्पाती है, हृदय से रोदन करती हुई विलाप करती है, और ऐसा विलाप, ऐसा विलाप कि यम दूतों के हृदय भी पिघल गए।

तो उनमें से एक यमदूत यमराज जी से पूछता है कि प्रभु, आप इस तरह से जो यह मृत्यु के देवता हैं, और इस तरह से खींच के ले आते हैं, लोग इतना रोदन करते हैं, क्या कोई रास्ता नहीं है कि मृत्यु को असामयिक रोका जा सके? इतनी जवानी में यह राजा का बच्चा मर रहा है, तो उसको कैसे रोकें हम?

यमराज जी कहते हैं कि देखो, विधि के विधान को मैं भी नहीं बदल सकता हूँ। मैं भी एक ड्यूटी कर रहा हूँ, जैसे पुलिस वाला अगर किसी को पकड़ता है, तो वह ड्यूटी कर रहा है, उसका कोई व्यक्तिगत उससे दुश्मनी नहीं है। तो मैं ड्यूटी कर रहा हूँ, और ड्यूटी के तहत मृत्यु के अधीन मुझे वह आत्मा ले लेनी पड़ती है।

पर हाँ, मैं एक रास्ता बता देता हूँ कि अगर धनतेरस वाले इसी दिन, कार्तिक मास की जो ये आएगी त्रयोदशी, कि इसी दिन घर की दक्षिण दिशा में, आपके घर की दक्षिण दिशा में अगर पूरी रात तक कोई दीपक जला सके, अखंड ज्योत।

बहुत अच्छा, नहीं जला सकते हो, कम से कम सूर्यास्त के बाद थोड़ी देर के लिए ही दीप प्रज्वलित कर लो, तो आपका असामयिक मृत्यु, अकाल मृत्यु टल जाएगा। यह यमराज जी का वरदान है। तो धनतेरस का एक यह महत्व रहा।

⚕️ धनवंतरी भगवान और लक्ष्मी जी का प्राकट्य दिवस

 

फिर धनतेरस का दूसरा महत्व क्या है? ऐसा कहा जाता है कि अमृतमंथन के समय इसी दिन धनवंतरी भगवान का जन्म हुआ है। धनवंतरी भगवान अपने हाथ में अमृत का कलश ले कर के बाहर प्रकट होते हैं, और धनवंतरी भगवान, आपको पता ही है, आयुर्वेद के भगवान माने जाते हैं, और भारत सरकार ने इस दिन को आयुर्वेद दिवस घोषित किया हुआ है।

तो धनवंतरी जी आयुर्वेद के अंदर तो पूजनीय हैं ही, लेकिन मैं मानता हूँ कि जो भी सनातनी, उनको धनवंतरी भगवान के विषय में थोड़ा बहुत जान लेना चाहिए। थोड़ा सा गूगल करके पढ़ोगे, धनवंतरी जी की कृपा प्राप्त करोगे, तो आपको यह असामयिक रोग या बीमारियाँ, दुख, क्लेश नहीं होंगे, क्योंकि धनवंतरी जी जो हैं, वह इन सभी का निदान करने के लिए सक्षम माने जाते हैं।

दूसरा, इसी धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी जी का भी प्रकट दिवस माना जाता है कि वो अमृत मंथन हो रहा था, उसमें से लक्ष्मी जी प्रकट होती हैं।

तो यह दिन लक्ष्मी जी से भी जुड़ा हुआ है। अब जब हम लक्ष्मी जी का पूजन करते हैं, तो लक्ष्मी जी के पूजन में आपने देखा होगा जो सजावट होते हैं फोटोज के, वह धनवंतरी जी भी उनमें रखे जाते हैं .

कुबेर देवता या कुबेर का यंत्र होता है, माँ लक्ष्मी होती है, गणेश होता है, और भगवान विष्णु। भगवान विष्णु क्यों? क्योंकि लक्ष्मी जी तो विष्णु के साथ रहेंगी, तो विष्णु जी रहेंगे ही रहेंगे। तो श्री रहेगी तो श्रीपति रहेंगे, नाथ रहेंगे।

तो यह अपने आप में फ्रेम पूरा होता है, और गणेश जी और लक्ष्मी जी के संयुक्त होने की कहानी हम ऑलरेडी कहीं बोल चुके हैं, तो आप देख लेना कि जहाँ लक्ष्मी जी रहेंगी, वहाँ गणेश जी उनके मानस पुत्र के तरीके से रहते हैं।

🧘 ध्यान तेरस, धन्य तेरस और महावीर का निर्वाण

अब धनतेरस, इसमें तेरह ही क्यों है? तेरस मतलब तेरह। तेरह क्यों है ? अगर आप गहराई से सोचोगे, तो सब कुछ दीना आपने, बेटा, दरू क्या मैं नाथ। नमस्कार, बेटा हमारी आप स्वीकार कर लो, तेरा तेरा, सब कुछ तेरा है। नानक कहते हैं ना, सब तेरा है, मेरा कुछ नहीं।

लेकिन धनतेरस का एक और अर्थ जो हम मानते हैं, वह है धन्य तेरस और एक है ध्यान तेरस। धन्य और ध्यान क्यों? ध्यान तेरस इसीलिए कहा जाता है कि भगवान महावीर इसी दिन तीसरे और चौथे ध्यान में गए, और तीन दिन के बाद योग निरोध करते निर्वाण को प्राप्त होते हैं।

दिवाली के दिन महावीर जी की निर्वाण तिथि है वह। तो धनतेरस अपने आप में, क्योंकि दिवाली के यह जो दिन है ना, बड़े शुभ हैं।

जितना हो सके, किसी को उलझना मत, किसी से उलझन वाली बातें मत करना, बिल्कुल आनंद रहना, और जितना हो सके, पूजा पाठ है, नित-नेम, दान पुण्य, गरीबों को देखना, शुभ शुभ करना, तो सब शुभ शुभ होगा।

🌱 धनतेरस पर धनिया का प्रयोग और स्वास्थ्य लाभ

उसी दिन धनतेरस के दिन साबुत धनिया होते हैं, साबूत धनिया तो आप मसाला यूज़ करते हैं, तो धनिया जो होता है, साबूत धनिया भगवान धनवंतरी को अर्पित किए जाते हैं, और कुछ धनिये साबुत अपने तिजोरी में लोग रखते हैं।

वह धन का प्रतीक है, और कुछ लोग उन्हीं दानों को, उन जो धनिया के बीज हैं, उनको जमीन में बो देते हैं, और उनमें से हरे धनिये निकलते हैं। मैं आपको बताऊँ, आयुर्वेद के अंदर यह जो धनिया है ना, यह जो सब्जी में हम खाते हैं, बहुत आपको लगता होगा साधारण सी चीज है, नहीं नहीं, यह बहुत महत्वपूर्ण एक जड़ी-बूटी है, और उसकी बहुत से उपयोग, सदुपयोग हैं।

आज का विषय नहीं है, क्योंकि आज का आपका विषय तो लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है, तो मैं उसको कहाँ सब्जी में ला रहा हूँ, लेकिन याद रखिएगा, यह जो धनिया है, बहुत ही उत्तम, स्वास्थ्यवर्धक, और काफी कुछ साधना में, आध्यात्मिकता में भी उसका महत्व होता है।

🛐 समापन और निवेदन

तो जैसे कि मैंने आपको बताया कि भगवान धनवंतरी जी की वह कहानी, कलश ले कर पैदा होना, और जैन आश्रम में धनतेरस को बहुत महत्व दिया गया है। धनतेरस के विषय में अगर हम और आगे आगे आगे आपको बताते जाएँगे, तो आप कहोगे कि धनतेरस के आगे दिवाली भी तो आती है, उसके विषय में कब बताओगे ? तो मैं तो यही कहूँगा कि अष्टलक्ष्मी की आप पूजा उस दिन व्यवस्थित करें।

अष्टलक्ष्मी का स्तोत्र का पाठ करें, पर आपको मिल जाता है, और जितना हो सके, दीपदान के मनोभाव से दक्षिण दिशा में दीप को प्रज्वलित करेंगे। धनिया वाली बात मैंने आपको कही है, उसका इस बार प्रयोग करेंगे, आपको बहुत बहुत फायदा होगा, पूरे साल फायदा होगा, और हर साल इसको नियम में बना दें।

आने वाली पीढ़ियों को यह संस्कार दें। हमारी संस्कृति और हमारे संस्कार जो हैं, वो इतने हजारों-हजारों सालों से यह वैज्ञानिक तरीके से जाने माने गए हैं।

इनको अपनी पीढ़ियों तक धरोहर समझकर पहुँचाएँ, और इन पर्वों पर, रोशनी के इन पर्वों पर अपने मन के भीतर भी रोशनी लाएँ, अड़ोस-पड़ोस में भी रोशनी लाए, अपने भाइयों, बहनों और धर्म से जुड़े हुए, संस्कृति से जुड़े हुए लोगों के मन में खुशियाँ आए, इसके लिए मिठाइयाँ वगैरह का अरेंजमेंट है।

पर एक करबद्ध हाथ जोड़ कर के निवेदन, स्वदेशी बनिए, स्वदेशी चीजों का उपयोग करिएगा। विदेशी और देश के जो दुश्मन हैं, उनके लिए कुछ भी आपको करना नहीं है।

तो आज इतना ही। फिर मिलेंगे अगले पोस्ट में, अगले विषय को ले कर। तब तक के लिए नमो नारायण।

दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान

दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान

दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान

दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान
दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान
दिवाली के दिनों में मिठाई पर होने वाले तंत्र से सावधान मेरी अपनी कोई कोक स्टोरी नहीं होती मैं बड़ी क्लियर कर दूंगा आपको दिवाली मुबारक हो जी कहते हैं ना एक दो गिफ्ट जो भी है। उसके पीछे का सच क्या है मैं यह नहीं कहती कि अभी जो त्योहार आ रहा है फेस्टिवल जा रहे हैं तो मेरा फर्ज बनता है। 

मैं सब लोगों को किसी एक की गलत काम की सजा सबको ना मिले क्यों मुझे थोड़े से दो दिन कैसे याद है इतने तो कैसे मैं कोई हिस्ट्री याद नहीं आता कुछ खास खास याद रह जाते हैं। मिठाई लेकर आता है खुशी मानी जाती है गुड विशेस डब्बे के अंदर मिठाई के चक्कर में उसने क्या दिया आपको आई हो घर गई उसके बाद ताऊजी में हवन कर रही हूं घर में क्यों मैं कर रही हूं डाक्टर होता है। 

मैं पार्टनर का बड़े कुछ भगवान के नाम से हम बड़े बेवकूफ बन जाते हैं कुछ भी होते हैं। क्यों हमारी भावना है नहीं उसको है रखा हुआ है क्या भाभी चाची जो भी है। उसके लिए देना है बाद मेरे को दिया वाक्य को किसी को यह किसी को वह इतना बड़ा दिया राइट बेवकूफ बनाने भाभी रह गए मेट्रो स्टोरी बता रही हूं। आपको यह बिजनेस डाउन सब कुछ डाउन बीमारी घर से नहीं जा रही तो कहानी कहां पर है भाई।

2. मिठाइयों के डिब्बे में छिपा तांत्रिक काम

 

मैं कितने साल हो गए प्रत्येक 3 साल 4 साल हो गए सब जगह तो खा लिया होता क्या है सर दर्द नहीं मेरा जरा डॉ अशोक शर्मा के देख लिया सब ठीक है घर में ना यह भी मेरे हस्बैंड बीमार है।  लग गए हैं टट्टी जाने का मन ही नहीं करता उनका यह इतिहास नहीं देखेंगे यह मिठाई का डब्बा द स्पेशल दिया गया था। 

चलो मिठाई बड़ी है जो बुजुर्ग बड़े उनका बड़ा डाबा दिया गया पक्का पता नहीं है इसलिए उसे डब्बे पर उसके लिए रखा गया था पर उसके अंदर की मिठाई तांत्रिक काम किया गया था कैन यू इमेजिन सो सकते हो आप कभी कैसे कैसी चीज लोग करते हैं। 

मैं तो समझ नहीं आती मैंने किसी पोस्ट में भी कहा था अभी बार कहती हूं भैया इतनी टेक्नोलॉजी 3D 4G 5G कहां कहां पहुंच रहे हैं ढूंढ लो कहां पर है क्यों नहीं ढूंढ पाया अभी तक हम लोग भगवान के नाम पर धोखा यह एक इंसान एक फैमिली की कहानी घर की बर्बादी यहां जो टाइगर के लिए डब्बा आया है मैं घर में हवन करा है पूजा कराई भगवान के नाम पर हमें क्या पता है क्या दिया।

3. घर की बर्बादी और बीमारी: कहाँ है गलती ?

 

दूसरा कैसे सुन लो आज मैं लगातार ज्यादा वेबसाइट लेख आपको आज प्रसाद हाउ कैन आई सब्सक्राइब जो भी कराया गुरुजी को मानते हैं उसको मानते हैं। सब को मानते मानो भैया बुरी बात नहीं अच्छी बात है जब मेरे क्लाइंट की हिस्ट्री निकली तो क्या था नाम बोला उसने बताया मैं नाम नहीं यहां लेना चाहते उसे सत्संग कराया था लंगर प्रसाद सब कहते हैं। 

हम लोग बैठ के सबको दिया खीर कटोरी में आई और इसकी कटोरी लगती वह कटोरी के अंदर तांत्रिक काम किया गया था। इसको बीमार कैसे करना इसको बर्बाद कैसे करना है। हम तो भगवान की सदा सबके छोटे कहते हैं ना चाहिए कहानी मैं क्या बोलूं अभी आपको मेरे पास जितनी भी स्टोरी है जितना भी मैं आपसे शेयर करती हूं कैसी है मेरी अपनी कोई कोक स्टोरी नहीं होती मैं बड़ी क्लियर कर दूंगा आपको।

4. प्रसाद के नाम पर धोखा: सत्संग और लंगर की कहानी

 

एक और कैसे मिला गांव में गए गांव में होता वह शहर में रहते हैं मेरी जमीन है तो वहां पर हमको बुलाया जाता ठीक है आज मेरे पापा बड़े हैं पूजा पाठ जो भी उनके रीति रिवाज है वह करवाया और पूरा गांव कट्ठा है पूजा वगैरह हो गए सब बड़ा शैतानी बर्तन पड़ा हुआ है। 

ऐसे करके रखा हुआ है तो सब को देते जा रहे हैं संगत को प्रसाद पंडित जी को क्या बोला गया था पंडित जी सबको देना मुझे दो लड्डू रखे थे मैंने अलग से वह उसे बंदे को देने हैं सुन रहे हो आप मेरी बात जमीन का मामला था एग्रीकल्चर लैंड यह साइन नहीं कर रहे थे। 

ऐसा रखा हुआ है और क्या क्योंकि मेरे को पूरा विजन आज भी याद है वह पंडित जी बाद में बात है दो लड्डू साथ में उनमें बूंदी का दाना डाल दिया ताकि पंडित भी गलती ना कर ले कहीं मोटी मोटी बूंदी के लड्डू किसी को लड्डू मिल गया किसी को कुछ मिल गया प्रसाद है। 

भैया भगवान का नाम प्रसाद खा लो वह दो लड्डू ऐसे उठाकर और घर के मेरे भैया आए थे कि मेरे पापा बहुत बीमार रहते हैं जमीन हमारी के साथ में मकान हो हमारे नाम कर दो किया नहीं अब इसको मारेंगे पता करने के बाद होगा। 

क्या बच्चे तो बच्चों को इतना टाइम नहीं है कि आगे की केस लड़ेंगे या गांव में आएंगे वह तो शहर वाले हैं भैया मेरे शर्म आती है ऐसे लोगों की आपको कहानी बताते हुए पर मुझे पता नहीं पड़ी का क्या आप अलर्ट हो जाओ कृति सनों से हो गया कि हां गांव का है माल हमारे गांव का है।

5. जमीन विवाद और दो बूंदी के लड्डू की साजिश

 

इसको करने वाले को यह नहीं पता कि मेरा ऊपर जाकर क्या हाल होगा अपने बर्बाद हो कर्मों से आईने से कोई नहीं बच सकता कोई भी नहीं आप गलतफहमी में मत रहिए मैं पूजा पाठ कर लिया जा मैं वैष्णो देवी जय या मैं किसी और जगह पर जाकर आ गया मैं माता देख लिया उसकी माफी नहीं है आपके नंबर आपको मिलने वाले हैं -30 चल रहा है तो -30 के 40 हो गया माइनस आपका भाव क्या है

रखो आपके मन में शक है तो मत कहो मार दो क्या बोलोगे मैं और आपका नाम का करवाया जाता है वह आपने खाए नहीं आप बच गए सब का तो भगवान में घर में अंदर में चीज जा ही नहीं सकती पहले मुख्यमंत्री क्लियर करता हूं। 

मैं इसलिए बोल दिया आपको वह कोई खाएगा तभी वह चीज आपके अंदर आएगी भगवान के घर में चढ़ा गए तो मुझे तो बाहर बैठ जाएंगे और अपना और मैं बार बार कहती हूं दो चीजों से ही आपका होरा होता है। 

 

जिससे बच सकते हो आप रेसीटेशन आपकी सोच थॉट प्रोसेस जो है आपको वह आपका और बाद करता और कोई नहीं आपकी ईमानदारी आपका और बड़ा करती हो दुनिया की कोई ताकत ऐसी नहीं जो आपका और बड़ा करते हैं और आपको बचा जाए डेफिनेटली दबे के साथ कह सकती हूं हनुमान चालीसा आते आते पढ़ते रहो ठीक है। 

उसे भाई बच्ची आती है थोड़ा सा इनको डर के यह चीज से दूर रहती है इनकी हैल्थ खराब हो जाती है गोरखनाथ रखना शुरू हो जाते हैं नहीं मुझे भेज दे मुझे मुझे मुक्ति चाहिए। आज मुक्ति चाहिए मकर रुक जा अभी रुक जाना तूने कितनों को सताया पहले तो बता दे किसने बनवाया हमारा मन कहां करता है। यहां से काम करने आपकी हम भी तो कह दिए हैं तुम मुझे भेजेगा ना तो उसको पता लग जाएगा। 

मैं क्या पता मैं नहीं लगे दोगी फिकर ना कर आपको मैं कहना चाहती हूं ,एक चीज 29 सितंबर मेरी बात हुई। तो उन्होंने मुझे पता क्या बोला मैं तू कहां से आया था क्या कर रहा था यह अंदर गई जो उसके साथ उसको छोड़ दिया वह भी साथ में 12 के मैं भी उनके साथ आ गया छोटा बच्चा है। 

मैं बाल कलाकार जैसे यह बाहर आए उनके साधु के साथ में भी हो गया अब बताओ क्या करोगे आप यह बाउंड्री नहीं कर सकता मंदिर नमस्ते गुरुद्वारा मैं बड़ी क्लियर कर दूं इनके लिए बॉम्बाडमेंट है क्या होता है इसलिए अपनी प्रोटक्शन के लिए आपको अपना ख्याल रखना बहुत जरूरी है।

6. कर्मों का आईना और आध्यात्मिक सुरक्षा (प्रोटेक्शन) की आवश्यकता

 

ठीक हो गए गंगा कोनी नाहटा मैं बता दूं मैं अब गंगा के किनारे पर डुबकी लगाकर आए गंगा को नहीं नहा कर आएगा आप तो डूबने से डरते हो गंगा की बात करते हो आपने बाहर से एक छोटे छोटे पानी में डुबकी लगा ली जो आपका पानी यहां तक आता है। 

जहां तक पानी में डूबने की गंगा में देख लो फिर आपको गलत बात है मेरे पास बहुत से कैसे हैं बात कर लो ठीक हो जाओगे लड़की थक गई क्या क्या करोगे। आप हमें इन चीजों को पहले समझना होगा इस ओन द भक्ति से निकलना होगा तभी आपको इसका बेनेफिट होगा और एक चीज मैं आपको और बता दूं अभी आने वाले टाइम में चल रहा है। 

यह चीज बढ़ेगी इस बात को याद रखिए आप हम लोग जितने हैं हमसे चार गुना वह हो गए अभी वह लोग हवा पानी सब कुछ खराब यह करेंगे अगर आपकी पावर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त का और मंत्र जाप नहीं कर रहे हो तो आपको यह झूठ पकड़ने चाहे कुछ भी हो जाए इसलिए सबसे बढ़िया है हमारे मंत्र जाप बुक करो आते जाते

आपके मुंह में हनुमान चालीसा पढ़ते रहो चौपाई साहिब का पाठ करते रहो, हर घर में लगाओ जो मैंने पहली बार पोस्ट में बोला था। बस का साउंड है यह चीज इससे डरती हैं जितना आप अपनी बॉडी को वाइब्रेट करोगे देखो मैंने किया तो फिर शुरू हो गया जितन बॉडी को वाइब्रेट करोगे। 

प उतने ही तंदुरुस्त खुशहाल और अच्छे त्योहार मनाओगे आज मैं इतना ही परिवार के साथ बोलिए हर कोई अपने कर्मों का आईना देखा वाक्य को आईना छोड़ दो आज इतना ही फिर मिलूंगी किसी और नए टॉपिक के साथ आपके सवालों के जवाब के साथ तब तक के लिए नमस्कार सत् श्री अकाल आदाब और

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आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course ph.85280 57364

Akashic Records Reading Course

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course ph.85280 57364

 

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course ph.85280 57364
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course ph.85280 57364

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कोर्स Akashic Records Reading Course आप अपनी ‘लाइफ़’ (ज़िंदगी) में कुछ बड़ा और ख़ास (खास) करने के लिए तैयार हैं, मानते हो न? अगर आप भी उन सवालों के जवाब ढूँढ रहे हैं कि आप यहाँ क्यों हैं, या आपकी ‘लाइफ़’ का पर्पस क्या है, तो यह लेख (आर्टिकल) बिलकुल आपके लिए है।

भई देख, हम आपको आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के एक ऐसे ‘पावरफ़ुल’ (Powerful) कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी ‘लाइफ़’ का पूरा फ़ील (महसूस) बदल देगा, सही है न?

इस कोर्स को करने के बाद, सच कहूँ तो, आप केवल एक ‘रीडर’ (Reader) नहीं बनेंगे, बल्कि अपनी और दूसरों की ‘लाइफ़’ को भी एक नई क्लैरिटी (स्पष्टता) दे पाएँगे। तो, चलो जानते हैं कि इस शानदार (शानदार) कोर्स में आपको क्या-क्या सीखने को मिलेगा। जरा सोचो न, यह कितना कमाल का फ़ील होगा!

आकाशिक रिकॉर्ड्स क्या हैं ? Akashic Records Kya Hain? 

 

भाई देख, आकाशिक रिकॉर्ड्स को आप ‘ब्रह्मांड’ (Cosmos) की एक बहुत बड़ी ‘लाइब्रेरी’ (Library) मान सकते हैं। यूँ कहें तो, यह एक ऐसी जगह है जहाँ हर आत्मा (सोल) की शुरुआत से लेकर अब तक की सारी ‘इनफ़ॉर्मेशन’ (जानकारी) रिकॉर्ड (दर्ज) है।

जरा सोचो, आपकी पिछली ‘लाइफ़’ (ज़िंदगियाँ), इस ‘लाइफ़’ का पर्पस, आपके सारे ‘पॉसिबल’ (Possible) फ़्यूचर (भविष्य)—सब कुछ यहाँ मौजूद है। यह कोई जादुई (जादुई) चीज़ नहीं है, बल्कि एक ‘एनर्जी’ (ऊर्जा) ‘डाटाबेस’ (Database) है।

हमारा यह कोर्स आपको सिखाएगा कि इस ‘एनर्जी’ को कैसे ‘एक्सेस’ (Access) किया जाता है। भाईसाहब, बहुत से लोग मानते हैं कि यह ‘रिकॉर्ड’ (रिकॉर्ड) हर जगह मौजूद है और हर ‘टाइम’ (समय) पर ‘एक्टिव’ (Active) रहता है। क्या कहते हो?

(आगे की जानकारी के लिए, आप आकाशिक रिकॉर्ड्स पर ‘विकिपीडिया‘ (Wikipedia) का लेख देख सकते हैं: आकाशिक रिकॉर्ड्स विकिपीडिया लिंक कृपया इस लिंक को एक ट्रस्टेड (Trusted) सोर्स (स्रोत) से बदलें।)

आपको यह ‘पावरफ़ुल’ कोर्स क्यों करना चाहिए ?  Aapko Yah ‘Powerful’ Course Kyon Karna Chahiye ? 

 

अच्छा तो, अब आप पूछेंगे कि ‘भाई’ हमें यह कोर्स क्यों करना चाहिए? तुम देखो न, इसकी सबसे बड़ी वजह (कारण) है अपनी ‘लाइफ़’ को ‘कंट्रोल’ (Control) करना। जब आपको अपनी ‘लाइफ़’ के ‘पैटर्न्स’ (Patterns), आपके ‘ब्लॉकेज’ (Blockages), और आपके ‘डर’ (Fears) की असली वजह पता चल जाएगी, तो उन्हें हटाना बहुत आसान हो जाएगा।

सच बताऊँ, यह कोर्स आपको ये चीज़ें देगा:

  • क्लैरिटी (Clarity): आप अपने पर्पस को जानेंगे और यह समझेंगे कि आप क्यों बार-बार एक ही तरह की ‘सिचुएशन’ (Situation) में फ़ील कर रहे हैं। समझे?
  • हीलिंग (Healing): पिछली ‘लाइफ़’ के ऐसे ‘पैटर्न्स’ जो आपको अभी परेशान कर रहे हैं, तुम सोचो न, उनको ‘हील’ (Heal) करना सीखोगे। यह एक तरह की सेल्फ़ हीलिंग है।
  • निर्णय लेने में आसानी: जब आप अपने रिकॉर्ड्स को एक्सेस करते हैं, तो ‘यूनिवर्स’ (ब्रह्मांड) से ‘गाइडेंस’ (मार्गदर्शन) मिलती है, जिससे ‘सही’ ‘डिसीज़न’ (Decision) लेना आसान हो जाता है, मानते हो न?
  • शांति और सुकून: अपनी ‘लाइफ़’ का पूरा मीनिंग (मतलब) जान लेने के बाद, एक गहरी शांति और सुकून फ़ील होता है। यार, इससे बड़ी बात क्या हो सकती है?

कोर्स में आप क्या सीखेंगे ? (‘सिलेबस’) Course Mein Aap Kya Seekhenge ? (‘Syllabus’)

 

जनाब, इस कोर्स को हमने बहुत सरल (Simple) तरीके से डिज़ाइन (Design) किया है ताकि हर कोई, यहाँ तक कि एक ‘बिगिनर’ (Beginner) भी इसे आसानी से सीख सके। क्या बताऊँ, यह ‘कोर्स’ पूरा प्रैक्टिकल (Practical) है।

हम इसमें ये सब सीखेंगे:

‘एक्सेस’ करने की ‘टेक्नीक’ ‘Access’ Karne Ki ‘Technique

देखो, यह सबसे ज़रूरी (ज़रूरी) हिस्सा है। हम आपको एक ख़ास (खास) और सुरक्षित (सुरक्षित) प्रेयर (Prayer) या इन्टेंशन (Intention) के ज़रिए रिकॉर्ड्स को एक्सेस करने की टेक्नीक सिखाएँगे। तो इसमें आप सीखेंगे:

  • ‘एनर्जी’ को ‘सेट’ करना और खुद को प्रोटेक्ट (Protect) करना।
  • रिकॉर्ड्स में जाने के लिए ज़रूरी ‘स्टेप्स’ (Steps) को फ़ॉलो (Follow) करना।
  • ‘रिक्वेस्ट’ (Request) कैसे करते हैं और ‘सवाल’ (Questions) कैसे पूछते हैं। सही पकड़ा न?
 अपने ‘गाइड्स’ से जुड़ना  Apne ‘Guides’ Se Judna 

हर किसी के पास ‘यूनिवर्स’ (यूनिवर्स) से आए कुछ ‘गाइड्स’ (Guides) होते हैं जो हमारी मदद करते हैं। अरे वाह, इस कोर्स में आप इनसे कनेक्ट (Connect) करना सीखेंगे।

  • आप जानेंगे कि आपके ‘गाइड्स’ कौन हैं, और सच कहूँ तो, वे आपसे कैसे बात करते हैं।
  • उनकी ‘क्लैरिटी’ (Clarity) और गाइडेंस को कैसे फ़ील करते हैं। सोचो जरा, कितना अमेजिंग (Amazing) होगा!
 ‘सेल्फ़ हीलिंग’ के ‘फ़ायदे’ ‘Self-Healing’ Ke ‘Fayde

यह कोर्स केवल रीडिंग (Reading) के लिए नहीं है, यह हीलिंग (Healing) के लिए भी है। आप, इस सेक्शन में सीखेंगे कि:

  • पिछली ‘लाइफ़’ के ‘ट्रॉमा’ (Trauma) को कैसे क्लियर (Clear) किया जाता है।
  • ‘एन्शियन्ट’ (Ancient) ‘हीलिंग’ टेक्नीक का ‘यूज’ (इस्तेमाल) कैसे करें।
  • अपने ‘करेंट’ (Current) ‘लाइफ़’ के डर (डर) और चिंता (चिंता) को कैसे मैनेज(Manage) करें। तुम समझो न, यह आपको अंदर से बहुत ‘स्ट्रांग’ (Strong) बनाएगा।
पास्ट (Past) ‘लाइफ़’ का ‘कनेक्शन’ Past ‘Life’ Ka ‘Connection

 

क्या कहूँ, कई बार हमारे आज के ‘प्रॉब्लम’ (Problems) पिछली ‘लाइफ़’ से जुड़े होते हैं।

  • आप सीखेंगे कि उन कनेक्शन को कैसे ढूँढते हैं।
  • उन्हें ‘समझकर’ कैसे रिजॉल्व (Resolve) करते हैं।
  • और अपनी आत्मा (आत्मा) की ग्रोथ (Growth) में कैसे यूज़ करते हैं। देखा आपने?
कोर्स के बाद के ‘बेनिफ़िट्स’ Course Ke Baad Ke ‘Benefits

 

अरे भाई, यह कोर्स ख़त्म (ख़त्म) होने के बाद भी आपको बहुत सारे बेनिफ़िट्स (फ़ायदे) मिलेंगे।

  1. प्रोफ़ेशनल (Professional) करियर: आप एक सर्टिफ़ाइड (Certified) आकाशिक रीडर बनकर लोगों की मदद करना शुरू कर सकते हैं। यह न केवल सेटिस्फ़ैक्शन (संतुष्टि) देगा, बल्कि एक ‘अच्छी’ इनकम (Income) भी मिलेगी। क्या ख़याल है?
  2. हाई (High) ‘लेवल’ की ‘इन्ट्यूशन’ (Intuition): आपकी छठी इंद्रिय (सेंस) बहुत तेज़ (तेज़) हो जाएगी। आपको पहले से ही चीज़ों का फ़ील होने लगेगा।
  3. डर से ‘आज़ादी’ (Freedom): जब आप ‘यूनिवर्स’ की एनर्जी से जुड़ जाते हैं, तो आपकी ‘लाइफ़’ से फ़ालतू के डर ख़त्म हो जाते हैं। मान लो न, अब ‘डरने’ की ज़रूरत ही नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) / Aksar Poochhe Jaane Waale Sawaal (FAQ)

 

वैसे तो, आपके मन में कई ‘सवाल’ होंगे, जिनमें से कुछ इन्हें हैं:

  • क्या कोई भी इसे सीख सकता है?
    • बिलकुल! अगर आप ‘ओपन माइंड’ (Open Mind) रखते हैं और सीखने की इच्छा (इच्छा) रखते हैं, तो हाँ, तुम मानो न, कोई भी सीख सकता है।
  • इसमें कितना समय लगेगा?
    • जरा सुनो, यह आपकी ‘स्पीड’ (Speed) पर ‘डिपेन्ड’ (Depend) करता है, लेकिन हमारा कोर्स ‘मॉड्यूल्स’ में डिवाइड (Divide) है, जिसे आप अपनी सहूलियत (सहूलियत) से पूरा कर सकते हैं।
  • क्या यह ‘ऑनलाइन’ (Online) है?
    • चलो अच्छा है, हाँ, यह कोर्स पूरी तरह से ऑनलाइन (Online) ‘प्लेटफ़ॉर्म’ (Platform) पर उपलब्ध है ताकि आप घर बैठे सीख सकें।

अगले ‘स्टेप्स’ क्या हैं? (‘कॉल’ करें) / Agle ‘Steps’ Kya Hain? (‘Call’ Karein)

 

तो, तुम देखो, अगर आपको ‘फ़ील’ हो रहा है कि यह कोर्स आपकी ‘लाइफ़’ के लिए परफ़ेक्ट (Perfect) है, और आप अपनी ‘स्पिरिचुअल’ (Spiritual) जर्नी (यात्रा) को एक नया लेवल देना चाहते हैं, तो अब बस ‘सोचो’ मत।

भाई मान लो न, ‘देर’ मत करो। यह आपके करियर और ‘पर्सनल’ ग्रोथ (Growth) के लिए एक बेस्ट (Best) ‘अपॉर्चुनिटी’ (Opportunity) है।

मैं आपको यही गाइडेंस दूँगा कि अगर आपको यह फ़ीलिंग आ रही है, तो तुरंत (तुरंत) एक्शन (Action) लीजिए।

इस ‘लाइफ़-चेंजिंग’ (Life-Changing) कोर्स की पूरी जानकारी और ‘रजिस्ट्रेशन’ (Registration) के लिए, इस नंबर पर ‘कॉल’ करें: 85280 57364

क्या आप तैयार हैं अपनी ‘लाइफ़’ का कंट्रोल अपने हाथ में लेने के लिए?करोगे न?

Akashic Records आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग सभी सवालों का जवाब पाए – आकाशिक रिकॉर्ड्स कोर्स के लिए संपर्क करे ph.85280 57364

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: अपनी आत्मा का ब्लूप्रिंट जानें (Akashic Records Reading: Apni Aatma Ka Blueprint Jaanein)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: अपनी आत्मा का ब्लूप्रिंट जानें (Akashic Records Reading: Apni Aatma Ka Blueprint Jaanein)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: अपनी आत्मा का ब्लूप्रिंट जानें (Akashic Records Reading: Apni Aatma Ka Blueprint Jaanein)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: अपनी आत्मा का ब्लूप्रिंट जानें (Akashic Records Reading: Apni Aatma Ka Blueprint Jaanein)

काशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्या है? (Akashic Records Reading Kya Hai?)

अरे वाह भई, क्या आपने कभी सोचा है कि आपके लाइफ की हर छोटी-बड़ी इवेंट, हर सोच, और हर फीलिंग कहीं रिकॉर्ड होती है? देखो! यह कोई साइंस फिक्शन नहीं है, बल्कि यह वह कॉन्सेप्ट है जिसे आकाशिक रिकॉर्ड्स(Akashic Records) कहा जाता है।

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग का मतलब है, हमारी आत्मा (Soul) के पूरे सफर का ‘डेटाबेस’ एक्सेस करना। इसे आप यूनिवर्स की एक जादुई लाइब्रेरी समझ सकते हैं। यह कोई फिजिकल जगह नहीं है, यार, यह तो विशुद्ध रूप से एनर्जी का एक विशाल क्षेत्र है। इसमें हमारे पिछले जन्मों (Past Lives), इस जन्म (Current Life) और यहाँ तक कि भविष्य की संभावनाओं (Future Possibilities) का सारा रिकॉर्ड दर्ज होता है।

जनाब, जब कोई एक्सपर्ट या रीडर इस एनर्जी फील्ड से कनेक्ट होकर आपके सवालों के जवाब निकालता है, तो उसे ही आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कहते हैं। सच कहूँ, यह आपकी आत्मा का ‘ब्लूप्रिंट’ पढ़ने जैसा है, जिससे आप जान पाते हैं कि आप कौन हैं, क्यों यहाँ आए हैं, और आपका असली पोटेंशियल क्या है।

आकाशिक रिकॉर्ड्स क्या होते हैं ? (Akashic Records Kya Hote Hain ?)

आकाशिक रिकॉर्ड्स क्या होते हैं ? (Akashic Records Kya Hote Hain ?)
आकाशिक रिकॉर्ड्स क्या होते हैं ? (Akashic Records Kya Hote Hain ?)

पाठक भाइयों, जरा सोचो! आकाशिक रिकॉर्ड्स को अक्सर ‘ईथर की किताब’ (Book of Ether) या ‘जीवन की किताब’ (Book of Life) भी कहा जाता है। यह नाम संस्कृत शब्द ‘आकाश’ से आया है, जिसका मतलब है ‘स्पेस’ या ‘ईथर’ (Ether)।

वैसे, यह केवल एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि एक जीवित, वाइब्रेटिंग एनर्जी है। यह हर व्यक्ति, हर जानवर, और हर ग्रह के अस्तित्व (existence) की जानकारी रखता है। मान लो कि यह एक तरह का कॉस्मिक इंटरनेट है, जो हर उस जानकारी को स्टोर करता है जो कभी हुई है या हो सकती है। तुम देखो, यह कोई डार्क या छिपी हुई चीज नहीं है; यह तो बस शुद्ध ज्ञान (pure knowledge) है, जिसे प्यार और लाइट की एनर्जी से ही एक्सेस किया जाता है।

हमारा हर विचार, हर शब्द, और हर कर्म इस फील्ड में अपनी छाप छोड़ता है। भाई देख, यही वजह है कि जब हम आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग लेते हैं, तो हमें अपनी लाइफ की प्रॉब्लम्स की जड़ें (roots) पता चलती हैं।

(बाहरी जानकारी के लिए आप आकाशिक रिकॉर्ड्स पर विकिपीडिया का यह लेख देख सकते हैं।)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्यों ज़रूरी है? (Akashic Records Reading Kyun Zaroori Hai?)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्यों ज़रूरी है? (Akashic Records Reading Kyun Zaroori Hai?)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्यों ज़रूरी है? (Akashic Records Reading Kyun Zaroori Hai?)

अच्छा तो, अब सवाल आता है कि हमें इसकी रीडिंग क्यों करवानी चाहिए? इसका मतलब यह है कि आप अपनी लाइफ की प्रॉब्लम्स को जड़ से समझना चाहते हैं। क्या बताऊँ, हम सभी के सामने कुछ ऐसे पैटर्न (patterns) और चैलेंजेस आते हैं जो बार-बार दोहराए जाते हैं।

जैसे कि, अगर आप बार-बार गलत रिलेशनशिप में पड़ते हैं, या फाइनेंशियल ब्लॉकेज महसूस करते हैं, तो आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग आपको यह समझा सकती है कि यह ब्लॉक कहाँ से आ रहा है। हो सकता है कि यह किसी पिछले जन्म का अधूरा करमा हो, या कोई ऐसी कसम (vow) हो जो आपने तब खाई थी और जो आज भी आपकी लाइफ को प्रभावित कर रही है।

तुम समझो, यह केवल जवाब जानने के लिए नहीं है, बल्कि ट्रांसफ़ॉर्मेशन (transformation) के लिए है। जब आपको ज्ञान मिलता है, तो आप अपनी एनर्जी को बदल सकते हैं। जरा सोच के देखो, अगर आपको अपनी लाइफ की ‘हैंडबुक’ (handbook) मिल जाए, तो सब कितना क्लियर हो जाएगा! इसीलिए यह रीडिंग ज़रूरी है, ताकि आप आज़ाद फील कर सकें।

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के फ़ायदे (Benefits of Akashic Records Reading)

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के फ़ायदे (Benefits of Akashic Records Reading)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के फ़ायदे (Benefits of Akashic Records Reading)

अरे देखो, आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग के फ़ायदे कई हैं, जो आपकी लाइफ को सचमुच बदल सकते हैं। सच बताऊँ, यह बस ‘भविष्य जानने’ से कहीं ज़्यादा है।

  1. पिछले जन्मों का हीलिंग (Past Life Healing):देखो ना, कई बार हमारी फोबिया (phobia), डर, या बिना कारण की चिंता पिछले जन्मों से जुड़ी होती है। रीडिंग हमें उन इवेंट्स को देखने और उन्हें हीलिंग एनर्जी देने का मौका देती है।
  2. जीवन का उद्देश्य (Life Purpose) जानना:तुम्हारा असली टैलेंट क्या है? आप दुनिया में क्या देने आए हैं? यहरीडिंग आपको अपनी आत्मा के उद्देश्य और मिशन से जोड़ती है।
  3. करियर और रिलेशनशिप गाइडेंस (Career and Relationship Guidance):यहरीडिंग आपको यह समझने में मदद करती है कि कौन से लोग आपके लिए सही हैं, और आपके करियर का अगला सही स्टेप क्या होना चाहिए।
  4. खुद को माफ़ करना (Self-Forgiveness):क्या कहूँ, जब हम अपनी आत्मा के परफेक्ट और इम्परफेक्ट दोनों पक्षों को देखते हैं, तो खुद को माफ़ करना आसान हो जाता है।

भाईसाहब, यह रीडिंग आपको पावर देती है। तुम्हें यह फील करवाती है कि आप अपनी लाइफ के क्रिएटर हैं। तो, क्या आप अपनी लाइफ में यह ट्रांसफ़ॉर्मेशन लाना नहीं चाहेंगे? बताओ न?

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)

अच्छा सुनो, अब बात करते हैं कि आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कैसे होती है। भाई मान लो न, यह कोई मैजिक शो नहीं है, बल्कि एक गहरी, सम्मानजनक स्पिरिचुअल (Spiritual) प्रैक्टिस है।

आमतौर पर, एक प्रोफेशनल रीडर इस रीडिंग के लिए एक खास प्रार्थना या प्रेयर का इस्तेमाल करता है। यह प्रेयर रीडर को एक ‘पवित्र स्थान’ (sacred space) बनाने में मदद करती है, जहाँ से वह आपकी आत्मा के रिकॉर्ड्स को एक्सेस कर सकता है।

  1. तैयारी (Preparation):रीडर पहले खुद को क्लियर करता है और एक उच्च वाइब्रेशन (high vibration) में आता है। वह शांति और सम्मान के साथ रिकॉर्ड्स खोलने की परमिशन माँगता है।
  2. एक्सेस (Access):रीडर उस प्रेयर का उच्चारण करता है और आपकी आत्मा के ‘डोमेन’ में प्रवेश करता है। उससे पहले, वह आपसे आपका पूरा नाम (Full Name) और जन्मतिथि (Date of Birth) पूछ सकता है, क्योंकि यह डेटा आपकी एनर्जी की ‘चाबी’ की तरह काम करता है।
  3. गाइडेंस प्राप्त करना (Receiving Guidance):रीडर आपके सवालों को रिकॉर्ड्स में ले जाता है और गाइडेंस को फील करता है, सुनता है, या देखता है। यह जानकारी, सिम्बल्स (symbols) या वर्ड्स के रूप में मिल सकती है।
  4. क्लोजिंग (Closing):रीडिंग खत्म होने पर, रीडररिकॉर्ड्स को धन्यवाद देता है और उन्हें बंद करने की प्रेयर करता है। यह बहुत ज़रूरी स्टेप है।

गुरु, ध्यान दो! यह पूरा प्रोसेस पूरी तरह से सेफ होता है, क्योंकि यह हमेशा उच्च एनर्जी और प्यार के साथ किया जाता है। यह एक ऐसी जगह है जहाँ केवल सत्य और गाइडेंस मिलता है।

कौन आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कर सकता है? (Kaun Akashic Records Reading Kar Sakta Hai?)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)
आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग की प्रक्रिया (Process of Akashic Records Reading)

भाई देख, यह बहुत ही अच्छा सवाल है। जरा मानो, बहुत से लोग मानते हैं कि आकाशिक रिकॉर्ड्स को एक्सेस करने के लिए किसी खास शक्ति या ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है। यह बात कुछ हद तक सही भी है, लेकिन सच तो ये है कि सिद्धांत रूप में, हर इंसान अपने रिकॉर्ड्स को खुद एक्सेस कर सकता है।

लेकिन! लेकिन, एक प्रोफेशनल रीडर में कुछ क्वालिटी होनी चाहिए:

  • ईमानदारी (Integrity):रीडर का इरादा (intention) हमेशा साफ़ और ईमानदार होना चाहिए। उसे केवल सबसे अच्छी और उच्चतमगाइडेंस ही पहुँचानी चाहिए।
  • इंट्यूशन की क्लैरिटी (Clarity of Intuition):रीडर के पास इंट्यूशन को क्लियरली महसूस करने, सुनने या देखने की कैपेसिटी (capacity) होनी चाहिए ताकि मैसेज में कोई गड़बड़ी न हो।
  • अटैचमेंट न होना (Non-Attachment):भाईसाहब, रीडर को रीडिंग के आउटकम (outcome) से अटैच नहीं होना चाहिए। उसे बस गाइडेंस देनी है, सॉल्यूशन क्लाइंट को खुद निकालना होता है।

यार, तुम बताओ न, अगर आप किसी मुश्किलरास्ते पर हैं, तो क्या आप किसी एक्सपर्ट गाइड की मदद नहीं लेंगे? ठीक उसी तरह, एक अच्छा रीडर आपको आपके लाइफ पाथ पर गाइड करता है। तो क्या! मेरा मानना है कि एक ट्रस्टेड रीडर (trusted reader) से रीडिंग लेना हमेशा बेहतर होता है। 

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: क्या यह हमेशा सही होती है? (Akashic Records Reading: Accuracy and Limitations)

 

अरे मानते हो, यह सबसे क्रिटिकल (critical) पॉइंट है। लोगों को अक्सर लगता है कि आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग से जो भी भविष्यवाणी (prediction) मिलती है, वह 100% सही होगी। लेकिन, तुम सोचो न, क्या लाइफ इतनी फिक्स्ड (fixed) है?

राम! याद रखो, रीडिंग से जो जानकारी मिलती है, वह आपकी एनर्जी और आपके करमा पर आधारित संभावना (potential) होती है।

यहाँ लिमिटेशन्स आती हैं:

  1. स्वतंत्र इच्छा (Free Will):देख रहे हो न, हम सबके पास स्वतंत्र इच्छा है। अगर आज रीडिंग में कोई खास फ्यूचर दिखता है, और आप आज ही अपना एक्शन (action) या सोच बदल देते हैं, तो फ्यूचर भी बदल जाएगा।
  2. प्रश्न की गुणवत्ता (Quality of Questions):सच कहूँ, रिकॉर्ड्स हमेशा प्यार और गाइडेंस के साथ जवाब देते हैं। अगर आप ‘मुझे लॉटरी कब लगेगी?’ जैसे सवाल पूछेंगे, तो शायद आपको कोई अच्छा जवाब न मिले। वह केवल आपके विकास (growth) और हीलिंग से संबंधित गाइडेंस देते हैं।
  3. रीडर की क्लैरिटी (Clarity of the Reader):कभी-कभी, रीडर की अपनी एनर्जी या सोचमैसेज को हल्का सा बदल सकती है। इसलिए, एक क्लियररीडर चुनना बहुत ज़रूरी है।

तो, यह रीडिंग आपको गाइडेंस देती है, लेकिन एक्शन लेने का पावर हमेशा आपके पास होता है। याद रखोगे न?

निष्कर्ष (Conclusion)

अरे भाई, आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग आपकी आत्मा की यात्रा को समझने का एक अद्भुत (amazing) तरीका है। वह आपको क्लैरिटी देती है कि आपके लाइफ में क्या पैटर्न चल रहे हैं और उन्हें कैसे चेंज किया जा सकता है। हमारा मकसद भाग्य (destiny) को जानना नहीं, बल्कि अपने वर्तमान को बेहतर बनाना है।

तो, क्या आप तैयार हैं अपनी आत्मा की इस अद्भुत लाइब्रेरी में कदम रखने के लिए? कहो न? यह आपको खुशी और शांति की ओर ले जाएगा, यह ठीक है न?मानते हो न?

ज़रूर, भाई! लेख के आधार पर यहाँ आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग से जुड़े कुछ ज़रूरी सवाल और उनके जवाब (FAQ – फ्रिक्वेंट्ली आस्क्ड क्वेश्चन्स) दिए जा रहे हैं:

आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग: ज़रूरी सवाल-जवाब (Important FAQs)

 

1. आकाशिक रिकॉर्ड्स (Akashic Records) क्या होते हैं?

जी, आकाशिक रिकॉर्ड्स आपकी आत्मा (Soul) की पूरी यात्रा का एनर्जी डेटाबेस हैं। मान लो कि यह एक तरह की कॉस्मिक लाइब्रेरी है जहाँ आपके हर जन्म, हर सोच, और हर एक्शन का रिकॉर्ड दर्ज होता है। यह कोई फिजिकल (physical) किताब नहीं है, बल्कि विशुद्ध एनर्जी का एक फ़ील्ड है।

2. आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग क्यों ज़रूरी है?

तो, यह रीडिंग ज़रूरी है ताकि आप अपनी लाइफ की चुनौतियों (challenges) और बार-बार आने वाले पैटर्न (patterns) की जड़ जान सकें। यह आपको हीलिंग (healing) करने, अपने लाइफ पर्पस को समझने और सही गाइडेंस (guidance) लेने में मदद करती है।

3. क्या यह रीडिंग 100% सही भविष्य बताती है?

अरे भाई, नहीं। सच कहूँ, रीडिंग आपकी वर्तमान एनर्जी के आधार पर सबसे अच्छी संभावना (potential) बताती है। लेकिन, हम सभी के पास स्वतंत्र इच्छा (Free Will) है। अगर आप आज अपना एक्शन और सोच बदलते हैं, तो फ्यूचर भी बदल सकता है। याद रखोगे न?

4. आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग कैसे की जाती है?

वैसे, एक प्रोफेशनल रीडर (professional reader) एक खास प्रार्थना या प्रेयर का इस्तेमाल करके आपके रिकॉर्ड्स के डोमेन में एक्सेस करता है। वह वहाँ से आपके सवालों के जवाब और गाइडेंस लेता है, और फिर रिकॉर्ड्स को धन्यवाद देकर क्लोज करता है।

5. क्या मैं खुद अपने रिकॉर्ड्स पढ़ सकता हूँ?

समझे? थ्योरी (theory) में हर कोई अपने रिकॉर्ड्स को एक्सेस कर सकता है, क्योंकि वह हमारी ही एनर्जी है। लेकिन, क्लियर और भरोसेमंद गाइडेंस के लिए, ध्यान (meditation) और सही ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है। शुरुआती दौर में एक एक्सपर्ट रीडर की मदद लेना बेहतर होता है।

6. क्या आकाशिक रिकॉर्ड्स रीडिंग सेफ (safe) है?

जी, बिलकुल! आकाशिक रिकॉर्ड्स हमेशा प्यार (Love) और सबसे उच्च वाइब्रेशन (Vibration) से ही एक्सेस किए जाते हैं। रीडर हमेशा आपके उच्चतम हित (Highest Good) में ही काम करता है, इसलिए यह प्रक्रिया पूरी तरह से सेफ और पॉजिटिव होती है।

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